कल का मौसम: 28 सितंबर को उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने यूपी से बिहार तक दी आंधी-तूफान की चेतावनी

IMD Weather Update: देश के अलग हिस्सों में मौसमी प्रणालियों के बने रहने से सोमवार 28 सितंबर को भी बारिश और तूफानी गतिविधियों का दौर जारी रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक सोमवार को उत्तराखंड, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की चेतावनी जारी की गई है।

उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक 28 सितंबर को उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। राज्य के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इसी तरह दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी कई जगहों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है।

अंडमान में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कवॉल का अलर्ट

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास बने मौसमी तंत्र के चलते वहां का मौसम बेहद खराब रहेगा। IMD ने चेतावनी दी है कि द्वीप समूह में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है, जिसके झोंके और तेज हो सकते हैं। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।

पूर्वोत्तर, हिमाचल और राजस्थान में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट है। असम व मेघालय, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, राजस्थान और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान के मैदानी इलाकों से लेकर हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों तक बादलों की आवाजाही और गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।

बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 40 किमी/घंटे की गति से आंधी का अनुमान

देश के मध्य और पूर्वी राज्यों में भी आंधी और बिजली गिरने का जोखिम बना हुआ है। आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा और तेलंगाना के विभिन्न जिलों में पृथक स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में अलग जगहों पर बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

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समुद्र में तूफानी हवाएं: मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

समुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं की वजह से स्थिति काफी प्रतिकूल बनी रहेगी। मौसम विभाग ने विभिन्न समुद्री क्षेत्रों के लिए हवा की गति और चेतावनी जारी की है। सोमालिया तट के पास और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

उत्तरी अंडमान सागर तथा दक्षिणी म्यांमार तट के आसपास 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है जहां झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं। उत्तरी म्यांमार तट और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकते हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न उतरने की सलाह दी है।

IMD Heavy Rain Alert: उत्तराखंड में रेड कलर वॉर्निंग, UP-MP-दिल्ली संग इन राज्यों में भी मौसम बिगड़ेगा, बारिश और आंधी की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert Today, September 27: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता अभी थमी नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 27 सितंबर (रविवार) को उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

IMD के मुताबिक, दिल्ली-NCR समेत हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।

उत्तराखंड में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा

IMD के मुताबिक, उत्तराखंड में आज कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। देहरादून के लिए IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में भी 27 सितंबर को लगातार बारिश और बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं तथा गरज-चमक की चेतावनी दर्ज है। लगातार बारिश को देखते हुए राज्य में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

दिल्ली-NCR में भी बारिश और आंधी की आशंका

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज भारी बारिश की आशंका है। IMD ने इन इलाकों में गरज-चमक और बिजली के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है। हालांकि, दिल्ली के एक स्थानीय IMD केंद्र के पूर्वानुमान में 27 सितंबर के लिए अलग से कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। जबकि क्षेत्रीय स्तर पर हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के लिए भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी है। यानी बारिश का असर स्थान विशेष के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।

यूपी और हिमाचल में भी बरसेंगे बादल

हिमाचल प्रदेश में 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। जबकि 28 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है। IMD के अनुसार यूपी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

इन राज्यों में भी आंधी-तूफान का अलर्ट

  • IMD के 27 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और मध्य प्रदेश में बिजली चमकने के साथ 40-50 किमी/घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • आंध्र प्रदेश, पूर्वी यूपी, झारखंड, राजस्थान और तेलंगाना में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है।
  • असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर बिजली चमकने के साथ गरज-चमक हो सकती है।
  • आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

यूपी, झारखंड और उत्तराखंड में जनजीवन प्रभावित

उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसके कारण अधिकारियों को 27 सितंबर तक चारधाम यात्रा स्थगित करनी पड़ी। उत्तर प्रदेश को उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और इससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र का सबसे अधिक असर झेलना पड़ा। यह मौसम प्रणाली दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रही थी, जिसके कारण भारी बारिश हुई। राज्य के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई। ये सभी मौतें लखीमपुर खीरी, अमेठी और बाराबंकी जिलों में हुई।

100 से अधिक मकानों को नुकसान

अधिकारियों के अनुसार भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं से ग्रामीण इलाकों में खड़ी फसलों और राज्यभर में 100 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा। पिछले 24 घंटों में राज्य में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। झारखंड में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगीं। कुछ इलाकों में लोग घुटने तक भरे पानी से होकर गुजरते नजर आए। जबकि जलभराव वाली सड़कों पर कई वाहन फंस गए।

