कोलकाता चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल हादसा, 49 सेकंड के वीडियो में दिखा भगदड़ का भयानक मंजर!

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। चोरेबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 25 लोग घायल हैं, जिसमें से कुछ की हालत गंभीर भी बताई जा रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने इस हादसे के जांच के आदेश दिए हैं। जांच के दौरान हादसे के कारणों और उस समय की परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

अनाउंसमेंट बनी 19 मौतों की वजह!

सामने आई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में अनाउंसर लोगों से बार-बार पंडाल से बाहर जाने वाले रास्ते का इस्तेमाल करने की अपील करता सुनाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि उस समय तेज बारिश हो रही थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों ने बारिश से बचने के लिए पंडाल के अंदर शरण ली थी। इसके बाद वहां भीड़ बढ़ गई और लोगों को बाहर निकलने के लिए रास्ते का इस्तेमाल करने की हिदायत दी जाने लगी। पंडाल के बाहर खड़े लोगों को अंदर मौजूद लोगों से अलग निर्देश दिए जा रहे थे। बाहर इंतजार कर रहे लोगों को पंडाल के पास आने से रोका जा रहा था और अनाउंसमेंट के जरिए बताया जा रहा था कि पंडाल का एक हिस्सा गिरने का खतरा है।

 

इसके बावजूद बारिश से बचने और पंडाल में एंट्री करने के लिए लोगों की कतार आगे बढ़ती रही और भीड़ का दबाव बढ़ गया। जहां बाहर खड़े लोग अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं पंडाल के अंदर मौजूद लोग बाहर निकलना चाहते थे। इस स्थिति के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई और हालात खतरनाक हो गए।

49 सेकेंड के वीडियो में दिखा ये नजारा

करीब 49 सेकंड के एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता कि एक संकरी गली में बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं। गली की छत नीची है और चारों तरफ बैरिकेड्स लगे हुए हैं। वीडियो में महिलाएं और बच्चे मदद के लिए आवाज लगाते सुनाई दे रहे हैं। भीड़ इतनी ज्यादा है कि लोगों के पास हिलने-डुलने तक की जगह नहीं बची और कुछ लोग बैलेंस बनाए रखने के लिए दीवारों का सहारा लेते नजर आए। वहीं, एक दूसरे वीडियो में बारिश के बीच लोग छाते लेकर पंडाल की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस कर रही जांच

पुलिस अब उस अनाउंसमेंट की जांच कर रही है, जिसमें पंडाल के गिरने का खतरा बताया गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ये पता लगाया जा रहा कि यह घोषणा किसने की और इसके पीछे क्या वजह थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं और चश्मदीदों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। अब तक मिली जानकारी से संकेत मिलता है कि पंडाल में भीड़ को संभालने के लिए किए गए इंतजामों में गंभीर कमियां थीं।

बता दें कि, शनिवार को सप्तमी के मौके पर पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई थी। दुर्गा पूजा के दस दिवसीय उत्सव में इस दिन का खास महत्व होने के कारण बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उस समय तेज बारिश हो रही थी और रोशनी भी कम थी। इसके अलावा, लोगों को पंडाल में प्रवेश करने के लिए करीब 90 मिनट तक कतार में इंतजार करना पड़ा, जिससे भीड़ की परेशानी और बढ़ गई।

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कल का मौसम 19 अक्टूबर: दिल्ली-UP से लेकर बिहार तक बारिश और आंधी का कहर, दक्षिण भारत के इन राज्यों में गरज-चमक का अलर्ट

IMD Weather Update: देशभर में इस समय धूमधाम से दुर्गापूजा और नवरात्रि मनाया जा रहा है। वहीं त्योहारों के मौसम के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने टेंशन भरा अलर्ट जारी कर दिया है। देश के कई हिस्सों में 19 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। आने वाले कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। मौसम को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं दिल्ली से लेकर केरल तक कैसा होगा कल का मौसम

19 अक्टूबर को दक्षिण भारत समेत कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली कड़कने की संभावना है। वहीं दिल्ली और यूपी में भी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर ध्यान देने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

दिल्ली में 19 अक्टूबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी में बारिश होने के साथ 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चल सकती हैं। तापमान की बात करें तो दिन में पारा 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि रात में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

