बंगाल की खाड़ी में बना रहा ‘अर्नब’ चक्रवात? ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बंगाल में भारी बारिश-तूफान का खतरा, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना मौसम सिस्टम जल्द ही तटीय इलाकों में अपना असर दिखा सकता है। IMD के मुताबिक, यह सिस्टम लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके जल्द ही और मजबूत होने की संभावना है। इसके बाद यह डीप डिप्रेशन (गहरा दबाव) में बदल सकता है और आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट को पार कर सकता है।

इससे पहले सोमवार को मौसम विभाग ने बताया था कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन ‘डीप डिप्रेशन’ में बदल सकता है।

IMD ने कहा, “पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन पिछले 6 घंटों में 18 किमी/घंटा की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा और आज, 22 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे (IST) उसी इलाके में 17.9°N अक्षांश और 86.0°E देशांतर के पास केंद्रित था। यह गोपालपुर (ओडिशा) से लगभग 200 किमी दक्षिण-पूर्व, कलिंगपटनम (आंध्र प्रदेश) से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, पुरी (ओडिशा) से 210 किमी दक्षिण और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 290 किमी पूर्व में स्थित था।”

IMD ने आगे कहा, “इसके अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और पश्चिम-मध्य व उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गहरे डिप्रेशन (deep depression) में बदलने की बहुत संभावना है।” साथ ही, यह भी बताया गया कि इस सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने कहा कि इस सिस्टम के बुधवार रात और गुरुवार तड़के विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तटों को ‘डीप डिप्रेशन’ के रूप में पार करने की संभावना है।

इसका नाम ‘अर्नब’ कब रखा जाएगा?

उत्तरी हिंद महासागर में चक्रवाती तूफानों के नामों की सूची के अनुसार, इस क्षेत्र में बनने वाले अगले चक्रवात का नाम ‘अर्नब’ रखा जाएगा।

‘अर्नब’ का मतलब बंगाली भाषा में ‘समुद्र’ होता है। यह नाम बांग्लादेश ने दिया है। यह नाम विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से तैयार की गई क्षेत्रीय उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की नामकरण सूची में शामिल है।

आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम और विजयनगरम के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। 22-23 सितंबर को इन दोनों जिलों और पार्वतीपुरम मन्यम में कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, अल्लूरी सीताराम राजू, अनाकापल्ली और विशाखापत्तनम जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है, जबकि कई अन्य जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

23 और 24 सितंबर को श्रीकाकुलम, विजयनगरम, पार्वतीपुरम मान्यम और अल्लूरी सीताराम राजू में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, ईस्ट गोदावरी और एलुरु में भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है। सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। इसके अलावा पेड़ और बिजली के खंभे गिरने, बिजली-पानी की सप्लाई प्रभावित होने और नालियों के जाम होने का खतरा भी है। कुछ जगहों पर जलाशयों या बांधों के टूटने की आशंका भी जताई गई है।

प्रशासन ने लोगों को बेवजह बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही सड़क, रेल और हवाई यातायात को जरूरत के हिसाब से नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत और बचाव दलों के साथ बिजली और पानी विभागों को भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

यह मौसम संबंधी एडवाइजरी 22 सितंबर 2026 को दोपहर 1 बजे जारी की गई।

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Weather Update Friday: बिहार, ओडिशा, सिक्किम संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम

शुक्रवार, 18 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में तेज बारिश होने की संभावना है, वहीं कई जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने की स्थिति भी बन सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और ओडिशा में बारिश को लेकर खास तौर पर नजर रहेगी। दूसरी ओर दिल्ली-NCR में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है, लेकिन गर्मी के साथ आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। ऐसे में जानिए शुक्रवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

सिक्किम, पश्चिम बंगाल में तेज बारिश का असर

शुक्रवार को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। यहां 17 से 19 सितंबर के बीच गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। सिक्किम में इससे पहले भी काफी तेज बारिश हो चुकी है। गुरुवार सुबह तक पिछले 24 घंटे में मंगन में 22 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। ऐसे में आने वाले दिनों में भी यहां मौसम खराब रहने की संभावना बनी हुई है।

