कल का मौसम 21 अक्टूबर: इन 6 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट, MP से लेकर केरल, आंध्र तक बदलेगा मौसम

IMD Weather Alert: देश भर में एक बार फिर मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। दक्षिण भारत से लेकर मध्य भारत तक कई राज्यों में सक्रिय मौसमी प्रणालियों का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक बुधवार 21 अक्टूबर को देश के कई प्रमुख राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के इन अलर्ट्स ने कई इलाकों के लिए चिंता बढ़ा दी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि 21 अक्टूबर को देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है और किन राज्यों में आंधी-बारिश का सबसे ज्यादा असर दिखेगा।

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव

दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून और अन्य चक्रवाती प्रणालियों के मजबूत होने की वजह से बारिश का दौर पूरी तरह आक्रामक हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के विभिन्न जिलों में भी भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चल सकते हैं और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़क सकती है।

मध्य प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप में आंधी-तूफान के साथ बौछारें

दक्षिण भारत के अलावा मध्य और तटीय क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मध्य प्रदेश, तेलंगाना, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और केरल व माहे के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। मध्य प्रदेश के कई अंदरूनी हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

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कर्नाटक और तटीय इलाकों में वज्रपात की चेतावनी

कर्नाटक के विभिन्न अंदरूनी और तटीय इलाकों में कल गरज-चमक के साथ तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों पर न जाने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है।

अरब सागर में स्क्वॉली वेदर और तेज हवाओं का पहरा

समुद्री और तटीय क्षेत्रों में लगातार बन रही मौसमी हलचल को देखते हुए मछुआरों और नौका चालकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में स्क्वॉली वेदर के सक्रिय रहने के कारण वहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए संबंधित समुद्री इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

कल का मौसम 13 अक्टूबर: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर! दिल्ली-NCR और पंजाब में आंधी-बारिश का अलर्ट, इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम

IMD Weather Update: देश के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और विभिन्न चक्रवाती प्रणालियों की वजह से बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक मंगलवार 13 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने दिल्ली, एनसीआर, पंजाब और हरियाणा समेत कई इलाकों में तेज आंधी-तूफान और झमाझम बारिश की चेतावनी जारी की है। आइए जानते हैं कल 13 अक्टूबर को देश के विभिन्न हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

दिल्ली-NCR और पंजाब में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बारिश का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसमी हलचल तेज हो गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 13 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी। इस दौरान इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की भी पूरी संभावना है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है।

हिमाचल प्रदेश, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में गरज-चमक की चेतावनी

पर्वतीय राज्य हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तटीय और अंदरूनी क्षेत्रों में भी मौसमी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। 13 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग इलाकों में बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा राज्यों में भी पृथक स्थानों पर आंधी और बिजली चमकने का दौर देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी का असर

पश्चिम भारत के तटीय क्षेत्रों में नमी और तापमान बढ़ने की वजह से लोगों को हल्की चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक कोंकण और गोवा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है। राहत भरी खबर यह है कि समुद्री और तटीय क्षेत्रों में चल रही हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां पूरी तरह नियंत्रण में हैं। इसे देखते हुए भारत मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

IMD Weather Update: 2-3 दिनों में उत्तर-पूर्वी मानसून की दस्तक, IMD ने भारत के इन 6 राज्यों में 5 दिनों तक दिया भारी बारिश का अलर्ट

IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, आज दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय इलाकों में अगले 2 से 3 दिनों में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश शुरू हो सकती है। आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने के बाद दक्षिणी प्रायद्वीपीय इलाकों में अगले पांच से छह दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कई क्षेत्रों में लगातार बारिश होने की संभावना है। आइए जानते हैं आपके शहर को लेकर क्या है आईएमडी का अपडेट

इन राज्यों में होगी तेज बारिश

IMD के मुताबिक, 15 से 18 अक्टूबर के बीच केरल और माहे, तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के साथ-साथ तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 17 और 18 अक्टूबर को उत्तर आंतरिक कर्नाटक में और 15 व 16 अक्टूबर को रायलसीमा में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार, इस दौरान दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश बढ़ सकती है। वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के बचे हुए हिस्सों से भी धीरे-धीरे वापस लौट रहा है।

