मौसम से सावधान! MP और राजस्थान में लो-प्रेशर एरिया का सिस्टम एक्टिव, 10 सितंबर तक यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

India Weather Update: देश भर में इस वक्त अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है और मानसून अपना विकट रूप दिखा रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया है कि उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य भागों और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया का मौसमी सिस्टम बना हुआ है। इसके अगले दो दिनों तक लगभग स्थिर रहने की संभावना है। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पहाड़ी राज्यों समेत देश के बड़े हिस्से में 10 सितंबर तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 6 से 7 दिनों के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में कई जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसमी सिस्टम के सीधे प्रभाव की वजह से मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश का जोर सबसे अधिक रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 4 और 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी भागों में 4 से 6 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी और 6 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश कुछ हद तक हल्की पड़ सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। वहीं छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर और फिर 8 से 10 सितंबर के बीच भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

उत्तर भारत का मौसम: दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और पहाड़ी राज्यों में अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 और 5 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 6 सितंबर तक भारी बारिश के आसार बने रहेंगे। उत्तर प्रदेश में मानसून की चाल काफी मजबूत रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर के दौरान बारिश का दौर तेजी पकड़ेगा।

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 4 से 10 सितंबर तक पूरे हफ्ते गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश होगी। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 4 सितंबर को भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

 

पूर्वी भारत और बिहार में 10 सितंबर तक कैसा रहेगा वेदर?

पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां कई राज्यों को भिगोएंगी। बिहार में 5, 6 और 10 सितंबर को भारी बारिश के साथ व्यापक स्तर पर गरज-चमक का अलर्ट दिया गया है जबकि 7 से 9 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। झारखंड में 9 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है और 8 से 10 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 से 8 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 सितंबर और 8-9 सितंबर को भारी बारिश के आसार हैं। ओडिशा में 9 और 10 सितंबर को बारिश का नया दौर शुरू होने का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 4 से 10 सितंबर के दौरान अच्छी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत का हाल

पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में अगले एक सप्ताह तक तेज मानसूनी बारिश बनी रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 सितंबर के दौरान भारी बारिश और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है। पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 4 से 10 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 4 सितंबर को गरज-चमक और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं।

दक्षिण भारत में तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कुल मिलाकर बारिश कुछ हद तक शांत रहेगी लेकिन तटीय इलाकों और अंदरूनी हिस्सों में तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 और 5 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है। हवाओं की स्पीड बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4 से 6 सितंबर तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। तटीय कर्नाटक में 4 से 10 सितंबर तक अच्छी बारिश होगी जबकि लक्षद्वीप में 9 और 10 सितंबर को व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

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Mausam Update 3 Sep: दिल्ली-यूपी से बिहार तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट, MP में रेड कलर वॉर्निंग! आज इन राज्यों में मौसम का तांडव

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 सितंबर के लिए मौसम की एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। समें देश के कई हिस्सों में आफत की बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बहुत ज्यादा मूसलाधार बारिश को लेकर रेड अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी, पश्चिमी यूपी, विदर्भ और बंगाल भी प्रभावित

मध्य भारत के इलाकों में आज बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा गहरा गया है।

दिल्ली-एनसीआर, बिहार, पंजाब और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के राज्यों में भी आज मौसम के कड़े तेवर देखने को मिल सकते हैं। IMD के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही पूर्वी भारत के राज्य बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

गरज-चमक के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली का खतरा

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है। आंध्र प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवाओं के साथ आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद के क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में मजबूत सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

तटीय इलाकों और समुद्र में मौसम रहेगा खतरनाक, मछुआरों के लिए अलर्ट

समुद्री इलाकों में भी हवा का रुख बेहद उग्र रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में सोमालिया तट के पास और उससे सटे पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बंगाल की खाड़ी में मन्नार की खाड़ी से सटे दक्षिण तमिलनाडु तट और दक्षिण श्रीलंका तट से लगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के इलाकों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंके आने की आशंका है। IMD ने मछुआरों को इन खतरनाक समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

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Weather Update: यूपी, बिहार, झारखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-मुंबई में भी बरेसेंगे बादल, IMD ने जारी किया अपडेट

Weather Update: मंगलवार, 1 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, मुंबई और कोलकाता में भी बारिश हो सकती है, जबकि दिल्ली में दोपहर और शाम के समय हल्की बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगस्त महीने में देश में औसत से 16 फीसदी कम बारिश हुई।

दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में बारिश का दिन

दिल्ली में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दोपहर व शाम के समय कई जगहों पर हल्की बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। रात में तापमान 25°C से 27°C और दिन में 34°C से 36°C के बीच रहने का अनुमान है।

आने वाले दिनों में भी दिल्ली में बारिश जारी रह सकती है। IMD ने 3 से 5 सितंबर के बीच दिल्ली और पड़ोसी राज्यों हरियाणा और पंजाब में व्यापक बारिश का अनुमान लगाया है।

मुंबई में भी बारिश जारी रहने की संभावना है, क्योंकि कोंकण और गोवा क्षेत्र में 6 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। IMD को उम्मीद है कि मंगलवार को भी इस क्षेत्र में बारिश जारी रहेगी। हालांकि, बुलेटिन में मुंबई के लिए अलग से कोई खास अनुमान नहीं दिया गया है।

वहीं, कोलकाता और गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में मंगलवार को भारी बारिश हो सकती है। IMD ने 31 अगस्त और 1 सितंबर को गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में भारी बारिश और क्षेत्र के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान लगाया है।

देश के बाकी हिस्सों का मौसम

मंगलवार को भुवनेश्वर और ओडिशा के दूसरे इलाकों में भारी बारिश का सबसे ज्यादा खतरा है। IMD ने ओडिशा में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। बता दें कि जैसे-जैसे मौसम का सिस्टम जमीन की ओर बढ़ेगा, राज्य में कहीं-कहीं बहुत ज्यादा भारी बारिश भी हो सकती है।

हैदराबाद और तेलंगाना के दूसरे हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है, साथ ही आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। हवा की रफ्तार 30-40 किमी/घंटा हो सकती है और झोंके 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकते हैं।

मंगलवार को बेंगलुरु में छिटपुट बारिश होने की संभावना है, क्योंकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आम तौर पर हल्की लेकिन लगातार बारिश का दौर जारी है।

चेन्नई और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में 2 सितंबर तक छिटपुट बारिश हो सकती है, साथ ही आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। हवा की रफ्तार 40-50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है और कुछ इलाकों में हवा के झोंके और भी तेज हो सकते हैं।

मध्य और पूर्वी भारत में भारी बारिश का दायरा बढ़ा

मंगलवार को सबसे ज्यादा चिंता ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश को लेकर है। IMD ने इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर तक बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं, छत्तीसगढ़ पर खास तौर पर ज्यादा खतरा है, क्योंकि वहां 1 सितंबर को कहीं-कहीं बहुत ज्यादा बारिश होने का अनुमान है।

भारी बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव हो सकता है, निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है और संवेदनशील जगहों पर सड़क व रेल यातायात में रुकावट आ सकती है। IMD ने अगले 24 घंटों में छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ (flash floods) का कम से मध्यम खतरा भी बताया है।

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Rain Forecast: अगले 48 घंटे 5 राज्यों पर भारी! यूपी, बिहार, झारखंड से MP तक IMD ने जारी किया मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानिए कैसा रहेगा मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर एक बार फिर बेहद उग्र होता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 अगस्त से अगले कुछ दिनों के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी करते हुए चेतावनी जारी की है कि अगले 48 घंटे देश के 5 प्रमुख राज्यों ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए बेहद भारी साबित हो सकते हैं। गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे ओडिशा तट पर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र के असर से इन इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा व उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके असर से ओडिशा में 31 अगस्त को और छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटों में भी 20 सेमी से अधिक की भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा।

यूपी, बिहार और झारखंड में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के निवासियों के लिए भी 31 अगस्त और 1 सितंबर का दिन काफी संभलकर रहने वाला है। IMD ने इन तीनों राज्यों में 31 अगस्त और 1 सितंबर के दौरान अत्यंत से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। उत्तर प्रदेश में मध्य ट्रोपोस्फीयर स्तर पर बनी एक ट्रफ लाइन के असर से पूर्वी और पश्चिमी यूपी में 1 सितंबर से 6 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला बना रहेगा। बिहार और झारखंड में भी 4 सितंबर तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

उत्तरी और पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी ट्रफ की वजह से मौसम बदला हुआ रहेगा। उत्तराखंड में 31 अगस्त से 6 सितंबर तक और हिमाचल प्रदेश में 4 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। उत्तराखंड में 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। वहीं पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 31 अगस्त और 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।

