Market Next Week : मिड और स्मॉल कैप्स में लगातार चौथे हफ्ते दिखी गिरावट, जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Next Week: बाजार के एक बड़े हिस्से पर दबाव बना रहा और मिड कैप और स्मॉल कैप इंडेक्स लगातार चौथे हफ्ते भी गिरावट का शिकार रहे। इस हफ्ते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.5% और निफ़्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 3.3% की गिरावट आई, जिससे इनका प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। बीते हफ्ते BSE सेंसेक्स 1,986.04 अंक या 2.68% गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ,जबकि निफ़्टी 50 में 3.10% या 718.55 अंकों की गिरावट आई और यह 22,421.95 पर बंद हुआ।

निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे ज्यादा टूटा

सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा 6% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी ऑटो में 5.8% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मेटल, FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 4% से ज़्यादा की गिरावट हुई, जबकि निफ्टी रियल्टी, हेल्थकेयर, इंफ्रा और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 3% से ज़्यादा की गिरावट आई। हालांकि, निफ्टी IT में 0.5% की बढ़त हुई।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.5% की गिरावट

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में इस हफ्ते 3.5% की गिरावट आई। इसमें लगातार चौथे हफ्ते भी इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में PB फिनटेक, पतंजलि फूड्स, वोडाफोन आइडिया, कोरोमंडल इंटरनेशनल, स्विगी, LIC हाउसिंग फाइनेंस, जुबिलेंट फूडवर्क्स, SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज़, यस बैंक, कल्याण ज्वैलर्स इंडिया, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और रैडिको खेतान शामिल रहे।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगातार चौथे हफ्ते गिरावट

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगातार चौथे हफ्ते गिरावट जारी रही। यह इस हफ्ते 3.3% गिर गया। इस गिरावट की वजह IFCI, आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट, फ़िज़िक्सवाला, गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, आइनॉक्स विंड, वॉकहार्ट और वेल्सपन कॉर्प के शेयरों में आई गिरावट रही।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बढ़ी

बीते हफ्ते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी बिकवाली बढ़ा दी और लगातार छठे हफ़्ते निकासी की। उन्होंने कुल 34,966.07 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सपोर्ट करना जारी रखा और इस हफ़्ते 33,455.30 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इस हफ्ते बाजार में आई गिरावट से BSE पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू में लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।

जानें आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले ने कहा कि छोटे ट्रेडिंग वीक में बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट आई। निफ्टी 3.10 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में लगभग 2000 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो लगभग सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। कंज्यूमर और ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई। कंज्यूमर इंडेक्स 6.15 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स 5.85 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

इस हफ्ते मार्केट में ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा। वीकली चार्ट पर एक लॉन्ग ‘बेयरिश कैंडल’ बनी। इंट्राडे चार्ट पर ‘लोअर हाई’ और ‘लोअर लो’ बनने का सिलसिला जारी रहा,जो काफी हद तक नेगेटिव ट्रेंड का संकेत है।

अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का मिजाज कमज़ोर रहेगा, लेकिन यह ‘ओवरसोल्ड’ स्थिति में है। इसलिए, मौजूदा लेवल से ‘पुलबैक रैली’ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नीचे की तरफ, 22,200/71,300 एक अहम सपोर्ट जोन है, जबकि 22,500/72,200 तत्काल रेजिस्टेंस लेवल है। अगर मार्केट 22,500/72,200 के ऊपर जाता है तो पुलबैक बढ़कर 22,700–22,800/73,000-73,200 तक जा सकता है। इसके विपरीत अगर यह 22,200/71,300 के नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 22,000–21,950/71,000-70,700 तक गिर सकता है।

बैंक निफ्टी पर अपनी राय साझा करते हुए अमोल अठावले ने कहा कि इसके लिए 54,000 एक अहम सपोर्ट ज़ोन है। अगर यह इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो इंडेक्स वापस 55,000–55,500 तक जा सकता है। हालांकि, 54,000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इसके 53,500–53,200 तक गिरने की संभावना बढ़ सकती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के हेड ऑफ़ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है,क्योंकि ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भारी गिरावट,कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी और पिछले छह महीनों में विदेशी निवेशकों की सबसे ज्यादा बिकवाली का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है। US 10-ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड 2007 के अपने उच्चतम स्तर को पार करके 5.3% पर पहुंच गया है,जो अप्रैल 2002 के बाद सबसे ज्यादा है,जबकि 30-साल के बॉन्ड का यील्ड 5.6% पर है।

निफ्टी की अर्निंग यील्ड अब अमेरिकी बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज से कम होने हो गई है। इसके कारण,ग्लोबल यील्ड के स्थिर होने, कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने और विदेशी निकासी में कमी आने तक बाजार में तेजी की संभावना नहीं है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने अहम लॉन्ग टर्म सपोर्ट लेवल यानी 22,600 और 22,400 के आसपास 200-हफ्ते के SMA और EMA से साफ तौर पर नीचे आ गया और 22,180 के लेवल (जो अप्रैल 2026 का निचला स्तर था) की ओर बढ़ गया है। इससे बाजार में मंदी का माहौल और मज़बूत हुआ है।

