Kanohar Electricals IPO Listing: 8% प्रीमियम पर लिस्ट ₹632 का शेयर, रॉकेट की स्पीड से बढ़ रहा कनोहर का बिजनेस

Kanohar Electricals IPO Listing: ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 90 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹632 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹672.05 और NSE पर ₹685.50 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 8% तक का लिस्टिंग गेन (Kanohar Electricals Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹706.25 (Kanohar Electricals Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 11.75% मुनाफे में हैं।

Kanohar Electricals IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स का ₹1,056 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 8-10 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 90.59 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 215.37 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 87.74 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 20.51 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹300 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1,19,57,915 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹64.18 करोड़ कैपिटल एक्सपेंडिचर की जरूरतों, ₹155.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की बढ़ी जरूरतों, ₹55.50 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹65.25 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Kanohar Electricals के बारे में

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स देश में ट्रांसफॉर्मर्स बनाती है। यह पावर ट्रांसमिशन, रेलवेज, रिन्यूएबल एनर्जी और पावर डिस्ट्रीब्यूशन जैसी इंडस्ट्रीज को इनकी सप्लाई करती है। इसका कारोबार मुख्य रूप से दो बिजनेस सेगमेंट्स में है- ट्रांसफॉर्मर मैन्युफैक्चरिंग और EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्यूरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन)। यह 100 MVA 132 kV स्कॉट ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली उन चार कंपनियों में शुमार है, जिसे रेलवे के R&D से मान्यता मिली हुई है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 170% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹129.73 करोड़ और टोटल इनकम करीब 54% के सीएजीआर से ₹662.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹39.04 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹357.95 करोड़ पड़े थे।

 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kanohar Electricals IPO: 16 साल बाद शेयर मार्केट में वापसी, 90 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद शानदार रह सकती है लिस्टिंग; चेक करें GMP

ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कनोहर इलेक्ट्रिकल्स का ₹1,055.74 करोड़ का IPO 90.59 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 215.37 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 87.74 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 20.51 गुना भरा। इश्यू 8 सितंबर को खुला था और 10 सितंबर को बंद हुआ। अब कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट होने वाले हैं।

ग्रे मार्केट की मानें तो लिस्टिंग अच्छे गेन के साथ होने की उम्मीद है। ग्रे मार्केट में शेयर 38.61 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। यह एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट के संकेत सच ही हो जाएं।

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के पब्लिक इश्यू में ₹300 करोड़ के 47.47 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹755.74 करोड़ के 1.20 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहा। प्राइस बैंड ₹601-₹632 प्रति शेयर था। इश्यू की ओपनिंग से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹316.72 करोड़ जुटाए। कंपनी अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाली कमाई का इस्तेमाल पूंजीगत खर्च के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

क्या करती है Kanohar Electricals

Kanohar Electricals पावर ट्रांसमिशन, रेलवे, रिन्यूएबल एनर्जी और पावर डिस्ट्रीब्यूशन जैसे उद्योगों की जरूरतों को पूरा करती है। कंपनी दो बिजनेस सेगमेंट के जरिए काम करती है: (i) ट्रांसफॉर्मर मैन्युफैक्चरिंग और (ii) इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC)। यह भारत की उन 4 मैन्युफैक्चरर्स में से एक है, जिन्हें 100 MVA 132 kV स्कॉट ट्रांसफॉर्मर बनाने के लिए रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) से सर्टिफिकेशन मिला है। RDSO भारतीय रेलवे की रिसर्च और डेवलपमेंट शाखा है। उत्तर प्रदेश की कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के प्रमोटर दिनेश सिंघल, आदेश सिंघल, विवेक सिंघल, अभिषेक सिंघल, विराट सिंघल और आदित्य सिंघल हैं।

