Bonus Share: मोल्ड-टेक ग्रुप की दो कंपनियां देंगी बोनस शेयर, 9 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट; 6 महीनों में 80% तक रिटर्न

मोल्ड-टेक ग्रुप की दो कंपनियां बोनस शेयर देने जा रही हैं। ये कंपनियां हैं- मोल्ड-टेक पैकेजिंग और मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीस। दोनों कंपनियों ने इस कॉरपोरेट एक्शन की घोषणा अगस्त महीने में की थी। दोनों के बोनस इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट 9 अक्टूबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे बोनस शेयर पाने के हकदार होंगे।

मोल्ड-टेक पैकेजिंग और मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीस के शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर एक शेयर पर 1 नया शेयर बोनस के तौर पर मिलने वाला है। मोल्ड-टेक पैकेजिंग के शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है, जबकि मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीस के शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। दोनों कंपनियों की ओर से बोनस शेयरों का अलॉटमेंट 12 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।

Mold-Tek Technologies का शेयर 6 महीनों में 80 प्रतिशत मजबूत

Mold-Tek Technologies के शेयर की वर्तमान में BSE पर कीमत 203.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 586 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 3 महीनों में 50 प्रतिशत और 6 महीनों में 80 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 227.20 रुपये और एडजस्टेड लो 101.30 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.47 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Mold-Tek Tech का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 45.52 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 10 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 142.81 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 10.58 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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Mold-Tek Packaging 6 महीनों में 30 प्रतिशत बढ़ा

दूसरी ओर Mold-Tek Packaging के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 659.10 रुपये है। यह शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी का मार्केट कैप 2200 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 830.35 रुपये और एडजस्टेड लो 453.80 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 30 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 33.21 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Mold-Tek Packaging का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 300.45 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 25.57 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 886.61 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 72.87 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Copper News: कमोडिटी ट्रेडर्स के लिए बिग अलर्ट, कॉपर में मई के बाद की सबसे बड़ी वीकली गिरावट

Copper News: शेयर मार्केट में हाहाकार मचा हुआ ही है, कमोडिटी मार्केट में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। निफ्टी (Nifty) वीकली लेवल पर लगातार आठ हफ्ते कमजोर हुआ है और इतनी लंबी गिरावट 25 साल बाद दिखी है। अब कमोडिटी मार्केट में बात करें तो कॉपर जो धड़ाधड़ ऊपर भाग रहा था, अब मई के बाद से सबसे बड़ी वीकली गिरावट की तरफ बढ़ रहा है। शुक्रवार को डॉलर में गिरावट के साथ लंदन मेटल एक्सचेंज पर इसके फ्यूचर्स प्रति टन $14,300 प्रति टन से ऊपर चले गए, लेकिन फिर भी वीकली लेवल पर हफ्ते की समाप्ति पर इसमें लगभग 2% की गिरावट रहने के आसार हैं।

क्यों फीका पड़ा Copper?

एनर्जी की लागत में बढ़ोतरी और चीन के लड़खड़ाते इंडस्ट्रियल सेक्टर की वजह से मांग कम होने के डर से कॉपर को झटका लगा। एनर्जी की लागत इसलिए बढ़ रही है क्योंकि पश्चिमी एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने तेल की सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया हुआ है, जिससे यह उबल पड़ा और कॉपर को भी इसकी आंच महसूस हुई। इसके अलावा चीन में इंडस्ट्रियल कमजोरी के आंकड़ो ने भी कॉपर पर दबाव बनाया।

अभी कितना टूटेगा भाव?

चीन में इंडस्ट्रियल एक्टिविटीज की कमजोर और कच्चे तेल में उबाल ने कॉपर को नरम किया है लेकिन सप्लाई की कमी के कारण कीमतें ऊपरी लेवल पर बनी हुई है यानी कि इसमें अधिक गिरावट की गुंजाइश नहीं दिख रही है। रिफाइंड मेटल पर अमेरिकी टैरिफ के डर से ट्रेडर्स ने लाखों टन मेटल अमेरिका भेजा है, जिससे दूसरी जगहों पर कमी का खतरा पैदा हो गया है। चिली की एक बड़ी खदान में भी हड़ताल चल रही है।

बैंक ऑफ अमेरिका कॉरपोरेशन के एनालिस्ट्स ने अपने नोट में जिक्र किया है कि जब तक पश्चिमी एशिया में युद्ध जारी रहेगा, बेस मेटल्स में बढ़ोतरी सीमित हो सकती है लेकिन एल्युमीनियम, कॉपर और निकेल की सप्लाई में कमी से कीमतों को सपोर्ट मिलना चाहिए।