निफ्टी के लिए 22,000–22,200 का जोन अगले अहम सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है, जबकि 22,500–22,600 का लेवल सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस बन सकता है। इसके बाद 22,800 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस होगा। इंडेक्स में करेक्शन का दौर जारी रहने और उतार-चढ़ाव बढ़ने के कारण,निकट भविष्य में सतर्क रहने की जरूरत है और चुनिंदा शेयरों में ही मौके तलाशने की सलाह है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि बाजार का मूड अभी भी कमजोर बना हुआ है क्योंकि कोविड के समय आई गिरावट के बाद पहली बार इंडेक्स अपने 200-हफ्ते के मूविंग एवरेज के नीचे बंद हुआ है। निचले स्तर पर,22,200 पर सपोर्ट है। अगर इंडेक्स इसके नीचे जाता है तो 22,060 तक और गिरावट आ सकती है।

ऊपर की तरफ 22,600 पर रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स 22,600 के नीचे रहेगा,तब तक उछाल पर बिकवाली का ट्रेंड बना रहेगा।

 

त्योहारी सीजन से पहले AC और TV की कीमतें 5-8% बढ़ीं, अप्लायंस बनाने वाली कंपनियों को बिक्री में डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : कच्चा तेल $100 के नीचे आने पर भी बाजार नहीं चला तो बढ़ेगी दिक्कत, इन चुनिंदा शेयरों में दिख रहे खरीदारी के मौके

Market Insight : भारतीय बाजार आज बढ़त के साथ कारोबार कर रहें है। 11 बजे के आसपास सेंसेक्स 279.35 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 74,808.43 पर और निफ्टी 87.45 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 23,416.45 पर दिख रहा था। लगभग 2391 शेयरों में बढ़त हुई, 1256 शेयरों में गिरावट आई और 179 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। ऐसे में बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि 23,900 तक ये रैली काउंटर ट्रेंड रैली रहेगी। आज की क्लोजिंग पक्का करेगी कि क्या वापस गिरावट शुरू हुई है। कल निफ्टी ने हायर हाई बनाया लेकिन फिर सोमवार का निचला स्तर भी तोड़ा। टेक्निकल तौर पर इसे आउटसाइड डे कहते हैं। ऐसे में आज अगर लोअर हाई और लोअर लो बना तो बड़ा निगेटिव होगा और अगर 23,116 टूटा तो फिर गिरावट वाला बड़ा ट्रेंड फिर शुरू हो सकता है। तेजी के लिए अब 23,500 के ऊपर बंद होना जरूरी है।

आज का दांव

बंधन बैंक और आयनॉक्स विंड F&O बैन से बाहर हैं। केयन्स टेक F&O बैन में शामिल हैं। कल चांदी में अच्छी तेजी रही, हिंद जिंक फोकस में रह सकता है। कॉपर में रात में 2% की तेजी आई। इसकी कीमतें ऑल टाइम हाई पर हैं। 2026 में कॉपर 20% चढ़ा है। हिंदुस्तान कॉपर अच्छा कर सकता है। OFS के बाद की सप्लाई भी अब खत्म होती दिख रही है। कच्चा तेल $100 डॉलर के नीचे कायम है। इससे पिडिलाइट, एशियन पेंट्स और इंडिगो में तेजी आ सकती है।

मैक्वायरी ने Clean Max पर Outperform रेटिंग के साथ कवरेज की शुरुआत की है और टारगेट 1700 रुपए सेट किया है। क्षमता के हिसाब से CleanMax सबसे बड़ा Pure-Play C&I रिन्यूएबल प्लेटफॉर्म है। उधर जेफरीज ने पतंजलि फूड्स में खरीदारी की सलाह देते हुए 560 रुपए का टारगेट दिया है। मैनेजमेंट ने छोटी अवधि में ग्रामीण मांग कम रहने की बात कही है। मजबूत शहरी मांग के दम पर त्योहारी सीजन में रिकवरी की उम्मीद है।

बाजार: आखिर क्यों नहीं टिकी रैली?

