आकाश अंबानी ने कहा-6जी सेवाओं के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की जगह सॉफ्टेवयर अपग्रेड करेगी जियो प्लेटफॉर्म्स

जियो प्लेटफॉर्म्स 6जी सेवाओं के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की बजाय अपने सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करेगी। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने इस बारे में बताया। उन्होंने 15 अक्तूबर को अगली पीढ़ी के मोबाइल कम्युनिकेशंस के लिए मौजूदा नेटवर्क और टेक्नोलॉजी क्षमता के इस्तेमाल के कंपनी के प्लान के बारे में बताया।

जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी प्रॉपरायटरी टेक्नोलॉजी स्टैक का पूरा फायदा उठाएगी

जियो प्लेटफॉर्म्स की इस स्ट्रेटेजी से अपनी प्रॉपरायटरी टेक्नोलॉजी स्टैक का पूरा फायदा उठाने पर कंपनी के फोकस का पता चलता है। कंपनी कनेक्टिविटी से आगे निकल डिजिटल सर्विसेज और दूसरे देशों में टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप करना चाहती है। अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से जुड़े प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बारे में बताया।

सॉफ्टवेयर में बदलाव के जरिए 6जी सेवाएं शुरू करने का प्लान 

अंबानी ने कहा कि हमारी स्ट्रेटेजी सॉफ्टवेयर के लेवल पर बदलाव के जरिए 6जी सेवाएं शुरू करने की है। इससे फिर से पूरा फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जियो ने पूरे देश में एक बड़ा नेटवर्क बनाया है। इसमें 3,60,000 से ज्यादा टेलीकॉम टावर हैं और 10 लाख रूट किलोमीटर से ज्यादा फाइबर नेटवर्क शामिल हैं।

अगले चरण की ग्रोथ के लिए मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्टर का इस्तेमाल 

कंपनी अगले चरण की अपनी ग्रोथ के लिए अपने मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी कपैबिलिटी का इस्तेमाल करना चाहती है। इसके लिए कंपनी ने ग्रोथ के चार प्रमुख सेगमेंट की पहचान की है, जिसमें मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और कोर टेक्नोलॉजी स्टैक का मॉनेटाइजेशन शामिल हैं।

कंपनी विदेश में ऑपरेटर्स को एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक ऑफर करेगी

कंपनी ने अपनी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करने का भी प्लान बनाया है। यह सिर्फ वेंडर या सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर की जगह एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक ऑफर करेगी। इससे उसे दूसरे देशों में उपलब्ध मौकों का फायदा उठाने का रास्ता खुलेगा। कंपनी का फोकस आयातित सॉल्यूशंस पर निर्भर रहने की जगह अपनी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और उसके एक्सपोर्ट पर है।

कंपनी ने अब तक कंपनी ने 7,200 से ज्यादा पेटेंट्स फाइल किए हैं

जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल विकसित और विकासशील दोनों ही देशों में करने के प्लान के बारे में बताया। अंबानी ने कहा कि कंपनी विदेश में पार्टनर के चुनाव में सावधानी बरतेगी। कंपनी ने 7,200 से ज्यादा पेटेंट्स फाइल किए हैं, जिसे 12,000 से ज्यादा इंजीनियर्स ने तैयार किए हैं।

Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेश से पहले ये 6 सबसे जरूरी बातें जान लीजिए

Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ जल्द आ रहा है। इनवेस्टर्स काफी समय से इस आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं। रिलायंस जियो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। यह रिलायंस समूह की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का हिस्सा है। जियो प्लेफॉर्म्स का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।

आईपीओ में कंपनी 27 करोड़ तक नए शेयर इश्यू करेगी

जियो प्लेटफॉर्म्स के डीआरएचपी के मुताबिक, कंपनी आईपीओ में 27 करोड़ तक नए शेयर जारी रहेगी। प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये होगी। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा। इसका मतलब है कि पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर इस आईपीओ में नहीं बेचेंगे। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्ट होंगे।

यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 30,200 करोड़ रुपये का हो सकता है। इस तरह यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने के रिकॉर्ड ऑटो कंपनी ह्यूंडई मोटर इंडिया के नाम है। इसने 2024 में 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। NSE ने पिछले महीने 22,562 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।

