Weather Forecast: साइक्लॉनिक सर्कुलेशन एक्टिव, इन राज्यों में 23 अक्टूबर तक होगी ताबड़तोड़ बारिश! IMD ने जारी किया अलर्ट

Weather Forecast: देश के मौसम में लगातार हो रहे बदलावों के बीच दक्षिण भारत के कई राज्यों में मानसून और मौसमी प्रणालियों का असर एक बार फिर आक्रामक हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर दक्षिण प्रायद्वीप तक कई स्थानों पर चक्रवाती परिसंचरण यानी साइक्लॉनिक सर्कुलेशन और ट्रफ रेखाएं एक्टिव हैं। इन मौसमी प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर आगामी 23 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान गोवा, तमिलनाडु और केरल में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हुई है, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

दक्षिण भारत में 23 अक्टूबर तक ताबड़तोड़ बारिश का अलर्ट

अभी उत्तर तमिलनाडु और उससे लगे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी लक्षद्वीप और दक्षिण-पूर्व राजस्थान से लेकर मध्य प्रदेश, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक कई ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इसके अलावा लक्षद्वीप से दक्षिण बंगाल की खाड़ी और कर्नाटक तट से कोमोरिन क्षेत्र तक ट्रफ रेखाएं फैली हुई हैं। इन मजबूत प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत में 23 अक्टूबर तक भारी बारिश का तांडव देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 17 से 23 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी। विशेष रूप से आज 17 अक्टूबर और 20 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 17 से 23 अक्टूबर तक लगातार भारी बारिश का दौर चलेगा। आज 17 अक्टूबर को तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी, जबकि तटीय कर्नाटक में 20 से 22 अक्टूबर के दौरान भी भारी बारिश का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में आज 17 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 18 से 21 अक्टूबर के दौरान भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान इन तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। दक्षिण भारत के इन हिस्सों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

पश्चिम भारत में गरज-चमक के साथ आंधी की चेतावनी

दक्षिण भारत के अलावा पश्चिम भारत के राज्यों में भी मौसमी हलचल देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कोंकण और गोवा संग मराठवाड़ा में 17 से 19 अक्टूबर के दौरान जबकि मध्य महाराष्ट्र में 17 से 20 अक्टूबर के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज आंधी-तूफान, बिजली चमकने और छिटपुट बौछारें पड़ने की संभावना है। कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों में आज मौसम उमस भरा बना रह सकता है।

उत्तर, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम सामान्य

उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में इस पूरे सप्ताह किसी बड़े या गंभीर मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है। यहां मौसम मुख्य रूप से शांत और सामान्य बना रहेगा।

मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

समुद्र में लगातार बन रही मौसमी हलचल को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों और उससे लगे अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र में 17 से 19 अक्टूबर के दौरान समुद्र की स्थिति अशांत रह सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे इन तारीखों के दौरान समुद्र में उतरने से बचें।

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कल का मौसम 17 अक्टूबर: शनिवार को इन इलाकों में जमकर होगी बारिश, 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD ने दिया ये अलर्ट

Mausam Update: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अभी भी काफी कड़ा बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी मानसून के असर की वजह से दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक कल शनिवार 17 अक्टूबर को दक्षिण प्रायद्वीप के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का भी अनुमान जताया गया है। आइए जानते हैं कल 17 अक्टूबर को देश के अलग अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

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दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव जारी

दक्षिण प्रायद्वीप में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के चलते बारिश की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कल 17 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और आंध्र प्रदेश के अलग अलग जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़केगी। आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना के हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

देश के दूसरे हिस्सों में गरज-चमक और बादलों की आवाजाही

दक्षिण भारत के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी छिटपुट मौसमी हलचल देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। राहत की बात यह है कि पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य प्रणालियों का असर अब कमजोर पड़ने लगा है। इससे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत अधिकांश मैदानी राज्यों में मौसम मुख्यतः साफ या आंशिक रूप से बादल छाए रहने की स्थिति में लौट रहा है।

