LIVE: दिल्ली में झमाझम, भारी बारिश का रेड अलर्ट

LIVE: दिल्ली में झमाझम, भारी बारिश का रेड अलर्ट

delhi rain

Latest News Today Live Updates in Hindi : दिल्ली में भारी बारिश से राजधानी के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने आज यहां भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया। पल पल की जानकारी। 

-भारी बारिश से राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया।
-मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से गैंगटिक वेस्ट बंगाल से मॉनसून का एक सिस्टम बना है। वहीं, उत्तर भारत में कम दबाव का क्षेत्र बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर समेत अन्य स्थानें में आंधी के साथ तेज बारिश हुई।

Weather Update : 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों में लैंडस्लाइड का खतरा; मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह

Weather Update 24 August : उत्तर भारत में भले ही मानसून कुछ कमजोर पड़ गया है, लेकिन जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड मूसलाधार बारिश कहर बरपा रही है। मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में ज्यादातर नदियां उफान पर हैं और बाढ़ से हाल बेहाल है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम एक्टिव होने से देश के लगभग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले 4-5 दिन भारी बारिश हो सकती है। ALSO READ: त्योहारों से पहले प्याज ने रुलाया! नासिक में 76% बढ़े दाम, कई राज्यों में कीमतें दोगुनी

 

जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान के बीच लैंडस्लाइड का खतरा है। तेज हवाओं को देखते हुए ही पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे समुद्री इलाकों में मछुआरों को तूफान के दौरान समंदर से दूर रहने की सलाह दी गई है। 

 

क्या है यूपी का हाल?

मथुरा, वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में भारी बारिश से बाढ़ से हालात बने हुए हैं। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गई और घरों में पानी घुस गया। मौसम विभाग ने नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, बिजनौर, महोबा, ललितपुर, आजमगढ़, गोरखपुर, झांसी, अलीगढ़, कानपुर, सोनभद्र, मथुरा, मोरादाबाद, बदायूं, इटावा और मेरठ में भारी बारिश का अलर्ट है। ALSO READ: Top News 24 August : 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, H1N1 पर ICMR का बड़ा अपडेट और मिस यूनिवर्स इंडिया बनीं केरल की केजिया लिज

 

MP के 22 राज्यों में रेड अलर्ट

मध्य प्रदेश के जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में रविवार को भारी बारिश हुई। राजधानी भोपाल में भी रातभर बरसा पानी। राज्य के 22 जिलों में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई।

 

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, गुजरात, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हो सकती है।

 

हवा की चेतावनी

24 अगस्त तक उत्तर और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम बंगाल और उससे लगे ओडिशा व उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास और दूर 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से लेकर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक तेज हवाएं चलने की बहुत संभावना है।

 

 

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

उत्तर और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम बंगाल, और उससे लगे ओडिशा व उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास और दूर समुद्र की स्थिति के 'अशांत से बहुत अशांत' रहने की पूरी संभावना है। मुछआरों को सलाह दी जाती है कि वे 24 अगस्त तक उत्तर और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी, तथा पश्चिम बंगाल-ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास और समुद्र में न जाएं।

चीन में 150 kmph की रफ्तार से टकराया डॉल्फिन तूफान:शंघाई में 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश, 10 लाख लोग सुरक्षित जगह पहुंचाए गए

