अक्टूबर में IPO का मेला, Jio Platforms और Zetwerk समेत एक दर्जन कंपनियां कतार में

IPO Fair in October: जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms), जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस (Zetwerk Manufacturing Business), और एवांडा इलेक्ट्रो (Avaada Electro) समेत करीब एक दर्जन कंपनियों का इस महीने अक्टूबर में आईपीओ आने वाला है। मर्चेंट बैंकर्स के मुताबिक इनके अलावा और भी कई कंपनियां कतार में हैं। ये आईपीओ अलग-अलग सेक्टर्स से होंगे, जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, रिन्यूएबल एनर्जी, डिफेंस और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग। इनमें से कुछ कंपनियां आईपीओ के जरिए सिर्फ नए शेयर जारी करेंगी तो कुछ में सिर्फ मौजूदा शेयरहोल्डर्स ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत शेयर बेचेंगे तो कुछ में दोनों का कॉम्बिनेशनल होगा।

इस महीने आने वाले आईपीओ

Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21-23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक यह देश में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है।

HD Fire Protect IPO: फायर प्रोटेक्शन उपकरण और सिस्टम बनाने वाली एचडी फायर प्रोटेक्ट के ₹712 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड फिक्स हो चुका है। निवेशक इसमें प्रति शेयर ₹258-₹271 के भाव पर बोली लगा सकेंगे। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर का सेल का होगा और यह 12-15 अक्टूबर तक खुला रहेगा।

Fusion CX: एआई से लैस कस्टमर एक्सपीरिएंस सॉल्यूशंस प्रोवाइडर फ्यूजन सीएक्स ने ₹702 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹275-₹289 पर फिक्स किया है। यह इश्यू 14-16 अक्टूबर के बीच खुला रहेगा।

Zetwerk IPO: टेक्नोलॉजी आधारित मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म जेटवर्कका ₹5000 करोड़ का आईपीओ 15-19 अक्टूबर तक खुला रहेगा। इस इश्यू के तहत ₹2600 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे।

Tonbo Imaging IPO: थर्मल इमेजिंग और डिफेंस सेक्टर से जुड़ी टेक्नोलॉजी सिस्टम बनाने वाली टोंबो इमेजिंग ने ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत अधिकतम 1.22 करोड़ इक्विटी शेयर बेचने का प्रस्ताव पेश किया है। ययह आईपीओ 15-19 अक्टूबर के बीच खुला रहेगा।

Bonfiglioli Transmissions IPO: इटली के बोनफिगलिओली ग्रुप की भारतीय सब्सिडियरी बोनफिगलिओली ट्रांसमिशन का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का होगा, जिसके तहत अधिकतम 4.32 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री होगी। यह इश्यू 15-19 अक्टूबर तक खुलेगा।

Sahajanand Medical Technologies IPO: पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल इश्यू ला रही मेडिकल डिवाइस बनाने वाली सहजानंद मेडिकल का आईपीओ 15-19 अक्टूबर को खुलेगा। इसके तहत 1.39 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी।

और भी कंपनियां कतार में

एवांडा इलेक्ट्रो (Avaada Electro) की योजना ₹7600 करोड़, पारस हेल्थकेयर (Paras Healthcare) की ₹1800 करोड़ और एनडीआर इनविट ट्रस्ट (NDR InvIT Trust) की ₹750 करोड़ का आईपीओ लाने की है। इसके अलावा गुजरात विक्ट्री फॉर्जिंग्स (Gujarat Victory Forgings) ने अधिकतम 1.97 करोड़ शेयरों का आईपीओ लाने का प्रस्ताव रखा है। इन चारों आईपीओ के तहत नए शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल विंडे के तहत भी शेयरों की बिक्री होगी। इसके अलावा एसएफसी एंवयार्नमेंटल टेक (SFC Environmental Tech) की भी योजना आईपीओ लाने की है, जिसके तहत ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी हो सकते हैं और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत 1.23 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री हो सकती है।

इस साल कैसा रहा आईपीओ मार्केट में हाल

जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच मार्केट में इस साल तेज उठा-पटक रही और हाहाकार का माहौल बना हुआ है। इन सबके बीच इस साल 2026 के नौ महीनों में कंपनियों ने 96 कंपनियों के जरिए ₹1.1 लाख करोड़ से अधिक जुटाए। इसमें से 35 आईपीओ तो अकेले पिछले महीने सितंबर में आए थे।

जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड में इक्विटी कैपिटल मार्केट्स की हेड और एमडी नेहा अग्रवाल का कहना है कि मार्केट की तेज उठा-पटक के बावजूद अच्छी क्वालिटी वाले शेयरों की मांग बनी हुई है। नेहा के मुताबिक सेकंडरी मार्केट में विदेशी निवेशकों का निवेश घटता-बढ़ता रहा लेकिन प्राइमरी मार्केट में देशी-विदेशी संस्थागत निवेशकों का सपोर्ट मिलता रहा।

