Stock in Focus: ड्रोन कंपनी को सरकार से ऑर्डर मिला, फोकस में रहेगा स्टॉक

Stock in Focus: ड्रोन बनाने वाली कंपनी ideaForge Technology को सर्वे ऑफ इंडिया से ऑर्डर मिला है। सर्वे ऑफ इंडिया भारत सरकार का सरकारी विभाग है। यह जमीन की माप, नक्शे बनाने और भौगोलिक जानकारी जुटाने का काम करता है। इस ऑर्डर के तहत कंपनी अपने Q6 V2 ड्रोन उपलब्ध कराएगी। इनका इस्तेमाल सर्वे और मैपिंग के काम में होगा।

कंपनी के मुताबिक, इन ड्रोन की मदद से जमीन के बड़े हिस्से की हवाई तस्वीरें और जरूरी डेटा जुटाया जा सकेगा। इससे अलग-अलग इलाकों में सर्वे करना आसान होगा। साथ ही, मैपिंग का काम भी कम समय में पूरा किया जा सकेगा।

बड़े इलाकों की मैपिंग करेगा Q6 V2 ड्रोन

Q6 V2 को खास तौर पर सर्वे और मैपिंग के लिए बनाया गया है। यह बड़े इलाकों में डेटा जुटा सकता है। इससे बड़े मैपिंग प्रोजेक्ट तेजी से पूरे करने में मदद मिलेगी।

यह ड्रोन वजन में हल्का है और लंबे समय तक उड़ सकता है। इसमें वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (VTOL) की सुविधा है। यानी इसे उड़ाने और उतारने के लिए लंबे रनवे की जरूरत नहीं पड़ती।

कंपनी ने बताया कि इस ड्रोन को भारत में ही डिजाइन और तैयार किया गया है। इसमें मैपिंग के लिए खास उपकरण लगे हैं। साथ ही, यह अपने आप रास्ता तय कर सकता है। इसमें डेटा की सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन सिस्टम भी दिया गया है।

कंपनी के मुताबिक, इसे 10 मिनट से भी कम समय में इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा सकता है। यह DFCA-सर्टिफाइड भी है। इसका इस्तेमाल मैपिंग, सर्वे और जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस जैसे कामों में किया जा सकता है।

सरकारी और कारोबारी कामों में बढ़ेगा इस्तेमाल

ideaForge Technology में एंटरप्राइज बिजनेस के एसोसिएट डायरेक्टर सोमिल गौतम ने कहा कि जमीन से जुड़ा डेटा जुटाने में ड्रोन की भूमिका बढ़ रही है। इनसे हवाई तस्वीरें और दूसरी जरूरी जानकारियां जुटाना आसान हो रहा है। इस डेटा का इस्तेमाल योजना बनाने, विकास कार्यों और जमीन के बेहतर प्रबंधन में किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि Survey of India के साथ कंपनी का काम दिखाता है कि खास तरह के कामों में भारत में बने ड्रोन की उपयोगिता बढ़ रही है। ऐसे कामों में सही जानकारी समय पर मिलना बहुत जरूरी होता है। गौतम के मुताबिक, सरकारी एजेंसियों और कंपनियों के लिए ड्रोन आधारित मैपिंग और डेटा जुटाने के कई मौके हैं।

ऑर्डर की घोषणा से पहले मंगलवार को ideaForge Technology के शेयर 1.4% चढ़कर ₹745.70 पर बंद हुए। साल 2026 में अब तक शेयर करीब 61% बढ़ चुका है।

Parag Parikh MF: पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड ने कैश होल्डिंग घटाई, इन दो कंपनियों पर लगाया बड़ा दांव

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Parag Parikh MF: पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड ने कैश होल्डिंग घटाई, इन दो कंपनियों पर लगाया बड़ा दांव

Parag Parikh MF: पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड ने अपने पास रखी नकदी में बड़ी कटौती की है। एक साल पहले फंड की कैश होल्डिंग करीब 24% थी। अब यह घटकर 9.7% रह गई है। शेयरों की कीमतों में गिरावट के बाद फंड को निवेश के नए मौके दिख रहे हैं। इसलिए उसने बाजार में पैसा लगाना बढ़ा दिया है।