16 साल बाद शेयर मार्केट में वापसी फिर कर रही है एंट्री

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स  16 साल बाद शेयर बाजार में वापसी कर रही है। यह पहले 1995 में लिस्ट हुई थी लेकिन फिर 2010 में अपनी मर्जी से डीलिस्ट हो गई। कंपनी की ओर से जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में कहा गया, “हमारी कंपनी के इक्विटी शेयर पहले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), दिल्ली स्टॉक एक्सचेंज एसोसिएशन लिमिटेड (अब DSE एस्टेट्स लिमिटेड के नाम से जाना जाता है) और उत्तर प्रदेश स्टॉक एक्सचेंज एसोसिएशन लिमिटेड (अब U.P. स्टॉक एंड कैपिटल लिमिटेड के नाम से जाना जाता है) पर क्रमशः 13 नवंबर 1995, 1 नवंबर 1995 और 31 अक्टूबर 1995 को लिस्ट हुए थे। लेकिन, बाद में कम लिक्विडिटी और ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण, कंपनी के इक्विटी शेयरों को BSE, दिल्ली स्टॉक एक्सचेंज और उत्तर प्रदेश स्टॉक एक्सचेंज से क्रमशः 12 जुलाई 2010, 30 अगस्त 2010 और 20 अक्टूबर 2010 से स्वेच्छा से डीलिस्ट करा लिया गया था।”

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Kanohar Electricals की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 45 प्रतिशत बढ़कर 662.86 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 99 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 129.73 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 39 करोड़ रुपये की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू 457.30 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 65.12 करोड़ रुपये था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Upcoming IPOs: इस हफ्ते मेनबोर्ड सेगमेंट में 12 नए इश्यू, ₹7100 करोड़ से ज्यादा जुटाने की होगी कोशिश

7 सितंबर से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से ब्लॉकबस्टर होने वाला है। नए हफ्ते में 16 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 12 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। ये 12 कंपनियां 7100 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने की कोशिश करेंगी। लिस्ट में रेंटोमोजो, कनोहर इलेक्ट्रिकल्स, करमतारा इंजीनियरिंग, मणिपाल पेमेंट, एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी जैसे नाम भी शामिल हैं। अकेले 9 सितंबर को मेनबोर्ड सेगमेंट में 6 नए IPO खुलने वाले हैं।

Pranav Constructions IPO: ₹351.03 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुलेगा और 9 सितंबर को बंद होगा। इसमें ₹118-₹124 प्रति शेयर के भाव पर बोली लगा सकते हैं। लॉट साइज 120 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को हो सकती है।

Kanohar Electricals IPO: कंपनी ₹1,055.74 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 8 सितंबर को ओपन होगा। इसमें 10 सितंबर तक ₹601-₹632 प्रति शेयर के भाव पर और 23 शेयरों के लॉट में 10 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Glass Wall Systems IPO: ₹427.89 करोड़ का यह इश्यू भी 8 सितंबर को खुल रहा है। क्लोजिंग 10 सितंबर को होगी। इसमें ₹172-₹182 प्रति शेयर के भाव पर और 82 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। कंपनी NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

Prasol Chemicals IPO: यह 8 सितंबर को खुलेगा और 10 सितंबर को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹500 करोड़ जुटाने का है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹643-₹676 प्रति शेयर और लॉट साइज 22 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Rentomojo IPO: ₹1,255.57 करोड़ का पब्लिक इश्यू 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर और लॉट साइज 37 शेयर है। कंपनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने वाली है।

Manipal Payment & Identity Solutions IPO: कंपनी ₹805 करोड़ जुटाना चाहती है। यह इश्यू भी 9 सितंबर को खुल रहा है और 11 सितंबर को बंद होगा। बोली ₹322-₹339 प्रति शेयर के भाव पर और 44 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

LCC Projects IPO: यह इश्यू 9 सितंबर को खुल रहा है। साइज ₹427.14 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹139-₹146 प्रति शेयर और लॉट साइज 102 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होने वाली है।

Asset Reconstruction Company IPO: यह 9 सितंबर को ओपन होगा। प्राइस बैंड ₹132-₹139 प्रति शेयर है। लॉट साइज 107 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होने वाली है। कंपनी ₹732.97 करोड़ जुटाना चाहती है। शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Steamhouse IPO: 9 सितंबर को खुलने जा रहा यह इश्यू ₹414 करोड़ का है। इसके लिए अभी प्राइस बैंड तय नहीं हुआ है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होगी।

Karamtara Engineering IPO: ₹875 करोड़ के इश्यू में 9 सितंबर से लेकर 11 सितंबर तक पैसे लगाए जा सकेंगे। निवेश ₹241-₹254 प्रति शेयर के भाव पर और 59 शेयरों के लॉट में कर सकते हैं। कंनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होगी।

