Happy Steels या Devson Catalyst, किसके IPO में लगाएं पैसे, 13 जुलाई को आखिरी मौका

IPO News: हैप्पी स्टील्स और देवसन कैटेलिस्ट के आईपीओ में कल यानी 13 जुलाई को पैसा लगाने का आखिरी मौका है। ये दोनों इश्यू पूरी तरह ओवरसब्सक्राइब हो चुके हैं लेकिन देवसन कैटेलिस्ट के आईपीओ को अधिक बेहतर रिस्पांस मिलता दिख रहा है। ग्रे मार्केट में भी इसकी सेहत अधिक मजबूत है। ग्रे मार्केट में हैप्पी स्टील्स आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹14 यानी 21.21% और देवसन कैटेलिस्ट ₹45 यानी 38.14% की जीएमपी पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय किसी आईपीओ में बोली लगाने से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स पर ध्यान देना चाहिए। इनके लिस्टिंग की बात करें तो हैप्पी स्टील के शेयर एनएसई एसएमई पर और देवसन कैटेलिस्ट के शेयर बीएसई एसएमई पर 16 जुलाई को लिस्ट होंगे।

Happy Steels IPO

ऑटोमोटिव फॉर्ज्ड एंड मशीन्ड कंपोनेंट्स के लिए एक्सल्स बनाने वाली हैप्पी स्टील्स के ₹25 करोड़ के आईपाओ में ₹62-₹66 के प्राइस बैंड और 2000 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। अभी तक यह इश्यू 3.14 गुना भर चुका है जिसमें QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स) के हिस्से को 0.63 गुना, NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) के हिस्से को 5.40 गुना और खुदरा निवेशकों के आरक्षित हिस्से को 3.61 गुना बोली मिली है। इस इश्यू के तहत 37.88 लाख लाख नए शेयर जारी होंगे। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा उठा-पटक के साथ 14% के सीएजीआर से बढ़कर ₹7.10 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 5% की रफ्तार से बढ़कर ₹96.57 करोड़ पर पहुंच गया।

Devson Catalyst IPO

ऑयल और गैस रिफाइनरीज, पेट्रोकेमिकल्स, स्टील, फर्टिलाइजर्स और अन्य इंडस्ट्रियल प्रोसेसिंग सेक्टर्स के लिए कैटेलिस्ट्स एडजॉर्बेंट्स और सेरामिक बाल बनाने वाली देवसन कैटेलिस्ट के ₹42 करोड़ के आईपीओ में ₹112-₹118 और 1200 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। ओवरऑल यह इश्यू 29.35 गुना सब्सक्राब हो चुका है जिसमें से QIB के आरक्षित हिस्से को 2.60 गुना, एनआईआई के हिस्से को 36.48 गुना, इंडिविजुअल इंवेस्टर्स के हिस्से को 42.92 गुना और एंप्लॉयीज के हिस्से को 0.81 गुना बोली मिली है। इस इश्यू के तहत ₹39 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत 2.5 लाख शेयरों की बिक्री होगी। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना 45% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹12.52 करोड़ और टोटल इनकम भी 9% के सीएजीआर से बढ़कर ₹56.84 करोड़ पर पहुंच गया।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Happy Steels IPO: 9 जुलाई को खुलेगा हैपी स्टील्स का आईपीओ, जानिए इश्यू के बारे में सबसे जरूरी बातें

Happy Steels IPO: हैपी स्टील्स का आईपीओ 9 जुलाई को खुल जाएगा। यह पंजाब की कंपनी है, जो प्रिसिजन ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी आईपीओ में 37.88 लाख नए शेयर इश्यू करेगी। इसका मतलब है कि इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) नहीं होगा। अगले हफ्ता आईपीओ के लिहाज से काफी व्यस्तता वाला होगा। अगले हफ्ते 3 आईपीओ आने वाले हैं। इनमें से एक मेनबोर्ड सेगमेंट का आईपीओ होगा।

Happy Steels ने 62-66 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इस आधार पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 94 करोड़ रुपये होगी। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी इस इश्यू से 25 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू 8 जुलाई को खुल जाएगा। यह इश्यू 11 जुलाई को बंद होगा।

कंपनी एक्सल्स, लॉन्ग स्पिलिन शॉफ्ट्स और स्पिंडल्स की सप्लाई ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) को करती है। यह घरेलू कंपनियों के साथ ही विदेश कंपनियों को भी अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है। कंपनी से आईपीओ से आए पैसे में से 13.15 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने मौजूदा प्लांट्स की क्षमता बढ़ाने के लिए करेगी। इसके लिए वह नई मशीनें खरीदने वाली है।

हैपी स्टील्स आईपीओ से आए पैसे में से 4.98 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल वह सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी। इस साल मार्च के अंत में कटिंग प्रोसेस के लिए कंपनी की उत्पादन क्षमता सालाना 8,640 मीट्रिक टन की थी। फोर्जिंग प्रोसेस की इसकी क्षमता 7,776 मीट्रिक टन थी।

वित्त वर्ष 2025-26 में हैपी स्टील्स ने 7.1 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। यह एक साल पहले के 2.3 करोड़ रुपये के उसके मुनाफे के तीन गुना से ज्यादा है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 15.2 फीसदी बढ़कर 94.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले रेवेन्यू 82.1 करोड़ रुपये था।

हैपी स्टील्स के शेयर 16 जुलाई को एनएसई इमर्ज प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे। कंपनी ने शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज और मास्टर कैपिटल सर्विसेज को बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स नियुक्त किया है। कंपनी का आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब शेयर बाजारों में रिकवरी दिखी है। इस हफ्ते शेयर बाजारों में लगातार तीन दिन तेजी दिखी। इससे बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है और निवेशकों का हौसला बढ़ा है।