नेहा का कहना है कि जिन कंपनियों की कमाई साफ तौर पर दिख रही है, जिनका कॉर्पोरेट गवर्नेंस अच्छा है और जो कैपिटल का सही इस्तेमाल कर रही हैं, उनमें निवेशकों की दिलचस्पी अधिक हो सकती है। वहीं साथ ही आगे उन्होंने यह भी कहा कि जिन कंपनियां का वैल्यूएशन सही रहेगी, उन्हें निवेशकों का शानदार रिस्पांस दिख सकता है और लिस्टिंग के बाद भी वे अच्छा परफॉर्म कर सकती हैं।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है। 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Suzlon Share: सुजलॉन 3 नई फैक्ट्रियां लगाएगी, 15 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा; शेयर पर रहेगी नजर

विंड एनर्जी कंपनी सुजलॉन ग्रुप तीन नई ब्लेड फैक्ट्रियां लगाने जा रही है। इसके लिए कंपनी करीब 550 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इन फैक्ट्रियों में AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा। कंपनी का मकसद बढ़ते ऑर्डर को तेजी से पूरा करना है। साथ ही, देश में विंड एनर्जी इक्विपमेंट की बढ़ती मांग को पूरा करना भी है।

सुजलॉन ग्रुप के को-फाउंडर गिरीश तांती ने PTI को बताया कि दो फैक्ट्रियां गुजरात और कर्नाटक में लगाई जाएंगी। तीसरी फैक्ट्री तमिलनाडु में बनेगी। कंपनी की पहले से ही जैसलमेर, भुज, रतलाम, धुले और अनंतपुर में पांच ब्लेड फैक्ट्रियां हैं।

तीनों नई फैक्ट्रियां शुरू होने के बाद कंपनी के पास कुल 18 फैक्ट्रियां हो जाएंगी। इसके साथ ही सुजलॉन भारत में स्मार्ट विंड मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के मामले में सबसे आगे होगी।

तमिलनाडु की फैक्ट्री पर 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे

गिरीश तांती के मुताबिक, तीनों फैक्ट्रियों पर कुल 550 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कंपनी यह पैसा अपने आंतरिक संसाधनों से जुटाएगी। इसमें से 200 करोड़ रुपये तमिलनाडु की फैक्ट्री पर खर्च होंगे। बाकी रकम गुजरात और कर्नाटक की फैक्ट्रियों पर लगाई जाएगी।

कंपनी की योजना इन फैक्ट्रियों को 2027 तक तैयार करने की है। इन्हें विंड एनर्जी प्रोजेक्ट साइट के करीब बनाया जाएगा। इससे उपकरणों को प्रोजेक्ट तक पहुंचाने में लगने वाला समय और लॉजिस्टिक्स खर्च कम करने में मदद मिल सकती है।

AI टेक्नोलॉजी से बेहतर होगी प्रोडक्शन क्षमता

सुजलॉन इन फैक्ट्रियों में AI बेस्ड सिस्टम लगाएगी। इनका इस्तेमाल प्रोडक्शन बढ़ाने, प्रोडक्ट की क्वालिटी सुधारने और कर्मचारियों की सुरक्षा बेहतर करने में होगा।

कंपनी का लक्ष्य अपने ऑर्डर बुक को तेजी से पूरा करना है। इसके अलावा, घरेलू बाजार में बने विंड एनर्जी इक्विपमेंट्स की बढ़ती मांग को भी पूरा करना है। सरकार भी देश में बने बेहतर और ज्यादा कुशल इक्विपमेंट के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है।

15 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद

तीनों नई फैक्ट्रियों से करीब 3,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद है। वहीं, 12,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से काम मिल सकता है। कंपनी के मुताबिक, कुल रोजगार में 80% हिस्सेदारी ग्रामीण क्षेत्रों की होगी।

मार्च 2026 तक सुजलॉन के पास करीब 6 GW के विंड एनर्जी प्रोजेक्ट का ऑर्डर बुक था। ये ऑर्डर कई क्लीन एनर्जी कंपनियों से मिले थे। नई फैक्ट्रियों से कंपनी को इन ऑर्डर को समय पर पूरा करने में मदद मिल सकती है।

सुजलॉन के शेयरों का हाल

सुजलॉन का शेयर शुक्रवार को 3.21% की बढ़त के साथ 37.60 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 14.78% गिरा है। वहीं, 1 साल में 30.82% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 51.51 हजार करोड़ रुपये है।

SMT IPO: Morgan Stanley और Ashish Kacholia के निवेश वाली कंपनी, 15 अक्टूबर को खुलेगा आईपीओ

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SMT IPO: Morgan Stanley और Ashish Kacholia के निवेश वाली कंपनी, 15 अक्टूबर को खुलेगा आईपीओ

Sahajanand Medical Technologies IPO: कार्डियोवस्कुलर मेडिकल डिवाइस बनाने वाली सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज (SMT) का आईपीओ आने वाला है। समारा कैपिटल (Samara Capital), मॉर्गन स्टैनेल (Morgan Stanley), और कोटक इंवेस्टमेंट एडवाइजर्स के निवेश वाली एसएमटी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 15 अक्टूबर को खुलेगा। हालांकि अभी इसके प्राइस बैंड का ऐलान नहीं हुआ है और यह 12 अक्टूबर को सामने आएगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है यानी कि इसके तहत कोई नया शेयर नहीं जारी होगा।