दिल्ली में कैसा होगा मौसम

देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर में सोमवार की सुबह भारी बारिश हुई है। वहीं बारिश से प्रदुषण और गर्मी से राहत मिली है। वहीं आने वाले दिनों में भी दिल्ली में बारिश के आसार है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 12 से 15 अक्टूबर के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ जगहों पर झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकते हैं।

कैसा होगा यूपी का मौसम

जम्मू-कश्मीर में 13 और 15 अक्टूबर, जबकि हिमाचल प्रदेश में 14 और 15 अक्टूबर को कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी यूपी में 11 से 16 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना जताई गई है।

दो तरह के होते है मानसून

भारत में मानसून मुख्य रूप से दो तरह का होता है, जिनमें दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे अहम माना जाता है। ये आमतौर पर जून से सितंबर के बीच सक्रिय रहता है और केरल के रास्ते देश में प्रवेश करने के बाद धीरे-धीरे अलग-अलग हिस्सों में पहुंचता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के मौसम और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद जरूरी है। इससे गर्मी से राहत मिलने के साथ बारिश होती है, जिसका सीधा फायदा खेती-किसानी को मिलता है। खासकर खरीफ फसलों के लिए यह बारिश बेहद महत्वपूर्ण होती है और इसका असर देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण पर भी पड़ता है।

जानें क्या है लौटता हुआ मानसून

भारत में मानसून का दूसरा प्रमुख दौर उत्तर-पूर्वी मानसून कहलाता है, जिसे लौटता हुआ मानसून भी कहा जाता है। ये आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच सक्रिय रहता है और इसका असर खासतौर पर दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय इलाकों में देखने को मिलता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की तुलना में इसकी बारिश कम होती है, लेकिन खेती के लिए इसका महत्व काफी ज्यादा है। उत्तर-पूर्वी मानसून से मिलने वाली बारिश दक्षिण भारत के कई हिस्सों में पानी की जरूरत पूरी करती है और रबी फसलों की अच्छी बढ़त में भी मदद करती है।

Weather Update Friday: बिहार, ओडिशा, सिक्किम संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम

शुक्रवार, 18 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में तेज बारिश होने की संभावना है, वहीं कई जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने की स्थिति भी बन सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और ओडिशा में बारिश को लेकर खास तौर पर नजर रहेगी। दूसरी ओर दिल्ली-NCR में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है, लेकिन गर्मी के साथ आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। ऐसे में जानिए शुक्रवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

सिक्किम, पश्चिम बंगाल में तेज बारिश का असर

शुक्रवार को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। यहां 17 से 19 सितंबर के बीच गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। सिक्किम में इससे पहले भी काफी तेज बारिश हो चुकी है। गुरुवार सुबह तक पिछले 24 घंटे में मंगन में 22 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। ऐसे में आने वाले दिनों में भी यहां मौसम खराब रहने की संभावना बनी हुई है।

बिहार और ओडिशा में भी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत के बिहार और ओडिशा में भी शुक्रवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम में बदलाव के पीछे बने मौसमी सिस्टम का असर इन राज्यों में देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली कड़कने की स्थिति भी बन सकती है। इसके अलावा झारखंड समेत आसपास के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

दिल्ली-NCR में गर्मी के साथ छाए रहेंगे बादल

दिल्ली-NCR में शुक्रवार को मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहने की उम्मीद है। यहां आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन दिन के समय गर्मी महसूस हो सकती है। अधिकतम तापमान करीब 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। यानी दिल्ली वालों को फिलहाल तेज बारिश के बजाय गर्म और बादलों वाला मौसम देखने को मिल सकता है।

मुंबई और बेंगलुरु में भी हो सकती है बारिश

मुंबई और कोंकण-गोवा के कुछ हिस्सों में 18 और 19 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। गुजरात में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं बेंगलुरु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के दूसरे इलाकों में शुक्रवार को हल्की से छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली कड़कने की संभावना भी जताई गई है। इसके अलावा कई दूसरे राज्यों में भी हाल के दिनों में भारी बारिश दर्ज की गई है, इसलिए मौसम को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश का दौर और बदल सकता है। उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना मौसमी सिस्टम आगे बढ़कर उत्तरी अंडमान सागर के पास पहुंच सकता है। इसके असर से 19 सितंबर के आसपास अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत हो सकता है और अगले 3 से 4 दिनों में दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में इन इलाकों में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

