Delhi Weather: दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश, कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट! यहां जानिए मौसम पर क्या है अपडेट

Delhi-NCR Heavy Rain: दिल्ली एनसीआर में सावन के आखिरी सोमवार को अचानक मौसम का मिजाज एकदम बदल गया और कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश देखने को मिली। सुबह करीब 10:30 बजे ही काले बादलों की वजह से अंधेरा छा गया। इस भारी बारिश की वजह से पूरे एनसीआर में जगह जगह में जलभराव और ट्रैफिक को लेकर दिक्कतें दिखने लगी हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अलग-अलग इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा और अलर्ट

हमारी सहयोगी News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली, नई दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में आज दिन भर रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ-साथ अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक के साथ अचानक बारिश के स्पेल देखने को मिल सकते हैं।

नोएडा और गुरुग्राम में भी पूरे एनसीआर में फैले मानसूनी पैटर्न की वजह से इसी तरह का मौसम बना रहेगा। बारिश के चलते विजिबिलिटी में कमी आ सकती है और सड़कों पर ट्रैफिक की स्पीड स्लो रह सकती है।

तेज हवाओं के साथ दिल्ली के तापमान का हाल

मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है। अगर बीते 24 घंटों की बात करें तो सोमवार सुबह 8:30 बजे तक दिल्ली के विभिन्न सेंटरों पर हल्की बारिश दर्ज की गई थी। सफदरजंग में 3.4 मिमी, पालम में 10.6 मिमी और लोधी रोड पर 2.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

उत्तराखंड, ओडिशा और तेलंगाना समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने सोमवार को सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड, ओडिशा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है। खासकर ओडिशा में अत्यधिक तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है, जबकि कई दूसरे क्षेत्रों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के निवासियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम में होने वाले अचानक बदलावों के लिए तैयार रहें और बारिश के दौरान यात्रा करते समय खास सावधानी बरतें।

कल 28 जुलाई को बारिश का तांडव: दिल्ली-UP समेत इन 12 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने बताया कहां-कहां रहेगा तूफानी मौसम

kal Ka Mausam 28 July: देश में इस वक्त कई इलाकों में तूफानी बारिश का दौर जारी है। असम से लेकर गुजरात और ओडिशा तक भारी बारिश ने आम जनजीवन को तबाह कर रखा है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में बारिश का और जोरदार रूप देखने को मिल सकता है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जुलाई के लिए अपना मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 28 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत देश के 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा देश के लगभग 15 से अधिक अन्य राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज अंधड़, आकाशीय बिजली और तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं की गंभीर चेतावनी दी गई है। आइए जानते हैं कि 28 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।

दिल्ली-UP समेत इन 12 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 28 जुलाई को देश के 12 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान जताया गया है:-

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी इलाकों में मूसलाधार से अति भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

उत्तर प्रदेश: राज्य के अलग अलग जिलों में तेज बादलों के जमावड़े के साथ बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड: पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भूस्खलन और जलभराव की आशंका के साथ अति भारी बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश: हिमाचल के कई हिस्सों में तेज मूसलाधार बारिश होने का पूर्वाकलन है।

पंजाब: पंजाब के अलग-अलग जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

छत्तीसगढ़: राज्य के कई इलाकों में मूसलाधार बरसात जारी रहेगी।

ओडिशा: तटीय व आंतरिक ओडिशा में भारी से बहुत भारी वर्षा होने के आसार हैं।

विदर्भ: महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य महाराष्ट्र: मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट इलाकों में मूसलाधार बारिश की संभावना है।

तटीय कर्नाटक: तटीय जिलों में अति भारी बारिश का दौर बना रहेगा।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक: राज्य के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार बारिश का पूर्वाकलन है।

इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 15 अन्य राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है:-

उत्तर व पश्चिम भारत: पूर्वी राजस्थान, गुजरात रीजन और कोंकण व गोवा के जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट है।

पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत: पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में मूसलाधार बारिश दर्ज हो सकती है।

दक्षिण भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे में भारी बारिश होने की संभावना है।

40-50 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं और वज्रपात की चेतावनी