कल बाजार के पास चलने के लिए सब कुछ था। लेकिन उसके बाद भी रैली का फेल होना काफी निगेटिव है। हमारा बाजार हर टाइम फ्रेम में अंडरपरफॉर्म कर रहा है। कल की FIIs की बिकवाली डराने वाली है। कल कैश में 15 दिनों की सबसे बड़ी बिकवाली (3810 करोड़) देखने को मिली। कल कैश और फ्यूचर्स मिलाकर 5,373 करोड़ की बड़ी बिकवाली हुई। कल FIIs ने इंडेक्स में करीब 16,000 नेट शॉर्ट जोड़े और नेट शॉर्ट अब जनवरी 2025 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं। कल IT कमजोर था लेकिन बाजार की कमर बैंक निफ्टी ने तोड़ी। बैंक निफ्टी ने ठीक रिवर्सल जोन से रिजेक्शन दिया। कल एक्सपायरी थी तो संदेह का लाभ दिया जा सकता है। लेकिन आज कोई एक्सपायरी फैक्टर भी नहीं है। अगर कच्चा तेल $100 के नीचे आने पर भी बाजार नहीं चला तो दिक्कत है। बस एक अच्छी बात है कि चुनिंदा शेयरों में मूव अच्छे मिल रहे हैं। कल भी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छे मौके मिले।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Patanjali Foods share Price : स्टॉक में रैली जारी, चार कारोबारी सत्रों में करीब 15% भागा शेयर, जानिए मैनेजमेंट की राय

Patanjali Foods Share Price : सोमवार, 21 सितंबर को भी पतंजलि फूड्स के शेयरों की हालिया तेजी जारी है। आज इसमें 6 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली है। कंपनी के मैनेजमेंट ने FY27 में ग्रोथ की संभावनाओं (खासकर FMCG और खाने के तेल के सेक्टर में) को लेकर उम्मीद जताई है और साथ ही मजबूत फ्री कैश फ्लो का अनुमान भी लगाया है। शुरूआती कारोबार में यह शेयर 6.5 प्रतिशत बढ़कर 390.75 रुपये पर पहुंच गया। जिससे पिछले चार सेशन में इसकी कुल बढ़त लगभग 15 प्रतिशत हो गई है। इस रिकवरी के बावजूद,पतंजलि फूड्स में 2026 में अब तक लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट आई है,जबकि निफ्टी 50 में इसी अवधि में 10.7 प्रतिशत की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 42,300 करोड़ रुपये है।

FY27 में FMCG बिज़नेस में 18-20% ग्रोथ की उम्मीद

पतंजलि फूड्स के CEO संजीव अस्थाना ने CNBC-TV18 के साथ हुई बातचीत में कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि FY27 में उसका FMCG बिजनेस 18-20 प्रतिशत बढ़ेगा,जबकि फूड्स बिजनेस के 8-10 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। खाने के तेल के बिजनेस में 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की उम्मीद है। अस्थाना ने कहा कि कंपनी को FY27 के अपने लक्ष्य पूरे करने का भरोसा है और उम्मीद है कि इस अवधि में कंपनी 700-800 करोड़ रुपये का फ्री कैश फ्लो जेनरेट करेगी।

कंज्यूमर डिमांड को लेकर मैनेजमेंट की राय मिलीजुली

कंज्यूमर डिमांड को लेकर मैनेजमेंट की राय मिली-जुली है। अस्थाना ने कहा कि शहरी इलाकों में डिमांड मजबूत बनी हुई है और फेस्टिव सीज़न के अच्छे रहने की उम्मीद है। लेकिन खराब मॉनसून की वजह से कंपनी ग्रामीण इलाकों में डिमांड को लेकर उतने उत्साहित नहीं है। खाने के तेल की सप्लाई की स्थिति भी एक चिंता का विषय है। अस्थाना के मुताबिक,भारत में सूरजमुखी तेल का 90 फीसदी से ज्यादा इंपोर्ट अभी अटका हुआ है,जिससे सप्लाई एक बड़ी समस्या बन गई है।

अस्थाना ने यह भी कहा कि कंपनी के फ़ूड बिजनेस से जुड़ा कोई रेगुलेटरी मुद्दा नहीं है और प्रमोटरों की 38 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले कोई लोन नहीं लिया गया है।

जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन

जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन के बाद मैनेजमेंट ने नया आउटलुक जारी किया है। Q1 FY27 में पतंजलि फूड्स का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 86% बढ़कर 335.7 करोड़ रुपये हो गया,जबकि कंपनी की कामकाजी आय 29% बढ़कर 11,337.5 करोड़ रुपये रही। EBITDA 69% बढ़कर 543.3 करोड़ रुपये हो गया और EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 3.7% से बढ़कर 4.8% पर रह। जून तिमाही कंपनी की लगातार चौथी तिमाही थी जिसमें रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज किया गया।

कानूनी राहत मिलने से भी आया जोश

हाल ही में स्टॉक में आई तेजी के साथ-साथ पतंजलि ग्रुप को कानूनी राहत भी मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद से जुड़े इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल के सात आदेशों को रद्द कर दिया है और प्रक्रिया में पाई गई कमियों और ट्रिब्यूनल द्वारा मामलों को संभालने के तरीके की आलोचना की है।

 

 

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Stocks To Watch: रेलटेल, एचएएल से मणिपाल हेल्थ तक, 21 अगस्त को इन 13 शेयरों पर रहेगी मार्केट की नजर

