DRDO Missile: सरकार ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को मंजूरी दी, इन 7 डिफेंस स्टॉक्स पर रखें नजर

DRDO Missile: भारत के डिफेंस सेक्टर के लिए 25 अगस्त का दिन अहम रहा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO की डेवलप सभी पारंपरिक मिसाइल सिस्टम्स की टेक्नोलॉजी भारतीय कंपनियों को ट्रांसफर करने को मंजूरी दे दी। इससे देश में मिसाइलों का प्रोडक्शन बढ़ाने और विदेशी हथियारों पर निर्भरता घटाने का रास्ता खुलेगा।

इसका फायदा सिर्फ मिसाइल बनाने वाली कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। रडार, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉन्चर, गाइडेंस सिस्टम और दूसरे उपकरण बनाने वाली कंपनियों को भी नए ऑर्डर मिल सकते हैं। हालांकि, हर कंपनी को टेक्नोलॉजी या ऑर्डर मिलेगा, यह अभी तय नहीं है। कंपनियों को योग्यता और दूसरी जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी।

Bharat Dynamics

इस खबर से सबसे सीधा जुड़ा नाम सरकारी डिफेंस कंपनी भारत डायनेमिक्स यानी BDL है। कंपनी पहले से DRDO की कई मिसाइलों का उत्पादन करती है। आकाश, नाग, अस्त्र और MRSAM जैसी मिसाइल प्रणालियों से इसका कारोबार जुड़ा है।

देश में मिसाइल उत्पादन बढ़ता है तो BDL को नए ऑर्डर मिलने का फायदा हो सकता है। कंपनी के पास पहले से जरूरी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और अनुभव भी है। हालांकि, निजी कंपनियों की एंट्री से आगे प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।

Bharat Electronics

सरकारी कंपनी BEL सिर्फ मिसाइल नहीं बनाती। मिसाइल सिस्टम में रडार, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंट्रोल सिस्टम भी जरूरी होते हैं। इस हिस्से में BEL की मजबूत मौजूदगी है।

आकाश और MRSAM जैसे सिस्टम में कंपनी की अहम भूमिका है। इसलिए मिसाइल उत्पादन बढ़ने के साथ रडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की मांग बढ़ी तो BEL को भी फायदा मिल सकता है।

L&T

प्राइवेट सेक्टर में L&T बड़ा नाम है। कंपनी मिसाइल सिस्टम, लॉन्चर, रडार और एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़े काम करती है। आकाश मिसाइल के लिए भी कंपनी कई अहम हिस्सों का उत्पादन कर चुकी है।

सरकार अगर प्राइवेट कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ाती है तो L&T मजबूत दावेदार हो सकती है। कंपनी के पास बड़े डिफेंस प्रोजेक्ट संभालने का अनुभव और क्षमता दोनों हैं।

Bharat Forge

भारत फोर्ज का डिफेंस कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। Kalyani Strategic Systems के जरिए कंपनी हथियार, गोला-बारूद, एयर डिफेंस और दूसरे डिफेंस सिस्टम पर काम करती है।

मिसाइल और एयर डिफेंस का उत्पादन बढ़ा तो कंपनी को नए मौके मिल सकते हैं। इसे सीधे मिसाइल कंपनी की बजाय बड़े डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्ले के तौर पर देखना बेहतर होगा।

Solar Industries

प्राइवेट सेक्टर की Solar Industries डिफेंस में प्रोपेलेंट, विस्फोटक और दूसरे हाई-एनर्जी मटेरियल बनाती है। कंपनी ब्रह्मोस मिसाइल के लिए प्रोपेलेंट से जुड़े काम में भी रही है।

मिसाइलों का प्रोडक्शन बढ़ेगा तो उनके लिए जरूरी सामग्री की मांग भी बढ़ सकती है। इसलिए Solar को मिसाइल सप्लाई चेन के एक अहम खिलाड़ी के तौर पर देखा जा सकता है।

Data Patterns

डेटा पैटर्न्स डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स पर काम करती है। कंपनी रडार, गाइडेंस सिस्टम, टेस्टिंग सिस्टम और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाती है।

मिसाइलों में लगे सीकर और गाइडेंस सिस्टम काफी अहम होते हैं। इसलिए मिसाइल उत्पादन बढ़ने पर ऐसे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की मांग बढ़ सकती है।

Astra Microwave

Astra Microwave रडार और रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम बनाती है। मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम में इनकी अहम भूमिका होती है।

इसलिए मिसाइल उत्पादन बढ़ने का फायदा सीधे न सही, लेकिन डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स की बढ़ती मांग के जरिए कंपनी को मिल सकता है।