Sahajanand Medical Technologies IPO: डिटेल्स

सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 15 अक्टूबर को खुलेगा और 19 अक्टूबर तक खुला रहेगा। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 14 अक्टूबर को खुलेगा। इस इश्यू के ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स को 1.38 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे जिसमें से 2.5 लाख शेयर एंप्लॉयीज के लिए आरक्षित हैं। इस इश्यू के तहत प्रमोटर्स के साथ-साथ समारा कैपिटल मार्केट्स होल्डिंग, कोटक-प्री अपॉर्च्यूनिटीज फंड और एनएचपीईए स्पार्कल होल्डिंग बीवी शेयर बेच रहे हैं।

कंपनी की सबसे बड़ी पब्लिक शेयरहोल्डर समारा कैपिटल मार्केट्स होल्डिंग है, जिसकी कंपनी में 29.61% हिस्सेदारी है। इसके बाद कंपनी में मार्गन स्टैनले की NHPEA स्पार्कल होल्डिंग बीवी की 15.24% और कोटक-प्री आईपीओ अपॉर्च्यूनिटीज फंड की 5.98% हिस्सेदारी है। इसके अलावा कंपनी में दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया की 1.08% हिस्सेदारी है।

इस इश्यू के तहत 50% हिस्सा QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स), 15% हिस्सा NIIs (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) और 35% हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 21 अक्टूबर को फाइनल होगा और फिर एक्सचेंजों पर इसकी 23 अक्टूबर को एंट्री होगी।

सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज के बारे में डिटेल्स

साल 2021 में धीरजलाल कोटाडिया (Dhirajlal Kotadia) ने सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज को शुरू किया था। यह क्लास 3 और क्लास सी/डी मेडिकल डिवाइसेज डेवलप करती है। इसका मुख्य फोकस कोरोनरी स्टेंट और बैलून जैसे वस्कुलर इंटरवेंशन प्रोडक्ट्स, और ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वॉल्व इम्प्लांटेशन (TAVI) सिस्टम और ऑक्लूडर जैसे स्ट्रक्चरल हार्ट डिवाइस पर है। कंपनी के रेवेन्यू में वस्कुलर इंटरवेंशन प्रोडक्ट्स की लगभग 60% और स्ट्रक्चरल हार्ट डिवाइसेज की 16% हिस्सेदारी है। जून 2026 तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी के प्रोडक्ट्स की बिक्री भारत और कुछ यूरोपीय देशों समेत 65 देशों में हुई।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो जून 2026 तिमाही में इसे ₹15.1 करोड़ का मुनाफा और ₹351.6 करोड़ का रेवेन्यू मिला था। इससे पहले वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का मुनाफा 174.65% बढ़कर ₹69.1 करोड़ और रेवेन्यू 18.1% चढ़कर ₹1,210.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Jio IPO: कम हो रहा कर्ज का बोझ, आईपीओ से पहले तेजी से हो रहा कैश जेनेरेट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

RBI Policy Big Update: जल्द महंगी होगी आपकी EMI? ब्रोकरेज फर्म्स का दावा- अक्टूबर में रेपो रेट बढ़ा सकता है रिजर्व बैंक

RBI Policy Repo Rate Hike: कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, जिद्दी खुदरा महंगाई और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के कड़े रुख के बीच भारतीय रिजर्व बैंक के सामने एक जटिल आर्थिक चुनौती खड़ी हो गई है। वित्तीय बाजारों में अगले एक साल के भीतर ब्याज दरों में 125 बेसिस पॉइंट्स यानी 1.25% तक की बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

हालांकि, दुनिया की दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों और ग्लोबल इकोनॉमिक डेस्क के बीच इस बात को लेकर तीखे मतभेद हैं कि रिजर्व बैंक ब्याज दरें कितनी तेजी से और किस हद तक बढ़ाएगा।

आक्रामक रुख: बैंक ऑफ अमेरिका, एचएसबीसी और मॉर्गन स्टेनली

दिग्गज ब्रोकरेज फर्म्स BofA, HSBC और Morgan Stanley का मानना है कि आरबीआई को महंगाई और लिक्विडिटी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए जल्द से जल्द ब्याज दरें बढ़ानी होंगी।

बैंक ऑफ अमेरिका (BofA): BofA ने अपनी पिछली समयसीमा को पहले खिसकाते हुए अनुमान जताया है कि आरबीआई अक्टूबर में ही रेपो रेट बढ़ाना शुरू कर सकता है। BofA का मानना है कि इस पूरे चक्र में कुल 100 bps (1%) की बढ़ोतरी होगी और टर्मिनल रेपो रेट बढ़कर 6.25% तक पहुंच जाएगा।

मॉर्गन स्टेनली: मॉर्गन स्टेनली को भी अक्टूबर में 25 bps की बढ़ोतरी की उम्मीद है। उसका अनुमान है कि अप्रैल 2027 तक रेपो रेट बढ़कर 6.25% के स्तर पर आ जाएगा ताकि बाहरी आर्थिक स्थिरता बनी रहे।

