कल का मौसम 17 अक्टूबर: शनिवार को इन इलाकों में जमकर होगी बारिश, 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD ने दिया ये अलर्ट

Mausam Update: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अभी भी काफी कड़ा बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी मानसून के असर की वजह से दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक कल शनिवार 17 अक्टूबर को दक्षिण प्रायद्वीप के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का भी अनुमान जताया गया है। आइए जानते हैं कल 17 अक्टूबर को देश के अलग अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

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दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव जारी

दक्षिण प्रायद्वीप में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के चलते बारिश की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कल 17 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और आंध्र प्रदेश के अलग अलग जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़केगी। आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना के हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

देश के दूसरे हिस्सों में गरज-चमक और बादलों की आवाजाही

दक्षिण भारत के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी छिटपुट मौसमी हलचल देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। राहत की बात यह है कि पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य प्रणालियों का असर अब कमजोर पड़ने लगा है। इससे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत अधिकांश मैदानी राज्यों में मौसम मुख्यतः साफ या आंशिक रूप से बादल छाए रहने की स्थिति में लौट रहा है।

मछुआरों के लिए राहत की खबर

समुद्री और तटीय इलाकों में उठने वाले तूफानों को लेकर मौसम विभाग ने फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई है। समुद्र के भीतर किसी भी प्रकार की असाधारण या खतरनाक हलचल न होने की वजह से IMD ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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कल का मौसम 12 अक्टूबर: दिल्ली-NCR, पंजाब और छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान का अलर्ट, उत्तर से दक्षिण भारत तक ऐसा रहेगा वेदर

IMD Weather Alert: देश भर से मानसून की विदाई के बीच मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, सोमवार, 12 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चल सकती हैं। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं कैसा होगा आपके शहर का मौसम

इन राज्यों में चलेगी तेज हवाएं

12 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। यहां गरज के साथ बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की अलग से भी संभावना है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और केरल के साथ माहे में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घर में रहने और बिजली गिरने की आशंका वाले इलाकों में पेड़, खंभे और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। 12 से 15 अक्टूबर के बीच इन इलाकों में बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, वहीं कुछ जगहों पर हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। पश्चिमी यूपी में 11 से 16 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 11 अक्टूबर को पश्चिमी हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश होने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर में 13 और 15 अक्टूबर को बारिश के साथ बर्फबारी होने का अनुमान है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 14 और 15 अक्टूबर को कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

कल का मौसम 4 October: रविवार को इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी! IMD ने जारी किया ये अलर्ट

Weather forecast for October 4: मौसम विभाग ने कल यानी 4 अक्टूबर के लिए वेदर का लेटेस्ट बुलेटिन जारी कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। वहीं, तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट है।

IMD बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में कल बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। बता दें कि भारत में जून से सितंबर के बीच इस साल 87.4 प्रतिशत बारिश हुई है। यह 2001 के बाद मानसून के मौसम में चौथी सबसे कम बारिश है।

केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी

  • मौसम विभाग ने चार अक्टूबर को केरल एवं माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई है। बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।

तमिलनाडु में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

  • IMD के मुताबिक, रविवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और गरज के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
  • लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

आंध्र प्रदेश और केरल में भी आंधी-बारिश का अलर्ट

  • आंध्र प्रदेश तथा केरल और माहे में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • आंध्र प्रदेश में कुछ इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने की भी आशंका है।

पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली गिरने का खतरा

  • मौसम विभाग ने असम और मेघालय, साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है।
  • ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

कोंकण-गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम

  • दूसरी ओर, कोंकण और गोवा में कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है। दिन के समय उमस के कारण लोगों को परेशानी महसूस हो सकती है।
  • IMD की ओर से जारी बुलेटिन में मछुआरों के लिए किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

2001 के बाद मानसून के दौरान चौथी बार सबसे कम बारिश 

भारत में जून से सितंबर के बीच इस साल 87.4 प्रतिशत बारिश हुई, जो 2001 के बाद मानसून के मौसम में चौथी सबसे कम बारिश है। IMD ने अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा कि इस मानसून में बारिश की कमी का एक प्रमुख कारण प्रशांत क्षेत्र में जून में उभरी अल नीनो की स्थिति थी, जो उसके बाद से मजबूत होती गई। आईएमडी ने कहा कि फिलहाल अल नीनो की स्थिति मजबूत है। इसके मार्च 2027 तक बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून देश में 759.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जबकि सामान्य बारिश 868.6 मिलीमीटर होती है। यह सामान्य से 13 प्रतिशत कम है।

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IMD के महानिदेशक मौसम विज्ञान डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने एक बयान में कहा कि यदि कम दबाव की प्रणालियों के कारण अतिरिक्त बारिश नहीं हुई होती तो देश में बारिश की कमी और अधिक हो सकती थी। उन्होंने कहा कि इस मौसम में 14 कम दबाव की प्रणालियां बनीं और कुल 77 दिन कम दबाव की प्रणालियां सक्रिय रहीं। जबकि सामान्य तौर पर यह अवधि 57 दिन होती है। मानसून की वापसी के बारे में महापात्र ने कहा कि अब तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पूरी दिल्ली से मानसून की वापसी हो चुकी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट चुका है।

इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ओडिशा-केरल में मूसलाधार बारिश का खतरा! दिल्ली, यूपी और राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम

देशभर में मानसूनी मौसम की गतिविधियों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लेटेस्ट मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के अलग अलग क्षेत्रों में बने कई मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों और कम दबाव के क्षेत्रों की वजह से देश के कम से कम 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का संकट मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने ओडिशा और उत्तरी केरल के लिए अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा और गंगातटीय पश्चिम बंगाल में कम दबाव का क्षेत्र, रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश पर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला है। इसके असर से अगले 24 घंटों के दौरान गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है। इसके बाद यह मानसूनी ट्रफ के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा, झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

इस मौसमी तंत्र की वजह से पूर्वी भारत में व्यापक बारिश होगी। विशेष रूप से 7 अगस्त को ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही 7 अगस्त को गंगातटीय पश्चिम बंगाल में और 8 अगस्त को ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

दिल्ली, हरियाणा और यूपी में कम दबाव के क्षेत्र का असर

उत्तर-पश्चिम मध्य भारत में भी मौसमी चक्र काफी सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके असर से 7 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

7 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तथा 9 से 11 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में 7 और 8 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा दर्ज की जाएगी।

राजस्थान और मध्य भारत का मौसम पूर्वानुमान

राजस्थान और मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। 7 और 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना ह, जबकि 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी राजस्थान में 7 अगस्त को और 11 से 13 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भी तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 7 से 11 अगस्त के दौरान रुक-रुक कर भारी वर्षा होगी, वहीं विदर्भ में 7 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं।

केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश: उत्तरी केरल में आफत का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता बेहद खतरनाक स्तर पर है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 7 अगस्त को उत्तरी केरल में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा केरल और माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों के दौरान पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है। 7 से 8 अगस्त के दौरान तटीय और आंतरिक कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तेज सतह हवाएं चलेंगी।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत का हाल

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 7 से 13 अगस्त के दौरान लगभग रोजाना व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि उत्तराखंड में पूरे सप्ताह भारी बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 8 अगस्त और 11 से 13 अगस्त के बीच मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में पूरे सप्ताह यानी 7 से 13 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश, गरज-चमक और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बीते 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश का ब्योरा

मौसम विभाग के 24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और केरल में 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश हुई। वहीं असम, नागालैंड, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, कोंकण, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

कल का मौसम 13 जुलाई: पूर्वी यूपी, बिहार-बंगाल तक मूसलाधार बरसात, IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग 13 जुलाई के लिए देश का ताजा वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की अक्षीय रेखा इस समय श्री गंगानगर, हिसार, मेरठ, शाहजहाँपुर, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर दक्षिण असम तक जा रही है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी बिहार, दक्षिण बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम के प्रभाव से बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कुल 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 13 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है:

इन राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 13 जुलाई को तीन प्रमुख राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की भीषण गर्जना के साथ मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है:

  • बिहार
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • असम और मेघालय

इन इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और खराब मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पूर्वी यूपी और उत्तराखंड समेत इन 8 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसूनी हवाओं के चलते भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • ओडिशा
  • अरुणाचल प्रदेश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और बवंडर जैसी तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की आशंका है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर तेज गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ इलाकों में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश में लू और ओडिशा-तमिलनाडु में उमस का असर

एक तरफ जहां उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का दौर जारी है, वहीं दक्षिण और तटीय इलाकों में मौसम विपरीत रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लू की स्थिति बनी रहेगी। ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कुछ हिस्सों में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो सकती है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौसम का हाल

समंदर में उठने वाले तूफान और तेज हवाओं को लेकर मछुआरों को तटीय इलाकों में न जाने की चेतावनी दी गई है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्वी-मध्य, उत्तरी और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में, सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात के तटों पर 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 65 किमी/घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से सटे समुद्र और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी/घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

Monsoon Watch 4 July: अगले 4 दिनों में आक्रामक होकर इस ओर बढ़ेगा मानसून, IMD ने इन इलाकों में तूफानी बारिश का अलर्ट दिया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को जानकारी दी है कि अगले चार दिनों के भीतर मानसून आक्रामक रूप दिखाते हुए उत्तर अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कई अन्य हिस्सों को पूरी तरह कवर कर लेगा। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र बना हुआ है। इस मजबूत मौसमी सिस्टम के प्रभाव से अगले 4-5 दिनों के दौरान देश के मध्य भागों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के लगातार सक्रिय चरण में रहने की संभावना है। इसके कारण कई राज्यों में गरज-चमक, आंधी और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

इन 5 क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

आईएमडी के विशेष बुलेटिन के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में बादलों का रौद्र रूप दिखेगा जहां छिटपुट स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है-

