देश के इस हिस्से में 22 अक्टूबर तक जारी रहेगा भारी बारिश का दौर, दिल्ली-यूपी और उत्तराखंड के लिए IMD ने दिया ये अलर्ट

Mausam Update: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद अब उत्तर-पूर्वी मानसून दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में पूरी तरह रंग दिखाने लगा है। मौसमी प्रणालियों के काफी मजबूत होने की वजह से दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार 16 अक्टूबर 2026 को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का यह दौर 22 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की संभावना है।

वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरणों की वजह से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु और तटीय कर्नाटक में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई है जबकि छत्तीसगढ़, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) रिकॉर्ड की गई।

दक्षिण भारत में 22 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों की सक्रियता की वजर से बारिश की गतिविधियां बेहद तेज हैं। अभी देश में अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। तटीय आंध्र प्रदेश से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है। इन मजबूत प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के अलग-अलग राज्यों में 22 अक्टूबर तक बारिश का प्रकोप बना रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 16 से 20 अक्टूबर के दौरान मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 21 और 22 अक्टूबर को भी भारी बारिश की गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी।

केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 से 22 अक्टूबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है, जिसमें दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 और 17 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 16 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश और 17 से 19 अक्टूबर के बीच भारी वर्षा का अलर्ट है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 16 से 18 अक्टूबर के दौरान और लक्षद्वीप में 20 से 22 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होगी। इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं भी चलती रहेंगी।

इन दक्षिणी राज्यों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर नजर डालें तो उत्तरी पंजाब पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके अलावा दक्षिणी हरियाणा, उत्तरी राजस्थान और गुजरात-राजस्थान सीमा के पास निचले स्तरों पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से आज 16 अक्टूबर को उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग ने आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने की गंभीर चेतावनी दी है। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में आज 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने का अनुमान जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भी आज छिटपुट जगहों पर बादलों की गर्जना, बिजली कड़कने और झोंकेदार हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 18 अक्टूबर तक और फिर 21-22 अक्टूबर को छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।

मध्य, पूर्वी भारत और तटीय इलाकों का हाल

मौसम विभाग के मुताबिक देश के पश्चिमी, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में इस पूरे सप्ताह कोई विशेष या गंभीर मौसमी गतिविधि देखने को नहीं मिलेगी और यहां मौसम मुख्य रूप से सामान्य बना रहेगा।

वहीं तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में आज 16 अक्टूबर को नमी और तापमान के असर से मौसम बेहद उमस भरा बना रहने का अनुमान जताया गया है।

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IMD Weather Update: दक्षिण भारत में दस्तक दे रहा पूर्वोत्तर मानसून, 14 से 19 अक्टूबर तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

North-East Monsoon 2026: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा और मौसमी बदलाव दर्ज किया जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के शेष हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अगले दो दिनों के दौरान इसके पूरी तरह पीछे हटने के साथ ही दक्षिण प्रायद्वीप में पूर्वोत्तर मानसून की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पूर्वोत्तर मानसून के आगमन के साथ ही दक्षिण भारत के कई राज्यों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का एक लंबा और व्यापक दौर शुरू होने वाला है।

पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है जबकि पूर्वी राजस्थान में छिटपुट जगहों पर ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आई हैं।

दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय, इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश का जोर काफी बढ़ गया है। श्रीलंका तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है जिससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली है। इसके अलावा दक्षिण अंडमान सागर पर भी एक चक्रवाती सिस्टम मौजूद है। इन प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के अलग अलग राज्यों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का कड़ा पहरा रहेगाय़ तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी और कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

केरल और माहे में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 18 अक्टूबर के दौरान और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के बीच भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा के कुछ हिस्सों में 14 से 18 अक्टूबर तक भारी बारिश का दौर चलेगा। तेलंगाना में भी 17 अक्टूबर को भारी वर्षा का अनुमान है। तमिलनाडु, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के तटीय इलाकों में 15 से 17 अक्टूबर के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

उत्तर-पश्चिम भारत और पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर

उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर नजर डालें तो उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू-कश्मीर पर तथा उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान पर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 13 से 15 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से बारिश और बर्फबारी होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 14 और 15 अक्टूबर को झमाझम बारिश के साथ-साथ 40 से 60 किमी/घंटे की गति से तेज आंधी और ओलावृष्टि होने की चेतावनी जारी की गई है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी 13 से 19 अक्टूबर के बीच रुक-रुक कर बारिश और 15 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि व आंधी का दौर रहेगा। राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 से 16 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बौछारें और तेज हवाएं चल सकती हैं।

मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत का मौसम हाल

मध्य भारत के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में 13 से 19 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी। पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 13 और 14 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी, जबकि ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों में 14 से 19 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 17 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा। पश्चिम भारत के कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश के साथ-साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

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बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया लो-प्रेशर सिस्टम! केरल, तमिलनाडु, यूपी, दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

IMD Weather Alert: देश के विभिन्न हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद देश के मौसम में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार 9 अक्टूबर की दोपहर जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के कई और हिस्सों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इस बीच बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) आकार लेने जा रहा है। इससे आने वाले दिनों में देश के समुद्री, पूर्वी और दक्षिणी इलाकों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। इसके साथ ही उत्तर भारत में बने चक्रवाती परिसंचरणों और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों के मौसम की बात करें तो तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम और नागालैंड में अलग-अलग स्थानों पर 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया लो-प्रेशर सिस्टम, अंडमान में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक थाईलैंड की खाड़ी पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके 11 अक्टूबर के आसपास अंडमान सागर में प्रवेश करने की संभावना है। इसके असर से 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। इस वजह से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 10 और 11 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी, जबकि 13 और 14 अक्टूबर को वहां मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

उत्तर भारत में बदलेगा मौसम: दिल्ली-NCR, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत के आसमान पर कई प्रणालियां एक साथ असर दिखा रही हैं। उत्तर पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश पर निचले क्षोभमंडल में चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10 से 12 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब में भी 10 से 12 अक्टूबर तक 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 अक्टूबर को आंधी और बिजली चमकने के साथ बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 10 व 11 अक्टूबर और पूर्वी राजस्थान में 10 अक्टूबर को झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को बारिश होगी और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। 10 अक्टूबर को भी राज्य में आंधी का असर रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 10 और 13 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।

केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में मन्नार की खाड़ी से उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इसके असर से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 9 और 10 अक्टूबर को भारी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 से 15 अक्टूबर तक व्यापक रूप से बारिश का सिलसिला बना रहेगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 अक्टूबर को भारी बारिश की प्रबल संभावना है।

केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में 9 और 10 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 9 से 13 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों का मौसम हाल

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी अलग-अलग परिसंचरण सक्रिय हैं। उत्तरी बांग्लादेश और पूर्वी असम के ऊपर निचले स्तर पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इसके प्रभाव से बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 9 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। झारखंड और ओडिशा में 9 और 10 अक्टूबर को आंधी का असर रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी और भारी बारिश हबो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

तटीय इलाकों में चिपचिपी गर्मी की मार

पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में आर्द्रता बढ़ने की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 9 और 10 अक्टूबर के दौरान तटीय कर्नाटक और महाराष्ट्र के कोंकण एवं गोवा क्षेत्र में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

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कल का मौसम: दिल्ली-NCR, पंजाब और यूपी में आंधी का अलर्ट! वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से 6 अक्टूबर को इन इलाकों में बदलेगा मौसम

Weather Update: देश भर में मानसून की औपचारिक विदाई के बीच एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम पर असर दिखाने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर के लिए जारी ताजा मौसम अलर्ट के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बदलने जा रहा है। 6 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी दी गई है। दूसरी ओर, दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों के असर से मूसलाधार बारिश का सिलसिला कल भी जारी रहने वाला है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के पहाड़ों में 50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

उत्तर भारत में एक्टिव हो रहे नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का सबसे ज्यादा असर मैदानी और पहाड़ी इलाकों के आसमान पर देखा जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक 6 अक्टूबर को दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (लद्दाख सहित) के अलग-अलग इलाकों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश (पूर्वी व पश्चिमी) और मध्य प्रदेश के विदर्भ व पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में भी बादलों की गर्जना और बिजली चमकने का अनुमान जताया गया है।

केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण भारत के राज्यों में चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाओं की वजह से बारिश का जोर बना हुआ है। 6 अक्टूबर को दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तीन राज्यों में भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। केरल और माहे में भारी बारिश हो सकती है। राज्य के दक्षिणी आंतरिक जिलों में गरज-चमक के साथ भारी पानी गिरने के आसार हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में तेज मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में 40 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम (उप-हिमालयी व गांगेय क्षेत्र) में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश के निचले और मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ छत्तीसगढ़, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी पृथक स्थानों पर बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।