एक नजर में

कंपनीमुख्य फायदा
भारत डायनेमिक्समिसाइल उत्पादन
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स
रडार और इलेक्ट्रॉनिक्स

L&T
मिसाइल और एयर डिफेंस

भारत फोर्जडिफेंस मैन्युफैक्चरिंग
Solar Industriesप्रोपेलेंट और विस्फोटक
Data Patternsमिसाइल इलेक्ट्रॉनिक्स
Astra Microwaveरडार और रेडियो फ्रीक्वेंसी

निवेशकों के लिए जरूरी बात

अभी इसे सीधे शेयर खरीदने का संकेत नहीं मानना चाहिए। सरकार ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को मंजूरी दी है। आगे कंपनियों का चयन होगा। फिर प्रोडक्शन और ऑर्डर की तस्वीर साफ होगी।

फिलहाल BDL, BEL, L&T, भारत फोर्ज, Solar Industries, Data Patterns और Astra Microwave पर नजर रखी जा सकती है। असली फायदा किसे मिलेगा, यह आने वाले ऑर्डर और उनके असर से कंपनी की कमाई पर पता चलेगा।

Market Mantra : कंप्लीट सर्किल के गुरमीत चड्ढा से जाने, किन सेक्टर्स और शेयरों पर फोकस करना बेहतर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock To Buy: ₹18,000 करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर ने इन 4 शेयरों को लगाए पंख, 13% तक चढ़े, चेक करें लिस्ट

Stock To Buy: शुक्रवार, 21 अगस्त को वेल्सपन कॉर्प लिमिटेड (Welspun Corp Ltd.), रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (RailTel Corporation of India Ltd.), सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड  (Saatvik Green Energy Ltd) और डेटा पैटर्न्स लिमिटेड (Data Patterns Ltd). के शेयरों में 13% तक की बढ़त देखी गई। यह बढ़त उन्हें मिले ऑर्डर की वजह से मिली, जिनकी कुल कीमत ₹18,000 करोड़ से ज़्यादा है।

Data Patterns

Data Patterns (India) Ltd. ने शुक्रवार को बताया कि उसे Bharat Electronics Ltd. (BEL) से रडार इलेक्ट्रॉनिक्स की सप्लाई के लिए ₹585.76 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

कंपनी ने आगे बताया कि 30 जुलाई को जब उसने एक्सचेंज को अपने ₹2,654 करोड़ के ऑर्डर बुक स्टेटस के बारे में जानकारी दी थी, तब से उसे ₹771.08 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इसमें शुक्रवार को बताया गया ऑर्डर भी शामिल है।

₹771.08 करोड़ के ऑर्डर में से, ₹745.93 करोड़ के ऑर्डर को 30 जुलाई, 2026 को की गई घोषणा में “बातचीत हो चुकी है और अभी मिलना बाकी है” (negotiated and yet to be received) की श्रेणी में रखा गया था। बाकी ₹25.15 करोड़ के ऑर्डर नए हैं।

Data Patterns के शेयर 6.4% बढ़कर ₹4,998.9 पर ट्रेड कर रहे हैं। शुक्रवार की इस बढ़त के साथ, यह स्टॉक इस साल अब तक 93% ऊपर है।

RailTel Corporation of India

कंपनी ने गुरुवार को बताया कि उसे Western Coalfields से MPLS VPN (मल्टीप्रोटोकॉल लेबल स्विचिंग वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) बनाने के लिए लगभग ₹165 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

यह ऑर्डर Western Coalfields के लिए 60 महीनों के लिए किराए के आधार पर MPLS VPN नेटवर्क बनाने का है। कंपनी ने कहा कि इसे 20 सितंबर, 2031 तक पूरा किया जाना है।

RailTel के शेयर शुक्रवार को 2.3% बढ़कर ₹287.1 पर ट्रेड कर रहे हैं। यह स्टॉक इस साल अब तक 23% नीचे है।

Saatvik Green Energy

Saatvik Green Energy की मुख्य सब्सिडियरी Saatvik Solar Industries को देश की एक जानी-मानी इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर कंपनी से सोलर PV मॉड्यूल की सप्लाई के लिए ₹190 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इसे कमर्शियल ऑर्डर माना गया है और इसे मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है।

ऑर्डर मिलने की घोषणा के बाद शुक्रवार को सात्विक ग्रीन एनर्जी के शेयर 3.8% बढ़कर ₹415.4 पर ट्रेड कर रहे हैं। इस साल अब तक स्टॉक में 10% की बढ़त हुई है।

