SMT IPO: Morgan Stanley और Ashish Kacholia के निवेश वाली कंपनी, 15 अक्टूबर को खुलेगा आईपीओ

Sahajanand Medical Technologies IPO: कार्डियोवस्कुलर मेडिकल डिवाइस बनाने वाली सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज (SMT) का आईपीओ आने वाला है। समारा कैपिटल (Samara Capital), मॉर्गन स्टैनेल (Morgan Stanley), और कोटक इंवेस्टमेंट एडवाइजर्स के निवेश वाली एसएमटी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 15 अक्टूबर को खुलेगा। हालांकि अभी इसके प्राइस बैंड का ऐलान नहीं हुआ है और यह 12 अक्टूबर को सामने आएगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है यानी कि इसके तहत कोई नया शेयर नहीं जारी होगा।

Sahajanand Medical Technologies IPO: डिटेल्स

सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 15 अक्टूबर को खुलेगा और 19 अक्टूबर तक खुला रहेगा। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 14 अक्टूबर को खुलेगा। इस इश्यू के ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स को 1.38 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे जिसमें से 2.5 लाख शेयर एंप्लॉयीज के लिए आरक्षित हैं। इस इश्यू के तहत प्रमोटर्स के साथ-साथ समारा कैपिटल मार्केट्स होल्डिंग, कोटक-प्री अपॉर्च्यूनिटीज फंड और एनएचपीईए स्पार्कल होल्डिंग बीवी शेयर बेच रहे हैं।

कंपनी की सबसे बड़ी पब्लिक शेयरहोल्डर समारा कैपिटल मार्केट्स होल्डिंग है, जिसकी कंपनी में 29.61% हिस्सेदारी है। इसके बाद कंपनी में मार्गन स्टैनले की NHPEA स्पार्कल होल्डिंग बीवी की 15.24% और कोटक-प्री आईपीओ अपॉर्च्यूनिटीज फंड की 5.98% हिस्सेदारी है। इसके अलावा कंपनी में दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया की 1.08% हिस्सेदारी है।

इस इश्यू के तहत 50% हिस्सा QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स), 15% हिस्सा NIIs (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) और 35% हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 21 अक्टूबर को फाइनल होगा और फिर एक्सचेंजों पर इसकी 23 अक्टूबर को एंट्री होगी।

सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज के बारे में डिटेल्स

साल 2021 में धीरजलाल कोटाडिया (Dhirajlal Kotadia) ने सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज को शुरू किया था। यह क्लास 3 और क्लास सी/डी मेडिकल डिवाइसेज डेवलप करती है। इसका मुख्य फोकस कोरोनरी स्टेंट और बैलून जैसे वस्कुलर इंटरवेंशन प्रोडक्ट्स, और ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वॉल्व इम्प्लांटेशन (TAVI) सिस्टम और ऑक्लूडर जैसे स्ट्रक्चरल हार्ट डिवाइस पर है। कंपनी के रेवेन्यू में वस्कुलर इंटरवेंशन प्रोडक्ट्स की लगभग 60% और स्ट्रक्चरल हार्ट डिवाइसेज की 16% हिस्सेदारी है। जून 2026 तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी के प्रोडक्ट्स की बिक्री भारत और कुछ यूरोपीय देशों समेत 65 देशों में हुई।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो जून 2026 तिमाही में इसे ₹15.1 करोड़ का मुनाफा और ₹351.6 करोड़ का रेवेन्यू मिला था। इससे पहले वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का मुनाफा 174.65% बढ़कर ₹69.1 करोड़ और रेवेन्यू 18.1% चढ़कर ₹1,210.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Jio IPO: कम हो रहा कर्ज का बोझ, आईपीओ से पहले तेजी से हो रहा कैश जेनेरेट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cars24 IPO: लिस्टिंग की तैयारी, अप्रैल तक फाइल होगा ड्राफ्ट, अभी गुजर रही इस लंबे प्रोसेस से

