हिमाचल प्रदेश में महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, कांग्रेस सरकार ने 60 पैसे प्रति लीटर अनाथ और विधवा सेस लगाया

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल आज से महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर ऑर्फन एंड विडो यानी अनाथ और विधवा सेस (Orphan and Widow Cess) लगाने की घोषणा की है। यह सेस 11 अगस्त, 2026 की आधी रात से लागू हो गया है। राज्य के टैक्स और आबकारी विभाग ने 11 अगस्त को जारी एक नोटिफिकेशन में कहा कि यह सेस पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल दोनों पर ₹0.60 (60 पैसे) प्रति लीटर की दर से लगाया जाएगा।

नोटिफिकेशन के अनुसार, अनाथ और विधवा सेस हिमाचल प्रदेश में पहली बार बिक्री के समय लगाया जाएगा। यह सेस ‘हिमाचल प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स एक्ट, 2005’ की धारा 6-A के तहत लागू किया गया है। इसे मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली हुई है। यह सेस मार्च में राज्य विधानसभा द्वारा ‘हिमाचल प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स (संशोधन) बिल, 2026’ पास किए जाने के बाद लगाया गया है।

अभी और महंगा होने की आशंका

इस संशोधन ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीज़ल पर ‘अनाथ और विधवा सेस’ लगाने के लिए कानूनी ढांचा तैयार किया। हमारे सहयोगी cnbctv18.com की एक रिपोर्ट के मुताबिक संशोधित कानून के तहत, सरकार ₹5 प्रति लीटर तक की दर से सेस लगा सकती है। अभी जो 60 पैसे का सेस लगाया गया है। वह कानून में तय अधिकतम सीमा से काफी कम है।

जब यह बिल पेश किया गया था, तो राज्य सरकार ने कहा था कि इस सेस का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की विधवाओं और अनाथों के कल्याणकारी कार्यों के लिए रेवेन्यू का एक खास और टिकाऊ जरिया बनाना है। राज्य सरकार ने पहले कहा था कि यह सेस हिमाचल प्रदेश के भीतर बिक्री के शुरुआती चरण पर वसूला जाएगा, न कि बिक्री के बाद के चरणों में। मार्च में बने कानून में मौजूदा VAT कानून के तहत पहले से लागू टैक्स के अलावा यह सेस लगाने का प्रावधान है।

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इस बीच, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के लिए कांग्रेस आलाकमान की अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। सुक्खू ने डिया से बातचीत के दौरान कहा कि कुल्लू से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर जल्द होने वाली पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) की बैठक से पहले या बाद में शपथ ले सकते हैं।

Heavy Rain Alert: हिमाचल में भारी बारिश ने मचाई तबाही! 150 से अधिक सड़कें बंद, 10 अगस्त तक येलो अलर्ट

Himachal Pradesh Rain Alert: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही तेज बारिश का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तेज से बहुत तेज बारिश दर्ज की गई है। कई इलाकों में भूस्खलन और खराब मौसम की वजह से 150 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। शिमला मौसम विभाग ने 10 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हिमाचल प्रदेश के इस शहरों में काफी ज्यादा बारिश हो रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, कुकुमसेरी राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां रात का न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, दिन के समय सबसे अधिक गर्मी हमीरपुर में रही, जहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कहां पर बंद है कितनी सड़कें

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के अनुसार, मंगलवार शाम तक हिमाचल प्रदेश में 153 सड़कें बंद थीं। इसके अलावा 58 पेयजल योजनाएं और 191 बिजली ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित रहे। सबसे ज्यादा दिक्कत मंडी जिले में हुई, जहां 51 सड़कें बंद हैं। वहीं, सिरमौर में 39, कुल्लू में 36, शिमला में 15, कांगड़ा और चंबा में 5-5 तथा ऊना में 2 सड़कें बंद हैं। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा 182.4 मिमी बारिश नाहन में दर्ज की गई। इसके अलावा ददाहू, नैना देवी, जट्टन बैराज, धौलाकुआं, मलरोआं और ओलिंडा में भी अच्छी बारिश हुई, जिससे कई जगहों पर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई।

