Jio Platforms IPO: एंकर बुक 30 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब, ब्लैकरॉक और जेपी मॉर्गन जैसे बड़े नामों ने दिखाई दिलचस्पी

Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की Jio Platforms के IPO को लेकर बड़े निवेशकों में जबरदस्त उत्साह है। कंपनी के ₹8,110 करोड़ के एंकर बुक के मुकाबले 30 गुना से ज्यादा मांग आई है। संस्थागत निवेशकों की कुल बोलियां करीब ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुंच गई हैं। इस मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, भारतीय IPO बाजार में इतनी बड़ी मांग पहली बार देखने को मिली है।

इस इश्यू में दुनिया की कई बड़ी निवेश कंपनियों और सरकारी निवेश फंड ने दिलचस्पी दिखाई है। इनमें BlackRock, Fidelity Investments, JPMorgan Asset Management, Franklin Templeton, Invesco और Capital Group जैसे नाम शामिल हैं।

दुनिया के बड़े निवेशक लगा रहे दांव

Jio Platforms के IPO में सिंगापुर के GIC, नॉर्वे के Norges Bank Investment Management, Abu Dhabi Investment Authority और Qatar Investment Authority जैसे बड़े सरकारी निवेश फंड भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

विदेशी निवेशकों के अलावा भारतीय म्यूचुअल फंड कंपनियां भी पीछे नहीं हैं। देश के टॉप 10 म्यूचुअल फंड हाउस ने इस इश्यू में दिलचस्पी दिखाई है। इनमें SBI Mutual Fund, HDFC Mutual Fund, ICICI Prudential Mutual Fund, Nippon India Mutual Fund और Kotak Mahindra Mutual Fund शामिल हैं।

LIC और बड़ी बीमा कंपनियां भी कतार में

इस IPO में देश की बड़ी बीमा और पेंशन कंपनियां भी निवेश करना चाहती हैं। इनमें LIC, HDFC Life, SBI Life, SBI Pension, HDFC Pension और ICICI Prudential के नाम शामिल हैं।

मामले से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, इस इश्यू के लिए कई अरब डॉलर की बोलियां मिली हैं। विदेशी लॉन्ग-टर्म निवेशकों, सरकारी निवेश फंड और पेंशन फंड से बड़ी मांग आई है। टेक्नोलॉजी पर फोकस करने वाले वैश्विक फंड और बड़े फैमिली ऑफिस भी इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

सिर्फ टेलीकॉम कंपनी नहीं है Jio

Jio का कारोबार अब मोबाइल कनेक्टिविटी से आगे बढ़ चुका है। कंपनी ब्रॉडबैंड, क्लाउड, एंटरटेनमेंट और एंटरप्राइज सर्विसेज में भी काम कर रही है।

IPO के बाद निवेशकों को Jio Platforms में सीधे निवेश करने का मौका मिलेगा। अभी यह Reliance Industries की सब्सिडियरी है। करीब ₹2.5 लाख करोड़ की मांग और बड़े निवेशकों की दिलचस्पी से बाजार में उतरने से पहले कंपनी को लेकर मजबूत उत्साह दिख रहा है।

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NSE IPO: 5.67 गुना सब्सक्राइब, हर 4 में से 3 रिटेल इनवेस्टर को शेयर अलॉटमेंट मिल सकता है

NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का ₹22,569 करोड़ का IPO सोमवार, 21 सितंबर को बंद हो गया। आखिरी दिन इश्यू को 5.67 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। निवेशकों ने 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 50.28 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई।

QIB यानी बड़े संस्थागत निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। उनका हिस्सा 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। NII कैटेगरी 6.54 गुना और रिटेल हिस्सा 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशकों को कितना मिल सकता है?

रिटेल हिस्सा 1.35 गुना भरा है। इस आधार पर शुरुआती अनुमान करीब 75% का है। अगर आसान भाषा में कहें तो हर चार में से करीब तीन रिटेल आवेदकों को शेयर मिल सकते हैं।

इसे पक्का अलॉटमेंट रेशियो नहीं मानना चाहिए। क्योंकि असल अलॉटमेंट वैध आवेदनों और IPO के नियमों के हिसाब से होगा।

NSE IPO के GMP में भारी गिरावट

NSE IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर था। एक लॉट में 8 शेयर रखे गए थे। अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,280 लगाने पड़े।

