बिजनेस ट्रिप का बहाना पड़ा भारी, एयरपोर्ट पर पासपोर्ट के इस राज ने खोल दी पति की पोल!

पासपोर्ट की एक गड़बड़ी से खुला व्यक्ति की छिपी हुई ट्रिप का पूरा सीक्रेट

मुंबई: पुणे के एक बिजनेसमैन की विदेश यात्रा से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है। उसने पत्नी को इमिग्रेशन से जुड़ी परेशानी बताकर यात्रा रद्द होने की बात कही, लेकिन असल कहानी कुछ और थी। जिस महिला के साथ वह विदेश जाने वाला था, उसके पासपोर्ट में दिक्कत के चलते इमिग्रेशन क्लियर नहीं हो पाया और पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी। इसके बाद इस मामले में कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे कहानी ने अलग मोड़ ले लिया।

पत्नी से छिपाई ट्रिप की बात

46 साल के इस बिजनेसमैन ने अपनी पत्नी को बताया था कि वह बिजनेस ट्रिप के लिए कुआलालंपुर जा रहा है। लेकिन वह एक दूसरी महिला के साथ विदेश यात्रा पर निकला था। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि महिला जिस पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रही थी, उसे पहले ही खोया हुआ घोषित किया जा चुका था।

एयरपोर्ट से अचानक बदला ये प्लान

महिला को इमिग्रेशन पर रोके जाने के बाद बिजनेसमैन को लगा कि अब उसकी पत्नी को असली बात पता चल सकती है। इसके बाद उसने अपनी यात्रा रद्द कर दी और मोबाइल फोन बंद कर दिया। पुलिस के मुताबिक, वह महिला के साथ दक्षिण मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस यानी CSMT चला गया। एयरपोर्ट से निकलने से पहले उसने वहां मौजूद लैंडलाइन फोन से पत्नी को कॉल किया और बताया कि इमिग्रेशन की परेशानी के कारण उसे अपना मोबाइल फोन जमा करना पड़ा है।

पत्नी ने दर्ज कराई किडनैपिंग की FIR

अगले दिन बिजनेसमैन ने अपनी पत्नी से थोड़ी देर WhatsApp वीडियो कॉल पर बात की और इमिग्रेशन की समस्या वाली वही बात दोहराई। इसके बाद उसका फोन नेटवर्क से बाहर हो गया और पत्नी उससे कांटेक्ट नहीं कर पाई। काफी समय तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर उसने पुलिस से कांटेक्ट किया। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण की FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

FIR की जानकारी मिलते ही सामने आया ये सच

मामले की FIR दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद बिजनेसमैन खुद सहार पुलिस स्टेशन पहुंचा। यह वही पुलिस स्टेशन है, जिसके अधिकार क्षेत्र में मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट आता है। पुलिस के सामने उसने स्वीकार किया कि इमिग्रेशन से जुड़ी परेशानी की जो कहानी उसने अपनी पत्नी को बताई थी, वह सच नहीं थी। उसने खुद यह कहानी बनाई थी ताकि अपनी ट्रिप और उसके साथ मौजूद महिला की बात पत्नी से छिपा सके।

जांच के बाद पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर कोर्ट में ‘C समरी’ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। पुलिस के अनुसार, ऐसी रिपोर्ट उन मामलों में इस्तेमाल की जाती है, जहां जांच के दौरान शिकायत के पीछे गलतफहमी या तथ्यों से जुड़ी स्थिति सामने आती है। इस मामले में भी जांच के बाद पूरी कहानी स्पष्ट हुई और सामने आया कि इमिग्रेशन को लेकर बताई गई बात सही नहीं थी।

गोद में बच्चा, कंधे पर सांप! झरने पर परिवार के साथ हुआ खौफनाक वाकया

झरने पर परिवार के साथ घूम रहे शख्स अचानक सामने आया सांप

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में मौजूद अंबोली वॉटरफॉल पर घूमने गए एक परिवार के लिए सामान्य सैर अचानक डरावनी घटना में बदल गई। परिवार के लोग झरने के पास समय बिता रहे थे और एक व्यक्ति छोटे बच्चे को गोद में लेकर फिसलन भरी जगह से सावधानी से आगे बढ़ रहा था। तभी ऊपर की चट्टानों से अचानक एक बड़ा सांप नीचे गिर गया और सीधे बच्चे को गोद में लिए व्यक्ति के कंधे पर आ गिरा। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोग भी घबरा गए।