मध्य प्रदेश, पश्चिम भारत और दक्षिण भारत का पूर्वानुमान

मध्य भारत के राज्यों में पूर्वी मध्य प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश देखने को मिलेगी जबकि पश्चिम मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान मूसलाधार बारिश देखने को मिल सकती है। कोंकण और गोवा में 6 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश का दौर बना रहेगा। दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय हिस्सों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां थोड़ी धीमी बनी रहेंगी। हालांकि तटीय कर्नाटक और केरल में कुछ दिनों तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं।

गुरुग्राम में बारिश का ऐसा कहर कि करोड़ों के फ्लैट और लग्जरी कारें भी बेकार! स्कूल चलेंगी ऑनलाइन, ऑफिसों में WFH

Gurugram Rain: देश के सबसे महंगे और आधुनिक शहरों में गिने जाने वाले गुरुग्राम की चमक तेज बारिश के सामने फीकी पड़ गई है। हरियाणा के इस प्रमुख शहर में भारी जलभराव ने आम लोगों से लेकर करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी और लग्जरी कारों तक सबको एक ही कतार में ला खड़ा कर दिया है। हालत यह रही कि महंगे इलाकों में रहने वाले लोगों को भी पानी से भरी सड़कों पर निकलने में भारी परेशानी हुई।

बारिश के कारण गुरुग्राम की कई प्रमुख सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए। ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कई जगह स्कूल बसें तथा एंबुलेंस तक जलभराव में फंस गईं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने आज यानी 25 अगस्त को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में क्लासेस ऑनलाइन कराने का निर्देश दिया है। वहीं कॉरपोरेट और निजी कंपनियों को कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा देने की सलाह दी गई है।

75 MM बारिश ने बिगाड़े हालात

जिला प्रशासन ने बताया कि सोमवार को गुरुग्राम में 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजीव चौक, इफ्को चौक, रेलवे रोड, सेक्टर-5, पुरानी दिल्ली रोड, महरौली रोड और बसई रोड समेत प्रमुख इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए। नाहरपुर अंडरपास में भी पानी भर गया। कई सड़कों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही। लोग पानी से भरी सड़कों से गुजरते दिखाई दिए। पुराने गुरुग्राम के सदर बाजार, गुरुद्वारा रोड और पुरानी दिल्ली रोड समेत कई इलाकों में जलभराव के कारण घंटों तक भारी जाम लगा रहा।

ट्रैफिक जाम से हाहाकार

ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिरहौल बॉर्डर, राजीव चौक, नरसिंहपुर और कुछ अन्य जगहों पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। उन्होंने कहा कि स्थिति संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ‘साइबर हब’ के पास गेटवे टावर मेट्रो स्टेशन के सामने एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया, जिससे प्रमुख मार्ग पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ।

शीतला माता रोड पर बुरा हाल

शीतला माता रोड भी सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल रहा। इस सड़क पर मानसून में अक्सर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। बारिश के दौरान नगर निगम के अधिकारी मौके पर सक्रिय रहे। नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया और अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त यश जालुका ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारियों के साथ जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया।

स्कूल बसों में फंसे बच्चे, 5-6 घंटे की देरी

बारिश का सबसे बड़ा असर स्कूली बच्चों पर देखने को मिला। कई स्कूल बसें पानी में फंस गईं और बच्चों को घर पहुंचने में सामान्य से 5 से 6 घंटे ज्यादा समय लगा। जलभराव के कारण कई परिवारों को अपने बच्चों के घर लौटने को लेकर घंटों चिंता में रहना पड़ा। यही वजह है कि प्रशासन ने 25 अगस्त को स्कूलों को ऑनलाइन करने का फैसला लिया।

करोड़ों की प्रॉपर्टी भी नहीं बचा पाई

गुरुग्राम की पहचान देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजारों में होती है। गोल्फ कोर्स रोड जैसे इलाकों में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी मौजूद है। लेकिन सोमवार 24 अगस्त को हुई बारिश ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया- क्या करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी भी खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और जलभराव से बचा सकती है?

सोशल मीडिया पर लोगों ने इस स्थिति को लेकर कई पोस्ट किए। कुछ लोगों ने यह तक कहा कि शहर में करोड़ों रुपये के फ्लैट और महंगी कारें होने के बावजूद अगर सड़कें पानी में डूब जाएं तो इन संपत्तियों की असली उपयोगिता कितनी रह जाती है।

एक सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया कि उसने कार खरीदने के बजाय अपना पैसा शेयर बाजार में निवेश किया था। लेकिन बारिश के दौरान उसे एक बाइक सवार ने मदद करके सुरक्षित जगह तक पहुंचाया। इस घटना ने गुरुग्राम के जलभराव और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहस को और तेज कर दिया।