Stocks to Watch 21 August: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 21 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। कॉर्पोरेट नतीजों, बड़े ऑर्डर्स, लीडरशिप बदलाव और ब्लॉक डील्स के चलते कई दिग्गज शेयर निवेशकों के रडार पर रहेंगे।

हमारी सहयोगी वेबसाइट CNBC TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, 21 अगस्त के ट्रेडिंग सेशन के दौरान इन 13 प्रमुख शेयरों पर बाजार की नजर रहेगी:

1- मणिपाल हेल्थ (Manipal Health Enterprises)

मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं। पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिर साल-दर-साल आधार पर 7.7% घटकर 231 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले समान अवधि में 250 करोड़ रुपये था। वैसे कंपनी का रेवेन्यू 38.1% बढ़कर 3091 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। EBITDA 25.6% बढ़कर 736.5 करोड़ रुपये रहा जबकि EBITDA मार्जिन घटकर 23.8% रह गई। ये पिछले साल 26.2 फीसदी थी।

2- सात्विक ग्रीन एनर्जी (Saatvik Green Energy)

सात्विक सोलर इंडस्ट्रीज को एक घरेलू स्वतंत्र बिजली उत्पादक/EPC प्लेयर से सोलर पीवी मॉडल्स की सप्लाई के लिए 190 करोड़ रुपये का कॉमर्शियल ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर को मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है।

3- केआईएमएस (KIMS – Krishna Institute of Medical Sciences)

कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने हैदराबाद के गचीबोवली में 250 बिस्तरों वाले अरेते अस्पताल के विशेष संचालन और प्रबंधन (O&M) के लिए औरेविया हॉस्पिटल्स के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह शुरुआती समझौता 5 साल के लिए है, जिसे आगे 5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। केआईएमएस को अस्पताल के नेट रेवेन्यू का 9% शुल्क के रूप में मिलेगा।

4- रेलटेल (RailTel Corporation of India)

नवरत्न पीएसयू रेलटेल को वेस्टर्न कोलफील्ड्स से 164.79 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी को 60 महीनों के लिए किराए के आधार पर एमपीएलएस वीपीएन नेटवर्क स्थापित करना है। इस प्रोजेक्ट को सितंबर 2031 तक पूरा करना है।

5- टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (Tata Motors PV)

कंपनी ने जानकारी दी है कि भारी बारिश और बाढ़ की वजह से गुजरात के साणंद प्लांट और आसपास के सप्लायर फैसिलिटीज में आई मुश्किलें खत्म हो गई हैं और कामकाज चालू हो गया है। कंपनी का अनुमान है कि इस प्राकृतिक आपदा से 35-40 करोड़ रुपये का नॉन मैटेरियरल नुकसान हुआ है, जबकि बीमा दावा 30 करोड़ रुपये से कम रहने की उम्मीद है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इससे उत्पादन, संचालन या वित्तीय स्थिति पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं पड़ा है।

6- लेमन ट्री होटल्स (Lemon Tree Hotels)

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की इस प्रमुख कंपनी ने गुजरात के भरूच में नया होटल खोलकर अपनी मौजूदगी को और मजबूत किया है। ये गुजराज में कंपनी का 12वां एक्टिव होटल है। कंपनी के 20 और होटल पाइपलाइन में हैं। नए होटल का प्रबंधन कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कार्नेशन होटल्स करेगी।

7- हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)

NCLT की बेंगलुरु पीठ ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और साइएंट (Cyient) के 50:50 हिस्सेदारी वाले डॉरमेंट जॉइंट वेंचर इन्फोटेक एचएएल लिमिटेड को बंद करने का आदेश दिया है। इसके लिक्विडेशन की प्रक्रिया मार्च 2024 में शुरू हुई थी और इस वेंचर के क्लोजर होने की वजह से एचएएल के रक्षा कार्यक्रमों या बैलेंस शीट पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

8- टॉरेंट पावर (Torrent Power)

टॉरेंट पावर के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) सौरभ मशरूवाला ने 20 अगस्त 2026 से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने 21 अगस्त 2026 से विकास पोद्दार को नया सीएफओ नियुक्त किया है।

9- रैलिस इंडिया (Rallis India)

कंपनी ने बताया है कि उसके सीएफओ भास्कर स्वामीनाथन टाटा समूह की दूसरी कंपनी में शामिल होने के लिए 4 नवंबर 2026 से अपने पद से इस्तीफा देंगे। कंपनी उसी तारीख से श्रीधर राधाकृष्णन को नया सीएफओ नियुक्त करेगी।

10- एफएमसीजी शेयर (Adani Wilmar, Patanjali, Marico, Agro Tech)