कल का मौसम: 28 सितंबर को उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने यूपी से बिहार तक दी आंधी-तूफान की चेतावनी

IMD Weather Update: देश के अलग हिस्सों में मौसमी प्रणालियों के बने रहने से सोमवार 28 सितंबर को भी बारिश और तूफानी गतिविधियों का दौर जारी रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक सोमवार को उत्तराखंड, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की चेतावनी जारी की गई है।

उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक 28 सितंबर को उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। राज्य के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इसी तरह दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी कई जगहों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है।

अंडमान में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कवॉल का अलर्ट

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास बने मौसमी तंत्र के चलते वहां का मौसम बेहद खराब रहेगा। IMD ने चेतावनी दी है कि द्वीप समूह में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है, जिसके झोंके और तेज हो सकते हैं। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।

पूर्वोत्तर, हिमाचल और राजस्थान में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट है। असम व मेघालय, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, राजस्थान और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान के मैदानी इलाकों से लेकर हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों तक बादलों की आवाजाही और गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।

बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 40 किमी/घंटे की गति से आंधी का अनुमान

देश के मध्य और पूर्वी राज्यों में भी आंधी और बिजली गिरने का जोखिम बना हुआ है। आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा और तेलंगाना के विभिन्न जिलों में पृथक स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में अलग जगहों पर बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

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समुद्र में तूफानी हवाएं: मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

समुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं की वजह से स्थिति काफी प्रतिकूल बनी रहेगी। मौसम विभाग ने विभिन्न समुद्री क्षेत्रों के लिए हवा की गति और चेतावनी जारी की है। सोमालिया तट के पास और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

उत्तरी अंडमान सागर तथा दक्षिणी म्यांमार तट के आसपास 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है जहां झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं। उत्तरी म्यांमार तट और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकते हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न उतरने की सलाह दी है।

23 सितंबर की रात टकराएगा चक्रवाती दबाव, 12 घंटों में बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन बनेगा डीप डिप्रेशन! इन 8 राज्यों के लिए अलर्ट जारी

IMD Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती दबाव (डिप्रेशन) अब और ज्यादा खतरनाक रूप लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के एक विशेष बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना यह डिप्रेशन पिछले 6 घंटों के दौरान 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। आज सुबह 5:30 बजे यह डिप्रेशन अक्षांश 17.9°N और देशांतर 86.3°E के पास स्थित था। यह ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 220 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 220 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 230 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 320 किमी पूर्व में केंद्रित था।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह चक्रवाती दबाव और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच एक डीप डिप्रेशन के रूप में विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस मौसमी तंत्र के असर से देश के 8 राज्यों में भीषण बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

चक्रवाती दबाव के सीधे असर की वजह से ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश (यणम सहित) में मौसम सबसे ज्यादा बिगड़ेगा। ओडिशा में 22 सितंबर को ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं 23 और 24 सितंबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश होगी जबकि दक्षिणी ओडिशा में कुछ जगहों पर बहुत भारी और अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 25 सितंबर को भारी से बहुत भारी और 26 सितंबर को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी।

तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 सितंबर को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 23 और 24 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश व यणम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश, जबकि उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके बाद 25 सितंबर को भी तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है।

छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश का मौसम

इस चक्रवाती सिस्टम का असर मध्य भारत तक देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ में 22 सितंबर को भारी बारिश, 23 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 24 सितंबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। राज्य में 25 और 26 सितंबर को भी बहुत भारी बारिश जारी रहने का अलर्ट है। तेलंगाना में 22, 23 और 24 सितंबर को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 25 सितंबर को अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 और 24 सितंबर को भारी बारिश होगी, जो 25 और 26 सितंबर को और बढ़कर बहुत भारी बारिश में बदल सकती है। वहीं विदर्भ क्षेत्र में 23 से 26 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल पर भी असर

पूर्वी भारत के दूसरे राज्यों में झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल शामिल हैं, जहां इस चक्रवाती दबाव की वजह से लगातार बारिश होगी। झारखंड में 22 से 26 सितंबर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होगी। राज्य में 24 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक कई जगहों पर भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। यहां भी 24 सितंबर को अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