कैसा होगा यूपी और बिहार का मौसम

उत्तर प्रदेश और बिहार में 19 अक्टूबर को मौसम बदलने की संभावना है। यूपी के मेरठ, आगरा, गाजियाबाद, मथुरा, प्रयागराज, देवरिया, बिजनौर, गोरखपुर, अमरोहा, बुलंदशहर, कानपुर और झांसी में कुछ जगहों पर बारिश के साथ आंधी चल सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, बिहार के पटना, गया, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, बेगूसराय, कटिहार, भागलपुर और मुंगेर में हल्की से भारी बारिश हो सकती है। यहां भी तेज हवाएं चलने की संभावना है।

इन जगहों पर होगी तेज बारिश

आईएमडी के मुताबिक देश के दक्षिणी हिस्से में तेज बारिश की संभावना है। आईएमडी के अलर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, तेलंगाना और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी मौसम बदल सकता है। यहां बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बारिश के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

इन जगहों पर गरज-चमक के साथ होगी बारिश

इसके अलावा छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, कोंकण और गोवा तथा महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

चलेंगी तेज हवाएं

समुद्र में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उत्तर-पश्चिमी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के आसपास 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ समय के लिए इनकी गति बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। ऐसे मौसम में समुद्र में जाने वाले लोगों और मछुआरों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

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Kolkata Durga Puja Stampede: ‘पंडाल गिर जाएगा’, माइक पर हुई अनाउंसमेंट और फिर मच गई भगदड़! कोलकाता हादसे में 19 की मौत

शनिवार शाम को कोलकाता नॉर्थ में दुर्गा पूजा के एक पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की जान चली गई। इस मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें ज्यादातर पूजा आयोजन समिति से जुड़े हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया कि पंडाल गिरने की आशंका को लेकर की गई घोषणा के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। जिससे बाद ये दर्दनाक हादसा हो गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे की असली वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

कब हुआ हादसा

कोलकाता के मशहूर दुर्गा पूजा स्थल चोर बागान में शनिवार शाम करीब 7:30 बजे यह हादसा हुआ। बारिश के कारण एक संकरी गली में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे। पुलिस के अनुसार, पंडाल के अंदर लोगों को वहां से निकलने की चेतावनी देने वाला ऐलान किया गया, जिसके बाद भीड़ में डर फैल गया। इसके चलते लोग जल्दबाजी में बाहर निकलने लगे और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। भीड़भाड़ वाले इलाके में मची अफरा-तफरी के कारण कई लोग इसकी चपेट में आ गए।

किया गया ये अनाउंसमेंट

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि पंडाल के अंदर अनाउंसमेंट किया गया था, जिसमें कहा गया, “पंडाल की हालत बहुत खराब है। यह गिर सकता है, इसलिए कृपया यहां से चले जाएं।” शनिवार देर रात पत्रकारों से बातचीत के दौरान अधिकारी ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि आयोजकों की ओर से की गई इस घोषणा के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई और कई लोगों की जान चली गई।

फिसलकर गिरने लगे लोग

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बारिश से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग पंडाल की ओर जाने वाली संकरी गली में इकट्ठा हो गए थे। पंडाल के अंदर मौजूद लोग तेज बारिश के कारण बाहर नहीं निकलना चाहते थे, जबकि दूसरी ओर प्रवेश और निकास के रास्तों से लगातार लोग अंदर आ रहे थे। इसी दौरान गीली जमीन पर कई लोग फिसलकर गिरने लगे और उनके ऊपर दूसरे लोग भी गिर पड़े। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कोलकाता के पुराने दुर्गा पूजा स्थलों में शामिल चोर बागान, हावड़ा ब्रिज से दो किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। हादसे के बाद यहां का पंडाल बंद कर दिया गया। इसके अलावा, भीड़ को देखते हुए चेतला अग्रणी और ताला प्रतोय के पंडाल भी बंद करा दिए गए।

SIT करेगी जांच

पुलिस ने हादसे की जांच के लिए पंडाल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 110 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारी ने बताया कि पूजा समिति ने कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग और कोलकाता नगर निगम से जरूरी मंजूरी ली थी। उन्होंने यह भी कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट के एक मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में विशेष जांच दल (SIT) बनाया जाएगा, जो हादसे के कारणों का पता लगाएगा और यह जांच करेगा कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।

अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान अगर किसी की भी लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें क्लब के स्वयंसेवक, अस्थायी होमगार्ड, पुलिसकर्मी और क्लब की ओर से तैनात की गई सुरक्षा एजेंसियों के कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से संबंधित लोगों की पहचान की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई होगी।

Kolkata Stampede Update: ‘कभी कभी हो जाता है…’; कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ पर बोले बंगाल के मंत्री दिलीप घोष, अब तक 19 लोगों की मौत

Kolkata Stampede Update: पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने रविवार (18 अक्टूबर) को दुर्गा पूजा समितियों से पंडालों में लोगों के आने-जाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। उनकी यह टिप्पणी उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर) शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से मची भगदड़ के बाद आई है। इस भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री घोष ने पत्रकारों से कहा कि संभवतः अचानक अत्यधिक भीड़ बढ़ जाने के कारण भगदड़ मची।

‘कभी कभी हो जाता है’

घोष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “जो घटना हुआ है, दुर्भाग्यपूर्ण है, बहुत दुखदाई है। और कभी-कभी हो जाता है। सालों साल पूजा होता है, इतने सारे बड़े-बड़े पूजा है, लाखों लोग दर्शन करते हैं एक-एक पूजा में…। लेकिन कभी-कभी थोड़ा सा लापरवाही के कारण इस प्रकार घटना हो जाता है, जो नहीं होना चाहिए। और हमारे देश में कई जगह धार्मिक स्थानों पर इस प्रकार बहुत बड़ी भीड़ जहां होती है, कभी ना कभी घटना घट जाती है। इसलिए आयोजकों को और ज्यादा सावधानी बरतना चाहिए।”

मंत्री ने आगे कहा, “सरकार की तरफ से माननीय मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव, माननीय हमारे राष्ट्रीय पार्टी प्रेसिडेंट और सारे मंत्री-नेता भी वहां पहुंचे हैं। और पूरी व्यवस्था है जो घायलों का चिकित्सा के लिए। लेकिन जिनके साथ इस प्रकार घटना हो गया, चले गए, उनका परिवार को भी बहुत बड़ा कष्ट और दुख हुआ है।”

कैसे मची भगदड़?

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कहा कि महासप्तमी के उत्सव के दौरान अचानक तेज बारिश के बाद भीड़ का उचित मैनेजमेंट नहीं किए जाने और भ्रामक घोषणाओं के कारण लोगों में घबराहट फैल गई होगी। इससे उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई। अधिकारी ने कहा कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से संकेत मिलता है कि शनिवार शाम पंडाल में भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिससे यह घटना हुई।

पुलिस ने यह भी पाया कि आयोजन स्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों और निजी सुरक्षा गार्डों की संख्या पर्याप्त नहीं थी, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस अधिकारी ने पीटीआई से कहा, “हमने पर्याप्त साक्ष्य जुटाए हैं जिसमें आयोजकों की गंभीर लापरवाही और कुप्रबंधन के संकेत हैं। बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को संभालने की कोई स्पष्ट योजना नहीं थी और सारी व्यवस्था मौखिक निर्देशों के आधार पर चल रही थी। हमने सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं, स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं तथा विभिन्न जानकारियों की पुष्टि की है। सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी अपर्याप्त थी।”

उन्होंने कहा, “कुप्रबंधन के कारण भगदड़ के दौरान लोगों ने एंट्री गेट से ही बाहर निकलने की कोशिश की। दोनों गेट और वहां तक पहुंचने वाली सड़क संकरी थी, जिससे हादसा हुआ।” उन्होंने कहा कि एंट्री-एग्जिट और भीड़ की आवाजाही को लेकर पर्याप्त घोषणाएं नहीं की गई थीं, जिससे भीड़ के दबाव के बीच लोग भ्रमित हो गए। अधिकारी ने कहा, “हमारे पास एक घोषणा का वीडियो है, जिसमें लोगों से यह कहते हुए पंडाल खाली करने को कहा गया था कि उसकी संरचना ढहने वाली है। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह घोषणा किसने की थी और इसके पीछे क्या वजह थी।”

पंडाल में पुलिस की अपर्याप्त तैनाती का आरोप

स्थानीय लोगों ने भी पंडाल में पुलिस की अपर्याप्त तैनाती का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिसकर्मी मुख्य रूप से VIP एंट्री गेट के पास तैनात थे। अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम ने शनिवार रात पंडाल का दौरा किया और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी ने बताया कि कोलकाता पुलिस जांच के तहत हादसे में बच गए लोगों से भी पूछताछ करने की योजना बना रही है।