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा उपभोक्ताओं को खुला खाद्य तेल न खरीदने की सलाह देने के बाद अडानी विल्मर, पतंजलि फूड्स, मैरिको और एग्रो टेक फूड्स के शेयर फोकस में रहेंगे। एफडीए ने मिलावट सहित दूसरे उल्लंघनों को देखते हुए खाद्य तेल क्षेत्र के लिए कंप्लायंस ऑर्डर भी जारी किया है।

11- निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस (Niva Bupa Health Insurance)

हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने बताया है कि बीमा नियामक IRDAI ने FY25 के लिए लागू एक्सपेंस ऑफ मैनेजमेंट (EoM) सीमाओं का उल्लंघन करने के लिए उसे चेतावनी दी है। इसके साथ ही 19 अगस्त 2026 से 6 महीने की अवधि के लिए कंपनी के नए व्यावसायिक स्थान खोलने पर रोक लगा दी है।

12- अमागी मीडिया लैब्स (Amagi Media Labs)

क्लाउड-आधारित SaaS कंपनी अमागी मीडिया लैब्स के शेयर फोकस में रहेंगे क्योंकि कंपनी ने गुरुवार को 600 करोड़ रुपये का ब्लॉक डील लॉन्च किया है। यह डील कंपनी की कुल इक्विटी का 5% रिप्रेजेंट करती है।

13- केफिन टेक्नोलॉजीज (KFin Technologies)

केफिन टेक में एक बड़ी ब्लॉक डील देखने को मिली, जहां जनरल अटलांटिक सिंगापुर ने 925 रुपये प्रति शेयर के औसत मूल्य पर 1400 करोड़ रुपये में 1.51 करोड़ शेयर (8.8% हिस्सेदारी) बेचे। इस डील में इंवेस्को म्यूचुअल फंड ने 400 करोड़ रुपये में 2.5% हिस्सेदारी खरीदी, जबकि मिराए एसेट MF (1.5%), कोटक महिंद्रा MF (1.2%) और एचएसबीसी MF (1%) ने भी खरीदारी की।

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Patanjali Foods: 59% रिटर्न दे सकता है ये FMCG स्टॉक, जेफरीज ने खरीदने की सलाह दी

Patanjali Foods: ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies ने FMCG सेक्टर की कंपनी Patanjali Foods (PFL) पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹560 का टारगेट प्राइस दिया है। यह ₹351 के मौजूदा स्तर से ₹560 करीब 60% तक की तेजी का संकेत है।

Patanjali Foods पर क्यों बुलिश है Jefferies?

Jefferies के मुताबिक, Patanjali Foods अगले 12 महीनों की अनुमानित कमाई के मुकाबले करीब 23 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का PAT 23% CAGR से बढ़ सकता है। साथ ही ROCE में करीब 590 बेसिस पॉइंट का सुधार होकर यह 18% तक पहुंच सकता है।

इन्हीं अनुमानों के आधार पर Jefferies ने Sum-of-the-Parts (SOTP) वैल्यूएशन मॉडल से ₹560 का टारगेट तय किया है।

जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन

Patanjali Foods ने FY27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का रेवेन्यू 29% बढ़कर करीब ₹11,300 करोड़ पहुंच गया, जो Jefferies के अनुमान से करीब 20% ज्यादा रहा। वहीं EBITDA में 69% और PAT में 86% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एडिबल ऑयल बिजनेस बना सबसे बड़ा सहारा

एडिबल ऑयल सेगमेंट ने अब तक की सबसे मजबूत तिमाही दर्ज की। इस कारोबार का रेवेन्यू 27% बढ़कर ₹8,500 करोड़ पहुंच गया। खासकर सरसों तेल की बिक्री बेहतर रही। पश्चिम एशिया में तनाव और कमोडिटी महंगाई के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं, जिसका फायदा कंपनी को मिला। इस सेगमेंट का EBIT सालाना आधार पर लगभग पांच गुना बढ़ गया।

कंपनी के प्लांटेशन बिजनेस में भी 25% की ग्रोथ रही। खेती वाला क्षेत्र बढ़कर 1.16 लाख हेक्टेयर हो गया है। मैनेजमेंट ने FY27 में एडिबल ऑयल बिजनेस में 3-5% वॉल्यूम ग्रोथ का लक्ष्य रखा है।

Foods & FMCG बिजनेस में क्या रहा?