10 लाख करोड़ एम-कैप वाली क्लब में होगी शामिल

शेयरों की लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स उन कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी, जिनका मार्केट कैपिटलाइजेशन 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। इस लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं। रिलांयस इंडस्ट्रीज देश की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटलाइजेशन 15,68,421 करोड़ रुपये है।

21 अक्तूबर को निवेश के लिए खुल सकता है आईपीओ

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के 21 अक्टूबर को खुलने की उम्मीद है। हालांकि, अभी कंपनी ने इस बारे में औपचारिक ऐलान नहीं किया है। यह इश्यू तीन दिन के लिए खुला रहेगा। इस महीने के आखिरी हफ्तों में शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो जाएंगे। यह आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब शेयर बाजारों पर बिकवाली का दबाव दिख रहा है।

आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए होगा

कंपनी आईपीओ से आए पैसे के बड़े हिस्से का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। जियो प्लेटफॉर्म्स पर FY26 में 70,781 करोड़ रुपये का कर्ज था। कर्ज का बोझ घटने से कंपनी की बैलेंशशीट मजबूत होगी। जियो प्लेटफॉर्म्स मोबाइल एंड फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, एंटरटेनमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग, क्लाउड गेमिंग, स्टोरेज, स्मार्ट होम सॉल्यूशंस और आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्रोडक्ट्स में मौजूद है।

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रिलायंस जियो के कस्टमर्स की संख्या 53 करोड़ के पार 

जियो प्लेटफॉर्म्स की सब्सिडियरी जियो के इस साल जून के अंत में 53.33 करोड़ कस्टमर्स थे। इसमें 28.5 करोड़ 5जी यूजर्स शामिल हैं। कंपनी के फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शंस की संख्या 2.86 करोड़ थी। कंपनी का औसत रेवेन्यू प्रति यूजर (ARPU) जून तिमाही में बढ़कर 215.6 रुपये पहुंच गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 13 अक्टूबर को 0.67 फीसदी चढ़कर 1,166.70 रुपये पर बंद हुआ।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

SMT IPO: Morgan Stanley और Ashish Kacholia के निवेश वाली कंपनी, 15 अक्टूबर को खुलेगा आईपीओ

Sahajanand Medical Technologies IPO: कार्डियोवस्कुलर मेडिकल डिवाइस बनाने वाली सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज (SMT) का आईपीओ आने वाला है। समारा कैपिटल (Samara Capital), मॉर्गन स्टैनेल (Morgan Stanley), और कोटक इंवेस्टमेंट एडवाइजर्स के निवेश वाली एसएमटी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 15 अक्टूबर को खुलेगा। हालांकि अभी इसके प्राइस बैंड का ऐलान नहीं हुआ है और यह 12 अक्टूबर को सामने आएगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है यानी कि इसके तहत कोई नया शेयर नहीं जारी होगा।

Sahajanand Medical Technologies IPO: डिटेल्स

सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 15 अक्टूबर को खुलेगा और 19 अक्टूबर तक खुला रहेगा। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 14 अक्टूबर को खुलेगा। इस इश्यू के ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स को 1.38 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे जिसमें से 2.5 लाख शेयर एंप्लॉयीज के लिए आरक्षित हैं। इस इश्यू के तहत प्रमोटर्स के साथ-साथ समारा कैपिटल मार्केट्स होल्डिंग, कोटक-प्री अपॉर्च्यूनिटीज फंड और एनएचपीईए स्पार्कल होल्डिंग बीवी शेयर बेच रहे हैं।

कंपनी की सबसे बड़ी पब्लिक शेयरहोल्डर समारा कैपिटल मार्केट्स होल्डिंग है, जिसकी कंपनी में 29.61% हिस्सेदारी है। इसके बाद कंपनी में मार्गन स्टैनले की NHPEA स्पार्कल होल्डिंग बीवी की 15.24% और कोटक-प्री आईपीओ अपॉर्च्यूनिटीज फंड की 5.98% हिस्सेदारी है। इसके अलावा कंपनी में दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया की 1.08% हिस्सेदारी है।

इस इश्यू के तहत 50% हिस्सा QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स), 15% हिस्सा NIIs (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) और 35% हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 21 अक्टूबर को फाइनल होगा और फिर एक्सचेंजों पर इसकी 23 अक्टूबर को एंट्री होगी।

सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज के बारे में डिटेल्स

साल 2021 में धीरजलाल कोटाडिया (Dhirajlal Kotadia) ने सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज को शुरू किया था। यह क्लास 3 और क्लास सी/डी मेडिकल डिवाइसेज डेवलप करती है। इसका मुख्य फोकस कोरोनरी स्टेंट और बैलून जैसे वस्कुलर इंटरवेंशन प्रोडक्ट्स, और ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वॉल्व इम्प्लांटेशन (TAVI) सिस्टम और ऑक्लूडर जैसे स्ट्रक्चरल हार्ट डिवाइस पर है। कंपनी के रेवेन्यू में वस्कुलर इंटरवेंशन प्रोडक्ट्स की लगभग 60% और स्ट्रक्चरल हार्ट डिवाइसेज की 16% हिस्सेदारी है। जून 2026 तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी के प्रोडक्ट्स की बिक्री भारत और कुछ यूरोपीय देशों समेत 65 देशों में हुई।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो जून 2026 तिमाही में इसे ₹15.1 करोड़ का मुनाफा और ₹351.6 करोड़ का रेवेन्यू मिला था। इससे पहले वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का मुनाफा 174.65% बढ़कर ₹69.1 करोड़ और रेवेन्यू 18.1% चढ़कर ₹1,210.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Jio IPO: कम हो रहा कर्ज का बोझ, आईपीओ से पहले तेजी से हो रहा कैश जेनेरेट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

103 गुना भरा IPO, अब धांसू लिस्टिंग को तैयार यह SME, आपको मिला शेयर?

BenchMark Infotech Listing: इंटीग्रेटेड आईटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस कंपनी बेंचमार्क इंफोटेक के शेयर अब NSE SME पर लिस्ट होने वाले हैं। इसके आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 103 गुना से अधिक भरा था। अब ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर धमाकेदार संकेत मिल रहे हैं। इश्यू प्राइस के मुकाबले इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) ₹25 यानी 22.73% है। इस प्रकार ग्रे मार्केट से बेंचमार्क इंफोटेक के शेयरों की मजबूत लिस्टिंद के संकेत हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर 5 अक्टूबर को एनएसई एसएसई पर लिस्ट होंगे। आईपीओ के तहत निवेशकों को यह ₹110 के भाव पर जारी हुआ है और डीमैट खाते में 1 अक्टूबर को क्रेडिट हो चुका है।

BenchMark Infotech IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

बेंचमार्क इंफोटेक का ₹42 करोड़ का आईपीओ 25-29 सितंबर तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 103.12 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 88.62 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 136.92 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 96.90 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹37 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 4.58 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹30.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹4.59 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹3.18 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

BenchMark Infotech के बारे में

बेंचमार्क इंफोटेक सर्विसेज एक इंटीग्रेटेड आईटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस कंपनी है। यह सरकारी विभागों, PSUs, इंस्टीट्यूशंस और प्राइवेट सेक्टर के क्लाइंट्स को एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। यह नेटवर्किंग, कम्युनिकेशन सिस्टम्स, स्ट्रक्चर्ड केबलिंग, फाइबर ऑप्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विलांस सिस्टम्स, ऑडियो-विजुअल सॉल्यूशंस, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड सॉल्यूशंस और एनुअल मेटेनेंस सर्विसेज पर काम करती है। इसके अलावा कंपनी ने एआई लैब सॉल्यूशंस को लेकर भी काम शुरू किया है, जिसके तहत यह एआई लैब के सेटअप का काम करती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 163% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹10.22 करोड़ और टोटल इनकम करीब 36% के सीएजीआर से ₹63.99 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹2.71 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹26.44 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio Platforms का आईपीओ इस महीने आ रहा है, जानिए इश्यू ओपनिंग और लिस्टिंग की तारीख क्या होगी

जियो प्लेटफॉर्म्स इस महीने आईपीओ पेश कर सकती है। कंपनी ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि फॉरेन इनवेस्टर्स से इस आईपीओ को लेकर पॉजिटिव फीडबैक मिले हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल होल्डिंग कंपनी है। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इसके तहत आती है।

