Weather Forecast: साइक्लॉनिक सर्कुलेशन एक्टिव, इन राज्यों में 23 अक्टूबर तक होगी ताबड़तोड़ बारिश! IMD ने जारी किया अलर्ट

Weather Forecast: देश के मौसम में लगातार हो रहे बदलावों के बीच दक्षिण भारत के कई राज्यों में मानसून और मौसमी प्रणालियों का असर एक बार फिर आक्रामक हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर दक्षिण प्रायद्वीप तक कई स्थानों पर चक्रवाती परिसंचरण यानी साइक्लॉनिक सर्कुलेशन और ट्रफ रेखाएं एक्टिव हैं। इन मौसमी प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर आगामी 23 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान गोवा, तमिलनाडु और केरल में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हुई है, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

दक्षिण भारत में 23 अक्टूबर तक ताबड़तोड़ बारिश का अलर्ट

अभी उत्तर तमिलनाडु और उससे लगे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी लक्षद्वीप और दक्षिण-पूर्व राजस्थान से लेकर मध्य प्रदेश, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक कई ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इसके अलावा लक्षद्वीप से दक्षिण बंगाल की खाड़ी और कर्नाटक तट से कोमोरिन क्षेत्र तक ट्रफ रेखाएं फैली हुई हैं। इन मजबूत प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत में 23 अक्टूबर तक भारी बारिश का तांडव देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 17 से 23 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी। विशेष रूप से आज 17 अक्टूबर और 20 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 17 से 23 अक्टूबर तक लगातार भारी बारिश का दौर चलेगा। आज 17 अक्टूबर को तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी, जबकि तटीय कर्नाटक में 20 से 22 अक्टूबर के दौरान भी भारी बारिश का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में आज 17 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 18 से 21 अक्टूबर के दौरान भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान इन तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। दक्षिण भारत के इन हिस्सों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

पश्चिम भारत में गरज-चमक के साथ आंधी की चेतावनी

दक्षिण भारत के अलावा पश्चिम भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कोंकण और गोवा संग मराठवाड़ा में 17 से 19 अक्टूबर के दौरान जबकि मध्य महाराष्ट्र में 17 से 20 अक्टूबर के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज आंधी-तूफान, बिजली चमकने और छिटपुट बौछारें पड़ने की संभावना है। कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों में आज मौसम उमस भरा बना रह सकता है।

उत्तर, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम सामान्य

उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में इस पूरे सप्ताह किसी बड़े या गंभीर मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है। यहां मौसम मुख्य रूप से शांत और सामान्य बना रहेगा।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

समुद्र में लगातार बन रही मौसमी हलचल को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों और उससे लगे अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र में 17 से 19 अक्टूबर के दौरान समुद्र की स्थिति अशांत रह सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे इन तारीखों के दौरान समुद्र में उतरने से बचें।

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देश के इस हिस्से में 22 अक्टूबर तक जारी रहेगा भारी बारिश का दौर, दिल्ली-यूपी और उत्तराखंड के लिए IMD ने दिया ये अलर्ट

Mausam Update: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद अब उत्तर-पूर्वी मानसून दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में पूरी तरह रंग दिखाने लगा है। मौसमी प्रणालियों के काफी मजबूत होने की वजह से दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार 16 अक्टूबर 2026 को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का यह दौर 22 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की संभावना है।

वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरणों की वजह से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु और तटीय कर्नाटक में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई है जबकि छत्तीसगढ़, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) रिकॉर्ड की गई।

दक्षिण भारत में 22 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों की सक्रियता की वजर से बारिश की गतिविधियां बेहद तेज हैं। अभी देश में अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। तटीय आंध्र प्रदेश से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है। इन मजबूत प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के अलग-अलग राज्यों में 22 अक्टूबर तक बारिश का प्रकोप बना रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 16 से 20 अक्टूबर के दौरान मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 21 और 22 अक्टूबर को भी भारी बारिश की गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी।

केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 से 22 अक्टूबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है, जिसमें दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 और 17 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 16 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश और 17 से 19 अक्टूबर के बीच भारी वर्षा का अलर्ट है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 16 से 18 अक्टूबर के दौरान और लक्षद्वीप में 20 से 22 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होगी। इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं भी चलती रहेंगी।

इन दक्षिणी राज्यों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर नजर डालें तो उत्तरी पंजाब पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके अलावा दक्षिणी हरियाणा, उत्तरी राजस्थान और गुजरात-राजस्थान सीमा के पास निचले स्तरों पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से आज 16 अक्टूबर को उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग ने आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने की गंभीर चेतावनी दी है। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में आज 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने का अनुमान जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भी आज छिटपुट जगहों पर बादलों की गर्जना, बिजली कड़कने और झोंकेदार हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 18 अक्टूबर तक और फिर 21-22 अक्टूबर को छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।

मध्य, पूर्वी भारत और तटीय इलाकों का हाल

मौसम विभाग के मुताबिक देश के पश्चिमी, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में इस पूरे सप्ताह कोई विशेष या गंभीर मौसमी गतिविधि देखने को नहीं मिलेगी और यहां मौसम मुख्य रूप से सामान्य बना रहेगा।

वहीं तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में आज 16 अक्टूबर को नमी और तापमान के असर से मौसम बेहद उमस भरा बना रहने का अनुमान जताया गया है।

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