पतंजलि फूड्स के Foods & FMCG सेगमेंट का रेवेन्यू भी 28% बढ़ा। बिस्किट कारोबार ने सबसे मजबूत तिमाही दर्ज करते हुए ₹560 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया और इसका मार्जिन बढ़कर 15.4% पहुंच गया।

हालांकि इस सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना रहा, क्योंकि कच्चे माल की लागत तेजी से बढ़ी और कंपनी पूरी बढ़ोतरी ग्राहकों तक नहीं पहुंचा सकी। Jefferies का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में लागत का दबाव कम होने पर इस सेगमेंट की मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है।

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Patanjali Foods Q1 Results: प्रॉफिट 86% बढ़कर ₹335 करोड़, दो अंतरिम डिविडेंड का ऐलान

पतंजलि फूड्स ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया है। इस दौरान कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा। एफएमसीजी और ए़डिबल ऑयल बिजनेसेज में अच्छी ग्रोथ दिखी। जून तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट 86 फीसदी बढ़कर 335.7 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 180.4 करोड़ रुपये था।

रेवेन्यू 29 फीसदी बढ़कर 11337 करोड़ रुपये

Patanjali Foods का ऑपरेशंस से रेवेन्यू जून तिमाही में 29 फीसदी बढ़कर 11,337.5 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 69 फीसदी बढ़कर 543.3 करोड़ रुपये रहा। एबिड्टा मार्जिन भी इस दौरान बढ़कर 4.8 फीसदी हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 3.7 फीसदी था। कंपनी ने कहा है कि लगातार चौथी तिमाही कंपनी ने सबसे ज्यादा रेवेन्यू हासिल किया।

अच्छे प्रदर्शन में एफएमसीजी बिजनेस का बड़ा हाथ

जून तिमाही में अच्छे प्रदर्शन में एफएमसीजी सेगमेंट का सबसे बड़ा हाथ रहा। इस सेगमेंट का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 35.39 फीसदी बढकर 2,937.75 करोड़ रुपये रहा। एडिबल ऑयल बिजनेस का रेवेन्यू 27.28 फीसदी बढ़क 8,504.72 करोड़ रुपये रहा।

ब्रांड और डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क को मजबूत बनाने पर फोकस

पतंजलि फूड्स के सीईओ संजीव अस्थाना ने कहा कि कंपनी का फोकस ब्रांड को मजूबत बनाने, डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क और कॉस्ट मैनेजमेंट पर बना हुआ है। उन्होंने कहा, “हम लगातार रेवेन्यू के नए कीर्तिमान बना रहे हैं। यह तब है जब ऑपरेटिंग इनवायरमेंट लगातार बदल रहा है।”

कंपनी ने शेयरहोल्डर्स के लिए दो अंतरिम डिविडेंड का एलान किया

पतंजलि फूड्स ने तीसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया। FY26 के लिए यह प्रति शेयर 1.50 रुपये होगा। कंपनी ने FY27 के पहले अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया। यह प्रति शेयर 0.80 रुपये होगा। दोनों को मिलाकर प्रति शेयर डिविडेंड 2.30 रुपये होगा। दोनों डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 21 अगस्त होगी।

14 अगस्त को कंपनी के शेयर गिरकर हुए बंद

कंपनी ने आचार्य बालकृष्णन को दोबारा चेयरमैन और नॉन-एग्जिक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त करने का ऐलान किया। कंपनी अगली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में इस प्रस्ताव पर शेयरहोल्डर्स का एप्रूवल हासिल करेगी। Patanjali Foods का शेयर 14 अगस्त को एनएसई पर 0.52 फीसदी गिरकर 352 रुपये पर बंद हुआ।

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बीते एक साल में 41 फीसदी गिरा है शेयर 

पतंजलि फूड्स का शेयर बीते एक साल में करीब 41 फीसदी गिरा है। 2026 में यह शेयर अब तक 36 फीसदी से ज्यादा गिर चुका। कंपनी ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान 14 अगस्त को शेयर बाजार बंद होने के बाद किया। 16 अगस्त को शेयर बाजार खुलने पर शेयरों पर जून तिमाही के नतीजों का असर दिखेगा।

Stocks to Watch: आज 14 अगस्त को Tata Motors PV, Honasa, Piramal Pharma, LG समेत इन शेयरों में दिखने वाली है बड़ी हलचल

शुक्रवार, 14 अगस्त को कई शेयरों में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, होनासा कंज्यूमर, पिरामल फार्मा, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, फिजिक्सवाला, अशोक लीलैंड, जैसे नाम प्रमुख हैं। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले बाजार बंद होने के बाद तिमाही नतीजे जारी किए थे। लिहाजा बाजार आज, शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा। वहीं कुछ कंपनियों के नतीजे आज सामने आएंगे। साथ ही कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट या अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी।

इसके अलावा शुक्रवार को मेनबोर्ड सेगमेंट में 2 और SME सेगमेंट में एक कंपनी की लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही करीब 40 कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही रिजल्ट

फिजिक्सवाला, अशोक लीलैंड, अल्केम लैबोरेटरीज, भारत डायनामिक्स, 3M इंडिया, डिशमैन कार्बोजन एम्सिस, ईजी ट्रिप प्लानर्स, जिनकुशल इंडस्ट्रीज, नैटको फार्मा, GVK पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वालिटी वॉल्स (इंडिया), पुरवांकरा, NMDC, टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस, पतंजलि फूड्स, एपीजे सुरेंद्र पार्क होटल्स, श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर, INDO-MIM, सूरज एस्टेट डेवलपर्स, ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया, जी मीडिया कॉर्पोरेशन और स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

इन शेयरों पर रहेगी नजर

Tata Motors Passenger Vehicles: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 80.2% घटकर ₹775 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 9.3% बढ़कर ₹95,799 करोड़ हो गया।

Honasa Consumer: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 118.4% बढ़कर ₹90.2 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 27% बढ़कर ₹755.9 करोड़ हो गया।

KRBL: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 73.2% बढ़कर ₹260.7 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 5.6% घटकर ₹1,495.9 करोड़ रहा।

Indigo Paints: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 61% बढ़कर ₹41.7 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 19.7% की बढ़ोतरी के साथ ₹369.7 करोड़ रहा।

Welspun Living: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 83.6% बढ़कर ₹160.7 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 23.7% बढ़कर ₹2,795.5 करोड़ हो गया।

LG Electronics India: Q1 में मुनाफा सालाना आधार पर 27.2% बढ़कर ₹652.9 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 15.5% बढ़कर ₹7,233.4 करोड़ रहा।

Piramal Pharma: CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, एक मौजूदा शेयरहोल्डर ब्लॉक डील के जरिए कंपनी में 6% हिस्सेदारी बेच सकता है। इस डील का साइज लगभग ₹1,750 करोड़ होने का अनुमान है।

Aditya Birla Real Estate: कंपनी की सब्सिडियरी, बिड़ला एस्टेट्स ने नवी मुंबई मार्केट में एंट्री करने का ऐलान किया है। यह एंट्री वाशी में शिव साई को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के रीडेवलपमेंट के जरिए होगी। यह रीडेवलपमेंट प्रियंका ग्रुप की एक सहयोगी कंपनी के साथ मिलकर किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से लगभग 2,600 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

बल्क और ब्लॉक डील

UltraTech Cement: प्रमोटर कंपनी पिलानी इन्वेस्टमेंट एंड इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ने 25 लाख शेयर बेचे हैं। यह बिक्री 2,896.25 करोड़ रुपये की रही। दूसरी ओर, कुल 17 घरेलू और ग्लोबल निवेशकों ने पिलानी इन्वेस्टमेंट द्वारा बेचे गए सभी शेयर खरीदे। इन निवेशकों में ICICI प्रूडेंशियल AMC, HDFC AMC, नेशनल पेंशन इंश्योरेंस फंड, कोटक महिंद्रा AMC, एडलवाइस MF, आदित्य बिड़ला सन लाइफ MF, एक्सिस म्यूचुअल फंड, DSP म्यूचुअल फंड, ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स, टाटा म्यूचुअल फंड, टेम्पलटन फंड्स, J.P. मॉर्गन फंड ICVC और व्हाइटओक कैपिटल MF शामिल हैं।

Urban Company: SBI म्यूचुअल फंड ने 3.15 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे हैं। यह सौदा 428.4 करोड़ रुपये का रहा। दूसरी ओर VYC11 ने 96.31 लाख शेयर 130.98 करोड़ रुपये में, VY ​​EM2 ने 18.68 लाख शेयर 25.41 करोड़ रुपये में और Accel India IV (मॉरीशस) ने 2 करोड़ शेयर 272 करोड़ रुपये में बेचे। इसके अलावा, बेसेमर इंडिया कैपिटल होल्डिंग्स II ने अलग से अर्बन कंपनी के 1.21 करोड़ शेयर 170.19 करोड़ रुपये में बेचे।

Renaissance Global: विजय मोहन करनानी ने 11.79 लाख शेयर 12.98 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

RPP Infra Projects: चेन्नई की कंस्ट्रक्शन कंपनी ‘दीवा प्रोजेक्ट्स’ ने प्रमोटरों से लगातार तीन सेशन में 4.99 करोड़ रुपये में 8.48 लाख अतिरिक्त शेयर खरीदे हैं। दूसरी ओर, प्रमोटर ‘यागवी एन ए’ ने 11.66 लाख शेयर 6.88 करोड़ रुपये में बेचे हैं।

Thyrocare Technologies: प्रमोटर Docon Technologies Private Limited ने 1,57,69,696 इक्विटी शेयरों की बिक्री की है। शेयरों की यह संख्या कंपनी की लगभग 9.90 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। दूसरी ओर शेयर खरीदने वालों में HSBC म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC, ICICI Prudential AMC, HBM हेल्थकेयर इन्वेस्टमेंट्स (Cayman), सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस, व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, DSP म्यूचुअल फंड, ITI म्यूचुअल फंड और कुवैत इनवेस्टमेंट अथॉरिटी शामिल हैं।

Seamec: ‘360 ONE पाइप फंड’ ने 2 लाख शेयर 30.69 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