समुद्र में तूफानी हवाओं और तटीय इलाकों के लिए चेतावनी

बंगाल की खाड़ी में इस डिप्रेशन के कारण समुद्र की स्थिति बेहद उग्र और तूफानी बनी हुई है। वर्तमान में पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिनके झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रहे हैं। 22 सितंबर की शाम से हवा की गति बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) और 23 सितंबर से 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी प्रति घंटे (झोंके 75 किमी प्रति घंटे) तक पहुंचने की संभावना है।

उत्तर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों में 22 सितंबर की सुबह से 45 से 55 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल रही हैं, जो 23 सितंबर को बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) हो जाएंगी। तटीय इलाकों की बात करें तो दक्षिणी ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के तटों पर 22 सितंबर की तड़के से ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी मौसम शुरू हो चुका है। यह आज शाम से बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) और 23 सितंबर की तड़के से 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी प्रति घंटे (झोंके 75 किमी प्रति घंटे) तक पहुंच जाएगा, जिसके बाद धीरे-धीरे कमी आएगी।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश व यणम के तटीय इलाकों में 23 और 24 सितंबर के दौरान 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) की गति से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

कल का मौसम 20 सितंबर: रविवार को इन 7 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! झारखंड से बंगाल तक आंधी-तूफान, यहां चेक करिए वेदर अपडेट

IMD Weather Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार के लिए देश भर का विस्तृत मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 20 सितंबर को दक्षिण भारत, द्वीपीय क्षेत्रों और पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ रहेगा। रविवार को अंडमान और कर्नाटक समेत 7 प्रमुख राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि झारखंड और पश्चिम बंगाल से लेकर महाराष्ट्र और राजस्थान तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

रविवार को इन 7 राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के बुलेटिन के मुताबिक देश के 7 क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और अंडमान में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में आकाशीय बिजली चमकने और 40-50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अलर्ट है।

झारखंड से बंगाल और राजस्थान तक 30 से 40 kmph की हवाएं

देश के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी मौसम का असर दिखेगा, जहां थंडरस्टॉर्म के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ के अलावा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पृथक स्थानों पर तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है।

IMD Weather Alert IMD Weather Alert

पूर्वोत्तर भारत और मध्य भारत में बिजली कड़कने की चेतावनी

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में केवल गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, केरल व माहे, लक्षद्वीप के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

समुद्र और तटीय इलाकों के लिए चेतावनी

समुद्र में उठने वाली तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों और तटीय क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट से लगे और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। दक्षिणी श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

अंडमान सागर के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की गति से तूफानी मौसम रहेगा। दक्षिण म्यांमार तट के पास, अंडमान सागर, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी से लगे क्षेत्रों में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।

IMD मौसम अलर्ट: राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू, उधर बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन बनने से कई राज्यों में भारी बारिश के आसार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 सितंबर को देश भर के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। एक तरफ जहां देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो चुका है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भीषण बारिश और आंधी-तूफान का दौर देखने को मिलेगा।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की शुरुआत

सामान्य तिथि 17 सितंबर के मुकाबले, दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस लौट गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा पंजाब एवं सौराष्ट्र व कच्छ के कुछ भागों से मानसून की आगे वापसी के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा डीप डिप्रेशन: जानिए सिस्टम का पूरा ट्रैक

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी अंडमान सागर पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। 21 सितंबर तक यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में बदल जाएगा। 22 सितंबर को यह और मजबूत होकर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन का रूप ले लेगा। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए यह 23 सितंबर की सुबह तक दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पहुंचेगा।

पूर्वी भारत: ओडिशा में 23 और 24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

22 और 25 सितंबर को ओडिशा में बहुत भारी बारिश होगी। 23 और 24 सितंबर को ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 23 सितंबर को राज्य में 50-60 किमी/घंटे से लेकर 70 किमी/घंटे की गति से थंडरक्वाल आंधी चलने की संभावना है। 19 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 20 और 21 सितंबर को भारी बारिश होगी। 19 से 25 सितंबर तक 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक भारी बारिश होगी। झारखंड में 23 से 25 सितंबर और बिहार व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी तबाही के आसार