सिरमौर में हो रही लगातार बारिश

मंगलवार को सिरमौर जिले में लगातार बारिश के कारण जलमुशा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे खानाबदोश समुदाय के 25 लोग बीच में फंस गए। सूचना मिलते ही सिरमौर पुलिस और होम गार्ड की टीम मौके पर पहुंची और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते हुए इस रेस्क्यू अभियान से एक बड़ा हादसा होने से बच गया। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक एन.एस. नेगी के अनुसार, नाहन से लगभग 25 किलोमीटर दूर कटासन मंदिर के पास तेज बारिश के कारण नदी में अचानक पानी बढ़ गया, जिससे चार गुज्जर परिवारों के करीब 25 लोग बीच में फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और होम गार्ड की टीम ने रस्सियों की मदद से मानव श्रृंखला बनाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

बिना कदम थकाए जन्नत का करें दीदार, जहां हिमालय पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं आप!

अगर आप पहाड़ों (mountain) की खूबसूरती का आनंद लेना चाहते हैं, लेकिन लंबी ट्रेकिंग (trekking) और मुश्किल रास्तों से बचना चाहते हैं, तो हिमालय गांव (Himalayan village) आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकते हैं। यहां आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचकर ऊंचे पहाड़, ठंडी हवा, शांत माहौल और अनछुई प्राकृतिक खूबसूरती का भरपूर आनंद ले सकते हैं:

Zuluk village (जुलुक गांव का शांत और खूबसूरत नजारा)

Full view of Zuluk Village from top of Silk Route Sikkim 21616058 Stock Photo at Vecteezy

सिक्किम (Sikkim) का जुलुक गांव समुद्र तल से करीब 9,400 फीट की ऊंचाई पर है। भारत-चीन (India-China) बॉर्डर के पास बसे इस गांव तक सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। यहां की घुमावदार सड़कें, बादलों से घिरी पहाड़ियां और शांत वातावरण इसे ऑफबीट ट्रैवल (offbeat travel) पसंद करने वालों के लिए खास बनाते हैं।

Silk Route (सिल्क रूट का यूनिक एक्सपीरियंस)

Kalimpong to Zuluk Cycling adventure with cycling in India

जुलुक (Zuluk) सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक ओल्ड सिल्क रूट (Old Silk Route) का हिस्सा होने के कारण भी मशहूर है। यहां आने वाले टूरिस्ट शानदार व्यू पॉइंट्स (viewpoint) के साथ-साथ इस ऐट्रेड रुट की झलक भी देख सकते हैं। भीड़भाड़ से दूर सुकून भरी छुट्टियां (holiday) बिताने के लिए यह शानदार जगह है।

Nako Village (नाको गांव में मिलेगा हिमालय का अलग रूप)

Nako Village, Himachal Pradesh Stock Image - Image of autumn, background: 202877089

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के किन्नौर जिले में नाको गांव लगभग 12,000 फीट की ऊंचाई पर बसा है। स्पीति घाटी के नजदीक यह गांव अपनी बौद्ध संस्कृति, शांत माहौल और खूबसूरत पहाड़ी नजारों के लिए जाना जाता है। यहां पहुंचते ही बदलता प्राकृतिक दृश्य ट्रैवलर को अलग ही एक्सपीरियंस देता है।

adventure and tranquility (एडवेंचर और सुकून का परफेक्ट कॉम्बिनेशन)

