दिल्ली में प्रदर्शन जारी रहेगा

कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों ने भले यह फैसला किया है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया से बाहर निकल कर दिल्ली की सड़कों पर अभी प्रदर्शन नहीं करना है लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी या दूसरे संगठन ऐसा नहीं हो सोच रहे हैं। ऐसे संगठन या समूह, जिनका चुनावी राजनीति से कोई लेना देना नहीं है वे भी दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे। अभी कॉकरोच जनता पार्टी के तिरंगा मार्च का विवाद चल ही रहा था कि राकेश टिकैत के भारतीय किसान यूनियन ने दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान कर दिया। हैरानी की बात है कि किसान यूनियन भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगने के लिए प्रदर्शन करेगा।

राकेश टिकैत के संगठन ने 23 अक्टूबर को दिल्ली कूच का ऐलान किया है। उनका आधार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में है। अगर वे अपने साथ कुछ अन्य किसान संगठनों को जोड़ते हैं तो 23 अक्टूबर के आसपास फिर दिल्ली और एनसीआर में घमासान होगा। एक तरफ सरकार अडिग है कि वह किसी को भी दिल्ली में प्रदर्शन नहीं करने देगी। दूसरी ओर अनेक अराजनीतिक संगठन प्रदर्शन करने की जिद किए बैठे हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के नेता भी हैरान परेशान हैं। उनको समझ में नहीं आ रहा है कि इन संगठनों को कौन उकसा रहा है या कौन प्रेरित कर रहा है कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगने के लिए अलग अलग तरह के प्रदर्शन करें।

देश के इस हिस्से में 22 अक्टूबर तक जारी रहेगा भारी बारिश का दौर, दिल्ली-यूपी और उत्तराखंड के लिए IMD ने दिया ये अलर्ट

Mausam Update: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद अब उत्तर-पूर्वी मानसून दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में पूरी तरह रंग दिखाने लगा है। मौसमी प्रणालियों के काफी मजबूत होने की वजह से दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार 16 अक्टूबर 2026 को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का यह दौर 22 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की संभावना है।

वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरणों की वजह से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु और तटीय कर्नाटक में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई है जबकि छत्तीसगढ़, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) रिकॉर्ड की गई।

दक्षिण भारत में 22 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों की सक्रियता की वजर से बारिश की गतिविधियां बेहद तेज हैं। अभी देश में अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। तटीय आंध्र प्रदेश से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है। इन मजबूत प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के अलग-अलग राज्यों में 22 अक्टूबर तक बारिश का प्रकोप बना रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 16 से 20 अक्टूबर के दौरान मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 21 और 22 अक्टूबर को भी भारी बारिश की गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी।

केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 से 22 अक्टूबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है, जिसमें दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 और 17 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 16 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश और 17 से 19 अक्टूबर के बीच भारी वर्षा का अलर्ट है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 16 से 18 अक्टूबर के दौरान और लक्षद्वीप में 20 से 22 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होगी। इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं भी चलती रहेंगी।

इन दक्षिणी राज्यों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर नजर डालें तो उत्तरी पंजाब पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके अलावा दक्षिणी हरियाणा, उत्तरी राजस्थान और गुजरात-राजस्थान सीमा के पास निचले स्तरों पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से आज 16 अक्टूबर को उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग ने आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने की गंभीर चेतावनी दी है। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में आज 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने का अनुमान जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भी आज छिटपुट जगहों पर बादलों की गर्जना, बिजली कड़कने और झोंकेदार हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 18 अक्टूबर तक और फिर 21-22 अक्टूबर को छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।

मध्य, पूर्वी भारत और तटीय इलाकों का हाल

मौसम विभाग के मुताबिक देश के पश्चिमी, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में इस पूरे सप्ताह कोई विशेष या गंभीर मौसमी गतिविधि देखने को नहीं मिलेगी और यहां मौसम मुख्य रूप से सामान्य बना रहेगा।