Jio Platforms का आईपीओ 21 अक्तूबर को खुल सकता है। इनवेस्टर्स आईपीओ में 23 अक्तूबर तक बोली लगा सकते हैं। एंकर इनवेस्टर्स के लिए आईपीओ 19 अक्तूबर को खुल सकता है। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्तूबर को हो सकती है। सितंबर में एनएसई का आईपीओ आया था। यह देश का अब तक का दूसरा सबसे पड़ा आईपीओ था।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया, “जियो आईपीओ लॉन्च करने के काफी करीब है। हालांकि, बाजार की स्थितियों और ग्लोबल डेवलपमेंट्स का असर आईपीओ की टाइमिंग पर पड़ सकता है।” सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईपीओ से जुड़ा रेगुलेटरी प्रोसेस पूरा हो गया है। सभी जरूरी एप्रूवल मिल चुके हैं।

मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि जियो ने फॉरेन इनवेस्टर्स से आईपीओ के बारे में बातचीत की है। उनका रिस्पॉन्स पॉजिटिव रहा। घरेलू निवेशकों की दिलचस्पी भी इस आईपीओ में उम्मीद से ज्यादा दिख रही है। दूसरे सूत्र ने बताया कि मार्केट की स्थितियों पर करीबी नजर रखी जा रही है। लेकिन, इनवेस्टर्स ने संकेत दिए हैं कि आईपीओ में बोली लगाने के उनके उत्साह पर किसी तरह का असर पड़ने वाला नहीं है।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने इस साल जून में सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था। सेबी ने 28 अगस्त को इस आईपीओ पर अपना ऑब्जर्वेशन दे दिया था। इससे आईपीओ के लिए रास्ता साफ हो गया था। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं होगा। इसका मतलब है कि कंपनी आईपीओ में इनवेस्टर्स को सिर्फ नए शेयर इश्यू करेगी। पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर नहीं बेचेंगे।

कंपनी आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। रिलायंस जियो इंफोकॉम पर करीब 27,500 करोड़ रुपये का कर्ज है। अभी आईपीओ के प्राइस बैंड और वैल्यूएशन के बारे में फैसला होना बाकी है। अगले हफ्ते प्राइस बैंड के बारे में फैसला हो सकता है। सूत्र ने कहा, “कंपनी का मानना है कि कंपनी के आईपीओ में निवेश करने वाले इनवेस्टर्स के लिए वैल्यू क्रिएशन होनी चाहिए।”

रिलायंस जियो इंफोकॉम जियो प्लेटफॉर्म्स की टेलीकॉम यूनिट है। इस साल मार्च के अंत में कंपनी के 52.4 करोड़ सब्सक्राइबर्स थे। इस लिहाज से यह देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इसके 5जी ग्राहकों की संख्या 26.8 करोड़ है। यह कंपनी चीन को छोड़ दें तो फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस ऑफर करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है।

Orient Cables IPO: ग्रे मार्केट में तूफानी चाल, आईपीओ को 97 गुना बोली के बाद अब धांसू लिस्टिंग की तैयारी

Orient Cables IPO: देश की चार सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग केबल कंपनियों में शुमार ओरिएंट केबल्स के ₹552 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला। ओवरऑल 97 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन के बाद इसके शेयर अलॉट हो चुके हैं और अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार है। जिन्हें इसके शेयर मिले हैं, उनके खाते में यह 1 अक्टूबर को क्रेडिट हो गया और अब 5 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग है।

लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से मजबूत संकेत नहीं मिल रहे हैं और GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹107 यानी 39.34% है यानी कि 39% से अधिक के लिस्टिंग गेन की गुंजाइश दिख रही है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं।

Orient Cables IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

ओरिएंट केबल्स का ₹552 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 25-29 सितंबर तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹258-₹272 था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 97.28 गुना सब्सक्राइब हुआ है। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 192.68 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 121.90 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 32.21 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले ₹232 करोड़ के 85,29,409 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹91.50 करोड़ मशीनरी और इक्विपमेंट की खरीदारी और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के सिविल वर्क्स, ₹155.50 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹48.34 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹42.53 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Orient Cables के बारे में