इस बीच, कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद ने रविवार सुबह उत्तर कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल से सटी सड़कों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू कर दी। यह आदेश बहुबाजार थाने के अधिकार क्षेत्र में आने वाले पंडाल के आसपास की सड़कों पर लोगों के जमावड़े पर रोक लगाता है। ये प्रतिबंध 20 अक्टूबर तक लागू रहेंगे। शनिवार शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने के कारण पंडाल में भगदड़ मच गई थी।

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Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता पुलिस ने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के सिलसिले में पूजा आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार (18 अक्टूबर) को बताया कि शनिवार को हुए इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया है। पुलिस ने घटना की जांच के सिलसिले में शनिवार रात 14 लोगों को हिरासत में लिया था। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर) शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग घायल हो गए।

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “हमने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ये उन 14 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें कल रात हिरासत में लिया गया था। कुछ और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।” उन्होंने कहा, “शवों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।”

अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (18 अक्टूबर) को कोलकाता के एक अपोलो अस्पताल में पहुंचकर भगदड़ में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी भी घायलों से मिलने अपोलो अस्पताल पहुंचे। इससे पहले अमित शाह ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ कालीघाट स्थित काली मंदिर में दर्शन किए। हादसे की जांच जारी है। कोलकाता पुलिस घटना के कारणों के साथ-साथ भीड़ मैनेजमेंट में हुई संभावित चूक की पड़ताल कर रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने भीड़ मैनेजमेंट में खामियों का आरोप लगाया

कोलकाता पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या भीड़ मैनेजमेंट में खामियों, एंट्री और एग्जिट के रास्तों को लेकर भ्रम तथा भारी बारिश के कारण चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मची।

कई प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि प्रवेश, निकास और लोगों की आवाजाही को लेकर उचित घोषणाएं नहीं की गईं, जिससे वहां पहुंचे लोग भ्रमित हो गए। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पंडाल में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं की गई थी। पुलिसकर्मी मुख्य रूप से वीआईपी एंट्री गेट के पास तैनात थे।

स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में प्रशासन की ओर से बहुत कम मदद मिलने का भी आरोप लगाया। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि पुलिस घटना के कारणों, भीड़ नियंत्रण के उपायों, आयोजन स्थल पर की गई व्यवस्थाओं और आपात स्थिति के दौरान अधिकारियों की ओर से उठाए गए कदमों की जांच कर रही है। एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम देर रात चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल क्षेत्र में पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू किए।

उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस के अधिकारी चोरबागान दुर्गा पूजा के आयोजकों से भी बात कर रहे हैं। उन्होंने वहां सुरक्षा में तैनात गार्डों तथा भीड़ मैनेजमेंट के लिए नियुक्त लोगों की सूची मांगी है। घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में दुर्गा पूजा के कई आयोजक ‘थीम’ आधारित सजावट के जरिए अपने पंडालों को अधिक आकर्षक बनाने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं।

कैसे मची अफरा-तफरी?

मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से दो के परिजनों के अनुसार, पंडाल क्षेत्र में निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई थी। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, घायलों को इलाज के लिए आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। जबकि 11 मरीजों को एसएसकेएम अस्पताल भेजा गया।

मेडिकल कॉलेज के एक सूत्र ने बताया कि मृतकों में 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना से प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। इस हादसे में जान गंवाने वाली एक महिला के बेटे सोनू पाल ने घटना के वक्त की परिस्थितियों की जानकारी दी। कुम्हारटोली के निवासी पाल अपनी मां के साथ दुर्गा पूजा देखने गए थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।

पाल ने कहा कि भीड़ बढ़ने के कारण लोग संभल नहीं सके और एक-दूसरे पर गिरने लगे। घटना से लोगों में भारी रोष है। भगदड़ में जान गंवाने वालों के दुखी परिजनों ने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा। इस हादसे में शुभम सोनकर ने अपनी बहन को खो दिया। उन्होंने अपनी बहन से हुई आखिरी बातचीत को याद करते हुए कहा कि वह उसकी शादी की योजना बना रहे थे।