वहीं तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में आज 16 अक्टूबर को नमी और तापमान के असर से मौसम बेहद उमस भरा बना रहने का अनुमान जताया गया है।

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कुमाऊं से दिल्ली-एनसीआर पहुंचना हुआ आसान! पंतनगर से नोएडा एयरपोर्ट के बीच मिली सीधी फ्लाइट से ये सारे फायदे

कुमाऊ क्षेत्र को दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली हवाई यातायात से पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। पंतनगर और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच इंडिगो की सीधी उड़ान सेवा से यात्रियों को आवागमन का एक सुविधाजनक विकल्प मिल रहा है। इससे हल्द्वानी, नैनीताल, भीमताल, मुक्तेश्वर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख आर्थिक, व्यावसायिक और शैक्षणिक केंद्रों तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी।

अब तक लंबी दूरी की यात्रा के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर रहने वाले यात्रियों को हवाई सफर का एक अतिरिक्त विकल्प मिल रहा है। इससे कारोबारियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों और परिवारों को समय के बेहतर प्रबंधन के साथ यात्रा की योजना बनाने में मदद मिल सकती है। खास तौर पर दिल्ली, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे शहरों से संपर्क बेहतर होने से कुमाऊं और एनसीआर के बीच आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को मिलेगा बढ़ावा

कुमाऊं अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झीलों, पहाड़ों और धार्मिक स्थलों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। नैनीताल, भीमताल और मुक्तेश्वर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए बेहतर हवाई संपर्क क्षेत्र की पर्यटन अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचा सकता है। वहीं, कुमाऊं से दिल्ली और आसपास के धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों, जैसे मथुरा, वृंदावन और आगरा, की यात्रा करने वालों को भी आगे की यात्रा की योजना बनाने में सुविधा मिल सकती है।

बेहतर कनेक्टिविटी से होटल, टैक्सी, स्थानीय परिवहन, रेस्तरां और पर्यटन से जुड़े दूसरे व्यवसायों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय रोजगार और छोटे कारोबार को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

देश के बड़े शहरों तक पहुंच का नया विकल्प

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के माध्यम से इंडिगो के व्यापक नेटवर्क से जुड़कर यात्री मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख महानगरों के लिए आगे की यात्रा के विकल्प तलाश सकते हैं। इससे कुमाऊं के व्यापारियों और उद्यमियों को देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, आगे की यात्रा की उपलब्धता संबंधित उड़ानों के कार्यक्रम और कनेक्शन पर निर्भर करेगी।

कार्गो सुविधाओं से कारोबार को नई उम्मीद

यात्री सुविधाओं के साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर भी क्षेत्रीय कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय व्यवसायों की जरूरतों के अनुरूप कार्गो सेवाओं का बेहतर उपयोग होने पर माल की आवाजाही को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है। इससे क्षेत्र के उद्योगों, व्यापारियों और अन्य कारोबारी इकाइयों को व्यापक बाजारों से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं।

इसी दिशा में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इंडिगो और एयर इंडिया सैट्स ने पंतनगर में ट्रैवल एवं ट्रेड समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ रोडशो आयोजित किया। इसमें कुमाऊं गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केजीसीसीआई), ट्रैवल एजेंटों, फ्रेट फॉरवर्डर्स और कॉरपोरेट प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में यात्री कनेक्टिविटी, आगे की यात्रा के विकल्पों, एयरपोर्ट सुविधाओं और कार्गो संबंधी संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने किफायती किराए, अधिक यात्रा विकल्पों और बेहतर कार्गो मूवमेंट की जरूरत पर जोर दिया।

