Weather Alert: कमजोर पड़ा चक्रवात ‘मुरासु’, इन राज्यों में झमाझम बारिश के आसार; जानिए अपने इलाके का हाल

Weather Alert: कमजोर पड़ा चक्रवात 'मुरासु', इन राज्यों में झमाझम बारिश के आसार; जानिए अपने इलाके का हाल

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Weather Update 4 November : गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ अब कमजोर पड़कर डिप्रेशन (अवदाब) में तब्दील हो चुका है, जो वर्तमान में तटीय आंध्र प्रदेश और पूर्वी तेलंगाना के ऊपर केंद्रित है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 12 घंटों में इसके और कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। हालांकि, इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है, जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क बना हुआ है।

 

कमजोर हुआ ‘मुरासु’

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, तटीय आंध्र प्रदेश और उससे लगे पूर्वी तेलंगाना पर स्थित गहन अवदाब (गंभीर चक्रवाती तूफान मुरसू के अवशेष) पिछले 06 घंटों के दौरान लगभग 10 किमी/घंटा की गति से उत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ा, कमजोर होकर एक डिप्रेशन में बदल गया और भारतीय समयानुसार, आज सुबह 05:30 बजे पूर्वी तेलंगाना और उससे लगे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर 17.0° उत्तरी अक्षांश और 80.1° पूर्वी देशांतर के पास, नंदीगामा (आंध्र प्रदेश) से लगभग 30 किमी उत्तर-पश्चिम, खम्मम (तेलंगाना) से 30 किमी दक्षिण, विजयवाड़ा 

(आंध्र प्रदेश) से 80 किमी उत्तर-पश्चिम, नलगोंडा (तेलंगाना) से 90 किमी पूर्व और भद्राचलम (तेलंगाना) से 110 किमी दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित था।

 

इसके लगभग उत्तर की ओर आगे बढ़ते रहने तथा अगले 12 घंटों के दौरान इसके और कमजोर होकर एक स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र (वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया) में बदलने की पूरी संभावना है।

आंध्र प्रदेश में बारिश का दौर जारी

चक्रवाती तूफान मुरासु के असर से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। 

 

कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

देश के कई राज्यों में 4 नवंबर को बारिश होने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, लक्षद्वीप और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा में मौसम शुष्क रहेगा। यहां बारिश की कोई संभावना नहीं है। दिल्ली में भी आज मौसम साफ है।

 

पहाड़ी राज्यों में कैसा है मौसम?

मौसम विभाग ने जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश, बर्फबारी या तेज हवाओं को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है। ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का असर बना हुआ है। मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा।

 

Cyclone Murasu: डिप्रेशन में बदल जाएगा चक्रवात मुरासू! IMD ने इन राज्यों में 3 से 8 नवंबर तक भारी बारिश का अलर्ट दिया

Cyclone Murasu: चक्रवात मुरासू का असर दक्षिण भारत के कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासू मंगलवार 3 नवंबर को दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। इसके आधी रात तक डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। हालांकि इसके असर से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अगले कई दिनों तक बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और तेलंगाना में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं 4 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा तमिलनाडु, केरल और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 8 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है।

आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवात मुरासू, 110 किमी प्रति घंटे तक चली हवा

IMD के मुताबिक, चक्रवाती तूफान मुरासू मंगलवार सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। यह ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से गुजरा। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही जबकि कुछ समय के लिए हवा के झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे। मौसम विभाग का अनुमान है कि मुरासू उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके बाद इसकी ताकत धीरे-धीरे कम होगी। 3 नवंबर को दोपहर तक यह चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।

इसके बाद 3 नवंबर की आधी रात तक इसके डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। उस समय हवा की रफ्तार 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बेहद भारी बारिश का अलर्ट

