टेक्सटाइल कंपनी के शेयर में 20% का अपर सर्किट लगा, EV बिजनेस में बड़े प्लान का दिखा दम

टेक्सटाइल कंपनी Jindal Worldwide के शेयर में गुरुवार को जबरदस्त तेजी आई। शेयर 20% चढ़कर अपर सर्किट लगा और यह ₹48.22 पर बंद हुआ। ये स्टॉक का एक साल से ज्यादा समय का सबसे ऊंचा स्तर है। पिछले 6 महीने में स्टॉक 108.65% का रिटर्न दिया है।

इससे पहले मंगलवार को शेयर 10% चढ़ा था। बुधवार को इसमें करीब 4.5% की गिरावट आई। लेकिन गुरुवार को इसमें फिर से तेज खरीदारी देखने को मिली।

FY28 तक 100 शोरूम खोलने का प्लान

Jindal Worldwid की EV सब्सिडियरी Jindal Mobilitric ने बड़ा विस्तार प्लान बनाया है। कंपनी FY28 के अंत तक देशभर में करीब 100 शोरूम खोलना चाहती है।

FY27 के अंत तक करीब 40 शोरूम खोले जाएंगे। बाकी शोरूम FY28 में शुरू होंगे। कंपनी का कहना है कि वह EV ग्राहकों तक बेहतर तरीके से पहुंचना चाहती है। साथ ही आफ्टर-सेल्स सर्विस को भी मजबूत किया जाएगा।

अभी दो शोरूम, 52 डीलर जुड़े

कंपनी का अहमदाबाद स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट चालू हो चुका है। Jindal Mobilitric ने श्रीनगर और जयपुर में अपने पहले दो शोरूम खोले हैं।

कंपनी ने देशभर में 52 डीलर भी नियुक्त किए हैं। अब इन्हीं के जरिए कंपनी अपना रिटेल नेटवर्क बढ़ाएगी। उसका फोकस बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों पर भी है।

अमित अग्रवाल फिर बने मैनेजिंग डायरेक्टर

Jindal Worldwide ने अमित यमुनादत्त अग्रवाल को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनका नया कार्यकाल तीन साल का होगा।

EV बिजनेस के विस्तार प्लान से शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। यही वजह है कि गुरुवार को शेयर में फिर से तेज उछाल देखने को मिला।

Jindal Worldwide का बिजनेस क्या है?

Jindal Worldwide का मुख्य कारोबार टेक्सटाइल सेक्टर में है। कंपनी डेनिम फैब्रिक और दूसरे टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी का टेक्सटाइल बिजनेस उसका मुख्य कारोबार है। हालांकि, अब वह इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में भी तेजी से कदम बढ़ा रही है।

कंपनी की सब्सिडियरी Jindal Mobilitric इलेक्ट्रिक व्हीकल बिजनेस संभालती है। कंपनी ने अहमदाबाद में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू कर दिया है। श्रीनगर और जयपुर में दो शोरूम खुल चुके हैं। अब कंपनी देशभर में रिटेल नेटवर्क बढ़ाने और EV मार्केट में अपनी मजबूत पहचान बनाने की तैयारी कर रही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Patanjali Foods: 59% रिटर्न दे सकता है ये FMCG स्टॉक, जेफरीज ने खरीदने की सलाह दी

Patanjali Foods: ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies ने FMCG सेक्टर की कंपनी Patanjali Foods (PFL) पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹560 का टारगेट प्राइस दिया है। यह ₹351 के मौजूदा स्तर से ₹560 करीब 60% तक की तेजी का संकेत है।

Patanjali Foods पर क्यों बुलिश है Jefferies?