28 जुलाई को कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ गरज-चमक, आंधी और तेज हवाओं का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, पूरे कर्नाटक, केरल व माहे और ओडिशा में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके और तेज) की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में आंधी और आकाशीय बिजली के साथ 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, झारखंड, पूरे महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में दिन के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में तेज हवाओं और उथल-पुथल को देखते हुए मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और मछुआरों के लिए अलर्ट जारी किया है। मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम व उत्तर अरब सागर के कुछ भागों और सोमालिया और ओमान तटों के पास 45-55 किमी/घंटा (झोंके 65 किमी/घंटा) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

दक्षिण गुजरात और कोंकण-गोवा तटों से लगे उत्तर-पूर्वी व पूर्व-मध्य अरब सागर में 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की गति से मौसम खराब रहेगा। पश्चिम बंगाल और ओडिशा तटों और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों में 55-65 किमी/घंटा (झोंके 75 किमी/घंटा) की बेहद भीषण तूफानी हवाएं चलेंगी।

barishalert

उत्तरी आंध्र प्रदेश तट, मध्य व उत्तर बंगाल की खाड़ी के हिस्सों और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45-55 किमी/घंटा (झोंके 65 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। अंडमान सागर, बांग्लादेश व म्यांमार तटों, उत्तर-पूर्वी, मध्य व दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी में 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा।

IMD Heavy Rain Alert: पूरे भारत में पहुंचा मानसून! दिल्ली में आज होगी भारी बारिश, UP-उत्तराखंड में ‘रेड अलर्ट’, मुंबई में भी बरसेंगे बादल

Heavy Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार (10 जुलाई) के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अधिकांश इलाकों में बारिश की तीव्रता कम रहने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। IMD के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इसके प्रभाव से उत्तर, पूर्व, मध्य, पश्चिमी तटीय और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

पूरे देश में पहुंचा मानसून

IMD के अनुसार, 9 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों में भी प्रवेश कर लिया। इसके साथ ही मानसून ने पूरे भारत को कवर कर लिया है, जो सामान्य तारीख 8 जुलाई से एक दिन बाद हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत, उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाके, पश्चिमी तटीय क्षेत्र, प्रायद्वीपीय भारत और पश्चिमी हिमालयी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।

दिल्ली में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

IMD ने दिल्ली के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए शुक्रवार को भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 जुलाई की दोपहर और शाम के बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। IMD ने जलभराव, ट्रैफिक जाम, बिजली आपूर्ति बाधित होने, तेज हवाओं से कमजोर ढांचों को नुकसान और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी जताई है।

मुंबई में हल्की बारिश के आसार

मुंबई और महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को हल्की बारिश का अनुमान है। हालांकि, पुणे और सतारा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि रायगढ़, कोल्हापुर, बुलढाणा, अकोला, अमरावती, नागपुर, चंद्रपुर और गढ़चिरौली में येलो अलर्ट लागू रहेगा।

यूपी के कई जिलों में ‘रेड अलर्ट’

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इनमें मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, संभल और ज्योतिबा फुले नगर शामिल हैं। वहीं सीतापुर, हरदोई, बुलंदशहर, सहारनपुर, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और हापुड़ समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अन्य हिस्सों में येलो अलर्ट लागू है।

उत्तराखंड में भी ‘रेड अलर्ट’

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, ऊधम सिंह नगर, चंपावत और नैनीताल में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। आईएमडी ने बताया कि एक सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) और मध्य अक्षांशीय पश्चिमी हवाओं (Mid-Latitude Westerlies) के प्रभाव से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 10 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। लोगों को जलभराव, भूस्खलन और नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी

IMD ने कई राज्यों में बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान जताया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

साप्ताहिक बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान

हालांकि, कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। लेकिन आईएमडी का कहना है कि सप्ताहभर के दौरान देशभर में कुल वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है। विशेष रूप से इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में औसत बारिश सामान्य से कम रह सकती है। हालांकि स्थानीय स्तर पर भारी बारिश के दौर जारी रहेंगे।

पिछले सप्ताह कैसा रहा मौसम?

