Coca-Cola IPO: भारत में बॉटलिंग बिजनेस का IPO लाएगी कोका-कोला, $10 अरब के वैल्यूएशन पर नजर

Coca Cola IPO: ग्लोबल बेवरेज कंपनी कोका-कोला अपनी भारतीय बॉटलिंग यूनिट Hindustan Coca-Cola Beverages (HCCB) का IPO लाने की तैयारी कर रही है। ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कोका-कोला दिसंबर में IPO का ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने पर विचार कर रही है।

Bloomberg के मुताबिक, Coca-Cola ने IPO पर काम कर रहे बैंकों की टीम में Axis Capital और IIFL Capital Services को भी जोड़ा है। इससे पहले Kotak Mahindra Capital, Citigroup, JPMorgan Chase और Morgan Stanley भी इस डील पर काम कर रहे थे।

₹10 अरब डॉलर की वैल्यूएशन का लक्ष्य

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, IPO में ज्यादातर हिस्सेदारी मौजूदा निवेशक बेच सकते हैं। Coca-Cola अपनी भारतीय बॉटलिंग यूनिट की वैल्यूएशन करीब 10 अरब डॉलर रखना चाहती है।

पहले खबर थी कि IPO से करीब 1 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं। हालांकि, अभी बातचीत चल रही है। इसलिए IPO का समय, वैल्यूएशन और स्ट्रक्चर बदल सकता है।

भारत में IPO का जोर

जुलाई से सितंबर के बीच भारत में IPO के जरिए करीब 10 अरब डॉलर जुटाए गए। यह किसी एक तिमाही में जुटाई गई अब तक की सबसे बड़ी रकम है।

इस दौरान NSE और SBI Funds Management जैसे बड़े IPO भी आए। भारत में इस साल अब तक करीब 250 IPO से 13 अरब डॉलर से ज्यादा जुटाए जा चुके हैं।

क्या करती है HCCB?

बेवरेज कंपनी Hindustan Coca-Cola Beverages भारत में Coca-Cola के कई लोकप्रिय ड्रिंक्स की बॉटलिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। कंपनी के पोर्टफोलियो में Coca-Cola, Thums Up, Sprite, Fanta, Limca और Maaza जैसे ब्रांड शामिल हैं।

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Jio IPO: अगले हफ्ते शुरू हो सकती है निवेशकों से बातचीत, नवंबर में IPO लाने की तैयारी

Jio IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की Jio Platforms IPO लाने की तैयारी में तेजी ला रही है। कंपनी अगले हफ्ते से निवेशकों से औपचारिक बातचीत शुरू कर सकती है। अगर प्लान के मुताबिक सब हुआ तो नवंबर में IPO आ सकता है। यह भारत के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है।

ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया कि Jio Platforms अमेरिका, सिंगापुर, हांगकांग, लंदन और मिडिल ईस्ट में निवेशकों के साथ बैठकें करेगी। ये बैठकें अगले हफ्ते से शुरू हो सकती हैं।

नवंबर में IPO लाने का लक्ष्य

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, Jio Platforms की अपने बैंकर्स के साथ IPO को लेकर बातचीत चल रही है। इसमें नवंबर में IPO लाने का लक्ष्य रखा गया है।

हालांकि, अभी कुछ भी फाइनल नहीं है। IPO का आकार, कंपनी की वैल्यूएशन और टाइमिंग आगे बदल सकती है। Jio Platforms की ओर से इस मामले पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे

Jio Platforms ने 19 जून को IPO के लिए ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट दाखिल किए थे। 28 अगस्त को SEBI से मंजूरी भी मिल गई।

IPO में 27 करोड़ तक नए शेयर जारी किए जाएंगे। ब्लूमबर्ग न्यूज की कैलकुलेशन के मुताबिक, इससे कंपनी की इक्विटी में करीब 2.9% हिस्सेदारी डायल्यूट होगी। कंपनी IPO से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करेगी।

4 अरब डॉलर तक जुटा सकती है कंपनी

मामले से जुड़े लोगों ने पहले ब्लूमबर्ग को बताया था कि Jio Platforms IPO से 4 अरब डॉलर तक जुटा सकती है।

अगर ऐसा होता है तो यह भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल होगा। Jio Platforms, Reliance Industries के डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार का हिस्सा है। इसके पास भारत की सबसे बड़ी वायरलेस कंपनी भी है।

NSE का IPO भी कतार में

भारत का IPO बाजार इस समय काफी सक्रिय है। कई बड़े इश्यू आने की तैयारी में हैं। NSE को भी इस महीने SEBI से IPO की मंजूरी मिल चुकी है। NSE का IPO सितंबर में आने की उम्मीद है। इससे करीब 3 अरब डॉलर जुटाए जाने की संभावना है।