चीन के पूर्वी हिस्से से रविवार को करीब 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान टकराया है। इसके असर से पूर्वी और मध्य चीन में तेज बारिश हो रही है। शंघाई में 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। चीनी अधिकारियों के मुताबिक, तूफान के कारण पिछले कुछ दिनों में 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। साथ ही, 1,500 से ज्यादा इमरजेंसी शेल्टर बनाए गए। चीन के नेशनल मेटियोरोलॉजिकल सेंटर (NMC) ने सोमवार सुबह टाइफून अलर्ट को घटाकर सबसे निचले स्तर के ब्लू अलर्ट पर कर दिया। हालांकि, झेजियांग के कुछ हिस्सों में फ्लैश फ्लड का सबसे गंभीर अलर्ट अभी भी जारी है। कई जगह लैंडफॉल की भी खबरें सामने आई हैं। 943 उड़ाने रद्द की गई, लोकल ट्रेन भी बंद शंघाई में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शहर के दो प्रमुख एयरपोर्ट पर सोमवार को 943 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दक्षिण-पश्चिम चीन के चेंगदू से रविवार को शंघाई जा रही एक फ्लाइट बारिश के कारण शंघाई में लैंड नहीं कर सकी। विमान को कुछ देर शंघाई के ऊपर चक्कर लगाने के बाद बीजिंग डायवर्ट कर दिया गया। वहां उतरने के बाद विमान रात में चेंगदू लौट गया। इसके अलावा लोकल ट्रेन समेत कई आम लोगों के लिए परिवहन सेवाएं भी बंद रहीं। झेजियांग के निंगबो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार दोपहर से उड़ानें फिर शुरू कर दी गईं। हालांकि, एयरपोर्ट ने कहा कि तूफान का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में कुछ उड़ानों में देरी हो सकती है या उन्हें रद्द करना पड़ सकता है। बीजिंग में बारिश का रेड अलर्ट जारी चीन की राजधानी बीजिंग भी अलर्ट पर है। शहर के पांच जिलों में सोमवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया। कुछ इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बताया गया। बीजिंग के मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। लोगों को जरूरी काम के अलावा बाहर न निकलने और आउटडोर गतिविधियां रोकने की सलाह दी गई है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान अब उत्तर-पश्चिम दिशा में 15 से 20 kmph की रफ्तार से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, डॉल्फिन का क्लाउड सिस्टम करीब 1,300 km तक फैला है। चीन में बार-बार टाइफून क्यों आते हैं? 1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है। पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं। 2. समुद्र का तेजी से गर्म होना टाइफून बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं। 1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।

चीन में 150 kmph की रफ्तार से टकराया डॉल्फिन तूफान:शंघाई में 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश, 10 लाख लोग सुरक्षित जगह पहुंचाए गए

जापान में तबाही मचाने के बाद डॉल्फिन तूफान अब चीन पहुंच गया है। रविवार देर रात इसने पूर्वी चीन के तटीय इलाकों में दस्तक दी। उस समय इसकी रफ्तार करीब 150 किमी प्रति घंटे थी। इसके बाद कई शहरों में तेज बारिश शुरू हो गई। सबसे ज्यादा असर शंघाई में दिखा, जहां पिछले 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। चीनी अधिकारियों के मुताबिक, खतरे को देखते हुए 10 लाख से ज्यादा लोगों को पहले ही सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था। चीनी मीडिया SCMP के मुताबिक अब तूफान कमजोर पड़ रहा है। इसलिए चीन की मौसम एजेंसी ने चेतावनी का स्तर घटा दिया है। हालांकि, लगातार बारिश की वजह से बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। कुछ जगहों पर पहाड़ों से मिट्टी और चट्टानें खिसकने की घटनाएं भी हुई हैं। टाइफून की तस्वीरें… 943 उड़ाने रद्द की गई, लोकल ट्रेन भी बंद शंघाई में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शहर के दो प्रमुख एयरपोर्ट पर सोमवार को 943 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दक्षिण-पश्चिम चीन के चेंगदू से रविवार को शंघाई जा रही एक फ्लाइट बारिश के कारण शंघाई में लैंड नहीं कर सकी। विमान को कुछ देर शंघाई के ऊपर चक्कर लगाने के बाद बीजिंग डायवर्ट कर दिया गया। वहां उतरने के बाद विमान रात में चेंगदू लौट गया। इसके अलावा लोकल ट्रेन समेत कई आम लोगों के लिए परिवहन सेवाएं भी बंद रहीं। झेजियांग के निंगबो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार दोपहर से उड़ानें फिर शुरू कर दी गईं। हालांकि, एयरपोर्ट ने कहा कि तूफान का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में कुछ उड़ानों में देरी हो सकती है या उन्हें रद्द करना पड़ सकता है। बीजिंग में बारिश का रेड अलर्ट जारी चीन की राजधानी बीजिंग भी अलर्ट पर है। शहर के पांच जिलों में सोमवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया। कुछ इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बताया गया। बीजिंग के मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। लोगों को जरूरी काम के अलावा बाहर न निकलने और आउटडोर गतिविधियां रोकने की सलाह दी गई है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान अब उत्तर-पश्चिम दिशा में 15 से 20 kmph की रफ्तार से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, डॉल्फिन का क्लाउड सिस्टम करीब 1,300 km तक फैला है। चीन में बार-बार टाइफून क्यों आते हैं? 1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है। पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं। 2. समुद्र का तेजी से गर्म होना टाइफून बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं। 1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।

Weather Update : हिमाचल में बादल फटा; असम में 68 मौतें, गुजरात में सेना का रेस्क्यू, IMD का 12 राज्यों में अलर्ट

weather update 27 july : rain, flood, imd alert

असम, गुजरात और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बादल फटने से पुल और सड़क बह गई। असम में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है तो गुजरात में भारी बारिश के कारण भारी तबाही हुई। सेना राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ALSO READ: Top News 27 July: संसद में पेपर लीक संशोधन बिल, सोनम वांगचुक होंगे डिस्चार्ज, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