एचएसबीसी का लिक्विडिटी पर जोर: एचएसबीसी ने बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अतिरिक्त नकदी पर गंभीर चिंता जताई है। FCNR(B) डिपॉजिट जैसे स्पेशल विंडोज के जरिए भारी विदेशी मुद्रा प्रवाह से बैंकिंग सिस्टम में करीब ₹15 लाख करोड़ का लिक्विडिटी सरप्लस जमा हो गया है। एचएसबीसी का कहना है कि वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आरबीआई को रेपो रेट बढ़ाने के साथ-साथ इस बहु-ट्रिलियन रुपये के सरप्लस को सिस्टम से बाहर निकालना होगा।

एक्सिस बैंक और एचएसबीसी का विश्लेषण: आरबीआई पहले से ही वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो (VRRR), ओपन मार्केट ऑपरेशन्स (OMO) सेल्स और फॉरेक्स इंटरवेंशन का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन इतनी बड़ी नकदी को बिना संभाले छोड़ने से महंगाई भड़कने का खतरा बना रहेगा।

नोमुरा का सीमित बढ़ोतरी का अनुमान

दूसरी ओर, जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा बाजार में चल रही इतनी आक्रामक बढ़ोतरी की संभावनाओं को खारिज करती है। नोमुरा का तर्क है कि भारत की कोर महंगाई दर ऐतिहासिक ऊंचाइयों से घटकर अब लगभग 3% के आसपास आ गई है और मजदूरी-कीमतों का कोई व्यापक दबाव नहीं दिख रहा है।

घरेलू वृद्धि की गति धीमी होने के संकेत को देखते हुए, नोमुरा का मानना है कि आरबीआई बहुत आक्रामक कदम नहीं उठाएगा। नोमुरा के अनुसार, आरबीआई अक्टूबर और दिसंबर में 25-25 bps की दो छोटी बढ़ोतरी करके रेपो रेट को 5.75% तक ले जाएगा, जिसके बाद 2027 की शुरुआत से ही मौद्रिक सख्ती का दबाव कम होने लगेगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Coca-Cola IPO: भारत में बॉटलिंग बिजनेस का IPO लाएगी कोका-कोला, $10 अरब के वैल्यूएशन पर नजर

Coca Cola IPO: ग्लोबल बेवरेज कंपनी कोका-कोला अपनी भारतीय बॉटलिंग यूनिट Hindustan Coca-Cola Beverages (HCCB) का IPO लाने की तैयारी कर रही है। ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कोका-कोला दिसंबर में IPO का ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने पर विचार कर रही है।

Bloomberg के मुताबिक, Coca-Cola ने IPO पर काम कर रहे बैंकों की टीम में Axis Capital और IIFL Capital Services को भी जोड़ा है। इससे पहले Kotak Mahindra Capital, Citigroup, JPMorgan Chase और Morgan Stanley भी इस डील पर काम कर रहे थे।

₹10 अरब डॉलर की वैल्यूएशन का लक्ष्य

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, IPO में ज्यादातर हिस्सेदारी मौजूदा निवेशक बेच सकते हैं। Coca-Cola अपनी भारतीय बॉटलिंग यूनिट की वैल्यूएशन करीब 10 अरब डॉलर रखना चाहती है।

पहले खबर थी कि IPO से करीब 1 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं। हालांकि, अभी बातचीत चल रही है। इसलिए IPO का समय, वैल्यूएशन और स्ट्रक्चर बदल सकता है।

भारत में IPO का जोर

जुलाई से सितंबर के बीच भारत में IPO के जरिए करीब 10 अरब डॉलर जुटाए गए। यह किसी एक तिमाही में जुटाई गई अब तक की सबसे बड़ी रकम है।

इस दौरान NSE और SBI Funds Management जैसे बड़े IPO भी आए। भारत में इस साल अब तक करीब 250 IPO से 13 अरब डॉलर से ज्यादा जुटाए जा चुके हैं।

क्या करती है HCCB?

बेवरेज कंपनी Hindustan Coca-Cola Beverages भारत में Coca-Cola के कई लोकप्रिय ड्रिंक्स की बॉटलिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। कंपनी के पोर्टफोलियो में Coca-Cola, Thums Up, Sprite, Fanta, Limca और Maaza जैसे ब्रांड शामिल हैं।

Stocks to Buy: ब्रोकरेज ने टाटा स्टील समेत 5 शेयरों को खरीदने की सलाह दी, 45% तक तेजी की उम्मीद

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO: एंकर बुक से ₹6746 करोड़ जुटाए, LIC ने अकेले ₹465 करोड़ के शेयर खरीदे

NSE IPO: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE ने 16 सितंबर को एंकर निवेशकों से ₹6,746.2 करोड़ जुटाए। इसमें देश और विदेश के कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया। LIC, Government Pension Fund Global, Monetary Authority of Singapore, Fidelity, ADIA, Nippon Life और HDFC Life जैसे नाम इसमें शामिल हैं। LIC सबसे बड़ा खरीदार रहा।