मेनबोर्ड लिस्टिंग

LEAP India

टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स

SME लिस्टिंग

Optimystix Entertainment India

ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन

गणेश कंज्यूमर प्रोडक्ट्स

गोदावरी पावर एंड इस्पात

फेडरल बैंक

क्रेस्ट वेंचर्स

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स

अनूप इंजीनियरिंग

बोंडाडा इंजीनियरिंग

अल्कली मेटल्स

एस्ट्रल

इलेक्ट्रोस्टील कास्टिंग्स

केनरा HSBC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी

डायनामैटिक टेक्नोलोजिज

HB पोर्टफोलियो

कल्याणी इन्वेस्टमेंट कंपनी

कोट्यार्क इंडस्ट्रीज

रेन इंडस्ट्रीज

मंगलम सीमेंट

RBL बैंक

मिंडा कॉर्पोरेशन

क्वालिटी पावर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स

लॉयड्स इंजीनियरिंग वर्क्स

ग्लोबल हेल्थ

प्रेमको ग्लोबल

NCC

REC

संघवी मूवर्स

एक्सचेंजिंग सॉल्यूशंस

रिस्पॉन्सिव इंडस्ट्रीज

राशि पेरिफेरल्स

वाइब्रेंट ग्लोबल कैपिटल

संदेश

सोनाटा सॉफ्टवेयर

टूरिज्म फाइनेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

सारदा एनर्जी एंड मिनरल्स

सूर्यलता स्पिनिंग मिल्स

यथार्थ हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा केयर सर्विसेज

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

International Yoga Day : 3 लाख करोड़ रुपए की हुई वेलनेस इंडस्ट्री, जानिए योग से जुड़े किन शेयरों से हो सकती है कमाई

International Yoga Day : योग अब सिर्फ सेहत का मंत्र नहीं,बल्कि 3 लाख करोड़ की वेलनेस इंडस्ट्री बन चुका है। लोग अब बीमारी के इलाज से ज्यादा प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि आयुर्वेद,हेल्थ फूड्स और न्यूट्रास्यूटिकल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। आखिर कितनी बड़ी है ये इंडस्ट्री और कहां हैं कमाई मौके, आइए जानते हैं।

वेलनेस इंडस्ट्री की हेल्दी हेल्थ पर नजर डाले तो योग और वेलनेस इंडस्ट्री 3 लाख करोड़ रुपए की हो गई है। अगले 5-10 साल तक इसमें 15-20% सालाना ग्रोथ की उम्मीद है। आयुर्वेद और नेचुरल हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स के सेक्टर में कई लिस्टेड कंपनियां काम कर रही है। इनमें डाबर इंडिया (Dabur India), पतंजलि फूड्स (Patanjali Foods), इमामी( Emami), जीना सीखो लाइफ केयर (Jeena Sikho Lifecare) और केआरएम आयुर्वेद (KRM Ayurveda) जैसी कंपनियां शामिल हैं।

न्यूट्रिशन और वेलनेस प्रोडक्ट्स की लिस्टेड कंपनियों के बात करें तो इनमें जायडस वेलनेस (Zydus Wellness), टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Tata Consumer Products), मैरिको (Marico), नेस्ले इंडिया (Nestle India), आईटीसी (ITC)और हिंदुस्तान यूनीलीवर (Hindustan Unilever) के नाम शुमार हैं।

प्रिवेंटिव हेल्थकेयर

प्रिवेंटिव हेल्थकेयर का लिस्टेड कंपनियों पर नजर डालें तो इसमें पीएंडजी हेल्थकेयर (P&G Health), सनोफी कंज्यूमर हेल्थकेयर (Sanofi Consumer Healthcare), अमृतांजन हेल्थ केयर ( Amrutanjan Health Care) और हेक्सागॉन न्युट्रिशन (Hexagon Nutrition) के नाम शामिल हैं।

योगा डे से योगा डे: पिछले 1 साल के रिटर्न

पिछले योगा डे से इस योगा डे तक जिन कंपनियों की सेहत अच्छी रही उनमें केआरएम आयुर्वेदा ने 40 फीसदी, जीना सीखो ने 28 फीसदी, जाइडस वेलनेस ने 27 फीसदी, मैरिको ने 21 फीसदी, नेस्ले इंडिया ने 19 फीसदी, टाटा कंज्यूमर ने 5 फीसदी और पीएंडजी हेल्थ ने 5 फीसदी रिटर्न दिया है।

योगा डे से योगा डे: खराब रही सेहत

योगा डे से योगा डे तक जिन कंपनियों की सेहत खराब रही है उनमें पतंजलि फूड्स में 23 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, इमामी का शेयर इस अवधि में 30 फीसदी टूटा है। आईटीसी में भी 28 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। जबकि, अमृतांजन हेल्थ 22 फीसदी और डाबर 9 फीसदी टूटा है।

 

Accenture Q3 Results: एक्सेंचर के कमजोर नतीजों ने तोड़ी आईटी शेयरों की कमर, अब इस सेक्टर में क्या हो निवेश रणनीति?