IMD Alert: उत्तर-पूर्वी मानसून की धमाकेदार शुरुआत, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली से तमिलनाडु तक दिखेगा मौसम का ये रूप

IMD Alert: देश भर के मौसम में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा और आधिकारिक बुलेटिन के मुताबिक आज 15 अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के बाकी हिस्सों से भी पूरी तरह विदा हो गया है। इसके साथ ही दक्षिण प्रायद्वीप के राज्यों में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश की औपचारिक और धमाकेदार शुरुआत हो गई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने की वजह से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में 21 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश का एक लंबा और व्यापक दौर जारी रहेगा। पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के अलग-अलग जगहों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों के मजबूत होने से बारिश का दौर काफी तेज हो गया है। दक्षिण तटीय तमिलनाडु और उससे लगे इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप, मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के निचले स्तरों पर पूर्वी व उत्तर-पूर्वी हवाएं पूरी तरह सेट हो चुकी हैं। इन प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में आने वाले दिनों में भारी बारिश का कड़ा पहरा रहेगा।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी जबकि 15 और 16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है। केरल और माहे में 15 से 21 अक्टूबर के बीच व्यापक बारिश होगी> आज 15 अक्टूबर को यहां कुछ स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 21 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होगी जिसमें 16 अक्टूबर को बहुत भारी वर्षा की आशंका है। तटीय कर्नाटक में 16 से 17 अक्टूबर, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम और रायलसीमा में 15 से 16 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का दौर रहेगा। दक्षिण भारत के इन तटीय और अंदरूनी हिस्सों में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ और ओलावृष्टि का प्रकोप

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और पर्वतीय क्षेत्रों में उत्तरी पंजाब पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जिससे जुड़ी ट्रफ रेखा बनी हुई है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा पर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मौजूद है। इन प्रणालियों के असर से आज 15 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में व्यापक रूप से बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। मौसम विभाग ने आज दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि होने की गंभीर चेतावनी जारी की है। इन मैदानी राज्यों में आज 40 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

देश के अन्य हिस्सों और तटीय क्षेत्रों का मौसम हाल

पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई विशेष भारी गतिविधि की संभावना नहीं है, हालांकि छिटपुट जगहों पर हल्की फुल्की बौछारें गिर सकती हैं। पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में नमी और तापमान के बने रहने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, कोंकण व गोवा तथा तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में मौसम काफी उमस भरा बना रहेगा।

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पश्चिमी विक्षोभ का बड़ा असर! IMD ने दिल्ली-यूपी से लेकर पहाड़ों तक दिया बारिश का अलर्ट, जानें कैसा रहेगा आपके राज्य का मौसम

IMD Rain Forecast: देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल मचा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर की दोपहर जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से 10 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश और तेज आंधी का सिलसिला शुरू हो चुका है।

बीते 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज की बात करें तो तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेमी तक अत्यधिक भारी बारिश हुई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और बिहार में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर: दिल्ली, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ रेखा के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण हरियाणा पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अक्टूबर को भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है, जबकि 7 से 12 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 7 अक्टूबर के दौरान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर तक 40 से 50 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 6 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान तथा 12 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में भी हल्की बारिश हो सकती है।

मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाएं

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में भी मौसमी चक्र सक्रिय है। 6 अक्टूबर को पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 6 और 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में बिहार और झारखंड में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान और ओडिशा में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है। बिहार में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत और तटीय इलाकों में उथल-पुथल

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 6 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 6 और 7 अक्टूबर को बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में सुधार देखने को मिलेगा।

दक्षिण भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का दौर

दक्षिण भारत के राज्यों में समुद्र और धरातल के ऊपर एक साथ कई चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर और दूसरा उत्तरी तमिलनाडु पर बना हुआ है। इसके साथ ही मन्नार की खाड़ी से मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इनके असर से केरल व माहे में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी।

केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 6 अक्टूबर और 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का नया दौर आएगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 से 8 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

संडे 2 अगस्त का मौसम: दिल्ली NCR में बारिश पड़ेगी या बढ़ेगी उमस? IMD ने दिया ये पूर्वानुमान

Delhi Weather Update: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आने वाले दिनों में भीषण और उमस से भरी गर्मी से राहत मिलने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, रविवार को दिल्ली के मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं कहीं-कहीं पर हल्की बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।

आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा, “रविवार को दिल्ली में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है।” बारिश से लोगों को उमस भर्मी से राहत मिल सकती है।

कितना रहा आज का तापमान

आईएमडी के मुताबिक, शनिवार दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि राजधानी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हुई। आईएमडी के सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक रहा और शुक्रवार के तापमान के बराबर था। वहीं, पालम मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो एक दिन पहले से 0.5 डिग्री ज्यादा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के मुकाबले 0.2 डिग्री कम रहा।

कहां पर कितना रहा मौसम

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक रहा, लेकिन शुक्रवार की तुलना में 0.7 डिग्री कम था। वहीं, पालम मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन से 0.5 डिग्री ज्यादा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में 0.2 डिग्री कम था। शनिवार को लोधी रोड और आयानगर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं, सफदरजंग, पालम और रिज समेत कई इलाकों में सुबह हल्की बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना बना रहा।

मौसम विभाग के अनुसार, लोधी रोड इलाके में शनिवार सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे के बीच हल्की बारिश हुई। इसके बाद अगले तीन घंटों में भी 0.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। आईएमडी का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली में कहीं-कहीं हल्की से बहुत हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।

एयर क्वालिटी में हुआ सुधार

शनिवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 80 रहा, जबकि एक दिन पहले यानी शुक्रवार को यह 77 था। सीपीसीबी के मानकों के मुताबिक, 0 से 50 के बीच AQI को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।

संडे 2 अगस्त का मौसम: दिल्ली NCR में बारिश पड़ेगी या बढ़ेगी उमस? IMD ने दिया ये पूर्वानुमान

Delhi Weather Update: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आने वाले दिनों में भीषण और उमस से भरी गर्मी से राहत मिलने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, रविवार को दिल्ली के मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं कहीं-कहीं पर हल्की बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।

आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा, “रविवार को दिल्ली में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है।” बारिश से लोगों को उमस भर्मी से राहत मिल सकती है।

कितना रहा आज का तापमान

आईएमडी के मुताबिक, शनिवार दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि राजधानी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हुई। आईएमडी के सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक रहा और शुक्रवार के तापमान के बराबर था। वहीं, पालम मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो एक दिन पहले से 0.5 डिग्री ज्यादा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के मुकाबले 0.2 डिग्री कम रहा।

कहां पर कितना रहा मौसम

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक रहा, लेकिन शुक्रवार की तुलना में 0.7 डिग्री कम था। वहीं, पालम मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन से 0.5 डिग्री ज्यादा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में 0.2 डिग्री कम था। शनिवार को लोधी रोड और आयानगर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं, सफदरजंग, पालम और रिज समेत कई इलाकों में सुबह हल्की बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना बना रहा।

मौसम विभाग के अनुसार, लोधी रोड इलाके में शनिवार सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे के बीच हल्की बारिश हुई। इसके बाद अगले तीन घंटों में भी 0.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। आईएमडी का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली में कहीं-कहीं हल्की से बहुत हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।

एयर क्वालिटी में हुआ सुधार

शनिवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 80 रहा, जबकि एक दिन पहले यानी शुक्रवार को यह 77 था। सीपीसीबी के मानकों के मुताबिक, 0 से 50 के बीच AQI को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।