कल का मौसम 13 अक्टूबर: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर! दिल्ली-NCR और पंजाब में आंधी-बारिश का अलर्ट, इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम

IMD Weather Update: देश के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और विभिन्न चक्रवाती प्रणालियों की वजह से बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक मंगलवार 13 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने दिल्ली, एनसीआर, पंजाब और हरियाणा समेत कई इलाकों में तेज आंधी-तूफान और झमाझम बारिश की चेतावनी जारी की है। आइए जानते हैं कल 13 अक्टूबर को देश के विभिन्न हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

दिल्ली-NCR और पंजाब में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बारिश का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसमी हलचल तेज हो गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 13 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी। इस दौरान इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की भी पूरी संभावना है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है।

हिमाचल प्रदेश, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में गरज-चमक की चेतावनी

पर्वतीय राज्य हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तटीय और अंदरूनी क्षेत्रों में भी मौसमी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। 13 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग इलाकों में बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा राज्यों में भी पृथक स्थानों पर आंधी और बिजली चमकने का दौर देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी का असर

पश्चिम भारत के तटीय क्षेत्रों में नमी और तापमान बढ़ने की वजह से लोगों को हल्की चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक कोंकण और गोवा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है। राहत भरी खबर यह है कि समुद्री और तटीय क्षेत्रों में चल रही हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां पूरी तरह नियंत्रण में हैं। इसे देखते हुए भारत मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

चंबा से कुल्लू तक बर्फबारी का अलर्ट, 13 से 15 अक्टूबर तक भारी बारिश वाला मौसम! वेस्टर्न डिस्टर्बेंस पर IMD ने दिया ये अपडेट

शिमला। (ANI): हिमाचल प्रदेश में 13 अक्टूबर की शाम से मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, 15 अक्टूबर तक कई इलाकों में बारिश और ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी हो सकती है। कुछ जगहों पर तेज हवा चलने और बिजली गिरने की भी आशंका है। इससे तापमान में भी गिरावट आ सकती है।

मौसम विभाग के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के मुताबिक, पश्चिम से आने वाले मौसम के सिस्टम के कारण राज्य में बारिश हो सकती है।

• ऊंचे पहाड़ी इलाके: चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में बर्फबारी बारिश हो सकती है।

• मध्यम ऊंचाई वाले इलाके: कई जगह हल्की बारिश हो सकती है। आंधी और बिजली गिरने का खतरा है।

• मैदानी इलाके: 15 अक्टूबर को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सिरमौर और सोलन की कुछ जगहों में बारिश हो सकती है।

पिछले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी भी हुई। सुंदरनगर में सबसे ज्यादा 40 मिमी बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा, बिलासपुर और ऊना में भी बारिश हुई।

12 अक्टूबर को हिमाचल के ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहेगा। 15 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 16 अक्टूबर को बारिश कम होगी और 17 अक्टूबर से मौसम साफ रहने की उम्मीद है।

तापमान में कितनी गिरावट आई?

बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश में दिन का तापमान काफी नीचे आ गया है। कई जगह अधिकतम तापमान सामान्य से 6 से 10 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया।

• शिमला: अधिकतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 6 डिग्री कम है।

• कुल्लू, कांगड़ा, चंबा और पालमपुर: अधिकतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

• चंबा: यहां दिन का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 14 डिग्री कम है।

मौसम विभाग के मुताबिक, अक्टूबर में तापमान में औसतन 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आ सकती है। अक्टूबर से दिसंबर तक का समय मानसून के बाद का होता है।

लेकिन अभी कड़ाके की सर्दी नहीं पड़ेगी। शिमला, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे इलाकों में दिसंबर के दूसरे सप्ताह के आसपास बर्फबारी शुरू होती है। इसलिए 13 से 15 अक्टूबर के बीच पहाड़ों पर जाने वाले लोग निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर ले लें।

कल का मौसम: 10 अक्टूबर को राजस्थान से लेकर उत्तराखंड तक आंधी-तूफान का अलर्ट, IMD ने जारी किया ये अलर्ट

Weather Tomorrow: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से मानसून की औपचारिक विदाई के बाद भी पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और तटीय चक्रवाती प्रणालियों के असर से देश के कई हिस्सों में मौसमी उथल-पुथल जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 10 अक्टूबर के लिए जारी ताजा अलर्ट के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और तूफानी हवाओं की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। मौसम विभाग ने राजस्थान से लेकर उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। वहीं दूसरी ओर, दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में चक्रवाती परिसंचरणों के कारण मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।

