Chartist Talk : जब तक निफ्टी 22000-22200 के ऊपर है बिकवाली करने से बचें, इस हफ्ते इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

Chartist Talk : निफ्टी 50 में जल्द ही टेक्निकल रिबाउंड की काफी संभावना है, भले ही बड़ा ट्रेंड न बदले। निफ्टी डेली टाइमफ्रेम पर ओवरसोल्ड है और वीकली टाइमफ्रेम पर भी ओवरसोल्ड होने की कगार पर है। ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि 22,000-22,200 के ज़ोन में एक मज़बूत बेस है। ये बातें जेमस्टोन इक्विटी रिसर्च एंड एडवाइजरी सर्विसेज के फाउंडर मिलन वैष्णव ने मनीकंट्रोल के साथ हुए एक बातचीत में कही हैं।

उन्हों इस हफ्ते Aequs और BSE पर दांव लगाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जब तक Aequs अपने ब्रेकआउट पॉइंट से ऊपर बना रहता है,तब तक इसके ब्रेकआउट के आगे बढ़ाने और मौजूदा लेवल से काफी ऊपर जाने की संभावना ज़्यादा है। वहीं, BSE भी एक अच्छे टेक्निकल रिबाउंड के लिए तैयार हो रहा है, बशर्ते यह बताए गए सपोर्ट जोन से ऊपर बना रहे।

क्या आपको लगता है कि निफ़्टी 22,200–22,000 के जोन के आस-पास अपने निचले स्तर पर पहुच सकता है और फिर ऊपर की ओर अपनी नई चाल शुरू करने से पहले कुछ समय के लिए दायरे में बना रह सकता है?

हां, इस बात की काफ़ी संभावना है कि निफ्टी अपने निचले स्तर पर पहुंच जाए। शुक्रवार को ट्रेडिंग हालीडे था. इसलिए बाज़ार एक दिन के गैप के बाद सोमवार को खुला है। अब यह ग्लोबल ट्रेड सेटअप के हिसाब से खुद को एडजस्ट करेगा।

हालांकि,अगर हम मौजूदा स्थिति को टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ़्टी में टेक्निकल रिबाउंड की ज़्यादा संभावना है। भले ही बड़ा ट्रेंड न बदले,फिर भी यह रिबाउंड जल्द ही हो सकता है। डेली टाइमफ़्रेम पर निफ़्टी ‘ओवरसोल्ड’ है और वीकली टाइमफ़्रेम पर भी यह ‘ओवरसोल्ड’ होने की कगार पर है।

ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि 22,000-22,200 के जोन में एक मज़बूत बेस है। इसलिए, अगर हम और नीचे भी जाते हैं,तो ऐसा कम से कम एक बार टेक्निकल रिबाउंड के बिना नहीं होना चाहिए।

इस हफ्ते के लिए आपकी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी क्या है?

ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी आसान होगी। मैं बेसिक बातों पर ही ध्यान देने की जरूरत है। जब तक निफ्टी 22,000-22,200 जोन के ऊपर है, शॉर्टिंग करने से बचना चाहिए। शॉर्ट पोजीशन पर जो भी फायदा दिख रहा है मैं उसे सुरक्षित रखना चाहिए।

दूसरी ओर लॉन्ग पोजीशन लेने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन केवल बहुत ही चुनिंदा बेसिस पर। वर्तमान तकनीकी स्थिति में केवल उन्हीं शेयरों में लॉन्ग पोजीशन ली जा सकती है जो स्पष्ट रूप से निचले स्तर पर पहुंच चुके हों और जिनकी रिलेटिव स्ट्रेंथ में सुधार हुआ हो।

क्या चार्ट और आपकी गट फीलिंग यह संकेत देती है कि बैंक निफ्टी पिछले हफ्ते के निचले स्तर से नीचे जा सकता है?