मछुआरों के लिए राहत की खबर

समुद्री और तटीय इलाकों में उठने वाले तूफानों को लेकर मौसम विभाग ने फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई है। समुद्र के भीतर किसी भी प्रकार की असाधारण या खतरनाक हलचल न होने की वजह से IMD ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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देश के इस हिस्से में 22 अक्टूबर तक जारी रहेगा भारी बारिश का दौर, दिल्ली-यूपी और उत्तराखंड के लिए IMD ने दिया ये अलर्ट

Mausam Update: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई के बाद अब उत्तर-पूर्वी मानसून दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में पूरी तरह रंग दिखाने लगा है। मौसमी प्रणालियों के काफी मजबूत होने की वजह से दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार 16 अक्टूबर 2026 को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का यह दौर 22 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की संभावना है।

वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरणों की वजह से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु और तटीय कर्नाटक में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई है जबकि छत्तीसगढ़, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) रिकॉर्ड की गई।

दक्षिण भारत में 22 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों की सक्रियता की वजर से बारिश की गतिविधियां बेहद तेज हैं। अभी देश में अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। तटीय आंध्र प्रदेश से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है। इन मजबूत प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के अलग-अलग राज्यों में 22 अक्टूबर तक बारिश का प्रकोप बना रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 16 से 20 अक्टूबर के दौरान मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 21 और 22 अक्टूबर को भी भारी बारिश की गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी।

केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 से 22 अक्टूबर तक लगातार भारी बारिश की संभावना है, जिसमें दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 और 17 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 16 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश और 17 से 19 अक्टूबर के बीच भारी वर्षा का अलर्ट है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 16 से 18 अक्टूबर के दौरान और लक्षद्वीप में 20 से 22 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होगी। इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं भी चलती रहेंगी।

इन दक्षिणी राज्यों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर नजर डालें तो उत्तरी पंजाब पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके अलावा दक्षिणी हरियाणा, उत्तरी राजस्थान और गुजरात-राजस्थान सीमा के पास निचले स्तरों पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से आज 16 अक्टूबर को उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग ने आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने की गंभीर चेतावनी दी है। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में आज 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने का अनुमान जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भी आज छिटपुट जगहों पर बादलों की गर्जना, बिजली कड़कने और झोंकेदार हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 18 अक्टूबर तक और फिर 21-22 अक्टूबर को छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।

मध्य, पूर्वी भारत और तटीय इलाकों का हाल

मौसम विभाग के मुताबिक देश के पश्चिमी, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में इस पूरे सप्ताह कोई विशेष या गंभीर मौसमी गतिविधि देखने को नहीं मिलेगी और यहां मौसम मुख्य रूप से सामान्य बना रहेगा।

वहीं तटीय इलाकों की बात करें तो कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में आज 16 अक्टूबर को नमी और तापमान के असर से मौसम बेहद उमस भरा बना रहने का अनुमान जताया गया है।

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Delhi Weather: दिल्ली में झमाझम बारिश से बदला मौसम, AQI 116 दर्ज; जानें अगले 6 दिन कैसा रहेगा हाल?

Delhi Weather: दिल्ली में हफ्ते की शुरुआत जोरदार बारिश के साथ हुई। सोमवार, 12 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में भारी बारिश और आंधी-तूफान का दौर चला। जिसे देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक आंधी-तूफ़ान जारी रहने की संभावना है।

IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, बारिश के इस दौर के बाद अगले छह दिनों तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश होने की संभावना कम है। हालांकि, अभी हो रही भारी बारिश के बावजूद, आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 12 अक्टूबर को सुबह 6 बजे दिल्ली के आनंद विहार में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगभग 116 था, जिसमें मुख्य प्रदूषक PM 10 की मात्रा सबसे ज्यादा रही।

बारिश की बात करें तो इससे इलाके में ठंडक बढ़ गई है और आसमान में बादल छाए रहने से मौसम में काफी बदलाव आया है। हालांकि, इस भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया है, खासकर करोल बाग के पास झंडेवालान मंदिर इलाके में।

13-17 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम?