मुरासू के असर से दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और उससे सटे तेलंगाना में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 4 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 3 नवंबर को रायलसीमा और दक्षिण ओडिशा में भारी बारिश की संभावना है। तेलंगाना में 3 और 4 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ जिलों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, तटीय आंध्र प्रदेश के कृष्णा, बापटला, प्रकाशम, SPSR नेल्लोर, गुंटूर, एलुरु, NTR, पलनाडु और पश्चिम गोदावरी जिलों में 3 नवंबर की दोपहर तक हवा की रफ्तार 85 से 95 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। झोंकों की रफ्तार 105 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। आधी रात तक हवा की रफ्तार घटकर 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। तेलंगाना के खम्मम, सूर्यापेट, नलगोंडा, नागरकुरनूल, वनापर्थी, महबूबाबाद, वारंगल, जंगांव, करीमनगर और भद्राद्री कोठागुडेम जिलों में 3 नवंबर की दोपहर तक 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। हवा के झोंके 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में 8 नवंबर तक बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 से 8 नवंबर के दौरान कई जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं केरल और माहे में 4 से 8 नवंबर तक कई इलाकों में बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 3 से 7 नवंबर के दौरान कुछ जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। केरल और माहे में 3 और 4 नवंबर के साथ 6 से 8 नवंबर के बीच 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक इलाकों में 4 और 5 नवंबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं तटीय कर्नाटक में 3 से 9 नवंबर के दौरान कुछ जगहों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 3 से 6 नवंबर तक कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का अलर्ट

मुरासू के असर और दूसरे मौसमी सिस्टम की वजह से ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का अनुमान है। ओडिशा में 3 और 4 नवंबर को कई जगहों पर बारिश हो सकती है। 3 नवंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। छत्तीसगढ़ में 4 और 5 नवंबर को कई जगहों पर बारिश का अनुमान है। 3 और 4 नवंबर को कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। मौसम विभाग ने 3 और 4 नवंबर को छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी भी दी है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 3 और 4 नवंबर को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 नवंबर को कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। विदर्भ में 3 से 5 नवंबर तक कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।

लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार में भी बदलेगा मौसम

मौसम विभाग ने लक्षद्वीप में 3 नवंबर और फिर 7 से 9 नवंबर के बीच बारिश का अनुमान जताया है। यहां 3 और 5 नवंबर को कुछ जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 3 से 9 नवंबर के दौरान कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। झारखंड में 3 और 4 नवंबर को कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में 3 नवंबर को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

समुद्र में ऊंची लहरें, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

चक्रवात मुरासू के असर से बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति खराब बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश के तट के पास 3 नवंबर की शाम तक समुद्र की स्थिति बहुत ऊंची से ऊंची बनी रह सकती है। इसके बाद 4 नवंबर की सुबह तक इसमें सुधार होने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी के तटों के पास 3 नवंबर की शाम तक समुद्र की स्थिति बहुत खराब से खराब रह सकती है। दक्षिण ओडिशा के तट और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास भी 3 नवंबर की शाम तक समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है।

कुल मिलाकर चक्रवात मुरासू के कमजोर होने के बावजूद दक्षिण भारत में अगले कई दिनों तक बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों का असर बना रह सकता है। IMD ने 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है जबकि तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 8 नवंबर तक बारिश का अनुमान जताया है।

Cyclone Murasu Updates: ‘अर्नब’ के बाद आंध्र में एक और चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का खतरा! 3 नवंबर को लैंडफॉल की आशंका, 120 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Cyclone Murasu Latest Update: चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से अभी आंध्र प्रदेश के कई इलाके पूरी तरह उबर भी नहीं पाए हैं कि बंगाल की खाड़ी में एक और शक्तिशाली तूफान ‘मुरासु’ बनने का खतरा मंडराने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना दबाव का क्षेत्र गहरे दबाव (Deep Depression) में बदल चुका है। इसके 1 नवंबर की रात तक चक्रवाती तूफान और 2 नवंबर तक गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह तूफान 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच दस्तक दे सकता है।

इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। इसके प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में दस्तक दी थी। उस समय तट पर पहुंचने के दौरान हवा की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा थी।

कब देगा दस्तक?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, “संभावित चक्रवाती तूफान में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। इस दौरान हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। यह मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है।” आईएमडी ने बुलेटिन में कहा है कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा अंडमान सागर के ऊपर बना अवदाब का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा और 31 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर उसी क्षेत्र में दबाव में बदल गया।

बुलेटिन के अनुसार, इसके अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने की बहुत अधिक आशंका है। बयान में कहा गया है कि इसके बाद के 12 घंटों के दौरान यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और तीव्र होकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। बुलेटिन में बताया गया कि इसके दो नवंबर की शाम तक दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों से होते हुए आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंचने की आशंका है।

बंगाल की खाड़ी में कैसे बना नया तूफान?