बच्चे को गोद में लिए व्यक्ति ने तुरंत संभाला खुद को

सांप अचानक कंधे पर गिरने के बाद वहां कुछ पल के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया। बच्चे को गोद में लिए व्यक्ति ने भी सांप को अपने पास देखते ही तुरंत प्रतिक्रिया दी। आसपास मौजूद दूसरे पर्यटक भी घबरा गए और उस जगह से दूर जाने लगे। सांप ज्यादा देर वहां नहीं रुका और तेजी से आगे बढ़ते हुए चट्टानों के बीच गायब हो गया। इस दौरान बच्चे और परिवार के दूसरे सदस्यों की सुरक्षा को लेकर भी लोग परेशान नजर आए।

दूसरे टूरिस्ट ने कैमरे में कैद किया पल

इस पूरी घटना को वहां मौजूद एक दूसरे पर्यटक ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। घटना का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में परिवार के लोग झरने के पास नजर आते हैं और कुछ ही देर बाद ऊपर से सांप के गिरने की घटना दिखाई देती है। जिसे देखकर आसपास मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया भी साफ नजर आती है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस समय वहां कितना डर का माहौल रहा होगा।

क्या सच में था कोबरा सांप?

घटना के बाद कुछ लोगों को सांप को कोबरा कहते हुए सुना गया, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक सांप की सही प्रजाति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अंबोली वॉटरफॉल मॉनसून के दौरान पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय रहता है और यहां चट्टानी व फिसलन वाली जगहों पर लोग घूमने पहुंचते हैं।

झरने पर सुरक्षा का रखें ध्यान

यदि आप भी ऐसे झरने और पहाड़ी इलाकों में घूमते है तो हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए। फिसलन भरी चट्टानों से दूरी रखें और आसपास किसी भी तरह की हलचल या वन्यजीव नजर आए तो उसके पास जाने की कोशिश न करें। बच्चों के साथ ऐसी जगहों पर खास सावधानी रखें और सुरक्षित रास्ते से चुने।

इंडिगो की स्पेशल सेल: कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर मिल रहा है भारी डिस्काउंट, सस्ते में करें देश-विदेश की यात्रा

एयर ट्रैवलर के लिए एक अच्छी खबर है। एयरलाइन कंपनी IndiGo ने पैसेंजर को कम बजट में सफर का तोहफा देते हुए कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर एक स्पेशल सेल की घोषणा की है। इस लिमिटेड टाइम ऑफर में डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों रूट पर शुरुआती किराए में कटौती की गई है। यदि आप आने वाले दिनों में ट्रिप की प्लानिंग बना रहे हैं, तो इस सेल के जरिए अपने ट्रिप के बजट को काफी कम कर सकते हैं।

कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर मिल रहा है ऑफर

इंडिगो ने पैसेंजर के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट्स की एक स्पेशल सेल शुरू की है। इस सेल का फायदा डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों तरह की कनेक्टिंग फ्लाइट्स की बुकिंग पर लिया जा सकता है। यदि आप आने वाले महीनों में छुट्टी मनाने या किसी जरूरी काम से ट्रिप करने वाले हैं, तो इस ऑफर में अपनी पसंद की फ्लाइट और तारीख का किराया चेक कर सकते हैं।

कब तक कर सकते हैं टिकट की बुकिंग?