Jefferies के मुताबिक, Patanjali Foods अगले 12 महीनों की अनुमानित कमाई के मुकाबले करीब 23 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का PAT 23% CAGR से बढ़ सकता है। साथ ही ROCE में करीब 590 बेसिस पॉइंट का सुधार होकर यह 18% तक पहुंच सकता है।

इन्हीं अनुमानों के आधार पर Jefferies ने Sum-of-the-Parts (SOTP) वैल्यूएशन मॉडल से ₹560 का टारगेट तय किया है।

जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन

Patanjali Foods ने FY27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का रेवेन्यू 29% बढ़कर करीब ₹11,300 करोड़ पहुंच गया, जो Jefferies के अनुमान से करीब 20% ज्यादा रहा। वहीं EBITDA में 69% और PAT में 86% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एडिबल ऑयल बिजनेस बना सबसे बड़ा सहारा

एडिबल ऑयल सेगमेंट ने अब तक की सबसे मजबूत तिमाही दर्ज की। इस कारोबार का रेवेन्यू 27% बढ़कर ₹8,500 करोड़ पहुंच गया। खासकर सरसों तेल की बिक्री बेहतर रही। पश्चिम एशिया में तनाव और कमोडिटी महंगाई के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं, जिसका फायदा कंपनी को मिला। इस सेगमेंट का EBIT सालाना आधार पर लगभग पांच गुना बढ़ गया।

कंपनी के प्लांटेशन बिजनेस में भी 25% की ग्रोथ रही। खेती वाला क्षेत्र बढ़कर 1.16 लाख हेक्टेयर हो गया है। मैनेजमेंट ने FY27 में एडिबल ऑयल बिजनेस में 3-5% वॉल्यूम ग्रोथ का लक्ष्य रखा है।

Foods & FMCG बिजनेस में क्या रहा?

पतंजलि फूड्स के Foods & FMCG सेगमेंट का रेवेन्यू भी 28% बढ़ा। बिस्किट कारोबार ने सबसे मजबूत तिमाही दर्ज करते हुए ₹560 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया और इसका मार्जिन बढ़कर 15.4% पहुंच गया।

हालांकि इस सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना रहा, क्योंकि कच्चे माल की लागत तेजी से बढ़ी और कंपनी पूरी बढ़ोतरी ग्राहकों तक नहीं पहुंचा सकी। Jefferies का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में लागत का दबाव कम होने पर इस सेगमेंट की मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Solar Industries Q1 Results: डिफेंस कंपनी का मुनाफा 93% बढ़ा, रेवेन्यू भी तगड़ा उछाल

Solar Industries Q1 Results: डिफेंस और विस्फोटक बनाने वाली कंपनी Solar Industries India ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 92.7% बढ़कर ₹652.6 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹338.7 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 71.2% बढ़कर ₹3,688.2 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹2,154.5 करोड़ था।

EBITDA 94% बढ़ा

सोलर इंडस्ट्रीज का EBITDA 93.6% बढ़कर ₹1,035.2 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹534.9 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 24.8% से बढ़कर 28.1% हो गया।

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनीष नुवाल ने कहा कि यह कंपनी का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही रेवेन्यू, EBITDA, प्री-टैक्स प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट है।

डिफेंस कारोबार में 123% की छलांग

सोलर इंडस्ट्रीज का डिफेंस कारोबार 123% बढ़ा। यही पहली तिमाही की सबसे बड़ी ग्रोथ का कारण रहा।

कंपनी ने कहा कि स्वदेशी डिफेंस प्रोडक्ट्स की बढ़ती रेंज और भारत के साथ विदेशी ग्राहकों से बढ़ते ऑर्डर का फायदा मिल रहा है। नुवाल ने कहा कि कंपनी को भारत और वैश्विक स्तर पर डिफेंस पार्टनर बनाने की रणनीति अब नतीजों में दिखने लगी है।

₹21,350 करोड़ का ऑर्डर बुक

सोलर इंडस्ट्रीज की कुल ऑर्डर बुक ₹21,350 करोड़ तक पहुंच गई है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में और बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं।

सोलर इंडस्ट्रीज का अंतरराष्ट्रीय विस्फोटक कारोबार भी 65% बढ़ा। कंपनी का कहना है कि बढ़ते ऑर्डर, नए बाजार और लगातार निवेश उसकी वैश्विक मौजूदगी को और मजबूत करेंगे।