Veegaland Developers IPO: यह 10 सितंबर को खुलेगा। साइज ₹210 करोड़ है। 15 सितंबर तक ₹130-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में निवेश कर सकेंगे। लॉट साइज 107 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 18 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Manika Plastech IPO: यह 11 सितंबर को खुलेगा और 16 सितंबर को बंद होगा। इसमें ₹92.50 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। साइज, प्राइस बैंड, लॉट साइज अभी फाइनल नहीं है। कंपनी NSE और BSE पर 21 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

मेनबोर्ड सेगमेंट में 3 कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में शेयर बाजार में 9 कंपनियों के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। 7 सितंबर को NSE और BSE पर Purple Style Labs के शेयर लिस्ट होंगे। इसके बाद 8 सितंबर को NSE और BSE पर Deepa Jewellers, Rays of Belief के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Karamtara Engineering IPO: ₹875 करोड़ के इश्यू में 9 सितंबर से लगा सकेंगे पैसे; चेक करें प्राइस बैंड, GMP जैसी डिटेल

करमतारा इंजीनियरिंग अपना ₹875 करोड़ का IPO ला रही है। यह 9 सितंबर को खुलने वाला है। क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी। इसमें ₹675 करोड़ के 2.66 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹200 करोड़ के 78.74 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर तनवीर सिंह और राजीव सिंह शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। एंकर निवेशक 8 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। इस पब्लिक इश्यू में ₹241-₹254 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 59 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं।

IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट 15 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को शुरुआत करेंगे। करमतारा इंजीनियरिंग लिमिटेड रिन्यूएबल एनर्जी और ट्रांसमिशन लाइंस के लिए प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी कई तरह के प्रोडक्ट्स की पेशकश करती है। यह सोलर स्ट्रक्चर (फिक्स्ड-टिल्ट और ट्रैकर); सोलर एनर्जी और ट्रांसमिशन सेक्टर के लिए फास्टनर; और ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइन हार्डवेयर फिटिंग्स के लिए वन-स्टॉप शॉप के तौर पर काम करती है।

कंपनी विंड टर्बाइन के लिए ट्यूबलर टावर बनाने की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के साथ विंड एनर्जी सेक्टर में भी कदम रख रही है। करमतारा इंजीनियरिंग उत्तरी अमेरिका, यूरोप, एशिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और लैटिन अमेरिका के 50 से ज्यादा देशों को एक्सपोर्ट भी करती है। कंपनी के प्रमोटर तनवीर सिंह, राजीव सिंह, इंद्रजीत सिंह, इंद्रजीत तनवीर सिंह ट्रस्ट और इंद्रजीत राजीव सिंह ट्रस्ट हैं।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। कंपनी IPO में नए शेयर जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। JM फाइनेंशियल, ICICI सिक्योरिटीज और IIFL कैपिटल सर्विसेज इस इश्यू के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार MUFG इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है।

Kanohar Electricals IPO: ट्रांसफॉर्मर कंपनी की 16 साल बाद शेयर बाजार में वापसी, ₹1056 करोड़ का IPO 8 सितंबर से

Karamtara Engineering की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में करमतारा इंजीनियरिंग का रेवेन्यू 36 प्रतिशत बढ़कर ₹4,316.36 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 64 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹228.75 करोड़ हो गया। इस बीच कंपनी पर ₹1,030.13 करोड़ की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू ₹3,165.36 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹139.33 करोड़ था। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 19.69 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 7 सितंबर से शुरू हफ्ते में प्राइमरी मार्केट में सुनामी, खुलेंगे 15 नए इश्यू; साथ में 9 लिस्टिंग

7 सितंबर से शुरू हो रहे हफ्ते में IPO मार्केट में जबरदस्त एक्शन देखने को मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 15 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 11 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। अकेले 9 सितंबर को 9 IPO खुलने वाले हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले एक IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। जहां तक स्टॉक मार्केट में नई लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 9 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Pranav Constructions IPO: ₹351.03 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुलेगा और 9 सितंबर को बंद होगा। इसमें ₹118-₹124 प्रति शेयर के भाव पर बोली लगा सकते हैं। लॉट साइज 120 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को हो सकती है।

Apana Logistics IPO: ₹34.14 करोड़ का इश्यू 7 सितंबर को खुल रहा है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹60 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2000 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 9 सितंबर को होगी। कंपनी के शेयर BSE SME पर 15 सितंबर को लिस्ट होंगे।