Nako Lake reflection in Kinnaur, Himachal

नाको (Nako) की खासियत इसकी अनछुई प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण है। यहां भूरे पहाड़, साफ आसमान, ठंडी हवा और लोकल कल्चर मिलकर ऐसा एक्सपीरियंस देते हैं, जो शहर की भागदौड़ से पूरी तरह अलग होता है। अगर आप ऑफबीट ट्रिप (offbeat trip), नेचर और फोटोग्राफी (photography) के शौकीन हैं, तो जुलुक और नाको दोनों गांव आपकी ट्रैवल लिस्ट (travel list) में जरूर होने चाहिए।

Mahindra Vision S prototype spied with new design details

Mahindra Vision S prototype spied front

A camouflaged prototype of Mahindra’s all-new SUV has been spied in the town of Kaza in Spiti Valley, Himachal Pradesh, our source indicated. Considering this region sits at an elevation of 3,650 metres above sea level, it appears that Mahindra is conduction high-altitude tests of its upcoming sub-4-metre SUV. The production-spec model of the Vision S, whose concept was first revealed in August 2025, will likely be slotted above the XUV 3XO in the brand’s line-up.

  • Spy shots confirm short overhangs, boxy silhouette, flush door handles and more.
  • Features include LED headlamps and panoramic sunroof.

Mahindra Vision S prototype: Exterior design details

The new spy footage reveals several exterior details of the brand’s upcoming SUV

Mahindra Vision S prototype spied front fascia

At the front of the prototype is Mahindra’s new six-slat grille, flanking which are sleek LED headlamps. These could sport the same L-shaped design first seen in the Vision S concept. The front fascia of the prototype reveals a muscular-looking clamshell bonnet and a prominent lower air dam with a concealed centre trim, which could be the radar module as part of the car’s ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) suite.

The dark patch on top of the windshield is likely where the rain sensors are located. The spy shots show pronounced wheel arches, similar to those seen on the concept car, plus a panoramic sunroof and large ORVMs (outer rearview mirrors). Following the design language of the concept, the prototype features short overhangs, flush door handles, a flat roofline, chunky side cladding, deep wheel wells, a rising beltline towards the rear, and a fuel-filler cap above the left-rear wheel arch.

Mahindra Vision S prototype spied rear

The upright-looking rear of this Mahindra SUV prototype features vertically oriented LED tail-lamps, a spare wheel mounted to the side-hinged tailgate, a stubby roof spoiler with an integrated high-mounted stop lamp, a sharkfin antenna, and a relatively flush-looking rear bumper. Overall, the boxy proportions and upright stance of the Vision S concept is noticeable here on the prototype as well.

Mahindra Vision S prototype: Expected interior and powertrain details

The production-spec model is expected with a feature-rich cabin and multiple powertrains

Mahindra Vision S prototype interior

The new spy footage doesn’t reveal many details about the interior of this upcoming Mahindra SUV. However, previous spy shots have shown a version of this interior. To recap, there will be an upright dashboard with an integrated infotainment display, curved AC vents and physical switchgear, and a leather-wrapped steering wheel.

Underpinning the Vision S concept was Mahindra’s new Nu_IQ platform, which supports petrol, diesel, hybrid and fully electric powertrains. While Mahindra hasn’t specified a launch date for this upcoming compact SUV, it’s expected to make its debut sometime in 2027.

Exterior spy shots: adventure_addicted.in (Instagram)

Interior spy shot: RushLane

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Viral Video: मनाली की वादियों में बदली जिंदगी! पहाड़ों में शिफ्ट होते ही हर महीने ₹30,000 की बचत, कॉरपोरेट कपल का वीडियो वायरल

Viral News: दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम या बेंगलुरु जैसे महंगे शहरों की भागदौड़ छोड़कर एक कॉरपोरेट कपल ने जब हिमाचल प्रदेश के मनाली में बसने का फैसला किया, तो उनका मकसद पैसे बचाना नहीं बल्कि सुकून भरी जिंदगी जीना था। लेकिन इस फैसले ने उनकी जिंदगी के साथ-साथ बैंक बैलेंस भी बदल दिया। अब यह कपल हर महीने 30,000 रुपये से ज्यादा की बचत कर रहा है। अंजलि और नमन ने इंस्टाग्राम पर @anjali.aur.naman नाम से अपने अकाउंट के जरिए अपनी जिंदगी में हए बदलाव को लेकर जानकारी दी है।

