थाईलैंड और वियतनाम ही नहीं, ये अनोखा देश भी बना सकते हैं आपकी अगली ट्रिप यादगार!

दक्षिण-पूर्व एशिया घूमने का प्लान बनाते समय थाईलैंड लंबे समय से लोगों की पसंद रहा है। खूबसूरत समुद्र तट, नाइटलाइफ, शॉपिंग और कई तरह के टूरिस्ट स्पॉट की वजह से यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन अब ट्रैवलर्स की पसंद में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल रहा है और वियतनाम भी तेजी से लोगों की पसंद बनता जा रहा है।

वियतनाम की खास बात यह है कि यहां घूमने वालों को खूबसूरत प्राकृतिक नजारे, ऐतिहासिक जगहें, लोकल कल्चर और अलग तरह का ट्रैवल एक्सपीरियंस एक साथ मिल जाता है। साथ ही, बजट में यात्रा करने वालों के लिए भी यह देश काफी अट्रैक्टिव नजर आता है। यही वजह है कि कई ट्रैवलर अब अगली छुट्टी के लिए थाईलैंड के बजाय वियतनाम को चुनने के बारे में सोच रहे हैं।

थाईलैंड और वियतनाम की तुलना करने के तरीके:

1. कीमत और ट्रिप का खर्च

बजट की बात करें तो वियतनाम थाईलैंड के मुकाबले सस्ता ऑप्शन माना जाता है। होटल, लोकल खाना, टैक्सी और रोजकी छोटी जरूरतों पर यहां कम पैसे खर्च हो सकते हैं। बैकपैकिंग या कम बजट में घूमने वाले ट्रैवलर के लिए वियतनाम अट्रैक्टिव है। लेकिन भारत से जाने वाले ट्रैवलर का पूरा बजट सिर्फ वहां के खर्च पर डिपेंड नहीं करता। फ्लाइट, वीजा, होटल और घूमने वाली जगहों के टिकट को मिलाकर कुल खर्च देखना ज्यादा सही रहेगा।

2. घूमने की जगहों में किसका पलड़ा भारी?

डेस्टिनेशन के मामले में किसी एक देश को बेहतर कहना सही नहीं है, क्योंकि दोनों की अपनी अलग खासियत है। थाईलैंड खूबसूरत समुद्र तटों, द्वीपों, रिसॉर्ट्स और नाइटलाइफ के लिए जाना जाता है। बैंकॉक जैसे बड़े शहरों में शॉपिंग, मनोरंजन और घूमने के कई ऑप्शन मिलते हैं। दूसरी तरफ, वियतनाम में पहाड़, समुद्र, पुराने शहर, नदियां और ग्रामीण इलाकों का अलग एक्सपीरियंस मिलता है। हनोई, सापा, हा लॉन्ग बे और मेकांग डेल्टा जैसी जगहें उन लोगों को पसंद आ सकती हैं जो नेचर के साथ हिस्ट्री और लोकल कल्चर को भी करीब से देखना चाहते हैं।

3. खाने के मामले में कौन बेहतर?

खाने की पसंद पूरी तरह व्यक्ति पर डिपेंड करती है, क्योंकि दोनों देशों का खाना अपने-अपने तरीके से खास है। थाईलैंड में पैड थाई, टॉम यम, करी और कई तरह का स्ट्रीट फूड आसानी से मिल जाता है। वहीं वियतनाम का फो, बान्ह मी, बन चा और वियतनामी कॉफी काफी लोकप्रिय हैं। थाई खाना ज्यादा मसालेदार और तीखा होता है, जबकि वियतनामी खाने में ताजी सब्जियों, हर्ब्स और हल्के स्वाद का इस्तेमाल ज्यादा देखने को मिलता है। आप स्ट्रीट फूड ट्राय करना पसंद करते हैं, तो दोनों देशों में आपके लिए काफी कुछ नया हो सकता है।

4. इंफ्रास्ट्रक्चर और सेफ्टी

टूरिस्टों के लिए घूमने की फैसिलिटी के मामले में थाईलैंड को काफी एक्सपीरियंस हासिल है। बैंकॉक जैसे शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट, होटल, टैक्सी और टूरिस्ट सुविधाएं आसानी से मिल जाती हैं। वियतनाम में भी पिछले कुछ वर्षों में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बेहतर हुआ है, लेकिन कुछ जगहों पर ट्रैफिक और लोकल ट्रांसपोर्ट नए ट्रैवलर के लिए थोड़ा अलग एक्सपीरियंस हो सकता है। दोनों देशों में सड़क पार करते समय, बाइक वाले इलाकों में और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सामान संभालकर रखना और सावधानी बरतना जरूरी है।