अगर आप एक टेक्नीशियन हैं, तो यहां भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं है। हमारा काम भावनाओं को एक तरफ रखकर चार्ट को निष्पक्ष रूप से देखना है। तकनीकी नज़रिए से ऐसा नहीं लगता कि ऐसा होने की संभावना ज्यादा है। बैंक निफ्टी ने 53,850-54,100 के स्तरों के बीच एक मजबूत सपोर्ट बेस बनाया है। जब तक यह जोन सुरक्षित रहता है, एक तकनीकी उछाल (rebound) की उम्मीद कर सकते हैं, भले ही इससे बड़े ट्रेंड में कोई बदलाव न आए।

इस हफ़्ते के लिए आपके टॉप दो टॉप पिक क्या हैं?

Aequs

इस स्टॉक ने ₹265 के लेवल के ऊपर जाकर ब्रेकआउट करने की कोशिश की है। हालांकि,अभी यह स्टॉक अपने ब्रेकआउट लेवल के ठीक ऊपर कंसोलिडेट कर रहा है। जब तक यह स्टॉक अपने ब्रेकआउट पॉइंट के ऊपर बना रहता है, तब तक इसके ब्रेकआउट को आगे बढ़ाने और मौजूदा लेवल से काफ़ी ऊपर जाने की संभावना ज़्यादा है।

BSE

यह एक ऐसा स्टॉक है जिसने हाल के समय में ब्रॉडर मार्केट के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया है। यह ₹2,850-3,000 के स्तर पर एक मज़बूत सपोर्ट जोन के करीब पहुंच रहा है। मेन इंडिकेटर्स में सकारात्मक बदलाव दिखने लगे हैं और गिरावट की रफ़्तार में भी कुछ कमी आई है। जब तक यह स्टॉक बताए गए सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है,तब तक इसमें एक अच्छा टेक्निकल रिबाउंड देखने को मिल सकता है।

क्या आपको Mankind Pharma में और तेज़ी की उम्मीद है ?

Mankind Pharma में अभी भी और ऊपर जाने की गुंजाइश है। असल में सबसे नज़दीकी रेजिस्टेंस ₹2,640 पर है। अगर स्टॉक ₹2,640 के लेवल से ऊपर निकल जाता है तो इसमें फिर से तेज़ी आ सकती है। ₹2,300 और ₹2,398 के जोन में मज़बूत सपोर्ट है।

क्या आपको लॉरस लैब्स में और बढ़त की गुंजाइश दिखती है?

लॉरस लैब्स में तेजी का ट्रेंड बना हुआ है। हालांकि,यहां थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह होगी। हाल ही में आई तेजी के दौरान लीड इंडिकेटर्स में नेगेटिव डाइवर्जेंस (negative divergence) देखा गया है। इसलिए,भले ही इससे तुरंत शेयर बेचने का संकेत नहीं मिलता,लेकिन जैसे-जैसे स्टॉक ऊपर जा रहा है,सावधानी बरतना जरूरी है। फिलहाल,इस स्टॉक में निवेश बनाए रखना ही बेहतर है। हालांकि,स्टॉप-लॉस को बढ़ाकर ₹1,870 पर ले आएं। अगर स्टॉक ₹1,870 के नीचे जाता है,तो इससे बाहर निकलने का समय होगा।

क्या टेक्निकल इंडिकेटर्स हिंडाल्को इंडस्ट्रीज में और गिरावट का संकेत दे रहे हैं?

पिछले कुछ हफ्तों से हिंडाल्को में गिरावट का दौर चल रहा है। टेक्निकल इंडिकेटर्स बताते हैं कि भले ही ट्रेंड में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है और स्टॉक पर गिरावट का दबाव बना हुआ है,लेकिन ₹900-920 के जोन में मजबूत सपोर्ट मौजूद है। इसलिए,अगर गिरावट जारी रहती है तो यह सीमित ही होनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

CAS पर SEBI के कंसल्टेशन पेपर में रखे गए ये अहम प्रस्ताव, 3 अक्टूबर तक सभी पक्षों के देनी है अपनी राय

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने एक्सपायरी के दिन CAS को लेकर कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। सेबी ने वायदा एक्सपायरी को CAS से डीलिंक करने या ब्लेंडेंड VWAP से सेटलमेंट का प्रस्ताव दिया है। साथ ही मार्केट टाइमिंग और ऑर्डर कैंसिलेशन पर लगाम से जुड़े प्रस्तावों पर भी राय मांगी गई है। CAS पर SEBI का कंसल्टेशन पेपर में कहा गया है कि इंडेक्स और स्टॉक्स वायदा सेटलमेंट के तरीके में बदलाव की समीक्षा की जाएगी। इसमें मार्केट की टाइमिंग को लेकर भी प्रस्ताव दिए गए हैं। SEBI ने अलग-अलग सात प्रस्ताव दिए हैं। इन पर तीन अक्तूबर तक सभी पक्षों से राय मांगी गई है।