PPFAS Mutual Fund के को-फंड मैनेजर (इक्विटी) और हेड ऑफ रिसर्च रौनक ओंकार ने CNBC-TV18 को एक इंटरव्यू में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शेयरों की वैल्यूएशन अब पहले के मुकाबले आकर्षक हो रही है। फंड को कुछ कंपनियों के शेयर कम कीमत पर मिल रहे हैं। इसलिए उसने इन कंपनियों में अच्छी-खासी रकम लगाई है।

ओंकार ने बताया कि फंड ऐसी कंपनियों पर भी नजर रख रहा है, जिनके कारोबार से लगातार कैश आता है। फिलहाल बाजार का ज्यादा ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों पर है। इस वजह से कई दूसरी कंपनियों पर निवेशकों का ध्यान कम गया है।

उनके मुताबिक, ऐसी कुछ कंपनियों के शेयर उनकी कमाई और कैश फ्लो के मुकाबले कम वैल्यूएशन पर मिल रहे हैं। इससे मजबूत कारोबार वाली कंपनियों में निवेश का मौका बन रहा है।

DLF में PPFAS क्यों लगा रहा है पैसा?

PPFAS Mutual Fund ने अपने पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट कंपनी DLF के शेयर भी शामिल किए हैं। ओंकार ने बताया कि DLF के पास काफी बड़ी जमीन है। कंपनी के पास प्रोजेक्ट पूरे करने की अच्छी क्षमता भी है। इसके अलावा, उसने अपना कर्ज कम किया है। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है।

ओंकार के मुताबिक, अब DLF में निवेश का मौका इस बात में है कि कंपनी अपनी जमीन का इस्तेमाल किस तरह करती है। वह नए प्रोजेक्ट बनाकर कारोबार बढ़ा सकती है। साथ ही, उसके कमर्शियल प्रॉपर्टी से किराये के रूप में लगातार कैश भी आता है।

उन्होंने यह भी कहा कि DLF की बैलेंस शीट पहले से मजबूत है। कर्ज कम होने के कारण कंपनी के पास विस्तार के लिए ज्यादा गुंजाइश है। इससे वह उत्तर भारत के अपने पारंपरिक बाजार से आगे दूसरे क्षेत्रों में भी कारोबार बढ़ा सकती है।

CMS Info Systems पर क्यों है PPFAS की नजर?

PPFAS Mutual Fund ने CMS Info Systems में भी निवेश किया है। इस कंपनी के कारोबार का एक बड़ा हिस्सा कैश से जुड़ा है। ओंकार के मुताबिक, देश की अर्थव्यवस्था में आज भी नकदी का इस्तेमाल हो रहा है। इसलिए बैंकों और दूसरे कैश एक्सेस पॉइंट्स के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि देश में चलन में मौजूद नकदी का स्तर नोटबंदी के समय के मुकाबले ज्यादा है। अर्थव्यवस्था में कई तरह के लेनदेन अब भी कैश से होते हैं। ऐसे में बैंकों और दूसरी जगहों पर नकदी पहुंचाने और उसे संभालने के लिए भरोसेमंद ऑपरेटर जरूरी हैं।

CMS Info Systems इसी तरह के काम से जुड़ी कंपनी है। वह कैश लेनदेन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर संभालती है। हालांकि, ओंकार ने यह भी माना कि कंपनी के मुख्य कारोबार में ऑर्गेनिक ग्रोथ बहुत मजबूत नहीं है। इसी वजह से उसके शेयर की वैल्यूएशन भी ज्यादा ऊंची नहीं है।

इसके बावजूद कंपनी का कैश फ्लो मजबूत है। यानी कारोबार से उसके पास लगातार पैसा आता है। कंपनी अपने मौजूदा कारोबार से जुड़े दूसरे क्षेत्रों में भी विस्तार के मौके तलाश रही है।

प्राइवेट बैंकों में 20% निवेश से संतुष्ट है PPFAS

PPFAS Mutual Fund के पोर्टफोलियो का करीब 20% हिस्सा प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में लगा है। इसमें HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank जैसे शेयर शामिल हैं।