 

असम में 68 की मौत

असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से अब तक 68 लोगों की मौत हो गई। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को फोन कर हालात की जानकारी ली। सोनोवाल बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के दौरे पर हैं।

 

गुजरात ने सेना ने संभाली कमान

गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद कई इलाकों में भीषण जलभराव की स्थिति बन गई है। विशेष रूप से अहमदाबाद जिले के बावला और सानंद क्षेत्र में जलजमाव के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सेना ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है। राज्य में वर्षाजन्य हादसों में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें से 29 मौतें वलसाड और नवसारी जिलों में हुई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री के साथ टेलीफोन पर बातचीत कर बारिश के बाद के हालात की विस्तृत समीक्षा की। चर्चा के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने और जल निकासी का काम तेजी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। है। 

 

हिमाचल में फटे बादल

हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में शनिवार रात बादल फटने से पुल और सड़क बह गई। इससे मयाड़ घाटी के सात गांवों का संपर्क टूट गया। भूस्खलन की वजह से राज्य में करीब 135 सड़कें बंद कर दी गई है। प्रदेश में लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड से 15 लोगों की मौत हुई है। मौसम विभाग ने 5 जिलों में 28 से 31 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है।

 

IMD का 12 राज्यों में अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भारी बारिश के साथ ही तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

 

ओडिशा में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र रविवार को और गहरा होकर डिप्रेशन में बदल गया है। अगले 24 घंटे के दौरान इसके और मजबूत होकर उत्तर ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटों को पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 29 जुलाई तक सुंदरगढ़, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

 

मौसम अलर्ट: अगले 7 दिन भारी बारिश की आशंका! कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात का खतरा, इन 26 राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने डिप्रेशन की वजह से अगले सात दिनों तक देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके 27 जुलाई की दोपहर तक पाराद्वीप और सागर द्वीप के बीच ओडिशा और पश्चिम बंगाल तटों को पार करने की संभावना है।

मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों (26 जुलाई से 1 अगस्त 2026) के दौरान देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने की आशंका है।

पिछले 24 घंटों का हाल: ओडिशा में 33 सेमी रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा में रिकॉर्ड तोड़ अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा के जगतसिंहपुर में 33 सेमी बारिश दर्ज की गई। छत्तीसगढ़, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात और तटीय कर्नाटक के इलाकों में भारी बारिश हुई है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और असम में भी काफी भारी बारिश देखने को मिली है।

जानिए आपके राज्य में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम? (क्षेत्रवार और राज्यवार पूर्वानुमान)

1- पूर्वी भारत: ओडिशा और बंगाल पर सबसे ज्यादा खतरा

ओडिशा: डिप्रेशन के सीधे असर के चलते 26 और 27 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश और 29 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। तटीय इलाकों में 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

गंगेटिक पश्चिम बंगाल: 26 और 27 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 26 से 28 जुलाई के दौरान 40-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 1 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

झारखंड: 26 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 30 किमी/घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

बिहार: 26 से 29 जुलाई के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

2- मध्य भारत: छत्तीसगढ़ में बाढ़ की आशंका, एमपी-विदर्भ में अलर्ट

छत्तीसगढ़: 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 26 और 28 जुलाई को भी अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 29-30 जुलाई को अति भारी बारिश, जबकि 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26 से 30 जुलाई के दौरान दोनों हिस्सों में 50 किमी/घंटे तक की रफ्तार से आंधी-तूफान चल सकता है।

विदर्भ (महाराष्ट्र): 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26, 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

3- उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का हाल

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा।

हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26-27 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। 26 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त तक भी बारिश का अलर्ट है।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: 28 और 29 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में अति भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं 27 जुलाई और 30-31 जुलाई को भारी बारिश होने के आसार हैं।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश की संभावना है। 31 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 से 30 जुलाई के बीच अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई, 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 29 से 31 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है।

4- पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी बारिश

कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र: 26 और 27 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 28 से 31 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होती रहेगी। मध्य महाराष्ट्र में 28-30 जुलाई को तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 31 जुलाई और 1 अगस्त को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26-27 जुलाई और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

5- उत्तर-पूर्व भारत: पूर्वोत्तर के राज्यों में भी आफत

असम और मेघालय: 29 जुलाई को अत्यंत भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। 26-28 जुलाई और 30-31 जुलाई को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 26 से 28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश: 27 से 31 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।

