A-1 लिमिटेड को से ₹38 करोड़ का ऑर्डर मिला, एसिड और इंडस्ट्रियल केमिकल की सप्लाई करेगी

A-1 Ltd Order: लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल एसिड-केमिकल सप्लाई करने वाली कंपनी A-1 Ltd को Solar Industries Group से 38.70 करोड़ रुपये का नया ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर एसिड और इंडस्ट्रियल केमिकल की सप्लाई के लिए है। इसमें GST शामिल नहीं है।

तीन महीने में पूरी होगी सप्लाई

A-1  लिमिटेड ने बताया कि यह ऑर्डर Solar Industries और उसकी ग्रुप कंपनियों के लिए है। इसकी सप्लाई मौजूदा वित्त वर्ष में 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इससे FY27 की दूसरी और तीसरी तिमाही के कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे पहले जून 2026 में भी कंपनी को Solar Group से 12 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला था।

ऑर्डर बुक होगी मजबूत

कंपनी का कहना है कि इस ऑर्डर से उसकी ऑर्डर बुक और मजबूत होगी। साथ ही आने वाले समय में रेवेन्यू बढ़ने की संभावना भी बेहतर होगी। यह ऑर्डर Solar Industries के साथ कंपनी के लंबे कारोबारी रिश्ते और उसकी सप्लाई क्षमता पर भरोसे को भी दिखाता है।

पहली तिमाही में शानदार नतीजे

A-1 Ltd ने FY27 की पहली तिमाही में भी अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 170.5% बढ़कर 175.01 करोड़ रुपये पहुंच गया।

वहीं, टैक्स के बाद शुद्ध मुनाफा (PAT) 429.3% बढ़कर 16.73 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 3.16 करोड़ रुपये था।

कंपनी को आगे भी उम्मीद

A-1 Ltd का कहना है कि समय पर ऑर्डर पूरा करने से ग्राहकों के साथ रिश्ते और मजबूत होंगे। आगे भी कंपनी का फोकस बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन, समय पर डिलीवरी और शेयरधारकों के लिए लंबी अवधि में वैल्यू बनाने पर रहेगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: A-1 लिमिटेड का जून तिमाही में दमदार प्रदर्शन, प्रॉफिट और रेवेन्यू में तगड़ा उछाल

Q1 Results: A-1 लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। इंडस्ट्रियल एसिड और केमिकल सप्लाई के साथ लॉजिस्टिक्स कारोबार से जुड़ी कंपनी का रेवेन्यू और मुनाफा दोनों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी का कहना है कि बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन, नए ऑर्डर और बिजनेस विस्तार का फायदा पहली तिमाही के नतीजों में देखने को मिला।

रेवेन्यू 175 करोड़ रुपये पहुंचा

कंपनी की ऑपरेशन से होने वाली आय (रेवेन्यू) सालाना आधार पर 170.5% बढ़कर 175.01 करोड़ रुपये रही। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 64.69 करोड़ रुपये थी।

मुनाफे में 429% की बढ़ोतरी

पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा (PAT) 429.3% बढ़कर 3.16 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी ने 0.60 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। वहीं, PAT मार्जिन भी 0.92% से बढ़कर 1.81% हो गया।

EBITDA में भी मजबूत सुधार

कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 210.6% बढ़कर 6.07 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1.95 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन 3.02% से बढ़कर 3.47% हो गया। कंपनी के मुताबिक, यह बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और लागत नियंत्रण का नतीजा है।

नए ऑर्डर से कारोबार को मिला सहारा

तिमाही के दौरान कंपनी को सोलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड, महाधन एग्रीटेक लिमिटेड और साईं बाबा पॉलीमर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड जैसे ग्राहकों से करीब 35 करोड़ रुपये के इंडस्ट्रियल सप्लाई ऑर्डर मिले। इसके अलावा कंपनी 127.50 करोड़ रुपये के इंडस्ट्रियल यूरिया सप्लाई ऑर्डर पर भी काम कर रही है।