रविवार शाम को जारी IMD के सात दिनों के मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 13 अक्टूबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं, 14 अक्टूबर को अधिकतम तापमान बढ़कर 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, 15 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। वहीं, 16 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। इन सभी दिनों में आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है।

इसके अलावा, 17 अक्टूबर की बात करें तो दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दिन भी आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है।

IMD  ने ट्रैफिक को लेकर दी चेतावनी

IMD ने ट्रैफिक में रुकावट की चेतावनी भी दी है और लोगों को सलाह दी है कि वे अपनी मंजिल के लिए निकलने से पहले ट्रैफिक जाम की स्थिति देख लें। इस दौरान गाड़ी दुर्घटनाओं की ज्यादा संभावना और निचले इलाकों में पानी भरने को लेकर लोगों के लिए चिंता जताई गई है। विभाग ने लोगों से ट्रैफिक से जुड़ी सलाह मानने और पानी भरने वाले इलाकों से बचने की अपील की है।

बता दें कि पिछले 24 घंटों में, IMD ने दिल्ली में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की, जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच स्थिर रहा। अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

गौरतलब है कि राजधानी में बारिश का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर लगातार पड़ रहा है, इसलिए लोगों से सतर्क रहने और मौसम में और बदलावों के लिए तैयार रहने की अपील की गई है।

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कल का मौसम: तमिलनाडु-केरल में बरसेंगे बादल, उत्तराखंड के 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी

Tomorrow Weather: देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने तमिलनाडु और केरल के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और कुछ उत्तरी राज्यों में भी बारिश हो सकती है, हालांकि यहां बारिश हल्की रहने का अनुमान है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के आठ जिलों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में अगले चार दिनों के दौरान मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलने की संभावना है।

इसके अलावा, उत्तराखंड के कुछ इलाकों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं, 4,200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी भी हो सकती है।

दिल्ली में बादल, यूपी में बारिश; हिमाचल से पंजाब तक आंधी-तूफान का अलर्ट

दिल्ली में 9 अक्टूबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है। राजधानी लखनऊ में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

हिमाचल प्रदेश में भी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। राज्य के कुछ हिस्सों में 11 अक्टूबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी बारिश और आंधी-तूफान आ सकता है। कुछ इलाकों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

वहीं, पंजाब के कुछ हिस्सों में रविवार तक आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चल सकती हैं।

दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर, कई राज्यों में गरज-चमक के आसार

इसके अलावा, आने वाले दिनों में दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। IMD के मुताबिक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं।

इन राज्यों से पीछे हट रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून

इस बीच, दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ हिस्सों से लगातार पीछे हट रहा है। आने वाले दिनों में मानसून की वापसी का असर मौसम में बदलाव के रूप में देखने को मिल सकता है।

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IND vs PAK Pitch Report: गोल्ड के लिए भिड़ेंगे भारत-पाकिस्तान, अगर रद्द हुआ मैच तो किस टीम को होगा फायदा? जानें सबकुछ

IND vs PAK Pitch Report: एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट में शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच धमाकेदार मुकाबला होने वाला है। दोनों टीमें निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में आमने-सामने होंगी। फाइनल से पहले भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराकर शानदार अंदाज में अपनी जगह पक्की की। वहीं पाकिस्तान ने बांग्लादेश को छह विकेट से मात देकर फाइनल का टिकट हासिल किया। वहीं अब दोनों टीमें गोल्ड मेडल के लिए एक दूसरे भिड़ेगी। वहीं इस महामुकाबले से पहले फैंस के मन में ये सवाल है कि क्वार्टरफाइनल मुकाबले की तरह फाइनल मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो जाएगा। वहीं अगर मैच रद्द होता है तो किस टीम को फायदा होगा।

भारत ने श्रीलंका को दी मात

भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराकर शानदार अंदाज में अपनी जगह पक्की की। पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने 20 ओवर में 169 रन बनाए और 7 विकेट गंवाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और सिर्फ 45 रन पर पूरी टीम आउट हो गई। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और अभिषेक शर्मा ने दो-दो विकेट लेकर श्रीलंका की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। वहीं पाकिस्तान ने बारिश से प्रभावित मुकाबले में बांग्लादेश को छह विकेट से मात देकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। अब एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक के लिए भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होंगे।

