NSE IPO: एंकर बुक से ₹6746 करोड़ जुटाए, LIC ने अकेले ₹465 करोड़ के शेयर खरीदे

NSE IPO: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE ने 16 सितंबर को एंकर निवेशकों से ₹6,746.2 करोड़ जुटाए। इसमें देश और विदेश के कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया। LIC, Government Pension Fund Global, Monetary Authority of Singapore, Fidelity, ADIA, Nippon Life और HDFC Life जैसे नाम इसमें शामिल हैं। LIC सबसे बड़ा खरीदार रहा।

NSE का ₹22,561.57 करोड़ का IPO 17 सितंबर को खुलेगा। निवेशक इसमें 21 सितंबर तक पैसा लगा सकेंगे। यह पूरा IPO ऑफर फॉर सेल यानी OFS है। इसमें मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ शेयर बेचेंगे। IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया है।

LIC ने खरीदे ₹465 करोड़ के शेयर

LIC के पास NSE में पहले से 10.72% हिस्सेदारी है। अब उसने एंकर बुक में ₹465.3 करोड़ के शेयर खरीदे हैं। इसके साथ LIC NSE के एंकर निवेशकों में सबसे बड़ा खरीदार बन गया है।

SBI Pension Funds, SBI Life, HDFC Life, HDFC Pension Fund, Axis Max Life, UTI Pension Fund और Kotak Mahindra Life जैसे इंश्योरेंस संस्थानों ने भी निवेश किया है। LIC समेत इन सभी इंश्योरेंस निवेशकों ने कुल ₹1,081.8 करोड़ लगाए हैं। यह कुल एंकर बुक का करीब 16% है।

विदेश से भी आया बड़ा निवेश

NSE की एंकर बुक में कई बड़े विदेशी निवेशकों ने पैसा लगाया है। Government Pension Fund Global ने ₹250 करोड़ और Monetary Authority of Singapore ने ₹200 करोड़ का निवेश किया। Abu Dhabi Investment Authority – Monsoon ने भी ₹200 करोड़ के शेयर खरीदे।

इसके अलावा Fidelity, Goldman Sachs, Eastspring Investments India, Integrated Core Strategies (Asia), Carmignac Portfolio और Ashoka WhiteOak जैसे निवेशकों ने भी NSE में दिलचस्पी दिखाई। Societe Generale, BNP Paribas, Morgan Stanley और BofA Securities भी एंकर बुक में शामिल हैं।

म्यूचुअल फंड्स ने भी खरीदे शेयर

NSE ने 29 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 1.39 करोड़ शेयर आवंटित किए हैं। यह कुल एंकर बुक का 36.98% हिस्सा है। इन फंड्स ने 98 अलग-अलग स्कीम के जरिए आवेदन किया था।

इनमें SBI MF, ICICI Prudential AMC, HDFC AMC, Nippon Life India, Kotak Mahindra AMC, Axis MF, Aditya Birla Sun Life AMC, UTI AMC, Mirae Asset और Tata MF शामिल हैं। Invesco, Quant MF, WhiteOak Capital और HSBC MF ने भी हिस्सा लिया है।

NSE को नहीं मिलेगा IPO का पैसा

यह IPO पूरी तरह OFS है। इसलिए IPO से मिलने वाला पैसा NSE के पास नहीं जाएगा। इश्यू से जुड़े खर्च को छोड़कर पूरी रकम मौजूदा शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को मिलेगी।

कंपनी ने कर्मचारियों के लिए ₹70 करोड़ के शेयर भी रिजर्व किए हैं। कर्मचारियों को ये शेयर अंतिम इश्यू प्राइस से ₹170 प्रति शेयर की छूट पर मिलेंगे।

NSE का शेयर बाजार में दबदबा

NSE कुल टर्नओवर के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। जून 2026 को खत्म हुई तीन महीने की अवधि में कैश मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 93.05% थी। इक्विटी फ्यूचर्स में हिस्सेदारी 99.72% रही।