बिहार और ओडिशा में भी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत के बिहार और ओडिशा में भी शुक्रवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम में बदलाव के पीछे बने मौसमी सिस्टम का असर इन राज्यों में देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली कड़कने की स्थिति भी बन सकती है। इसके अलावा झारखंड समेत आसपास के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

दिल्ली-NCR में गर्मी के साथ छाए रहेंगे बादल

दिल्ली-NCR में शुक्रवार को मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहने की उम्मीद है। यहां आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन दिन के समय गर्मी महसूस हो सकती है। अधिकतम तापमान करीब 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। यानी दिल्ली वालों को फिलहाल तेज बारिश के बजाय गर्म और बादलों वाला मौसम देखने को मिल सकता है।

मुंबई और बेंगलुरु में भी हो सकती है बारिश

मुंबई और कोंकण-गोवा के कुछ हिस्सों में 18 और 19 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। गुजरात में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं बेंगलुरु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के दूसरे इलाकों में शुक्रवार को हल्की से छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली कड़कने की संभावना भी जताई गई है। इसके अलावा कई दूसरे राज्यों में भी हाल के दिनों में भारी बारिश दर्ज की गई है, इसलिए मौसम को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश का दौर और बदल सकता है। उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना मौसमी सिस्टम आगे बढ़कर उत्तरी अंडमान सागर के पास पहुंच सकता है। इसके असर से 19 सितंबर के आसपास अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत हो सकता है और अगले 3 से 4 दिनों में दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में इन इलाकों में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

वहीं, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए भी मौसम की स्थिति धीरे-धीरे अनुकूल हो रही है। यानी देश में कहीं बारिश का दौर जारी रह सकता है, तो कुछ हिस्सों में मॉनसून की विदाई की शुरुआत देखने को मिल सकती है।

कल का मौसम: 8 अगस्त को यूपी, उत्तराखंड संग 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, इन इलाकों में दिखेगा बरसात का ताडंव

इस वक्त दिल्ली-यूपी समेत देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश पड़ रही है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 अगस्त को देश के एक बड़े हिस्से में एक बार फिर मानसूनी बारिश का तांडव देखने की आशंका जताई है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों तक बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का दौर जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत करीब 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मानसून के पूरी तरह सक्रिय रहने के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।

पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में अति भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर बेहद भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है। इन इलाकों में मानसूनी तंत्र के बेहद मजबूत होने के कारण अचानक तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। बारिश के इस प्रचंड रूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही आम लोगों को भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की ताकीद की गई है।

यूपी, उत्तराखंड समेत 18 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान

देश के बाकी हिस्सों की बात करें तो 8 अगस्त को उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। इनके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बादल जमकर बरसेंगे। वहीं पश्चिमी भारत में कोंकण व गोवा तथा पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी भारत के झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ-साथ दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में भी भारी बारिश से स्थिति संवेदनशील बनी रह सकती है।

तेज हवाओं और बिजली चमकने का खतरा

बारिश के साथ-साथ देश के कई राज्यों में भीषण आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। इसके अलावा अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बालटिस्तान-मुज़फ्फराबाद, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी बादलों की गरज के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं और अरब सागर में मौसम खराब

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। इसके अतिरिक्त अरब सागर में मौसमी परिस्थितियां काफी प्रतिकूल रहेंगी। सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश भागों, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम व पूर्व-मध्य अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति पकड़ सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की स्पष्ट सलाह दी गई है

इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ओडिशा-केरल में मूसलाधार बारिश का खतरा! दिल्ली, यूपी और राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम

देशभर में मानसूनी मौसम की गतिविधियों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लेटेस्ट मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के अलग अलग क्षेत्रों में बने कई मजबूत चक्रवातीय प्रणालियों और कम दबाव के क्षेत्रों की वजह से देश के कम से कम 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश का संकट मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने ओडिशा और उत्तरी केरल के लिए अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