ओरिएंट केबल्स इंटरनेट, नेटवर्किंग, डेटा सेंटर, टेलीकॉम, सोलर, EV और दूसरी इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली केबल और नेटवर्किंग उपकरण बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो CAT5, CAT5e, CAT6 और CAT6A नेटवर्किंग केबल्स, पैच कॉर्ड्स, सीसीटीवी और कोएक्सियल केबल्स, इंस्ट्रूमेशन और कंट्रोल केबल्स, पावर केबल्स, ऑप्टिकल फाइबर केबल्स, फाइबर पैच कॉर्ड्स, कीस्टोन जैक्स, पावर स्ट्रिप्स और पावर कॉर्ड्स हैं। इसके अलावा कंपनी ने कुछ नए प्रोडक्ट्स भी जोड़े हैं, जैसे कि ई-बीम इर्रेडिएटेड स्पेशल्टी केबल्स, सोलर जंक्शन बॉक्स, टेथर्ड ड्रोन सिस्टम्स, केबल हार्नेसेज, ईवी चार्जिंग केबल्स, ईवी चार्जिंग गन्स और पावर कॉर्ड्स। नेटवर्किंग केबल मार्केट में इसका दबदबा तेजी से बढ़ा है और मार्केट शेयर वित्त वर्ष 2022 में करीब 16% से वित्त वर्ष 2026 में 22.9% पर पहुंच गया।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 16% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹53.56 करोड़ और टोटल इनकम 33% से अधिक के सीएजीआर से ₹1,181.67 करोड़ पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंपनी को ₹32.78 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹490.94 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹258.46 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹257.35 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Elevate Campuses Share Price: ₹362 के शेयरों ने दिया शॉक, डिस्काउंट एंट्री के बाद और आया नीचे

Elevate Campuses IPO Listing: स्टुडेंट्स के लिए रहने की व्यवस्था करने वाली एलीवेट कैंपसेज के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और हर कैटेगरी का आरक्षित हिस्सा पूरा भर नहीं पाया था। इसके आईपीओ के तहत ₹362 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹356.50 और NSE पर ₹355.10 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर डेढ़ फीसदी से अधिक पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर BSE पर यह ₹345.50 (Elevate Campuses Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 4.56% घाटे में हैं।

Elevate Campuses IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एलीवेट कैंपसेज का ₹2100 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.89 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 2.66 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.89 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.07 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 5,80,11,049 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹1,100.00 करोड़ के-12 एंटिटीज और कैंपसेज के अधिग्रहण, ₹750.00 करोड़ कंपनी और इसकी सब्सिडियरी का कर्ज हल्का करने, ₹129.61 करोड़ इनऑर्गेनिक ग्रोथ और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों, और ₹120.39 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Elevate Campuses के बारे में

एलीवेट कैंपसेज एक एडुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर/स्टुडेंट हाउसिंग कंपनी है। यह उच्च शिक्षा से जुड़े स्टुडेंट्स के आवास की व्यवस्था करती है तो इसके पास के-12 स्कूल एसेट्स भी हैं। इसका स्टुडेंट अकमडेशन बिजनेस गुड होस्ट स्पेसेज और स्कॉलरजेड ब्रांड्स के तहत चलता है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से कंपनी के प्री-एक्विजिशन ग्रुप के पास देश के 15 शहरों और यूएई के 1 शहर में 80,255 स्टुडेंट्स को रखने की क्षमता थी। इसमें खुद के 7 कैंपस में 20,368 बेड थे तो 14 मैनेज्ड कैंपस में 55,487 बेड। एकेडमिक वर्ष 2025-26 में इसका अकुपेंसी रेट 89.37% था।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 109% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹173.76 करोड़ और टोटल इनकम 29% के सीएजीआर से ₹603.39 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹4,120.53 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹947.45 करोड़ पड़े थे।

Adroit Industries Share Price: IPO को 176 गुना बोली, अब ₹134 का शेयर 87% प्रीमियम पर लिस्ट

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Adroit Industries Share Price: IPO को 176 गुना बोली, अब ₹134 का शेयर 87% प्रीमियम पर लिस्ट

Adroit Industries IPO Listing: गाड़ियों के ड्राइवरट्रेन/ड्राइवलाइव सिस्टम के लिए पावर ट्रांसफर पार्ट्स बनाने वाली एंड्रॉयट इंडस्ट्रीज के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 176 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹134 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹250.00 और NSE पर ₹235.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 87% तक का लिस्टिंग गेन (Adroit Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹248.35 (Adroit Industries Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 85.34% मुनाफे में हैं।

Adroit Industries IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एड्रॉयट इंडस्ट्रीज का ₹151 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 176.85 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 195.04 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 332.35 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 99.81 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹133 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले ₹140 करोड़ के 13.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹19.91 करोड़ मशीनरी और इक्विपमेंट के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के बीच ट्रांसपोर्ट के लिए गाड़ियों की खरीदारी, ₹43.96 करोड़ सब्सिडियरी में मशीनरी और गाड़ियों खरीदारी के लिए निवेश, ₹24.12 करोड़ सब्सिडियरी में कर्ज हल्का करने के लिए निवेश और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Adroit Industries के बारे में

