Commodity Market: कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल! ब्रेंट $95 के पार, जानिए सोने-चांदी का हाल

Commodity Market Updates: आज शुक्रवार, 4 सितंबर को वैश्विक कमोडिटी बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। मध्य पूर्व में गहराते सैन्य तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच एक बार फिर से भड़की तबाही की चिंगारी के चलते कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका गहरा गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। दूसरी ओर, अमेरिकी एंप्लॉयमेंट डेटा से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती व स्थिरता बनी हुई है।

कच्चे तेल में आई यह तेजी मध्य जुलाई के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर इशारा कर रही है। आइए आपको बताते हैं कमोडिटी बाजार का पूरा अपडेट।

कच्चे तेल की कीमतों में उबाल: ब्रेंट $95 और WTI $91 के पार

मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई रुकने के डर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों की कीमतों में शुक्रवार को बढ़त दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 15 सेंट (0.2%) चढ़कर $95.67 प्रति बैरल पर पहुंच गया। वीकली आधार पर इसमें 7.1% की भारी बढ़त देखी जा रही है। वही अमेरिकी WTI क्रूड 26 सेंट (0.3%) की बढ़त के साथ $91.56 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। हफ्ते भर में WTI में 9.8% का उछाल दर्ज किया गया है। यह 20 जुलाई के बाद कच्चे तेल में दर्ज की गई अब तक की सबसे बड़ी साप्ताहिक तेजी है।

सोने-चांदी का हाल: US Fed के नरम रुख से मिला सहारा

कच्चे तेल की आग के बीच सोने की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है और यह भी मामूली साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $4,477.10 प्रति औंस के मजबूत स्तर पर टिका हुआ है। दिसंबर का अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.4% गिरकर $4,522.60 प्रति औंस पर रहा। सिल्वर (चांदी) 0.1% बढ़कर $66.90 प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि प्लैटिनम और पैलेडियम में मामूली सुस्ती रही।

निवेशक अब आज शाम जारी होने वाले अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल डेटा का इंतजार कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर अगला कदम उठाने का संकेत मिलेगा।

गुरुवार को गोल्ड में क्यों आई थी 2% की तेजी?

अमेरिकी फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर ने कहा था कि अगर महंगाई दर स्थिर रहती है तो वे ब्याज दरें न बढ़ाने का समर्थन करेंगे। उनके इस बयान के बाद ट्रेडर्स ने सितंबर में रेट हाइक की उम्मीदें कम कर दीं, जिससे गुरुवार को सोने में 2% का बड़ा उछाल आया था।

डॉलर इंडेक्स में हल्की नरमी

दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की ताकत मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.05% घटकर 99.54 पर आ गया। डॉलर कमजोर होने से विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर में कोटेड कमोडिटी (सोना-तेल) खरीदना तुलनात्मक रूप से सस्ता हो जाता है, जिससे कीमतों को सहारा मिलता है।

यूरो (Euro): $1.1589 पर स्थिर।

जापानी येन (Yen): डॉलर के मुकाबले 0.07% मजबूत होकर 158.59 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

टेक्सटाइल कंपनी के शेयर में 20% का अपर सर्किट लगा, EV बिजनेस में बड़े प्लान का दिखा दम

टेक्सटाइल कंपनी Jindal Worldwide के शेयर में गुरुवार को जबरदस्त तेजी आई। शेयर 20% चढ़कर अपर सर्किट लगा और यह ₹48.22 पर बंद हुआ। ये स्टॉक का एक साल से ज्यादा समय का सबसे ऊंचा स्तर है। पिछले 6 महीने में स्टॉक 108.65% का रिटर्न दिया है।

इससे पहले मंगलवार को शेयर 10% चढ़ा था। बुधवार को इसमें करीब 4.5% की गिरावट आई। लेकिन गुरुवार को इसमें फिर से तेज खरीदारी देखने को मिली।