IMD के 1 नवंबर 2026 की सुबह जारी बुलेटिन के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए गहरे दबाव में बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 नवंबर की सुबह 5:30 बजे यह सिस्टम लगभग 11.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 86.4 डिग्री पूर्वी देशांतर पर केंद्रित था। यह सिस्टम लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इसके 1 नवंबर की रात तक चक्रवाती तूफान और 2 नवंबर को गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।

क्यों रखा जाएगा तूफान का नाम ‘मुरासु’?

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा यह सिस्टम चक्रवाती तूफान बनने पर ‘मुरासु’ (Murasu) के नाम से जाना जाएगा। यह नाम भारत की ओर से सुझाया गया है। तमिल भाषा में मुरासु का अर्थ नगाड़ा या ढोल होता है। अभी मौसम विभाग इसे गहरे दबाव के रूप में दर्ज कर रहा है। चक्रवाती तूफान का दर्जा मिलने के बाद ही इसका नाम ‘मुरासु’ होगा।

3 नवंबर को कहां टकराएगा तूफान?

इस तूफान को लेकर सबसे बड़ी चिंता इसके संभावित लैंडफॉल को लेकर है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम 3 नवंबर की सुबह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में टकरा सकता है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, लैंडफॉल की सटीक जगह और समय में बदलाव संभव है।

भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवात मुरासु का असर केवल समुद्र तटीय इलाकों तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। इसके प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के अनुसार, आज यानी 1 नवंबर को कृष्णा, गुंटूर, बापटला, प्रकाशम, मार्कापुरम और नेल्लोर जिलों में मध्यम से भारी बारिश की आशंका है।

इसके अलावा 2 नवंबर को एलुरु, पश्चिम गोदावरी, एनटीआर, कृष्णा, गुंटूर, बापटला, पलनाडु, प्रकाशम, मार्कापुरम, नेल्लोर और तिरुपति जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इस दौरान पूर्वी गोदावरी, कोनसीमा, नांदयाल, कडप्पा, अन्नमय्या और चित्तूर में भी भारी बारिश हो सकती है। जबकि तीन नवंबर को विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली, विजयनगरम, कुरनूल, नांदयाल, कडप्पा, अन्नमय्या, नेल्लोर, चित्तूर और तिरुपति के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की आशंका है।

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

चक्रवात के आगे बढ़ने के साथ बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब होने की आशंका है। मौसम विभाग ने समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी दी है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मछुआरों को बुधवार तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। समुद्र में जाने पर प्रतिबंध का उद्देश्य मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

चक्रवात ‘अर्नब’ के बाद फिर संकट में आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश के लिए यह नई मौसमी चुनौती इसलिए भी गंभीर है क्योंकि राज्य अभी पिछले चक्रवात ‘अर्नब’ से हुए नुकसान से उबर रहा है। 28 अक्टूबर 2026 को चक्रवात ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय इलाकों को प्रभावित किया था। इसके कारण कई क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। अब नए चक्रवात की आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

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खासकर उन इलाकों में राहत और बचाव की तैयारियों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है, जहां पहले ही बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला था। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मौसम विभाग तूफान की दिशा, गति और तीव्रता पर लगातार नजर रख रहे हैं। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती तटीय जिलों में संभावित भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्री परिस्थितियों से निपटने की है।

बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन! ओडिशा-आंध्र प्रदेश समेत 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन! ओडिशा-आंध्र प्रदेश समेत 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

deep depression in bay of bengal

बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन डीप डिप्रेशन में बदल गया है। इसके चक्रवाती तूफान अर्नब में बदलने और 23 सितंबर की रात उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को पार कर सकता है। डीप डिप्रेशन की वजह से ओडिसा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत 20 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ALSO READ: Top News 23 September: बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन, मध्य प्रदेश में नो यूपीआई डे, क्रूड के दाम गिरे

 

ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश

ओडिशा के तटीय और दक्षिणी हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश के चलते ओडिशा में ODRAF टीमें तैनात की गई हैं। समुद्र में मछुआरों के जाने पर रोक और पुरी में समुद्र स्नान पर प्रतिबंध लगाया गया है। राज्य के 7 जिलों में 24 सितंबर तक शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया गया है, जबकि सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें ड्यूटी पर लौटने को कहा गया है। 

 

आईएमडी ने 23 और 24 सितंबर को कोरापुट, गजपति और गंजाम में रेड अलर्ट जारी किया है। यहां 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। 24 और 25 सितंबर के लिए कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण ओडिशा में 23 और 24 सितंबर को बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। 25 और 26 सितंबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है।

