Milk Price: महाराष्ट्र में दूध हुआ और महंगा, 11 अगस्त से ₹2 प्रति लीटर बढ़ेगी कीमत

महाराष्ट्र में मंगलवार, 11 अगस्त से गाय और भैंस दोनों के दूध की कीमतें 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ जाएंगी। वहीं डेयरी उत्पाद 10 प्रतिशत तक महंगे हो जाएंगे। यह फैसला मिल्क प्रोड्यूसर्स एंड प्रोसेसर्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में लिया गया। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट गोपालराव म्हास्के ने बैठक की अध्यक्षता की। बड़ी सहकारी और निजी डेयरियों के प्रतिनिधियों की ओर से बढ़ोतरी को मंजूरी देने के बाद यह फैसला लिया गया।

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एसोसिएशन के अनुसार, डीजल की कीमतें 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ी हैं, जबकि पैकेजिंग का खर्च लगभग 30 प्रतिशत बढ़ गया है। दूध की खरीद कीमत भी बढ़ी है और आगे भी बढ़ोतरी का अनुमान है।

बढ़ती लागत को देखते हुए, एसोसिएशन ने दूध की बिक्री कीमत यानि कि सेलिंग प्राइस 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला लिया। इसके अलावा डेयरी उत्पादों की कीमतों में 10 प्रतिशत तक वृद्धि करने का फैसला किया गया है। एसोसिएशन ने कहा कि नई कीमतें 11 अगस्त से लागू होंगी।

आंध्र प्रदेश में भी बढ़ रहे हैं दाम

आंध्र प्रदेश में कृष्णा डिस्ट्रिक्ट मिल्क प्रोड्यूसर्स म्यूचुअली एडेड कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड (कृष्णा मिल्क यूनियन) द्वारा चलाई जा रही विजया डेयरी ने 10 अगस्त से दूध की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह वृद्धि दूध की 7 वेरायटी के लिए होगी। नई कीमतें 9 अगस्त की इनवॉइस तारीख से ग्राहकों पर लागू होंगी, जिसमें मासिक कार्डधारक भी शामिल हैं। आंध्र प्रदेश में पिछले 4 महीनों में कई डेयरी कंपनियों ने दूध की कीमतें 2 बार बढ़ाई हैं।

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा पर 9 अगस्त से लगी रोक, इस वजह से प्रशासन ने लिया फैसला

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा पर 9 अगस्त से लगी रोक, इस वजह से प्रशासन ने लिया फैसला

Amarnath Yatra 2026: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर बड़ा फैसला लिया है। लगातार खराब मौसम और कई जगहों पर हुए भूस्खलन के चलते अमरनाथ यात्रा को तय तारीख से पहले ही रोकने का फैसला किया गया है। 9 अगस्त से अनंतनाग के चंदनवाड़ी और गांदरबल के बालटाल मार्ग से यात्रा बंद हो जाएगी। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ये फैसला लिया है। इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी और 28 अगस्त तक चलनी थी। लेकिन यात्रा मार्ग में मरम्मत और जरूरी रखरखाव का काम पूरा करने के लिए इसे बीच में रोकने का निर्णय लिया गया है। अब तक 4.8 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा अमरनाथ के दर्शन कर चुके हैं।

क्यों रोका गया अमरनाथ यात्रा

9 अगस्त से चंदनवाड़ी और बालटाल, दोनों मार्गों पर अमरनाथ यात्रा रोक दी जाएगी। हाल की हुई तेज बारिश से अमरनाथ यात्रा के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। IMD ने भी आने वाले दिनों में खराब मौसम की संभावना जताई है। वहीं यात्रा के लिए खराब हिस्सों को ठीक करने और जरूरी रखरखाव का काम किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मरम्मत के काम को देखते हुए यात्रा रोकने का फैसला लिया गया है।

रोकी गई अमरनाथ यात्रा

कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने बताया कि, हाल में हुई बारिश से अमरनाथ यात्रा के रास्ते के कुछ हिस्से कमजोर हो गए हैं। इन जगहों पर मरम्मत और जरूरी रखरखाव का काम किया जा रहा है। ट्रैक को सुरक्षित और मजबूत बनाने की जिम्मेदारी बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) को दी गई है। इसके साथ ही मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में खराब मौसम की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चंदनवाड़ी और बालटाल, दोनों रास्तों से अमरनाथ यात्रा रोकने का फैसला किया है।