तीसरी बार बारिश ने रोका गुरुग्राम

इस मानसून में यह पहली बार नहीं है जब गुरुग्राम की रफ्तार थमी हो। इससे पहले 9 जुलाई को भी लगातार बारिश के बाद निजी संस्थानों और कॉरपोरेट ऑफिसों के लिए WFH की सलाह दी गई थी। अगस्त के पहले सप्ताह में भी लगातार बारिश के बाद दो दिन के लिए WFH एडवाइजरी जारी की गई थी। उस दौरान 24 घंटे में गुरुग्राम में करीब 97 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। कई निचले इलाकों में पानी भर गया था।

₹1,400 करोड़ खर्च के बावजूद उठे सवाल

बारिश के बाद गुरुग्राम के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुग्राम पर करीब ₹1,400 करोड़ खर्च किए जाने के बावजूद शहर बारिश के दौरान जलभराव से जूझ रहा है। सुरजेवाला ने स्कूल बसों के फंसने, सड़कों पर पानी भरने और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। गुरुग्राम समेत दिल्ली-एनसीआर में आज भी भारी बारिश हो रही है।

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गुरुग्राम में 25 अगस्त को वर्क फ्रॉम की सलाह! भारी बारिश के बाद प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

Gurugram Weather: सोमवार को दिल्ली-NCR के कई इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण गुरुग्राम के कॉरपोरेट ऑफिस, सरकारी और प्राइवेट स्कूलों और संस्थानों को 25 अगस्त को वर्क फ्रॉम होम देने की सलाह दी गई है। यह एडवाइजरी गुरुग्राम जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने 24 अगस्त को जारी की। इसमें बताया गया है कि तेज बारिश के बाद शहर में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है।

जिला मजिस्ट्रेट और DDMA के चेयरमैन उत्तम सिंह ने कॉर्पोरेट ऑफिस, सरकारी विभागों और प्राइवेट शिक्षण संस्थानों को सलाह दी है कि वे अपने कर्मचारियों को मंगलवार को ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने के लिए कहें। ताकि बारिश के कारण होने वाली परेशानियों से बचा जा सके।

एडवाइजरी में क्या कहा गया है?

एडवाइजरी में कहा गया है, “गुरुग्राम जिले में 24.08.2026 को हुई भारी बारिश को देखते हुए, जलभराव और ट्रैफिक जाम की संभावना है। इसलिए, जिले के सभी कॉर्पोरेट ऑफिस और सरकारी व प्राइवेट स्कूलों/संस्थानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने कर्मचारियों को 25.08.2026 से ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) करने के लिए कहें, ताकि ट्रैफिक जाम से बचा जा सके और सिविक एजेंसियां ​​सड़कों और नालियों की मरम्मत का काम आसानी से कर सकें।”

बता दें कि इस कदम का मकसद ट्रैफिक जाम को कम करना और सिविक एजेंसियों को बिना किसी रुकावट के सड़कों और नालियों की मरम्मत और सफाई का काम करने में मदद करना है।

एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि यह फैसला भारी बारिश और पूरे जिले में जलभराव व ट्रैफिक जाम की संभावना को देखते हुए लिया गया है।

प्रशासन ने की सहयोगी की अपील

प्रशासन ने सभी कंपनियों और संस्थानों से इस एडवाइजरी में सहयोग करने की अपील की है, ताकि सड़कों और नालियों की मरम्मत व सफाई का काम आसानी से किया जा सके।

दरअसल, गुरुग्राम में हुई जोरदार बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में सड़कें पानी से भर गई हैं। इसके चलते ट्रैफिक की आवाजाही को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। इसी वजह से प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है।

दिल्ली-NCR में मौसम का अलर्ट, जानें आपके इलाके का हाल

दिल्ली के कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसमें मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली शामिल हैं। दक्षिणी दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी ऑरेंज अलर्ट है।

वहीं, उत्तर दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए सोमवार को येलो अलर्ट जारी किया गया है।

दूसरी ओर, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर के लिए फिलहाल मौसम विभाग ने कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन हुआ मजबूत, दिल्ली-NCR समेत इन 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज्य का हाल

बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन हुआ मजबूत, दिल्ली-NCR समेत इन 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज्य का हाल

rain update 8 july

Weather update 14 August 2026: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह मेहरबान और आक्रामक नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज (14 अगस्त 2026, शुक्रवार) उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में व्यापक से काफी व्यापक बारिश की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Depression) के कारण मध्य और पूर्वी भारत में मानसून की रफ्तार बेहद तेज हो गई है। कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और भीषण आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है।