दोनों रिमोट कॉरपोरेट जॉब करते हैं। उन्होंने बताया कि वे शहर छोड़कर मनाली इसलिए आए ताकि प्रकृति के बीच शांत और संतुलित जीवन जी सकें। उनका कहना है कि पैसे बचाना उनका उद्देश्य नहीं था। लेकिन यह अपने आप होने लगा।

किराए में हुई सबसे बड़ी बचत

शहरों में जहां वे हर महीने ₹45,000 किराया देते थे। वहीं, मनाली में उन्हें सिर्फ ₹28,000 में बेहतर घर मिल गया। यानी केवल किराए में ही ₹17,000 की मासिक बचत होने लगी। रिमोट वर्क की वजह से रोज ऑफिस जाने की जरूरत नहीं रही। इससे हर महीने करीब ₹3,000 का यात्रा खर्च बचने लगा।

कपल ने क्या कहा?

वीडियो में अंजलि कहती हैं, “हमने बिना कोशिश किए ही हर महीने 30,000 रुपये से ज्यादा बचाना शुरू कर दिया। हाय, हम अंजलि और नमन हैं। मनाली में रहने वाला एक कॉर्पोरेट कपल जो रिमोट वर्क करता है। हम यहां पैसे बचाने के लिए नहीं आए थे। बल्कि अपनी कॉर्पोरेट नौकरी करते हुए ‘स्लो ट्रैवल’ (आराम से यात्रा) का अनुभव करने आए थे।”

इसके बाद वह बताती हैं कि हिमालय के इस शहर में बसने के बाद उनके खर्च कैसे बदले। सबसे बड़ी बचत किराए में हुई, जो शहर में 45,000 रुपये से घटकर मनाली में 28,000 रुपये हो गया। इससे उनके रहने का मासिक खर्च 17,000 रुपये कम हो गया।

रिमोट वर्क से किराए का खर्च समाप्त

रिमोट वर्क की वजह से रोजाना आने-जाने का खर्च भी खत्म हो गया। इससे हर महीने लगभग 3,000 रुपये की बचत हुई। इसके अलावा ऑफिस डिनर, कॉफी के लिए बाहर जाना और स्नैक ब्रेक जैसे आम खर्च भी तेजी से कम हुए। इससे उनके महीने के बजट में 7,500 रुपये की और कमी आई।

हालांकि, सबसे बड़ी हैरानी की बात वीकेंड पर घूमने-फिरने के खर्च का खत्म होना था। शहर में रहते हुए यह कपल तेज-तर्रार शहरी जिंदगी से दूर छोटी-छोटी यात्राओं पर हर महीने लगभग 5,000 से 6,000 रुपये खर्च करता था। मनाली आने के बाद उन्हें ऐसे ब्रेक की योजना बनाने की जरूरत महसूस नहीं हुई, क्योंकि प्रकृति और शांत माहौल उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं।

‘पैसे बचाने नहीं, जिंदगी बदलने आए थे’

अंजलि का कहना है, “हमने रिमोट वर्क इसलिए नहीं चुना कि पैसे बचेंगे। बल्कि इसलिए चुना क्योंकि हम अलग तरीके से जीना चाहते थे। बचत तो बस एक बोनस बन गई।”

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सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग महानगरों में बढ़ते खर्च, रिमोट वर्क के फायदे और छोटे शहरों में बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर चर्चा कर रहे हैं। कई लोग अब यह मानने लगे हैं कि अगर नौकरी रिमोट हो, तो छोटे शहरों में रहकर बेहतर जीवन और बड़ी बचत दोनों संभव हैं।

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