वेल्सपन कॉर्प

वेल्सपन कॉर्प ने कहा कि उसे अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर मिला है, जिसकी कीमत लगभग $1.8 बिलियन या ₹17,200 करोड़ है। यह ऑर्डर अमेरिका में मौजूद उसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से पाइप सप्लाई करने के लिए है।

इस ऑर्डर के साथ, कंपनी का ग्लोबल ऑर्डर बुक रिकॉर्ड $4.4 बिलियन या लगभग ₹42,100 करोड़ तक पहुंच गया है, जो कंपनी का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

शुक्रवार को स्टॉक में 13% की बढ़त हुई और यह ₹2,266 प्रति शेयर के अपने इंट्राडे और ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। पिछले महीने इसमें 38% और इस साल अब तक 181.35% की तेजी आई है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Solar Industries Share Price: शानदार तिमाही नतीजों के बाद 4% टूटा शेयर, ब्रोकरेज ने भी घटाई रेटिंग, आखिर क्या है वजह

Solar Industries Share Price: केमिकल सेक्टर की कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज़ इंडिया लिमिटेड (Solar Industries) के शेयरों में 14 अगस्त को गिरावट देखने को मिली। अच्छे तिमाही नतीजों के बाद भी शेयर 4 फीसदी टूटा है। कंपनी के नतीजों के बाद शेयर पर ब्रोकरेज फर्मों की अलग-अलग प्रतिक्रिया आई है। एक तरफ मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है तो दूसरी तरफ कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने बिकवाली की राय दी है।

ओवरवेट’ रेटिंग की राय

मॉर्गन स्टेनली ने सोलर इंडस्ट्रीज़ पर अपनी ‘ओवरवेट’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹20,270 तय किया है। इसका मतलब है कि गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस ₹20,325 से इसमें किसी तरह के बढ़त की उम्मीद नहीं है। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी की कमाई उम्मीद से बेहतर रही। रेवेन्यू, EBITDA और एडजस्टेड PAT में क्रमशः 70%, 88% और 93% की बढ़ोतरी हुई।

सभी प्रमुख सेगमेंट में रेवेन्यू ग्रोथ उम्मीद से ज़्यादा रही। डिफेंस रेवेन्यू में 123% की बढ़ोतरी हुई (जबकि मॉर्गन स्टेनली का अनुमान 70% था), इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स में 65% की बढ़ोतरी हुई (अनुमान 35% था) और घरेलू एक्सप्लोसिव्स में 52% की बढ़ोतरी हुई (अनुमान 19% था)।

ग्रॉस मार्जिन 110 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 49.2% हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 265 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 27.5% हो गया। मॉर्गन स्टेनली ने मार्जिन में सुधार का कारण डिफेंस मिक्स में अनुकूलता, इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स में बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी और इन्वेंट्री से होने वाले फायदे को बताया।

कंपनी का ऑर्डर बुक लगभग ₹21,350 करोड़ का था, जिसमें डिफेंस बिज़नेस से ₹18,000 करोड़ से ज़्यादा का ऑर्डर शामिल था।FY27 के लिए, मॉर्गन स्टेनली को लगभग ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू और ₹2,050 करोड़ के नियोजित कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) की उम्मीद है। कंपनी Q1 के दौरान कैपेक्स पर पहले ही लगभग ₹450 करोड़ खर्च कर चुकी है।

45% की गिरावट संभव

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने सोलर इंडस्ट्रीज पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹11,200 तय किया है। इसका मतलब है कि गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस से इसमें लगभग 45% की गिरावट आ सकती है।

कोटक ने Q1 के शानदार प्रदर्शन को माना। बेहतर काम-काज और प्रॉफिटेबिलिटी के कारण PAT उनके अनुमान से 18% ज़्यादा रहा। डिफेंस, इंटरनेशनल एक्सप्लोसिव्स और घरेलू एक्सप्लोसिव्स में ज़बरदस्त ग्रोथ के कारण रेवेन्यू सालाना आधार पर 70% बढ़कर लगभग ₹3,670 करोड़ हो गया। ब्रोकरेज के अनुसार, EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर लगभग 170 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 27.9% हो गया।

हालांकि ₹21,400 करोड़ का ऑर्डर बुक खास तौर पर डिफेंस बिजनेस के लिए मीडियम-टर्म में अच्छी संभावना दिखाता है, लेकिन कोटक ने तिमाही के दौरान बेहतर काम-काज को देखते हुए FY27-29 के लिए EPS अनुमानों को 2-6% तक बढ़ा दिया है।