पहला प्रस्ताव: ब्लेंडेड VWAP

सेबी के प्रस्ताव में कहा गया है कि एक्सपायरी के दिन VWAP और CAS दोनों का इस्तेमाल होना चाहिए। 30 मिनट के VWAP के साथ 10 मिनट के CAS से सेटलमेंट हो सकता है। CTS और CAS का अलग से कोई वेटेज ना हो।

दूसरा प्रस्ताव: पुराना VWAP सिस्टम

दूसरे प्रस्ताव में कहा गया है कि एक्सपायरी के दिन सेटलमेंट CAS से ना हो। एक्सपायरी के दिन 30 मिनट के VWAP से सेटलमेंट हो। कम से कम एक साल बाद फिर से समीक्षा हो। SEBI चाहता है कि लॉन्ग टर्म में ब्लेंडेड VWAP से सेटलमेंट हो।

तीसरा प्रस्ताव: इंडिकेटिव भाव ना दिखे

CAS के दौरान इंडेक्स का इंडिकेटिव भाव ना दिखाया जाए। इंडिकेटिव भाव से सट्टेबाजी बढ़ने का खतरा है। इंडेक्स में शामिल शेयरों के इंडिकेटिव भाव दिखाए जाते रहें।

चौथा प्रस्ताव: मार्केट टाइमिंग में बदलाव

इसके लिए पहला ऑप्शन यह है कि सभी शेयरों में पहले की तरह 3:30 तक ट्रेडिंग हो। 3:31 से 3:40 तक CAS चले। CAS वाले शेयरों में वायदा ट्रेडिंग 3:45 तक चले।

मार्केट टाइमिंग में बदलाव के लिए दूसरा ऑप्शन यह है कि CAS वाले शेयरों में 3:15 और नॉन CAS में 3:30 तक सामान्य ट्रेडिंग हो। 3:15 से 3:25 तक 10 मिनट का CAS हो। CAS वाले शेयरों में वायदा ट्रेडिंग 3:30 तक चले।

छठा प्रस्ताव: कैंसिलेशन पर लगाम

सेबी का अगला प्रस्ताव है कि CAS में +-1% के ऑर्डर कैंसिल नहीं किए जा सकेंगे। हालांकि +-1% के ऑफर में सुधार से जुड़े बदलाव हो सकेंगे। CAS के दौरान +-1% का प्राइस बैंड कायम रहे।

सातवां प्रस्ताव: अनएक्जीक्यूटेड आइसबर्ग ऑर्डर

अनएक्जीक्यूटेड आइसबर्ग ऑर्डर CAS में लाए जाएं। अभी अनएक्जीक्यूटेड आइसबर्ग ऑर्डर CAS में नहीं आते। सामान्य लिमिट ऑर्डर के तौर पर CAS में लाएं जाएं। पूरी पेंडिंग क्वॉंटिटी CAS के दौरान डिस्क्लोज हो।

खबर का असर

इस खबर के चलते BSE और एंजेल वन के शेयरों में तेजी आई है। इन पर SEBI के कंसल्टेशन पेपर का पॉजिटिव असर संभव है। दोनों शेयरों में CAS के बाद तेज गिरावट आई थी। SEBI के प्रस्तावों में पुराने VWAP पर लौटने का प्रस्ताव शामिल है। BSE और एंजेल वन दोनों में निचले स्तरों से अच्छा रिवर्सल दिखा है। हालांकि बीएसई का शेयर अभी लाल निशान में दिख रहा है। 1.15 बजे के आसपास यह शेयर 16.30 रुपए यानी 0.48 फीसदी की कमजोरी के साथ 3365 के स्तर पर दिख रहा था। आज का इसका दिन का हाई 3,452.70 रुपए है। वहीं, एंजेल वन का शेयर 2.90 रुपए यानी 0.95 फीसदी की गिरावट के साथ 302 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 310 रुपए है।