FY27 का लक्ष्य बरकरार

सोलर इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹14,000 करोड़ के रेवेन्यू लक्ष्य को बरकरार रखा है। मजबूत शुरुआत, बड़ा ऑर्डर बुक और निवेश योजनाओं के दम पर कंपनी को इस लक्ष्य पर भरोसा है।

कंपनी ने FY27 में ₹2,050 करोड़ के कैपेक्स की योजना बनाई है। इसमें से पहली तिमाही में करीब ₹450 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।

Solar Industries के शेयर

सोलर इंडस्ट्रीज का शेयर गुरुवार को 8.52% उछलकर ₹20,325 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 55.83% बढ़ा है। वहीं बीते 5 साल में इसने 1,054% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.84 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

BSE के शेयरों में 38% तेजी की उम्मीद, PL Capital ने ₹4850 का टारगेट दिया

BSE Share Price: शेयर बाजार की प्रमुख एक्सचेंज BSE Ltd के नतीजे मजबूत रहे। ब्रोकरेज फर्म PL Capital इस शेयर को लेकर अब भी काफी बुलिश है। ब्रोकरेज ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹4,850 का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव से यह करीब 38% की संभावित तेजी का संकेत देता है।

क्यों बुलिश है ब्रोकरेज?

PL Capital का मानना है कि BSE का कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है। कंपनी को कैश मार्केट, इक्विटी डेरिवेटिव्स और StAR MF प्लेटफॉर्म पर बढ़ती गतिविधियों का फायदा मिल रहा है। इसके अलावा डेटा सर्विसेज, इंडेक्स बिजनेस, कॉरपोरेट बॉन्ड, NPS और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट जैसे नए कारोबार भी आने वाले वर्षों में ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं।

जून तिमाही में कैसे रहे नतीजे?

जून तिमाही में BSE का प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 63% बढ़कर ₹1,566 करोड़ हो गया। EBITDA 70% बढ़कर ₹1,213 करोड़ रहा। वहीं, शुद्ध मुनाफा 66% बढ़कर ₹873 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी करीब 71% रहा, जो ऑपरेटिंग मजबूती को दिखाता है।

आगे क्या है अनुमान?

ब्रोकरेज ने FY27 के लिए अपने रेवेन्यू अनुमान में मामूली कटौती की है। इसकी वजह सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बदलाव और प्रोपराइटरी ट्रेडिंग से जुड़े नियामकीय प्रभाव हैं। इसके बावजूद कंपनी की कमाई को लेकर भरोसा कायम है। PL Capital ने FY27 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 23%, EBITDA में 27% और शुद्ध मुनाफे में 28% की वृद्धि का अनुमान जताया है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

ब्रोकरेज का मानना है कि BSE की ग्रोथ सिर्फ ट्रेडिंग वॉल्यूम पर निर्भर नहीं है। कंपनी लगातार नए कारोबार जोड़ रही है और अपने मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। इसी वजह से उसने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग और ₹4,850 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। हालांकि, निवेशकों को नियामकीय बदलाव और बाजार की गतिविधियों पर भी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इनका असर शेयर के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

BSE के शेयरों का हाल

BSE के शेयर बुधवार को 2.96% की गिरावट के साथ ₹3,511 पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 7.67% टूटा है। हालांकि, बीते 6 महीने के दौरान इसमें 21.40% और 1 साल में 48.32% की तेजी आई है। वहीं, बीते 5 साल में इसने 2,495% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.43 हजार करोड़ रुपये है।

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Best Agrolife Share: 3 दिन में 36% उछला एग्रोकेमिकल स्टॉक, दमदार रिजल्ट से निवेशकों में खरीदने की होड़

Best Agrolife Share: एग्रोकेमिकल कंपनी बेस्ट एग्रोलाइफ के शेयरों में जून तिमाही के नतीजों के बाद जोरदार तेजी आई है। यह स्टॉक रिजल्ट के बाद तीन कारोबारी सत्र में करीब 36% चढ़ चुका है। वहीं, बीते 5 दिनों में इसने 46% से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