FY28 तक 100 शोरूम खोलने का प्लान

Jindal Worldwid की EV सब्सिडियरी Jindal Mobilitric ने बड़ा विस्तार प्लान बनाया है। कंपनी FY28 के अंत तक देशभर में करीब 100 शोरूम खोलना चाहती है।

FY27 के अंत तक करीब 40 शोरूम खोले जाएंगे। बाकी शोरूम FY28 में शुरू होंगे। कंपनी का कहना है कि वह EV ग्राहकों तक बेहतर तरीके से पहुंचना चाहती है। साथ ही आफ्टर-सेल्स सर्विस को भी मजबूत किया जाएगा।

अभी दो शोरूम, 52 डीलर जुड़े

कंपनी का अहमदाबाद स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट चालू हो चुका है। Jindal Mobilitric ने श्रीनगर और जयपुर में अपने पहले दो शोरूम खोले हैं।

कंपनी ने देशभर में 52 डीलर भी नियुक्त किए हैं। अब इन्हीं के जरिए कंपनी अपना रिटेल नेटवर्क बढ़ाएगी। उसका फोकस बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों पर भी है।

अमित अग्रवाल फिर बने मैनेजिंग डायरेक्टर

Jindal Worldwide ने अमित यमुनादत्त अग्रवाल को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनका नया कार्यकाल तीन साल का होगा।

EV बिजनेस के विस्तार प्लान से शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। यही वजह है कि गुरुवार को शेयर में फिर से तेज उछाल देखने को मिला।

Jindal Worldwide का बिजनेस क्या है?

Jindal Worldwide का मुख्य कारोबार टेक्सटाइल सेक्टर में है। कंपनी डेनिम फैब्रिक और दूसरे टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी का टेक्सटाइल बिजनेस उसका मुख्य कारोबार है। हालांकि, अब वह इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में भी तेजी से कदम बढ़ा रही है।

कंपनी की सब्सिडियरी Jindal Mobilitric इलेक्ट्रिक व्हीकल बिजनेस संभालती है। कंपनी ने अहमदाबाद में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू कर दिया है। श्रीनगर और जयपुर में दो शोरूम खुल चुके हैं। अब कंपनी देशभर में रिटेल नेटवर्क बढ़ाने और EV मार्केट में अपनी मजबूत पहचान बनाने की तैयारी कर रही है।

Share Market Updates: सेंसेक्स दिन के हाई से 372 अंक तक लुढ़का, इन कारणों से बाजार ने गंवाई पूरी बढ़त

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Updates: सेंसेक्स और निफ्टी फ्लैट, फिर भी निवेशकों ने गंवाए ₹96547 करोड़

शेयर बाजार ने शुक्रवार, 21 अगस्त को फ्लैट कारोबार किया। सेंसेक्स 3.11 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 रुपये पर और निफ्टी 20.1 अंकों की बढ़त के साथ 24,252 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 96547 करोड़ रुपये घट गया। दिन में सेंसेक्स ने 77,725.67 का हाई और 77,445.86 का लो देखा। निफ्टी 50 दिन में 24,284.05 के हाई और 24,206.80 के लो तक गया। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

गुरुवार, 20 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,92,71,879.619 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,91,75,332.89 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 96,546.729 करोड़ रुपये की कमी।

निफ्टी पर पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, कोटक महिंद्रा बैंक, नेस्ले इंडिया और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड टॉप गेनर रहे। वहीं मारुति सुजुकी इंडिया, ट्रेंट, HCL टेक्नोलॉजीस, इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,537.72 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 7 दिन की गिरावट से उबरते हुए 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,231.85 पर बंद हुआ था। BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.83 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.56 प्रतिशत चढ़ा।

Waterways Leisure Tourism Stock Split: 10 टुकड़ों में टूटेगा यह शेयर, एक सप्ताह में 16% चढ़ा; रिकॉर्ड डेट 25 अगस्त