इंडिगो की इस लिमिटेड टाइम वाली सेल में टिकट बुक करने की आखिरी तारीख 17 सितंबर 2026 है। यानी ऑफर का फायदा लेने के लिए आपको इस तारीख तक अपनी बुकिंग पूरी करनी होगी। वहीं, इस सेल के तहत बुक की गई टिकटों पर 18 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 के बीच ट्रिप की जा सकती है।

डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट का किराया

सेल में डोमेस्टिक कनेक्टिंग फ्लाइट्स का ऑल-इन्क्लूसिव वन-वे किराया 3,999 रुपये से शुरू हो रहा है। वहीं, इंटरनेशनल कनेक्टिंग फ्लाइट्स के लिए शुरुआती किराया 8,999 रुपये रखा गया है। इन शुरुआती किरायों में कुछ जरूरी चार्ज शामिल हैं, लेकिन वास्तविक किराया रूट और ट्रैवल की तारीख के हिसाब से अलग हो सकता है। यह भी जरूरी नहीं है कि हर फ्लाइट में आपको 3,999 रुपये या 8,999 रुपये वाला किराया मिल जाए। जैसे-जैसे कम किराए वाली सीटें बुक होती जाएंगी, आगे की सीटों का किराया बढ़ सकता है।

ट्रैवल से पहले बुकिंग कंडीशन समझें

इस सेल का फायदा लेने के लिए एक जरूरी शर्त यह है कि टिकट ट्रैवल की तारीख से कम से कम तीन दिन पहले बुक करनी होगी। आखिरी समय में की गई बुकिंग इस ऑफर के लिए एलिजिबल नहीं हो सकती। इसके अलावा किराया रूट, तारीख और अवेलेबल सीटों के बेस पर बदल सकता है। इसलिए केवल शुरुआती किराया देखकर टिकट बुक करने के बजाय अपनी पूरी जर्नी का किराया पहले चेक लें।

बुकिंग के साथ ऐड-ऑन सर्विस का भी फायदा

इंडिगो की इस सेल में टिकट के साथ कुछ ऐड-ऑन सर्विस पर भी कम कीमत का फायदा मिलेगा। इंडिगो स्विच 199 रुपये और 6E फेयर होल्ड 49 रुपये से शुरू होंगे, जिसका लाभ सीधे इंडिगो के जरिए टिकट बुक करने वाले पैसेंजर को मिलेगा। वहीं फास्ट फॉरवर्ड 299 रुपये से शुरू होगा और इसे सभी बुकिंग चैनलों से लिया जा सकता है। टिकट की बुकिंग इंडिगो की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, 6Eskai और व्हॉट्सऐप के जरिए की जा सकती है। बुकिंग के समय ट्रैवल की तारीख, कनेक्टिंग रूट, बैगेज और दूसरी फैसिलिटी की इनफार्मेशन जरूर चेक कर लें।

बुकिंग से पहले इन बातों का रखें ध्यान

ऑफर का शुरुआती किराया सभी रूट्स और सभी तारीखों के लिए अवेलेबल नहीं होगा। इसलिए टिकट बुक करने से पहले अपनी ट्रैवल की तारीख और रूट के हिसाब से वास्तविक किराया जरूर चेक करें। साथ ही यह भी देख लें कि चुनी गई फ्लाइट कनेक्टिंग फ्लाइट है और सेल की शर्तों के तहत आती है या नहीं। ऑफर लिमिटेड टाइम के लिए है और कम किराए वाली सीटें भी लिमिटेड हैं, इसलिए पसंद की तारीख पर सीट अवेलेबल हो तो बुकिंग करने से पहले सभी टर्म्स और कंडीशन पढ़ लेना चाहिए।

Disclaimer: फ्लाइट का किराया रूट, ट्रैवल की तारीख और सीट की उपलब्धता के आधार पर बदल सकता है। टिकट बुक करने से पहले इंडिगो की वेबसाइट पर किराया और ऑफर की शर्तें जरूर जांच लें।

इतना बड़ा पत्ता कि इंसान भी तैर जाए! हावड़ा में देखने को मिल रहा अनोखा नजारा

किसी बोट या ट्यूब की बजाय नेचर की बनाई गई नाव आपको पानी पर तैरा सकती है। सुनने में यह बात थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन हावड़ा के एक मशहूर बोटैनिकल गार्डन में इन दिनों ऐसा ही यूनिक एक्सपेरिमेंट देखने को मिल रहा है। यहां पौधों की एक खास प्रजाति को लेकर ऐसा टेस्ट किया जा रहा है, जिसने लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। इस एक्सपेरिमेंट की सबसे खास बात क्या है और इसमें किन लोगों को शामिल किया जा रहा है, यह जानना अपने आप में काफी दिलचस्प है।

