BSE Q1 Results: स्टॉक एक्सचेंज को ₹874 करोड़ का मुनाफा, बुलियन कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ाने का प्लान

BSE Q1 Results: स्टॉक एक्सचेंज BSE ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर 9.6% बढ़कर ₹874 करोड़ हो गया। मार्च तिमाही में यह ₹797 करोड़ था।

जून तिमाही में BSE का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा। यह 0.2% बढ़कर ₹1,566 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, कुल आय 5% बढ़कर ₹1,707 करोड़ हो गई। इसकी बड़ी वजह निवेश से होने वाली आय में तेज उछाल रही।

निवेश से कमाई दोगुनी से ज्यादा

BSE की सबसे बड़ी कमाई ट्रांजैक्शन चार्ज से होती है। यह तिमाही आधार पर 1% बढ़कर ₹1,328 करोड़ हो गया। अन्य ऑपरेटिंग आय में भी 5% की बढ़ोतरी हुई।

हालांकि, लिस्टिंग सर्विसेज से होने वाली आय 15% घटकर ₹101 करोड़ रह गई। इसकी वजह IPO बाजार में सुस्ती रही। दूसरी ओर, निवेश से होने वाली आय ₹62 करोड़ से बढ़कर ₹135 करोड़ हो गई।

मुनाफा मार्जिन 51% रहा

BSE का कंसोलिडेटेड EBITDA ₹1,187 करोड़ रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन 51% दर्ज किया गया। वहीं, कंपनी की नेटवर्थ बढ़कर ₹7,547 करोड़ पहुंच गई। प्रति शेयर आय (EPS) ₹21.22 रही।

कैश मार्केट में BSE का औसत दैनिक कारोबार बढ़कर ₹9,955 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹7,180 करोड़ था। इक्विटी डेरिवेटिव्स में औसत दैनिक प्रीमियम टर्नओवर ₹1,155 करोड़ पहुंच गया।

बुलियन कारोबार में बढ़ाएगी हिस्सेदारी

BSE के बोर्ड ने India International Bullion Holding (IIBH) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20% करने को मंजूरी दी है। अभी कंपनी की इसमें 10% हिस्सेदारी है। यह निवेश GIFT City के बुलियन मार्केट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। BSE अब इक्विटी ट्रेडिंग के अलावा दूसरे मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार में भी विस्तार कर रही है।

BSE के शेयरों का हाल

BSE का शेयर मंगलवार को 0.64% बढ़कर 3,597.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 24.22% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 44.69% का रिटर्न दिया है। बीते 5 साल में स्टॉक ने 2,559.59% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 1.47 लाख करोड़ रुपये है।

KEI Industries Share Price:अच्छे तिमाही नतीजों से शेयर सरपट दौड़ा, 9% उछलकर 4 हफ्ते के हाई पर पहुंचा भाव, अब क्या करें?

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KEI Industries Share Price: केबल इंडस्ट्रीज KEI Industries का शेयर 4 अगस्त को 9 फीसदी से ज्यादा तेजी देखने को मिली और यह आज ₹5,475 प्रति के चार हफ़्ते के हाई पर पहुंच गया। शेयर में यह तेजी तिमाही नतीजों के बाद देखने को मिली है। कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे दिखाए, जिसकी वजह रेवेन्यू मिक्स और ऑपरेटिंग लेवरेज में सुधार था।

कंपनी ने जून तिमाही के लिए ₹3,190 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो साल-दर-साल (YoY) आधार पर 23% की बढ़ोतरी है।

ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल के अनुसार, जहां टॉपलाइन (रेवेन्यू) मजबूत रही, वहीं वॉल्यूम ग्रोथ सिंगल-डिजिट में ही रही। इसकी वजह इनपुट कॉस्ट में भारी बढ़ोतरी और पॉलीकैब, हैवेल्स और RR काबेल जैसी दूसरी कंपनियों के वॉल्यूम ट्रेंड में सुस्ती थी।

