Adroit Industries Share Price: IPO को 176 गुना बोली, अब ₹134 का शेयर 87% प्रीमियम पर लिस्ट

Adroit Industries IPO Listing: गाड़ियों के ड्राइवरट्रेन/ड्राइवलाइव सिस्टम के लिए पावर ट्रांसफर पार्ट्स बनाने वाली एंड्रॉयट इंडस्ट्रीज के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 176 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹134 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹250.00 और NSE पर ₹235.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 87% तक का लिस्टिंग गेन (Adroit Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹248.35 (Adroit Industries Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 85.34% मुनाफे में हैं।

Adroit Industries IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एड्रॉयट इंडस्ट्रीज का ₹151 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 176.85 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 195.04 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 332.35 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 99.81 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹133 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले ₹140 करोड़ के 13.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹19.91 करोड़ मशीनरी और इक्विपमेंट के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के बीच ट्रांसपोर्ट के लिए गाड़ियों की खरीदारी, ₹43.96 करोड़ सब्सिडियरी में मशीनरी और गाड़ियों खरीदारी के लिए निवेश, ₹24.12 करोड़ सब्सिडियरी में कर्ज हल्का करने के लिए निवेश और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Adroit Industries के बारे में

एड्रॉयट इंडस्ट्रीज मुख्य रूप से गाड़ियों के ड्राइवरट्रेन/ड्राइवलाइव सिस्टम के लिए पावर ट्रांसफर पार्ट्स बनाती है। इसके मुख्य प्रोडक्ट्स प्रोपेलर शॉफ्ट्स, टॉर्क-ट्रांसमिशन कंपोनेंट्स, फॉर्ज्ड कंपोनेंट्स, प्रिसिजन-मशीन्ड कंपोनेंट्स और कंप्ल्टी प्रोपेलर शॉफ्ट एसेंबलीज हैं। यह एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड कंपनी है यानी कि कच्चे माल से लेकर फाइनल प्रोडक्ट की टेस्टिंग तक का अधिकतर काम अपने मैन्युफैक्चरिंग सेटअप में करती है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कमर्शियल गाड़ियों, एसयूवी, डिफेंस वेईकल्स, इमरजेंसी/सर्विस वेईकल्स, हैवी इक्विपमेंट, ऑफ-हाईवे मशीनरी और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस में होता है। इसके प्रोडक्ट्स का 32 से अधिक देशों को निर्यात भी होता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 34% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹26.16 करोड़ और टोटल इनकम 7% के सीएजीआर से ₹143.04 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹52.40 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹105.59 करोड़ पड़े थे।

 

Adroit Industries IPO: 23 सितंबर को खुलेगा ₹151 करोड़ का एक और इश्यू, ग्रे मार्केट में अभी से 26% उछला शेयर

मेनबोर्ड सेगमेंट में एड्रोइट इंडस्ट्रीज अपना ₹150.71 करोड़ का पब्लिक इश्यू ला रही है। इसमें ₹132.62 करोड़ के 98.97 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹18.09 करोड़ के 13.50 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में प्रमोटर मुकेश सांगला (HUF) की ओर से शेयर बिक्री के लिए रखे जाएंगे। IPO की ओपनिंग 23 सितंबर को होगी। प्राइस बैंड ₹126-₹134 प्रति शेयर और लॉट साइज 111 शेयर है। एंकर इनवेस्टर 22 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। 25 सितंबर को इश्यू बंद होने के बाद अलॉटमेंट 28 सितंबर को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 30 सितंबर को हो सकती है।

इस IPO के लिए चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है। पब्लिक इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

क्या करती है Adroit Industries

एड्रोइट इंडस्ट्रीज (इंडिया) लिमिटेड ड्राइवलाइन सिस्टम्स में इस्तेमाल होने वाले प्रोपेलर शाफ्ट और टॉर्क-ट्रांसमिशन पार्ट्स बनाती और सप्लाई करती है। कंपनी 5,000 से ज्यादा SKUs का पोर्टफोलियो ऑफर करती है, जिसमें प्रिसिशन-मशीन्ड टॉर्क-ट्रांसमिशन कंपोनेंट्स, कंप्लीट प्रोपेलर शाफ्ट असेंबलीज और फोर्ज्ड कंपोनेंट्स शामिल हैं। इसकी वर्टिकली इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में फोर्जिंग, प्रिसिशन मशीनिंग, हीट ट्रीटमेंट, असेंबली, बैलेंसिंग और टेस्टिंग शामिल हैं, जिससे प्रोडक्शन प्रोसेस पर पूरा कंट्रोल बना रहता है।

कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को डिस्ट्रीब्यूटर्स, टियर-1 ड्राइवलाइन कंपोनेंट सप्लायर्स और सीधे ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को कस्टमर्स की खास टेक्निकल जरूरतों के आधार पर सप्लाई करती है। इसके प्रोडक्ट्स मुख्य रूप से कमर्शियल गाड़ियों के साथ-साथ SUVs, डिफेंस और इमरजेंसी सर्विसेज, हैवी इक्विपमेंट, ऑफ-हाइवे मशीनरी और इंडस्ट्रियल कामों के लिए इस्तेमाल होते हैं। कंपनी की एक्सपोर्ट में अच्छी मौजूदगी है और यह नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, लैटिन अमेरिका, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और एशिया-पैसिफिक में कस्टमर्स को प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

एड्रोइट इंडस्ट्रीज का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025-26 में 5 प्रतिशत बढ़कर 143 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 26.16 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर 52.40 करोड़ रुपये की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 के दौरान रेवेन्यू 136.61 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 18.14 करोड़ रहा। IPO में नए शेयर जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल देवास फैसिलिटी के लिए मशीनरी व इक्विपमेंट खरीदने के लिए, मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के बीच सामान की आवाजाही के लिए ट्रांसपोर्टेशन व्हीकल खरीदने के लिए, सब्सिडियरीज में डेट या इक्विटी के तौर पर निवेश के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

ग्रे मार्केट में एड्रोइट इंडस्ट्रीज का शेयर अभी से 26.12 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।