ओडिशा और गंगातटीय पश्चिम बंगाल में कम दबाव का क्षेत्र, रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश पर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला है। इसके असर से अगले 24 घंटों के दौरान गंगातटीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है। इसके बाद यह मानसूनी ट्रफ के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा, झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

इस मौसमी तंत्र की वजह से पूर्वी भारत में व्यापक बारिश होगी। विशेष रूप से 7 अगस्त को ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही 7 अगस्त को गंगातटीय पश्चिम बंगाल में और 8 अगस्त को ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा झारखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी।

दिल्ली, हरियाणा और यूपी में कम दबाव के क्षेत्र का असर

उत्तर-पश्चिम मध्य भारत में भी मौसमी चक्र काफी सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और इसके आसपास के क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके असर से 7 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के साथ-साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

7 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तथा 9 से 11 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 10 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में 7 और 8 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा दर्ज की जाएगी।

राजस्थान और मध्य भारत का मौसम पूर्वानुमान

राजस्थान और मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। 7 और 8 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना ह, जबकि 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी राजस्थान में 7 अगस्त को और 11 से 13 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भी तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 7 से 11 अगस्त के दौरान रुक-रुक कर भारी वर्षा होगी, वहीं विदर्भ में 7 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं।

केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश: उत्तरी केरल में आफत का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी हवाओं की तीव्रता बेहद खतरनाक स्तर पर है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 7 अगस्त को उत्तरी केरल में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा केरल और माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों के दौरान पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है। 7 से 8 अगस्त के दौरान तटीय और आंतरिक कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तेज सतह हवाएं चलेंगी।

पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत का हाल

पहाड़ी राज्यों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 7 से 13 अगस्त के दौरान लगभग रोजाना व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि उत्तराखंड में पूरे सप्ताह भारी बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने का जोखिम बना रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 8 अगस्त और 11 से 13 अगस्त के बीच मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में पूरे सप्ताह यानी 7 से 13 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश, गरज-चमक और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बीते 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश का ब्योरा

मौसम विभाग के 24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और केरल में 12 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश हुई। वहीं असम, नागालैंड, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, कोंकण, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

14 जुलाई Weather Update: बिहार-ओडिशा में बहुत भारी बारिश, IMD ने इन 10 राज्यों में दिया हैवी रेन का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले 24 घंटे कई राज्यों के लिए भारी पड़ सकते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 जुलाई के लिए ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए बिहार और ओडिशा में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है।

बिहार और ओडिशा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक 14 जुलाई को बिहार और ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें डूबने और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। लोगों को बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

इन 10 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 14 जुलाई को निम्न राज्यों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • पश्चिम बंगाल
  • सिक्किम
  • झारखंड
  • छत्तीसगढ़
  • नागालैंड
  • मणिपुर
  • मिजोरम
  • त्रिपुरा

इन राज्यों में कई जगह तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

इन राज्यों में चलेगी तेज हवा, गिर सकती है बिजली

आईएमडी के अनुसार बिहार, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की भी आशंका है।

उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल हल्की से मध्यम बारिश का दौर रहेगा, जबकि 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भी छिटपुट बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। मेघालय और असम के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।

मध्य और दक्षिण भारत का मौसम

छत्तीसगढ़ में 14 और 15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं मध्य प्रदेश और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर लू चलने की भी चेतावनी दी गई है, जबकि ओडिशा, तमिलनाडु और रायलसीमा में उमस भरा मौसम बना रह सकता है।

मछुआरों के लिए चेतावनी

आईएमडी ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। समुद्र में हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों। जिन इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है, वहां भूस्खलन और स्थानीय बाढ़ का खतरा बना रह सकता है।