ओंकार ने कहा कि फंड बैंकिंग शेयरों में अपने मौजूदा निवेश से संतुष्ट है। उसे इस सेक्टर में लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की जरूरत नहीं दिखती। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि इसमें इससे आगे निवेश बढ़ाते रहना सही होगा। आखिर यह बैंकिंग फंड नहीं है। हमने अपने पोर्टफोलियो में बैंकिंग सेक्टर को एक तय हिस्सेदारी दी है।’

ओंकार ने फंड की मौजूदा पसंद के हिसाब से बैंकों की रैंकिंग भी बताई। इसमें HDFC Bank पहले नंबर पर है। इसके बाद ICICI Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank का स्थान है।

हालांकि, यह रैंकिंग हमेशा एक जैसी रहेगी, ऐसा नहीं है। ओंकार के मुताबिक, समय के साथ इन बैंकों में निवेश का अनुपात बदल सकता है। यह बाजार की चाल, शेयरों के प्रदर्शन और संबंधित बैंकों के कारोबार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टेक्सटाइल कंपनी के शेयर में 20% का अपर सर्किट लगा, EV बिजनेस में बड़े प्लान का दिखा दम

टेक्सटाइल कंपनी Jindal Worldwide के शेयर में गुरुवार को जबरदस्त तेजी आई। शेयर 20% चढ़कर अपर सर्किट लगा और यह ₹48.22 पर बंद हुआ। ये स्टॉक का एक साल से ज्यादा समय का सबसे ऊंचा स्तर है। पिछले 6 महीने में स्टॉक 108.65% का रिटर्न दिया है।

इससे पहले मंगलवार को शेयर 10% चढ़ा था। बुधवार को इसमें करीब 4.5% की गिरावट आई। लेकिन गुरुवार को इसमें फिर से तेज खरीदारी देखने को मिली।

FY28 तक 100 शोरूम खोलने का प्लान

Jindal Worldwid की EV सब्सिडियरी Jindal Mobilitric ने बड़ा विस्तार प्लान बनाया है। कंपनी FY28 के अंत तक देशभर में करीब 100 शोरूम खोलना चाहती है।

FY27 के अंत तक करीब 40 शोरूम खोले जाएंगे। बाकी शोरूम FY28 में शुरू होंगे। कंपनी का कहना है कि वह EV ग्राहकों तक बेहतर तरीके से पहुंचना चाहती है। साथ ही आफ्टर-सेल्स सर्विस को भी मजबूत किया जाएगा।

अभी दो शोरूम, 52 डीलर जुड़े

कंपनी का अहमदाबाद स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट चालू हो चुका है। Jindal Mobilitric ने श्रीनगर और जयपुर में अपने पहले दो शोरूम खोले हैं।

कंपनी ने देशभर में 52 डीलर भी नियुक्त किए हैं। अब इन्हीं के जरिए कंपनी अपना रिटेल नेटवर्क बढ़ाएगी। उसका फोकस बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों पर भी है।

अमित अग्रवाल फिर बने मैनेजिंग डायरेक्टर

Jindal Worldwide ने अमित यमुनादत्त अग्रवाल को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनका नया कार्यकाल तीन साल का होगा।

EV बिजनेस के विस्तार प्लान से शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। यही वजह है कि गुरुवार को शेयर में फिर से तेज उछाल देखने को मिला।

Jindal Worldwide का बिजनेस क्या है?

Jindal Worldwide का मुख्य कारोबार टेक्सटाइल सेक्टर में है। कंपनी डेनिम फैब्रिक और दूसरे टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी का टेक्सटाइल बिजनेस उसका मुख्य कारोबार है। हालांकि, अब वह इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में भी तेजी से कदम बढ़ा रही है।

कंपनी की सब्सिडियरी Jindal Mobilitric इलेक्ट्रिक व्हीकल बिजनेस संभालती है। कंपनी ने अहमदाबाद में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू कर दिया है। श्रीनगर और जयपुर में दो शोरूम खुल चुके हैं। अब कंपनी देशभर में रिटेल नेटवर्क बढ़ाने और EV मार्केट में अपनी मजबूत पहचान बनाने की तैयारी कर रही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 26 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार, 26 अगस्त को शेयर बाजार में कई स्टॉक्स खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों को नए ऑर्डर मिले हैं, तो कुछ से जुड़े बड़े कॉरपोरेट अपडेट सामने आए हैं। वहीं OFS, ब्लॉक डील और मैनेजमेंट बदलाव भी चर्चा में हैं। आइए जानते हैं किन 12 शेयरों पर रहेगी बाजार की नजर।