पिछले सप्ताह बंगाल की खाड़ी में बने इस सीजन के पहले डिप्रेशन के कारण ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। अब मानसून के पूरे देश में सक्रिय होने और कई मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में भी अधिकांश क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की आशंका है।

Delhi NCR Monsoon Watch: दिल्ली में मानसून एंट्री की नई डेट IMD ने बताई, 30 जून के भी पार जाएगा! जाने कब होगी मानसूनी बारिश की शुरुआत

Delhi-NCR Monsoon Watch: दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के लोगों को मानसून की फुहारों के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक दिल्ली में मानसून की एंट्री अपनी सामान्य तारीख से आगे बढ़ गई है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दिल्ली में मानसूनी बारिश की शुरुआत अब 30 जून के भी पार यानी अगले हफ्ते जुलाई के पहले सप्ताह में होने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक एक्सटेंडेड फोरकास्ट पीरियड के दूसरे सप्ताह यानी 2 जुलाई से 8 जुलाई के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो रही हैं। आइए जानते हैं कि मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR सहित देश के अन्य हिस्सों में मानसून की दस्तक और बारिश की शुरुआत को लेकर क्या नया अनुमान जारी किया है।

दिल्ली में क्यों हो रही है मानसून की एंट्री में देरी?

आमतौर पर दिल्ली में मानसून के दस्तक देने की सामान्य तारीख 30 जून के आसपास होती है। इस बार मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है। इस बार मानसून एंट्री की यह तारीख अब आगे खिसक कर जुलाई के पहले सप्ताह (2 से 8 जुलाई) में पहुंच गई है। मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान मौसमी परिस्थितियां उत्तर और मध्य भारत में लगातार नमी के प्रवाह और मानसूनी गतिविधियों को बनाए रखने के लिए पूरी तरह मददगार साबित हो रही हैं।

अगले हफ्ते (2 से 8 जुलाई) के बीच क्यों मजबूत होगा मानसून?

IMD ने अपने बुलेटिन में उन प्रमुख भौगोलिक और वायुमंडलीय बदलावों का जिक्र किया है, जो अगले हफ्ते मानसून को तेजी से आगे बढ़ाएंगे।

सोमाली जेट: निचले क्षोभमंडल स्तर पर सोमाली जेट के और मजबूत होने की संभावना है। इससे दक्षिणी अरब सागर में क्रॉस-इक्वेटोरियल फ्लो को बढ़ावा मिलेगा।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण: जुलाई के पहले सप्ताह में उत्तर बंगाल की खाड़ी के निचले से मध्य क्षोभमंडल स्तरों पर एक असामान्य चक्रवाती परिसंचरण विकसित होने की संभावना है।

पछुआ हवाओं का असर: देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य और प्रायद्वीपीय हिस्सों में निचले क्षोभमंडल स्तरों पर पछुआ हवाएं हावी रहेंगी।

दूसरी मौसमी प्रणालियां: सक्रिय बंगाल की खाड़ी का परिसंचरण, मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) का सहायक चरण, तिब्बती एंटीसाइक्लोन का अपनी सामान्य स्थिति में अधिक स्पष्ट होना और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत पर ईस्ट-वेस्ट शियर जोन का विकसित होना मानसून को आगे ले जाने में मदद करेगा।

दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत में कब से शुरू होगी बारिश?

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 2 जुलाई से 8 जुलाई के बीच देश के इस बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज ऐसा रहेगा।

दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली सहित उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में इस अवधि के दौरान छिटपुट से लेकर काफी व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और निचले क्षोभमंडल स्तर की पछुआ हवाओं के असर की वजह से जुलाई के पहले सप्ताह में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में कुछ दिनों के लिए अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

देश के अन्य राज्यों में मानसून की क्या है स्थिति?

फिलहाल दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है।

पहले सप्ताह का अनुमान: मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान सप्ताह में मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बचे हुए हिस्सों, झारखंड और बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।

दूसरे सप्ताह (2 से 8 जुलाई) का अनुमान: अगले हफ्ते परिस्थितियां और बेहतर होंगी। इससे मानसून मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के शेष बचे हुए हिस्सों में पूरी तरह प्रवेश कर जाएगा। इसके साथ ही जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में भी मानसून अपनी दस्तक दे देगा।

यह भी पढ़ें: India Mausam Today: IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश, 18 में आंधी-तूफान का अलर्ट का अलर्ट दिया, दिल्ली-NCR से बिहार तक आंधी-तूफान