कैसा होगा मौसम

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एशियन गेम्स के फाइनल से पहले मौसम भी अहम भूमिका निभा सकता है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, मैच के दिन सुबह बारिश होने की संभावना करीब 62 प्रतिशत है, वहीं दोपहर तक इसके घटकर लगभग 25 प्रतिशत रहने का अनुमान है। तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जबकि आसमान में लगभग 37 प्रतिशत बादल छाए रहने की संभावना है। ऐसे में बारिश के कारण मुकाबले में रुकावट पड़ने की आशंका बनी हुई है और दोनों टीमों को मौसम की स्थिति पर भी नजर रखनी होगी।

बारिश से रद्द हुआ मैच तो किसे होगा फायदा

2023 के हांग्जो एशियन गेम्स में बारिश के कारण पुरुष क्रिकेट का फाइनल पूरा नहीं हो पाया था। इसके बाद भारत को अफगानिस्तान के खिलाफ विजेता घोषित किया गया था। लेकिन इस बार निशिन में नियम अलग हैं। अगर भारत और पाकिस्तान के बीच फाइनल बारिश की वजह से नहीं हो पाता या मैच का कोई नतीजा नहीं निकलता, तो किसी एक टीम को विजेता नहीं माना जाएगा। ऐसी स्थिति में दोनों टीमों को संयुक्त रूप से गोल्ड मेडल दिया जाएगा।

कैसी है निशिन की पिच

निशिन के मैदान की पिच बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं मानी जा रही है। यहां गेंद की गति धीमी रहने के साथ उछाल भी हर गेंद पर एक जैसा नहीं रहता, जिससे बल्लेबाजों को शॉट खेलने में परेशानी हो सकती है। पिच पर दरारें भी दिखाई दे रही हैं और ऐसे हालात में स्पिन गेंदबाजों को काफी मदद मिलने की उम्मीद है। इस मैदान पर आमतौर पर 135 से 145 रन के आसपास का स्कोर बनता है, इसलिए अच्छी गेंदबाजी करने वाली टीम के लिए इस तरह के लक्ष्य का बचाव करना संभव हो सकता है।

भारत और पाकिस्तान की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह

पाकिस्तान की संभावित प्लेइंग 11: साहिबज़ादा फरहान (कप्तान), सैम अयूब, उस्मान खान (विकेट कीपर), माज़ सदाकत, हसन नवाज, अब्दुल समद, अराफात मिन्हास, अहमद दानियाल, मोहम्मद वसीम जूनियर, अबरार अहमद, सुफ़यान मोकिम

El Nino effect: अल नीनो बढ़ा सकता है भारत का फूड बिल! चावल, अरहर दाल और खाद्य तेलों ने दिए महंगाई के संकेत

El Nino effect: भारत में खाद्य कीमतों को लेकर आने वाले महीनों में दबाव बढ़ने की आशंका है। देश की रोजमर्रा की खपत वाली प्रमुख खाद्य वस्तुओं में चावल, अरहर दाल और खाद्य तेलों की कीमतों में अलग-अलग रफ्तार से बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे समय में भारत El Nino की बढ़ती निगरानी के दौर में प्रवेश कर रहा है, जिससे अगर मौसम प्रतिकूल रहता है तो फसल उत्पादन और कमोडिटी सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, अभी ऐसा कोई सबूत नहीं है कि हाल में खाद्य कीमतों में आई तेजी सीधे El Nino की वजह से है। फिलहाल कीमतों की दिशा घरेलू उत्पादन, सरकारी नीतियों, भंडार और वैश्विक कमोडिटी बाजार जैसे कई कारकों पर निर्भर है।

सरकार ने El Nino को बताया जोखिम का कारण

केंद्र सरकार ने अपनी अगस्त 2026 की मासिक आर्थिक रिपोर्ट में El Nino को निगरानी योग्य कारक बताया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि लंबे समय तक El Nino की स्थिति रहने पर मानसून कमजोर या असमान हो सकता है। इसका असर फसल उत्पादन और खाद्य कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि El Nino और कृषि उत्पादन के बीच सीधा और एक-से-एक संबंध नहीं माना जा सकता।