22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 21 और 22 सितंबर को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की गति से थंडरक्वाल आंधी चलेगी। 19 से 23 सितंबर तक तेज सतही हवाएं भी चलेंगी। तेलंगाना में 22 से 25 सितंबर के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 24 और 25 सितंबर को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की गति से आंधी-तूफान आएगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 19 से 21 सितंबर, केरल व माहे में 19-21 सितंबर और 24-25 सितंबर, तटीय व उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 20 से 25 सितंबर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 19 से 25 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान है।

मध्य और पश्चिम भारत का मौसम

छत्तीसगढ़ में 23 से 25 सितंबर और विदर्भ में 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश होगी। कोंकण और गोवा में 19 सितंबर तथा 22-23 सितंबर को भारी बारिश होगी। मध्य महाराष्ट्र में 21 से 23 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत

पूर्वी राजस्थान में 19 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 19 से 25 सितंबर तक; उत्तर प्रदेश में 19-20 और 23-25 सितंबर; तथा हिमाचल प्रदेश में 19 से 21 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

इसके अलावा सम व मेघालय में 23 से 25 सितंबरस नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 22 से 24 सितंबर और अरुणाचल प्रदेश में 25 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।

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कल का मौसम: 19 सितंबर को दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में बिगड़ेगा मौसम, इन 10 से अधिक राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 सितंबर के लिए देश भर का मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर को दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर के राज्यों और द्वीपीय क्षेत्रों में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। देश के 10 से भी अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है।

अंडमान में बहुत भारी बारिश, इन 10 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

IMD के 19 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, द्वीपीय इलाकों में अति भारी बारिश होगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, केरल व माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में भी अलग अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

बिहार, अंडमान और तमिलनाडु में 40 से 50 kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी

तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना में 30 से 40 kmph की हवाएं

देश के मध्य, पश्चिमी और पूर्वी इलाकों में भी तेज आंधी का असर दिखेगा। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग अलग जगहों पर गरज-चमक, बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

इन राज्यों में कड़केगी आकाशीय बिजली

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

समुद्री इलाकों के लिए चेतावनी: मछुआरों को अलर्ट

समुद्र में उठने वाली तेज तूफानी हवाओं को ध्यान में रखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरी सोमालिया तट से लगे और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

दक्षिणी श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की गति से तूफानी मौसम रहेगा। अंडमान सागर के बाकी हिस्सों और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

14 सितंबर का मौसम: गुजरात में बहुत भारी बारिश का अलर्ट! दिल्ली, पंजाब और तेलंगाना समेत इन राज्यों में भी होगी झमाझम बारिश

IMD Rain Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 सितंबर के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान और बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक पश्चिमी भारत के गुजरात में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। वहीं उत्तर भारत के दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दक्षिण भारत के तेलंगाना व केरल समेत देश के कई राज्यों में झमाझम बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और तटीय इलाकों में तूफानी स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की है।

गुजरात में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

14 सितंबर को गुजरात राज्य में बारिश का सबसे अधिक जोर रहेगा। मौसम विभाग ने जारी बुलेटिन में स्पष्ट किया है कि गुजरात के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही राज्य के कई हिस्सों में बादल गरजने और आकाशीय बिजली चमकने की प्रबल संभावना है।

दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना और MP समेत 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, पूर्वी राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और केरल व माहे के विभिन्न हिस्सों में भारी जलभराव और वर्षा के आसार हैं। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी पानी बरसने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, राजस्थान और दक्षिण भारत में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज तूफानी हवाओं का पूर्वानुमान जताया है। आंध्र प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

दिल्ली-NCR, बिहार, बंगाल और ओडिशा में बिजली कड़कने और आंधी का अनुमान

देश के विस्तृत हिस्सों में थंडरस्टॉर्म और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली हवाओं का असर रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, झारखंड, केरल व माहे, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

समुद्र में तूफानी हवाएं: गुजरात और महाराष्ट्र तटों के लिए मौसम विभाग की हिदायत

तटीय इलाकों और समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से स्थितियां प्रतिकूल बनी रहेंगी। उत्तर-पूर्वी अरब सागर से सटे गुजरात तट और पूर्व-मध्य अरब सागर से लगे उत्तरी महाराष्ट्र तट पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा, जहां हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

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सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। मौसम विभाग ने खराब समुद्री स्थिति को देखते हुए मछुआरों को तटीय क्षेत्रों और समंदर में जाने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।