मंगलवार को भी स्टॉक 20% के अपर सर्किट के साथ 22.66 रुपये पर बंद हुआ। इसकी वजह जून तिमाही में मुनाफे का डबल होना और मैनेजमेंट का आने वाली तिमाहियों को लेकर सकारात्मक रुख है।

मार्जिन और मुनाफे में जोरदार उछाल

जून तिमाही में Best Agrolife का मुनाफा तेजी से बढ़ा। कंपनी का रेवेन्यू 4% बढ़कर 396 करोड़ रुपये रहा। लेकिन असली मजबूती मुनाफे में दिखी। EBITDA 70% बढ़कर 78 करोड़ रुपये पहुंच गया और EBITDA मार्जिन 12% से बढ़कर 20% हो गया।

शुद्ध मुनाफा (PAT) भी दोगुना होकर 41 करोड़ रुपये रहा। ग्रॉस मार्जिन 29% से बढ़कर 37% पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, कीमतों में चुनिंदा बढ़ोतरी और लागत पर नियंत्रण की वजह से यह सुधार देखने को मिला।

पेटेंटेड प्रोडक्ट्स पर बढ़ा फोकस

बेस्ट एग्रोलाइफ का पेटेंटेड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो लगातार मजबूत हो रहा है। इस तिमाही में इसकी वॉल्यूम 37% बढ़ी। वहीं, ब्रांडेड बिक्री में पेटेंटेड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 45% से बढ़कर 64% हो गई। डीलरों को ब्रांडेड प्रोडक्ट्स की बिक्री भी 13% बढ़ी। कंपनी ने तीन नए पेटेंटेड प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं, जिससे कुल पोर्टफोलियो 12 प्रोडक्ट्स का हो गया है।

मैनेजमेंट का कहना है कि किसानों से अच्छा फीडबैक मिल रहा है और रिपीट ऑर्डर भी बढ़ रहे हैं। मानसून में देरी और फसल की धीमी शुरुआती बढ़त से खरीफ सीजन की शुरुआत कमजोर रही। लेकिन अब दूसरी तिमाही से मांग में सुधार की उम्मीद है।

कंपनी की रणनीति आगे क्या है?

मैनेजमेंट का फोकस फिलहाल कारोबार को स्थिर करने और मुनाफा बढ़ाने पर है। इसी वजह से CAPEX योजना को अभी टाल दिया गया है। कंपनी ने 60 करोड़ रुपये का सेल्स रिटर्न प्रावधान भी किया है। साथ ही वर्किंग कैपिटल सुधारने के लिए इन्वेंट्री घटाकर 764 करोड़ रुपये कर दी गई है।

कंपनी को आगे 10% से 15% की CAGR रेवेन्यू ग्रोथ और 13% से 14% के टिकाऊ EBITDA मार्जिन की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी विस्तार जारी है। नेपाल, थाईलैंड, वियतनाम और मेक्सिको में नए प्रोडक्ट रजिस्ट्रेशन मिले हैं, जबकि श्रीलंका में पेटेंटेड प्रोडक्ट्स को फास्ट-ट्रैक मंजूरी मिली है।

Best Agrolife Q1 Results: एग्रोकेमिकल कंपनी का मुनाफा 104% बढ़ा, फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: सरकारी कंपनी घाटे से मुनाफे में लौटी, रेवेन्यू 46% बढ़ा; फोकस में रहेगा स्टॉक

Q1 Results: सरकारी कंपनी Dredging Corporation of India ने जून तिमाही में मजबूत वापसी की है। कंपनी को इस तिमाही में ₹11.23 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में उसे ₹23.33 करोड़ का घाटा हुआ था।

जून तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 46.7% बढ़कर ₹355.4 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹242.2 करोड़ था। वहीं, कुल आय बढ़कर ₹356.5 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले साल ₹243.3 करोड़ थी।

EBITDA बढ़ा, लेकिन मार्जिन घटा

Dredging Corporation का EBITDA 32% बढ़कर ₹62 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹47 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन 19.36% से घटकर 17.42% रह गया। इसका मतलब है कि कंपनी की कमाई बढ़ी, लेकिन लागत उससे तेज रफ्तार से बढ़ी।

