₹6 करोड़ बना ₹433 करोड़! इस IPO ने आशीष कचोलिया और मुकुल अग्रवाल को किया मालामाल

ESDS Software Solution Multibagger Returns: शेयर बाजार में 4 सितंबर को ESDS Software Solution के शेयरों की लिस्टिंग हुई। लिस्टिंग के बाद इसमें आई आतिशी तेजी ने दलाल स्ट्रीट में तहलका मचा दिया है। ब्लॉकबस्टर लिस्टिंग और रिकॉर्ड रैली से बाजार के दो सबसे दिग्गज बिग-बुल निवेशकों आशीष कचोलिया और मुकुल अग्रवाल को मल्टीबैगर रिटर्न मिला है।

अक्टूबर 2024 में कंपनी में बेहद मामूली रकम लगाने वाले आशीष कचोलिया का निवेश महज दो साल से भी कम समय में 70 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है, जबकि मुकुल अग्रवाल के होल्डिंग की वैल्यू भी ₹1,100 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है।

आशीष कचोलिया का ₹6.14 करोड़ का निवेश बना ₹433 करोड़

स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों के पारखी माने जाने वाले दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया ने ESDS Software Solution में प्री-आईपीओ चरण के दौरान ही दांव लगा लिया था। कचोलिया ने अक्टूबर 2024 में इस कंपनी में ₹164 प्रति शेयर के भाव पर ₹6.14 करोड़ का शुरुआती निवेश किया था। कंपनी के आईपीओ तक उनके पास करीब 24.6 लाख शेयर थे। ₹429 प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर उनकी इस हिस्सेदारी की वैल्यू करीब ₹103 करोड़ तय हुई थी।

लिस्टिंग के बाद शेयर में आई तूफानी तेजी के चलते कछोलिया के इसी पोर्टफोलियो की वैल्यू अब बढ़कर ₹433 करोड़ हो चुकी है। यानी उन्हें अपने मूल निवेश पर 70 गुना से अधिक का रिटर्न मिला है।

मुकुल अग्रवाल का ₹302 करोड़ का दांव अब ₹1,176 करोड़ के पार

बाजार के एक और दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल की होल्डिंग में भी इस आईपीओ की लिस्टिंग के बाद जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। ESDS के ऑफर डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, आईपीओ से पहले मुकुल अग्रवाल के पास कंपनी के 70.3 लाख शेयर थे, जो कुल इक्विटी का लगभग 7% हिस्सा था।

आईपीओ के ₹429 के अपर प्राइस बैंड पर उनके इस 7% शेयर की कुल वैल्यू करीब ₹302 करोड़ थी। शेयर में लिस्टिंग के बाद आए 240% के उछाल के बाद, मुकुल अग्रवाल के इस स्टेक की वैल्यू बढ़कर ₹1,176 करोड़ के स्तर पर पहुंच चुकी है।

136 गुना सब्सक्रिप्शन और 240% की गदर रैली

ESDS Software Solution का ₹720 करोड़ का आईपीओ प्राइमरी मार्केट में 28 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बीच खुला था। कंपनी ने इसके लिए ₹408 से ₹429 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।

प्राइमरी मार्केट में बंपर मांग: निवेशकों की भारी मांग के चलते यह इश्यू ओवरऑल 136 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

240% का रिटर्न: 4 सितंबर को धमाकेदार डेब्यू करने के बाद से यह शेयर अपने इश्यू प्राइस ₹429 से करीब 240% चढ़ चुका है।

₹20,000 करोड़ का मार्केट कैप: शेयर में आई इस ऐतिहासिक तेजी से कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (M-Cap) ₹20,000 करोड़ के बेहद करीब पहुंच गया है।

टाटा और केपीआईटी को पछाड़ा: बाजार पूंजीकरण के इस आंकड़े के साथ ESDS Software ने अपनी सेक्टर की कई बड़ी लिस्टेड कंपनियों जैसे- Tata Elxsi, Firstsource Solutions और KPIT Technologies को पीछे छोड़ दिया है।

क्या करती है ESDS Software Solution?