 

UPI पर सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन, MDR दरों पर फैसला लेने के लिए इसी हफ्ते हो सकती है UPI कमिटी की मीटिंग

Hot Stocks : अगले हफ्ते सुदीप शाह के पसंदीदा इन शेयरों पर रहे नजर, चमका सकते हैं आपका पोर्टफोलियो

Hot stocks : कल 31 अगस्त से शुरू होने वाले नए हफ्ते के लिए एक्शन वाले शेयरों पर बात करते हुए SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह ने कहा कि अगले हफ्ते LTM और Elgi Equipments के शेयरों धीरे-धीरे खरीदारी करने (एक्युमुलेशन) की सलाह होगी। LTM में 34-डे EMA के पास पांच-दिन की कंसोलिडेशन रेंज से मज़बूत वॉल्यूम के साथ जबरदस्त ब्रेकआउट देखने को मिला है, जबकि Elgi Equipments ने 61.8 प्रतिशत के फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से वापसी की है और अपने पिछले चार-दिन के हाई से ऊपर जबरदस्त ब्रेकआउट दिखाया है। इन शेयरों में और आगे बढ़ने का दम नजर आ रहा है।

एथर एनर्जी (Ather Energy)

एथर एनर्जी (Ather Energy) के शेयरों पर अपनी राय देते हुए सुदीप शाह ने कहा कि मज़बूत वॉल्यूम सपोर्ट के साथ इस शेयर ने अपने पिछले हाई लेवल को पार किया है,जबकि RSI ऊपर की ओर बढ़ा है,जो बुलिश मोमेंटम में सुधार का संकेत है। जब तक यह स्टॉक ₹1,520–1,500 के जोन के ऊपर बना रहता है,तब तक इसमें बुलिश ट्रेंड के बने रहने की संभावना है।

BSE 

क्या BSE लिमिटेड में नया निवेश करने का यह सही समय है,जिसने पिछले दो हफ्तो में ₹3,220 के सपोर्ट लेवल को बनाए रखा है? इसके जवाब में सुदीप शाह ने कहा कि BSE का शेयर पिछले 10 सेशन से ₹3,412–3,223 की रेंज में बना हुआ है और अपने 200-डे EMA के ऊपर टिका हुआ है। अगर यह ₹3,412 के लेवल को पार करके ऊपर जाता है,तो इसमें नई तेजी आ सकती है।

कोफोर्ज (Coforge)

क्या हॉरिजॉन्टल ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट कोफोर्ज (Coforge) में खरीदारी के लिए मजबूत संकेत दे रहा है? इस पर सुदीप शाह ने कहा कि Coforge ने मजबूत वॉल्यूम सपोर्ट के साथ अपनी पांच दिन की कंसोलिडेशन रेंज को तोड़ा है। जबकि MACD लाइन सिग्नल लाइन के ऊपर चली गई,जो तेजी के मोमेंटम (bullish momentum) के मजबूत होने का संकेत है। जब तक स्टॉक ₹1,920–1,900 के जोन के ऊपर बना रहता है,तब तक इस तेजी के जारी रहने की संभावना है।

अगले हफ्ते के लिए सुदीप शाह की दो टॉप पिक्स

एलटी माइंडट्री (LTM)

सुदीप शाह का कहना है कि इस स्टॉक में 34 डे EMA के पास पांच दिन की कंसोलिडेशन रेंज से जबरदस्त ब्रेकआउट देखा गया है,जिसे अच्छे वॉल्यूम का सपोर्ट मिला है। इससे पता चलता है कि इसमें फिर से खरीदारी में दिलचस्पी बढ़ रही है। यह अभी भी अपने 200-डे EMA के ऊपर ट्रेड कर रहा है,जबकि 60 से ऊपर RSI और पॉजिटिव MACD इसके तेजी वाले मोमेंटम को और मज़बूत करते हैं। शॉर्ट टर्म में ₹4,680-₹4,640 की रेंज में इसे खरीदने की सलाह होगी। इसके लिए ₹4,530 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹4,980 का अपसाइड टारगेट सेट करें।

एल्गी इक्विपमेंट्स ( Elgi Equipments)

सुदीप शाह में कहा कि यह स्टॉक 61.8 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से वापस ऊपर आया है और पिछले चार दिनों के हाई से ऊपर एक मज़बूत ब्रेकआउट दिखाया है,जिसे पिछले छह सेशन में सबसे ज़्यादा वॉल्यूम का सपोर्ट मिला है। यह स्टॉक अपने 20 डे और 50 डे EMA से ऊपर ट्रेड कर रहा है। साथ ही RSI में सुधार और MACD में बढ़त के कारण इसका टेक्निकल सेटअप पॉज़िटिव बना हुआ है। इसमें ₹628-622 की रेंज में खरीदारी (एक्युमुलेशन) की सलाह होगी। इसके लिए ₹603 का स्टॉप-लॉस और ₹660 का शॉर्ट-टर्म टारगेट रखा जा सकता है।

 

Experts View : अगले हफ्ते निफ्टी के 24000 के नीचे जाने की संभावना कम, बैंक निफ्टी में एक मजबूत चाल दिखने की उम्मीद

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Top Trading Picks : कमजोर बाजार में भी करनी है अच्छी कमाई तो इन दो शेयरों पर लगाएं दांव

Top Trading Picks : 11 अगस्त को ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों और बैंकिंग शेयरों पर दबाव के कारण भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ खुले हैं। सुबह 9:45 बजे के आसपास सेंसेक्स 341.60 अंक या 0.43% गिरकर 78,200.84 पर और निफ्टी 98.40 अंक या 0.40% गिरकर 24,485.40 पर दिख रहा था। ऐसे में मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए manasjaiswal.com के मानस जायसवाल ने कहा कि पिछले हफ्ते सोमवार को निफ्टी ने एक ट्रायंगुलर फॉर्मेशन का ब्रेकआउट दिया था। उसके बाद अगले पांच सेशन से हमें कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है। लेकिन ध्यान रखें की यह कंसोलीडेशन 10 डे मूविंग एवरेज के ऊपर और जो ट्रायंगुलर फॉर्मेशन था उसके अपर बैंड के ऊपर हो रहा है। ऐसे में अभी तक का ट्रेंड पॉजिटिव लग रहा है।

जब तक निफ्टी 24,350 के आसपास स्थित 20 डे मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड करता रहेगा, मार्केट का ट्रेंड पॉजिटिव बना रहेगा। इसलिए अपनी लॉन्ग पोजीशन में बने रहें। हालांकि यह भी सही है कि कंसोलिडेशन हो रहा है, इसलिए फ्रेश खरीदारी आपको केवल 24,700 के ऊपर ही करनी है। अगर 24,700 का आंकड़ा ब्रेक हुआ तो निफ्टी 25,300 की तरफ जाने की कोशिश करेगा। बाजार का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। पोजीशन को 24,350 के स्टॉप लॉस के साथ होल्ड करना चाहिए।

बैंक निफ्टी ट्रेंड

बैंक निफ्टी में भी कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है और यहां पर भी कंसोलिडेशन 20 डे मूविंग एवरेज के ऊपर हो रहा है। ऐसे में जब तक बैंक निफ्टी 57300 के ऊपर ट्रेड करता रहेगा ट्रेंड पॉजिटिव बना रहेगा। फ्रेश खरीदारी करनी है तो थोड़ा वेट कर लें। 58100 58100 के ऊपर ही खरीदारी करें। अगर ये लेवल पार हो गए तो उसके ऊपर करीब 1200 से 1300 अंक की तेजी देखने को मिल सकती है।

मानस जायसवाल की टॉप पिक्स

मानस जायसवाल ने कहा कि बाजार में काफी अपॉर्चुनिटीज़ हैं। अगर आप स्टॉक स्पेसिफिक देखें तो सबसे पहला रिकमेंडेशन बीएसई है। बीएसई का शेयर लोअर टॉप लोअर बॉटम बना रहा था। लेकिन कल इसमें कुछ रिवर्सल के साइन देखने को मिले हैं। कैंडलस्टिक चार्ट पर मॉर्निंग स्टार पैटर्न बना है। आरएसआई में भी पॉजिटिव डायवर्जन देखने को मिला। बीएसई शेयर एक बाउंस बैक के लिए तैयार दिख रहा है। इस स्टॉक में करंट लेवल के आसपास, 3549 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 3700 रुपए के पहले और 3700 रुपए के दूसरे टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह होगी।