सिंचाई, सरकारी खरीद, खाद्यान्न भंडार और जरूरत पड़ने पर आयात जैसे उपाय मौसम के झटकों का असर कम कर सकते हैं। भारत में किसी मौसम संबंधी घटना का असर केवल बारिश पर निर्भर नहीं करता। फसल की स्थिति, जलाशयों में पानी, सरकारी स्टॉक, खरीद व्यवस्था और आयात की क्षमता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

चावल और दालों की कीमतों में भारी तेजी

सरकार के मूल्य निगरानी आंकड़ों के मुताबिक, चावल की कीमत पिछले साल की तुलना में बढ़ी है। 29 सितंबर को थोक चावल की कीमत करीब ₹4,185 प्रति क्विंटल थी, जो एक साल पहले के मुकाबले लगभग 8.5 फीसदी अधिक है। खुदरा बाजार में भी चावल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दालों में भी अलग-अलग किस्मों की कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है।

अरहर या तूर दाल सितंबर के अंत में ₹125 प्रति किलो से अधिक पर बिक रही थी। अब इसकी कीमत करीब 8 फीसदी सालाना बढ़ी थी। उड़द की कीमत भी ऊपर रही। जबकि मूंग, मसूर और चना में साल-दर-साल अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, इन मौजूदा कीमतों को सीधे El Nino का असर मानना सही नहीं होगा। असली जोखिम आने वाले महीनों में सामने आ सकता है, खासकर अगर बारिश का पैटर्न या फसल उत्पादन प्रभावित होता है।

खाद्य तेलों की कीमतें बनीं चुनौती

खाद्य तेल भारत के लिए अलग तरह की चुनौती हैं, क्योंकि देश कच्चे पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के आयात पर काफी निर्भर है। वैश्विक कीमतों के असर को कम करने के लिए सरकार ने हाल में आयात शुल्क में कटौती की है। 24 सितंबर से कच्चे सोयाबीन और कच्चे पाम ऑयल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 10% से घटाकर 5% की गई।

  • कच्चे सूरजमुखी तेल पर ड्यूटी शून्य कर दी गई।
  • रिफाइंड सोयाबीन और पाम ऑयल पर ड्यूटी 32.5% से घटाकर 27.5% की गई।
  • रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर ड्यूटी 22.5% कर दी गई।
  • सरकार के मुताबिक, कम आयात शुल्क से खाद्य तेलों की लैंडेड कॉस्ट घट सकती है, जिससे खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। साथ ही घरेलू रिफाइनिंग को भी समर्थन मिल सकता है।
  • वित्त मंत्रालय की अगस्त रिपोर्ट में वैश्विक वेजिटेबल ऑयल कीमतों को महंगाई के संभावित जोखिमों में शामिल किया गया था। इसका एक कारण यह भी है कि पाम, सोयाबीन और रेपसीड जैसे तेलों का इस्तेमाल तेजी से बायोफ्यूल उत्पादन में हो रहा है।

El Nino से क्या बदलेगा?

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के अंत तक El Nino के बहुत मजबूत स्थिति में पहुंचने का अनुमान जताया गया है। El Nino प्रशांत क्षेत्र से काफी दूर तक बारिश और तापमान के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। हालांकि इसका असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग होता है।

भारत के लिए सबसे अहम सवाल यह नहीं है कि El Nino कितना मजबूत होगा। बल्कि यह है कि यह भारतीय मानसून, फसल चक्र और मौजूदा खाद्य-सप्लाई व्यवस्था के साथ किस तरह इंटरेक्ट करता है। WMO ने जलवायु जोखिमों से निपटने के लिए पहले से मिलने वाले मौसम पूर्वानुमानों के महत्व पर भी जोर दिया है। संगठन की ताजा चेतावनी में गर्मी, बाढ़ और सूखे के साथ खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले व्यापक असर का उल्लेख किया गया है।

