IMD Weather Update: दक्षिण भारत में दस्तक दे रहा पूर्वोत्तर मानसून, 14 से 19 अक्टूबर तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

North-East Monsoon 2026: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा और मौसमी बदलाव दर्ज किया जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के शेष हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अगले दो दिनों के दौरान इसके पूरी तरह पीछे हटने के साथ ही दक्षिण प्रायद्वीप में पूर्वोत्तर मानसून की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पूर्वोत्तर मानसून के आगमन के साथ ही दक्षिण भारत के कई राज्यों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का एक लंबा और व्यापक दौर शुरू होने वाला है।

पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है जबकि पूर्वी राजस्थान में छिटपुट जगहों पर ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आई हैं।

दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय, इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश का जोर काफी बढ़ गया है। श्रीलंका तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है जिससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली है। इसके अलावा दक्षिण अंडमान सागर पर भी एक चक्रवाती सिस्टम मौजूद है। इन प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के अलग अलग राज्यों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का कड़ा पहरा रहेगाय़ तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी और कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

केरल और माहे में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 18 अक्टूबर के दौरान और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के बीच भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा के कुछ हिस्सों में 14 से 18 अक्टूबर तक भारी बारिश का दौर चलेगा। तेलंगाना में भी 17 अक्टूबर को भारी वर्षा का अनुमान है। तमिलनाडु, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के तटीय इलाकों में 15 से 17 अक्टूबर के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

उत्तर-पश्चिम भारत और पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर

उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर नजर डालें तो उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू-कश्मीर पर तथा उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान पर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 13 से 15 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से बारिश और बर्फबारी होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 14 और 15 अक्टूबर को झमाझम बारिश के साथ-साथ 40 से 60 किमी/घंटे की गति से तेज आंधी और ओलावृष्टि होने की चेतावनी जारी की गई है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी 13 से 19 अक्टूबर के बीच रुक-रुक कर बारिश और 15 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि व आंधी का दौर रहेगा। राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 से 16 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बौछारें और तेज हवाएं चल सकती हैं।

मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत का मौसम हाल

मध्य भारत के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में 13 से 19 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी। पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 13 और 14 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी, जबकि ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों में 14 से 19 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 17 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा। पश्चिम भारत के कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश के साथ-साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

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Monsoon 2026: दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तर भारत से मानसून की तेज विदाई के बीच IMD ने दी ये चेतावनी

IMD Weather Update: देश भर में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के राज्यों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया काफी तेज हो गई है वहीं दूसरी तरफ दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर थमता नजर नहीं आ रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक अगले 24 घंटों में देश के बड़े हिस्से से मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। हालांकि मौसमी चक्रों की सक्रियता की वजह से दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, बादलों की गर्जना और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

अगले 24 घंटों में उत्तर और मध्य भारत से मानसून की विदाई की अनुकूल परिस्थितियां

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बचे हुए इलाकों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इसके साथ ही गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकतर हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए स्थितियां बेहद अनुकूल बनी हुई हैं।

दक्षिण भारत में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियों का असर आने वाले दिनों में और बढ़ेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 4 और 5 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। 2 से 6 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। केरल में 4 से 6 अक्टूबर तक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में 2 से 6 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से तेज बारिश और झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 2 से 6 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को भारी वर्षा होने के आसार जताए गए हैं। 2 और 3 अक्टूबर को इन सभी राज्यों में आकाशीय बिजली कड़कने और बादलों की तेज गर्जना का अलर्ट है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पश्चिम भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की विदाई के बाद 5 से 8 अक्टूबर के बीच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में हल्की छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। उत्तराखंड में 7 अक्टूबर को व्यापक रूप से बारिश हो सकती है।

मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर के साथ-साथ बिहार, झारखंड और ओडिशा में 5 से 8 अक्टूबर के बीच बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। पश्चिम भारत के तटीय महाराष्ट्र (कोंकण व गोवा) में 2 से 5 अक्टूबर के दौरान मौसम बेहद गर्म और आद्र रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि 5 से 8 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है।

कल का मौसम: 23 सितंबर को ओडिशा, आंध्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में भी मौसम का तांडव

September 23 Weather: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां प्रचंड रूप ले चुकी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार 23 सितंबर के लिए मौसम का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 23 सितंबर को ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मौसम का भारी तांडव देखने को मिलेगा। इन राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की रेड कलर वॉर्निंग जारी की गई है। इसके अलावा देश के दूसरे राज्यों में भी तूफानी हवाओं, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है।

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4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 23 सितंबर को छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में तूफानी मौसम का सामना करना होगा। इन चारों राज्यों में मध्यम से तेज बारिश के बीच कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं।

महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट

देश के कई दूसरे राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के साथ सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में दिन भर रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।

50 से 60 kmph की रफ्तार से थंडरस्कवॉल और आंधी की चेतावनी

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के तटीय और मैदानी इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कवॉल (आंधी-तूफान) की चेतावनी दी है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा और महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। वहीं कर्नाटक, केरल व माहे, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर भारत और मध्य प्रदेश में बिजली कड़कने की संभावना

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, मध्य प्रदेश और रायलसीमा में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय सुरक्षा और हवा की स्थिति को देखते हुए आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

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Kal Ka Mausam: 7 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम? बिहार, यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश, कई राज्यों में आंधी-तूफान

Kal Ka Mausam:  देश भर में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 सितंबर के मौसम को लेकर ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से सटे इलाकों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में 7 सितंबर को मानसूनी बारिश का असर काफी मजबूत दिखाई देगा। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इसके साथ ही पूर्वी मध्य प्रदेश में भी कल मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड में बारिश के साथ-साथ बादलों की गर्जना और बिजली चमकने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदर्भ के अलग-अलग हिस्सों में भी कल बिजली कड़कने और आंधी की संभावना जताई गई है।

आंध्र प्रदेश में तेज आंधी और झोंकेदार हवाओं का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो आंध्र प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और तूफानी झोंके आने की चेतावनी जारी की गई है।

इसके साथ ही आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में दिनभर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में कल मौसम गर्म और बेहद उमस भरा बना रहेगा।

बंगाल, झारखंड और ओडिशा में कैसा रहेगा मौसम?

पूर्वी भारत में भी मानसूनी बारिश और तूफानी गतिविधियों का दौर देखने को मिलेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में बादलों की गर्जना के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर जारी

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मानसून पूरी तरह मेहरबान है। 7 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न इलाकों में मूसलाधार यानी भारी बारिश होने का अनुमान है। इन सभी राज्यों में बारिश के दौरान बिजली चमकने और आंधी-तूफान देखने को मिलेगा

समुद्र में खराब रहेगा मौसम, मछुआरों को चेतावनी

समुद्री तटीय इलाकों में मौसम प्रतिकूल रहने की आशंका जताई गई है। सोमालिया तट के पास, ओमान के तटवर्ती क्षेत्रों और उससे सटे पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम व उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी है।

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कल का मौसम: 28 अगस्त को यूपी, बिहार, एमपी संग इन 14 राज्यों में IMD का मूसलाधार बारिश का अलर्ट, अंधड़ और आंधी-तूफान का खतरा

IMD Heavy Rain Alert: देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, अंधड़ और गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों समेत कुल 14 राज्यों में मूसलाधार बारिश को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। देश के अलग अलग इलाकों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है।

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ओडिशा में अति भारी बारिश की चेतावनी, बंगाल और झारखंड में भी बिगड़ेगा मौसम

पूर्वी भारत के राज्यों में 28 अगस्त को मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा प्रभावित रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक ओडिशा में अलग अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही ओडिशा में आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने के आसार हैं। इन क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता बनी रहेगी। बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बिजली चमकने के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अंधड़ और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान दिया गया है। बिहार और झारखंड के नागरिकों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में न जाने की सलाह दी गई है।

उत्तर भारत का हाल: पूर्वी यूपी में मूसलाधार बारिश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में आंधी-बिजली का अलर्ट

उत्तर भारत में मानसूनी हवाओं का प्रभाव बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक 28 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही पूरे पूर्वी यूपी में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

मध्य और पूर्वोत्तर भारत: एमपी, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के सातों राज्यों में बरसेगी आफत

मध्य भारत में भी बारिश का प्रकोप जारी रहेगा। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में 28 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूरे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली चमकने और गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियां बेहद तेज रहने वाली हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के इन सभी सातों राज्यों में बारिश के साथ तेज गर्जना और बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।

दक्षिण भारत: तेज हवाओं का प्रकोप, अंडमान में तूफानी अंधड़ की चेतावनी

दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश से ज्यादा तेज हवाओं और आंधी का असर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, अंधड़ आने और बिजली चमकने का अलर्ट है। इसके अलावा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में तेज सतह हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मौसम बेहद तूफानी रहने वाला है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

अरब सागर में खतरनाक हवाएं, मछुआरों के लिए चेतावनी

समुद्री स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने अरब सागर के तटीय और खुले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है। सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य अरब सागर के कई हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ इलाकों और उत्तरी और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