वहीं, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए भी मौसम की स्थिति धीरे-धीरे अनुकूल हो रही है। यानी देश में कहीं बारिश का दौर जारी रह सकता है, तो कुछ हिस्सों में मॉनसून की विदाई की शुरुआत देखने को मिल सकती है।

तूफानी मौसम का खतरा: यूपी-उत्तराखंड संग इन 15 राज्यों में अगले 4 दिन भारी बारिश! यहां 17 अगस्त को एक्स्ट्रीम हैवी रेनफॉल का अलर्ट

India Weather update: दक्षिण-पूर्वी झारखंड और आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बारिश का कहर तेज हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 अगस्त 2026 को जारी अपने विशेष बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 17 अगस्त को उत्तर ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर प्रदेश में भी हफ्ते के ज्यादातर दिनों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

आईएमडी ने बताया कि मध्य समुद्र तल पर मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बना हुआ है। 14 अगस्त को झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल पर बना डिप्रेशन कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया था, जो 15 अगस्त की सुबह दक्षिण-पूर्वी झारखंड के ऊपर स्थित है। यह प्रणाली अगले 12 घंटों के दौरान और कमजोर हो जाएगी। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके अलावा, मध्य और निकटवर्ती उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में एक शीयर जोन बना हुआ है जबकि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और मध्य असम के ऊपर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है।

बीते 24 घंटों में बारिश का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश हुई। वहीं हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, मिजोरम, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र और तमिलनाडु में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी और उत्तराखंड में 16-17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में 15 से 21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश का दौर चलेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ़्फ़राबाद में 15 से 21 अगस्त तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। मैदानी इलाकों में हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 15 और 18 अगस्त को, पश्चिम उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 से 21 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है।

पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड में 15 से 17 अगस्त के दौरान और पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को तथा जम्मू-कश्मीर इलाके में 17 अगस्त को बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 15 अगस्त को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 15 से 21 अगस्त के बीच उत्तराखंड और यूपी में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने के आसार हैं।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: 17 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत में मौसम सबसे अधिक आक्रामक रुख दिखाएगा। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 15 से 21 अगस्त तक और बिहार में 17 से 20 अगस्त तक भारी बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। इस दौरान 17 अगस्त को उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 अगस्त को, ओडिशा में 16 से 18 अगस्त को और झारखंड में 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। 15 अगस्त को ओडिशा में और 17 अगस्त को बिहार में भीषण आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तक और असम व मेघालय में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 से 21 अगस्त तक लगातार भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कोंकण में झमाझम

मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 21 अगस्त तक तथा विदर्भ में 15 से 18 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तथा छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 19 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 15 से 21 अगस्त तक तथा गुजरात क्षेत्र में 15 और 16 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है। कोंकण व गोवा में 15 से 17 अगस्त, मध्य महाराष्ट्र में 15 से 18 अगस्त और गुजरात क्षेत्र में 15 व 16 अगस्त को भारी वर्षा हो सकती है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में तेज हवाएं और बारिश

दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, केरल व माहे में 15 से 21 अगस्त तक तथा लक्षद्वीप में 15-16 और 19-21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 20 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 15 से 19 अगस्त के दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और तेज गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के इलाकों में 15 से 19 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

31 जुलाई का मौसम: कल इन 20+ राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, एमपी-राजस्थान से गुजरात-महाराष्ट्र तक मौसम का रौद्र रूप

India Weather Update: देश भर में मानसून की तेज गतिविधियों के चलते भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई के लिए विस्तृत मौसम चेतावनी जारी की है। देश के 20 से भी अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी, वज्रपात और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी और मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।

गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का खतरा

मौसम विभाग ने 31 जुलाई को गुजरात राज्य और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई है। इन इलाकों में बारिश का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका है। स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम के इस कड़े रुख को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश

देश के कई राज्यों में 31 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है। उत्तर और मध्य भारत में अरुणाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पंजाब और पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। वहीं पश्चिमी तट और दक्षिण भारत की बात करें तो कर्नाटक, केरल व माहे और कोंकण व गोवा के इलाकों में भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

दिल्ली-एनसीआर, बिहार और इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

31 जुलाई को देश के विस्तृत भू-भाग में मध्यम से भारी बारिशहोने की संभावना है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और पश्चिम राजस्थान में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में बिहार, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बारिश का असर रहेगा। इसके अलावा मध्य और दक्षिण भारत के पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की जाएगी।

31 जुलाई का मौसम: कल इन 20+ राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश 31 जुलाई का मौसम: कल इन 20+ राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश

40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और बिजली कड़कने का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज तूफानी हवाएं चलने का भी खतरा बना हुआ है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप और पश्चिम मध्य प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और बिजली चमक सकती है।

पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के साथ-साथ छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, कोंकण व गोवा, पूरे महाराष्ट्र और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर मेघगर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम जताया गया है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

कल का मौसम 26 जुलाई: 2 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग, 3 में ऑरेंज, गुजरात से बंगाल तक इन 17+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के चलते आफत की बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 जुलाई के लिए अपना मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, गुजरात और कोंकण-गोवा में ऑरेंज अलर्ट के तहत बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। साथ ही उत्तर, पूर्वोत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत के 17 से अधिक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि 26 जुलाई को देश भर के अलग-अलग राज्यों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।

2 राज्यों के लिए रेड अलर्ट, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 26 जुलाई को दो राज्यों में बादलों का भीषण जमावड़ा रहेगा और अत्यधिक बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है-

मध्य महाराष्ट्र: मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

ओडिशा: ओडिशा के विभिन्न जिलों में गर्जना के साथ अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान है। तटीय और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

इन 3 राज्यों/क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट, बहुत भारी बारिश का अनुमान

IMD ने देश के तीन प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश होगी, जिससे कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। गुजरात के इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा और बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में अत्यंत तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

इन 17+ राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 17 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है-

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के साथ-साथ पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।

पूर्वी भारत: झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में भारी वर्षा की संभावना है।

दक्षिण भारत: तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ IMD ने देश के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और तूफानी हवाओं को लेकर सचेत किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। बिहार, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात राज्य, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड, विदर्भ और पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर वज्रपात का खतरा जताया गया है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

तूफानी बारिश की चेतावनी: 2 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग, IMD ने इन 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, 7 दिन ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी व उससे लगे पश्चिम बंगाल तट पर बने कम दबाव के क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने सिस्टम के चलते देश के बड़े हिस्से में मानसून रौद्र रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मौसम बुलेटिन जारी कर ओडिशा और गुजरात में आफत की बारिश की आशंका जताते हुए चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही देश के 20 से अधिक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान गुजरात क्षेत्र में अत्यंत भीषण बारिश (≥30 सेमी) दर्ज की गई है। इसके अलावा सौराष्ट्र व कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और झारखंड में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) और गांगेय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कोंकण व गोवा, ओडिशा, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड की गई है।

आइए जानते हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों में आने वाले सात दिनों तक कैसा रहेगा मौसम का मिजाज:

2 राज्यों के लिए अत्यंत भारी बारिश की वॉर्निंग

गुजरात: दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण 25 जुलाई 2026 को गुजरात राज्य में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इसके अलावा मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भी 25 और 26 जुलाई को ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है।

ओडिशा: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल तट के पास बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से ओडिशा में 25 और 26 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अत्यधिक भारी बारिश दर्ज हो सकती है। राज्य में 25 से 28 जुलाई के दौरान मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

उत्तर-पश्चिम भारत

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 25 से 31 जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर बारिश और भारी वर्षा की संभावना है। 25 से 31 जुलाई के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में 25-27 और 31 जुलाई को भारी बारिश तथा 28 से 30 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिशॉ हो सकती है। उत्तराखंड में 25-26 और 30-31 जुलाई को भारी बारिश तथा 27 से 29 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: पंजाब में 25 जुलाई और 28-31 जुलाई को तथा हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली में 28-31 जुलाई को व्यापक बारिश का अनुमान है। पंजाब में 25, 27 और 30-31 जुलाई को तथा दिल्ली-एनसीआर व हरियाणा में 27 और 30-31 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। वहीं 28 और 29 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 28-31 जुलाई और पूर्वी यूपी में 27-31 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 27 और 31 जुलाई को भारी बारिश तथा 28 से 30 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी यूपी में 29-31 जुलाई को भारी बारिश और 27-28 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है।

राजस्थान: पश्चिमी राजस्थान में 25 जुलाई को तथा पूर्वी राजस्थान में 30-31 जुलाई को व्यापक बारिश का अनुमान है। 25 जुलाई को पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान दोनों हिस्सों में बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rain) हो सकती है।

मध्य भारत

मध्य प्रदेश: पश्चिम मध्य प्रदेश में 28-30 जुलाई और पूर्व मध्य प्रदेश में 25-31 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 28-31 जुलाई और पूर्व मध्य प्रदेश में 26-31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 25 से 31 जुलाई तक गरज-चमक का अलर्ट जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ में 25 और 28-31 जुलाई तथा विदर्भ में 29-31 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। 26 और 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: गांगेय पश्चिम बंगाल में 25 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 26-27 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27-31 जुलाई तक भारी वर्षा हो सकती है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 25-27 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं चलेंगी।

झारखंड और बिहार: झारखंड में 25 से 28 जुलाई तक तथा बिहार में 27 से 31 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है। बिहार में 27 से 31 जुलाई के बीच मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक वर्षा के साथ 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत

अरुणाचल प्रदेश: 27 से 31 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिसमें 26 से 31 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है।

असम और मेघालय: 27 से 31 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है। 25 से 29 जुलाई के दौरान भारी बारिश होगी, जबकि 30 और 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 25 से 31 जुलाई के दौरान पूरे क्षेत्र में व्यापक बारिश और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

पश्चिम भारत

कोंकण और गोवा: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहेगी। 25 और 26 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

मध्य महाराष्ट्र: 25 और 26 जुलाई को घाट क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश के अलावा 27 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 28-31 जुलाई तक भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

गुजरात क्षेत्र व सौराष्ट्र-कच्छ: 25 जुलाई को गुजरात राज्य में अत्यंत भारी बारिश के बाद 26 जुलाई को गुजरात क्षेत्र तथा सौराष्ट्र एवं कच्छ दोनों जगह बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 27 व 31 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत

तटीय व आंतरिक कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 25 से 31 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी। तटीय और दक्षिण व उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 25 जुलाई और 28-31 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

केरल और माहे: 25 से 31 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जिसमें 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 26 से 29 जुलाई तक भारी बारिश होगी। 27 से 29 जुलाई के दौरान 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और रायलसीमा: 25 से 27 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना में 25 से 29 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी।

कल भारी बारिश-आंधी तूफान वाला मौसम: गुजरात के लिए रेड कलर वॉर्निंग, बाकी इन 20 राज्यों में भी मूसलाधार का अलर्ट

Mausam update 25 July: देश में इस वक्त कई इलाकों में भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। खासकर गुजरात में लगातार तीसरे दिन हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात इतने बिगड़ गए कि अहमदाबाद के पॉश बोपाल इलाके में पानी बढ़ने की वजह से भारतीय सेना को राहत और बचाव अभियान चलाना पड़ा। सेना ने शुक्रवार दोपहर तक करीब 100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। देश के कई इलाकों में मानसूनी हवाओं के असर से मौसम का रुख बेहद आक्रामक बना हुआ है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जुलाई के लिए अपना मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है।

मौसम विभाग ने एक बार फिर गुजरात राज्य के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए बेहद भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके साथ ही राजस्थान, महाराष्ट्र के तटीय अंचलों और ओडिशा से लेकर उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के 20 से अधिक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि 25 जुलाई को देश भर के अलग-अलग राज्यों में मौसम का कैसा रुख रहने वाला है।

गुजरात के लिए रेड अलर्ट, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 25 जुलाई को गुजरात राज्य में बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा। राज्य के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। प्रशासन और आम जनता को जलभराव के साथ तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

इन 4 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक 25 जुलाई को देश के चार प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी-

  • राजस्थान: राज्य के पूर्वी और पश्चिमी भागों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
  • कोंकण और गोवा: तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में अत्यंत तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
  • मध्य महाराष्ट्र: मध्य महाराष्ट्र और इसके पहाड़ी (घाट) क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का पूर्वाकलन है।
  • ओडिशा: ओडिशा के विभिन्न जिलों में बादलों की तेज गर्जना के साथ बहुत भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है।

इन 20 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने 25 जुलाई को देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया है:

  • उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के साथ-साथ मैदानी इलाकों पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ IMD ने देश के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। बिहार, तटीय कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, हिमाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ के इलाकों में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के तटीय अंचलों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से अगले 7 दिन खतरनाक मौसम, इन 18 राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश का अलर्ट, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत विकराल और सक्रिय रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत में मानसून की स्थिति काफी आक्रामक रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक वायुमंडल में 5 प्रमुख चक्रवाती परिसंचरण और 2 बड़ी ट्रफ प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और असम-मेघालय सहित देश के 18 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश का जोर थोड़ा धीमा रहेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के मुताबिक आने वाले 7 दिनों में आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाल।