ऑपरेटिंग लेवल पर, EBITDA साल-दर-साल 53% बढ़कर ₹400 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 240 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 12.4% हो गया। इसकी वजह ऑपरेटिंग लेवरेज और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स था। बॉटम लाइन (मुनाफ़े) की बात करें तो, कंपनी ने ₹270 करोड़ का नेट प्रॉफ़िट (PAT) दर्ज किया, जो साल-दर-साल 40% ज़्यादा है। हालाँकि, तिमाही के दौरान ‘अन्य आय’ (other income) कम होने के कारण प्रॉफ़िट ग्रोथ, EBITDA ग्रोथ के मुकाबले कम रही।

मज़बूत मार्जिन परफॉर्मेंस के बाद, ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल का मानना ​​है कि इस बात की काफ़ी संभावना है कि कंपनी FY27 के लिए अपने 10.5%–11% के EBITDA मार्जिन गाइडेंस को बढ़ा सकती है।

ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर चैनल ग्रोथ का मुख्य ड्राइवर बना रहा। इस तिमाही में कुल रेवेन्यू में इसका योगदान लगभग 59% रहा, जबकि एक साल पहले यह 51% था।

इस चैनल से रेवेन्यू साल-दर-साल 42% बढ़कर ₹1,880 करोड़ हो गया। चूंकि डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर के ज़रिए होने वाली बिक्री पर आम तौर पर ज़्यादा मार्जिन मिलता है, इसलिए बेहतर होते चैनल मिक्स से भविष्य में मुनाफ़े को सहारा मिलने की उम्मीद है।

कंपनी ने अपनी सलारपुर फैसिलिटी में ₹700 करोड़ की कैपेसिटी बढ़ाने (क्षमता विस्तार) की भी घोषणा की, ताकि 50,000 km केबल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और 40,000 मीट्रिक टन GI वायर कैपेसिटी जोड़ी जा सके।

यह प्रोजेक्ट चरणों में पूरा किया जाएगा और इसके FY29 की दूसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है। जून तिमाही के आखिर तक, कैपेसिटी यूटिलाइज़ेशन (क्षमता का उपयोग) केबल के लिए लगभग 72%, कम्युनिकेशन केबल के लिए 45%, हाउस वायर और वाइंडिंग वायर के लिए 61% और स्टेनलेस स्टील वायर के लिए 91% था।

ब्रोकरेज की शेयर पर क्या है राय

जून तिमाही के नतीजों के बाद, JM फाइनेंशियल ने KEI इंडस्ट्रीज़ पर अपनी ‘buy’ रेटिंग दी है और इसके लिए टारगेट प्राइस ₹5,800 तय किया। ब्रोकरेज का मानना ​​है कि कंपनी का EBITDA मार्जिन प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है, जिससे FY27 के लिए मार्जिन गाइडेंस में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है।उन्हें यह भी उम्मीद है कि FY28 में मार्जिन और बढ़ेगा, क्योंकि FY27 के आखिर तक एक्स्ट्रा-हाई वोल्टेज (EHV) केबल फैसिलिटीज़ शुरू हो जाएंगी।

वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने भी स्टॉक पर अपनी ‘buy’ रेटिंग बनाए रखी और इसका टारगेट प्राइस ₹5,010 तय किया। हालांकि, स्टॉक अभी अपने टारगेट प्राइस से ऊपर ट्रेड कर रहा है।

ब्रोकरेज ने बताया कि KEI का Q1 FY27 EBITDA उनके अनुमान से ज़्यादा रहा। इसकी वजह केबल्स एंड वायर्स (C&W) और इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) सेगमेंट में मज़बूत रेवेन्यू ग्रोथ थी, हालांकि EPC बिजनेस को इस तिमाही में नुकसान हुआ।

मोतीलाल ओसवाल ने आगे कहा कि वे C&W सेक्टर को लेकर स्ट्रक्चरली पॉजिटिव हैं, क्योंकि इसमें लंबे समय तक ग्रोथ के मजबूत कारण मौजूद हैं और लगातार मांग बनी हुई है।

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