राजस्थान से मानसून की विदाई

उत्तर पश्चिम भारत से दक्षिण पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून लौटने लगा है और अगले 3-4 दिनों में राज्य के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 23 से 25 सितंबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। ALSO READ: अभी खत्म नहीं हुआ मानसून! लौट आया बारिश का दौर, 24 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

 

दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR के लिए फिलहाल कोई अलर्ट नहीं जारी किया है। यहां बुधवार को मौसम सामान्य तौर पर सूखा रहने का अनुमान है। आसमान साफ रहने से दिन के तापमान में ज्यादा राहत नहीं मिलेगी और अधिकतम तापमान करीब 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

बंगाल की खाड़ी में बना रहा ‘अर्नब’ चक्रवात? ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बंगाल में भारी बारिश-तूफान का खतरा, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना मौसम सिस्टम जल्द ही तटीय इलाकों में अपना असर दिखा सकता है। IMD के मुताबिक, यह सिस्टम लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके जल्द ही और मजबूत होने की संभावना है। इसके बाद यह डीप डिप्रेशन (गहरा दबाव) में बदल सकता है और आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट को पार कर सकता है।

इससे पहले सोमवार को मौसम विभाग ने बताया था कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन ‘डीप डिप्रेशन’ में बदल सकता है।

IMD ने कहा, “पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन पिछले 6 घंटों में 18 किमी/घंटा की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा और आज, 22 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे (IST) उसी इलाके में 17.9°N अक्षांश और 86.0°E देशांतर के पास केंद्रित था। यह गोपालपुर (ओडिशा) से लगभग 200 किमी दक्षिण-पूर्व, कलिंगपटनम (आंध्र प्रदेश) से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, पुरी (ओडिशा) से 210 किमी दक्षिण और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 290 किमी पूर्व में स्थित था।”

IMD ने आगे कहा, “इसके अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और पश्चिम-मध्य व उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गहरे डिप्रेशन (deep depression) में बदलने की बहुत संभावना है।” साथ ही, यह भी बताया गया कि इस सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने कहा कि इस सिस्टम के बुधवार रात और गुरुवार तड़के विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तटों को ‘डीप डिप्रेशन’ के रूप में पार करने की संभावना है।

इसका नाम ‘अर्नब’ कब रखा जाएगा?

उत्तरी हिंद महासागर में चक्रवाती तूफानों के नामों की सूची के अनुसार, इस क्षेत्र में बनने वाले अगले चक्रवात का नाम ‘अर्नब’ रखा जाएगा।

‘अर्नब’ का मतलब बंगाली भाषा में ‘समुद्र’ होता है। यह नाम बांग्लादेश ने दिया है। यह नाम विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से तैयार की गई क्षेत्रीय उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की नामकरण सूची में शामिल है।

आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम और विजयनगरम के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। 22-23 सितंबर को इन दोनों जिलों और पार्वतीपुरम मन्यम में कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, अल्लूरी सीताराम राजू, अनाकापल्ली और विशाखापत्तनम जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है, जबकि कई अन्य जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

23 और 24 सितंबर को श्रीकाकुलम, विजयनगरम, पार्वतीपुरम मान्यम और अल्लूरी सीताराम राजू में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, ईस्ट गोदावरी और एलुरु में भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है। सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। इसके अलावा पेड़ और बिजली के खंभे गिरने, बिजली-पानी की सप्लाई प्रभावित होने और नालियों के जाम होने का खतरा भी है। कुछ जगहों पर जलाशयों या बांधों के टूटने की आशंका भी जताई गई है।

प्रशासन ने लोगों को बेवजह बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही सड़क, रेल और हवाई यातायात को जरूरत के हिसाब से नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत और बचाव दलों के साथ बिजली और पानी विभागों को भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

यह मौसम संबंधी एडवाइजरी 22 सितंबर 2026 को दोपहर 1 बजे जारी की गई।

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IMD Rain Forecast: बंगाल की खाड़ी में बढ़ा खतरा! 12 घंटे में डीप डिप्रेशन से 4 राज्यों में बेहद भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में भी बिगड़ेगा मौसम

India Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम ने देश के कई राज्यों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के मौसम बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटी पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र 21 सितंबर की शाम 5:30 बजे डिप्रेशन (चक्रवाती दबाव) में बदल गया था। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और 22 सितंबर की सुबह 8:30 बजे यह ओडिशा के गोपालपुर से करीब 200 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 210 किमी दक्षिण, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 290 किमी पूर्व में केंद्रित था।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह डिप्रेशन और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस सिस्टम के असर से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट: ओडिशा से तेलंगाना तक संकट