एड्रॉयट इंडस्ट्रीज मुख्य रूप से गाड़ियों के ड्राइवरट्रेन/ड्राइवलाइव सिस्टम के लिए पावर ट्रांसफर पार्ट्स बनाती है। इसके मुख्य प्रोडक्ट्स प्रोपेलर शॉफ्ट्स, टॉर्क-ट्रांसमिशन कंपोनेंट्स, फॉर्ज्ड कंपोनेंट्स, प्रिसिजन-मशीन्ड कंपोनेंट्स और कंप्ल्टी प्रोपेलर शॉफ्ट एसेंबलीज हैं। यह एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड कंपनी है यानी कि कच्चे माल से लेकर फाइनल प्रोडक्ट की टेस्टिंग तक का अधिकतर काम अपने मैन्युफैक्चरिंग सेटअप में करती है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कमर्शियल गाड़ियों, एसयूवी, डिफेंस वेईकल्स, इमरजेंसी/सर्विस वेईकल्स, हैवी इक्विपमेंट, ऑफ-हाईवे मशीनरी और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस में होता है। इसके प्रोडक्ट्स का 32 से अधिक देशों को निर्यात भी होता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 34% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹26.16 करोड़ और टोटल इनकम 7% के सीएजीआर से ₹143.04 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹52.40 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹105.59 करोड़ पड़े थे।

 

Varmora IPO Listing: जीरो GMP के बाद 4% का लिस्टिंग गेन, ढहते मार्केट में चमका ₹148 का टाइल शेयर

Varmora Granito IPO Listing: प्रीमियम टाइल कंपनी वरमोरा ग्रेनिटो के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और हर कैटेगरी के लिए आरक्षित हिस्सा पूरा भर नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹148 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹152.00 और NSE पर ₹155.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 4% से अधिक तक का लिस्टिंग गेन (Varmora Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹159.35 (Varmora Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 7.67% मुनाफे में हैं। मार्केट में माहौल की बात करें तो शुरुआती कारोबार में आज हाहाकार मच गया और सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) आधे-आधे फीसदी से अधिक टूट गए।

Varmora Granito IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

वरमोरा ग्रेनिटो का ₹708 करोड़ का आईपीओ 22-24 सितंबर तक खुला था। इसे निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 1.60 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.10 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.94 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.02 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले ₹388 करोड़ के 2,62,17,634 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹245.00 करोड़ कंपनी और इसकी सब्सिडियरीज का कर्ज हल्का करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Varmora Granito के बारे में

वरमोरा ग्रेनिटो सेरामिक और विट्रीफाइड टाइल बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स में ग्लेज्ड विट्रीफाइड टाइल्स (GVT), पॉलिश्ड विट्रीफाइड टाइल्स (PVT) और सेरामिक टाइल्स हैं। इसका फोकस प्रीमियम, टेक-ड्रिवेन टाइल्स पर बढ़ा है और वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू में जीवीटी और टेक्निकल टाइल्स की हिस्सेदारी लगभग 84% थी।

कंपनी सिर्फ बाहर से टाइल्स खरीदकर नहीं बेच रही है बल्कि इसका बड़ा हिस्सा खुद यह बनाती है। इसके पास आठ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं, जिसकी वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू में 81.72% हिस्सेदारी है। कंपनी ने इनोवेटिव और प्रीमियम टाइल्स को लेकर इटली की SACMI के साथ तकनीकी साझेदारी की है और IST (इंटीग्रेटेड स्टोन टेक्नोलॉजी) को अपनाया है। इसके डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में 305 एक्स्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स और 2758 मल्टी-ब्रांड आउटलेट्स हैं। यह भारत के साथ-साथ विदेशी में भी बिक्री करती है और बिल्डर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स और डेवलपर्स को बी2बी सेल्स करती है। साथ ही यह सरकारी संस्थाओं को भी अपने माल बेचती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में ₹44.94 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹30.77 करोड़ से इसका शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2026 में ₹55.09 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम लगातार बढ़ी और सालाना 3% की रफ्तार यानी सीएजीआर से बढ़कर ₹1,562.53 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹357.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹765.70 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।