यात्रियों को मिलेंगे विशेष ऑफर

पंतनगर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की उड़ानों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए कुछ विशेष प्रमोशनल ऑफर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पंतनगर का बोर्डिंग पास दिखाने पर एयरपोर्ट के चुनिंदा डाइनिंग आउटलेट्स, जिनमें कोस्टा कॉफी, केएफसी, सबवे, चाय पॉइंट और स्मूर शामिल हैं, पर 10% तक की छूट मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 200 रुपये है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक टैक्सी और कार रेंटल सेवाओं पर 40% तक की छूट का भी प्रावधान है। इन ऑफर्स की लागू शर्तें संबंधित सेवा प्रदाताओं पर निर्भर करेंगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के वाइस प्रेसिडेंट क्रिस्टोफ श्नेलमैन के अनुसार, पंतनगर-नोएडा एयरपोर्ट मार्ग कुमाऊँ के यात्रियों के लिए यात्रा के विकल्प बढ़ाने के साथ दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक एवं व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

कुल मिलाकर, पंतनगर और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच हवाई संपर्क कुमाऊं के लिए केवल यात्रा का नया विकल्प नहीं, बल्कि पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक विकास की संभावनाओं को मजबूत करने वाला कदम भी साबित हो सकता है।

ग्रेटर नोएडा से पवन गुप्ता की रिपोर्ट

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कल का मौसम 16 अक्टूबर: उत्तर-पूर्वी मानसून का असर! इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली-यूपी में थंडरस्टॉर्म

IMD Mausam Update: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद अब उत्तर-पूर्वी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसके असर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो गया है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी मौसमी प्रणालियों का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक 16 अक्टूबर को दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर चलेगा जबकि दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत कई मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।

आइए जानते हैं कल 16 अक्टूबर को देश के विभिन्न हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

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दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून का प्रकोप, मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून के जोर पकड़ने की वजह से बड़े पैमाने पर बारिश की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और केरल व माहे के अलग अलग जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की जाएगी। दक्षिण भारत के इन तटीय और अंदरूनी हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी। लक्षद्वीप और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में भी झमाझम बौछारें पड़ने का अनुमान है जबकि तटीय आंध्र प्रदेश में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज-चमक के साथ आंधी का दौर

उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसमी हलचल बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक 16 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गरज और बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी कल 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और ओडिसा के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें गिरने का अनुमान जताया गया है।

मध्य, पूर्वी और पश्चिमी राज्यों का मौसम मिजाज

मध्य और पूर्वी भारत के छत्तीसगढ़, ओडिसा, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में कल बादलों की आवाजाही के साथ-साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। पश्चिम भारत के तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में कल आकाशीय बिजली चमकने के साथ छिटपुट बौछारें गिरने की संभावना है।

वहीं, कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में नमी और तापमान के बने रहने के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। राहत की बात यह है कि समुद्री इलाकों में स्थितियां नियंत्रण में हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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IMD Alert: उत्तर-पूर्वी मानसून की धमाकेदार शुरुआत, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली से तमिलनाडु तक दिखेगा मौसम का ये रूप

IMD Alert: देश भर के मौसम में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा और आधिकारिक बुलेटिन के मुताबिक आज 15 अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के बाकी हिस्सों से भी पूरी तरह विदा हो गया है। इसके साथ ही दक्षिण प्रायद्वीप के राज्यों में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश की औपचारिक और धमाकेदार शुरुआत हो गई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने की वजह से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में 21 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश का एक लंबा और व्यापक दौर जारी रहेगा। पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के अलग-अलग जगहों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों के मजबूत होने से बारिश का दौर काफी तेज हो गया है। दक्षिण तटीय तमिलनाडु और उससे लगे इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप, मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के निचले स्तरों पर पूर्वी व उत्तर-पूर्वी हवाएं पूरी तरह सेट हो चुकी हैं। इन प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में आने वाले दिनों में भारी बारिश का कड़ा पहरा रहेगा।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी जबकि 15 और 16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है। केरल और माहे में 15 से 21 अक्टूबर के बीच व्यापक बारिश होगी> आज 15 अक्टूबर को यहां कुछ स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 21 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होगी जिसमें 16 अक्टूबर को बहुत भारी वर्षा की आशंका है। तटीय कर्नाटक में 16 से 17 अक्टूबर, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम और रायलसीमा में 15 से 16 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का दौर रहेगा। दक्षिण भारत के इन तटीय और अंदरूनी हिस्सों में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ और ओलावृष्टि का प्रकोप