Kanohar Electricals IPO: कंपनी ₹1,055.74 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 8 सितंबर को ओपन होगा। इसमें 10 सितंबर तक ₹601-₹632 प्रति शेयर के भाव पर और 23 शेयरों के लॉट में 10 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Prasol Chemicals IPO: यह 8 सितंबर को खुलेगा और 10 सितंबर को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹500 करोड़ जुटाने का है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹643-₹676 प्रति शेयर और लॉट साइज 22 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Glass Wall Systems IPO: ₹427.89 करोड़ का यह इश्यू भी 8 सितंबर को खुल रहा है। क्लोजिंग 10 सितंबर को होगी। इसमें ₹172-₹182 प्रति शेयर के भाव पर और 82 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। कंपनी NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

Rentomojo IPO: ₹1,255.57 करोड़ का पब्लिक इश्यू 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹384-₹404 प्रति शेयर और लॉट साइज 37 शेयर है। कंपनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने वाली है।

Asset Reconstruction Company IPO: यह 9 सितंबर को ओपन होगा। प्राइस बैंड ₹132-₹139 प्रति शेयर है। लॉट साइज 107 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होने वाली है। कंपनी ₹732.97 करोड़ जुटाना चाहती है। शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Manipal Payment & Identity Solutions IPO: कंपनी ₹805 करोड़ जुटाना चाहती है। यह इश्यू भी 9 सितंबर को खुल रहा है और 11 सितंबर को बंद होगा। बोली ₹322-₹339 प्रति शेयर के भाव पर और 44 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

LCC Projects IPO: यह इश्यू 9 सितंबर को खुल रहा है। साइज ₹427.14 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹139-₹146 प्रति शेयर और लॉट साइज 102 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होने वाली है।

Karamtara Engineering IPO: ₹875 करोड़ के इश्यू में 9 सितंबर से लेकर 11 सितंबर तक पैसे लगाए जा सकेंगे। निवेश ₹241-₹254 प्रति शेयर के भाव पर और 59 शेयरों के लॉट में कर सकते हैं। कंनी NSE और BSE पर 17 सितंबर को लिस्ट होगी।

Infrax Renewable IPO: यह 9 सितंबर को खुलेगा। फाइनल इश्यू प्राइस ₹104 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। इश्यू का साइज ₹40.88 करोड़ रुपये है। 11 सितंबर को IPO बंद होने के बाद शेयर BSE SME पर 17 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं।

Amtech Esters IPO: कंपनी ₹17.88 करोड़ जुटाना चाहती है। यह IPO भी 9 सितंबर को खुलेगा और 11 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹71-₹75 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। BSE SME पर कंपनी की लिस्टिंग की तारीख 17 सितंबर है।

Vinod Texworld IPO: इश्यू ₹42.83 करोड़ का है। ओपनिंग 9 सितंबर को और क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी। फाइनल इश्यू प्राइस ₹94 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,200 शेयर है। लिस्टिंग NSE SME पर होगी, जिसके लिए तारीख 17 सितंबर है।

Steamhouse IPO: 9 सितंबर को खुलने जा रहा यह इश्यू ₹414 करोड़ का है। इसके लिए अभी प्राइस बैंड तय नहीं हुआ है। इश्यू की क्लोजिंग 11 सितंबर को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 सितंबर को होगी।

Veegaland Developers IPO: यह 10 सितंबर को खुलेगा। साइज ₹210 करोड़ है। 15 सितंबर तक ₹130-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में निवेश कर सकेंगे। लॉट साइज 107 शेयर है। शेयर NSE और BSE पर 18 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

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पहले से खुला IPO

Qualiance International IPO: ₹45.11 करोड़ का पब्लिक इश्यू 4 सितंबर को खुला था। इसमें 8 सितंबर तक पैसे लगाने का मौका है। IPO अभी तक 13.78 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी NSE SME पर 11 सितंबर को लिस्ट हो सकती है।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 7 सितंबर को NSE और BSE पर Purple Style Labs के शेयर लिस्ट होंगे। इसी दिन NSE SME पर Ashutosh Fibre, Shanti Inorganics और BSE SME पर Phychem Technologies की लिस्टिंग हो सकती है। 8 सितंबर को NSE और BSE पर Deepa Jewellers, Rays of Belief के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। इसी दिन BSE SME पर Fly-Hi Maritime Travels और Farm Peace के शेयरों की लिस्टिंग होने की उम्मीद है। 11 सितंबर को NSE SME पर Qualiance International लिस्ट हो सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