Cars24 IPO: पुराने कारों की बिक्री के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ऑफर करने वाली कार्स24 सात महीने में आईपीओ के लायक हो सकती है। कंपनी के सीएफओ Shivanshu Makkar का कहना है कि सिंगापुर से भारत में अपने रिवर्स फ्लिप की प्रक्रिया पूरी करने के बाद वह अप्रैल तक आईपीओ का ड्राफ्ट यानी DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) दाखिल कर सकेगी। रिवर्स फ्लिप में छह से नौ महीने तक का समय लग सकता है। शिवांशु ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से इंटरव्यू में बताया कि 2015 में सिंगापुर में बनी कार्स24 को रिवर्स फ्लिप के लिए मंजूरी मिल चुकी है और अब यह भारत में अपने आईपीओ का ड्राफ्ट फाइल कर सकती है।

कब तक आ सकता है आईपीओ?

शिवांशु ने कहा था कि अभी कार्स24 सिंगापुर सिंगापुर की कंपनी है लेकिन अब इसे भारतीय कंपनी बनाने की तैयारी है। यह रिवर्स फ्लिप प्रक्रिया है, जैसा कि फ्लिकार्ट (Flipkart) और मिंत्रा (Myntra) ने किया था। शिवांशु की कहना है कि कंपनी को सिंगापुर से मंजूरी मिल चुकी है और भारत में दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें 6 से 9 महीने लग सकते हैं। आधिकारिक तौर पर भारतीय कंपनी बनने के बाद ही यह आईपीओ का ड्राफ्ट दाखिल कर सकेगी। शिवांश को उम्मीद है कि अप्रैल तक कंपनी ऐसा करने के योग्य हो जाएगी। इसके बाद सेबी की मंजूरी, आईपीओ की प्राइस तय करने और बुक-बिल्डिंग जैसी प्रक्रियाओं में करीब 3 से 4 महीने लग सकते हैं।

कैसी है Cars24 की स्थिति

कार्स24 ने आखिरी बार साल 2022 में फंडिंग जुटाई थी, जिसके बाद कंपनी का वैल्यूएशन करीब $330 करोड़ हो गया। शिवांशु के मुताबिक इसके बाद से शिवांशु ने बाहर से कोई नया निवेश नहीं जुटाया, क्योंकि उसे अतिरिक्त पूंजी की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने कहा कि कंपनी के पास अभी भी पर्याप्त पूंजी मौजूद है और वह फिलहाल कैश बर्न नहीं कर रही है। ऐसे में शिवांशु का कहना है कि अगर कंपनी आईपीओ लाती है तो इसका मुख्य उद्देश्य तत्काल पैसों की जरूरत पूरी करना नहीं, बल्कि भारत में विस्तार और देश के बाहर दूसरे बाजारों में एंट्री के लिए पूंजी तैयार करना होगा।

उनका कहना है कि फिलहाल भारत में 100 में से सिर्फ 5 भारतीयों के पास कार है, तो इस मार्केट में विस्तार की काफी संभावनाएं हैं। शिवांशु का कहना है कि कार्स24 का रिटेल कारोबार इस समय देश के करीब 25 शहरों में है, जिसे बढ़ाकर लगभग 200 शहरों तक ले जाने और करीब 50,000 कारों तक विस्तार करने पर विचार चल रहा है।

शिवांशु का कहना है कि भारत के अलावा कार्स24 खाड़ी के देशों और ऑस्ट्रेलिया में भी अपने कारोबार को बढ़ाने पर विचार कर रही है। अभी यूएई में पुरानी कारों के बाजारों में कार्स24 की लगभग 7% हिस्सेदारी है और यह लगभग 30% की दर से बढ़ रही है, जबकि ऑस्ट्रेलिया में इसने तीन शहरों तक अपना विस्तार किया है।

10% से जीरो GMP, टाइल कंपनी Varmora की ग्रे मार्केट में बिगड़ी सेहत

थार-स्कॉर्पियो और XUV 7XO होगा और महंगा! M&M इस साल चौथी बार बढ़ाएगी दाम!