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राजस्थान से उत्तराखंड तक 40 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में शनिवार को मौसम का रुख बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 अक्टूबर को राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है।

इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के पर्वतीय इलाकों में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है। मध्य भारत के पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का असर अधिक उग्र दिख सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

केरल और तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी चक्र की सक्रियता से तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा। 10 अक्टूबर को दक्षिण भारत के दो प्रमुख राज्यों में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। केरल और माहे में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में कई जगह मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं।

केरल व माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बादलों की तेज गर्जना के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर राज्यों का हाल और तटीय इलाकों में गर्मी-उमस

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी और दक्षिणी तटों पर नमी बढ़ने से गर्मी परेशान करेगी। कोंकण व गोवा और तटीय कर्नाटक के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है। तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां नियंत्रित रहेंगी।

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पश्चिमी विक्षोभ का बड़ा असर! IMD ने दिल्ली-यूपी से लेकर पहाड़ों तक दिया बारिश का अलर्ट, जानें कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम

IMD Rain Forecast: देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल मचा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर की दोपहर जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से 10 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश और तेज आंधी का सिलसिला शुरू हो चुका है।

बीते 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज की बात करें तो तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेमी तक अत्यधिक भारी बारिश हुई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और बिहार में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर: दिल्ली, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ रेखा के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण हरियाणा पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अक्टूबर को भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है, जबकि 7 से 12 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 7 अक्टूबर के दौरान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर तक 40 से 50 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 6 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान तथा 12 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में भी हल्की बारिश हो सकती है।

मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाएं

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में भी मौसमी चक्र सक्रिय है। 6 अक्टूबर को पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 6 और 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में बिहार और झारखंड में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान और ओडिशा में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है। बिहार में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत और तटीय इलाकों में उथल-पुथल

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 6 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 6 और 7 अक्टूबर को बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में सुधार देखने को मिलेगा।

दक्षिण भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का दौर

दक्षिण भारत के राज्यों में समुद्र और धरातल के ऊपर एक साथ कई चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर और दूसरा उत्तरी तमिलनाडु पर बना हुआ है। इसके साथ ही मन्नार की खाड़ी से मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इनके असर से केरल व माहे में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी।

केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 6 अक्टूबर और 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का नया दौर आएगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 से 8 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

कल का मौसम: दिल्ली-NCR, पंजाब और यूपी में आंधी का अलर्ट! वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से 6 अक्टूबर को इन इलाकों में बदलेगा मौसम

Weather Update: देश भर में मानसून की औपचारिक विदाई के बीच एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम पर असर दिखाने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर के लिए जारी ताजा मौसम अलर्ट के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बदलने जा रहा है। 6 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी दी गई है। दूसरी ओर, दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों के असर से मूसलाधार बारिश का सिलसिला कल भी जारी रहने वाला है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के पहाड़ों में 50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत में एक्टिव हो रहे नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का सबसे ज्यादा असर मैदानी और पहाड़ी इलाकों के आसमान पर देखा जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक 6 अक्टूबर को दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (लद्दाख सहित) के अलग-अलग इलाकों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश (पूर्वी व पश्चिमी) और मध्य प्रदेश के विदर्भ व पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में भी बादलों की गर्जना और बिजली चमकने का अनुमान जताया गया है।

केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण भारत के राज्यों में चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाओं की वजह से बारिश का जोर बना हुआ है। 6 अक्टूबर को दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तीन राज्यों में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। केरल और माहे में भारी बारिश हो सकती है। राज्य के दक्षिणी आंतरिक जिलों में गरज-चमक के साथ भारी पानी गिरने के आसार हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में तेज मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में 40 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम (उप-हिमालयी व गांगेय क्षेत्र) में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश के निचले और मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ छत्तीसगढ़, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी पृथक स्थानों पर बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।

Weather Update: नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से उत्तर भारत के मौसम में खलबली! साउथ से लेकर नॉर्थ तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Weather Update: देश भर में मौसमी गतिविधियों में एक बार फिर से बेहद उतार-चढ़ाव वाला दौर दिखने की संभावना बन रही है। एक ओर जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी हो रही है। वहीं दूसरी ओर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में बड़ी हलचल पैदा करने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा सोमवार 5 अक्टूबर को जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी जबकि मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बहुत भारी बारिश और तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के आंकड़ों की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, केरल और तटीय व आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज हुई।