सरकार के पास कई विकल्प मौजूद

भारत के पास खाद्य आपूर्ति को संभालने के लिए कई नीतिगत विकल्प मौजूद हैं। सरकारी खरीद और खाद्यान्न भंडार प्रमुख वस्तुओं की कमी के दौरान कीमतों को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर आयात के जरिए घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाई जा सकती है। खाद्य तेलों पर हालिया आयात शुल्क कटौती इसका एक उदाहरण है कि सरकार व्यापार नीति के जरिए घरेलू कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

RBI की भी रहेगी नजर

खाद्य कीमतों का असर देश की व्यापक महंगाई पर भी पड़ सकता है। Reuters की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत की खपत वाली वस्तुओं की टोकरी में महंगाई का दबाव व्यापक हुआ है और करीब आधी वस्तुओं की कीमतें सालाना आधार पर 4% या उससे अधिक बढ़ रही हैं, जबकि मार्च में यह हिस्सा करीब एक-तिहाई था। इसी अवधि में अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में करीब 8% की वृद्धि दर्ज की गई। ऐसे में RBI के लिए अहम सवाल यह होगा कि क्या मौसम से जुड़े बदलाव केवल कुछ खाद्य वस्तुओं तक सीमित रहते हैं या वे लगातार खाद्य महंगाई में बदलकर व्यापक कीमतों तक पहुंचते हैं।

अभी की तस्वीर क्या है?

फिलहाल भारत में खाद्य कीमतों की तस्वीर एकसमान तेजी वाली नहीं है। चावल और कुछ दालों की कीमतें पिछले साल की तुलना में ज्यादा हैं। जबकि खाद्य तेल वैश्विक सप्लाई और कीमतों से प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर, सरकार ने खाद्य तेलों के आयात शुल्क में कटौती जैसे कदम उठाए हैं। अब आने वाले कुछ महीने यह तय करने में अहम होंगे कि El Nino सिर्फ मौसम से जुड़ा जोखिम बना रहता है या भारत के खाद्य बिल और महंगाई पर इसका स्पष्ट असर दिखाई देने लगता है।

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कल का मौसम: 1 अक्टूबर को इन राज्यों में मूसलाधार! केरल, कर्नाटक से उत्तर-पूर्व तक भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

October 1 Weather: देश के मैदानी इलाकों से मानसूनी हवाओं की वापसी के बीच दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक गुरुवार 1 अक्टूबर को देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश, बादलों की गर्जना और तेज तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है।

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केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 1 अक्टूबर को दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भारी बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के चार राज्यों नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में पृथक स्थानों पर मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं।

केरल, तमिलनाडु और रायलसीमा में 50 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से आंधी और बिजली चमकने की गतिविधियां तीव्र रहेंगी। केरल व माहे, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक में थंडरस्टॉर्म का अनुमान

देश के दूसरे दक्षिण-तटीय और पूर्वी राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा में पृथक स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के साथ-साथ तटीय कर्नाटक में भी अलग अलग जगहों पर बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

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अंडमान से उठ रहा नया चक्रवाती सिस्टम, एमपी से दिल्ली-यूपी, बिहार 24 सितंबर तक इन राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 सितंबर को देश के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर एक नया मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके से 24 सितंबर तक देश के अधिकांश राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं।

अंडमान सागर में बनेगा लो प्रेशर, ओडिसा-आंध्र की तरफ बढ़ेगा सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तरी अंडमान सागर में उभरने की संभावना है। इसके असर से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इसके बाद यह धीरे-धीरे और मजबूत होकर अगले 3-4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों की ओर रुख करेगा। इसके अलावा उत्तरी गुजरात, सिक्किम और पूर्वी बांग्लादेश पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। वहीं, सिक्किम से उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक और मराठवाड़ा से दक्षिण-पूर्वी अरब सागर तक ट्रफ रेखाएं गुजर रही हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-एनसीआर का मौसम (18 से 24 सितंबर)