ऐसे में NSE के बाद Jio Platforms का IPO भी बाजार के लिए बड़ा इवेंट हो सकता है।

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तीन कंपनियों के IPO को Sebi की मंजूरी मिली, Torrent Gas ने चुना कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग का रास्ता

कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने तीन कंपनियों को IPO लाने के लिए ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया है। इसमें Sathya Agencies, Kanohar Electricals और Torrent Gas शामिल हैं। सेबी का ऑब्जर्वेशन मिलना IPO प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव माना जाता है। इसके बाद कंपनियां आगे की प्रक्रिया पूरी कर IPO लॉन्च कर सकती हैं।

Torrent Gas ने चुना अलग रास्ता

Torrent Group की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी Torrent Gas ने मार्च 2026 में Sebi के पास अपने ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए थे। कंपनी ने इस बार कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग (Pre-filing Route) का विकल्प चुना। Sebi ने 25 जून 2026 को इसके ड्राफ्ट पेपर्स पर अपना ऑब्जर्वेशन जारी किया।

इस रूट की खास बात यह है कि कंपनी को IPO का साइज और दूसरी अहम जानकारियां शुरुआत में सार्वजनिक नहीं करनी पड़तीं। इससे कंपनी को बाजार की स्थिति के हिसाब से अपनी रणनीति तय करने में ज्यादा लचीलापन मिलता है।

Torrent Gas फिलहाल 526 CNG स्टेशन चला रही है। इसके अलावा कंपनी 34 जिलों में 2 लाख से ज्यादा घरों तक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुंचा चुकी है।

Kanohar Electricals के IPO में क्या होगा?

ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली Kanohar Electricals ने 27 जनवरी 2026 को IPO के लिए आवेदन किया था। Sebi ने 22 जून को कंपनी को ऑब्जर्वेशन जारी किया।

कंपनी का IPO दो हिस्सों में होगा। पहला ₹300 करोड़ का फ्रेश इश्यू और दूसरा प्रमोटर K Sons Family Trust की ओर से 1.45 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS)।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल कंपनी कारोबार बढ़ाने में करेगी। इसमें नई मशीनें खरीदना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना, ऑटोमेशन, सोलर पावर प्लांट लगाना और इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदना शामिल है। इसके अलावा कुछ रकम वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए भी इस्तेमाल होगी।

Sathya Agencies जुटाएगी ₹600 करोड़

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल चेन Sathya Agencies ने 30 मार्च 2026 को Sebi के पास ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए थे। Sebi ने 25 जून को कंपनी को ऑब्जर्वेशन जारी किया। कंपनी IPO के जरिए ₹600 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें ₹300 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹300 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।

OFS के तहत प्रमोटर Johnson Asaria, J John Sathya और Charles Packiaraj अपने-अपने ₹100 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी कई कामों में करेगी। सबसे पहले कुछ कर्ज चुकाए जाएंगे। सहायक कंपनी Unilet Appliances Private Ltd. के अधिग्रहण के लिए आंशिक भुगतान किया जाएगा। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने में होगा।

क्या होती है Confidential IPO Filing?

जब कोई कंपनी IPO लाने की तैयारी करती है, तो उसे Sebi के पास Draft Red Herring Prospectus (DRHP) जमा करना होता है। आमतौर पर यह दस्तावेज सार्वजनिक कर दिया जाता है। इसमें कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, जोखिम, प्रतिस्पर्धा और भविष्य की योजनाओं जैसी कई अहम जानकारियां होती हैं।

लेकिन कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग में यह DRHP सार्वजनिक नहीं किया जाता। Sebi पहले इसकी समीक्षा करता है और अपने सुझाव देता है। इसके बाद जब कंपनी IPO लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है, तब Red Herring Prospectus (RHP) सार्वजनिक किया जाता है।

कंपनियां इस रास्ते को क्यों पसंद कर रही हैं?

Confidential Filing का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कंपनी की कारोबारी रणनीति और संवेदनशील जानकारी शुरुआती दौर में प्रतिस्पर्धियों तक नहीं पहुंचती।

अगर किसी वजह से कंपनी बाद में IPO नहीं लाती है, तो उसकी साख पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ता। इसके अलावा, कंपनी को Sebi की आपत्तियों और सुझावों का जवाब देने और जरूरी बदलाव करने का समय मिल जाता है। जब सारी तैयारियां पूरी हो जाती हैं, तब ही IPO से जुड़ी पूरी जानकारी निवेशकों के सामने रखी जाती है।

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