चक्रवाती दबाव के सीधे प्रभाव से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मूसलाधार और तूफानी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। ओडिशा में 22 से 24 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। 25 सितंबर को बहुत भारी और 22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी। इसके साथ ही 22 से 24 सितंबर तक राज्य में 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से थंडरस्कवॉल चलने का भी अलर्ट है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 और 23 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश होगी। 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 22, 23 और 25 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। 23 और 24 सितंबर को यहां 50 से 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल चलने की आशंका है।

इसी तरह छत्तीसगढ़ में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। राज्य में 22 से 24 सितंबर और 27 सितंबर को भारी बारिश तथा 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तेलंगाना में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 22, 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 23 व 24 सितंबर को 50 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।

मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड और बिहार का मौसम

चक्रवाती दबाव की वजह से मध्य भारत और पूर्वी भारत के राज्यों में भी वर्षा की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 22 से 27 सितंबर तक और छत्तीसगढ़ में 22 से 28 सितंबर तक काफी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24 सितंबर को, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 25 सितंबर को और बिहार में 24 व 25 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। झारखंड में 22 सितंबर को मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में बारिश व बिजली का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 28 सितंबर को भारी बारिश होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 25 व 27 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 28 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान के शेष हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों से अगले 2 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम और मेघालय में 23 सितंबर को काफी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 22 और 23 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का हाल

पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मराठवाड़ा में 22 और 23 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 22 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 22 एवं 23 सितंबर को और मराठवाड़ा में 22 से 25 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। 24 और 25 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के केरल व माहे में 23 से 25 सितंबर, तटीय कर्नाटक में 24 सितंबर, उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 सितंबर तथा रायलसीमा में 22 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट और मछुआरों के लिए सख्त निर्देश

समुद्र में मौसमी गतिविधियों के कारण स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है। पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 22 सितंबर की शाम से हवा की गति 50-60 किमी/घंटे से बढ़कर 23 और 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) तक पहुंच जाएगी।

दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 22 सितंबर की शाम से हवाएं 50-60 किमी/घंटे और 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक 55-65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) की गति से चलेंगी।

पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 23 और 24 सितंबर को 45 से 55 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी। इस दौरान बंगाल की खाड़ी के विभिन्न हिस्सों और आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी।

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डीप डिप्रेशन संग 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 7 दिनों तक यूपी समेत 25+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, तूफानी रहेगा मौसम

Heavy Rain Alert: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तटों पर बना डिप्रेशन अब और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक यह मौसमी सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए बालासोर और कैनिंग के बीच पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तटों को पार कर रहा है। इसके असर से देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले सात दिनों (27 जुलाई से 2 अगस्त) तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और तूफानी हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य महाराष्ट्र में 21 सेमी से अधिक की अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा में अति भारी बारिश (12-20 सेमी) और हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात रीजन, कोंकण-गोवा व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड हुई है।

  • उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का पूर्वानुमान
  • उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
  • उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 30 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। पूरे हफ्ते गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।
  • हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान मूसलाधार से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई और 1 से 2 अगस्त को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होगी।
  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख: 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई और 1 से 2 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। इस पूरे क्षेत्र में 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जुलाई, 29 जुलाई और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। 27 से 29 जुलाई और 1 से 2 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अनुमान है। 27 जुलाई, 30 जुलाई और 1 से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।
  • हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: इन क्षेत्रों में 28 से 31 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी, जिसमें 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जुलाई और 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28-29 जुलाई और 1-2 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। 28 जुलाई से 2 अगस्त के बीच 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान तेज हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में 27 जुलाई से 2 अगस्त के बीच मानसून का मजबूत असर दिखाई देगा।

  • छत्तीसगढ़: 27 और 28 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 29 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश: 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।
  • विदर्भ: 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग अलर्ट, बंगाल-बिहार में मूसलाधार

डीप डिप्रेशन का सबसे सीधा प्रभाव पूर्वी भारत के तटीय और मैदानी क्षेत्रों पर पड़ रहा है।

ओडिशा: 27 जुलाई को ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होगी। 27 जुलाई को ही 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश होगी, जबकि 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड: 27 जुलाई को दोनों राज्यों में अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को बंगाल में 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी।