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और पर्वतीय क्षेत्रों में उत्तरी पंजाब पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जिससे जुड़ी ट्रफ रेखा बनी हुई है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा पर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मौजूद है। इन प्रणालियों के असर से आज 15 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में व्यापक रूप से बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। मौसम विभाग ने आज दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि होने की गंभीर चेतावनी जारी की है। इन मैदानी राज्यों में आज 40 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

देश के अन्य हिस्सों और तटीय क्षेत्रों का मौसम हाल

पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम में कोई विशेष भारी गतिविधि की संभावना नहीं है, हालांकि छिटपुट जगहों पर हल्की फुल्की बौछारें गिर सकती हैं। पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में नमी और तापमान के बने रहने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, कोंकण व गोवा तथा तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में मौसम काफी उमस भरा बना रहेगा।

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IMD Weather Forecast: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 अक्टूबर को दिल्ली के कई इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश भी हो सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया है कि दिन के दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

जबकि झोंकों के साथ हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। दिल्ली में सुबह से दोपहर के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके बाद शाम से रात के दौरान भी कई स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक का एक और दौर आने की संभावना है।

‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

राजधानी दिल्ली में गुरुवार सुबह हल्की बारिश हुई। इसके बाद आसमान में काले बादल छाए रहे। IMD ने दिन में हल्की से मध्यम बारिश होने, बादल गरजने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के मद्देनजर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। आईएमडी ने कहा कि शहर के कई हिस्सों में दिन में बारिश होने की संभावना है और इस दौरान बिजली चमकने और रुक-रुककर तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से 3.7 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है, जिससे दिन के तापमान में गिरावट आने की संभावना है।

आईएमडी ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए कहा कि गुरुवार दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक या आकाशीय बिजली गिरने तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दिन में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने का भी पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश और तेज हवाओं का असर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग हो सकता है। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि राजधानी के सभी इलाकों में एक जैसी बारिश हो।

दिल्ली-NCR में तापमान का क्या है हाल?

दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। जबकि न्यूनतम तापमान में करीब 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। इससे साफ है कि रात के तापमान में अभी भी गर्माहट बनी हुई है। हालांकि, दिन के अधिकतम तापमान में कुछ स्थानों पर सामान्य से कम स्तर दर्ज किया गया।

दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश दर्ज नहीं की गई। मौसम केंद्र सफदरजंग के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटे में बारिश शून्य मिलीमीटर रही। ऐसे में 15 अक्टूबर को होने वाली संभावित बारिश से मौसम में अस्थायी बदलाव देखने को मिल सकता है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली-NCR के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। वहीं, आने वाले दिनों में बारिश की संभावना के बाद मौसम शुष्क होने और तापमान में फिर बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

16 अक्टूबर को भी बारिश के आसार

दिल्ली में 16 अक्टूबर को भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। IMD के मुताबिक, आसमान में सामान्य तौर पर बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। सुबह जल्दी से दोपहर तक गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश का एक दौर आने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इसका मतलब है कि 15 और 16 अक्टूबर को दिल्ली में बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इसके बाद मौसम के शुष्क होने का अनुमान है।

17 अक्टूबर से साफ होने लगेगा मौसम

17 अक्टूबर को दिल्ली में बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 18 अक्टूबर से मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 19 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन भी आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और बारिश नहीं होने की संभावना है।

20 और 21 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, 20 अक्टूबर को भी दिल्ली में बारिश की संभावना नहीं है। आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 21 अक्टूबर को भी मुख्य रूप से साफ आसमान रहने का अनुमान है।

इस दिन अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इस तरह, 15 और 16 अक्टूबर को बारिश और गरज-चमक की संभावना के बाद 17 से 21 अक्टूबर के बीच मौसम के अधिकतर शुष्क रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान भी धीरे-धीरे 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

तापमान को लेकर मौसम विभाग का क्या अनुमान?