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उत्तर 24 परगना जिले के उत्तर जोगेंद्रनगर इलाके की रहने वाली प्रिया सामद्दार अपने दोस्तों के साथ दुर्गा पूजा पंडाल देखने कोलकाता आई थीं। लेकिन न्यू बैरकपुर स्थित तपती बालिका विद्यालय की यह छात्रा अब कभी घर नहीं लौटेगी। इस घटना में जान गंवाने वाली एक अन्य महिला श्रीपर्णा पोद्दार (27) हुगली जिले के बैद्यबाटी से थीं।

Weather Update 17 October 2026: दक्षिण भारत समेत आज 18 राज्यों में बारिश का अलर्ट! दिल्ली-UP में बढ़ेगी ठंड, पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार

Weather Update 17 October 2026: देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश के बाद तापमान गिरने लगा है और सुबह-शाम ठंड महसूस होने लगी है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी ने भी मौसम का रुख बदल दिया है। वहीं, दक्षिण भारत में लौटता मानसून अब भी जोरदार बारिश कर रहा है। पूर्वी राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी है।

इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 17 अक्टूबर 2026 को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और झारखंड समेत देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में कहीं बारिश लोगों को गर्मी से राहत देगी, तो कहीं लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं, आज किन राज्यों में बारिश होने के आसार हैं और कहां मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

दिल्ली-NCR में बारिश के बाद बढ़ी ठंड

दिल्ली-NCR में बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया है। दो दिन पहले हुई बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है और अब सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होने लगी है। इस बीच मौसम विभाग ने आज यानी 17 अक्टूबर को भी राजधानी में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हालांकि, 18 अक्टूबर से मौसम साफ होने लगेगा। 18, 19, 20 और 21 अक्टूबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है।

यूपी में बदला मौसम, कई जिलों में बारिश के आसार

उत्तर प्रदेश में भी मौसम का रुख बदला गया है। पश्चिमी यूपी में हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है। वहीं, मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई है। जबकि पश्चिमी और पूर्वी यूपी में आसमान साफ रहेगा और अधिकतर जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा।

बिहार और झारखंड में आज कैसा रहेगा मौसम?

बिहार में आज मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने राज्य में बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है। वहीं, झारखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रांची समेत राज्य के कई इलाकों में कल बारिश हुई थी और आज भी कुछ जिलों में बारिश होने की संभावना है। हालांकि, झारखंड में अब धीरे-धीरे मौसम साफ होने के आसार हैं। मौसम में इस बदलाव की वजह ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के ऊपर बना नया वेदर सिस्टम माना जा रहा है। इसका असर आसपास के राज्यों में भी देखने को मिल रहा है।

पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी के आसार

पहाड़ी राज्यों में मौसम का असर अब साफ नजर आने लगा है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक, 18 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। वहीं, ऊंचाई वाले इलकों पर बर्फ गिरने की भी संभावना है।

बता दें कि इस मौसमी बदलाव से पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ेगी। साथ ही, आने वाले दिनों में ठंडी हवाओं का असर मैदानी इलाकों में भी महसूस हो सकता है, जिससे उत्तर भारत में तापमान और नीचे जाने के आसार हैं।

मानसून की विदाई से पहले दक्षिण भारत में बारिश तेज

दक्षिण भारत में मानसून की विदाई से पहले बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई राज्यों में बादल जमकर बरस रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, आज तटीय कर्नाटक के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और माहे में भी कुछ जगहों पर तेज बारिश होने का अनुमान है। कर्नाटक के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं।

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कल का मौसम: दक्षिण भारत के कई राज्यों भारी बारिश का अलर्ट, 60 kmph तक चलेंगी हवाएं, जानें दिल्ली-UP का भी हाल

IMD Weather Alert: दक्षिण भारत के कई राज्यों में शनिवार को मौसम का मिजाज बदल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 अक्टूबर को तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और पुडुचेरी समेत कई इलाकों में बारिश का अनुमान जताया है। कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

मौसम विभाग के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

कर्नाटक के उत्तरी आंतरिक हिस्सों में शनिवार से बारिश होने की संभावना है। वहीं, तटीय कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके अलावा तेलंगाना में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। यहां कुछ जगहों पर भारी बारिश रविवार, 18 अक्टूबर को हो सकती है।

उत्तर-पश्चिम भारत में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस सप्ताह पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

शनिवार के लिए IMD का मौसम अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, लक्षद्वीप, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तटीय कर्नाटक में कई जगहों पर बारिश हो सकती है।

उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भी 17 से 20 अक्टूबर के बीच कई जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। वहीं, रायलसीमा में 20 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है। तेलंगाना में इस सप्ताह कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

शनिवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में भी बारिश के दौरान कुछ इलाकों में तेज बारिश होने का अनुमान है।

इसके अलावा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। इन इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

केरल, माहे और लक्षद्वीप में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

दिल्ली-NCR में कल कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, शनिवार, 17 अक्टूबर को दिल्ली-NCR के लिए बारिश का कोई खास अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि, 16 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ जगहों पर बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 17 अक्टूबर के लिए ऐसी स्थिति का कोई स्पष्ट पूर्वानुमान नहीं दिया गया है।

यूपी में कल कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी यूपी में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, शनिवार, 17 अक्टूबर के लिए राज्य में बारिश का कोई खास अलर्ट नहीं दिया गया है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम का हाल

हिमाचल प्रदेश में शनिवार को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। यहां 16 और 17 अक्टूबर को बारिश का दौर जारी रह सकता है।

वहीं, उत्तराखंड में भी शनिवार को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। यहां 18 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 16 अक्टूबर को उत्तराखंड में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। हालांकि, 17 अक्टूबर के लिए ऐसा कोई अलग अलर्ट नहीं दिया गया है।

पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत का पूर्वानुमान

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस सप्ताह पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, कोंकण और गोवा में 16 अक्टूबर को गर्म और उमस भरा मौसम रहने की चेतावनी दी गई है। शनिवार को भी ऐसी स्थिति बनी रहेगी या नहीं, इस बारे में मौसम विभाग ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।

दक्षिण भारत में कल कैसा रहेगा मौसम?

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में शनिवार को बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: इन इलाकों में 16 से 19 अक्टूबर तक कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, 17 से 22 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा के झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

केरल और माहे: यहां 22 अक्टूबर तक कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा, 17 से 19 अक्टूबर के बीच 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 22 अक्टूबर तक कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। 16 और 17 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 18 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का भी अनुमान है।

दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भी 22 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। यहां 17 से 22 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 17 से 20 अक्टूबर तक कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 17 अक्टूबर को यहां तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 17 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। इसके बाद 18 से 20 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है।

रायलसीमा में भी 20 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इन दोनों क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में 19 अक्टूबर तक तेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान है।

तेलंगाना: राज्य में 22 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, रविवार, 18 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

लक्षद्वीप: यहां 22 अक्टूबर तक कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, 17 से 19 अक्टूबर के बीच 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, आने वाले दिनों में दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 22 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। केरल और माहे में भी इस दौरान तेज बारिश हो सकती है।

दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 17 से 22 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, तटीय कर्नाटक में 17 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 20 अक्टूबर तक कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 18 अक्टूबर से बारिश बढ़ सकती है। यहां 20 अक्टूबर तक कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है। वहीं, तेलंगाना में 18 अक्टूबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

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कल का मौसम: इन 20 राज्यों में बदलेगा मौसम, बारिश के साथ 60 kmph की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

Weather Tomorrow: अगर आप अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव का इंतजार कर रहे हैं, तो देश के कई राज्यों में बारिश दस्तक दे सकती है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 16 से 19 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, मध्य, पूर्वी, उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश देखने को मिल सकती है।

दिल्ली-NCR में कल कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-NCR में आने वाले दिनों में हल्की बारिश होने का अनुमान है। इससे मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

उत्तर प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कुछ इलाकों में सप्ताह के बाकी दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

उत्तराखंड में कल कैसा रहेगा मौसम?

उत्तराखंड में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश होने के आसार हैं। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

जम्मू-कश्मीर में कल कैसा रहेगा मौसम?

जम्मू-कश्मीर के साथ लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भी मौसम बदल सकता है। इन इलाकों में कई जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। यानी आने वाले दिनों में यहां के लोगों को बारिश का सामना करना पड़ सकता है।

हिमाचल प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

हिमाचल प्रदेश में 16 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली भी गिर सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 17 अक्टूबर को भी कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

राजस्थान में कल कैसा रहेगा मौसम?

राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर को कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मध्य प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

मध्य प्रदेश में भी मौसम बदलने के आसार हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश होने का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ में कल कैसा रहेगा मौसम?

छत्तीसगढ़ में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान राज्य के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

महाराष्ट्र में कल कैसा रहेगा मौसम?