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 2 अगस्त तक रोजाना भारी बारिश होने के आसार हैं।
  • बिहार: 27 जुलाई और 29-30 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 29 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।
  • पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी से अति भारी बारिश
  • कोंकण और गोवा: 27 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
  • मध्य महाराष्ट्र: 27, 28, 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 27 जुलाई और 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अति भारी बारिश होने का अनुमान है। 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र व कच्छ में 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: अंधड़ और तेज सतही हवाओं की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 27 जुलाई को 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है। 27 से 29 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है। 27 और 28 जुलाई को इस क्षेत्र में उमस भरी गर्मी बनी रहेगी।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश और 31 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। 27 से 31 जुलाई के दौरान कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

केरल और माहे: 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। 27 और 28 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चल सकती हैं।

तेलंगाना और तमिलनाडु: तेलंगाना में 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। दोनों क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

मौसम अलर्ट: अगले 7 दिन भारी बारिश की आशंका! कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात का खतरा, इन 26 राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने डिप्रेशन की वजह से अगले सात दिनों तक देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके 27 जुलाई की दोपहर तक पाराद्वीप और सागर द्वीप के बीच ओडिशा और पश्चिम बंगाल तटों को पार करने की संभावना है।

मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों (26 जुलाई से 1 अगस्त 2026) के दौरान देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने की आशंका है।

पिछले 24 घंटों का हाल: ओडिशा में 33 सेमी रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा में रिकॉर्ड तोड़ अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा के जगतसिंहपुर में 33 सेमी बारिश दर्ज की गई। छत्तीसगढ़, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात और तटीय कर्नाटक के इलाकों में भारी बारिश हुई है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और असम में भी काफी भारी बारिश देखने को मिली है।

जानिए आपके राज्य में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम? (क्षेत्रवार और राज्यवार पूर्वानुमान)

1- पूर्वी भारत: ओडिशा और बंगाल पर सबसे ज्यादा खतरा

ओडिशा: डिप्रेशन के सीधे असर के चलते 26 और 27 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश और 29 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। तटीय इलाकों में 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

गंगेटिक पश्चिम बंगाल: 26 और 27 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 26 से 28 जुलाई के दौरान 40-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 1 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

झारखंड: 26 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 30 किमी/घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

बिहार: 26 से 29 जुलाई के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

2- मध्य भारत: छत्तीसगढ़ में बाढ़ की आशंका, एमपी-विदर्भ में अलर्ट

छत्तीसगढ़: 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 26 और 28 जुलाई को भी अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 29-30 जुलाई को अति भारी बारिश, जबकि 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26 से 30 जुलाई के दौरान दोनों हिस्सों में 50 किमी/घंटे तक की रफ्तार से आंधी-तूफान चल सकता है।

विदर्भ (महाराष्ट्र): 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26, 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

3- उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का हाल

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा।

हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26-27 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। 26 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त तक भी बारिश का अलर्ट है।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: 28 और 29 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में अति भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं 27 जुलाई और 30-31 जुलाई को भारी बारिश होने के आसार हैं।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश की संभावना है। 31 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 से 30 जुलाई के बीच अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई, 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 29 से 31 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है।

4- पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी बारिश

कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र: 26 और 27 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 28 से 31 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होती रहेगी। मध्य महाराष्ट्र में 28-30 जुलाई को तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 31 जुलाई और 1 अगस्त को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26-27 जुलाई और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

5- उत्तर-पूर्व भारत: पूर्वोत्तर के राज्यों में भी आफत

असम और मेघालय: 29 जुलाई को अत्यंत भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। 26-28 जुलाई और 30-31 जुलाई को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 26 से 28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश: 27 से 31 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।

6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में अंधड़ की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 26 और 27 जुलाई को 70 किमी/घंटे तक की रफ्तार से ‘थंडरस्क्वॉल’ (तेज अंधड़ और तूफान) की चेतावनी दी गई है। 26 से 29 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है।

केरल, माहे और तटीय कर्नाटक: केरल में 26 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 26 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक भाग: इन क्षेत्रों में 26 से 30 जुलाई के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की संभावना है।

IMD की सलाह

मौसम विभाग ने ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और तटीय राज्यों के जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव, नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी इलाकों (हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर) में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों व स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की हिदायत दी गई है। मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।