एक अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के कारण बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कम से कम छह उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें तीन आने वाली और तीन जाने वाली उड़ानें शामिल हैं। संबंधित जिला प्रशासन के आदेश के बाद रांची और जमशेदपुर समेत कई जिलों में स्कूल बंद रहे। पूर्वी सिंहभूम जिले में सुवर्णरेखा नदी खतरे के निशान से 2.02 मीटर ऊपर बह रही थी। जबकि खरकई नदी खतरे के निशान से 4.50 मीटर ऊपर बह रही थी। उन्होंने कहा कि रांची के हटिया और गेतलसूद बांधों में भी जलस्तर काफी बढ़ गया है।

चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित

उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में भारी बारिश के पूर्वानुमान के चलते चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किए जाने के बाद पांच जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह से ही भारी बारिश हो रही है। जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी हुई। अब तक राज्य में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई। जबकि शिमला और धर्मशाला समेत राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्यभर में 29 सितंबर तक लगातार बारिश का अनुमान जताया है। मौसम कार्यालय ने कहा कि मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहने का अनुमान है। जबकि मैदानी इलाकों, निचले और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में दो अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहेगा। देश के पूर्वी हिस्से में, दक्षिण बंगाल में बारिश की तीव्रता रविवार से कम होने का अनुमान है, क्योंकि वहां मौसम को प्रभावित करने वाली प्रणाली राज्य से दूर जा रही है। मौसम कार्यालय ने कहा कि रविवार से इस क्षेत्र के ज्यादातर इलाकों में मौसम काफी हद तक शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, कुछ एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है।

अरब सागर में भी तेज हवाएं

IMD ने दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर में सोमालिया तट और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र में 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं, चलने की संभावना जताई है।

क्यों हो रही है इतनी बारिश?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर और मध्य भारत में बारिश के पीछे सक्रिय मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं। एक निम्न दबाव क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। यह स्थिति ऐसे समय बनी है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कुछ हिस्सों से वापस लौटना शुरू कर चुका है। लेकिन उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में मानसून अभी पूरी तरह विदा नहीं हुआ है।

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मौसम से सावधान! MP और राजस्थान में लो-प्रेशर एरिया का सिस्टम एक्टिव, 10 सितंबर तक यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

India Weather Update: देश भर में इस वक्त अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है और मानसून अपना विकट रूप दिखा रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया है कि उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य भागों और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया का मौसमी सिस्टम बना हुआ है। इसके अगले दो दिनों तक लगभग स्थिर रहने की संभावना है। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पहाड़ी राज्यों समेत देश के बड़े हिस्से में 10 सितंबर तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 6 से 7 दिनों के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां धीमी बनी रहेंगी।

पिछले 24 घंटों की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में कई जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसमी सिस्टम के सीधे प्रभाव की वजह से मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश का जोर सबसे अधिक रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 4 और 5 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी भागों में 4 से 6 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी और 6 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 7 से 10 सितंबर के दौरान बारिश कुछ हद तक हल्की पड़ सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। वहीं छत्तीसगढ़ में 4 सितंबर और फिर 8 से 10 सितंबर के बीच भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

उत्तर भारत का मौसम: दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और पहाड़ी राज्यों में अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 और 5 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 6 सितंबर तक भारी बारिश के आसार बने रहेंगे। उत्तर प्रदेश में मानसून की चाल काफी मजबूत रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर के दौरान बारिश का दौर तेजी पकड़ेगा।

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड में 4 से 10 सितंबर तक पूरे हफ्ते गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश होगी। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 4 सितंबर को भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।

 

पूर्वी भारत और बिहार में 10 सितंबर तक कैसा रहेगा वेदर?

पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां कई राज्यों को भिगोएंगी। बिहार में 5, 6 और 10 सितंबर को भारी बारिश के साथ व्यापक स्तर पर गरज-चमक का अलर्ट दिया गया है जबकि 7 से 9 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। झारखंड में 9 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है और 8 से 10 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 से 8 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 सितंबर और 8-9 सितंबर को भारी बारिश के आसार हैं। ओडिशा में 9 और 10 सितंबर को बारिश का नया दौर शुरू होने का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 4 से 10 सितंबर के दौरान अच्छी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत का हाल

पूर्वोत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में अगले एक सप्ताह तक तेज मानसूनी बारिश बनी रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 सितंबर के दौरान भारी बारिश और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है। पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 4 से 10 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 4 सितंबर को गरज-चमक और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं।

दक्षिण भारत में तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कुल मिलाकर बारिश कुछ हद तक शांत रहेगी लेकिन तटीय इलाकों और अंदरूनी हिस्सों में तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 और 5 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना है। हवाओं की स्पीड बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4 से 6 सितंबर तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। तटीय कर्नाटक में 4 से 10 सितंबर तक अच्छी बारिश होगी जबकि लक्षद्वीप में 9 और 10 सितंबर को व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है।