हावड़ा के आचार्य जगदीशचंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान में जायंट वॉटर लिली के बड़े पत्ते पर बैठकर पानी में तैरने का यूनिक एक्सपेरिमेंट शुरू किया गया है। अब तक गार्डन के कुछ इम्प्लॉई और वहां पहुंचे कई लोगों ने इस एक्सपीरियंस को आजमाया है। पहले इस तरह के पत्तों पर बच्चों के तैरने के वीडियो और तस्वीरें सामने आती रही हैं, लेकिन यहां 80 से 100 किलो या उससे ज्यादा वजन वाले वयस्कों को भी पत्ते पर बैठाने का एक्सपेरिमेंट किया जा रहा है।

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वॉटर लिली पर सवार हुए लोग

विक्टोरिया अमेजोनिका यानी जायंट वॉटर लिली अमेजन क्षेत्र में पाई जाने वाली एक विशाल जलीय वनस्पति है। भारतीय वनस्पति उद्यान में इसे लंबे समय से प्रिजर्व किया जा रहा है। इस पौधे की सबसे बड़ी पहचान इसके बहुत बड़े और चौड़े पत्ते हैं, जो पानी की सतह पर दूर तक फैले रहते हैं। इसके तनों पर कांटे भी होते हैं, जबकि इसके मुकाबले फूल साइज में छोटे होते हैं और उनमें गुलाबी रंग दिखाई देता है।

अम्फान के बाद बढ़ाया गया कंजर्वेशन

इस पौधे को पहले बोटैनिकल गार्डन के केवल एक जलाशय में रखा जाता था, लेकिन साल 2020 में आए चक्रवाती तूफान अम्फान से इसे काफी नुकसान हुआ। इसके बाद पौधे को बचाने और इसकी संख्या बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दिया गया। साथ ही यह कोशिश भी की गई कि लोग इस दुर्लभ जलीय पौधे को आसानी से देख सकें। इसी दिशा में गार्डन के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद 16 जलाशयों में विक्टोरिया अमेजोनिका का कंजर्वेशन शुरू किया गया।

पत्ते को बचाने के लिए खास इंतजाम

बड़े लोग इतने बड़े पत्ते पर बैठाकर पानी में उतारना आसान काम नहीं है। इस दौरान पौधे को नुकसान न पहुंचे, इसका खास ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए पत्ते के ऊपर और नीचे दो तैरने वाले सपोर्ट डिवाइस लगाए जाते हैं। इससे व्यक्ति का पूरा वजन सीधे पत्ते पर नहीं पड़ता, बल्कि एक बैलेंस तरीके से बंट जाता है।

मजबूत पत्तों को किया जाता है सेलेक्ट

इस एक्सपीरियंस के लिए हर पत्ते का इस्तेमाल नहीं किया जाता। गार्डन के एक्सपर्ट पहले ऐसे पत्तों को चुनते हैं जो साइज में बड़े और मजबूत हों। फूल आने से पहले इस पौधे में बड़े पत्ते उगते हैं और इसी समय सही पत्तों की पहचान की जाती है। इसके बाद व्यक्ति को उस पर बैठाकर पानी में तैराने का टेस्टिंग की जाती है। इस यूनिक एक्सपीरियंस के लिए गार्डन के गेट नंबर-1 से करीब 100 मीटर दूर एक जलाशय के हिस्से को चुना गया है, जहां फिलहाल यह एक्सपेरीमेंट चल रहा है।

हावड़ा का बोटानिकल गार्डन अब अपनी हरियाली और दुर्लभ पौधों के साथ इस यूनिक एक्सपेरीमेंट की वजह से भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। फिलहाल यह एक्सपीरियंस टेस्टिंग में है, लेकिन आगे चलकर इसे पास से देखने और आजमाने का मौका मिल सकता है।

अब बस में भी मिलेगा बिजनेस क्लास जैसा सफर, जानें केरल की प्रीमियम बस की खासियतें!