IMD के मुताबिक, अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसका अर्थ है कि बारिश के कारण शुरुआती दिनों में दिन के तापमान में कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन सप्ताह के अगले हिस्से में धूप निकलने के साथ गर्मी फिर महसूस हो सकती है।

पश्चिमी विक्षोभ का मौसम पर असर

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और उससे सटे उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। एक अन्य ट्रफ उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश से पूर्व-मध्य अरब सागर तक फैला हुआ है, जो पूर्वी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के ऊपर से गुजर रहा है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बादलों और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।

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कल का मौसम 15 अक्टूबर: दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा में मूसलाधार बारिश संग ओलावृष्टि का अलर्ट! उत्तर से दक्षिण तक बिगड़ेगा मौसम

IMD Weather Update: देश भर के मौसम में एक साथ कई मौसमी प्रणालियों के बेहद सक्रिय होने से बड़ा और उग्र बदलाव आने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा गुरुवार 15 अक्टूबर के लिए जारी किए गए मौसम बुलेटिन के मुताबिक 15 अक्टूबर को देश के उत्तरी मैदानी इलाकों से लेकर सुदूर दक्षिणी राज्यों तक मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

इसके अलावा, उत्तर भारत के छह बड़े राज्यों में गर्जना के साथ ओलावृष्टि होने की गंभीर आशंका जताई गई है। उत्तर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण में दस्तक दे रहे उत्तर-पूर्वी मानसून के एक साथ असर में आने से देश के बड़े हिस्से में मौसमी तबाही का खतरा बन रहा है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और यूपी में ओलावृष्टि व भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी राज्यों में सक्रिय मौसमी सिस्टम अपने चरम पर रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 15 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर तेज बादलों की गड़गड़ाहट के साथ ओलावृष्टि होने की भी पूरी संभावना है।

इन मैदानी और पहाड़ी राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की स्पीड से विनाशकारी तूफानी हवाएं चलेंगी। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी आकाशीय बिजली चमकने और बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून की दस्तक, तमिलनाडु और केरल में बहुत भारी बारिश

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून का औपचारिक आगमन हो चुका है। इसके चलते दक्षिणी राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग ने 15 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल और केरल एवं माहे के अलग अलग जिलों में भारी से बहुत भारी मूसलाधार बारिश होने की बड़ी चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश होगी। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और तटीय इलाकों में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़ेगी। आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी, जबकि तेलंगाना और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भी झोंकेदार हवाओं के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

मध्य और पूर्वी भारत का मौसम हाल

मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी चक्रवाती परिसंचरण का असर दिखाई देगा। छत्तीसगढ़, ओडिशा, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग अलग इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बादलों की गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। दूसरी ओर पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं।

तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी का अहसास

पश्चिम और दक्षिण भारत के कुछ तटीय इलाकों में नमी और तापमान के बने रहने से लोगों को चिपचिपी गर्मी परेशान करेगी। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक तटीय कर्नाटक और कोंकण, गोवा के तटीय क्षेत्रों में मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा। हालांकि तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां फिलहाल नियंत्रण में हैं। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

IMD Weather Update: दक्षिण भारत में दस्तक दे रहा पूर्वोत्तर मानसून, 14 से 19 अक्टूबर तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

North-East Monsoon 2026: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा और मौसमी बदलाव दर्ज किया जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के शेष हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अगले दो दिनों के दौरान इसके पूरी तरह पीछे हटने के साथ ही दक्षिण प्रायद्वीप में पूर्वोत्तर मानसून की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पूर्वोत्तर मानसून के आगमन के साथ ही दक्षिण भारत के कई राज्यों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का एक लंबा और व्यापक दौर शुरू होने वाला है।

पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है जबकि पूर्वी राजस्थान में छिटपुट जगहों पर ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आई हैं।

दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय, इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश का जोर काफी बढ़ गया है। श्रीलंका तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है जिससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली है। इसके अलावा दक्षिण अंडमान सागर पर भी एक चक्रवाती सिस्टम मौजूद है। इन प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के अलग अलग राज्यों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का कड़ा पहरा रहेगाय़ तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी और कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

केरल और माहे में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 18 अक्टूबर के दौरान और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के बीच भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा के कुछ हिस्सों में 14 से 18 अक्टूबर तक भारी बारिश का दौर चलेगा। तेलंगाना में भी 17 अक्टूबर को भारी वर्षा का अनुमान है। तमिलनाडु, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के तटीय इलाकों में 15 से 17 अक्टूबर के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

उत्तर-पश्चिम भारत और पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर

उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर नजर डालें तो उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू-कश्मीर पर तथा उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान पर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 13 से 15 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से बारिश और बर्फबारी होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 14 और 15 अक्टूबर को झमाझम बारिश के साथ-साथ 40 से 60 किमी/घंटे की गति से तेज आंधी और ओलावृष्टि होने की चेतावनी जारी की गई है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी 13 से 19 अक्टूबर के बीच रुक-रुक कर बारिश और 15 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि व आंधी का दौर रहेगा। राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 से 16 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बौछारें और तेज हवाएं चल सकती हैं।

मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत का मौसम हाल

मध्य भारत के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में 13 से 19 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी। पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 13 और 14 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी, जबकि ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों में 14 से 19 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 17 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा। पश्चिम भारत के कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश के साथ-साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

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Weather Update: फिर बदलेगा मौसम! दिल्ली-NCR समेत 6 राज्यों में आंधी, ओलावृष्टि का खतरा! यूपी समेत इन राज्यों में बारिश की चेतावनी

IMD Rain Alert: देश भर से मानसून की विदाई के बीच पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रणालियों के आपस में टकराने से मौसम में बड़ा और उग्र बदलाव आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा रविवार 11 अक्टूबर को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर समेत 6 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश, ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और 70 kmph की आंधी

उत्तर-पश्चिम भारत के आसमान पर एक बेहद सक्रिय मौसमी प्रणाली असर दिखा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज 11 अक्टूबर को दिल्ली, NCR, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। आज ही दिल्ली-एनसीआर और पंजाब में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 70 किमी/घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। इन सभी 6 राज्यों व पर्वतीय क्षेत्रों में आज ओलावृष्टि होने का खतरा जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 12 से 15 अक्टूबर के दौरान भी 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। जम्मू-कश्मीर में 13 व 15 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 14 व 15 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी का अनुमान व्यक्त किया गया है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बारिश और झोंकेदार हवाओं का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी मौसम का रुख बदला हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 से 16 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने का अनुमान है, जबकि आज 11 अक्टूबर को राज्य के पश्चिमी हिस्सों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली चमकने का अलर्ट है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

राजस्थान की बात करें तो पश्चिमी राजस्थान में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। आज 11 अक्टूबर को तथा 13 से 15 अक्टूबर के दौरान पश्चिमी राजस्थान में 30 से 40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। पूर्वी राजस्थान में 11 और 13 अक्टूबर को छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं।

बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत का मौसम हाल

मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में भी चक्रवाती परिसंचरणों का असर देखा जाएगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में आज 11 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने और हल्की बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 12 से 17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश का दौर चलेगा, जहां 12 और 13 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आज 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी। बिहार में 11-12 अक्टूबर और 15-17 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि 16 और 17 अक्टूबर को बिहार में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। झारखंड में 11 से 13 अक्टूबर और ओडिशा में 11 से 17 अक्टूबर तक बारिश व गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 17 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। आज 11 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 11 से 15 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। केरल एवं माहे और लक्षद्वीप में 15 से 17 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी।