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

New IPO Alert: ब्लैकरॉक और गोल्डमैन सैक्स का बड़ा दांव! आज से खुला इश्यू, जानिए दांव लगाने से पहले 5 बड़ी बातें

Rentomojo IPO Details: भारत में फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स अप्लायंसेज किराये पर देने वाला प्रमुख प्लेटफॉर्म ‘रेंटोमोजो’ का आईपीओ आज, 9 सितंबर से दांव लगाने के लिए खुल गया है। पब्लिक इश्यू खुलने से ठीक एक दिन पहले कंपनी ने अपने एंकर इन्वेस्टर्स से ₹376.07 करोड़ जुटाकर जबरदस्त शुरुआत की है।

एंकर बुक में ब्लैकरॉक और गोल्डमैन सैक्स जैसे दिग्गज ग्लोबल निवेशकों के साथ-साथ देश के प्रमुख म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरेंस कंपनियों ने दिल खोलकर पैसा लगाया है।

अगर आप भी इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो जान लीजिए इसका प्राइस बैंड, फाइनेंशियल्स और फंड के इस्तेमाल से जुड़ी 5 सबसे अहम बातें।

आईपीओ की तारीखें और प्राइस बैंड

  • इश्यू खुलने की तारीख: 9 सितंबर
  • इश्यू बंद होने की तारीख: 11 सितंबर
  • प्राइस बैंड: ₹384 से ₹404 प्रति शेयर
  • कुल आईपीओ साइज: ₹1,256 करोड़

इस आईपीओ में ₹150 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है, यानी यह पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा। वहीं, प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए ₹1,105.56 करोड़ मूल्य के 2.73 करोड़ शेयर बेच रहे हैं।

एंकर निवेशकों से ₹376 करोड़ की बंपर फंडिंग

कंपनी ने एंकर निवेशकों को ₹404 प्रति शेयर पर कुल 93.08 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए हैं। ब्लैकरॉक, गोल्डमैन सैक्स और थेलेम पार्टनर जैसे बड़े ग्लोबल इन्वेस्टर्स इसमें शामिल हुए। साथ ही देश के 16 प्रमुख म्यूचुअल फंड हाउस की 30 स्कीम्स ने मिलकर करीब ₹244 करोड़ (60.41 लाख शेयर) का निवेश किया।एचडीएफसी लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ और बजाज लाइफ सहित इंश्योरेंस कंपनियों ने ₹51 करोड़ (12.62 लाख शेयर) लगाए।

जुटाए गए पैसों का कंपनी क्या करेगी?

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली ₹150 करोड़ की शुद्ध रकम को कंपनी इन कामों में खर्च करेगी:

कर्ज चुकाने में: ₹70 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी अपना कर्ज कम करने के लिए करेगी (कंपनी पर कुल ₹258.3 करोड़ का कर्ज है)।

लीज और किराया: ₹42.5 करोड़ का इस्तेमाल वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लीज रेंट और लाइसेंस फीस देने में होगा।

कॉर्पोरेट जरूरतें: बाकी बची रकम का इस्तेमाल कंपनी के सामान्य कामकाज और विस्तार में किया जाएगा।

कंपनी का बिजनेस मॉडल और नेटवर्क

रेंटोमोजो एक ओमनीचैनल प्लेटफॉर्म चलाती है, जहां ग्राहक ऑनलाइन ऑर्डर करने के साथ-साथ स्टोर्स पर जाकर भी फर्नीचर और होम अप्लायंसेज देख सकते हैं। देश भर में कंपनी के पास वर्तमान में 82 एक्सपीरियंस स्टोर्स हैं। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की ऑक्यूपेंसी रेट 83.34% रही, जो पिछले साल (82.82%) के मुकाबले बेहतर हुई है।