रुपये में तेजी

शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 3 पैसे चढ़कर 95.71 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से घरेलू मुद्रा को सपोर्ट मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की चुनौती के चलते कमजोर डॉलर का असर कम रहा। रुपया गुरुवार को 1 पैसे की गिरावट के साथ 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में तेजी है। हेंग सेंग, कॉस्पी, ताइवान वेटेड अच्छी बढ़त में हैं। SET कंपोजिट, जकार्ता कंपोजिट और शंघाई कंपोजिट भी हरे निशान में हैं। वहीं निक्केई 225 में गिरावट है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को गिरावट में बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty के 24200-24300 पार करने पर दिखेगी शॉर्ट-कवरिंग, जानिए 10 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल

सेंसेक्स और निफ्टी 9 जुलाई को तेजी के साथ बंद हुए। लेकिन, पूरे दिन सूचकांकों में उतार-चढ़ाव दिखा। इसमें सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का कुछ हाथ रहा। कारोबार खत्म होने के अंतिम घंटे में बाजार में प्रॉफिट-बुकिंग दिखी। इससे निफ्टी 24,000 के नीचे आ गया। क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों का असर मार्केट पर पड़ रहा है। सवाल है कि आगे मार्केट की चाल कैसी रहेगी?

निफ्टी ने कारोबार के दौरान ताकत दिखाने की कोशिश की

एनालिस्ट्स का कहना है कि Nifty अगर 24,200-24,300 जोन को पार कर जाता है तो बाजार में शॉर्ट-कविरंग देखने को मिलेगी। शॉर्ट कवरिंग से मार्केट चढ़ेगा। बजाज ब्रोकिंग रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “निफ्टी के लिए 23,400-23,600 के लेवल पर सपोर्ट है। 8 जुलाई को बड़ी गिरावट के बाद 9 जुलाई को उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी ने बाउंस बैक करने की कोशिश की। कारोबार के अंत में यह 80 अंक ऊपर बंद हुआ।”

इंडिया वीआईएक्स 14 के नीचे आया

इस रिपोर्ट के मुताबिक, “लॉन्ग अपर शैडो के साथ डेली चार्ट पर एक स्मॉल पॉजिटिव कैंडल बना था। टेक्निकल रूप से यह ‘इनवर्टेड हैमर’ टाइप कैंडल पैटर्न बनने का संकेत है। गिरावट के बाद आम तौर पर ऐसा पैटर्न बनने को बुलिश रिवर्सल के रूप में देखा जा सकता है।” इंडिया वीआईएक्स में गिरावट आई है। यह 14 के नीचे आ गया है। आज निफ्टी ऑटो और निफ्टी आईटी को छोड़ बाकी सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।

शॉर्ट टर्म में निफ्टी का ट्रेंड कमजोर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा, “निफ्टी का अंडरलाइंग शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर लगता है। लेकिन, 23,800 के सपोर्ट लेवल के करीब से इसके बाउंस बैक करने का संकेत दिख रहा है। अगर यह 24,200-24,300 के लेवल के पार हो जाता है तो बाजार में काफी शॉर्ट कवरिंग दिख सकती है।”

23,780 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है

एसबीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा, “आगे निफ्टी के लिए 23,800-23,780 अगले सपोर्ट जोन का काम करेगा। कई पिछले स्विंग लो इस रीजन में हैं। निफ्टी के 23,780 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इससे वह पहले 23,600 और उसके बाद 23,450 की तरफ बढ़ सकता है। तेजी की स्थिति में निफ्टी के लिए अगला रेसिस्टेंस 24,070-24,100 के जोन में है।”

यह भी पढ़ें: TCS Dividend: हर शेयर पर ₹12 का डिविडेंड देगी टाटा की टीसीएस, रिकॉर्ड डेट भी तय

गिफ्टी निफ्टी दे रहा हल्की रिकवरी का संकेत

गिफ्ट निफ्टी 10 जुलाई को बाजार में हल्की रिकवरी का संकेत दे रहा है। 9 जुलाई को शाम 7:20 बजे यह 0.19 फीसदी यानी 44.50 अंक की तेजी के साथ 24,039 पर था। हालांकि, मध्यपूर्व में टेंशन बढ़ने और क्रूड की कीमतों में उछाल का असर बाजार पर दिख सकता है। हालांकि, क्रूड में हल्की नरमी दिखी है।