6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में अंधड़ की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 26 और 27 जुलाई को 70 किमी/घंटे तक की रफ्तार से ‘थंडरस्क्वॉल’ (तेज अंधड़ और तूफान) की चेतावनी दी गई है। 26 से 29 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है।

केरल, माहे और तटीय कर्नाटक: केरल में 26 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 26 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक भाग: इन क्षेत्रों में 26 से 30 जुलाई के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की संभावना है।

IMD की सलाह

मौसम विभाग ने ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और तटीय राज्यों के जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव, नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी इलाकों (हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर) में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों व स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की हिदायत दी गई है। मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

IMD Heavy Rain Alert: 9 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई को जारी ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान मानसून की स्थिति बेहद सक्रिय रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 9 बड़े चक्रवाती सिस्टम, ट्रफ और मौसमी प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी धीमी बनी रहेंगी।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

देश में एक्टिव हैं 9 चक्रवाती सिस्टम

18 जुलाई के मुताबिक देश के आसमान में अभी कई ताकतवर सिस्टम बने हुए हैं-

  • झारखंड-बंगाल पर चक्रवाती परिसंचरण: गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उससे सटे उत्तरी झारखंड पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण इसी क्षेत्र पर समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक लगातार सक्रिय है।
  • बिहार से बंगाल की खाड़ी तक ट्रफ: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी बिहार से लेकर झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।
  • उत्तरी हरियाणा पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पूर्वी यूपी के ऊपर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
  • दक्षिण ओडिशा पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण ओडिशा और उसके आस-पास के इलाके पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
  • उत्तर-पूर्वी असम पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तर-पूर्वी असम और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण लगातार बरकरार है।
  • उत्तरी केरल पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी केरल और उसके आस-पास के क्षेत्र पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

इसके अतिरिक्त पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ के रूप में 70°E देशांतर के साथ और 30°N अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है जबकि मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): छत्तीसगढ़ और मेघालय में रिकॉर्ड तोड़ बरसात दर्ज की गई है।

बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में दर्ज हुई।

भारी बारिश (7 से 11 सेमी): हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा, ओडिशा, बिहार, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम और केरल में दर्ज की गई।

अगले 6-7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर)

पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई के दौरान और पश्चिमी यूपी में 19-24-जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 18 जुलाई को छिटपुट बारिश की संभावना है। 18 से 21 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 18 से 20 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 22-24 जुलाई के बीच भारी बारिश भी होगी।

उत्तराखंड में 18-24 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 19 और 20 जुलाई को उत्तराखंड में अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। इसके साथ ही 18 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 19-20 व 22-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को हिमाचल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 व 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18, 20-21 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में18 जुलाई को छिटपुट और 19-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश और 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश की आशंका है। 18-21 और 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18-19 जुलाई और 24 जुलाई को छिटपुट जबकि 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी। 20 से 22 जुलाई के दौरान इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वी राजस्थान में 18-23 जुलाई को छिटपुट और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जबकि 20-24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 18-24 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

2- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 18-21 जुलाई तक व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश का अनुमान है। 18 से 20 जुलाई के बीच बिहार में बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट है जबकि 21 से 24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। झारखंड में 18-23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी (24 जुलाई को छिटपुट)। राज्य में 18 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 18 और 19 जुलाई को यहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18-19 व 21-22 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 21-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश (20-24 जुलाई को छिटपुट) होगी और 18-20 जुलाई के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को छिटपुट, जबकि 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी।

3- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

असम और मेघालय में राज्यों में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी (21-22 जुलाई को छिटपुट)। 18 जुलाई को असम और मेघालय में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 19-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 21-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 18-20 जुलाई और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 18 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18-24-जुलाई के दौरान लगातार व्यापक बारिश होगी जिसमें 18 से 22 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।

IMD Heavy Rain Alert: इन 23 राज्यों में भारी बारिश, 16 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट, यूपी समेत पूरे देश में 13 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश में मॉनसून के तेजी से आगे बढ़ने के साथ ही भारी बारिश और आंधी-तूफान को लेकर एक बड़ा और विस्तृत अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 7 जुलाई गुजरात के बचे हुए हिस्सों और राजस्थान व हरियाणा के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मॉनसून के उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में दस्तक देने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल बनी हुई हैं। इस बीच उत्तर छत्तीसगढ़ और उसके आसपास सक्रिय रहा डिप्रेशन अब कमजोर होकर पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया के रूप में बना हुआ है। यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा, जिससे देश के बड़े हिस्से में 13 जुलाई तक मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और आंधी-तूफान का दौर जारी रहेगा।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार कुछ राज्यों में आज आफत की बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 जुलाई को जबकि कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य में आज अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक में भी आज अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