जबकि 16 और 17 अक्टूबर को केरल एवं तमिलनाडु में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 11 से 15 अक्टूबर के बीच तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। पश्चिम भारत के तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा क्षेत्र में आज 11 अक्टूबर को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

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Weather Alert: दिल्ली समेत कई राज्यों में कल बारिश-आंधी का अलर्ट, 50 kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; मुंबई में लू की चेतावनी

Weather Alert: महाराष्ट्र में जहां मुंबई और कोंकण के तटीय इलाकों में लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने के आसार फिलहाल कम हैं, वहीं उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और तेज हवाएं मौसम का मिजाज बदल सकती हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में कल यानी 11 अक्टूबर को बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) और महाराष्ट्र के तटीय कोंकण इलाके में 12 अक्टूबर तक लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम में बदलाव की वजह उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ है। इसके साथ ही हरियाणा और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर हवा में एक चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इसके असर से रविवार, 11 अक्टूबर को दिल्ली के कई इलाकों में बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

IMD ने दक्षिण भारत के कई इलाकों के लिए भी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान जताया है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 12 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, कई इलाकों में सतह के पास तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

मुंबई और कोंकण में 12 अक्टूबर तक लू का अलर्ट

मौसम विभाग ने महाराष्ट्र में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन और कोंकण के तटीय इलाकों के लिए 12 अक्टूबर तक हीटवेव की चेतावनी जारी की है। दक्षिण कोंकण में कुछ जगहों पर हीटवेव की स्थिति हो सकती है, जबकि उत्तर कोंकण में कुछ जगहों पर गर्मी और उमस बनी रह सकती है। MMR एक शहरी इलाका है जिसमें मुंबई और उससे सटे ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों के नौ नगर निगम शामिल हैं।

IMD ने कहा कि महाराष्ट्र में रविवार और सोमवार (11 और 12 अक्टूबर) को हालात सामान्य होने की उम्मीद है और पूरे राज्य में ‘ग्रीन वॉर्निंग’ लागू हो जाएगी। ग्रीन वॉर्निंग का मतलब है कि मौसम से जुड़ी किसी खास सावधानी या कार्रवाई की जरूरत नहीं है। हालांकि, अगले 48 घंटों में महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है और उसके बाद इसमें 1-3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है। महाराष्ट्र के अंदरूनी इलाकों में 10 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 37-39 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

कई उत्तरी, मध्य और पूर्वोत्तर इलाकों में बारिश और आंधी-तूफान का भी अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 11 से 14 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, साथ ही 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और हवा के झोंके 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 अक्टूबर को कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि राजस्थान के कुछ हिस्सों में 11 और 12 अक्टूबर के बीच बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वोत्तर भारत में बारिश के आसार

वहीं, शनिवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में काफी ज्यादा इलाकों में बारिश हो सकती है, साथ ही कहीं-कहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना है। 11 अक्टूबर को असम और मेघालय में बारिश होने की उम्मीद है, और इसके बाद 13 और 14 अक्टूबर को फिर से बारिश हो सकती है। 11 से 14 अक्टूबर के बीच नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं का अलर्ट

IMD ने पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश का अनुमान लगाया है। रविवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

झारखंड से अगले चार दिनों में लौटेगा मानसून

झारखंड से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अगले चार दिनों में होने की संभावना है। इससे पहले राज्य के उत्तर-पश्चिमी और मध्य हिस्सों के कई जिलों से मानसून लौट चुका है। IMD के आंकड़ों के मुताबिक, झारखंड में अब तक सामान्य से 2% कम बारिश दर्ज की गई है।

इन इलाकों में भी जारी रह सकता है बारिश का दौर

इस पूर्वानुमान में तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, लक्षद्वीप, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह भी शामिल हैं। IMD के अगले कुछ दिनों के पूर्वानुमान से पता चलता है कि कई इलाकों में बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा, साथ ही झारखंड से मॉनसून की वापसी भी होगी।

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