केमिकल कारोबार का दायरा बढ़ा

A-1 लिमिटेड को ईशान डाइज एंड केमिकल्स लिमिटेड के सल्फर आधारित इंडस्ट्रियल केमिकल्स के लिए प्राइमरी ऑथराइज्ड डीलर नियुक्त किया गया है। कंपनी का मानना है कि इससे उसके इंडस्ट्रियल केमिकल कारोबार और ग्राहक आधार को मजबूती मिलेगी।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेगमेंट में एंट्री

A-1 लिमिटेड  ने A-1 सुरेजा इंडस्ट्रीज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 51% कर ली है। इसके बाद यह कंपनी उसकी सब्सिडियरी बन गई है। इस अधिग्रहण के जरिए A-1 लिमिटेड ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेगमेंट में भी कदम रखा है, जिसे भविष्य की ग्रोथ के लिए अहम माना जा रहा है।

क्या बोले मैनेजिंग डायरेक्टर?

A-1 लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हर्षदकुमार पटेल ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की मजबूत शुरुआत की है। उनके मुताबिक, इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल, लंबे समय से ग्राहकों के साथ बने रिश्ते और मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की बदौलत कंपनी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है।

उन्होंने कहा कि कंपनी आगे भी बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने, प्रोडक्ट पोर्टफोलियो बढ़ाने और शेयरधारकों के लिए लॉन्ग टर्म वैल्यू बनाने पर फोकस बनाए रखेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

A-1 लिमिटेड बनी ईशान डाइज की प्राइमरी डीलर, 5 महीने में ₹40 करोड़ का कारोबार

लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल केमिकल सप्लाई करने वाली कंपनी A-1 लिमिटेड को ईशान डाइज एंड केमिकल्स लिमिटेड ने अपने सल्फर-बेस्ड इंडस्ट्रियल केमिकल्स का प्राइमरी ऑथराइज्ड डीलर बनाया है। कंपनी का कहना है कि इससे उसका प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत होगा और इंडस्ट्रियल केमिकल बाजार में उसकी मौजूदगी बढ़ेगी। फरवरी 2026 से अब तक दोनों कंपनियों के बीच करीब 40 करोड़ रुपये का कारोबार हो चुका है।

कौन-कौन से प्रोडक्ट्स की होगी सप्लाई?

इस डील के तहत A-1 लिमिटेड अब सल्फ्यूरिक एसिड (98% और 70%), ओलियम (23% और 65%) और क्लोरो सल्फोनिक एसिड की सप्लाई करेगी। इन केमिकल्स का इस्तेमाल फर्टिलाइजर, फार्मा, डाइज, पेट्रोकेमिकल्स और वॉटर ट्रीटमेंट जैसे कई सेक्टर में होता है।

कंपनी के मुताबिक, इस साझेदारी से सल्फर-बेस्ड केमिकल्स की बढ़ती मांग पूरी करने में मदद मिलेगी। साथ ही, ग्राहकों को समय पर और लगातार सप्लाई मिल सकेगी। A-1 लिमिटेड के पास 100 से ज्यादा गाड़ियों का नेटवर्क है, जिससे वह अपनी सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन क्षमता को और मजबूत करेगी।

कंपनी ने क्या कहा?

A-1 लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हर्षदकुमार पटेल ने कहा कि यह नियुक्ति कंपनी के मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और भरोसेमंद सेवाओं पर ग्राहकों के विश्वास को दिखाती है। उनके मुताबिक, इससे इंडस्ट्रियल केमिकल्स कारोबार में कंपनी की स्थिति और मजबूत होगी। साथ ही, आने वाले समय में ग्रोथ को भी रफ्तार मिलेगी।

हाल में मिले कई बड़े ऑर्डर

हाल के महीनों में A-1 लिमिटेड को सोलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड, महाधन एग्रीटेक लिमिटेड और साईं बाबा पॉलीमर टेक्नोलॉजीज से करीब 35 करोड़ रुपये के सप्लाई ऑर्डर मिले हैं।