अभी अमेरिका में सितंबर महीने का रोजगार डेटा आना है, जिसमें मार्केट का अनुमान है कि हायरिंग में बड़ी सुस्ती देखने को मिल सकती है। यह आंकड़ा आज शुक्रवार को आना है। इसमें सुस्ती का असर ये होगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अपनी मौद्रिक नीतियों को और सख्त करने की संभावना फीकी होगी, जो कॉपर के लिए पॉजिटिव हो सकता है।

Orient Cables IPO: ग्रे मार्केट में तूफानी चाल, आईपीओ को 97 गुना बोली के बाद अब धांसू लिस्टिंग की तैयारी

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Orient Cables IPO: ग्रे मार्केट में तूफानी चाल, आईपीओ को 97 गुना बोली के बाद अब धांसू लिस्टिंग की तैयारी

Orient Cables IPO: देश की चार सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग केबल कंपनियों में शुमार ओरिएंट केबल्स के ₹552 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला। ओवरऑल 97 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन के बाद इसके शेयर अलॉट हो चुके हैं और अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार है। जिन्हें इसके शेयर मिले हैं, उनके खाते में यह 1 अक्टूबर को क्रेडिट हो गया और अब 5 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग है।

लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से मजबूत संकेत नहीं मिल रहे हैं और GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹107 यानी 39.34% है यानी कि 39% से अधिक के लिस्टिंग गेन की गुंजाइश दिख रही है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं।

Orient Cables IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

ओरिएंट केबल्स का ₹552 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 25-29 सितंबर तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹258-₹272 था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 97.28 गुना सब्सक्राइब हुआ है। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 192.68 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 121.90 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 32.21 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले ₹232 करोड़ के 85,29,409 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹91.50 करोड़ मशीनरी और इक्विपमेंट की खरीदारी और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के सिविल वर्क्स, ₹155.50 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹48.34 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹42.53 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Orient Cables के बारे में

ओरिएंट केबल्स इंटरनेट, नेटवर्किंग, डेटा सेंटर, टेलीकॉम, सोलर, EV और दूसरी इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली केबल और नेटवर्किंग उपकरण बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो CAT5, CAT5e, CAT6 और CAT6A नेटवर्किंग केबल्स, पैच कॉर्ड्स, सीसीटीवी और कोएक्सियल केबल्स, इंस्ट्रूमेशन और कंट्रोल केबल्स, पावर केबल्स, ऑप्टिकल फाइबर केबल्स, फाइबर पैच कॉर्ड्स, कीस्टोन जैक्स, पावर स्ट्रिप्स और पावर कॉर्ड्स हैं। इसके अलावा कंपनी ने कुछ नए प्रोडक्ट्स भी जोड़े हैं, जैसे कि ई-बीम इर्रेडिएटेड स्पेशल्टी केबल्स, सोलर जंक्शन बॉक्स, टेथर्ड ड्रोन सिस्टम्स, केबल हार्नेसेज, ईवी चार्जिंग केबल्स, ईवी चार्जिंग गन्स और पावर कॉर्ड्स। नेटवर्किंग केबल मार्केट में इसका दबदबा तेजी से बढ़ा है और मार्केट शेयर वित्त वर्ष 2022 में करीब 16% से वित्त वर्ष 2026 में 22.9% पर पहुंच गया।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 16% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹53.56 करोड़ और टोटल इनकम 33% से अधिक के सीएजीआर से ₹1,181.67 करोड़ पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंपनी को ₹32.78 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹490.94 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹258.46 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹257.35 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bajaj Finance Shares: ₹17500 जुटाने का प्लान, दो रास्ते से आएगा बजाज फाइनेंस में झमाझम पैसा, लेकिन एक में है पेच

Bajaj Finance Shares: बजाज ग्रुप की नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस के बोर्ड ने ₹5800 करोड़ के कंवर्टिबल वारंट जारी करने की मंजूरी दे दी है। ये वारंट इसकी प्रमोटर और होल्डिंग कंपनी बजाज फिनसर्व को जारी होंगे और इसे बाद में इक्विटी शेयरों में बदला जा सकेगा। इसके अलावा बोर्ड ने इसे QIP (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) के जरिए ₹11700 करोड़ जुटाने की मंजूरी दी है। इस प्रकार एनबीएफसी की योजना दो तरीकों से कुल मिलाकर ₹17500 करोड़ जुटाने की है। कंपनी ने 1 अक्टूबर की देर रात एक्सचेंज फाइलिंग में इनकी जानकारी दी।

अब इसका असर 5 अक्टूबर को स्टॉक मार्केट खुलने पर शेयरों पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 1 अक्टूबर को बीएसई पर 1.24% की गिरावट के साथ ₹949.35 पर बद हुआ था।