वायुमंडल में एक्टिव हैं ये 5 चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ प्रणालियां

  • मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में बने ये मौसमी सिस्टम बारिश की गतिविधि को तेज कर रहे हैं:
  • पंजाब पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पंजाब और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण यूपी के मध्य में चक्रवाती परिसंचरण: निचले क्षोभमंडल में दक्षिण उत्तर प्रदेश के मध्य भागों पर एक चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है।
  • उत्तरी झारखंड और बिहार पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी झारखंड और उससे सटे बिहार पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इस सिस्टम से लेकर त्रिपुरा तक निचले क्षोभमंडल में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।
  • दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके पड़ोस पर चक्रवाती सिस्टम बरकरार है।
  • पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यहाँ से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन फैली हुई है।
  • इसके अलावा निचले क्षोभमंडल में मध्य असम और उससे सटे नागालैंड पर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है जबकि मानसून ट्रफ समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों में कहां कैसी हुई बारिश?

  • अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): उत्तराखंड और मेघालय में बेहद मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
  • बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में दर्ज हुई।
  • भारी बारिश (7 से 11 सेमी): जम्मू-कश्मीर, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में रिकॉर्ड की गई।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई को देश के कई राज्यों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की है। 20 जुलाई को यूपी और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने का अलर्ट है। 20 जुलाई को बिहार के कई जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की बात करें तो 20 और 21 जुलाई को दोनों राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। 20 जुलाई को असम और मेघालय में भीषण बारिश देखने को मिल सकती है।

अगले 7 दिनों का विस्तृत राज्यवार पूर्वानुमान

  • 1-उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान)

उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में 20-23 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को पूरे यूपी में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा 20-21 जुलाई को पूर्वी यूपी और 20-22 जुलाई को पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश हो सकती है। 22-24 जुलाई (पूर्वी यूपी) और 23-25 जुलाई (पश्चिमी यूपी) के दौरान भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

उत्तराखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश, 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: दोनों राज्यों में 20-24/26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20-21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में 22-23 जुलाई और हिमाचल में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: यहां 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश का दौर रहेगा। 20 से 22 जुलाई के बीच हरियाणा, दिल्ली, पंजाब में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 23-26 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-25 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 20-24 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

  • 2 – पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा)

बिहार: 20 से 22 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी (23-26 जुलाई को छिटपुट)। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 20 से 23 जुलाई तक भारी बारिश का दौर बना रहेगा।

झारखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 21 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 20-26 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी, जिसमें 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 20, 22 और 23 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

ओडिशा: 20 से 22 जुलाई के दौरान ओडिशा के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

  • 3- उत्तर-पूर्व भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश)

असम और मेघालय: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का अलर्ट है। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिसके बाद 22-26 जुलाई तक भारी बारिश होगी।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: यहाँ 20-26 जुलाई तक भारी से व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश: 20-21 जुलाई और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

  • 4- मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ)

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 20-26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-23 जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22-24 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश और भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

विदर्भ: 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

  • 5- पश्चिम भारत (महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात)

कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र: कोंकण व गोवा में 20-26 जुलाई और मध्य महाराष्ट्र में 22-23 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 21 और 22 जुलाई को कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 20 और 23-25 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात क्षेत्र: 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 21-22 और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

  • 6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना)

दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 7 दिनों में बारिश थोड़ी सुस्त रहेगी लेकिन 20 जुलाई को तटीय आंध्र प्रदेश व यानम, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। केरल और तटीय कर्नाटक में 24 से 26 जुलाई के दौरान एक बार फिर व्यापक बारिश का दौर लौट सकता है।

आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

जम्मू-कश्मीर (20-26 जुलाई): गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश (20-25 जुलाई): गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल: बिहार व अंडमान-निकोबार (20-26 जुलाई) और झारखंड व ओडिशा (20-24 जुलाई) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और बिजली कड़कने की आशंका है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 20 से 24 जुलाई के दौरान तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में 20 से 26 जुलाई के दौरान काफी तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।