142% बढ़कर ₹104 करोड़ पहुंचा मुनाफा

कंपनी के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले वित्त वर्ष में रेंटोमोजो का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 45.5% की सालाना बढ़त के साथ ₹387 करोड़ पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2025 में ₹266 करोड़ रहा था। वहीं, कंपनी के नेट प्रॉफिट (PAT) में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। FY25 के ₹43.1 करोड़ के मुकाबले कंपनी का शुद्ध मुनाफा 142% बढ़कर FY26 में ₹104.2 करोड़ दर्ज किया गया है। रेवेन्यू और मुनाफे में आया यह तगड़ा उछाल कंपनी के बिजनेस मॉडल और सब्सक्रिप्शन आधार में आई मजबूती को दर्शाता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Upcoming IPO: 31 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में 7 नए IPO खुलेंगे, 15 कंपनियों की लिस्टिंग होगी

Upcoming IPO: 31 अगस्त से शुरू होने वाला नया हफ्ता IPO बाजार के लिए काफी व्यस्त रहेगा। शेयर बाजार में पिछले करीब एक महीने से सुस्ती है। इसके बावजूद IPO मार्केट में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। अगले हफ्ते 7 कंपनियों के IPO खुलेंगे। इनके जरिए ₹1,415 करोड़ जुटाने की योजना है। साथ ही 15 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होंगी।

₹1,265 करोड़ के 3 मेनबोर्ड IPO

अगले हफ्ते 3 मेनबोर्ड IPO खुलेंगे। इनका कुल साइज ₹1,265 करोड़ है। सबसे पहले Purple Style Labs का IPO आएगा। कंपनी Pernia’s Pop-Up Shop ब्रांड चलाती है।

कंपनी का ₹680 करोड़ का IPO 31 अगस्त को खुलेगा। इसमें 2 सितंबर तक पैसा लगाया जा सकेगा। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। प्राइस बैंड ₹546 से ₹575 प्रति शेयर है।

1 सितंबर को खुलेंगे दो IPO

Rays of Belief और Deepa Jewellers के IPO 1 सितंबर को खुलेंगे। दोनों में 3 सितंबर तक निवेश किया जा सकेगा। MOM’s Belief की पैरेंट कंपनी Rays of Belief ₹125 करोड़ जुटाना चाहती है। इसका प्राइस बैंड ₹227 से ₹239 प्रति शेयर है। यह भी पूरी तरह फ्रेश इश्यू है।

Deepa Jewellers ₹459.71 करोड़ जुटाएगी। इसमें ₹250 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। बाकी ₹209.71 करोड़ OFS के जरिए जुटाए जाएंगे। प्रमोटर अपने शेयर बेचेंगे। प्राइस बैंड ₹168 से ₹177 प्रति शेयर है।

4 SME IPO भी आएंगे

अगले हफ्ते 4 SME IPO भी खुलेंगे। इनका कुल साइज ₹150.17 करोड़ है। Ashutosh Fibre, Shanti Inorganics और Phychem Technologies के IPO 31 अगस्त को खुलेंगे। Farm Peace का IPO 1 सितंबर को आएगा।

विजय केडिया के निवेश वाली Ashutosh Fibre ₹56.34 करोड़ जुटाना चाहती है। इसका प्राइस बैंड ₹87 से ₹92 प्रति शेयर है। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। कंपनी ने IPO खुलने से पहले एंकर निवेशकों से ₹16.04 करोड़ जुटा लिए हैं। इसमें 5 निवेशकों ने हिस्सा लिया है।

Shanti Inorganics ₹47.23 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। कंपनी सल्फर बेस्ड इनऑर्गेनिक केमिकल बनाती है। इसका प्राइस बैंड ₹79 से ₹83 प्रति शेयर है।

Phychem Technologies ₹14.58 करोड़ जुटाएगी। कंपनी रोटेशनल मोल्डिंग कंपाउंड बनाती है। इसका इस्तेमाल खोखले प्लास्टिक प्रोडक्ट बनाने में होता है। प्राइस बैंड ₹51 से ₹54 प्रति शेयर है।

कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कंपनी Farm Peace ₹32 करोड़ जुटाएगी। इसका IPO 1 सितंबर को खुलेगा। प्रति शेयर कीमत ₹59 तय की गई है।