Solar Ind का Q1 परफॉर्मेंस

Solar Industries ने नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 92.7% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹338.7 करोड़ से बढ़कर ₹652.6 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 71.2% बढ़कर ₹3,688.2 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA 93.6% बढ़कर ₹1,035.2 करोड़ हो गया।

EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 24.8% से बढ़कर 28.1% हो गया।कंपनी ने FY27 के लिए ₹14,000 करोड़ का रेवेन्यू टारगेट तय किया है।

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनीष नुवाल ने कहा कि कंपनी ने Q1FY27 में अब तक का सबसे ज़्यादा तिमाही रेवेन्यू, EBITDA, PBT और PAT हासिल किया।नुवाल ने कहा कि ₹21,350 करोड़ से ज़्यादा के ऑर्डर बुक के दम पर कंपनी FY27 के लिए ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू गाइडेंस को हासिल करने की राह पर है। कंपनी इस साल कैपेक्स (capex) में ₹2,050 करोड़ निवेश करने की योजना बना रही है, जिसमें से ₹450 करोड़ Q1 में पहले ही लगाए जा चुके हैं।

Solar Industries India के शेयर शुक्रवार को सुबह 10.33 बजे 3.17% गिरकर ₹19694 पर ट्रे़ड कर रहे है। 2026 में अब तक इनमें 67% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Honasa Consumer Q1 Results: ममाअर्थ की पैरेंट कंपनी का मुनाफा 118% उछला, रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर

Honasa Consumer Q1 Results: FMCG कंपनी Honasa Consumer ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। Mamaearth की पैरेंट कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 118.4% बढ़कर ₹90.2 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹41.3 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह 27% बढ़कर ₹756 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले यह ₹595.2 करोड़ था। कंपनी ने पहली बार 11.5% का PAT मार्जिन हासिल किया। Honasa Consumer का EBITDA बढ़कर ₹110.1 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹45.7 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 7.68% से बढ़कर 14.57% हो गया।

दो प्रोडक्ट का दमदार प्रदर्शन

Honasa Consumer ने बताया कि उसकी फोकस कैटेगरी में 35% से ज्यादा ग्रोथ दर्ज हुई। Mamaearth की ग्रोथ हाई-टीन्स में रही। Rice Dewy Bright Face Wash कंपनी का सबसे ज्यादा बिकने वाला फेस क्लींजर बन गया। वहीं Rosemary हेयर रेंज का सालाना रेवेन्यू ₹100 करोड़ के पार पहुंच गया।

The Derma Co. ने भी बड़ा मुकाम हासिल किया। इस ब्रांड का सालाना नेट सेल्स वैल्यू ₹1,000 करोड़ के पार पहुंच गया। कंपनी का दावा है कि पिछले 10 साल में वह भारत की पहली FMCG कंपनी बनी है, जिसने दो ₹1,000 करोड़ के ब्रांड खड़े किए हैं।

नए ब्रांड और ऑफलाइन कारोबार भी बढ़ा

Honasa Consumer के नए ब्रांड्स में 40% से ज्यादा ग्रोथ रही। BTM Ventures का सालाना रेवेन्यू ₹150 करोड़ के पार पहुंच गया। यह अब दक्षिण भारत से बाहर महाराष्ट्र और दूसरे बाजारों में भी विस्तार कर रहा है।

ऑफलाइन कारोबार भी मजबूत रहा। जनरल ट्रेड और मॉडर्न ट्रेड, दोनों में 40% से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई। कंपनी की पहुंच अब करीब 3 लाख FMCG रिटेल आउटलेट तक हो गई है। Honasa ने इसी तिमाही में FIKN नाम से फ्रेगरेंस कैटेगरी में भी एंट्री की है।

आगे क्या है कंपनी का प्लान?

चेयरमैन और CEO वरुण आलाघ ने कहा कि कंपनी की ग्रोथ अब सिर्फ एक ब्रांड पर निर्भर नहीं है। अलग-अलग ब्रांड और कैटेगरी से मजबूत मांग मिल रही है। कंपनी आगे भी नए प्रोडक्ट, डिजिटल विस्तार और ऑफलाइन नेटवर्क पर फोकस रखेगी।

Honasa Consumer का शेयर गुरुवार को 2.48% बढ़कर ₹479 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक ने 67.98% का रिटर्न दिया है।

Solar Industries Q1 Results: डिफेंस कंपनी का मुनाफा 93% बढ़ा, रेवेन्यू भी तगड़ा उछाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Solar Industries Q1 Results: डिफेंस कंपनी का मुनाफा 93% बढ़ा, रेवेन्यू भी तगड़ा उछाल