उत्तर भारत में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय: जानें बारिश, बर्फबारी और आंधी का हाल

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ रेखा के रूप में सक्रिय हो गया है। इसके असर से 6 से 10 अक्टूबर के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 और 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 5 से 11 अक्टूबर के बीच रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां बनी रहेंगी।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 10 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 10 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 11 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 6 अक्टूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में भी 6 व 7 अक्टूबर को आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलेंगी।

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का बड़ा अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में निचले क्षोभमंडल में कई चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाएं फैली हुई हैं। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है जबकि कोमोरिन क्षेत्र से तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक होते हुए एक ट्रफ रेखा गुजर रही है। इनके असर से दक्षिण में मौसम काफी उग्र रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज, 5 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी दी गई है।

केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 और 10 अक्टूबर को फिर से भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 5 व 6 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसमी प्रणालियों का व्यापक असर बना रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 अक्टूबर को भारी वर्षा का अनुमान है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में 5 से 9 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी।

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 5 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 और 6 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।

तटीय महाराष्ट्र में उमस भरा मौसम

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 5 से 7 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 5 अक्टूबर को तटीय महाराष्ट्र यानी कोंकण और गोवा में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

Heavy Rain Alert: 4 अगस्त से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, अगले 7 दिन तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! IMD ने बताया यूपी से दिल्ली तक का मौसम अपडेट

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, उत्तराखंड व आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश में भारी तेजी आएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 2 अगस्त को पूर्वी यूपी में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 2, 3 और 8 अगस्त को छिटपुट जगहों पर ही बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 6 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर तेज बारिश होगी और 3 व 4 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 2 अगस्त और 7-8 अगस्त को इन क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज होगी। पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को व्यापक बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जिसके बाद 3 से 8 अगस्त तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होगी। वहीं पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 अगस्त तक छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हाल

पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते व्यापक रूप से मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट है। उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और भारी बारिश की लगातार चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 से 6 अगस्त और 8 अगस्त को व्यापक बारिश होगी। 2 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश के साथ-साथ पूरे हफ्ते (2-8 अगस्त) 30-40 किमी/घंटे से लेकर 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और थंडरस्टॉर्म की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत और बिहार: 3 अगस्त को बिहार में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मध्य और पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश में इजाफा होगा। बिहार में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक बिहार में 2, 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 3 अगस्त को राज्य में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट है। 6 से 8 अगस्त के दौरान बिहार में बारिश में कमी आएगी। वहीं झारखंड में 3 से 8 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश के साथ 4 से 8 अगस्त के बीच 50-60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आएगी। असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक भारी बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी तथा 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते काफी व्यापक बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त से बढ़ेगी बारिश

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 5 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 2 से 6 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर भारी बारिश होगी। विदर्भ में 2 अगस्त और 6 से 8 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।

पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिश

कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहेगी और 2-3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और 3 अगस्त को भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 2 अगस्त को भारी बारिश और बिजली कड़कने के बाद 3 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश, तमिलनाडु में अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश में कुल मिलाकर कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन कुछ तटीय इलाकों में बारिश का जोर बना रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 3 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।

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केरल और माहे में 2-3 अगस्त और फिर 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में 2 से 6 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चलेंगी।

कैसा रहेगा रविवार को मौसम का मिजाज? कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात में बढ़ सकती है मुश्किल

Weather update for Sunday (August 2, 2026): भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही देश भर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मध्य भारत में बने कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से 2 अगस्त को देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी तटों, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों और उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

 

तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलने के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

इन स्थानों पर हो सकती है मूसलाधार बारिश

गुजरात (सौराष्ट्र एवं कच्छ क्षेत्र सहित) में पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि के बाद 2 अगस्त को भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। मुंबई, ठाणे और तटीय महाराष्ट्र के इलाकों में ऑरेंज-येलो अलर्ट के बीच रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में में मूसलाधार बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट रहेगा। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में रुक-रुक कर भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम व मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी के कारण सतर्कता बरतने को कहा गया है।

इन इलाकों में रहेगी बाढ़ की आशंका

गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ और कोंकण क्षेत्र के निचले इलाकों में पिछले दिनों हुई अत्यधिक बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। 2 अगस्त को भी इन इलाकों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और शहरी जलभराव का जोखिम बना रहेगा। असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के पहाड़ी और निचले इलाकों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण अचानक बाढ़ आने की आशंका है। 

प्रमुख शहरों में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद और गुरुग्राम में आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना है। अधिकतम तापमान 33°-35°C के आसपास रहेगा और हवा में नमी होने से उमस महसूस हो सकती है। जबकि कोंकण तटबंध के कारण मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। लोकल ट्रेन सेवा और ट्रैफिक पर हल्का असर पड़ सकता है।

 

पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और बिहार के कई जिलों में 2 अगस्त से मानसून का नया स्पेल शुरू हो रहा है। कोलकाता, पटना और रांची में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना है। पूर्वी राजस्थान (जैसे कोटा, जयपुर, उदयपुर) और पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। बेंगलुरु में रुक-रुक कर झमाझम बारिश की पूरी संभावना है। चेन्नई में बादल छाए रहेंगे और कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा दर्ज हो सकती है।

 

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तटीय और पहाड़ी इलाकों में यात्रा से बचें। यदि बहुत जरूरी न हो, तो पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड संभावित रास्तों और तटीय इलाकों की यात्रा टालें। 

 

IMD Heavy Rain Alert: 9 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई को जारी ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान मानसून की स्थिति बेहद सक्रिय रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 9 बड़े चक्रवाती सिस्टम, ट्रफ और मौसमी प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी धीमी बनी रहेंगी।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

देश में एक्टिव हैं 9 चक्रवाती सिस्टम

18 जुलाई के मुताबिक देश के आसमान में अभी कई ताकतवर सिस्टम बने हुए हैं-

  • झारखंड-बंगाल पर चक्रवाती परिसंचरण: गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उससे सटे उत्तरी झारखंड पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण इसी क्षेत्र पर समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक लगातार सक्रिय है।
  • बिहार से बंगाल की खाड़ी तक ट्रफ: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी बिहार से लेकर झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।
  • उत्तरी हरियाणा पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पूर्वी यूपी के ऊपर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
  • दक्षिण ओडिशा पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण ओडिशा और उसके आस-पास के इलाके पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
  • उत्तर-पूर्वी असम पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तर-पूर्वी असम और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण लगातार बरकरार है।
  • उत्तरी केरल पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी केरल और उसके आस-पास के क्षेत्र पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

इसके अतिरिक्त पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ के रूप में 70°E देशांतर के साथ और 30°N अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है जबकि मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): छत्तीसगढ़ और मेघालय में रिकॉर्ड तोड़ बरसात दर्ज की गई है।

बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में दर्ज हुई।

भारी बारिश (7 से 11 सेमी): हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा, ओडिशा, बिहार, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम और केरल में दर्ज की गई।

अगले 6-7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर)

पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई के दौरान और पश्चिमी यूपी में 19-24-जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 18 जुलाई को छिटपुट बारिश की संभावना है। 18 से 21 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 18 से 20 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 22-24 जुलाई के बीच भारी बारिश भी होगी।

उत्तराखंड में 18-24 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 19 और 20 जुलाई को उत्तराखंड में अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। इसके साथ ही 18 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 19-20 व 22-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को हिमाचल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 व 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18, 20-21 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में18 जुलाई को छिटपुट और 19-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश और 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश की आशंका है। 18-21 और 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18-19 जुलाई और 24 जुलाई को छिटपुट जबकि 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी। 20 से 22 जुलाई के दौरान इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वी राजस्थान में 18-23 जुलाई को छिटपुट और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जबकि 20-24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 18-24 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

2- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 18-21 जुलाई तक व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश का अनुमान है। 18 से 20 जुलाई के बीच बिहार में बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट है जबकि 21 से 24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। झारखंड में 18-23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी (24 जुलाई को छिटपुट)। राज्य में 18 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 18 और 19 जुलाई को यहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18-19 व 21-22 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 21-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश (20-24 जुलाई को छिटपुट) होगी और 18-20 जुलाई के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को छिटपुट, जबकि 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी।

3- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

असम और मेघालय में राज्यों में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी (21-22 जुलाई को छिटपुट)। 18 जुलाई को असम और मेघालय में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 19-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 21-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 18-20 जुलाई और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 18 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18-24-जुलाई के दौरान लगातार व्यापक बारिश होगी जिसमें 18 से 22 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।