अगस्त में ₹23,679 करोड़ के IPO

अगस्त में IPO बाजार में काफी हलचल रही। मेनबोर्ड और SME सेगमेंट में कुल 46 IPO आए। इनके जरिए ₹23,679 करोड़ जुटाए गए। इस साल अगस्त तक IPO के जरिए ₹79,829 करोड़ की फंडिंग हो चुकी है।

इन IPO में निवेश का आखिरी मौका

Lumino Industries का ₹700 करोड़ का IPO 31 अगस्त को बंद होगा। कंपनी पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर समेत कई प्रोडक्ट बनाती है। अब तक इस IPO को 4.87 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है।

ESDS Software Solution का ₹720 करोड़ का IPO 1 सितंबर तक खुला रहेगा। कंपनी AI, क्लाउड और डेटा सेंटर सर्विसेज देती है। Priority Jewels का ₹91.5 करोड़ का IPO भी 1 सितंबर को बंद होगा। ESDS के IPO को अब तक 2.1 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। Priority Jewels का IPO 1.93 गुना भर चुका है।

SME सेगमेंट में Kwick Forensic Solutions का IPO 31 अगस्त को बंद होगा। Complete Sports & Management India और Paluck Technologies के IPO 1 सितंबर तक खुले रहेंगे।

अगले हफ्ते 15 कंपनियों की लिस्टिंग

अगले हफ्ते 15 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होंगी। इनमें 8 मेनबोर्ड और 7 SME कंपनियां शामिल हैं।

Augmont Enterprises 31 अगस्त को डेब्यू करेगी। इसके बाद Hy-Tech Engineers, Skyways Air Services और Symbiotec Pharmalab 1 सितंबर को लिस्ट होंगी।

Annu Projects 2 सितंबर को लिस्ट होगी। Lumino Industries की लिस्टिंग 3 सितंबर को होगी। ESDS Software Solution और Priority Jewels के शेयरों में 4 सितंबर से ट्रेडिंग शुरू होगी।

SME सेगमेंट में Madhur Knit Crafts और ABH Healthcare 1 सितंबर को NSE Emerge पर लिस्ट होंगी। Sumax Engineering की लिस्टिंग 2 सितंबर को होगी।

Kwick Forensic Solutions 3 सितंबर को BSE SME पर डेब्यू करेगी। Complete Sports & Management India और Paluck Technologies की लिस्टिंग 4 सितंबर को होगी।

Augmont Enterprises की तगड़ी होगी लिस्टिंग या फुस्स, ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Milky Mist IPO: 7 बातें, ₹1533 करोड़ के इश्यू में निवेश से पहले जानना है जरूरी

Milky Mist IPO: डेयरी प्रोडक्ट्स कंपनी मिल्की मिस्ट का कारोबार देश भर में फैला हुआ है। अब यह स्टॉक मार्केट में भी लिस्टिंग की तैयारी में है, जिसका ₹1533 करोड़ का आईपीओ मंगलवार 11 अगस्त को सब्सक्रिप्शन को खुलेगा। ग्रे मार्केट में इसके शेयरों की स्थिति तगड़ी दिख रही है और कंपनी की कारोबारी सेहत लगातार मजबूत हो रही है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी 7 अहम बातें बताई जा रही है, जिसे जान लें और फिर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लें।

1. प्राइस बैंड और लॉट साइज

आईपीओ खुलने के बाद मिल्की मिस्ट के ₹1,553 करोड़ के आईपीओ में ₹133-₹140 के प्राइस बैंड और 107 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकेंगे।

2. अहम डेट्स

मिल्की मिस्ट का आईपीओ 11 अगस्त को खुलेगा और 13 अगस्त को बंद होगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 14 अगस्त को फाइनल होगा। आईपीओ की सफलता के बाद फिर शेयरों की बीएसई और एनएसई पर 18 अगस्त को एंट्री होगी।

3. ग्रे मार्केट में स्थिति यानी GMP

ग्रे मार्केट में मिल्की मिस्ट के शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹27 यानी 19.29% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।