तीन कंपनियों के IPO को Sebi की मंजूरी मिली, Torrent Gas ने चुना कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग का रास्ता

कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने तीन कंपनियों को IPO लाने के लिए ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया है। इसमें Sathya Agencies, Kanohar Electricals और Torrent Gas शामिल हैं। सेबी का ऑब्जर्वेशन मिलना IPO प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव माना जाता है। इसके बाद कंपनियां आगे की प्रक्रिया पूरी कर IPO लॉन्च कर सकती हैं।

Torrent Gas ने चुना अलग रास्ता

Torrent Group की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी Torrent Gas ने मार्च 2026 में Sebi के पास अपने ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए थे। कंपनी ने इस बार कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग (Pre-filing Route) का विकल्प चुना। Sebi ने 25 जून 2026 को इसके ड्राफ्ट पेपर्स पर अपना ऑब्जर्वेशन जारी किया।

इस रूट की खास बात यह है कि कंपनी को IPO का साइज और दूसरी अहम जानकारियां शुरुआत में सार्वजनिक नहीं करनी पड़तीं। इससे कंपनी को बाजार की स्थिति के हिसाब से अपनी रणनीति तय करने में ज्यादा लचीलापन मिलता है।

Torrent Gas फिलहाल 526 CNG स्टेशन चला रही है। इसके अलावा कंपनी 34 जिलों में 2 लाख से ज्यादा घरों तक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुंचा चुकी है।

Kanohar Electricals के IPO में क्या होगा?

ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली Kanohar Electricals ने 27 जनवरी 2026 को IPO के लिए आवेदन किया था। Sebi ने 22 जून को कंपनी को ऑब्जर्वेशन जारी किया।

कंपनी का IPO दो हिस्सों में होगा। पहला ₹300 करोड़ का फ्रेश इश्यू और दूसरा प्रमोटर K Sons Family Trust की ओर से 1.45 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS)।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल कंपनी कारोबार बढ़ाने में करेगी। इसमें नई मशीनें खरीदना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना, ऑटोमेशन, सोलर पावर प्लांट लगाना और इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदना शामिल है। इसके अलावा कुछ रकम वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए भी इस्तेमाल होगी।

Sathya Agencies जुटाएगी ₹600 करोड़

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल चेन Sathya Agencies ने 30 मार्च 2026 को Sebi के पास ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए थे। Sebi ने 25 जून को कंपनी को ऑब्जर्वेशन जारी किया। कंपनी IPO के जरिए ₹600 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें ₹300 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹300 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।

OFS के तहत प्रमोटर Johnson Asaria, J John Sathya और Charles Packiaraj अपने-अपने ₹100 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी कई कामों में करेगी। सबसे पहले कुछ कर्ज चुकाए जाएंगे। सहायक कंपनी Unilet Appliances Private Ltd. के अधिग्रहण के लिए आंशिक भुगतान किया जाएगा। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने में होगा।

क्या होती है Confidential IPO Filing?

जब कोई कंपनी IPO लाने की तैयारी करती है, तो उसे Sebi के पास Draft Red Herring Prospectus (DRHP) जमा करना होता है। आमतौर पर यह दस्तावेज सार्वजनिक कर दिया जाता है। इसमें कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, जोखिम, प्रतिस्पर्धा और भविष्य की योजनाओं जैसी कई अहम जानकारियां होती हैं।

लेकिन कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग में यह DRHP सार्वजनिक नहीं किया जाता। Sebi पहले इसकी समीक्षा करता है और अपने सुझाव देता है। इसके बाद जब कंपनी IPO लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है, तब Red Herring Prospectus (RHP) सार्वजनिक किया जाता है।

कंपनियां इस रास्ते को क्यों पसंद कर रही हैं?

Confidential Filing का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कंपनी की कारोबारी रणनीति और संवेदनशील जानकारी शुरुआती दौर में प्रतिस्पर्धियों तक नहीं पहुंचती।

अगर किसी वजह से कंपनी बाद में IPO नहीं लाती है, तो उसकी साख पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ता। इसके अलावा, कंपनी को Sebi की आपत्तियों और सुझावों का जवाब देने और जरूरी बदलाव करने का समय मिल जाता है। जब सारी तैयारियां पूरी हो जाती हैं, तब ही IPO से जुड़ी पूरी जानकारी निवेशकों के सामने रखी जाती है।

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