दिल्ली-NCR में झमाझम, राजस्थान में आफत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में आज बादल छाए रहेंगे और कई दौर की तेज बारिश हो सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 26-27°C के आसपास रहने का अनुमान है। 
 

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक और भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी में मानसून सक्रिय रहेगा। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा, रेड/ऑरेंज अलर्ट

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) और नदियों में उफान की चेतावनी जारी की है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ में हो सकती है भारी बारिश

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का सीधा असर मध्य भारत पर देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में मौसम का सबसे भीषण रूप देखने को मिल सकता है। राज्य में अति-भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की आशंका को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश में भोपाल समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश जारी रहेगी, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में ओलावृष्टि 

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल (गंगा के तटीय क्षेत्रों) और ओडिशा में अगले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ-साथ कुछ जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

 

कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मुंबई में तापमान 30°C के आसपास रहेगा। तटीय कर्नाटक और केरल के कई जिलों में भारी बारिश को देखते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। तमिलनाडु में छिटपुट बारिश के आसार हैं।

Weather Update: इन 4 इलाकों में पूरे सप्ताह भारी बारिश का तांडव! IMD ने बताया दिल्ली-राजस्थान से यूपी-बिहार तक कैसा रहेगा मौसम

India Mausam ki Jankari: देशभर में मानसूनी हवाओं और मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों की वजह से बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 8 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक इस पूरे सप्ताह देश के चार प्रमुख इलाकों पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा दक्षिण भारत के केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।

देश में बने कई मौसमी सिस्टम और पिछले 24 घंटों का हाल

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मानसूनी ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बना हुआ है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है। दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी ओडिशा के ऊपर बना चक्रवातीय परिसंचरण अब कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पछुआ हवाओं के साथ सक्रिय है। पूर्वोत्तर असम पर भी एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

इन मजबूत प्रणालियों के प्रभाव से बीते 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, असम और नागालैंड में भी 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज हुई।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान का मौसम पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां व्यापक रहने वाली हैं। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 8 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है, जबकि 8 और 9 अगस्त के दौरान इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। राजस्थान में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। पूर्वी राजस्थान में 8 से 13 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी, जिसमें 8 और 9 अगस्त तथा 12 व 13 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट है। 10 और 11 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में बेहद भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 8 अगस्त को तथा 11 और 12 अगस्त को भारी बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि 9 और 10 अगस्त को गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश की स्थिति

उत्तर प्रदेश में मौसम के मिजाज में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 8 अगस्त को आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को व्यापक बारिश की संभावना है, जहां 9 और 10 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

बिहार के मौसम की बात करें तो 8 से 12 अगस्त के दौरान राज्य में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी। हालांकि 13 और 14 अगस्त को बिहार में अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा होगी। मौसम विभाग ने बिहार में 9 अगस्त और 13 व 14 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके साथ ही 8 से 14 अगस्त के दौरान राज्य में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों और मध्य भारत का हाल

पहाड़ी क्षेत्रों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 8 से 14 अगस्त तक पूरे सप्ताह व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। उत्तराखंड में 9 और 10 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 8 अगस्त और 11 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश और बिजली चमकने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 10 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश के आसार हैं।

मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ में 8 और 9 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 10 से 14 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश होती रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 और 12 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत का मौसम

पूर्वी भारत के ओडिशा, झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 से 14 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। ओडिशा में 8, 9 और 12 से 14 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर भारत के असम और मेघालय में 13 और 14 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह भारी बारिश जारी रहेगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में 8 और 9 अगस्त को भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के तटीय इलाकों में भी इस दौरान तेज सतही हवाएं और आंधी-तूफान आने का पूर्वानुमान है।

दिल्ली में भारी बारिश: IMD ने कई इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया, चेक करें कहां कितनी बारिश

दिल्ली में भारी बारिश: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार की सुबह से ही मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। एक दिन पहले हुई व्यापक बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी करते हुए दिन भर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने, मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने और आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है। इसके साथ ही लोगों को जलभराव वाले इलाकों से बचने की सलाह दी गई है।

दिल्ली के इन इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग की ओर से जारी नाउकास्ट के अनुसार दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक का रेड और ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, शाहदरा, मध्य दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

वहीं उत्तर-पश्चिमी दिल्ली, उत्तरी दिल्ली और मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी-तूफान आने और मध्यम बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