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Monsoon 2026: भारत में मानसून पड़ा सुस्त और कर गया ड्राई फेज में एंटर! समझिए महंगाई से लेकर कहां-कहां पड़ेगा इसका असर

Monsoon 2026: देश में मानसून सीजन के दौरान अब बारिश की रफ्तार सुस्त पड़ती नजर आ रही है। इस वजह से भारत अब सामान्य से अधिक सूखे दौर का सामना कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक कम से कम 2 सितंबर तक देश भर में औसतन सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। हमारी सहयोगी वेबसाइट News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले शनिवार तक पूरे भारत में मानसूनी बारिश का घाटा लंबी अवधि के औसत (LPA) से 14 फीसदी नीचे दर्ज किया गया है। मानसूनी ट्रफ के मध्य भारत की ओर दक्षिण में जाने के बजाय हिमालय की तलहटी के करीब बने रहने की वजह से यह घाटा और अधिक बढ़ सकता है।

क्या होता है मानसूनी ट्रफ और क्यों बढ़ रही है चिंता?

मानसूनी ट्रफ कम दबाव का एक लंबा वायुमंडलीय क्षेत्र होता है जहां उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध की हवाएं आपस में मिलती हैं। यह नमी से भरी हवाओं को खींचता है और भारत के गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश लाता है। इस साल यह ट्रफ पूरे उत्तर भारत में ठीक से फैलने की बजाय हिमालय के करीब ही बना हुआ है।

आईएमडी द्वारा 20 अगस्त को जारी एक्सटेंडेंट रेंज के पूर्वानुमान के मुताबिक हाल के हफ्तों में बोई गई फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है। मौसम कार्यालय ने कहा है कि नए मौसमी सिस्टम बनने के बावजूद पूर्वानुमान के दोनों हफ्तों के दौरान पूरे भारत में बारिश सामान्य से कम ही रहेगी।

देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का गणित

हिमालयी क्षेत्र के साथ-साथ पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि आने वाले सप्ताह में प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी गतिविधियां कमजोर बनी रह सकती हैं। पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर 24 घंटे के भीतर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इससे 26 अगस्त तक ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। आमतौर पर जब ट्रफ दक्षिण की ओर बढ़ता है तो मध्य भारत में अगस्त की सबसे महत्वपूर्ण बारिश होती है, लेकिन इसके ऐसा न करने से प्रमुख कृषि क्षेत्रों में पानी की कमी हो सकती है।

स्काईमेट ने जताया सूखे का अंदेशा

निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर ने पिछले सोमवार को अपने मानसूनी पूर्वानुमान को काफी घटा दिया है। स्काईमेट ने अब मौसमी बारिश के एलपीए का 85 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जबकि अप्रैल में उसने इसे 94 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। स्काईमेट का कहना है कि देश में सूखे की 70 प्रतिशत अधिक संभावना दिख रही है।

एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगस्त के बाकी बचे दिनों में भारत के चार समरूप क्षेत्रों में बारिश का वितरण असमान रहेगा। इसके अलावा मजबूत होते अल नीनो और कमजोर इंडियन ओशन डिपोल की वजह से सितंबर में स्थिति और बिगड़ सकती है। आमतौर पर एक सकारात्मक इंडियन ओशन डिपोल अल नीनो के निगेटिव असर को कुछ हद तक बेअसर कर देता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां वैसा सपोर्ट नहीं दे रही हैं।

कहां कितना पहुंचा बारिश का घाटा?

बारिश की कमी का सबसे बड़ा असर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में देखने को मिल रहा है, जहां बारिश एलपीए से 26 प्रतिशत कम है। दक्षिण प्रायद्वीप में सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में यह घाटा 11 प्रतिशत दर्ज किया गया है। पूर्व में बने कम दबाव के सिस्टम्स की वजह से सुधार देखने के बाद सिर्फ मध्य भारत ही सामान्य स्तर के सबसे करीब है, जहां बारिश एलपीए से केवल 3 प्रतिशत कम है।

फसलों के नुकसान और महंगाई का खतरा

स्काईमेट द्वारा अपने अप्रैल के अनुमान में 9 प्रतिशत अंकों की कटौती हाल के वर्षों में मध्य-सीजन के दौरान की गई सबसे बड़ी कटौतियों में से एक है। आईएमडी ने भी अपने मौसमी अनुमान को घटाया है, हालांकि उसकी कटौती का दायरा छोटा है। आईएमडी ने अप्रैल में बारिश के एलपीए का 92 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था जिसे जून में घटाकर 90 प्रतिशत कर दिया गया था।