कल का मौसम 13 जुलाई: पूर्वी यूपी, बिहार-बंगाल तक मूसलाधार बरसात, IMD ने इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग 13 जुलाई के लिए देश का ताजा वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की अक्षीय रेखा इस समय श्री गंगानगर, हिसार, मेरठ, शाहजहाँपुर, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर दक्षिण असम तक जा रही है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्वी बिहार, दक्षिण बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम के प्रभाव से बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कुल 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 13 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है:

इन राज्यों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 13 जुलाई को तीन प्रमुख राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की भीषण गर्जना के साथ मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है:

  • बिहार
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • असम और मेघालय

इन इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और खराब मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पूर्वी यूपी और उत्तराखंड समेत इन 8 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसूनी हवाओं के चलते भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • ओडिशा
  • अरुणाचल प्रदेश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और बवंडर जैसी तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की आशंका है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर तेज गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ इलाकों में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश में लू और ओडिशा-तमिलनाडु में उमस का असर

एक तरफ जहां उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का दौर जारी है, वहीं दक्षिण और तटीय इलाकों में मौसम विपरीत रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लू की स्थिति बनी रहेगी। ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कुछ हिस्सों में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो सकती है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौसम का हाल

समंदर में उठने वाले तूफान और तेज हवाओं को लेकर मछुआरों को तटीय इलाकों में न जाने की चेतावनी दी गई है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्वी-मध्य, उत्तरी और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में, सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात के तटों पर 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 65 किमी/घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से सटे समुद्र और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी/घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

India Weather Tomorrow 29 June: IMD ने इन 18 राज्यों में भारी बारिश और यूपी-बिहार समेत 25 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जून के लिए देश के मौसम का ताजा अनुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 29 जून को देश के 18 राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 25 राज्यों में तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ जाएगा। इसके बाद के 2-3 दिनों में यह हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के बचे हिस्सों को भी कवर कर लेगा।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में बहुत ही भीषण बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन क्षेत्रों में 28 और 29 जून को कई जगहों पर मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

29 जून को देश के तीन राज्यों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है-

अरुणाचल प्रदेश

  • असम और मेघालय (यहां 29-30 जून के दौरान अलग-अलग पॉकेट्स में बहुत भारी बारिश होगी)।
  • केरल और माहे (यहां भी 28 जून से 1 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है)।
  • बिहार-मध्य प्रदेश समेत इन 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश के 14 राज्यों/क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है-

  • पूर्वी और मध्य भारत: बिहार, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ।
  • पश्चिमी भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र।
  • दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।
  • पूर्वेत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।
  • यूपी, बिहार और दिल्ली समेत 25 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का तांडव
  • मौसम विभाग ने 29 जून को देश के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल व माहे, लक्षद्वीप और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने, बिजली कड़कने और झोंके आने की आशंका है।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं: उत्तराखंड, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

सिर्फ गरज-चमक और बिजली: छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बिजली चमकने और आंधी का अलर्ट है। इसके साथ ही तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की ओर से जारी 29 जून का पूरे देशभर का वेदर मैप

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दिल्ली, यूपी और बिहार में अभी जारी रहेगी लू

बारिश के अलर्ट के बीच उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में 29 जून भी सूरज के तेवर तल्ख रहेंगे।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग पॉकेट्स में 29 जून को लू की स्थिति बनी रहेगी। 30 जून से 2 जुलाई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट आएगी।

दिल्ली और बिहार: दिल्ली (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली) में 29 और 30 जून को भी लू की स्थिति रह सकती है। बिहार के कुछ हिस्सों में भी 29 जून को लू का प्रकोप देखने को मिलेगा।

उमस भरा मौसम: गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में 29 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने का अनुमान है।

IMD Heavy Rain Alert: आईएमडी ने असम-मेघालय और बंगाल समेत इन 27 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट दिया, 3 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

देश के बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम, मेघालय, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत देश के करीब 27 राज्यों में आने वाले दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में आगामी 3 जुलाई तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा और व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है।

वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

पूर्वोत्तर भारत और बंगाल-सिक्किम में आफत की बारिश, रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है:

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन क्षेत्रों में 27 से 29 जून के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इसके बाद 30 जून को भी यहां कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 1 से 3 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

  • असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों में 27 जून और फिर 29-30 जून को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। सबसे गंभीर स्थिति 28 जून को होने की संभावना है, जब असम और मेघालय में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 1 से 3 जुलाई तक भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी।
  • अरुणाचल प्रदेश: यहां 27 से 29 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 30 जून से 2 जुलाई तक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन चारों पूर्वोत्तर राज्यों में 27 जून से लेकर 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

बिहार, झारखंड और ओड़िशा समेत पूर्वी भारत का हाल

  • बिहार: बिहार में 27 और 28 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 29 और 30 जून को राज्य में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। 1 जुलाई को भी यहां भारी बारिश की संभावना है, जबकि 27 से 29 जून के दौरान आकाशीय बिजली चमकने और 30 जून से 1 जुलाई के बीच 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
  • ओडिशा: ओडिशा में 27 से 29 जून और फिर 2-3 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक 30 जून और 1 जुलाई को ओड़िशा में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल: इन दोनों राज्यों में 30 जून और 1 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 27 जून से 3 जुलाई तक तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: यहाँ 28 और 29 जून को भारी बारिश का अनुमान है। साथ ही 28 जून से 1 जुलाई के दौरान 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कॉल का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का पूर्वानुमान

  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 27 जून से 2 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है, जबकि 3 जुलाई को इन क्षेत्रों में व्यापक रूप से वर्षा हो सकती है। 1 से 3 जुलाई के दौरान इन राज्यों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अनुमान है।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तक छिटपुट बारिश और फिर 1 से 3 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 जून से 3 जुलाई तक बारिश का दौर देखा जाएगा, जिसके साथ 30 जून से 3 जुलाई के बीच 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है।
  • उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 30 जून से 3 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने का अनुमान है। उत्तराखंड में 30 जून से 3 जुलाई के बीच और जम्मू-कश्मीर में 2-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।
  • हिमाचल प्रदेश: यहां 1 से 3 जुलाई के बीच व्यापक बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 27 जून से 3 जुलाई तक बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

मध्य और पश्चिमी भारत में वर्षा का अलर्ट

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 27 जून और फिर 29-30 जून को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 और 29 जून को भारी बारिश हो सकती है जबकि 2 से 3 जुलाई के बीच यहां व्यापक बारिश का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ और विदर्भ दोनों ही क्षेत्रों में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

कोंकण और गोवा: यहाँ 27 जून से 3 जुलाई के दौरान लगातार व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है।

मध्य महाराष्ट्र और मारवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 27 जून को और फिर 1 से 3 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

गुजरात क्षेत्र: गुजरात क्षेत्र में 2 और 3 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम की स्थिति

तटीय कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों क्षेत्रों में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट है। तटीय कर्नाटक में इस दौरान तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

केरल और माहे: यहां 27 जून और फिर 30 जून से 3 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, 28 और 29 जून को केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 27 से 29 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

आंतरिक कर्नाटक: उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 2-3 जुलाई को और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 30 जून से 3 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 27-28 जून तथा 1-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। रायलसीमा में 27 जून को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

लक्षद्वीप: लक्षद्वीप में 28 और 29 जून को भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में भीषण लू की चेतावनी

बारिश के अलर्ट के बीच मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों तक भीषण गर्मी का अनुमान जताया है:

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 से 29 जून तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तक लू की स्थिति बनी रहेगी। इनमें से 27 और 28 जून को दोनों ही क्षेत्रों (पूर्वी और पश्चिमी यूपी) के अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू का प्रकोप रहने की आशंका है।

बिहार: बिहार के कुछ सीमित इलाकों में 27 और 28 जून को लू की स्थिति देखने को मिल सकती है। उमस भरा मौसम: झारखंड और ओड़िशा में 27 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।