इस विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने प्राइवेट बैंकों में घटाया निवेश, आईटी शेयरों को पोर्टफोलियो से किया बाहर

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन का भारत के प्राइवेट बैंकों पर भरोसा घटा है। उसने अपने इंडिया मॉडल पोर्टफोलियो से निफ्टी आईटी इंडेक्स को हटा दिया है। उसने कहा है कि बाजार की रफ्तार बढ़ाने वाला कोई फैक्टर नहीं दिख रहा है। जियोपॉलिटिकल टेंशन, इनफ्लेशन और मानसून से जुड़े रिस्क बाजार के लिए बड़े चैलेंज दिख रहे हैं।

शेयरों से कमाई के लिहाज से स्थितियां चुनौतीपूर्ण

Bernstein ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रही लड़ाई को लेकर टेंशन कम हुआ है। क्रूड ऑयल की कीमतें भी काफी नीचे आ गई हैं। लेकिन, शेयर बाजार से कमाई के लिहाज से स्थितियां मुश्किल दिख रही हैं। कई बड़े सेक्टर बड़ी चुनौतियां का सामना कर रहे हैं। मौके मार्केट में सिर्फ कुछ चुनिंदा शेयरों में हैं।

निफ्टी के लिए 26000 को टारगेट को बनाए रखा

बर्नस्टीन ने 1 जुलाई को जारी रिपोर्ट में ये बातें बताई हैं। उसने कहा है, “इंडिया में मार्केट के रिटर्न का आउटलुक अब भी मुश्किल दिख रहा है।” हालांकि, इस साल के अंत तक निफ्टी के 26,000 के टारगेट में उसने बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से निफ्ली करीब 8-9 फीसदी चढ़ सकता है।

पोर्टफोलियो से इन शेयरों को किया बाहर

ब्रोकरेज फर्म ने अपने पोर्टफोलियो में हाल में हुए बदलाव के तहत ICICI Bank, IndusInd Bank और निफ्टी आईटी इंडेक्स के शेयरों को बाहर कर दिया है। हालांकि, उसने Axis Bank और Zydus Life के शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि उसने फाइनेंशियल शेयरों में इस साल की शुरुआत में अपना निवेश घटाया था। इस सेक्टर को लेकर अब भी उसका एप्रोच सेलेक्टिव है।

प्राइवेट बैंकों में पहले जैसी ग्रोथ नहीं दिख रही

बड़े प्राइवेट बैंकों के बारे में बर्नस्टीन ने कहा है कि इनमें पहले की साइकिल जैसी ग्रोथ विजिबिलिटी और गवर्नेंस प्रीमियम नहीं दिख रहा। सरकारी बैंकों से प्रतियोगिता बढ़ रही है और शॉर्ट टर्म में रीरेटिंग की कोई संभावना नजर नहीं आ रही। उसने कहा है कि उसने इस साल खराब प्रदर्शन की वजह से आईसीआईसीआई बैंक और इंडसइंड को पोर्टफोलियो से बाहर कर दिया है।

डेटा सेंटर ईकोसिस्टम में दिख रहे मौके

शेयर बाजार के लिए स्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद बर्नस्टीन के इंडिया पोर्टफोलियो ने इस साल 1.1 फीसदी रिटर्न दिया है। यह इस दौरान निफ्टी के 6.7 फीसदी के निगेटिव रिटर्न से बेहतर है। उसने कहा है कि बाजार की मौजूदा स्थितियों में सीमित मौके दिख रहे हैं। ये मौके डेटा सेंटर ईकोसिस्टम और इमर्जिंग मैन्युफैक्चरिंग थीम में दिख रहे हैं। ये मौके ज्यादातर स्मॉलकैप स्टॉक्स तक सीमित हैं, जिससे मार्केट के कुल रिटर्न पर इनका असर पड़ने की संभावना नहीं है।