SBI Funds Management share: शेयर 7% प्रीमियम पर लिस्ट, खरीदें, बेचें या होल्ड करें?

देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी एसबीआई फंड मैनेजमेंट के शेयर 21 जुलाई को 6.8 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुए। हालांकि, बाद में शेयरों में कुछ तेजी दिखी। 11:10 बजे एनएसई पर शेयर का प्राइस 8.47 फीसदी चढ़कर 622 रुपये पर चल रहा था। कंपनी ने आईपीओ में निवेशकों को शेयर प्रति शेयर 574 रुपये के प्राइस पर शेयर एलॉट किया था। शेयर की लिस्टिंग 613 रुपये पर हुई। बीएसई पर शेयर 610 रुपये पर लिस्ट हुआ।

शेयर की लिस्टिंग अनुमान से कम प्राइस पर

SBI Funds Management के शेयर अनुमान से कम प्राइस पर लिस्ट हुए। ग्रे मार्केट से शेयर के 18-19 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट होने के संकेत मिल रहे थे। लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1,25,804 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी का आईपीओ 14-16 जुलाई के बीच खुला था। इस इश्यू को 41 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब्शन मिला था।

निवेशकों के सामने अब ये हैं विकल्प

सवाल है कि जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर एलॉट हुए हैं, क्या उन्हें इसे होल्ड करना चाहिए या बेचना चाहिए? दूसरा यह कि क्या जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर एलॉट नहीं हुए, उन्हें शेयर बाजार से इसे खरीदना चाहिए? स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट में वेल्थ की हेड शिवानी नयाती ने कहा, “एसबीआई फंड मैनेजमेंट के शेयरों की शुरुआत शेयर बाजार में अच्छी रही। शेयर करीब 6.8 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुए।”

लंबी अवधि के निवेश के लिहाज से शेयर अट्रैक्टिव

उन्होंने कहा कि भले ही शेयर ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट नहीं हुए, लेकिन लंबी अवधि में शेयर के लिए अच्छी संभावना दिखती है। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी है। इसे SBI जैसे स्ट्रॉन्ग ब्रांड का सपोर्ट है। एसबीआई का डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क काफी बड़ा है। एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसेट लाइट बिजनेस मॉडल का इस्तेमाल करती है। खास बात यह कि दूसरी एएमसी के मुकाबले इसकी वैल्यूएशन कम है।

शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स 585-590 पर लगाएं स्टॉपलॉस

नयाती ने कहा कि जिन निवेशकों को शेयर आईपीओ में एलॉट हुए हैं, उन्हें इसे होल्ड करना चाहिए। उनका नजरिया लंबी अवधि का होना चाहिए। जिन निवेशकों के शेयर आईपीओ में एलॉट नहीं हुए, वे कीमत गिरने पर इसे खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा कि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को शेयर में करीब 585-590 रुपये पर स्टॉपलॉस मेंटेन करना चाहिए। उनका मानना है कि जिन निवेशकों का भरोसा देश की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की अच्छी ग्रोथ पर है, वे इस शेयर पर दांव लगा सकते हैं।

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एएमसी का 13 लाख करोड़ रुपये का एयूएम

ब्रोकरेज फर्म Equirus Securities ने इस शेयर को कवर करना शुरू किया है। उसने लंबी अवधि के लिहाज से शेयर को खरीदने की सलाह दी है। एसबीआई फंड्स देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई और अमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट 13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी का फोकस अपने इंटरनेशनल एयूएम को बढ़ाकर अगले तीन साल में दोगुना यानी 5 अरब डॉलर करने का है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

SBI Funds IPO: दूसरे दिन शेयर पर 16% जीएमपी, क्या पैसे लगाने से होगी जबर्दस्त कमाई?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ को इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। खुलने के दूसरे दिन यह इश्यू सुबह 10 बजे तक करीब 70 फीसदी सब्सक्राइब हो गया। कंपनी आईपीओ में कुल 12.45 शेयर इश्यू करेगी, जबकि अब तक 8.50 करोड़ शेयरों के लिए बोली मिल चुकी है। सबसे ज्यादा रिस्पॉन्स नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) कैटेगरी में आई है। इस कैटेगरी में यह इश्यू 1.4 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में 62 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है।

16 फीसदी ज्यादा प्राइस पर हो सकती है शेयर की लिस्टिंग

ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयरों को लेकर सेंटिमेंट काफी स्ट्रॉन्ग है। मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स इनवेस्टरगेन और आईपीओ वॉच के मुताबिक, ग्रे मार्केट में इस शेयर पर प्रति शेयर करीब 88 रुपये का प्रीमियम चल रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि शेयर 574 रुपये के प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल के मुकाबले करीब 15.77 फीसदी ऊपर लिस्ट हो सकता है। इनवेस्टर्स करीब 662 रुपये के प्राइस पर शेयर की लिस्टिंग की उम्मीद लगा सकते है।

SBI और अमुंडी ओएफएस में बेच रही हिस्सेदारी

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने प्रति शेयर 545-574 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि प्रमोटर्स हिस्सेदारी बेचेंगे। इस इश्यू से एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट को कोई पैसा नहीं मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग ओएफएस में अपनी हिस्सेदारी बेच रही हैं। एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है। वह एसबीआई फंड मैनेजमेंट की पेरेंट कंपनी है।

स्वस्तिका ने दी सब्सक्राइब की रेटिंग

ब्रोकरेज फर्मों की इस आईपीओ के बारे में राय पॉजिटिव है। स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट ने इस इश्यू को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। उसने कहा है कि एसबीआई फंड म्यूचुअल फंड की देश की सबसे बड़ी कंपनी है। इसकी मुनाफा बनाने की क्षमता अच्छी है। शेयरों की वैल्यूएशन भी वाबिज है।

जियोजित की भी निवेश करने की सलाह

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी इस इश्यू में निवेश की सलाह दी है। उसने कहा है कि प्राइस बैंड के 574 रुपये के ऊपरी स्तर पर एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की वैल्यूएशन पी/R रेशियो का 38 गुना है। यह शेयर बाजार में लिस्टेड दूसरी म्यूचुअल फंड्स कंपनियों की वैल्यूएशंस के मुकाबले कम है।

21 जुलाई को शेयर हो सकते हैं लिस्ट

एसबीआई म्यूचु्अल फंड्स के शेयरों का एलॉटमेंट 17 जुलाई को होने की उम्मीद है। शेयर बाजारों में शेयरों की लिस्टिंग 21 जुलाई को होगी। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की शुरुआत 1992 में हुई थी। यह एसबीआई और अमुंडी की ज्वाइंट वेंचर है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 16 फीसदी है।

एसबीआई फंड्स देश की सबसे बड़ी एमएफ कंपनी

यह देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी भारत में आबादी के काफी कम हिस्से की पहुंच म्यूचुअल फंड्स प्रोडक्ट्स तक है। इसलिए कंपनी के लिए ग्रोथ की काफी ज्यादा संभावनाएं हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।