ग्रे मार्केट में NSE शेयर का GMP IPO के दौरान काफी नीचे आया है। लेटेस्ट GMP करीब 3% संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। शुरुआत में ये 18% के करीब था। GMP अनऑफिशियल होता है। इसे लिस्टिंग प्राइस या मुनाफे की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

एंकर निवेशकों से जुटाए ₹6,746 करोड़

IPO से पहले NSE ने 189 एंकर निवेशकों से ₹6,746.18 करोड़ जुटाए थे। इन्हें ₹1,785 प्रति शेयर के भाव पर शेयर दिए गए। एंकर निवेशकों को 16 सितंबर को 3.78 करोड़ शेयर अलॉट किए गए।

LIC सबसे बड़ा व्यक्तिगत एंकर निवेशक रहा। उसे करीब ₹400.3 करोड़ के शेयर मिले। Norway का Government Pension Fund Global, Monetary Authority of Singapore और Abu Dhabi Investment Authority भी एंकर निवेशकों में शामिल रहे।

NSE को नहीं मिलेगा IPO का पैसा

NSE का पूरा IPO ऑफर फॉर सेल यानी OFS है। इसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। इसलिए IPO से मिलने वाला पैसा NSE के पास नहीं जाएगा।

इश्यू से जुड़े खर्च निकालने के बाद रकम शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को मिलेगी। अपर प्राइस बैंड पर NSE की वैल्यू करीब ₹4.42 लाख करोड़ है। IPO में कर्मचारियों के लिए ₹70 करोड़ तक का हिस्सा भी रखा गया था। पात्र कर्मचारियों को अंतिम इश्यू प्राइस पर ₹170 प्रति शेयर की छूट मिली है।

22 सितंबर को अलॉटमेंट, 24 को लिस्टिंग

NSE IPO का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है। शेयरों की BSE पर लिस्टिंग 24 सितंबर को प्रस्तावित है।

अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद निवेशक रजिस्ट्रार और स्टॉक एक्सचेंज की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकेंगे।

शेयर बाजार में NSE की कितनी हिस्सेदारी?

NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। जून 2026 को खत्म तीन महीने में कैश मार्केट के टर्नओवर में NSE की हिस्सेदारी 93.05% रही।

इक्विटी फ्यूचर्स में इसकी हिस्सेदारी 99.72% और इक्विटी ऑप्शंस में 68.48% थी। वहीं, एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स और करेंसी ऑप्शंस में कुल प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर NSE की हिस्सेदारी 100% रही।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO: एंकर बुक से ₹6746 करोड़ जुटाए, LIC ने अकेले ₹465 करोड़ के शेयर खरीदे

NSE IPO: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE ने 16 सितंबर को एंकर निवेशकों से ₹6,746.2 करोड़ जुटाए। इसमें देश और विदेश के कई बड़े निवेशकों ने पैसा लगाया। LIC, Government Pension Fund Global, Monetary Authority of Singapore, Fidelity, ADIA, Nippon Life और HDFC Life जैसे नाम इसमें शामिल हैं। LIC सबसे बड़ा खरीदार रहा।

NSE का ₹22,561.57 करोड़ का IPO 17 सितंबर को खुलेगा। निवेशक इसमें 21 सितंबर तक पैसा लगा सकेंगे। यह पूरा IPO ऑफर फॉर सेल यानी OFS है। इसमें मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ शेयर बेचेंगे। IPO का प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया है।

LIC ने खरीदे ₹465 करोड़ के शेयर

LIC के पास NSE में पहले से 10.72% हिस्सेदारी है। अब उसने एंकर बुक में ₹465.3 करोड़ के शेयर खरीदे हैं। इसके साथ LIC NSE के एंकर निवेशकों में सबसे बड़ा खरीदार बन गया है।

SBI Pension Funds, SBI Life, HDFC Life, HDFC Pension Fund, Axis Max Life, UTI Pension Fund और Kotak Mahindra Life जैसे इंश्योरेंस संस्थानों ने भी निवेश किया है। LIC समेत इन सभी इंश्योरेंस निवेशकों ने कुल ₹1,081.8 करोड़ लगाए हैं। यह कुल एंकर बुक का करीब 16% है।

विदेश से भी आया बड़ा निवेश

NSE की एंकर बुक में कई बड़े विदेशी निवेशकों ने पैसा लगाया है। Government Pension Fund Global ने ₹250 करोड़ और Monetary Authority of Singapore ने ₹200 करोड़ का निवेश किया। Abu Dhabi Investment Authority – Monsoon ने भी ₹200 करोड़ के शेयर खरीदे।