वारंट को लेकर क्या है Bajaj Finance का प्लान

बजाज फाइनेंस के बोर्ड ने प्रमोटर और होल्डिंग कंपनी बजाज फिनसर्व को कंवर्टिबल वारंट जारी कर ₹5800 करोड़ जुटाने की मंजूरी दी है। ये वारंट ₹1 की फेस वैल्यू वाले शेयरों में बदले जा सकेंगे। इसका पेमेंट दो चरणों में होगा। 25% पैसा वारंट एलॉट होने के समय कंपनी को मिलेगा तो बाकी 75% पैसा इसे शेयरों में बदलने के समय। इसका इश्यू प्राइस अभी तय नहीं हुआ है।

QIP को लेकर क्या है प्लान

बजाज फाइनेंस की योजना QIP इश्यू के जरिए ₹11700 करोड़ जुटाने की है। इसके तहत म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस कंपनियों जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों को ₹1 की फेस वैल्यू इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

बजाज फाइनेंस के शेयरों ने इस साल जियो-पॉलिटिकल लेवल पर अस्थिरता और टैरिफ की आंच के बीच निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। 23 मार्च 2026 को बीएसई पर यह ₹788.40 पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से ₹5 ही महीने में यह 49.37% चढ़कर 3 अगस्त 2026 को ₹1,177.60 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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Bajaj Finance पहुंचा आठ महीने के हाई पर, लगातार पांचवे दिन उछले शेयर, अब ये है अगला ट्रिगर

Bajaj Finance Share Price: बजाज ग्रुप की बजाज फाइनेंस के शेयर लगातार पांचवे कारोबारी दिन ऊपर चढ़ा है। इन पांच दिनों की तेजी के साथ आठ कारोबारी दिनों में यह 14 जुलाई को डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट को छोड़ बाकी सात दिन यह मजबूत हुआ। आज की बात करें तो यह करीब 1% उछलकर आठ महीने के हाई पर पहुंच गया और अब रिकॉर्ड हाई से काफी करीब आ चुका है। अभी की बात करें तो बजाज फाइनेंस के शेयर बीएसई पर फिलहाल 0.29% की बढ़त के साथ ₹1067.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.98% उछलकर ₹1,074.40 तक पहुंचा था।

जून में 11% से अधिक की बढ़त के बाद इस महीने अब तक यह 6% से अधिक उछल चुका है। इसके साथ ही पिछले साल सितंबर-अक्टूबर के बाद पहली बार लगातार दूसरे महीने यह मजबूती दिखा रहा है। हालांकि इस तेजी के साथ बजाज फाइनेंस का RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 71 हो गया यानी कि यह ओवरबॉट कैटेगरी में पहुंच गया। आरएसआई के 70 के ऊपर होने का मतलब स्टॉक का ओवरबॉट होना है।

क्यों चढ़ रहा Bajaj Finance का शेयर और अब आगे क्या है ट्रिगर?

बजाज फाइनेंस ने इस महीने की शुरुआत में जून 2026 तिमाही का बिजनेस अपडेट पेश किया था जिससे शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है। इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बजाज फाइनेंस का AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) 23.9% बढ़कर ₹5.46 लाख करोड़ पर पहुंच गया तो डिपॉजिट्स भी करीब 15% उछलकर ₹72,109 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में रिकॉर्ड 51 लाख नए ग्राहक जोड़े और अब इसकी कस्टमर फ्रेंचाइजी 12.44 करोड़ पर पहुंच गई। जून तिमाही के आखिरी में कंपनी का डिपॉजिट बुक ₹68,500 करोड़ था।

बजाज फाइनेंस के लिए अब अगला ट्रिगर 30 जुलाई को आने वाला है, जिस दिन पूरी तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश करेगी। नतीजे के साथ-साथ इस वित्त वर्ष 2027 के लिए गाइडेंस पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। अपनी एसेट क्वालिटी पर ध्यान देने के लिए बजाज फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को कम कर दिया था। कंपनी ने ग्रोथ के मामले में इस अनुमान को पहले के 25%-30% से घटाकर 22%-24% और नए कस्टमर जोड़ने के मामले में 1.5 करोड़-1.7 करोड़ कर दिया था।

एक साल में कैसी रही बजाज फाइनेंस की चाल

बजाज फाइनेंस के शेयरों ने निवेशकों को करारा झटका दिया। पिछले साल बीएसई पर 23 अक्टूबर 2025 को यह ₹1,102.45 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 ही महीने में यह 28.49% फिसलकर 23 मार्च 2026 को ₹788.40 पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।