पोर्ट और जलमार्ग परियोजनाओं से मिला सहारा

यह सरकारी कंपनी बंदरगाहों और जलमार्गों से जुड़ी ड्रेजिंग सेवाएं देती है। सरकार के पोर्ट आधुनिकीकरण, समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर और जलमार्ग विकास पर बढ़ते फोकस का फायदा कंपनी को मिल रहा है। इससे कारोबार में तेजी देखने को मिली।

मार्जिन पर रहेगी नजर

कंपनी मुनाफे में लौट आई है। लेकिन EBITDA मार्जिन में गिरावट निवेशकों के लिए अहम संकेत है। आगे कंपनी की कमाई इस बात पर निर्भर करेगी कि वह बढ़ते रेवेन्यू के साथ लागत, ईंधन खर्च, रखरखाव और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन को कितनी अच्छी तरह संभाल पाती है।

शेयरों का हाल

मंगलवार को Dredging Corporation of India का शेयर 2.95% की बढ़त के साथ ₹1,128.90 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने से स्टॉक तकरीबन फ्लैट है। हालांकि, बीते 1 साल में इसने 69.45% का तगड़ा रिटर्न दिया है। इस सरकारी कंपनी का मार्केट कैप 3.16 हजार करोड़ रुपये है।

BSE Q1 Results: स्टॉक एक्सचेंज को ₹874 करोड़ का मुनाफा, बुलियन कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ाने का प्लान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

BSE Q1 Results: स्टॉक एक्सचेंज को ₹874 करोड़ का मुनाफा, बुलियन कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ाने का प्लान

BSE Q1 Results: स्टॉक एक्सचेंज BSE ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 9.6% बढ़कर ₹874 करोड़ हो गया। मार्च तिमाही में यह ₹797 करोड़ था।

जून तिमाही में BSE का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा। यह 0.2% बढ़कर ₹1,566 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, कुल आय 5% बढ़कर ₹1,707 करोड़ हो गई। इसकी बड़ी वजह निवेश से होने वाली आय में तेज उछाल रही।

निवेश से कमाई दोगुनी से ज्यादा

BSE की सबसे बड़ी कमाई ट्रांजैक्शन चार्ज से होती है। यह तिमाही आधार पर 1% बढ़कर ₹1,328 करोड़ हो गया। अन्य ऑपरेटिंग आय में भी 5% की बढ़ोतरी हुई।

हालांकि, लिस्टिंग सर्विसेज से होने वाली आय 15% घटकर ₹101 करोड़ रह गई। इसकी वजह IPO बाजार में सुस्ती रही। दूसरी ओर, निवेश से होने वाली आय ₹62 करोड़ से बढ़कर ₹135 करोड़ हो गई।

मुनाफा मार्जिन 51% रहा

BSE का कंसोलिडेटेड EBITDA ₹1,187 करोड़ रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन 51% दर्ज किया गया। वहीं, कंपनी की नेटवर्थ बढ़कर ₹7,547 करोड़ पहुंच गई। प्रति शेयर आय (EPS) ₹21.22 रही।

कैश मार्केट में BSE का औसत दैनिक कारोबार बढ़कर ₹9,955 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹7,180 करोड़ था। इक्विटी डेरिवेटिव्स में औसत दैनिक प्रीमियम टर्नओवर ₹1,155 करोड़ पहुंच गया।

बुलियन कारोबार में बढ़ाएगी हिस्सेदारी

BSE के बोर्ड ने India International Bullion Holding (IIBH) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20% करने को मंजूरी दी है। अभी कंपनी की इसमें 10% हिस्सेदारी है। यह निवेश GIFT City के बुलियन मार्केट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। BSE अब इक्विटी ट्रेडिंग के अलावा दूसरे मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार में भी विस्तार कर रही है।

BSE के शेयरों का हाल

BSE का शेयर मंगलवार को 0.64% बढ़कर 3,597.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 24.22% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 44.69% का रिटर्न दिया है। बीते 5 साल में स्टॉक ने 2,559.59% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.47 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सुनील सिंघानिया के फंड ने इस स्टॉक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी, 20% का अपर सर्किट लगा