महाराष्ट्र के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदल सकता है। विदर्भ में 17 और 18 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, मुंबई और ठाणे में 17 और 18 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

रत्नागिरी में 16 अक्टूबर को गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में लू जैसी स्थिति भी बन सकती है। हालांकि, दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 17 अक्टूबर को भी बारिश हो सकती है। वहीं, 18 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

सिंधुदुर्ग में 16 अक्टूबर को गर्मी और उमस परेशान कर सकती है। दोपहर या शाम के समय हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 17 और 18 अक्टूबर को कुछ जगहों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

ओडिशा में कल कैसा रहेगा मौसम?

ओडिशा में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

पश्चिम बंगाल में कल कैसा रहेगा मौसम?

पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है। वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी इसी अवधि के दौरान बारिश होने का अनुमान है।

सिक्किम में कल कैसा रहेगा मौसम?

सिक्किम में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश होने की संभावना है। ऐसे में राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है।

बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम?

बिहार में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान राज्य के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कल कैसा रहेगा मौसम?

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में शुरुआत में कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

कल पूर्वोत्तर भारत का मौसम

16 से 18 अक्टूबर के बीच असम में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। इसी दौरान मेघालय में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

अरुणाचल प्रदेश में 16 से 17 अक्टूबर के बीच बारिश होने के आसार हैं।

16 अक्टूबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। पूरे हफ्ते पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

केरल में कल कैसा रहेगा मौसम?

केरल में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर तेज हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 से 18 अक्टूबर के बीच केरल और माहे में कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

16 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। शुक्रवार को उत्तरी केरल में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान कई इलाकों में तेज बारिश होने के आसार हैं।

केरल में दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व, दोनों मानसून के दौरान बारिश होती है। हालांकि, राज्य की सालाना बारिश में उत्तर-पूर्व मानसून का योगदान अपेक्षाकृत कम रहता है। उत्तर-पूर्व मानसून आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर तक सक्रिय रहता है। तमिलनाडु और दक्षिण भारत के आसपास के इलाकों के लिए यह मानसून काफी अहम है।

तमिलनाडु में कल कैसा रहेगा मौसम?

तमिलनाडु के साथ पुडुचेरी और कराईकल में भी 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 16 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है। वहीं, 16 से 18 अक्टूबर के दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

कर्नाटक में अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 अक्टूबर को कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। इसके बाद 17 और 18 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश का दौर तेज होने का अनुमान है।

उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, तटीय कर्नाटक में 17 और 18 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका है। राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के बीच हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। कुछ जगहों पर हवा के तेज झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आंध्र प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 16 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 16 और 17 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

कल तेलंगाना का मौसम

16 से 18 अक्टूबर के बीच तेलंगाना में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है।

कल रायलसीमा का मौसम

16 अक्टूबर को रायलसीमा में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

अगले कुछ दिनों के लिए IMD का ताजा पूर्वानुमान

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 से 19 अक्टूबर के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है, जबकि मध्य, पूर्वी, उत्तरी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है।

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IMD Heavy Rain Alert: दिल्ली-NCR में मौसम विभाग का ‘रेड अलर्ट’! गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी; घर से निकलने से पहले जान लें अपडेट

IMD Heavy Rain Alert: दिल्ली-NCR में सोमवार, 12 अक्टूबर की सुबह मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की जिला-स्तरीय तात्कालिक चेतावनी (Nowcast Warning) के मुताबिक, दिल्ली के सभी 11 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने, करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

IMD की ओर से जारी यह चेतावनी 12 अक्टूबर 2026 को सुबह 6 बजे जारी की गई थी। यह अलर्ट सुबह 9 बजे तक के लिए वैध थी। इसके अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी आंधी, बिजली गिरने और मध्यम से तेज बारिश की संभावना को देखते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के कुछ हिस्सों में सोमवार तड़के भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम बेहद ठंडा हो गया।

दिल्ली के सभी 11 जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के सभी 11 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जबकि बारिश की तीव्रता 15 मिलीमीटर प्रति घंटे से अधिक रहने की आशंका जताई गई है। दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भरने और ट्रैपिक की रफ्तार स्लो होने की आशंका को देखते हुए यात्रा से पहले स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।

दिल्ली में ‘रेड अलर्ट’ वाले जिलों की लिस्ट

– सेंट्रल दिल्ली

– ईस्ट दिल्ली

– नई दिल्ली

– नॉर्थ दिल्ली

– नॉर्थ ईस्ट दिल्ली

– नॉर्थ वेस्ट दिल्ली

– शाहदरा

– साउथ दिल्ली

– साउथ ईस्ट दिल्ली

– साउथ वेस्ट दिल्ली

– वेस्ट दिल्ली

‘रेड अलर्ट’ का मतलब क्या है?