Solar Industries Q1 Results: डिफेंस और विस्फोटक बनाने वाली कंपनी Solar Industries India ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 92.7% बढ़कर ₹652.6 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹338.7 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 71.2% बढ़कर ₹3,688.2 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹2,154.5 करोड़ था।

EBITDA 94% बढ़ा

सोलर इंडस्ट्रीज का EBITDA 93.6% बढ़कर ₹1,035.2 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹534.9 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 24.8% से बढ़कर 28.1% हो गया।

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनीष नुवाल ने कहा कि यह कंपनी का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही रेवेन्यू, EBITDA, प्री-टैक्स प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट है।

डिफेंस कारोबार में 123% की छलांग

सोलर इंडस्ट्रीज का डिफेंस कारोबार 123% बढ़ा। यही पहली तिमाही की सबसे बड़ी ग्रोथ का कारण रहा।

कंपनी ने कहा कि स्वदेशी डिफेंस प्रोडक्ट्स की बढ़ती रेंज और भारत के साथ विदेशी ग्राहकों से बढ़ते ऑर्डर का फायदा मिल रहा है। नुवाल ने कहा कि कंपनी को भारत और वैश्विक स्तर पर डिफेंस पार्टनर बनाने की रणनीति अब नतीजों में दिखने लगी है।

₹21,350 करोड़ का ऑर्डर बुक

सोलर इंडस्ट्रीज की कुल ऑर्डर बुक ₹21,350 करोड़ तक पहुंच गई है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में और बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं।

सोलर इंडस्ट्रीज का अंतरराष्ट्रीय विस्फोटक कारोबार भी 65% बढ़ा। कंपनी का कहना है कि बढ़ते ऑर्डर, नए बाजार और लगातार निवेश उसकी वैश्विक मौजूदगी को और मजबूत करेंगे।

FY27 का लक्ष्य बरकरार

सोलर इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू लक्ष्य को बरकरार रखा है। मजबूत शुरुआत, बड़ा ऑर्डर बुक और निवेश योजनाओं के दम पर कंपनी को इस लक्ष्य पर भरोसा है।

कंपनी ने FY27 में ₹2,050 करोड़ के कैपेक्स की योजना बनाई है। इसमें से पहली तिमाही में करीब ₹450 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।

Solar Industries के शेयर

सोलर इंडस्ट्रीज का शेयर गुरुवार को 8.52% उछलकर ₹20,325 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 55.83% बढ़ा है। वहीं बीते 5 साल में इसने 1,054% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.84 लाख करोड़ रुपये है।

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A-1 लिमिटेड को से ₹38 करोड़ का ऑर्डर मिला, एसिड और इंडस्ट्रियल केमिकल की सप्लाई करेगी

A-1 Ltd Order: लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल एसिड-केमिकल सप्लाई करने वाली कंपनी A-1 Ltd को Solar Industries Group से 38.70 करोड़ रुपये का नया ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर एसिड और इंडस्ट्रियल केमिकल की सप्लाई के लिए है। इसमें GST शामिल नहीं है।

तीन महीने में पूरी होगी सप्लाई

A-1  लिमिटेड ने बताया कि यह ऑर्डर Solar Industries और उसकी ग्रुप कंपनियों के लिए है। इसकी सप्लाई मौजूदा वित्त वर्ष में 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इससे FY27 की दूसरी और तीसरी तिमाही के कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे पहले जून 2026 में भी कंपनी को Solar Group से 12 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला था।

ऑर्डर बुक होगी मजबूत

कंपनी का कहना है कि इस ऑर्डर से उसकी ऑर्डर बुक और मजबूत होगी। साथ ही आने वाले समय में रेवेन्यू बढ़ने की संभावना भी बेहतर होगी। यह ऑर्डर Solar Industries के साथ कंपनी के लंबे कारोबारी रिश्ते और उसकी सप्लाई क्षमता पर भरोसे को भी दिखाता है।

पहली तिमाही में शानदार नतीजे

A-1 Ltd ने FY27 की पहली तिमाही में भी अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 170.5% बढ़कर 175.01 करोड़ रुपये पहुंच गया।

वहीं, टैक्स के बाद शुद्ध मुनाफा (PAT) 429.3% बढ़कर 16.73 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 3.16 करोड़ रुपये था।

कंपनी को आगे भी उम्मीद

A-1 Ltd का कहना है कि समय पर ऑर्डर पूरा करने से ग्राहकों के साथ रिश्ते और मजबूत होंगे। आगे भी कंपनी का फोकस बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन, समय पर डिलीवरी और शेयरधारकों के लिए लंबी अवधि में वैल्यू बनाने पर रहेगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।