केरल (Kerala) सरकार की नई प्रीमियम बस इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। इस बस को खास तौर पर पैसेंजर को कम्फर्टेबल और बेहतर ट्रैवल देने के लिए तैयार किया गया है। बस के अंदर की फैसिलिटी और इसका प्रीमियम लुक लोगों का ध्यान खींच रहा है। इसे देखकर कहा जा रहा है कि अब रोड ट्रैवल करने वालों को भी हवाई जहाज जैसा आराम और फैसिलिटीज मिल सकती है।

केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC) की यह बस लंबी दूरी के सफर को पहले से ज्यादा कम्फर्टेबल बनाने की कोशिश है। बस में पैसेंजर की फैसिलिटी का खास ध्यान रखा गया है, इसलिए आम बस ट्रिप के मुकाबले इसका एक्सपीरियंस काफी अलग नजर आता है। इसी वजह से इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों के बीच हॉट टॉपिक बन गया है।

एयरोप्लेन जैसा एक्सपीरियंस

केरल की नई प्रीमियम बस को पैसेंजर के आराम का ध्यान रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें कम्फर्टेबल लेदर सीटें लगी हैं और हर सीट पर अलग एंटरटेनमेंट स्क्रीन दी गई है। जर्नी में पैसेंजर स्क्रीन पर एंटरटेनमेंट कर सकते हैं। इसके अलावा बस में फ्री वाई-फाई और सीट के पास चार्जिंग पोर्ट की फैसिलिटी भी मिलती है। इससे पैसेंजर ट्रेवलिंग में अपने मोबाइल और दूसरे डिवाइस आसानी से चला और चार्ज कर सकते हैं। फैसिलिटी को एक ही बस में रखा गया है। यही वजह है कि इस सर्विस की तुलना एयरोप्लेन ट्रैवल से की जा रही है।

 

सफर के साथ स्वाद का मजा

इस बस में पैसेंजर की फैसिलिटी के लिए होस्टेस भी मौजूद रहती है। बस में होस्टेस पैसेंजर को गर्म ड्रिंक और शावरमा रोल जैसी खाने-पीने की चीजें देती हैं। इससे पैसेंजर को लॉन्ग जर्नी के दौरान खाने-पीने की फैसिलिटी बस में ही मिल जाती है। यह फैसिलिटी आम बस ट्रिप से इसे थोड़ा यूनिक और स्पेशल बनाती है। इस सुविधा से सफर थोड़ा ज्यादा कम्फर्टेबल और कनविनिएंट बन जाता है। बस में पैंट्री, कॉफी मेकर और मिनी फ्रिज जैसी फैसिलिटी भी दी गई हैं, जिससे इसे आम बस ट्रिप से अलग प्रीमियम एक्सपीरियंस मिलता है।

 

बस के अंदर ही वॉशरूम फैसिलिटी

लॉन्ग जर्नी में सबसे ज्यादा परेशानी वॉशरूम को लेकर होती है, लेकिन इस बस में इसका भी इंतजाम किया गया है। बस के अंदर ही वॉशरूम बनाया गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर पैसेंजर को बस से नीचे उतरने की जरूरत नहीं होगी। बस का वॉशरूम भी साफ-सुथरा और ऑर्गनाइज होता है। यह फैसिलिटी खासतौर पर लॉन्ग डिस्टेंस ट्रैवल करने वाले पैसेंजर के लिए काफी काम की है। यही सुविधा इस बस को सामान्य लॉन्ग जर्नी की बसों से थोड़ा अलग बनाती है और लोगों को इसमें हवाई जहाज जैसा सफर महसूस हो रहा है।केरल (Kerala ) की यह नई प्रीमियम बस सड़क के सफर को ज्यादा कम्फर्टेबल बनाने की कोशिश है। तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) और कोच्चि (Ernakulam, Kochi)के बीच चलने वाली इस प्रीमियम बस का वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में है। इस रूट का टिकट ₹671 बताया गया है। यह सर्विस 20 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी। इसे लेकर लोग सरकारी बस में मिलने वाली इन नई फैसिलिटी की तारीफ कर रहे हैं। बस में मिलने वाली मॉडर्न फैसिलिटी से पैसेंजर को लॉन्ग डिस्टेंस जर्नी में ज्यादा फैसिलिटी मिल सकती है।