NSE का ₹22,561.57 करोड़ का IPO 17 सितंबर को खुलेगा। निवेशक इसमें 21 सितंबर तक पैसा लगा सकेंगे। यह पूरा IPO ऑफर फॉर सेल यानी OFS है। इसमें मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ शेयर बेचेंगे। IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया है।

LIC ने खरीदे ₹465 करोड़ के शेयर

LIC के पास NSE में पहले से 10.72% हिस्सेदारी है। अब उसने एंकर बुक में ₹465.3 करोड़ के शेयर खरीदे हैं। इसके साथ LIC NSE के एंकर निवेशकों में सबसे बड़ा खरीदार बन गया है।

SBI Pension Funds, SBI Life, HDFC Life, HDFC Pension Fund, Axis Max Life, UTI Pension Fund और Kotak Mahindra Life जैसे इंश्योरेंस संस्थानों ने भी निवेश किया है। LIC समेत इन सभी इंश्योरेंस निवेशकों ने कुल ₹1,081.8 करोड़ लगाए हैं। यह कुल एंकर बुक का करीब 16% है।

विदेश से भी आया बड़ा निवेश

NSE की एंकर बुक में कई बड़े विदेशी निवेशकों ने पैसा लगाया है। Government Pension Fund Global ने ₹250 करोड़ और Monetary Authority of Singapore ने ₹200 करोड़ का निवेश किया। Abu Dhabi Investment Authority – Monsoon ने भी ₹200 करोड़ के शेयर खरीदे।

इसके अलावा Fidelity, Goldman Sachs, Eastspring Investments India, Integrated Core Strategies (Asia), Carmignac Portfolio और Ashoka WhiteOak जैसे निवेशकों ने भी NSE में दिलचस्पी दिखाई। Societe Generale, BNP Paribas, Morgan Stanley और BofA Securities भी एंकर बुक में शामिल हैं।

म्यूचुअल फंड्स ने भी खरीदे शेयर

NSE ने 29 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 1.39 करोड़ शेयर आवंटित किए हैं। यह कुल एंकर बुक का 36.98% हिस्सा है। इन फंड्स ने 98 अलग-अलग स्कीम के जरिए आवेदन किया था।

इनमें SBI MF, ICICI Prudential AMC, HDFC AMC, Nippon Life India, Kotak Mahindra AMC, Axis MF, Aditya Birla Sun Life AMC, UTI AMC, Mirae Asset और Tata MF शामिल हैं। Invesco, Quant MF, WhiteOak Capital और HSBC MF ने भी हिस्सा लिया है।

NSE को नहीं मिलेगा IPO का पैसा

यह IPO पूरी तरह OFS है। इसलिए IPO से मिलने वाला पैसा NSE के पास नहीं जाएगा। इश्यू से जुड़े खर्च को छोड़कर पूरी रकम मौजूदा शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को मिलेगी।

कंपनी ने कर्मचारियों के लिए ₹70 करोड़ के शेयर भी रिजर्व किए हैं। कर्मचारियों को ये शेयर अंतिम इश्यू प्राइस से ₹170 प्रति शेयर की छूट पर मिलेंगे।

NSE का शेयर बाजार में दबदबा

NSE कुल टर्नओवर के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। जून 2026 को खत्म हुई तीन महीने की अवधि में कैश मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 93.05% थी। इक्विटी फ्यूचर्स में हिस्सेदारी 99.72% रही।

इक्विटी ऑप्शंस में NSE की हिस्सेदारी 68.48% थी। एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स और करेंसी ऑप्शंस में इसकी हिस्सेदारी 100% रही। ये आंकड़े कुल प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर हैं।

22 सितंबर को अलॉटमेंट

NSE IPO के शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं शेयरों की BSE पर ट्रेडिंग 24 सितंबर से शुरू हो सकती है।

Stocks to Watch: 17 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 शेयर, टाटा ग्रुप के स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

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Vishal Mega Mart Share Price: गिरते बाजार में हाइपरमार्केट चेन का शेयर 11% भागा, MD गुनेंदर कपूर के रीअपॉइंटमेंट से ​निवेशक खुश

हाइपरमार्केट चेन विशाल मेगा मार्ट के शेयरहोल्डर्स के लिए 24 अगस्त का दिन बेहद अच्छा बीत रहा है। शेयर की कीमत में दिन में 11 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। बीएसई पर भाव 115.40 रुपये के हाई तक गया। कंपनी ने शुक्रवार, 21 अगस्त को बाजार बंद होने के बाद जानकारी दी थी कि उसके मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) गुनेंदर कपूर को अगले 5 सालों के लिए रीअपॉइंट किया गया है। उनका नया कार्यकाल 1 सितंबर 2026 से शुरू होगा और 31 अगस्त 2031 तक रहेगा।

कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि कपूर को 27 जून 2024 को 3 साल के लिए विशाल मेगा मार्ट का MD और CEO नियुक्त किया गया था। उनका मौजूदा कार्यकाल 26 जून 2027 को खत्म हो रहा है। उनके रीअपॉइंटमेंट पर अभी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लिया जाना बाकी है।