‘रेड अलर्ट’ का मतलब है कि मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए लोगों को तत्काल सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव, ट्रैपिक प्रभावित होने और पेड़ों या कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। बारिश से राजधानी में मौसम ठंडा हो गया है। लेकिन कई इलाकों में जलभराव हो गया। IMD के आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग वेधशाला में सुबह साढ़े पांच बजे तक 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जबकि दिल्ली एयरपोर्ट पर 30 मिलीमीटर बारिश हुई।

हरियाणा के इन जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’

दिल्ली से सटे हरियाणा के कई जिलों में भी मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। यहां गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मध्यम से तेज बारिश होने की आशंका है। इन जिलों में बारिश की तीव्रता 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटे के बीच रहने की संभावना जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

‘ऑरेंज अलर्ट’ वाले जिले

– फरीदाबाद

– गुरुग्राम

– रोहतक

– सोनीपत

UP के 9 जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी

दिल्ली और हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। IMD के मुताबिक, इन इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इन इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।

‘ऑरेंज अलर्ट’ वाले जिलों की लिस्ट

– अमरोहा

– बागपत

– बिजनौर

– बुलंदशहर

– गौतम बुद्ध नगर

– गाजियाबाद

– हापुड़

– मेरठ

– संभल

रेड और ऑरेंज अलर्ट में क्या अंतर है?

मौसम विभाग की चेतावनियां संभावित मौसम के खतरे और जरूरी कार्रवाई के स्तर को बताती हैं:-

  • रेड अलर्ट: गंभीर मौसम की आशंका होने पर जारी किया जाता है। इसमें लोगों को तत्काल सावधानी बरतने और जरूरी सुरक्षा उपाय करने की सलाह दी जाती है।
  • ऑरेंज अलर्ट: खराब मौसम के लिए तैयार रहने और सतर्कता बरतने का संकेत है। इस दौरान तेज हवाओं, बिजली गिरने और भारी बारिश जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

मौसम खराब होने पर क्या सावधानी बरतें?

IMD ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी है:-

  • बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों में रहने से बचें।
  • पेड़ों के नीचे या कमजोर ढांचों के पास शरण न लें।
  • तेज हवाओं के दौरान ढीली वस्तुओं, होर्डिंग और असुरक्षित संरचनाओं से दूर रहें।
  • जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें और सड़क तथा ट्रैफिक की स्थिति की जानकारी लेते रहें।
  • मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

कल का मौसम: 10 अक्टूबर को राजस्थान से लेकर उत्तराखंड तक आंधी-तूफान का अलर्ट, IMD ने जारी किया ये अलर्ट

Weather Tomorrow: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से मानसून की औपचारिक विदाई के बाद भी पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और तटीय चक्रवाती प्रणालियों के असर से देश के कई हिस्सों में मौसमी उथल-पुथल जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 10 अक्टूबर के लिए जारी ताजा अलर्ट के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और तूफानी हवाओं की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। मौसम विभाग ने राजस्थान से लेकर उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। वहीं दूसरी ओर, दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में चक्रवाती परिसंचरणों के कारण मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।

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राजस्थान से उत्तराखंड तक 40 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में शनिवार को मौसम का रुख बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 अक्टूबर को राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है।

इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के पर्वतीय इलाकों में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है। मध्य भारत के पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का असर अधिक उग्र दिख सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

केरल और तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी चक्र की सक्रियता से तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा। 10 अक्टूबर को दक्षिण भारत के दो प्रमुख राज्यों में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। केरल और माहे में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में कई जगह मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं।

केरल व माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बादलों की तेज गर्जना के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर राज्यों का हाल और तटीय इलाकों में गर्मी-उमस

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी और दक्षिणी तटों पर नमी बढ़ने से गर्मी परेशान करेगी। कोंकण व गोवा और तटीय कर्नाटक के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है। तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां नियंत्रित रहेंगी।

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