  • कोंकण एवं गोवा और गुजरात क्षेत्र: 4 से 7 जुलाई के दौरान अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी।
  • मध्य महाराष्ट्र: 4 से 6 जुलाई के बीच रिकॉर्डतोड़ बारिश की संभावना।
  • सौराष्ट्र और ओडिशा: 4 और 5 जुलाई को छिटपुट इलाकों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट।
  • पश्चिम मध्य प्रदेश: 4 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली-हरियाणा में व्यापक बारिश, यूपी में भारी वर्षा

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 4-7 जुलाई और पूर्वी यूपी में 4-6 जुलाई के दौरान छिटपुट से बिखरी हुई बारिश होगी। इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जुलाई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 जुलाई के दौरान मौसम बदलेगा और व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 9-10 जुलाई और पूर्वी यूपी में 8-10 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है। 4 जुलाई और 7-8 जुलाई को दोनों क्षेत्रों में बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: इन क्षेत्रों में 4-5 जुलाई और 9-10 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी लेकिन 6 से 8 जुलाई के बीच व्यापक बारिश के साथ भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही 4-5 जुलाई को गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 5-9 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। यहां 4-7 जुलाई और 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 8 और 10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 4-10 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 4-6 जुलाई के बीच 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से धूलभरी आंधी चलेगी। ये 7-10 जुलाई को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में बदलेगी। पश्चिमी राजस्थान में 4 जुलाई और 6-8 जुलाई को भारी बारिश होगी।

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: दोनों राज्यों में 4 से 10 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। उत्तराखंड में 4 जुलाई और 6-10 जुलाई को भारी बारिश जबकि 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 4-5 जुलाई और 8-9 जुलाई को भारी बारिश जबकि 6-7 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख: यहां 4-5 जुलाई को छिटपुट और 6-9 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। पूरे हफ्ते (4-10 जुलाई) यहां 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है।

मध्य और पूर्वी भारत: एमपी में आफत की बारिश, झारखंड में कड़केगी बिजली

मध्य प्रदेश: पूरे राज्य में 4 से 10 जुलाई तक व्यापक बारिश का दौर चलेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 4 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 5-8 जुलाई तक बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4-8 जुलाई के बीच बहुत भारी और 9-10 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। दोनों हिस्सों में 4-8 जुलाई तक 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: दोनों क्षेत्रों में 4-10 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 4-5 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में 6-7 और 9-10 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

बिहार: बिहार में 4 से 10 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश होगी। हालांकि 6-7 जुलाई और 10 जुलाई को बिहार में भारी बारिश का अलर्ट है। 4-8 जुलाई के दौरान यहां 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी।

झारखंड: यहाँ 4-10 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 4 जुलाई को झारखंड में मध्यम से तीव्र बिजली गिरने का विशेष अलर्ट दिया गया है। यहां 5-7 जुलाई के बीच भारी बारिश और 4-8 जुलाई तक 40-50 किमी प्रति घंटे की आंधी चल सकती है।

पश्चिम बंगाल और ओडिशा: ओडिशा में 4-5 जुलाई को अत्यंत भारी, 6-7 जुलाई को बहुत भारी और 10 जुलाई को भारी बारिश होगी। गंगीय पश्चिम बंगाल में 4 व 6 जुलाई को भारी और 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है।

पश्चिमी भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में बाढ़ जैसे हालात

गुजरात, कोंकण और गोवा: कोंकण और गोवा में 4-10 जुलाई तथा गुजरात क्षेत्र में 4-8 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। सौराष्ट्र और कच्छ में 4-5 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 6 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र और मराठावाड़ा): मध्य महाराष्ट्र में 4-6 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश के बाद 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। मराठावाड़ा में 4-5 जुलाई को भारी बारिश और 4-6 जुलाई के दौरान तेज आंधी-बिजली (40-50 किमी प्रति घंटे की हवाएं) चलने का अलर्ट है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तेलंगाना में 50-60kmph का बवंडर

तेलंगाना: तेलंगाना में 4 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ़्तार से तीव्र थंडरस्कॉल चलने की चेतावनी दी गई है। यहां 4 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 5 जुलाई को भारी बारिश होगी।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 4-10 जुलाई तक बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 4 जुलाई और 7-8 जुलाई को तथा दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4-8 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। कर्नाटक के सभी हिस्सों में 4-7 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं और आंधी चलेगी।

केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु: केरल और माहे में 6-7 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 जुलाई को भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से आंधी का अलर्ट है। रायलसीमा में 4-10 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी।

उत्तर-पूर्व भारत: सातों राज्यों में भारी वर्षा

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश: असम और मेघालय में 7-9 जुलाई और अरुणाचल प्रदेश में 7-8 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 4 से 10 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी रहेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 4 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। इस पूरे हफ्ते (4-10 जुलाई) यहाँ भारी बारिश और 4-8 जुलाई के बीच गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।

भारी उमस और गर्मी की चेतावनी

बारिश के बीच कुछ राज्यों में भारी उमस लोगों को परेशान करेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 4 और 5 जुलाई को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है। असम और मेघालय में 4 से 7 जुलाई के दौरान लोगों को तीखी गर्मी और उमस भरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा।