तूफानी बारिश की चेतावनी: 2 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग, IMD ने इन 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, 7 दिन ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी व उससे लगे पश्चिम बंगाल तट पर बने कम दबाव के क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने सिस्टम के चलते देश के बड़े हिस्से में मानसून रौद्र रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मौसम बुलेटिन जारी कर ओडिशा और गुजरात में आफत की बारिश की आशंका जताते हुए चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही देश के 20 से अधिक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान गुजरात क्षेत्र में अत्यंत भीषण बारिश (≥30 सेमी) दर्ज की गई है। इसके अलावा सौराष्ट्र व कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और झारखंड में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) और गांगेय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कोंकण व गोवा, ओडिशा, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड की गई है।

आइए जानते हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों में आने वाले सात दिनों तक कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

2 राज्यों के लिए अत्यंत भारी बारिश की वॉर्निंग

गुजरात: दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण 25 जुलाई 2026 को गुजरात राज्य में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इसके अलावा मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भी 25 और 26 जुलाई को ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है।

ओडिशा: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल तट के पास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा में 25 और 26 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अत्यधिक भारी बारिश दर्ज हो सकती है। राज्य में 25 से 28 जुलाई के दौरान मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

उत्तर-पश्चिम भारत

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 25 से 31 जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर बारिश और भारी वर्षा की संभावना है। 25 से 31 जुलाई के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 25-27 और 31 जुलाई को भारी बारिश तथा 28 से 30 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिशॉ हो सकती है। उत्तराखंड में 25-26 और 30-31 जुलाई को भारी बारिश तथा 27 से 29 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: पंजाब में 25 जुलाई और 28-31 जुलाई को तथा हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली में 28-31 जुलाई को व्यापक बारिश का अनुमान है। पंजाब में 25, 27 और 30-31 जुलाई को तथा दिल्ली-एनसीआर व हरियाणा में 27 और 30-31 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। वहीं 28 और 29 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 28-31 जुलाई और पूर्वी यूपी में 27-31 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 27 और 31 जुलाई को भारी बारिश तथा 28 से 30 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी यूपी में 29-31 जुलाई को भारी बारिश और 27-28 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान: पश्चिमी राजस्थान में 25 जुलाई को तथा पूर्वी राजस्थान में 30-31 जुलाई को व्यापक बारिश का अनुमान है। 25 जुलाई को पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान दोनों हिस्सों में बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rain) हो सकती है।

मध्य भारत

मध्य प्रदेश: पश्चिम मध्य प्रदेश में 28-30 जुलाई और पूर्व मध्य प्रदेश में 25-31 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 28-31 जुलाई और पूर्व मध्य प्रदेश में 26-31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 25 से 31 जुलाई तक गरज-चमक का अलर्ट जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 25 और 28-31 जुलाई तथा विदर्भ में 29-31 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। 26 और 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: गांगेय पश्चिम बंगाल में 25 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 26-27 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27-31 जुलाई तक भारी वर्षा हो सकती है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 25-27 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं चलेंगी।

झारखंड और बिहार: झारखंड में 25 से 28 जुलाई तक तथा बिहार में 27 से 31 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है। बिहार में 27 से 31 जुलाई के बीच मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक वर्षा के साथ 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत

अरुणाचल प्रदेश: 27 से 31 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिसमें 26 से 31 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है।

असम और मेघालय: 27 से 31 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है। 25 से 29 जुलाई के दौरान भारी बारिश होगी, जबकि 30 और 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 25 से 31 जुलाई के दौरान पूरे क्षेत्र में व्यापक बारिश और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

पश्चिम भारत

कोंकण और गोवा: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहेगी। 25 और 26 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

मध्य महाराष्ट्र: 25 और 26 जुलाई को घाट क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश के अलावा 27 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 28-31 जुलाई तक भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

गुजरात क्षेत्र व सौराष्ट्र-कच्छ: 25 जुलाई को गुजरात राज्य में अत्यंत भारी बारिश के बाद 26 जुलाई को गुजरात क्षेत्र तथा सौराष्ट्र एवं कच्छ दोनों जगह बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 27 व 31 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत

तटीय व आंतरिक कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 25 से 31 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी। तटीय और दक्षिण व उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 25 जुलाई और 28-31 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

केरल और माहे: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जिसमें 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 26 से 29 जुलाई तक भारी बारिश होगी। 27 से 29 जुलाई के दौरान 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और रायलसीमा: 25 से 27 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना में 25 से 29 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी।

कल भारी बारिश-आंधी तूफान वाला मौसम: गुजरात के लिए रेड कलर वॉर्निंग, बाकी इन 20 राज्यों में भी मूसलाधार का अलर्ट

Mausam update 25 July: देश में इस वक्त कई इलाकों में भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। खासकर गुजरात में लगातार तीसरे दिन हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात इतने बिगड़ गए कि अहमदाबाद के पॉश बोपाल इलाके में पानी बढ़ने की वजह से भारतीय सेना को राहत और बचाव अभियान चलाना पड़ा। सेना ने शुक्रवार दोपहर तक करीब 100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। देश के कई इलाकों में मानसूनी हवाओं के असर से मौसम का रुख बेहद आक्रामक बना हुआ है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जुलाई के लिए अपना मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है।

मौसम विभाग ने एक बार फिर गुजरात राज्य के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए बेहद भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही राजस्थान, महाराष्ट्र के तटीय अंचलों और ओडिशा से लेकर उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के 20 से अधिक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि 25 जुलाई को देश भर के अलग-अलग राज्यों में मौसम का कैसा रुख रहने वाला है।

गुजरात के लिए रेड अलर्ट, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 25 जुलाई को गुजरात राज्य में बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा। राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। प्रशासन और आम जनता को जलभराव के साथ तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

इन 4 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 25 जुलाई को देश के चार प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी-

  • राजस्थान: राज्य के पूर्वी और पश्चिमी भागों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
  • कोंकण और गोवा: तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में अत्यंत तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
  • मध्य महाराष्ट्र: मध्य महाराष्ट्र और इसके पहाड़ी (घाट) क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का पूर्वाकलन है।
  • ओडिशा: ओडिशा के विभिन्न जिलों में बादलों की तेज गर्जना के साथ बहुत भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है।

इन 20 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 25 जुलाई को देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया है:

  • उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के साथ-साथ मैदानी इलाकों पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ IMD ने देश के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। बिहार, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, हिमाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ के इलाकों में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के तटीय अंचलों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

IMD Heavy Rain Alert: 9 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई को जारी ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान मानसून की स्थिति बेहद सक्रिय रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 9 बड़े चक्रवाती सिस्टम, ट्रफ और मौसमी प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी धीमी बनी रहेंगी।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

देश में एक्टिव हैं 9 चक्रवाती सिस्टम

18 जुलाई के मुताबिक देश के आसमान में अभी कई ताकतवर सिस्टम बने हुए हैं-

  • झारखंड-बंगाल पर चक्रवाती परिसंचरण: गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उससे सटे उत्तरी झारखंड पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण इसी क्षेत्र पर समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक लगातार सक्रिय है।
  • बिहार से बंगाल की खाड़ी तक ट्रफ: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी बिहार से लेकर झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।
  • उत्तरी हरियाणा पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पूर्वी यूपी के ऊपर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
  • दक्षिण ओडिशा पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण ओडिशा और उसके आस-पास के इलाके पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
  • उत्तर-पूर्वी असम पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तर-पूर्वी असम और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण लगातार बरकरार है।
  • उत्तरी केरल पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी केरल और उसके आस-पास के क्षेत्र पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

इसके अतिरिक्त पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ के रूप में 70°E देशांतर के साथ और 30°N अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है जबकि मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): छत्तीसगढ़ और मेघालय में रिकॉर्ड तोड़ बरसात दर्ज की गई है।

बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में दर्ज हुई।

भारी बारिश (7 से 11 सेमी): हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा, ओडिशा, बिहार, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम और केरल में दर्ज की गई।

अगले 6-7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर)

पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई के दौरान और पश्चिमी यूपी में 19-24-जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 18 जुलाई को छिटपुट बारिश की संभावना है। 18 से 21 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 18 से 20 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 22-24 जुलाई के बीच भारी बारिश भी होगी।

उत्तराखंड में 18-24 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 19 और 20 जुलाई को उत्तराखंड में अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। इसके साथ ही 18 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 19-20 व 22-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को हिमाचल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 व 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18, 20-21 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में18 जुलाई को छिटपुट और 19-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश और 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश की आशंका है। 18-21 और 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18-19 जुलाई और 24 जुलाई को छिटपुट जबकि 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी। 20 से 22 जुलाई के दौरान इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वी राजस्थान में 18-23 जुलाई को छिटपुट और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जबकि 20-24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 18-24 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

2- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 18-21 जुलाई तक व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश का अनुमान है। 18 से 20 जुलाई के बीच बिहार में बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट है जबकि 21 से 24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। झारखंड में 18-23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी (24 जुलाई को छिटपुट)। राज्य में 18 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 18 और 19 जुलाई को यहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18-19 व 21-22 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 21-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश (20-24 जुलाई को छिटपुट) होगी और 18-20 जुलाई के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को छिटपुट, जबकि 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी।

3- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

असम और मेघालय में राज्यों में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी (21-22 जुलाई को छिटपुट)। 18 जुलाई को असम और मेघालय में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 19-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 21-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 18-20 जुलाई और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 18 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18-24-जुलाई के दौरान लगातार व्यापक बारिश होगी जिसमें 18 से 22 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।

कल का मौसम 10 जुलाई: उत्तराखंड में रेड वॉर्निंग, IMD ने यूपी समेत इन 22 राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

India Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई को अपने सामान्य समय से महज एक दिन की देरी से पूरे देश में छा चुका है। उत्तर अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को कवर करने के साथ ही मानसून पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों पर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। ये अगले 24 घंटों के दौरान धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। इसके अलावा मानसून ट्रफ और अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण के एक्टिव होने से कल कई राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने वाला है।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 10 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

उत्तराखंड के लिए रेड वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए उत्तराखंड को सबसे संवेदनशील जोन में रखा है। राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही बिजली कड़कने और गरज-चमक की भी चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश समेत इन 5 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 10 जुलाई को देश के 5 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जैसी स्थिति है-

उत्तर प्रदेश (कम दबाव का क्षेत्र बने होने के कारण व्यापक असर दिखेगा)

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • इन सभी राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
  • दिल्ली-हरियाणा और बिहार समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने 10 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में शामिल हैं:

  • बिहार
  • हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली
  • हिमाचल प्रदेश
  • पूर्वी मध्य प्रदेश
  • गंगा तटीय पश्चिम बंगाल
  • मध्य महाराष्ट्र
  • तटीय कर्नाटक
  • दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
  • केरल और माहे
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।

इसी तरह बिहार, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ विदर्भ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और आंधी-तूफान का अनुमान है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में धरातल पर बहुत तेज गति से हवाएं चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।

मौसम को प्रभावित करने वाले बड़े सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक देश भर में इस भारी बारिश के पीछे एक साथ कई मानसूनी सिस्टम काम कर रहे हैं-

  • उत्तर प्रदेश पर लो-प्रेशर: दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला एक ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ सक्रिय है।
  • मानसून ट्रफ: मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अनूपगढ़, रोहतक, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कम दबाव वाले केंद्र, फुर्सतगंज, देहरी, धनबाद, बांकुरा, दीघा से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
  • ऑफ-शोर ट्रफ: समुद्र तल पर दक्षिण गुजरात से लेकर उत्तरी केरल तक एक ऑफ-शोर ट्रफ लगातार बनी हुई है।
  • पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाके में समुद्र तल से 5।8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
  • अन्य चक्रवाती हवाएं: उत्तरी बिहार, पूर्वी बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाइयों पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं जो नमी को खींच रहे हैं।

India Weather Tomorrow 29 June: IMD ने इन 18 राज्यों में भारी बारिश और यूपी-बिहार समेत 25 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जून के लिए देश के मौसम का ताजा अनुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 29 जून को देश के 18 राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 25 राज्यों में तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ जाएगा। इसके बाद के 2-3 दिनों में यह हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के बचे हिस्सों को भी कवर कर लेगा।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में बहुत ही भीषण बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन क्षेत्रों में 28 और 29 जून को कई जगहों पर मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

29 जून को देश के तीन राज्यों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है-

अरुणाचल प्रदेश

  • असम और मेघालय (यहां 29-30 जून के दौरान अलग-अलग पॉकेट्स में बहुत भारी बारिश होगी)।
  • केरल और माहे (यहां भी 28 जून से 1 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है)।
  • बिहार-मध्य प्रदेश समेत इन 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश के 14 राज्यों/क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है-

  • पूर्वी और मध्य भारत: बिहार, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ।
  • पश्चिमी भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र।
  • दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।
  • पूर्वेत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।
  • यूपी, बिहार और दिल्ली समेत 25 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का तांडव
  • मौसम विभाग ने 29 जून को देश के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल व माहे, लक्षद्वीप और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने, बिजली कड़कने और झोंके आने की आशंका है।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं: उत्तराखंड, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

सिर्फ गरज-चमक और बिजली: छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बिजली चमकने और आंधी का अलर्ट है। इसके साथ ही तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की ओर से जारी 29 जून का पूरे देशभर का वेदर मैप

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दिल्ली, यूपी और बिहार में अभी जारी रहेगी लू

बारिश के अलर्ट के बीच उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में 29 जून भी सूरज के तेवर तल्ख रहेंगे।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग पॉकेट्स में 29 जून को लू की स्थिति बनी रहेगी। 30 जून से 2 जुलाई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट आएगी।

दिल्ली और बिहार: दिल्ली (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली) में 29 और 30 जून को भी लू की स्थिति रह सकती है। बिहार के कुछ हिस्सों में भी 29 जून को लू का प्रकोप देखने को मिलेगा।

उमस भरा मौसम: गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में 29 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने का अनुमान है।