अगस्त महीने का अब तक का सबसे बरसाती दिन दर्ज

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों की अवधि के दौरान दिल्ली में इस साल अगस्त का अब तक का सबसे बरसाती दिन रिकॉर्ड किया गया। शहर के मुख्य बेस स्टेशन सफदरजंग में इस अवधि के दौरान 59.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। लोधी रोड पर सबसे अधिक 60.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि रिज स्टेशन पर 57.0 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा अयानगर में 26.2 मिमी और पालम मौसम केंद्र पर 16.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

तापमान में आई भारी गिरावट, 98 प्रतिशत पहुंची नमी

लगातार हो रही बारिश के चलते दिल्ली के तापमान में काफी गिरावट आई है। शुक्रवार सुबह सफदरजंग बेस स्टेशन पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री कम यानी 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पालम में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री गिरकर 23.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया जबकि लोधी रोड पर यह सामान्य से 0.8 डिग्री नीचे 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रिज स्टेशन पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री कम होकर 22.1 डिग्री सेल्सियस और अयानगर में सामान्य से 1.6 डिग्री कम यानी 24.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

दिन भर कैसा रहेगा बारिश का दौर

मौसम कार्यालय के अनुसार दिन भर आसमान में मुख्य रूप से बादल छाए रहेंगे और मूसलाधार बारिश का अनुमान है। दोपहर से पहले और दोपहर के समय मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि शाम और रात के समय बारिश का जोर कम होगा और हल्की से बहुत हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

वायु गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ श्रेणी में दर्ज

लगातार बारिश के चलते दिल्ली में हवा साफ बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार शुक्रवार सुबह राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 62 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार 51 से 100 के बीच का एक्यूआई संतोषजनक श्रेणी में रखा जाता है

आज भारी बारिश की चेतावनी: IMD ने ओडिशा के लिए रेड, दिल्ली के लिए ऑरेंज कलर वॉर्निंग जारी की! यूपी से बिहार तक मौसम का तांडव चेक करें

IMD Alert for 7th August: देशभर में मानसूनी हवाओं की आक्रामकता और चक्रवातीय प्रणालियों के असर से आज 7 अगस्त को मौसम का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन और नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक ओडिशा में जहां भारी तबाही मचाने वाली अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत के राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा के लिए अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 7 अगस्त को ओडिशा के लिए सबसे सख्त चेतावनी यानी रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के अनुसार ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा अगले दो से तीन घंटों के लिए जारी नाउकास्ट चेतावनी में ओडिशा के कालाहांडी, कंधमाल और नुआपाड़ा जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और मध्यम बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश और 60 किमी की रफ्तार से हवाएं

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह से ही बादलों का डेरा जमा हुआ है और मौसम विभाग ने दिल्ली के कई हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सेंट्रल दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, नई दिल्ली, साउथ दिल्ली और साउथ ईस्ट दिल्ली में अगले दो-तीन घंटों के भीतर तेज आंधी, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं, गरज-चमक और 15 मिमी प्रति घंटे से अधिक की मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नॉर्थ वेस्ट दिल्ली, शाहदरा, साउथ वेस्ट दिल्ली और वेस्ट दिल्ली के इलाकों के लिए मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। पूरे दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में आज दिन भर भारी बारिश की चेतावनी बनी हुई है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान

मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। नाउकास्ट चेतावनी के मुताबिक राजस्थान के चूरू, दौसा, जयपुर, झुंझुनूं और सीकर जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के दतिया, ग्वालियर, मुरैना, शेवपुर कलां और शिवपुरी जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और मध्यम बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। इसके अतिरिक्त पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में भी पृथक स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

यूपी, बिहार और पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है। इसके साथ ही बिहार में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज बारिश दर्ज की जाएगी, जहां उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत: केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश और अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता काफी अधिक बनी हुई है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। केरल के अलाप्पुझा, एरनाकुलम, कन्नूर, कासरगोड, कोट्टायम, पलक्कड़ और त्रिशूर जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी है जबकि इडुक्की, कोझिकोड, मलप्पुरम, पथनमथिट्टा और वायनाड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना के हनमकोंडा, जनगांव, महबूबाबाद, सिद्दीपेट, सूर्यापेट और वारंगल जिलों में भी मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका है।

पूर्वोत्तर भारत और अन्य तटीय क्षेत्रों का हाल

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, गंगातटीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में भी भारी वर्षा के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना के तटीय और मैदानी क्षेत्रों में मजबूत सतह हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है।

मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने, पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लेने, अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात व संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

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