इसके अलावा Fidelity, Goldman Sachs, Eastspring Investments India, Integrated Core Strategies (Asia), Carmignac Portfolio और Ashoka WhiteOak जैसे निवेशकों ने भी NSE में दिलचस्पी दिखाई। Societe Generale, BNP Paribas, Morgan Stanley और BofA Securities भी एंकर बुक में शामिल हैं।

म्यूचुअल फंड्स ने भी खरीदे शेयर

NSE ने 29 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 1.39 करोड़ शेयर आवंटित किए हैं। यह कुल एंकर बुक का 36.98% हिस्सा है। इन फंड्स ने 98 अलग-अलग स्कीम के जरिए आवेदन किया था।

इनमें SBI MF, ICICI Prudential AMC, HDFC AMC, Nippon Life India, Kotak Mahindra AMC, Axis MF, Aditya Birla Sun Life AMC, UTI AMC, Mirae Asset और Tata MF शामिल हैं। Invesco, Quant MF, WhiteOak Capital और HSBC MF ने भी हिस्सा लिया है।

NSE को नहीं मिलेगा IPO का पैसा

यह IPO पूरी तरह OFS है। इसलिए IPO से मिलने वाला पैसा NSE के पास नहीं जाएगा। इश्यू से जुड़े खर्च को छोड़कर पूरी रकम मौजूदा शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को मिलेगी।

कंपनी ने कर्मचारियों के लिए ₹70 करोड़ के शेयर भी रिजर्व किए हैं। कर्मचारियों को ये शेयर अंतिम इश्यू प्राइस से ₹170 प्रति शेयर की छूट पर मिलेंगे।

NSE का शेयर बाजार में दबदबा

NSE कुल टर्नओवर के लिहाज से भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। जून 2026 को खत्म हुई तीन महीने की अवधि में कैश मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 93.05% थी। इक्विटी फ्यूचर्स में हिस्सेदारी 99.72% रही।

इक्विटी ऑप्शंस में NSE की हिस्सेदारी 68.48% थी। एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी फ्यूचर्स और करेंसी ऑप्शंस में इसकी हिस्सेदारी 100% रही। ये आंकड़े कुल प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर हैं।

22 सितंबर को अलॉटमेंट

NSE IPO के शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं शेयरों की BSE पर ट्रेडिंग 24 सितंबर से शुरू हो सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio Platforms IPO: सेबी ने जियो के आईपीओ को मंजूरी दी, 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे

Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms की शेयर बाजार में एंट्री अब और करीब आ गई है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने कंपनी के IPO प्लान को मंजूरी दे दी है। Jio Platforms ने 19 जून को DRHP दाखिल किया था। अब IPO की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

यह IPO भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है। कंपनी इस इश्यू में 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। इससे करीब 2.93% हिस्सेदारी कम होगी। IPO से मिलने वाली रकम में से करीब ₹27,500 करोड़ लोन चुकाने में लगाए जाएंगे।

Jio Platforms में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

Jio Platforms में Reliance Industries यानी RIL सबसे बड़ी शेयरधारक है। उसके पास 66.43% हिस्सेदारी है। Meta Platforms के पास 9.98% और Google के पास 7.73% हिस्सेदारी है।

सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड के पास 2.31% हिस्सेदारी है। KKR के पास भी 2.31% और Vista Equity Partners के पास 2.31% हिस्सेदारी है। Silver Lake के पास 1.88% हिस्सेदारी है।

इसके अलावा Mubadala के पास 1.85%, General Atlantic Singapore के पास 1.34%, Abu Dhabi Investment Authority के पास 1.16% और TPG Capital के पास 0.93% हिस्सेदारी है।

जून तिमाही में रेवेन्यू 12% बढ़ा

Jio Platforms का कारोबार भी अच्छी रफ्तार से बढ़ रहा है। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 12% बढ़कर ₹45,961 करोड़ रहा।

ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹39,173 करोड़ रहा। EBITDA 15% बढ़कर ₹20,865 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 52% से बढ़कर 53% हो गया। कंपनी का मुनाफा 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़ रहा।