कमिश्नर ने लोगों से निर्देशों को पालन करने की अपील की

कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने श्रद्धालुओं से अधिकारियों की ओर से जारी जरूरी निर्देशों और एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ये निर्देश यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा को सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए जारी किए गए हैं। इस साल अमरनाथ यात्रा में अब तक 4.8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा की शुरुआत अनंतनाग के चंदनवारी और गांदरबल के बालटाल, दोनों मार्गों से एक साथ की गई थी।

कब होगी छड़ी मुबारक यात्रा 

नियमित अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है, लेकिन पारंपरिक पहलगाम मार्ग से छड़ी मुबारक की यात्रा जारी रहेगी। 28 अगस्त को छड़ी मुबारक के साथ इस साल की अमरनाथ यात्रा का समापन होगा। छड़ी मुबारक को भगवान शिव से जुड़ी पवित्र चांदी की छड़ी माना जाता है। हर साल इसे श्रीनगर के दशनामी अखाड़े से अमरनाथ की पवित्र गुफा तक पारंपरिक तरीके से ले जाया जाता है।

PM Kisan Samman Nidhi की 24वीं किस्त कब आएगी खाते में, पूरा करें यह काम नहीं तो अटक जाएगा आपका पैसा

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) के तहत केंद्र सरकार हर वर्ष 6000 रुपए प्रति किसान को मदद करती है। इस योजना की अभी तक 23 किस्त जारी हो चुकी हैं। हालांकि पिछले महीने जारी हुई पीएम किसान की 23वीं किस्त के पैसे कुछ किसानों के बैंक अकाउंट में नहीं पहुंचे हैं। अगर आप भी किसान हैं तो आप यह गलती नहीं करें। आपकी जरा सी गलती की वजह से उनकी किस्त अटक जाती है। पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए ई-केवाईसी जरूरी कर दी गई है। अगर किसानों की ई-केवाईसी पूरी नहीं है, तो उनकी किस्त अटक सकती है।

ALSO READ: Amarnath Yatra 2026 : 5 दिन में बाबा बर्फानी 'अंतर्ध्यान', बड़ी चेतावनी तो नहीं, अमरनाथ गुफा में कैसे बनता है बर्फ का शिवलिंग? क्या है विज्ञान और आस्था का सबसे बड़ा रहस्य

कब आएगी 24वीं किस्त

पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त पिछले महीने जून मे जारी हुई है। ऐसे में अब अगली किस्त चार महीने बाद सितंबर-अक्टूबर में जारी हो सकती है। हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से इस किस्त को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

 

क्या है किस्त रुकने का कारण 

किस्त रुकने की सबसे कारणों में ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी न होना, बैंक खाते की जानकारी में गलती, आधार से जुड़ी जानकारी में अंतर या भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन पूरा न होना शामिल है। 23वीं किस्त की तरह आपकी 24वीं किस्त न अटके, तो सबसे पहले आपको अपनी गलती सुधारनी होगी। इसके लिए आपको पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां पर आपको ऊपर दिए गए सभी कारणों को चेक करना होगा। अगर कोई भी जानकारी गलत दिखाई दे रही है तो आपको उसे जल्द सुधारना पड़ेगा।

महादेव की कृपा होगी तो जरूर होंगे अमरनाथ की यात्रा, पर जाने से पहले भूले नहीं ये डॉक्यूमेंट वरना लौटना पड़ जायेगा!

अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारी शुरू करने से पहले जरूरी नियमों और डॉक्यूमेंट की जानकारी होना बेहद जरूरी है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिसके लिए प्रशासन द्वारा कुछ जरूरी प्रोसीजर होता हैं। ट्रैवल के दौरान किसी भी परेशानी से बचने के लिए सभी डॉक्यूमेंट और व्यवस्थाएं पहले से पूरी कर लें। आइए जानते हैं अमरनाथ यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी:

1. श्रीनगर पहुंचने से पहले होटल बुकिंग रखें तैयार

Amarnath Yatra - Ashoka Holidays

जो ट्रैवलर श्रीनगर या आसपास के क्षेत्रों में रुकने की प्लानिंग बना रहे हैं, उन्हें होटल या ठहरने की जगह की बुकिंग का सर्टिफिकेट साथ रखना चाहिए। भीड़भाड़ वाले ट्रैवल सीजन में होटल जल्दी भर जाते हैं और कई बार सिक्योरिटी चेकिंग के दौरान ठहरने की जानकारी मांगी जा सकती है। होटल बुकिंग की रसीद या कन्फर्मेशन मैसेज मोबाइल में सेव रखें और हो सके तो उसकी एक कॉपी भी साथ रखें। इससे ट्रिप में होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है।

2. अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट

Aerial Drone View of Amarnath Cave Temple Entrance nestled in an Icy Ravine High in the Himalayas during winter showcasing a breathtaking high altitude landscape

अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज साथ रखना जरुरी होता है। ट्रैवल के लिए सबसे जरूरी यात्रा परमिट/रजिस्ट्रेशन स्लिप होती है। इसके अलावा आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य वैलिड फोटो आइडेंटिटी कार्ड्स साथ रखना जरूरी है। ट्रैवलर को Compulsory Health Certificate – CHC भी जमा करना होता है, क्योंकि ऊंचाई वाले क्षेत्र में ट्रैवल के लिए हेल्थ सर्टिफिकेट जरुरी होता है। डॉक्यूमेंट की कमी होने पर जर्नी में परेशानी आ सकती है।

3. चेकपोस्ट पर दिखानी होगी ट्रैवल स्लिप

Way Of Shri Amarnath Ji Yatra Photos, Download The BEST Free Way Of Shri Amarnath Ji Yatra Stock Photos & HD Images

अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई जगहों पर चेकिंग की जाती है। चेकपोस्ट पर ट्रैवलर को अपना ट्रैवल परमिट/रजिस्ट्रेशन पर्ची और आइडेंटिटी कार्ड दिखाना पड़ सकता है। प्रशासन द्वारा जारी इस पर्ची में ट्रैवलर की ट्रिप की परमिशन और जरूरी जानकारी दर्ज होती है। बिना वैलिड परमिट के किसी भी ट्रैवलर को आगे जाने की परमिशन नहीं दी जा सकती। इसलिए जर्नी शुरू करने से पहले सभी डाक्यूमेंट्स की चेकिंग कर लेना बेहतर होता है।

4. ट्रैवल के दौरान जरूरी सामान और सावधानियां

Amarnath Yatra - A Spiritual Getaway of India – India-Tours

अमरनाथ यात्रा ऊंचाई वाले और कठिन पहाड़ी क्षेत्र में होती है, इसलिए ट्रैवलर को जरूरी सामान की तैयारी पहले से करनी चाहिए। गर्म कपड़े, दवाइयां, जरूरी कागजात, मोबाइल चार्जर, पावर बैंक और आइडेंटिटी कार्ड हमेशा अपने पास रखें। मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए बारिश से बचाव के लिए सामान भी रखना जरूरी है। बुजुर्ग ट्रैवलर और हेल्थ प्रॉब्लम वाले लोगों को जर्नी से पहले डॉक्टर की सलाह लेना ठीक होता है।

5. रजिस्ट्रेशन प्रोसेस और परमिट की जानकारी

Why Do The Dates Of Amarnath Yatra Change Every Year What Is The Reason Behind It - Amarnath Yatra 2026: हर साल क्यों बदल दी जाती है अमरनाथ यात्रा की तारीख? जानिए

अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए श्रद्धालुओं को सबसे पहले ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी करनी होगी। ट्रैवल परमिट मिलने के बाद हीरूट से आगे बढ़ने की परमिशन दी जाती है। रजिस्ट्रेशन के दौरान सही जानकारी और डॉक्यूमेंट जमा करना जरुरी होता है।

6. सेफ ट्रिप के लिए पहले से करें तैयारी

"Amarnath