4. आईपीओ में कितने शेयर होंगे जारी

मिल्की मिस्ट के आईपीओ के तहत ₹1,428 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 89,28,570 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए इसके प्रमोटर्स सतीशकुमार टी और अनीत एस अपनी हिस्सेदारी हल्की करेंगे।

5. रजिस्ट्रार

मिल्की मिस्ट के आईपीओ का रजिस्ट्रार केफिनटेक है यानी कि शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसकी साइट पर स्टेटस देख सकेंगे कि मिल्की मिस्ट के आईपीओ के तहत कितने शेयर मिले। इसके अलावा बीएसई की साइट पर भी स्टेटस देख सकेंगे।

6. कैसे होगा आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल?

ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर यानी प्रमोटर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹496.86 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹469.24 करोड़ पेरुंदुरई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार और मॉडर्नाइजेशन, ₹155.31 करोड़ विसि कूलर्स, आइस क्रीम फ्रीजर्स और चॉकलेट कूलर्स और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

7. कंपनी के बारे में

मिल्की मिस्ट डेयरी फूड देश की सबसे तेज बढ़ रही पैकेज्ड फूड कंपनियों में है, जिसका फोकस प्रीमियम वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स पर है। यह अपने मुख्य ब्रांड मिल्की मिस्ट समेत स्मार्टशेफ, कैपेला, मिस्टी लाइट, ब्रियास और असल जैसे सब-ब्रांड्स के तहत चीज, पनीर, मक्खन, दही, घी, योगर्ट, आइसक्रीम, यूएचटी प्रोडक्ट्स, फ्रोजन फूड्स, रेडी-टू-ईट (RTE), रेडी-टू-कुक (RTC) फूड्स और चॉकलेट्स जैसे कई तरह के प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है। कंपनी फार्म-टू-कंज्यूमर इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल पर काम करती है, जिसमें किसानों से सीधे दूध लेकर यह एडवांस्ड ऑटोमेटेड मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं में इसकी प्रोसेसिंग करती है। अपने खुद के कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और मल्टी-चैनल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के जरिए इसके ग्राहक देश भर में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 155% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹127.01 करोड़ और टोटल इनकम 31% के सीएजीआर से ₹3,145.01 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹1,671.85 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹333.55 करोड़ पड़े थे।

लेट एंट्री लेकिन बने मार्केट लीडर, इन पांच ने खास तरीके से बदला मार्केट का मूड

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

2 और कंपनियों के IPO को SEBI से मंजूरी, BSE और NSE पर होंगे लिस्ट

2 और कंपनियों को अपना पब्लिक इश्यू लाने के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी से मंजूरी मिल गई है। ये कंपनियां हैं- नित्यास जेम्स एंड ज्वेलरी लिमिटेड और इंटेलियस रिकोड लिमिटेड। दोनों IPO को BSE और NSE पर लिस्ट कराने की तैयारी है। नित्यास जेम्स एंड ज्वेलरी सूरत, गुजरात की कंपनी है। इसने मार्च में IPO के ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे और उसे 23 जुलाई को सेबी की मंजूरी मिली। इसके ड्राफ्ट के अनुसार, कंपनी के प्रस्तावित IPO में 1.44 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। प्रमोटर्स या मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा।

कंपनी अपने IPO से हासिल पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इस पब्लिक इश्यू के लिए चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Bigshare Services Private Limited है।

Intellius Recode IPO

वहीं, इंटेलियस रिकोड ने मार्च में IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। उसे 24 जुलाई को सेबी से मंजूरी मिली। ड्राफ्ट के अनुसार, कंपनी के प्रस्तावित IPO में 117 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही 12.9 लाख शेयरों का OFS रहेगा। इस IPO के लिए Inga Ventures Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. है।

नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कंपनी के डिजिटल वर्कर्स के डेवलपमेंट, इससे जुड़ी सब-कॉन्ट्रैक्टिंग फीस के पेमेंट और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।इंटेलियस रिकोड एक टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर है। यह कॉरपोरेट ग्राहकों के डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन में मदद करती है। कंपनी टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग और आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस बेस्ड सॉल्यूशंस की पेशकश करती है। इनमें प्रोपराइटरी एजेंटिक AI बेस्ड डिजिटल वर्कर भी शामिल हैं।