53.33 करोड़ पहुंचा सब्सक्राइबर बेस

जून तिमाही के अंत में Jio Platforms का सब्सक्राइबर बेस 53.33 करोड़ हो गया। पिछली तिमाही में यह 52.44 करोड़ था। एक साल पहले यह 49.81 करोड़ था।

कंपनी के 5G सब्सक्राइबर की संख्या 28.5 करोड़ पहुंच गई। डेटा इस्तेमाल भी बढ़ा है। जून तिमाही में कुल डेटा ट्रैफिक सालाना आधार पर 26.9% बढ़कर 69.4 अरब GB रहा। प्रति व्यक्ति औसत मासिक डेटा इस्तेमाल 43.7 GB रहा।

इन कंपनियों के IPO को भी मंजूरी

SEBI ने Bharat PET, Sadbhav Futuretech, MK Sons Fine Jewels, Pushp Brand India और Paras Healthcare के IPO को भी मंजूरी दी है।

इसके अलावा Paramotor Digital Technology के प्री फाइलिंग प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।

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भारतीयों के लिए खुशखबरी! विदेश घूमने का मौका न चुके, अबू धाबी का 30 दिन का वीजा बिलकुल फ्री

अबू धाबी घूमने का सपना देख रहे भारतीय ट्रैवलर के लिए अब यह ट्रिप आसान हो गयी हैं अबू धाबी की यात्रा का खर्च और झंझट दोनों कम हो सकते हैं। क्योंकि एलिजिबल भारतीय ट्रैवलर को 30 दिन का फ्री यूएई टूरिस्ट वीजा फैसिलिटी लॉन्च की है। इससे अबू धाबी घूमने की प्लानिंग बना रहे लोगों के लिए वहां जाना पहले के मुकाबले आसान हो गया है।

फ्री वीजा स्कीम

Abu Dhabi Airports Reports Record Growth in First Half of 2025

एलिजिबल इंडियन पासपोर्ट होल्डर को इस स्कीम में 30 दिन का यूएई टूरिस्ट वीजा बिना किसी शुल्क के मिल सकता है। इस वीजा के लिए करीब Dh285 यानी लगभग 7,500 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। इस स्कीम का फायदा लेने के लिए ट्रिप की बुकिंग इसमें शामिल ट्रैवल पार्टनर या ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी के जरिए करनी होगी।

 

बुकिंग का तरीका

Abu Dhabi Wallpapers (51 images) - WallpaperCat

इस फैसिलिटी का लाभ सीधे किसी भी बुकिंग से नहीं मिलेगा। ट्रैवलर को इस स्कीम में शामिल ट्रैवल पार्टनर या ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी के जरिए अबू धाबी का हॉलिडे पैकेज बुक करना होगा। अगर कोई ट्रैवलर 31 अक्टूबर से पहले पैकेज बुक कर लेता है, लेकिन उसकी ट्रिप इस टाइम ड्यूरेशन के बाद है, तो उसे फ्री वीजा का फायदा नहीं मिलेगा।

वीजा प्रोसेस

फ्री वीजा की प्रोसेस ट्रैवल एजेंसियों के जरिए पूरी की जाएगी। एजेंसी अबू धाबी के तय डेस्टिनेशन मैनेजमेंट पार्टनर के साथ मिलकर वीजा प्रोसेस कर सकती है। कुछ एजेंसियां अपने मौजूदा पार्टनर के जरिए भी काम कर सकती हैं।

फैमिली ट्रिप

इस स्कीम में फैमिली मेंबर सभी जरूरी शर्तें पूरी करते हैं, तो वे भी इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। लेकिन पूरी स्कीम फिलहाल 20,000 वीजा तक लिमिटेड है। वीजा के लिए कोई अलग से फास्ट ट्रैक सुविधा नहीं होगी।

ट्रैवल कंडीशन

फ्री वीजा पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। ट्रैवलर के पास भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए और उसे भारत से अबू धाबी की ट्रिप करनी होगी। बुकिंग में अबू धाबी के होटल में कम से कम लगातार तीन रात रुकना और भारत से आने-जाने की फ्लाइट शामिल होनी चाहिए। जर्नी 1 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 के बीच ही करनी होगी।

 ध्यान दे

आप भी इस टाइम पर अबू धाबी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो जरूरी शर्तें पूरी करके इस ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। लेकिन वीजा लिमिटेड है, इसलिए ट्रैवल और बुकिंग से पहले सभी रूल चेक करें।