देश भर के राज्यों का विस्तृत और क्षेत्रीय पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-NCR और पंजाब-हरियाणा का हाल

  • उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 11 से 13 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधि तेजी से बढ़ेगी जहां 11 और 12 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 7 जुलाई को पश्चिमी यूपी में 40-50 किमी प्रति घंटे और पूर्वी यूपी में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है।
  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: दिल्ली-NCR, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 7 से 9 जुलाई के बीच व्यापक रूप से बारिश होगी। इन क्षेत्रों में 7-9 जुलाई और फिर 11-12 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। 10 से 13 जुलाई के बीच यहां छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 7 से 12 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी जबकि 13 जुलाई को छिटपुट बारिश के आसार हैं। यहां 7 और 8 जुलाई को भारी बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने के साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: दोनों पहाड़ी राज्यों में 7 से 13 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल और उत्तराखंड में 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश, जबकि 8 से 13 जुलाई के दौरान अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 8-9 जुलाई को व्यापक और बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 7 से 13 जुलाई तक छिटपुट से लेकर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान राजस्थान के दोनों हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 से 9 जुलाई तक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 11 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। दोनों हिस्सों में 7 से 9 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके बाद 10 से 12 जुलाई को भी पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 7 और 13 जुलाई को व्यापक बारिश होगी और 7 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 7 से 9 जुलाई और फिर 13 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जहां 7 जुलाई को बहुत भारी और 8 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। इन सभी क्षेत्रों में 7 जुलाई को बिजली चमकने की आशंका है।

पूर्वी भारत: बिहार और झारखंड में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बरसात

बिहार: बिहार में 7 और 10 जुलाई को व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है जबकि 10 जुलाई को राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 7, 8 और 11 जुलाई को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 8 से 13 जुलाई के दौरान बिहार में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली गिरने की भी चेतावनी है।

झारखंड: झारखंड में 7-8 जुलाई और 10-13 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होने का अनुमान है। 7 जुलाई को यहां भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 7 से 11 जुलाई तक राज्य में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात का येलो अलर्ट रहेगा।

पश्चिम बंगाल और ओडिशा: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 से 13 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा जिसमें 8 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी 13 जुलाई तक गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

अंडमान और निकोबार: यहां 11 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी, जबकि 7 से 9 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटे) चलेंगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल में आफत बनेगी बारिश

अरुणाचल प्रदेश: यहां 7 से 11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 7 से 10 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश और 11 जुलाई को भारी बारिश होने का अनुमान है।

असम और मेघालय: इन राज्यों में 7 से 12 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग ने 7 से 9 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश और 10 से 13 जुलाई के बीच भारी बारिश की आशंका जताई है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन चारों राज्यों में 7 से 13 जुलाई तक व्यापक बारिश होने और 7 से 10 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

पश्चिमी भारत: कोंकण और गुजरात में 70 किमी की रफ्तार से तूफानी हवाएं

कोंकण और गोवा: यहां 7 से 13 जुलाई तक लगातार व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होगी। 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। साथ ही 7 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से भयानक आंधी-तूफान आ सकता है।

गुजरात क्षेत्र: गुजरात में 7 से 9 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र में 7 से 9 जुलाई के बीच 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल चलने की चेतावनी है।

मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 7-8 जुलाई को भारी से अत्यंत भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश का कहर

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 7 से 13 जुलाई तक भारी बारिश होगी जिसमें 7 जुलाई को अत्यंत भारी और 8 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तटीय और आंतरिक कर्नाटक में 7-8 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी आंधी चलने और 7 से 13 जुलाई तक बेहद मजबूत सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

केरल और लक्षद्वीप: केरल में 7 से 11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें आज (7 जुलाई) अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। केरल, लक्षद्वीप और तटीय आंध्र प्रदेश में 7 से 9 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली चमकने के साथ मजबूत सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

तेलंगाना और तमिल नाडु: तेलंगाना में 7-8 जुलाई को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल और 7 से 10 जुलाई तक तेज सतही हवाएं चलने का अलर्ट है। तमिल नाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 8-9 जुलाई को तेज आंधी-तूफान आने की आशंका व्यक्त की गई है।

मौसम विभाग की सलाह: भारी बारिश, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने, कमजोर संरचनाओं के पास न जाने और यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।