शेयर एक साल में 25 प्रतिशत गिरा

विशाल मेगा मार्ट दिसंबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 8000 करोड़ रुपये का था। कंपनी का मार्केट कैप 52900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक साल में 25 प्रतिशत नीचे आया है। साल 2026 में अब तक यह 16 प्रतिशत की गिरावट देख चुका है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 40.09 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 157.75 रुपये और निचला स्तर 98.70 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,887.31 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 173.19 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 37 लाख रुपये दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2026 के दौरान विशाल मेगा मार्ट का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 6,631.38 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 656 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 1.41 करोड़ रुपये रही।

जून तिमाही में विशाल मेगा मार्ट ने 24 नए स्टोर खोले, जिससे इसके कुल स्टोर्स की संख्या 819 हो गई। कंपनी ने अपनी क्विक-कॉमर्स पहल का विस्तार 520 शहरों में 767 स्टोर तक किया है। इसके रजिस्टर्ड यूजर्स की संख्या 1.41 करोड़ है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Solar Industries Share Price: शानदार तिमाही नतीजों के बाद 4% टूटा शेयर, ब्रोकरेज ने भी घटाई रेटिंग, आखिर क्या है वजह

Solar Industries Share Price: केमिकल सेक्टर की कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज़ इंडिया लिमिटेड (Solar Industries) के शेयरों में 14 अगस्त को गिरावट देखने को मिली। अच्छे तिमाही नतीजों के बाद भी शेयर 4 फीसदी टूटा है। कंपनी के नतीजों के बाद शेयर पर ब्रोकरेज फर्मों की अलग-अलग प्रतिक्रिया आई है। एक तरफ मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है तो दूसरी तरफ कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने बिकवाली की राय दी है।

‘ओवरवेट’ रेटिंग की राय

मॉर्गन स्टेनली ने सोलर इंडस्ट्रीज़ पर अपनी ‘ओवरवेट’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹20,270 तय किया है। इसका मतलब है कि गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹20,325 से इसमें किसी तरह के बढ़त की उम्मीद नहीं है। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी की कमाई उम्मीद से बेहतर रही। रेवेन्यू, EBITDA और एडजस्टेड PAT में क्रमशः 70%, 88% और 93% की बढ़ोतरी हुई।

सभी प्रमुख सेगमेंट में रेवेन्यू ग्रोथ उम्मीद से ज़्यादा रही। डिफेंस रेवेन्यू में 123% की बढ़ोतरी हुई (जबकि मॉर्गन स्टेनली का अनुमान 70% था), इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स में 65% की बढ़ोतरी हुई (अनुमान 35% था) और घरेलू एक्सप्लोसिव्स में 52% की बढ़ोतरी हुई (अनुमान 19% था)।

ग्रॉस मार्जिन 110 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 49.2% हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 265 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 27.5% हो गया। मॉर्गन स्टेनली ने मार्जिन में सुधार का कारण डिफेंस मिक्स में अनुकूलता, इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स में बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी और इन्वेंट्री से होने वाले फायदे को बताया।

कंपनी का ऑर्डर बुक लगभग ₹21,350 करोड़ का था, जिसमें डिफेंस बिज़नेस से ₹18,000 करोड़ से ज़्यादा का ऑर्डर शामिल था।FY27 के लिए, मॉर्गन स्टेनली को लगभग ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू और ₹2,050 करोड़ के नियोजित कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) की उम्मीद है। कंपनी Q1 के दौरान कैपेक्स पर पहले ही लगभग ₹450 करोड़ खर्च कर चुकी है।

45% की गिरावट संभव

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने सोलर इंडस्ट्रीज पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹11,200 तय किया है। इसका मतलब है कि गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस से इसमें लगभग 45% की गिरावट आ सकती है।

कोटक ने Q1 के शानदार प्रदर्शन को माना। बेहतर काम-काज और प्रॉफिटेबिलिटी के कारण PAT उनके अनुमान से 18% ज़्यादा रहा। डिफेंस, इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स और घरेलू एक्सप्लोसिव्स में ज़बरदस्त ग्रोथ के कारण रेवेन्यू सालाना आधार पर 70% बढ़कर लगभग ₹3,670 करोड़ हो गया। ब्रोकरेज के अनुसार, EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर लगभग 170 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 27.9% हो गया।

हालांकि ₹21,400 करोड़ का ऑर्डर बुक खास तौर पर डिफेंस बिजनेस के लिए मीडियम-टर्म में अच्छी संभावना दिखाता है, लेकिन कोटक ने तिमाही के दौरान बेहतर काम-काज को देखते हुए FY27-29 के लिए EPS अनुमानों को 2-6% तक बढ़ा दिया है।

Solar Ind का Q1 परफॉर्मेंस

Solar Industries ने नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 92.7% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹338.7 करोड़ से बढ़कर ₹652.6 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 71.2% बढ़कर ₹3,688.2 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA 93.6% बढ़कर ₹1,035.2 करोड़ हो गया।

EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 24.8% से बढ़कर 28.1% हो गया।कंपनी ने FY27 के लिए ₹14,000 करोड़ का रेवेन्यू टारगेट तय किया है।