Manipal Health IPO: ₹9275 करोड़ का इश्यू 29 जुलाई से, ₹560-₹590 है प्राइस बैंड; रहेंगे ₹8000 करोड़ के नए शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Management IPO: खुल गया ₹9813 करोड़ का इश्यू, ग्रे मार्केट में गिरी सेहत, निवेश से पहले जान लें ये 10 अहम बातें

SBI Funds Management IPO: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का ₹9813 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए आज खुल चुका है। पहले यह आईपीओ ₹11,693 करोड़ का था लेकिन प्री-आईपीओ राउंड में 30 बड़े निवेशकों से ₹1880 करोड़ जुटाने के बाद यह आईपीओ अब ₹9813 करोड़ है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी 10 अहम बातें बताई जा रही है, जिसे जान लें और फिर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लें।

1. प्राइस बैंड और लॉट साइज

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के ₹9813 करोड़ के आईपीओ में ₹545-₹574 के प्राइस बैंड और 26 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और एसबीआई के एंप्लॉयीज को हर शेयर ₹54 के डिस्काउंट पर मिलेगा। एसबीआई के शेयरहोल्डर्स के लिए कोई छूट नहीं है।

2. अहम डेट्स

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ आज 14 जुलाई को खुला है और 16 जुलाई को बंद होगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 17 जुलाई को फाइनल होगा। फिर बीएसई और एनएसई पर 21 जुलाई को एंट्री होगी।

3. एंकर बुक

आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने 129 एंकर निवेशकों से ₹2663 करोड़ जुटाए। इसके तहत ब्लैकरॉक, अबूधाबी इंवेस्टमेंट अथॉरिटी, मॉर्गन स्टैनले, गोल्डमैन सैक्स, सिटीग्रुप और गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर समेत अन्य एंकर निवेशकों को ₹574 के भाव पर 17.09 करोड़ शेयर जारी हुए हैं। इसमें से ₹991 करोड़ के 1.72 करोड़ शेयर एचडीएफसी एएमसी, एक्सिस म्यूचुअल फंड, टाटा म्यूचुअल फंड और मोतीलाल ओसवाल एएमसी समेत 23 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 70 स्कीम्स के जरिए जारी हुए हैं।

4. ग्रे मार्केट में स्थिति यानी GMP

ग्रे मार्केट में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों की स्थिति कमजोर हुई है और आईपीओ खुलने से पहले इसकी जीएमपी ₹110 तक चली गई थी। हालांकि अब यह आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹93 यानी 16.20% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।

5. आईपीओ में कितने शेयर होंगे जारी

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी होगा बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 17,09,56,631 शेयरों की बिक्री हो रही है। इसमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई और 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग बेच रहा है।

6. रजिस्ट्रार

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ का रजिस्ट्रार केफिन टेक है यानी कि शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसकी साइट पर जारी अलॉटमेंट स्टेटस देख सकेंगे कि कितने शेयर मिले। इसके अलावा बीएसई की साइट पर भी स्टेटस देख सकेंगे।

7. कैसे होगा आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल?

चूंकि यह इश्यू पीरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है तो आईपीओ का पैसा कंपनी को नहीं मिलेगा बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स एसबीआई और एमुंडी इंडिया को मिलेगा।

8. कंपनी के बारे में?

AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करती है। यह एसबीआई और एमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। यह इक्विटी फंड्स, डेट फंड्स, हाइब्रिड फंड्स, ईटीएफ और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) जैसे निवेश प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह र्16.32 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रही है जोकि म्यूचुअल फंड्स को कुल एयूएम का करीब 15.5% है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इंडिविजुअल और इंस्टीट्यूशनल मिलाकर इसके 1.60 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। इसके पोर्टफोलियो में 126 म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं।

9. कैसी है कारोबारी सेहत?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 21% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹3,067.38 करोड़ और टोटल इनकम भी इस दौरान 20% के सीएजीआर से उछलकर ₹4,976.11 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹326.73 करोड़ पड़े थे।

10. क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ पर ब्रोकरेजेज का रुझान पॉजिटिव है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में लीडरशिप पोजिशन, एसबीआई के दमदार डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के सपोर्ट, मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी और हाई ऑपरेटिंग मार्जिन के चलते ब्रोकरेजेज इसे लेकर बुलिश हैं। स्वास्तिक इंवेस्टमार्ट ने इसे सब्सक्राइब रेटिंग दी है तो अरिहंत कैपिटल ने भी लॉन्ग टर्म के लिए इसे सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।

अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर पड़ सकता है भारी

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Happy Steels या Devson Catalyst, किसके IPO में लगाएं पैसे, 13 जुलाई को आखिरी मौका

IPO News: हैप्पी स्टील्स और देवसन कैटेलिस्ट के आईपीओ में कल यानी 13 जुलाई को पैसा लगाने का आखिरी मौका है। ये दोनों इश्यू पूरी तरह ओवरसब्सक्राइब हो चुके हैं लेकिन देवसन कैटेलिस्ट के आईपीओ को अधिक बेहतर रिस्पांस मिलता दिख रहा है। ग्रे मार्केट में भी इसकी सेहत अधिक मजबूत है। ग्रे मार्केट में हैप्पी स्टील्स आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹14 यानी 21.21% और देवसन कैटेलिस्ट ₹45 यानी 38.14% की जीएमपी पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय किसी आईपीओ में बोली लगाने से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स पर ध्यान देना चाहिए। इनके लिस्टिंग की बात करें तो हैप्पी स्टील के शेयर एनएसई एसएमई पर और देवसन कैटेलिस्ट के शेयर बीएसई एसएमई पर 16 जुलाई को लिस्ट होंगे।

Happy Steels IPO

ऑटोमोटिव फॉर्ज्ड एंड मशीन्ड कंपोनेंट्स के लिए एक्सल्स बनाने वाली हैप्पी स्टील्स के ₹25 करोड़ के आईपाओ में ₹62-₹66 के प्राइस बैंड और 2000 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। अभी तक यह इश्यू 3.14 गुना भर चुका है जिसमें QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स) के हिस्से को 0.63 गुना, NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) के हिस्से को 5.40 गुना और खुदरा निवेशकों के आरक्षित हिस्से को 3.61 गुना बोली मिली है। इस इश्यू के तहत 37.88 लाख लाख नए शेयर जारी होंगे। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा उठा-पटक के साथ 14% के सीएजीआर से बढ़कर ₹7.10 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 5% की रफ्तार से बढ़कर ₹96.57 करोड़ पर पहुंच गया।

Devson Catalyst IPO

ऑयल और गैस रिफाइनरीज, पेट्रोकेमिकल्स, स्टील, फर्टिलाइजर्स और अन्य इंडस्ट्रियल प्रोसेसिंग सेक्टर्स के लिए कैटेलिस्ट्स एडजॉर्बेंट्स और सेरामिक बाल बनाने वाली देवसन कैटेलिस्ट के ₹42 करोड़ के आईपीओ में ₹112-₹118 और 1200 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। ओवरऑल यह इश्यू 29.35 गुना सब्सक्राब हो चुका है जिसमें से QIB के आरक्षित हिस्से को 2.60 गुना, एनआईआई के हिस्से को 36.48 गुना, इंडिविजुअल इंवेस्टर्स के हिस्से को 42.92 गुना और एंप्लॉयीज के हिस्से को 0.81 गुना बोली मिली है। इस इश्यू के तहत ₹39 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत 2.5 लाख शेयरों की बिक्री होगी। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना 45% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹12.52 करोड़ और टोटल इनकम भी 9% के सीएजीआर से बढ़कर ₹56.84 करोड़ पर पहुंच गया।

SBI Funds Management IPO: प्री-IPO राउंड के बाद साइज घटकर ₹9813 करोड़

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।