5. वीजा और इमिग्रेशन

फॉरेन ट्रिप की प्लानिंग में वीजा सबसे जरूरी चीजों में से एक है और इसके रूल समय के साथ बदलते रहते हैं। 2026 में भारतीय ट्रैवलर के लिए थाईलैंड की एंट्री व्यवस्था आसान रही है, जबकि वियतनाम जाने के लिए भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स को ई-वीजा की जरूरत पड़ती है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले दोनों देशों की मौजूदा वीजा और एंट्री शर्तों को जरूर चेक कर लेना चाहिए।

दक्षिण-पूर्व एशिया में घूमने के लिए हर देश की अपनी अलग खासियत है। किसी को समुद्र तट और आइलैंड पसंद आ सकते हैं, तो किसी को इतिहास, संस्कृति, पहाड़ या मॉडर्न शहर ज्यादा अट्रैक्ट कर सकते हैं। इस पूरे रीजन में टूरिस्म को आसान, बेहतर और ज्यादा टिकाऊ बनाने पर भी लगातार काम हो रहा है। इसलिए किसी एक देश को हर ट्रैवलर के लिए सबसे बेहतर कहना सही नहीं होगा। आप पहली बार दक्षिण-पूर्व एशिया घूमने जा रहे हैं, तो अपने बजट, पसंद और ट्रैवल के मकसद के हिसाब से डेस्टिनेशन चुनना ज्यादा अच्छा रहेगा। सही जगह चुनकर आपकी छुट्टी को सिर्फ एक ट्रिप नहीं, बल्कि एक नया एक्सपीरियंस बना सकता है।

भारतीयों के लिए खुशखबरी! विदेश घूमने का मौका न चुके, अबू धाबी का 30 दिन का वीजा बिलकुल फ्री

अबू धाबी घूमने का सपना देख रहे भारतीय ट्रैवलर के लिए अब यह ट्रिप आसान हो गयी हैं अबू धाबी की यात्रा का खर्च और झंझट दोनों कम हो सकते हैं। क्योंकि एलिजिबल भारतीय ट्रैवलर को 30 दिन का फ्री यूएई टूरिस्ट वीजा फैसिलिटी लॉन्च की है। इससे अबू धाबी घूमने की प्लानिंग बना रहे लोगों के लिए वहां जाना पहले के मुकाबले आसान हो गया है।

फ्री वीजा स्कीम

Abu Dhabi Airports Reports Record Growth in First Half of 2025

एलिजिबल इंडियन पासपोर्ट होल्डर को इस स्कीम में 30 दिन का यूएई टूरिस्ट वीजा बिना किसी शुल्क के मिल सकता है। इस वीजा के लिए करीब Dh285 यानी लगभग 7,500 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। इस स्कीम का फायदा लेने के लिए ट्रिप की बुकिंग इसमें शामिल ट्रैवल पार्टनर या ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी के जरिए करनी होगी।

 

बुकिंग का तरीका

Abu Dhabi Wallpapers (51 images) - WallpaperCat

इस फैसिलिटी का लाभ सीधे किसी भी बुकिंग से नहीं मिलेगा। ट्रैवलर को इस स्कीम में शामिल ट्रैवल पार्टनर या ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी के जरिए अबू धाबी का हॉलिडे पैकेज बुक करना होगा। अगर कोई ट्रैवलर 31 अक्टूबर से पहले पैकेज बुक कर लेता है, लेकिन उसकी ट्रिप इस टाइम ड्यूरेशन के बाद है, तो उसे फ्री वीजा का फायदा नहीं मिलेगा।

वीजा प्रोसेस

फ्री वीजा की प्रोसेस ट्रैवल एजेंसियों के जरिए पूरी की जाएगी। एजेंसी अबू धाबी के तय डेस्टिनेशन मैनेजमेंट पार्टनर के साथ मिलकर वीजा प्रोसेस कर सकती है। कुछ एजेंसियां अपने मौजूदा पार्टनर के जरिए भी काम कर सकती हैं।

फैमिली ट्रिप

इस स्कीम में फैमिली मेंबर सभी जरूरी शर्तें पूरी करते हैं, तो वे भी इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। लेकिन पूरी स्कीम फिलहाल 20,000 वीजा तक लिमिटेड है। वीजा के लिए कोई अलग से फास्ट ट्रैक सुविधा नहीं होगी।

ट्रैवल कंडीशन

फ्री वीजा पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। ट्रैवलर के पास भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए और उसे भारत से अबू धाबी की ट्रिप करनी होगी। बुकिंग में अबू धाबी के होटल में कम से कम लगातार तीन रात रुकना और भारत से आने-जाने की फ्लाइट शामिल होनी चाहिए। जर्नी 1 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 के बीच ही करनी होगी।

 ध्यान दे

आप भी इस टाइम पर अबू धाबी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो जरूरी शर्तें पूरी करके इस ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। लेकिन वीजा लिमिटेड है, इसलिए ट्रैवल और बुकिंग से पहले सभी रूल चेक करें।