इक्विटी ऑप्शंस में NSE की हिस्सेदारी 68.48% थी। एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स और करेंसी ऑप्शंस में इसकी हिस्सेदारी 100% रही। ये आंकड़े कुल प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर हैं।

22 सितंबर को अलॉटमेंट

NSE IPO के शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं शेयरों की BSE पर ट्रेडिंग 24 सितंबर से शुरू हो सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO का एंकरबुक, सबसे अधिक बोली लगा सकती है LIC, ये दिग्गज भी कतार में

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ का इंतजार खत्म होने वाला है और जल्द ही यह खुलने वाला है। अब सामने आ रहा है कि इसके एंकरबुक में सबसे अधिक पैसा देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी (LIC) लगा सकती है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। हालांकि इसे लेकर अभी बातचीत चल रही है और इस पर कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है। एक सूत्र के मुताबिक एआईसी के बाद सबसे अधिक शेयर नॉर्वे के नॉर्गेस बैंक (Norges Bank) को मिल सकते हैं। हालांकि एंकर निवेशकों का अलॉटमेंट अभी तय नहीं हुआ है और इसमें बदलाव हो सकता है।

एक दूसरे सूत्र का कहना है कि ADAI (अबू धाबी इंवेस्टमेंट अथॉरिटी), दिग्गज यूरोपीय निवेशक कार्मिग्नैक (Carmignac), अबूधाबी की लुनाटे (Lunate), जीआईसी और फिडेलिटी भी बातचीत कर रही है और एंकरबुक के तहत बड़ी बोली लगा सकती है। एक तीसरे शख्स ने बताया कि एसबीआई पेंशन, एसबीआई लाइफ और एचडीएफसी लाइफ भी इसमें पैसे डाल सकते हैं और चूंकि यह एक बड़ा आईपीओ है तो दुनिया के प्रमुख हेज फंड्स के भी इसमें हिस्सा लेने और बड़े निवेश की उम्मीद है।

16 सितंबर को खुलेगा NSE का एंकर बुक

इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स के लिए एनएसई का एंकर बुक 16 सितंबर को खुलेगा। इसके बाद पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए यह 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर तक खुला रहेगा। इसका ₹22,561.5 करोड़ का आईपीओ ₹1700-₹1785 के प्राइस बैंड में खुलेगा। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है और इसके तहत एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस), जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड और एरांडा इंवेस्टमेंट्स (मॉरीशस) समेत 10 मौजूदा शेयरहोल्डर्स 12.64 करोड़ शेयर बेचेंगे।

मार्केट में कैसी है स्थिति

टर्नओवर के हिसाब से एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। Redseer Report के मुताबिक जून तिमाही के आखिरी में एनएसई की कैश मार्केट में 93.05%, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.72%, इक्विटी ऑप्शंस में 68.48%, एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स में 100% और एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी ऑप्शंस में 100% हिस्सेदारी थी। वर्ल्ड फेडेरेशन ऑफ एक्सचेंजेज के मुताबिक वित्त विर्ष 2026 में दुनिया के अहम लिस्टेड स्टॉक एक्सचेंजों की तुलना में एनएसई सबसे बड़ा मल्टी-एसेट क्लास एक्सचेंज था। कैश इक्विटीज में ट्रेड्स की संख्या के आधार पर एनएसई की वैश्विक मार्केट में 11.38% और इक्विटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट्स के आधार पर 51.18% हिस्सेदारी थी।

कैसी है सेहत

वित्तीय मोर्चे पर एनएसई की सेहत पिछले वित्त वर्ष कमजोर हुई। वित्त वर्ष 2026 में एनएसई का मुनाफा 15.5% गिरकर ₹10,302.1 करोड़ और रेवेन्यू 3.1% घटकर ₹16,601.3 करोड़ पर आ गया। इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बात करें तो जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एनएसई का मुनाफा 6.7% बढ़कर ₹3,120.1 करोड़ और रेवेन्यू 13.1% चढ़कर ₹4,560.4 करोड़ पर पहुंच गया।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।