ESDS Software Solution देश की अग्रणी एआई-इनेबल्ड क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्रोवाइडर कंपनी है। भारत में डेटा लोकलाइजेशन, क्लाउड अडॉप्शन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के बीच कंपनी का बिजनेस मॉडल बेहद मजबूत स्थिति में माना जा रहा है, यही वजह है कि दलाल स्ट्रीट के दिग्गज निवेशकों ने इसमें भारी दांव लगाया था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vijay Kedia Stock: विजय केडिया की इस लॉजिस्टिक्स कंपनी में एंट्री, एक साल में 350% से ज्यादा चढ़ चुका है स्टॉक

Vijay Kedia Stock: दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने SME लॉजिस्टिक्स कंपनी Iware Supplychain Services में 6% हिस्सेदारी खरीदी है। उन्होंने 3% हिस्सेदारी व्यक्तिगत पोर्टफोलियो से और 3% अपनी कंपनी Kedia Securities Pvt Ltd के जरिए ली है। यह निवेश प्रेफरेंशियल इश्यू के तहत हुआ है। इसमें कंपनी ने करीब ₹20 करोड़ जुटाने के लिए ₹254.09 प्रति शेयर के भाव पर नए शेयर जारी किए हैं।

क्या करती है कंपनी?

2018 में बनी Iware Supplychain Services वेयरहाउसिंग, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन और रेल रेक हैंडलिंग जैसी सेवाएं देती है। कंपनी के पास 7 राज्यों में फैले 11 वेयरहाउस हैं। इनका कुल क्षेत्रफल करीब 8 लाख वर्ग फुट है और मौजूदा मार्केट कैप करीब ₹391 करोड़ है।

ग्रोथ मजबूत, सवाल भी

Iware Supplychain का रेवेन्यू FY21 के ₹19 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹258 करोड़ पहुंच गया। इसी दौरान EBITDA ₹2 करोड़ से ₹29 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹1 करोड़ से ₹15 करोड़ हो गया। पिछले पांच वर्षों में रेवेन्यू, EBITDA और मुनाफे की CAGR क्रमशः 69%, 71% और 72% रही है।

हालांकि, इस ग्रोथ का बड़ा हिस्सा FY26 में आया, जब रेवेन्यू ₹86 करोड़ से बढ़कर ₹258 करोड़ हो गया। यानी तेज ग्रोथ के पीछे एक साल का बड़ा योगदान है।

मार्जिन, कैश फ्लो और कर्ज पर नजर

FY25 में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 20% था, जो FY26 में घटकर 11% रह गया। वहीं FY26 में ऑपरेटिंग कैश फ्लो निगेटिव रहा। वेयरहाउस और गाड़ियों पर निवेश के कारण फ्री कैश फ्लो भी दबाव में रहा।

कंपनी का कर्ज FY25 के ₹30 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹70 करोड़ हो गया। साथ ही डेटर डेज 60 से बढ़कर 85 हो गए। इससे कैश फ्लो पर असर पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

पॉजिटिव पहलू यह है कि FY26 में कंपनी का ROCE 28% और ROE 42% रहा। कंपनी ने पहला डिविडेंड भी घोषित किया है। 18 जून को यह करीब 2% के उछाल के साथ 352 रुपये पर बंद हुआ। मई 2025 में लिस्ट हुआ यह शेयर एक साल में 350% से ज्यादा चढ़ चुका है। इसका 52-वीक का दायरा 90 रुपये से 395 रुपये तक है।

ऐसे में विजय केडिया की एंट्री भरोसे का संकेत जरूर है, लेकिन निवेशकों को ग्रोथ के साथ कैश फ्लो, कर्ज और मार्जिन पर भी नजर रखनी चाहिए।

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