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IMD ने उसके बाद से अपने पूर्वानुमान में संशोधन नहीं किया है। लेकिन वर्तमान में मौजूद 14 प्रतिशत का घाटा और सितंबर की शुरुआत तक कमजोर बारिश का जारी रहना इस अनुमान पर दबाव बना सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बारिश में और गिरावट आने से फूड इंफ्लेशन बढ़ सकती है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक आपूर्ति में रुकावटें पहले से ही कमोडिटी पर भारी असर डाल रही हैं।

Weather Update: मध्य प्रदेश, यूपी संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-NCR में भी मूसलाधार! 26 अगस्त तक ऐसा रहेगा मौसम

Weather Update: देश भर में मानसूनी बारिश का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। इस वक्त उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तथा पूर्वोत्तर राज्यों तक झमाझम बारिश का दौर जारी है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी जारी की है कि उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों के ऊपर बना हुआ वेल-मार्क लो प्रेशर एरिया मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 और 21 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब समेत देश के कई राज्यों में 26 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

अगर बीते 24 घंटों के दौरान दर्ज किए गए बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो पश्चिम उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं उत्तराखंड, हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, असम, नागालैंड और पश्चिम मध्य प्रदेश में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-NCR में 26 अगस्त तक ऐसा रहेगा हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का बड़ा असर असर देखने को मिल रहा है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 20 अगस्त को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 से 26 अगस्त के दौरान अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 20 अगस्त और 22 अगस्त को भारी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 20 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश जबकि 21 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड में 20 से 26 अगस्त तक लगातार गरज-चमक के साथ बारिश की व्यापक गतिविधियां जारी रहेंगी। यहां पूरे सप्ताह भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 20 से 23 अगस्त के दौरान काफी बारिश होगी। 24 से 26 अगस्त के बीच बारिश का असर कम हो जाएगा। हिमाचल प्रदेश में 20 से 22 अगस्त तक व्यापक बारिश और भारी बारिश की चेतावनी है, जिसके बाद 23 से 26 अगस्त के दौरान बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है।

मध्य भारत में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में लो प्रेशर एरिया का सीधा असर देखने को मिल रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 20 से 26 अगस्त तक लगभग पूरे सप्ताह बारिश जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 और 21 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है जबकि 22 से 26 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश में 20 और 21 अगस्त को व्यापक बारिश होगी और 20 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 22 से 26 अगस्त के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होगी।

विदर्भ क्षेत्र में 23 और 24 अगस्त को तेज बारिश की संभावना है जबकि बाकी दिनों में छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। इसके अलावा छत्तीसगढ़, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 24 अगस्त तक गरज के साथ बिजली चमकने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना

पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 20 से 26 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी। गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 22 से 26 अगस्त, बिहार में 22 से 24 अगस्त और ओडिशा में 21 से 26 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश का दौर देखने को मिलेगा। ओडिशा में 23 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है जबकि 21-22 और 24-26 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। बिहार में 22 से 25 अगस्त, गांगेय पश्चिम बंगाल में 23 से 25 अगस्त और झारखंड में 23 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 20 से 26 अगस्त के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 20 से 22 अगस्त तक काफी बारिश होगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 से 26 अगस्त तक पूरा हफ्ता बारिश से सराबोर रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 20 से 25 अगस्त के दौरान और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 से 23 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम और दक्षिण भारत का मौसमी पूर्वानुमान

पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 20 से 26 अगस्त तक लगातार काफी बारिश होने की संभावना है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में 20 से 26 अगस्त के दौरान छिटपुट से लेकर हल्की या मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक में 20 से 26 अगस्त तक काफी बारिश होगी। केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 20 अगस्त और फिर 23 से 26 अगस्त के दौरान अच्छी बारिश होने के आसार हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 24 व 25 अगस्त को और केरल में 23 व 24 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलाा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 20 से 24 अगस्त के दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

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Weather Update: इन 4 इलाकों में पूरे सप्ताह भारी बारिश का तांडव! IMD ने बताया दिल्ली-राजस्थान से यूपी-बिहार तक कैसा रहेगा मौसम

India Mausam ki Jankari: देशभर में मानसूनी हवाओं और मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों की वजह से बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 8 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक इस पूरे सप्ताह देश के चार प्रमुख इलाकों पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।

देश में बने कई मौसमी सिस्टम और पिछले 24 घंटों का हाल

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसूनी ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बना हुआ है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है। दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी ओडिशा के ऊपर बना चक्रवातीय परिसंचरण अब कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पछुआ हवाओं के साथ सक्रिय है। पूर्वोत्तर असम पर भी एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