Bai-Kakaji Polymers: प्लास्टिक पैकेजिंग सेक्टर की कंपनी बाई-काकाजी पॉलिमर्स का शेयर गुरुवार को 20% के अपर सर्किट के साथ बंद हुआ। यह कंपनी की दिसंबर 2025 में लिस्टिंग के बाद सबसे बड़ी एक दिन की तेजी रही। इस उछाल की वजह दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया के Abakkus Venture Opportunities Fund की बड़ी खरीदारी रही।

बल्क डील में खरीदे 6.08 लाख शेयर

बल्क डील में Abakkus Venture Opportunities Fund ने कंपनी के 6.08 लाख शेयर खरीदे। यह कंपनी की करीब 2.8% हिस्सेदारी के बराबर है। यह सौदा ₹200.34 प्रति शेयर के औसत भाव पर बीएसई में हुआ।

शेयर में तेजी के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम भी कई गुना बढ़ गया। गुरुवार को 13.13 लाख शेयरों में कारोबार हुआ, जबकि पिछले 20 दिनों का औसत दैनिक वॉल्यूम करीब 1 लाख शेयर था।

किन निवेशकों ने बेचे शेयर?

निवेशक संजय पोपटलाल जैन ने बाई-काकाजी पॉलिमर्स के 3.42 लाख शेयर बेचे। यह कंपनी की करीब 1.6% हिस्सेदारी के बराबर है। इस सौदे की वैल्यू करीब ₹6.8 करोड़ रही। जून 2026 तक उनके पास कंपनी में 2.5% हिस्सेदारी थी। वहीं, Tiger Strategies Fund ने भी 1.08 लाख शेयर बेचकर अपनी हिस्सेदारी घटाई। इस सौदे की वैल्यू करीब ₹2.2 करोड़ रही।

बाई-काकाजी पॉलिमर्स के शेयर का हाल

बाई-काकाजी पॉलिमर्स का शेयर गुरुवार को 20% के अपर सर्किट के साथ 240 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक करीब 27.52% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹514 करोड़ पहुंच गया। इसमें प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 74.1% है।

कंपनी का आईपीओ ₹186 प्रति शेयर के भाव पर आया था और 30 दिसंबर 2025 को इसकी शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई थी। इससे पहले लिस्टिंग के बाद एक दिन में सबसे बड़ी तेजी करीब 10% रही थी, जो जून 2026 में दर्ज की गई थी।

बाई-काकाजी पॉलिमर्स  का कारोबार

बाई-काकाजी पॉलिमर्स प्लास्टिक पैकेजिंग प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी PET प्रीफॉर्म, प्लास्टिक कैप और क्लोजर तैयार करती है। इसके ग्राहक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर, सॉफ्ट ड्रिंक, जूस और डेयरी जैसे उद्योग हैं। कंपनी की शुरुआत 2013 में महाराष्ट्र के लातूर से हुई थी और यह बाई काकाजी ग्रुप का हिस्सा है।

वित्त वर्ष 2025-26 में बाई-काकाजी पॉलिमर्स का शुद्ध मुनाफा 47% बढ़कर ₹27 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹365 करोड़ रहा।

सुनील सिंघानिया कौन हैं?

सुनील सिंघानिया जाने-माने निवेशक और फंड मैनेजर हैं। वह पहले Reliance Mutual Fund (अब Nippon India Mutual Fund) के Chief Investment Officer (CIO) रह चुके हैं। 2018 में उन्होंने अपनी निवेश कंपनी Abakkus Asset Manager LLP की शुरुआत की।

Abakkus के जरिए वह शेयर बाजार में निवेश करते हैं और Abakkus Venture Opportunities Fund जैसे फंड मैनेज करते हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में उनके निवेश पर बाजार की खास नजर रहती है। यही वजह है कि जब उनके फंड की किसी कंपनी में खरीदारी की खबर आती है, तो उस शेयर में अक्सर बड़ी हलचल देखने को मिलती है।

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