मानस जायसवाल का आज का दूसरा पसंदीदा स्टॉक है DMART। इस स्टॉक में भी हायर टॉप, हायर बॉटम्स का कंफर्मेशन मिला है। स्टॉक अपने 10-20 डे मूविंग एवरेज के ऊपर निकला है। यहां पर भी एक बाउंस बैक की उम्मीद दिख रही है। इस शेयर में 3974 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 4200 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह होगी।

 

 

Market Trend : ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमत बाजार के लिए सबसे बड़ा निगेटिव फैक्टर, आज इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

BSE के शेयरों में 38% तेजी की उम्मीद, PL Capital ने ₹4850 का टारगेट दिया

BSE Share Price: शेयर बाजार की प्रमुख एक्सचेंज BSE Ltd के नतीजे मजबूत रहे। ब्रोकरेज फर्म PL Capital इस शेयर को लेकर अब भी काफी बुलिश है। ब्रोकरेज ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹4,850 का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव से यह करीब 38% की संभावित तेजी का संकेत देता है।

क्यों बुलिश है ब्रोकरेज?

PL Capital का मानना है कि BSE का कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है। कंपनी को कैश मार्केट, इक्विटी डेरिवेटिव्स और StAR MF प्लेटफॉर्म पर बढ़ती गतिविधियों का फायदा मिल रहा है। इसके अलावा डेटा सर्विसेज, इंडेक्स बिजनेस, कॉरपोरेट बॉन्ड, NPS और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट जैसे नए कारोबार भी आने वाले वर्षों में ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं।

जून तिमाही में कैसे रहे नतीजे?

जून तिमाही में BSE का प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 63% बढ़कर ₹1,566 करोड़ हो गया। EBITDA 70% बढ़कर ₹1,213 करोड़ रहा। वहीं, शुद्ध मुनाफा 66% बढ़कर ₹873 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी करीब 71% रहा, जो ऑपरेटिंग मजबूती को दिखाता है।

आगे क्या है अनुमान?

ब्रोकरेज ने FY27 के लिए अपने रेवेन्यू अनुमान में मामूली कटौती की है। इसकी वजह सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बदलाव और प्रोपराइटरी ट्रेडिंग से जुड़े नियामकीय प्रभाव हैं। इसके बावजूद कंपनी की कमाई को लेकर भरोसा कायम है। PL Capital ने FY27 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 23%, EBITDA में 27% और शुद्ध मुनाफे में 28% की वृद्धि का अनुमान जताया है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

ब्रोकरेज का मानना है कि BSE की ग्रोथ सिर्फ ट्रेडिंग वॉल्यूम पर निर्भर नहीं है। कंपनी लगातार नए कारोबार जोड़ रही है और अपने मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रही है। इसी वजह से उसने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग और ₹4,850 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। हालांकि, निवेशकों को नियामकीय बदलाव और बाजार की गतिविधियों पर भी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इनका असर शेयर के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

BSE के शेयरों का हाल

BSE के शेयर बुधवार को 2.96% की गिरावट के साथ ₹3,511 पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 7.67% टूटा है। हालांकि, बीते 6 महीने के दौरान इसमें 21.40% और 1 साल में 48.32% की तेजी आई है। वहीं, बीते 5 साल में इसने 2,495% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.43 हजार करोड़ रुपये है।

₹1.6 लाख सैलरी पर ₹1.85 लाख EMI! F&O ट्रेडिंग के चक्कर में लगा ₹60 लाख का चूना, चौंका देगी आईटी प्रोफेशनल की ये स्टोरी