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कल का मौसम: IMD ने इस इलाके में भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग दी, यूपी-बिहार संग कई राज्यों में 30 अगस्त को बारिश का तांडव

30 August Weather: देश के कई हिस्सों में मानसूनी आफत थमने का नाम नहीं ले रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने ओडिशा में भारी बारिश और बिगड़ते हालात को देखते हुए रेड कलर कैटेगरी की वॉर्निंग के तहत अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में 30 अगस्त को तेज बारिश और तूफानी मौसम का अलर्ट जारी किया गया है।

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ओडिशा में रेड अलर्ट: 30 अगस्त को आ सकती है आफत की बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 30 अगस्त को ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार से भी ज्यादा यानी अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा राज्य में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का भी अलर्ट है। पूर्वी भारत में बन रहे मौसमी तंत्र के असर से ओडिशा में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। इसको लेकर स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल में अति भारी बारिश की चेतावनी

ओडिशा के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी बादलों का तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल में बिजली कड़कने के साथ-साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

यूपी, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम

उत्तर भारत और मध्य भारत के राज्यों में भी 30 अगस्त को मूसलाधार बारिश की स्थिति बनी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं। बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पश्चिम मध्य प्रदेश में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 30 अगस्त को भारी बारिश के साथ गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

तटीय इलाकों और समुद्र में तेज हवाओं का खतरा

मौसम विभाग ने समुद्र और तटीय क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की है। अरब सागर के इलाकों में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कई हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

वहीं बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे इलाकों में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंकों में 65 किमी प्रति घंटे) की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाओं के साथ बिजली कड़कने का अलर्ट दिया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

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IMD Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून की चाल एक बार फिर से तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम को लेकर ताजा बुलेटिन जारी करते हुए चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र आकार ले रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल व उत्तर ओडिशा के तटों पर 29 अगस्त के आसपास एक और नया लो-प्रेशर एरिया बनने वाला है। इस नए सिस्टम के चलते ओडिशा में अति भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आफत की बारिश, पिछले 24 घंटों का हाल

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिम उत्तर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की गई है। वहीं उत्तराखंड, मेघालय, मिजोरम और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) हुई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-उत्तराखंड और हिमाचल में मूसलाधार बारिश का अनुमान

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का जोर बना रहेगा। उत्तराखंड में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक काफी बारिश की संभावना जताई गई है। इसमें 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 30 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान काफी बारिश और 31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

उत्तर प्रदेश के संदर्भ में पश्चिम यूपी में 28 अगस्त और 2 से 3 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में भी 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच व्यापक बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में मौसम विभाग ने काफी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अगस्त और 2 से 3 सितंबर के बीच मध्यम से तेज बारिश होगी। 28 अगस्त और 3 सितंबर को बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पश्चिम मध्य प्रदेश में 28 अगस्त और 2-3 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। विदर्भ क्षेत्र में भी 28 अगस्त और 2-3 सितंबर के दौरान झमाझम बारिश होने के आसार हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश और तूफानी हवाएं

पूर्वी भारत के राज्यों पर बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी तंत्र का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। ओडिशा में 28 से 31 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी जबकि 30 अगस्त को राज्य में कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 28 और 29 अगस्त को 50 से 60 किमी प्रति घंटे (जो बढ़कर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 28 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश के साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। बिहार में 28 अगस्त को आकाशीय बिजली चमकने और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी भी दी गई है। पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश और बिजली कड़कने की गतिविधियां जारी रहेंगी।

पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण-गोवा में बारिश, दक्षिण भारत में कमजोर रहेगा मानसून

पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 28 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान बारिश जारी रहने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो अगले एक हफ्ते के दौरान यहां मानसूनी गतिविधियां थोड़ी सुस्त रहने की संभावना है। हालांकि, तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 28-29 अगस्त और 2-3 सितंबर को अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई गई है।

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Heavy Rain Alerts: उत्तराखंड में अगले 24 घंटे बेहद भारी! स्कूल बंद…इन जिलों में हाई अलर्ट, जान लें IMD का लेटेस्ट अपडेट

Heavy Rain Alerts: राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय मानसून की बारिश देखने को मिल रही है। वहीं देश के पहाड़ी राज्यों में बारिश ने अपना रौद्र रूप भी दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड में अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश की गतिविधियां रात के समय और तेज हो सकती हैं और अगले दो दिनों तक इसका असर बना रह सकता है। 6 अगस्त को चमोली, बागेश्वर और देहरादून जिलों के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग ने 5 और 6 अगस्त के लिए कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि 7 से 10 अगस्त के बीच भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अन्य पहाड़ी जिलों और ऊधम सिंह नगर में भी कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