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनीष नुवाल ने कहा कि कंपनी ने Q1FY27 में अब तक का सबसे ज़्यादा तिमाही रेवेन्यू, EBITDA, PBT और PAT हासिल किया।नुवाल ने कहा कि ₹21,350 करोड़ से ज़्यादा के ऑर्डर बुक के दम पर कंपनी FY27 के लिए ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू गाइडेंस को हासिल करने की राह पर है। कंपनी इस साल कैपेक्स (capex) में ₹2,050 करोड़ निवेश करने की योजना बना रही है, जिसमें से ₹450 करोड़ Q1 में पहले ही लगाए जा चुके हैं।

Solar Industries India के शेयर शुक्रवार को सुबह 10.33 बजे 3.17% गिरकर ₹19694 पर ट्रे़ड कर रहे है। 2026 में अब तक इनमें 67% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक 40% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने दांव लगाने की सलाह दी

Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कई दिग्गज ब्रोकरेज हाउस चुनिंदा शेयरों को लेकर बुलिश हैं। Morgan Stanley, HSBC, Motilal Oswal, Nuvama और JM Financial ने पांच कंपनियों पर खरीदारी की सलाह दी है। इनके मुताबिक, अगले 12 महीनों में ये शेयर करीब 24% से 40% तक का रिटर्न दे सकते हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों पर एक्सपर्ट्स सबसे ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।

PNB Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी PNB Housing Finance पर Morgan Stanley ने ‘Overweight’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,420 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 1,143 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 24.2% की रिटर्न संभावित तेजी का अनुमान है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मजबूत रिटेल लोन डिस्बर्समेंट और बेहतर लोन ग्रोथ कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

Britannia

FMCG कंपनी Britannia पर Nuvama ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 7,240 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 5,508 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 31.4% उछाल की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की ग्रोथ मजबूत बनी हुई है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया का तनाव प्रमुख जोखिम हैं।

Hindalco Industries

मेटल कंपनी Hindalco Industries पर HSBC ने ‘Buy’ रेटिंग के साथ 1,430 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 1,053.50 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 35.7% की तेजी का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि एल्यूमिनियम की मजबूत वैश्विक मांग और चीन की उत्पादन सीमा कंपनी के लिए सकारात्मक रहेगी।

Time Technoplast

प्लास्टिक प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Time Technoplast पर Motilal Oswal ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 280 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 205.50 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 36.3% रिटर्न की संभावना है। ब्रोकरेज का मानना है कि पैकेजिंग और कम्पोजिट सिलेंडर बिजनेस में विस्तार के दम पर लगातार मजबूत रेवेन्यू और मुनाफे की ग्रोथ दर्ज कर सकती है।

Ventive Hospitality

हॉस्पिटैलिटी कंपनी Ventive Hospitality पर JM Financial ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 840 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव 603.20 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 40% की संभावित तेजी बनती है। ब्रोकरेज का मानना है कि हालिया लागत का दबाव अस्थायी है और लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 4 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 19 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: मंगलवार, 4 अगस्त को कई शेयरों पर बाजार की खास नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कुछ में बड़े कॉरपोरेट घटनाक्रम सामने आए हैं। ऐसे में इन शेयरों में कारोबार के दौरान बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं किन 19 स्टॉक्स पर निवेशकों का फोकस रहेगा।

LIC

सरकारी बीमा कंपनी LIC में सरकार 4 अगस्त से OFS के जरिए 6.5% तक हिस्सेदारी बेचेगी। OFS का फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर रखा गया है, जो सोमवार के बंद भाव से करीब 11% कम है। पूरी हिस्सेदारी बिकने पर सरकार को करीब ₹31,000 करोड़ मिल सकते हैं।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho में शुरुआती निवेशक Peak XV Partners और Elevation Capital करीब ₹1,900 करोड़ के ब्लॉक डील के जरिए 2.3% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। इस डील में करीब 10.5 करोड़ शेयर ₹182.08 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर बेचे जाएंगे, जो मौजूदा बाजार भाव से 5% कम है। Morgan Stanley इस ब्लॉक डील का ब्रोकर है।

IREDA

सरकारी नवरत्न कंपनी IREDA का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 36.8% बढ़कर ₹337.5 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 24.1% बढ़कर ₹856.8 करोड़ रही। रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए बढ़ती फाइनेंसिंग की मांग से कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती मिली।

Arvind

टेक्सटाइल और रिटेल कंपनी Arvind ने करीब ₹500 करोड़ जुटाने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है। कंपनी ने प्रति शेयर ₹505 का सांकेतिक इश्यू प्राइस तय किया है, जो 3 अगस्त के बंद भाव से 4.53% कम है। इससे पहले बोर्ड ने इक्विटी या अन्य सिक्योरिटीज के जरिए ₹600 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी थी।

SBI Funds Management

देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी SBI Funds Management का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 3.3% बढ़कर ₹873 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 15.2% बढ़कर ₹1,146 करोड़ और ऑपरेटिंग प्रॉफिट 17% बढ़कर ₹907 करोड़ रहा। वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले शुद्ध मुनाफे में 37% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

DLF

रियल एस्टेट कंपनी DLF ने जून तिमाही में ₹793.9 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 4.1% ज्यादा है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 52.9% घटकर ₹1,280.3 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,716.7 करोड़ था।

Kalpataru

रियल एस्टेट कंपनी Kalpataru की जून तिमाही में शुद्ध घाटा घटकर ₹26.5 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले यह ₹49.4 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू 6.5% बढ़कर ₹472.2 करोड़ और प्री-सेल्स 6% बढ़कर ₹1,329 करोड़ पहुंच गई। वहीं, कलेक्शन 17% बढ़कर ₹1,365 करोड़ रहा, हालांकि EBITDA घाटा बढ़कर ₹45.9 करोड़ हो गया।

Torrent Power

पावर सेक्टर की कंपनी Torrent Power ने जून तिमाही में मिले-जुले नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 12.7% घटकर ₹639 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹731.4 करोड़ था। LNG सप्लाई में रुकावट और वित्तीय खर्च बढ़ने का असर कंपनी के प्रदर्शन पर दिखा। हालांकि, रेवेन्यू में हल्की बढ़त दर्ज की गई।

One97 Communications (Paytm)

फिनटेक कंपनी One97 Communications (Paytm) में बड़ा ब्लॉक डील हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा निवेशक SAIF Partners कंपनी में अपनी 2.3% हिस्सेदारी बेच सकता है। इस डील का आकार करीब ₹2,002 करोड़ हो सकता है और फ्लोर प्राइस ₹1,339.65 प्रति शेयर रखा गया है, जो पिछले बंद भाव से 5% कम है।

Kansai Nerolac Paints

पेंट कंपनी Kansai Nerolac Paints का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 5% बढ़ा। डेकोरेटिव और इंडस्ट्रियल पेंट कारोबार में मजबूत मांग से कंपनी को फायदा मिला। हालांकि, कच्चे माल की लागत बढ़ने से मार्जिन पर दबाव रहा। कंपनी का रेवेन्यू 9.8% बढ़कर ₹2,374 करोड़ पहुंच गया।

Gulf Oil Lubricants India

लुब्रिकेंट बनाने वाली कंपनी Gulf Oil Lubricants India ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 28.6% बढ़कर ₹123.1 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 30.6% बढ़कर ₹1,327 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,016.4 करोड़ था।

The Great Eastern Shipping Company

शिपिंग और ऑफशोर सर्विसेज कंपनी The Great Eastern Shipping Company का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में दो गुने से ज्यादा बढ़कर ₹1,309 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹505 करोड़ था। मजबूत शिपिंग कारोबार और बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन की वजह से कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा।

GSK Pharma

फार्मा कंपनी GlaxoSmithKline Pharmaceuticals (GSK Pharma) का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 15.7% बढ़ा। जनरल मेडिसिन और वैक्सीन कारोबार में मजबूत ग्रोथ से कंपनी को फायदा मिला। बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन ने भी नतीजों को मजबूती दी।

Texmaco Rail & Engineering

रेलवे इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Texmaco Rail & Engineering ने जून तिमाही में मिले-जुले नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 67% बढ़कर ₹50 करोड़ हो गया। हालांकि, रेवेन्यू में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई। बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी से मुनाफे में सुधार हुआ।

Restaurant Brands Asia

क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) कंपनी Restaurant Brands Asia का जून तिमाही में घाटा कम हुआ। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस ₹28.3 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹41.9 करोड़ था। इससे कंपनी के प्रदर्शन में सुधार के संकेत मिले।

KIMS

हॉस्पिटल चेन KIMS के जून तिमाही नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 47.2% घटकर ₹41.5 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 35.3% बढ़कर ₹1,179.5 करोड़ हो गया। EBITDA 16% बढ़ा, लेकिन EBITDA मार्जिन 22.1% से घटकर 18.9% रह गया।

UPL

एग्रोकेमिकल कंपनी UPL के CEO माइक फ्रैंक ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 31 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा। तब तक वह अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। कंपनी ने फिलहाल इस्तीफे की वजह नहीं बताई है। अब बाजार की नजर नए CEO की नियुक्ति पर रहेगी।

DOMS Industries

स्टेशनरी और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स कंपनी DOMS Industries के जून तिमाही नतीजों में बिक्री बढ़ी, लेकिन मुनाफा घट गया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹57.2 करोड़ से घटकर ₹44.4 करोड़ रह गया। वहीं, रेवेन्यू 19.3% बढ़कर ₹670.5 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 17.6% से घटकर 12.3% रहा।

Thomas Cook

ट्रैवल सर्विसेज कंपनी Thomas Cook India का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 5.8% बढ़कर ₹58.7 करोड़ हो गया। कंपनी का रेवेन्यू भी 1.2% बढ़कर ₹828 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹818 करोड़ था।

तिमाही नतीजे

शेयर बाजार में मंगलवार को कई कंपनियां जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Bharti Airtel, Bharti Hexacom, BSE, Castrol India, Godrej Properties, Ajmera Realty & Infra India, Dredging Corporation of India और Adroit Infotech जैसी कंपनियां शामिल हैं।

LIC OFS: बीमा कंपनी में 6.5% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर का तय

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।