इसके अलावा कंपनी ने GNFC और सोलर इंडस्ट्रीज़ इंडिया लिमिटेड के साथ 10,000 मीट्रिक टन नाइट्रिक एसिड की सप्लाई का समझौता किया है। कंपनी को 127.50 करोड़ रुपये का इंडस्ट्रियल यूरिया सप्लाई ऑर्डर भी मिला है।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में भी रखा कदम

A-1 लिमिटेड ने हाल ही में A-1 सुरेजा इंडस्ट्रीज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 51% कर ली है। इसके बाद यह कंपनी उसकी सब्सिडियरी बन गई है। इसके साथ ही A-1 लिमिटेड ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कारोबार में भी एंट्री कर ली है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vijay Kedia Stock: विजय केडिया की इस लॉजिस्टिक्स कंपनी में एंट्री, एक साल में 350% से ज्यादा चढ़ चुका है स्टॉक

Vijay Kedia Stock: दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने SME लॉजिस्टिक्स कंपनी Iware Supplychain Services में 6% हिस्सेदारी खरीदी है। उन्होंने 3% हिस्सेदारी व्यक्तिगत पोर्टफोलियो से और 3% अपनी कंपनी Kedia Securities Pvt Ltd के जरिए ली है। यह निवेश प्रेफरेंशियल इश्यू के तहत हुआ है। इसमें कंपनी ने करीब ₹20 करोड़ जुटाने के लिए ₹254.09 प्रति शेयर के भाव पर नए शेयर जारी किए हैं।

क्या करती है कंपनी?

2018 में बनी Iware Supplychain Services वेयरहाउसिंग, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन और रेल रेक हैंडलिंग जैसी सेवाएं देती है। कंपनी के पास 7 राज्यों में फैले 11 वेयरहाउस हैं। इनका कुल क्षेत्रफल करीब 8 लाख वर्ग फुट है और मौजूदा मार्केट कैप करीब ₹391 करोड़ है।

ग्रोथ मजबूत, सवाल भी

Iware Supplychain का रेवेन्यू FY21 के ₹19 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹258 करोड़ पहुंच गया। इसी दौरान EBITDA ₹2 करोड़ से ₹29 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹1 करोड़ से ₹15 करोड़ हो गया। पिछले पांच वर्षों में रेवेन्यू, EBITDA और मुनाफे की CAGR क्रमशः 69%, 71% और 72% रही है।

हालांकि, इस ग्रोथ का बड़ा हिस्सा FY26 में आया, जब रेवेन्यू ₹86 करोड़ से बढ़कर ₹258 करोड़ हो गया। यानी तेज ग्रोथ के पीछे एक साल का बड़ा योगदान है।

मार्जिन, कैश फ्लो और कर्ज पर नजर

FY25 में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 20% था, जो FY26 में घटकर 11% रह गया। वहीं FY26 में ऑपरेटिंग कैश फ्लो निगेटिव रहा। वेयरहाउस और गाड़ियों पर निवेश के कारण फ्री कैश फ्लो भी दबाव में रहा।

कंपनी का कर्ज FY25 के ₹30 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹70 करोड़ हो गया। साथ ही डेटर डेज 60 से बढ़कर 85 हो गए। इससे कैश फ्लो पर असर पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

पॉजिटिव पहलू यह है कि FY26 में कंपनी का ROCE 28% और ROE 42% रहा। कंपनी ने पहला डिविडेंड भी घोषित किया है। 18 जून को यह करीब 2% के उछाल के साथ 352 रुपये पर बंद हुआ। मई 2025 में लिस्ट हुआ यह शेयर एक साल में 350% से ज्यादा चढ़ चुका है। इसका 52-वीक का दायरा 90 रुपये से 395 रुपये तक है।

ऐसे में विजय केडिया की एंट्री भरोसे का संकेत जरूर है, लेकिन निवेशकों को ग्रोथ के साथ कैश फ्लो, कर्ज और मार्जिन पर भी नजर रखनी चाहिए।

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