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 से 19 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 20 सितंबर तक हल्की से छिटपुट बारिश के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में 18 सितंबर को व्यापक बारिश होगी और बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 सितंबर को भी यहां भारी बारिश हो सकती है जबकि 19 से 22 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश जारी रहने की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 18 सितंबर और 23-24 सितंबर को छिटपुट बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 24 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

मध्य और पूर्वी भारत: एमपी, बिहार और ओडिशा का हाल

पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 19 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। 18 और 24 सितंबर को पश्चिम मध्य प्रदेश में तथा 24 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 18-19 सितंबर और 21-24 सितंबर तक जबकि छत्तीसगढ़ में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में 22 से 24 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

बिहार में 18 से 24 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश का अनुमान है जिसमें 18 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 19 व 24 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 23-24 सितंबर को भारी बारिश होगी। ओडिशा में 18-19 सितंबर और 22 सितंबर को भारी बारिश तथा 23-24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है।

18 सितंबर को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 और 24 सितंबर को तथा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 24 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। 18 सितंबर को असम-मेघालय में और 19-20 सितंबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में भारी बारिश का अलर्ट है। कोंकण और गोवा में 18 सितंबर तथा 21 से 24 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 18 सितंबर को तथा 20 से 22 सितंबर तक भारी वर्षा हो सकती है।

दक्षिण भारत: 40-50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

केरल व माहे और लक्षद्वीप में 18 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तटीय कर्नाटक में 20 से 24 सितंबर, आंतरिक कर्नाटक व तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर तक, केरल-माहे में 18-20 सितंबर व 24 सितंबर, तटीय व आंतरिक कर्नाटक में 20-24 सितंबर, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18-24 सितंबर, तटीय आंध्र प्रदेश में 18-20 सितंबर व 23-24 सितंबर और तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर के बीच 40 से 50 किमी/घंटे की गति से (झोंके 60 किमी/घंटे तक) तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा में 18 से 22 सितंबर तक तेज सतही हवाएं चलेंगी। केरल और माहे में 18 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

मछुआरों के लिए अलर्ट और समुद्री स्थिति

सोमालिया तट के पास और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 23 सितंबर तक तथा पश्चिम-मध्य अरब सागर में 18 सितंबर को मछुआरों को न जाने की सलाह दी गई है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के इलाकों में 23 सितंबर तक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 19 से 23 सितंबर तक और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी व म्यांमार तट के पास 21-22 सितंबर को तूफानी मौसम रहेगा।

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कल का मौसम: 18 सितंबर को बिहार, राजस्थान से तमिलनाडु तक भारी बारिश, 50 kmph तक तेज हवाओं की चेतावनी, इन राज्यों में अलर्ट जारी

IMD Mausam Bulletin: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर भारत के राजस्थान से लेकर पूर्व में बिहार, ओडिशा और दक्षिण भारत के तमिलनाडु व केरल तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

बिहार, राजस्थान, ओडिशा और तमिलनाडु समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 18 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग अलग जगहों स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर और पूर्व भारत की बात करें तो बिहार, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत और द्वीप समूह में तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल व माहे, लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग जगहों पर भारी पानी बरसने के आसार हैं।

अंडमान और तमिलनाडु में 40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण भारत और द्वीपीय इलाकों में आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में थंडरस्टॉर्म के साथ आकाशीय बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

बिहार, राजस्थान, गुजरात और बंगाल में 30 से 40 kmph की गति से चलेंगी हवाएं

देश के उत्तर-पश्चिमी, पूर्वी, मध्य और पश्चिमी राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और पश्चिम मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म, बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में अलग जगहों पर धरातल पर तेज सतही हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड, असम और केरल में बिजली कड़कने की आशंका, यहां गर्म व नम रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ दक्षिणी क्षेत्रों में बिजली चमकने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है। केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में 18 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

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समुद्री क्षेत्रों में तूफानी हलचल: मछुआरों के लिए अलर्ट

तटीय और समुद्री इलाकों में तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनकी स्पीड 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है।

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दक्षिण-पूर्व व दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, दक्षिणी श्रीलंका तट से लगे क्षेत्रों और दक्षिणी अंडमान सागर के इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा। इसके अलावा अंडमान सागर और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।