इन मजबूत प्रणालियों के प्रभाव से बीते 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, असम और नागालैंड में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज हुई।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान का मौसम पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां व्यापक रहने वाली हैं। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 8 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि 8 और 9 अगस्त के दौरान इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। राजस्थान में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। पूर्वी राजस्थान में 8 से 13 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी, जिसमें 8 और 9 अगस्त तथा 12 व 13 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट है। 10 और 11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में बेहद भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 8 अगस्त को तथा 11 और 12 अगस्त को भारी बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि 9 और 10 अगस्त को गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश की स्थिति

उत्तर प्रदेश में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 8 अगस्त को आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को व्यापक बारिश की संभावना है, जहां 9 और 10 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

बिहार के मौसम की बात करें तो 8 से 12 अगस्त के दौरान राज्य में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी। हालांकि 13 और 14 अगस्त को बिहार में अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा होगी। मौसम विभाग ने बिहार में 9 अगस्त और 13 व 14 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके साथ ही 8 से 14 अगस्त के दौरान राज्य में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों और मध्य भारत का हाल

पहाड़ी क्षेत्रों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 8 से 14 अगस्त तक पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। उत्तराखंड में 9 और 10 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 8 अगस्त और 11 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली चमकने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 10 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश के आसार हैं।

मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में 8 और 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 10 से 14 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश होती रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 और 12 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत का मौसम

पूर्वी भारत के ओडिशा, झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 से 14 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। ओडिशा में 8, 9 और 12 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर भारत के असम और मेघालय में 13 और 14 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह भारी बारिश जारी रहेगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 8 और 9 अगस्त को भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के तटीय इलाकों में भी इस दौरान तेज सतही हवाएं और आंधी-तूफान आने का पूर्वानुमान है।

Weather Update: 20 राज्यों में बारिश का अलर्ट, राजस्थान-ओडिशा में मूसलाधार, यूपी-उत्तराखंड भी प्रभावित, चेक करिए आज का मौसम

Weather Update: देशभर में मानसून पूरी तरह से मेहरबान है और कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहावना होने के साथ-साथ कुछ इलाकों में परेशानी का कारण भी बन रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 अगस्त यानी आज के लिए देश के करीब 20 राज्यों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत तक मानसूनी गतिविधियां बेहद तीव्र नजर आ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई अन्य राज्यों में तेज बारिश और आंधी-तूफान का प्रभाव देखने को मिलेगा।

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पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की बहुत अधिक संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही तेज रहेगी और अचानक से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और जलभराव वाले निचले इलाकों से दूर रहने की हिदायत दी है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना

पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का पूर्वानुमान दिया है। इनके साथ ही पश्चिम राजस्थान, छत्तीसगढ़, पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल व सिक्किम, कोंकण व गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे के अलग-अलग इलाकों में भी आज भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

तेज हवाओं और बिजली चमकने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। वहीं अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने और आंधी का अनुमान है।

तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं और आकाशीय बिजली का प्रभाव

देश के अन्य हिस्सों में भी मौसमी हलचल तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय सुरक्षा और मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है जिससे आम लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

कल 1 अगस्त मौसम की चेतावनी: बिहार से राजस्थान तक इन 20+ राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट, इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल

India Weather Update: शनिवार 1 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बेहद खराब और खतरनाक रहने वाला है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने वेदर बुलेटिन में बिहार, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर से लेकर दक्षिण भारत तक 20 से अधिक राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 17 किमी प्रति घंटे की स्पीड से आगे बढ़ चुका है। अगले 24 घंटों के दौरान यह पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए कमजोर होकर एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इसके असर से 1 अगस्त को देश भर में भीषण तूफानी बारिश देखने को मिलेगी।

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गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम प्रणाली के पश्चिम की ओर बढ़ने की वजह से गुजरात राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 1 अगस्त को पूरे गुजरात राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। प्रशासन और आम जनता को जलभराव और तटीय इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन 6 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

गुजरात के अलावा देश के 6 दूसरे राज्यों में शनिवार को अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी के मुताबिक पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी राजस्थान में कई इलाकों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल और माहे में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, दिल्ली से राजस्थान तक: इन राज्यों में होगी भारी बारिश

इसके अलावा भी शनिवार को देश के दूसरे बड़े हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पश्चिम राजस्थान, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल और लक्षद्वीप में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग के मुताबिक 1 अगस्त को हवाओं का रुख बेहद आक्रामक रहेगा और कई राज्यों में तूफानी आंधी के साथ बारिश होगी। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी और तूफानी हवाओं यानी थंडरस्क्वॉल का सामना करना पड़ेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल, झारखंड और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तराखंड में तेज गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तटीय व मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

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