Cipla

फार्मा कंपनी Cipla की पीथमपुर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में 17 से 25 अगस्त तक US FDA का इंस्पेक्शन हुआ। जांच के बाद Form 483 में 7 ऑब्जर्वेशन दिए गए हैं। अब कंपनी को इन कमियों पर जवाब देना होगा और जरूरी सुधार करने पड़ सकते हैं।

JSW Energy

पावर कंपनी JSW Energy से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में है। महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की याचिका पर सुनवाई टल गई है। विवाद करीब ₹600 करोड़ के टैरिफ भुगतान से जुड़ा है। महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने पहले यह रकम JSW Energy को देने का आदेश दिया था।

Advait Energy Transitions

पावर ट्रांसमिशन कंपनी Advait Energy Transitions को ₹134.62 करोड़ का टर्नकी कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर Madhya Pradesh Power Transmission Company से मिला है। ऑर्डर को 18 महीने में पूरा करना है।

United Breweries

बीयर कंपनी United Breweries ने Heineken Silver का विस्तार किया है। कंपनी ने इसे केरल, ओडिशा और मध्य प्रदेश में लॉन्च किया है। United Breweries ने बताया कि जिन बाजारों में यह ब्रांड पहले से उपलब्ध है, वहां इसे अच्छी मांग मिली है।

Rainbow Children’s Medicare

हेल्थकेयर कंपनी Rainbow Children’s Medicare के CFO विकास महेश्वरी ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 31 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा। CFO कंपनी के वित्तीय मामलों की अहम जिम्मेदारी संभालता है।

Varun Beverages

बेवरेज कंपनी Varun Beverages नए सेगमेंट में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी Ready-to-Drink और Alcoholic Beverages कारोबार में एंट्री के लिए KIVA Spirits and Company नाम की नई इकाई बनाएगी। इसके अलावा Tunisia में 75:25 जॉइंट वेंचर बनाने की योजना को मंजूरी मिली है।

Hindustan Copper

सरकारी कॉपर कंपनी Hindustan Copper का OFS 26 अगस्त को रिटेल निवेशकों और कर्मचारियों के लिए खुलेगा। संस्थागत निवेशकों ने पहले दिन OFS को 3.41 गुना सब्सक्राइब किया। इसके बाद सरकार ने पूरी ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यानी अब अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेची जाएगी।

Groww

फिनटेक कंपनी Groww में एक बड़े ब्लॉक डील की खबर है। जानकारी के मुताबिक Ribbit Capital करीब 1.6% हिस्सेदारी बेच सकता है। इस सौदे का आकार करीब ₹1,914 करोड़ बताया गया है। Block Deal के लिए ₹195 प्रति शेयर का Floor Price रखा गया है।

Tata Motors

ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles ने ग्रुप कंपनी Tata Communications के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां भारत में Software-Defined Vehicles को बढ़ावा देंगी। इसकी शुरुआत नई Sierra.ev से होगी। इसमें In-built 5G Cellular Connectivity दी जाएगी।

Fedbank Financial Services

NBFC कंपनी Fedbank Financial Services के बोर्ड ने कर्ज के जरिए ₹2,500 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल कारोबार की जरूरतों और विस्तार के लिए कर सकती है।

HEG

ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड कंपनी HEG का डीमर्जर 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। इसकी रिकॉर्ड डेट 7 सितंबर तय की गई है। डीमर्जर के बाद कंपनी का कारोबार दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बंट जाएगा। इनमें HEG Graphite और HEG Advanced Materials शामिल होंगी।

Welspun Corp

पाइप और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Welspun Corp में बड़े ब्लॉक डील की खबर है। Welspun Investments & Commercials और MD & CEO Vipul Mathur करीब 63 लाख शेयर, यानी कंपनी की लगभग 2.4% हिस्सेदारी बेच सकते हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।