Heavy Rain Alert: हिमाचल में भारी बारिश ने मचाई तबाही! 150 से अधिक सड़कें बंद, 10 अगस्त तक येलो अलर्ट

Himachal Pradesh Rain Alert: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही तेज बारिश का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तेज से बहुत तेज बारिश दर्ज की गई है। कई इलाकों में भूस्खलन और खराब मौसम की वजह से 150 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। शिमला मौसम विभाग ने 10 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हिमाचल प्रदेश के इस शहरों में काफी ज्यादा बारिश हो रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, कुकुमसेरी राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां रात का न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, दिन के समय सबसे अधिक गर्मी हमीरपुर में रही, जहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कहां पर बंद है कितनी सड़कें

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के अनुसार, मंगलवार शाम तक हिमाचल प्रदेश में 153 सड़कें बंद थीं। इसके अलावा 58 पेयजल योजनाएं और 191 बिजली ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित रहे। सबसे ज्यादा दिक्कत मंडी जिले में हुई, जहां 51 सड़कें बंद हैं। वहीं, सिरमौर में 39, कुल्लू में 36, शिमला में 15, कांगड़ा और चंबा में 5-5 तथा ऊना में 2 सड़कें बंद हैं। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा 182.4 मिमी बारिश नाहन में दर्ज की गई। इसके अलावा ददाहू, नैना देवी, जट्टन बैराज, धौलाकुआं, मलरोआं और ओलिंडा में भी अच्छी बारिश हुई, जिससे कई जगहों पर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई।

सिरमौर में हो रही लगातार बारिश

मंगलवार को सिरमौर जिले में लगातार बारिश के कारण जलमुशा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे खानाबदोश समुदाय के 25 लोग बीच में फंस गए। सूचना मिलते ही सिरमौर पुलिस और होम गार्ड की टीम मौके पर पहुंची और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते हुए इस रेस्क्यू अभियान से एक बड़ा हादसा होने से बच गया। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक एन.एस. नेगी के अनुसार, नाहन से लगभग 25 किलोमीटर दूर कटासन मंदिर के पास तेज बारिश के कारण नदी में अचानक पानी बढ़ गया, जिससे चार गुज्जर परिवारों के करीब 25 लोग बीच में फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और होम गार्ड की टीम ने रस्सियों की मदद से मानव श्रृंखला बनाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से अगले 7 दिन खतरनाक मौसम, इन 18 राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश का अलर्ट, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत विकराल और सक्रिय रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत में मानसून की स्थिति काफी आक्रामक रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक वायुमंडल में 5 प्रमुख चक्रवाती परिसंचरण और 2 बड़ी ट्रफ प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और असम-मेघालय सहित देश के 18 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश का जोर थोड़ा धीमा रहेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के मुताबिक आने वाले 7 दिनों में आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाल।

वायुमंडल में एक्टिव हैं ये 5 चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ प्रणालियां

  • मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में बने ये मौसमी सिस्टम बारिश की गतिविधि को तेज कर रहे हैं:
  • पंजाब पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पंजाब और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण यूपी के मध्य में चक्रवाती परिसंचरण: निचले क्षोभमंडल में दक्षिण उत्तर प्रदेश के मध्य भागों पर एक चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है।
  • उत्तरी झारखंड और बिहार पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी झारखंड और उससे सटे बिहार पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इस सिस्टम से लेकर त्रिपुरा तक निचले क्षोभमंडल में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।
  • दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके पड़ोस पर चक्रवाती सिस्टम बरकरार है।
  • पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यहाँ से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन फैली हुई है।
  • इसके अलावा निचले क्षोभमंडल में मध्य असम और उससे सटे नागालैंड पर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है जबकि मानसून ट्रफ समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों में कहां कैसी हुई बारिश?

  • अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): उत्तराखंड और मेघालय में बेहद मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
  • बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में दर्ज हुई।
  • भारी बारिश (7 से 11 सेमी): जम्मू-कश्मीर, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में रिकॉर्ड की गई।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई को देश के कई राज्यों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की है। 20 जुलाई को यूपी और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने का अलर्ट है। 20 जुलाई को बिहार के कई जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की बात करें तो 20 और 21 जुलाई को दोनों राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। 20 जुलाई को असम और मेघालय में भीषण बारिश देखने को मिल सकती है।

अगले 7 दिनों का विस्तृत राज्यवार पूर्वानुमान

  • 1-उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान)

उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में 20-23 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को पूरे यूपी में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा 20-21 जुलाई को पूर्वी यूपी और 20-22 जुलाई को पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश हो सकती है। 22-24 जुलाई (पूर्वी यूपी) और 23-25 जुलाई (पश्चिमी यूपी) के दौरान भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

उत्तराखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश, 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: दोनों राज्यों में 20-24/26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20-21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में 22-23 जुलाई और हिमाचल में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: यहां 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश का दौर रहेगा। 20 से 22 जुलाई के बीच हरियाणा, दिल्ली, पंजाब में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 23-26 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-25 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 20-24 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

  • 2 – पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा)

बिहार: 20 से 22 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी (23-26 जुलाई को छिटपुट)। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 20 से 23 जुलाई तक भारी बारिश का दौर बना रहेगा।

झारखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 21 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 20-26 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी, जिसमें 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 20, 22 और 23 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

ओडिशा: 20 से 22 जुलाई के दौरान ओडिशा के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

  • 3- उत्तर-पूर्व भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश)

असम और मेघालय: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का अलर्ट है। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिसके बाद 22-26 जुलाई तक भारी बारिश होगी।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: यहाँ 20-26 जुलाई तक भारी से व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश: 20-21 जुलाई और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

  • 4- मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ)

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 20-26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-23 जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22-24 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश और भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

विदर्भ: 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

  • 5- पश्चिम भारत (महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात)

कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र: कोंकण व गोवा में 20-26 जुलाई और मध्य महाराष्ट्र में 22-23 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 21 और 22 जुलाई को कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 20 और 23-25 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात क्षेत्र: 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 21-22 और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

  • 6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना)

दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 7 दिनों में बारिश थोड़ी सुस्त रहेगी लेकिन 20 जुलाई को तटीय आंध्र प्रदेश व यानम, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। केरल और तटीय कर्नाटक में 24 से 26 जुलाई के दौरान एक बार फिर व्यापक बारिश का दौर लौट सकता है।

आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

जम्मू-कश्मीर (20-26 जुलाई): गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश (20-25 जुलाई): गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल: बिहार व अंडमान-निकोबार (20-26 जुलाई) और झारखंड व ओडिशा (20-24 जुलाई) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और बिजली कड़कने की आशंका है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 20 से 24 जुलाई के दौरान तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में 20 से 26 जुलाई के दौरान काफी तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

IMD Rain Alert: दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने अगले 4 दिन से लिए जारी की चेतावनी

IMD Rain Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को देश के कई हिस्सों में तेज से बहुत तेज बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय पश्चिम, मध्य और उत्तर भारत में पूरी तरह सक्रिय है, जिसकी वजह से कई राज्यों में जोरदार बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। दिल्ली में सोमवार को गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है, वहीं कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है।

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून के सक्रिय रहने की वजह से हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं वाला मौसम बना रहने का अनुमान है। अगले तीन से चार दिनों तक देश के अधिकांश राज्यों में मानसून सक्रिय रहेगा, जिससे पश्चिम, मध्य, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

इन राज्यों में होगी तेज बारिश

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश होने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने के साथ आंधी-तूफान की भी संभावना जताई है।

IMD के मुताबिक, सोमवार को गुजरात, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कई इलाकों में बहुत तेज बारिश हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश, केरल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, सौराष्ट्र-कच्छ, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में तेज बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पंजाब, उत्तराखंड, विदर्भ, पश्चिम बंगाल और पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, सौराष्ट्र और कच्छ के कई इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने निचले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

इन राज्यों में भी बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, पंजाब, उत्तराखंड, विदर्भ, पश्चिम बंगाल और पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है।

IMD ने बताया कि गुजरात, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर अभी जारी रह सकता है। वहीं सौराष्ट्र और कच्छ के कई इलाकों में भी तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और कुछ जगहों पर स्थानीय बाढ़ आने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

तेज हवाओं के साथ होगा बारिश

मौसम विभाग ने बताया है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और ओडिशा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी तेज बारिश का अनुमान है। इसके अलावा केरल, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी बारिश का जोर बना रह सकता है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना भी जताई गई है।

भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि अगले चार दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है।