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

जेफरीज ने बताई NSE की एक खास खूबी, 4% टूट गए BSE और MCX के शेयर

BSE-MCX Shares vs NSE IPO: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने आईपीओ की तैयारियों में जुटी एनएसई को अधिक डाईवर्सिफाइड कह दिया तो बीएसई और एमसीएक्स के शेयर 4% तक टूट गए। तेज गिरावट के साथ ये निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स के टॉप लूजर बन गए जो खुद 2% कमजोर हुआ है। बता दें कि एनएसई ने बाजार नियामक सेबी के पास ₹30 हजार करोड़ के रिकॉर्डतोड़ आईपीओ का ड्राफ्ट दाखिल किया है। इस ड्राफ्ट ने लिस्टेड मार्केट में हलचल बढ़ा दी है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का होगा। अभी देश में सबसे बड़ा आईपीओ लाने का रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया का है जिसने ₹27858 करोड़ का आईपीओ सालव 2024 में पेश किया था।

NSE को लेकर क्या कहना है Jefferies का

जेफरीज का कहना है कि एनएसई का प्रोडक्ट मिक्स बीएसई और एमसीएक्स की तुलना में अधिक डाईवर्सिफाईड है जिसमें से इंडेक्स ऑप्शंस और कमोडिटी एफएंडओ को छोड़ अधिकतर सेगमेंट में इसकी हिस्सेदारी 90% से अधिक है। जेफरीज ने जिक्र किया है कि एनएसई ने वैश्विक पियर्स की तुलना में अपना एक टेक प्रोडक्ट सुईट बनाया है और यह कमोडिटीज बिजनेस में विस्तार कर रही है। एनएसई के क्लियरिंग कॉरपोरेशन की कैश मार्केट में 88% और एफएंडओ मार्केट में 91% हिस्सेदारी है। एनएसई के पास टेक्नोलॉजी और डेटा ऑफरिंग्स का एक सुईट है जिसकी वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू में 13% हिस्सेदारी है। जेफरीज के मुताबिक ओवरऑल इंडियन एक्सचेंज का 70% रेवेवन्यू एनएसई का है। इसके पोर्टफोलियो में इक्विटी कैश, इंडेक्स ऑप्शंस, सिंगल स्टॉक ऑप्शंस, इक्विटी फ्यूचर्स, कमोडिटी एफएंडओ, बॉन्ड्स और करेंसी डेरिवेटिव्स हैं।

कंपनी के सेहत की बात करें तो जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि कोलोकेशन और डार्क फाइबर केस से जुड़े प्रोविजंस में ₹1390 करोड़ और टीएपी मामले में ₹670 करोड़ के पेमेंट्स ने मिलकर एनएसई के वित्त वर्ष 2025 और वित्त वर्ष 2026 के ऑपरेशनल ईबीआईटीडीए पर दबाव डाला। जेफरीज के मुताबिक सेबी सेटलमेंट फीस एक बार का होता है तो इसे निकालने पर देखें तो एनएसई का नॉर्मलाइज्ड ऑपरेटिंग ईबीआईटीडीए मार्जिन 76-77% पर काफी हद तक स्थिर है।

Options कितनी कमाऊ है एक्सचेंजेज के लिए?

जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है कि वित्त वर्ष 2020-26 के बीच इक्विटी ऑप्शंस सालाना 56% की रफ्तार से बढ़ा जबकि कैश मार्केट टर्नओवर इस दौरन 19% की ही रफ्तार से बढ़ा। ऑप्शंस प्रीमियम का एवरेज डेली टर्नओवर (ADTO) वित्त वर्ष 2026 में डेली कैश मार्केट मार्केट टर्नओवर का 70% रहा। इस प्रकार इंडियन एक्सचेंजेज पर ऑपरेटिंग रेवेन्यू की 70% हिस्सेदारी है। जेफरीज के मुताबिक यह एक्सचेंजों के रेवेन्यू को मार्केट परफॉरमेंस साइकिल से जोड़ता है क्योंकि ऑप्शन ट्रेडिंग प्राइस की बजाय वोलेटिलिटी से अधिक जुड़ी है। अमेरिका से तुलना करें तो भारत में ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स के ट्रेड्स अधिक हैं लेकिन प्रीमियम पांचवा हिस्सा।

Rentomojo IPO के प्रस्ताव को SEBI से मिली मंजूरी, लेकिन NLCT में याचिका ने बनाई डगर कठिन

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।