भारतीयों के लिए खुशखबरी! विदेश घूमने का मौका न चुके, अबू धाबी का 30 दिन का वीजा बिलकुल फ्री

अबू धाबी घूमने का सपना देख रहे भारतीय ट्रैवलर के लिए अब यह ट्रिप आसान हो गयी हैं अबू धाबी की यात्रा का खर्च और झंझट दोनों कम हो सकते हैं। क्योंकि एलिजिबल भारतीय ट्रैवलर को 30 दिन का फ्री यूएई टूरिस्ट वीजा फैसिलिटी लॉन्च की है। इससे अबू धाबी घूमने की प्लानिंग बना रहे लोगों के लिए वहां जाना पहले के मुकाबले आसान हो गया है।

फ्री वीजा स्कीम

Abu Dhabi Airports Reports Record Growth in First Half of 2025

एलिजिबल इंडियन पासपोर्ट होल्डर को इस स्कीम में 30 दिन का यूएई टूरिस्ट वीजा बिना किसी शुल्क के मिल सकता है। इस वीजा के लिए करीब Dh285 यानी लगभग 7,500 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। इस स्कीम का फायदा लेने के लिए ट्रिप की बुकिंग इसमें शामिल ट्रैवल पार्टनर या ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी के जरिए करनी होगी।

 

बुकिंग का तरीका

Abu Dhabi Wallpapers (51 images) - WallpaperCat

इस फैसिलिटी का लाभ सीधे किसी भी बुकिंग से नहीं मिलेगा। ट्रैवलर को इस स्कीम में शामिल ट्रैवल पार्टनर या ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी के जरिए अबू धाबी का हॉलिडे पैकेज बुक करना होगा। अगर कोई ट्रैवलर 31 अक्टूबर से पहले पैकेज बुक कर लेता है, लेकिन उसकी ट्रिप इस टाइम ड्यूरेशन के बाद है, तो उसे फ्री वीजा का फायदा नहीं मिलेगा।

वीजा प्रोसेस

फ्री वीजा की प्रोसेस ट्रैवल एजेंसियों के जरिए पूरी की जाएगी। एजेंसी अबू धाबी के तय डेस्टिनेशन मैनेजमेंट पार्टनर के साथ मिलकर वीजा प्रोसेस कर सकती है। कुछ एजेंसियां अपने मौजूदा पार्टनर के जरिए भी काम कर सकती हैं।

फैमिली ट्रिप

इस स्कीम में फैमिली मेंबर सभी जरूरी शर्तें पूरी करते हैं, तो वे भी इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। लेकिन पूरी स्कीम फिलहाल 20,000 वीजा तक लिमिटेड है। वीजा के लिए कोई अलग से फास्ट ट्रैक सुविधा नहीं होगी।

ट्रैवल कंडीशन

फ्री वीजा पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। ट्रैवलर के पास भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए और उसे भारत से अबू धाबी की ट्रिप करनी होगी। बुकिंग में अबू धाबी के होटल में कम से कम लगातार तीन रात रुकना और भारत से आने-जाने की फ्लाइट शामिल होनी चाहिए। जर्नी 1 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 के बीच ही करनी होगी।

 ध्यान दे

आप भी इस टाइम पर अबू धाबी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो जरूरी शर्तें पूरी करके इस ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। लेकिन वीजा लिमिटेड है, इसलिए ट्रैवल और बुकिंग से पहले सभी रूल चेक करें।

महादेव की कृपा होगी तो जरूर होंगे अमरनाथ की यात्रा, पर जाने से पहले भूले नहीं ये डॉक्यूमेंट वरना लौटना पड़ जायेगा!

अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारी शुरू करने से पहले जरूरी नियमों और डॉक्यूमेंट की जानकारी होना बेहद जरूरी है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिसके लिए प्रशासन द्वारा कुछ जरूरी प्रोसीजर होता हैं। ट्रैवल के दौरान किसी भी परेशानी से बचने के लिए सभी डॉक्यूमेंट और व्यवस्थाएं पहले से पूरी कर लें। आइए जानते हैं अमरनाथ यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी:

1. श्रीनगर पहुंचने से पहले होटल बुकिंग रखें तैयार

Amarnath Yatra - Ashoka Holidays

जो ट्रैवलर श्रीनगर या आसपास के क्षेत्रों में रुकने की प्लानिंग बना रहे हैं, उन्हें होटल या ठहरने की जगह की बुकिंग का सर्टिफिकेट साथ रखना चाहिए। भीड़भाड़ वाले ट्रैवल सीजन में होटल जल्दी भर जाते हैं और कई बार सिक्योरिटी चेकिंग के दौरान ठहरने की जानकारी मांगी जा सकती है। होटल बुकिंग की रसीद या कन्फर्मेशन मैसेज मोबाइल में सेव रखें और हो सके तो उसकी एक कॉपी भी साथ रखें। इससे ट्रिप में होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है।

2. अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट

Aerial Drone View of Amarnath Cave Temple Entrance nestled in an Icy Ravine High in the Himalayas during winter showcasing a breathtaking high altitude landscape

अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज साथ रखना जरुरी होता है। ट्रैवल के लिए सबसे जरूरी यात्रा परमिट/रजिस्ट्रेशन स्लिप होती है। इसके अलावा आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य वैलिड फोटो आइडेंटिटी कार्ड्स साथ रखना जरूरी है। ट्रैवलर को Compulsory Health Certificate – CHC भी जमा करना होता है, क्योंकि ऊंचाई वाले क्षेत्र में ट्रैवल के लिए हेल्थ सर्टिफिकेट जरुरी होता है। डॉक्यूमेंट की कमी होने पर जर्नी में परेशानी आ सकती है।

3. चेकपोस्ट पर दिखानी होगी ट्रैवल स्लिप

Way Of Shri Amarnath Ji Yatra Photos, Download The BEST Free Way Of Shri Amarnath Ji Yatra Stock Photos & HD Images

अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई जगहों पर चेकिंग की जाती है। चेकपोस्ट पर ट्रैवलर को अपना ट्रैवल परमिट/रजिस्ट्रेशन पर्ची और आइडेंटिटी कार्ड दिखाना पड़ सकता है। प्रशासन द्वारा जारी इस पर्ची में ट्रैवलर की ट्रिप की परमिशन और जरूरी जानकारी दर्ज होती है। बिना वैलिड परमिट के किसी भी ट्रैवलर को आगे जाने की परमिशन नहीं दी जा सकती। इसलिए जर्नी शुरू करने से पहले सभी डाक्यूमेंट्स की चेकिंग कर लेना बेहतर होता है।

4. ट्रैवल के दौरान जरूरी सामान और सावधानियां

Amarnath Yatra - A Spiritual Getaway of India – India-Tours

अमरनाथ यात्रा ऊंचाई वाले और कठिन पहाड़ी क्षेत्र में होती है, इसलिए ट्रैवलर को जरूरी सामान की तैयारी पहले से करनी चाहिए। गर्म कपड़े, दवाइयां, जरूरी कागजात, मोबाइल चार्जर, पावर बैंक और आइडेंटिटी कार्ड हमेशा अपने पास रखें। मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए बारिश से बचाव के लिए सामान भी रखना जरूरी है। बुजुर्ग ट्रैवलर और हेल्थ प्रॉब्लम वाले लोगों को जर्नी से पहले डॉक्टर की सलाह लेना ठीक होता है।

5. रजिस्ट्रेशन प्रोसेस और परमिट की जानकारी

Why Do The Dates Of Amarnath Yatra Change Every Year What Is The Reason Behind It - Amarnath Yatra 2026: हर साल क्यों बदल दी जाती है अमरनाथ यात्रा की तारीख? जानिए

अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए श्रद्धालुओं को सबसे पहले ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी करनी होगी। ट्रैवल परमिट मिलने के बाद हीरूट से आगे बढ़ने की परमिशन दी जाती है। रजिस्ट्रेशन के दौरान सही जानकारी और डॉक्यूमेंट जमा करना जरुरी होता है।

6. सेफ ट्रिप के लिए पहले से करें तैयारी

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