भारी बारिश का अलर्ट, स्कूलों की छुट्टी

देहरादून में रातभर हुई तेज बारिश के कारण टोंस नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बुधवार को सभी स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। देहरादून जिला प्रशासन ने बुधवार को सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। यह आदेश पहली से 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर लागू रहेगा।

अलर्ट पर रखे गए सभी विभाग

वहीं, उत्तराखंड सरकार ने सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। उन्होंने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और सभी जिला प्रशासन को अलर्ट रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के यात्रा न करें और मौसम विभाग व प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करें।

इन इलाकों में मौसम ने दिखाया रौद्र रूप

लगातार हो रही बारिश का असर उत्तराखंड के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में मदमहेश्वर धाम जाने वाले रास्ते पर मारकंडा नदी का अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे यात्रा प्रभावित हो गई है। सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, इसलिए फिलहाल लोग और स्थानीय निवासी नदी पार करने के लिए ट्रॉली की मदद ले रहे हैं। वहीं, मंगलवार रात हुई भारी बारिश के कारण कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी भी प्रभावित हुई। तेज बहाव वाली नदियों में कई वाहन फंस गए थे। हालांकि, सभी 20 पर्यटकों, गाइड और ड्राइवरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एहतियात के तौर पर ढेला और झिरना सफारी जोन को फिलहाल बंद कर दिया गया है।

कल 28 जुलाई को बारिश का तांडव: दिल्ली-UP समेत इन 12 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने बताया कहां-कहां रहेगा तूफानी मौसम

kal Ka Mausam 28 July: देश में इस वक्त कई इलाकों में तूफानी बारिश का दौर जारी है। असम से लेकर गुजरात और ओडिशा तक भारी बारिश ने आम जनजीवन को तबाह कर रखा है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में बारिश का और जोरदार रूप देखने को मिल सकता है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जुलाई के लिए अपना मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 28 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत देश के 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा देश के लगभग 15 से अधिक अन्य राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज अंधड़, आकाशीय बिजली और तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं की गंभीर चेतावनी दी गई है। आइए जानते हैं कि 28 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।

दिल्ली-UP समेत इन 12 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 28 जुलाई को देश के 12 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान जताया गया है:-

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी इलाकों में मूसलाधार से अति भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

उत्तर प्रदेश: राज्य के अलग अलग जिलों में तेज बादलों के जमावड़े के साथ बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड: पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भूस्खलन और जलभराव की आशंका के साथ अति भारी बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश: हिमाचल के कई हिस्सों में तेज मूसलाधार बारिश होने का पूर्वाकलन है।

पंजाब: पंजाब के अलग-अलग जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

छत्तीसगढ़: राज्य के कई इलाकों में मूसलाधार बरसात जारी रहेगी।

ओडिशा: तटीय व आंतरिक ओडिशा में भारी से बहुत भारी वर्षा होने के आसार हैं।

विदर्भ: महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य महाराष्ट्र: मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट इलाकों में मूसलाधार बारिश की संभावना है।

तटीय कर्नाटक: तटीय जिलों में अति भारी बारिश का दौर बना रहेगा।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक: राज्य के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार बारिश का पूर्वाकलन है।

इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 15 अन्य राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है:-

उत्तर व पश्चिम भारत: पूर्वी राजस्थान, गुजरात रीजन और कोंकण व गोवा के जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट है।

पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत: पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में मूसलाधार बारिश दर्ज हो सकती है।

दक्षिण भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे में भारी बारिश होने की संभावना है।

40-50 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं और वज्रपात की चेतावनी

28 जुलाई को कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ गरज-चमक, आंधी और तेज हवाओं का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, पूरे कर्नाटक, केरल व माहे और ओडिशा में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके और तेज) की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में आंधी और आकाशीय बिजली के साथ 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, झारखंड, पूरे महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में दिन के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में तेज हवाओं और उथल-पुथल को देखते हुए मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और मछुआरों के लिए अलर्ट जारी किया है। मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम व उत्तर अरब सागर के कुछ भागों और सोमालिया और ओमान तटों के पास 45-55 किमी/घंटा (झोंके 65 किमी/घंटा) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

दक्षिण गुजरात और कोंकण-गोवा तटों से लगे उत्तर-पूर्वी व पूर्व-मध्य अरब सागर में 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की गति से मौसम खराब रहेगा। पश्चिम बंगाल और ओडिशा तटों और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों में 55-65 किमी/घंटा (झोंके 75 किमी/घंटा) की बेहद भीषण तूफानी हवाएं चलेंगी।

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उत्तरी आंध्र प्रदेश तट, मध्य व उत्तर बंगाल की खाड़ी के हिस्सों और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45-55 किमी/घंटा (झोंके 65 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। अंडमान सागर, बांग्लादेश व म्यांमार तटों, उत्तर-पूर्वी, मध्य व दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी में 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा।