योगी सरकार में निष्पक्ष-पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया जारी, 1828 पदों पर 1643 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन

योगी सरकार में निष्पक्ष-पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया जारी, 1828 पदों पर 1643 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने विज्ञापन संख्या-03-परीक्षा/2024 के तहत आयोजित सहायक लेखाकार एवं लेखा परीक्षक मुख्य परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। कुल 1828 विज्ञापित पदों के सापेक्ष 1643 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया है। आयोग ने चयनित अभ्यर्थियों के अनुक्रमांकों की सूची तथा विभिन्न श्रेणियों की कटऑफ लिस्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी हैं।

 

668 सामान्य चयन पदों पर 570 अभ्यर्थी चयनित

आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत सहायक लेखाकार के 668 सामान्य चयन पदों के सापेक्ष 570 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इनमें अनारक्षित वर्ग के 387, अन्य पिछड़ा वर्ग के 117 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 66 अभ्यर्थी शामिल हैं। अनुसूचित जाति के 88 और अनुसूचित जनजाति के 10 पदों के सापेक्ष संबंधित श्रेणी के अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण इन पदों को नियमानुसार अग्रनीत किया गया है।

 

950 विशेष चयन पदों में 866 अभ्यर्थियों को मिली सफलता

सहायक लेखाकार के 950 विशेष चयन पदों के सापेक्ष 866 अभ्यर्थी अंतिम रूप से चयनित हुए हैं। इनमें अनुसूचित जाति के 341, अनुसूचित जनजाति के 12 और अन्य पिछड़ा वर्ग के 513 अभ्यर्थी शामिल हैं। महिला क्षैतिज आरक्षण के तहत विज्ञापित 190 पदों के सापेक्ष सभी 190 महिला अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।

 

लेखा परीक्षक के 209 पदों पर 206 चयनित

आयोग ने लेखा परीक्षक के 209 सामान्य चयन पदों के सापेक्ष 206 अभ्यर्थियों का चयन किया है। इनमें अनारक्षित वर्ग के 96, अनुसूचित जाति के 28, अनुसूचित जनजाति के 4, अन्य पिछड़ा वर्ग के 58 और ईडब्ल्यूएस वर्ग के 20 अभ्यर्थी शामिल हैं।

महिला क्षैतिज आरक्षण के तहत 41 पदों के सापेक्ष सभी 41 महिला अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।

 

विधिक सेवा प्राधिकरण के पद पर भी चयन

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नियंत्रणाधीन सहायक लेखाकार के एक पद पर भी एक अभ्यर्थी का चयन हुआ है। यह पद अनारक्षित श्रेणी का था।

 

68 अभ्यर्थियों का चयन औपबंधिक

आयोग ने 68 अभ्यर्थियों को औपबंधिक रूप से अंतिम चयन परिणाम में शामिल किया है। इनका अंतिम चयन प्रस्तुत किए जाने वाले प्रमाण पत्रों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आयोग और संबंधित अधियाचनकर्ता विभाग के निर्णय पर निर्भर होगा।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अंतिम चयन परिणाम संबंधित उच्च न्यायालय में विचाराधीन रिट याचिकाओं/विशेष अपीलों तथा भविष्य में दायर होने वाले संबंधित मामलों में पारित होने वाले आदेशों के अधीन रहेगा।

 

पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर सरकार का जोर

योगी सरकार लगातार प्रदेश में सरकारी भर्तियों को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध बनाने पर जोर दे रही है। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ चयन आयोगों के माध्यम से परिणाम जारी किए जा रहे हैं। सहायक लेखाकार और लेखा परीक्षक के इन पदों पर चयन से बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा। 

 

वेबसाइट पर चयन सूची और कटऑफ उपलब्ध

यूपीएसएसएससी ने चयनित अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक की सूची और श्रेणीवार कटऑफ आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। अभ्यर्थी अपने परिणाम एवं चयन से संबंधित विवरण आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश में महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, कांग्रेस सरकार ने 60 पैसे प्रति लीटर अनाथ और विधवा सेस लगाया

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल आज से महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर ऑर्फन एंड विडो यानी अनाथ और विधवा सेस (Orphan and Widow Cess) लगाने की घोषणा की है। यह सेस 11 अगस्त, 2026 की आधी रात से लागू हो गया है। राज्य के टैक्स और आबकारी विभाग ने 11 अगस्त को जारी एक नोटिफिकेशन में कहा कि यह सेस पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल दोनों पर ₹0.60 (60 पैसे) प्रति लीटर की दर से लगाया जाएगा।

नोटिफिकेशन के अनुसार, अनाथ और विधवा सेस हिमाचल प्रदेश में पहली बार बिक्री के समय लगाया जाएगा। यह सेस ‘हिमाचल प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स एक्ट, 2005’ की धारा 6-A के तहत लागू किया गया है। इसे मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली हुई है। यह सेस मार्च में राज्य विधानसभा द्वारा ‘हिमाचल प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स (संशोधन) बिल, 2026’ पास किए जाने के बाद लगाया गया है।

अभी और महंगा होने की आशंका

इस संशोधन ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीज़ल पर ‘अनाथ और विधवा सेस’ लगाने के लिए कानूनी ढांचा तैयार किया। हमारे सहयोगी cnbctv18.com की एक रिपोर्ट के मुताबिक संशोधित कानून के तहत, सरकार ₹5 प्रति लीटर तक की दर से सेस लगा सकती है। अभी जो 60 पैसे का सेस लगाया गया है। वह कानून में तय अधिकतम सीमा से काफी कम है।

जब यह बिल पेश किया गया था, तो राज्य सरकार ने कहा था कि इस सेस का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की विधवाओं और अनाथों के कल्याणकारी कार्यों के लिए रेवेन्यू का एक खास और टिकाऊ जरिया बनाना है। राज्य सरकार ने पहले कहा था कि यह सेस हिमाचल प्रदेश के भीतर बिक्री के शुरुआती चरण पर वसूला जाएगा, न कि बिक्री के बाद के चरणों में। मार्च में बने कानून में मौजूदा VAT कानून के तहत पहले से लागू टैक्स के अलावा यह सेस लगाने का प्रावधान है।

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इस बीच, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल के लिए कांग्रेस आलाकमान की अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। सुक्खू ने डिया से बातचीत के दौरान कहा कि कुल्लू से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर जल्द होने वाली पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) की बैठक से पहले या बाद में शपथ ले सकते हैं।

NEET-PG cut-off case: डीजीएचएस की अध्यक्षता वाली समिति करेगी नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया का ऑडिट, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

NEET-PG cut-off case: नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा के लिए 12 सदस्यों वाली एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। यह समिति नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया में मौजूद कमियों की पहचान करेगी। इसे ठीक करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को सलाह देगी और आंतरिक ऑडिट के लिए एक व्यवस्था बनाएगी। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी है। शीर्ष अदालत में नीट पीजी 2025-26 प्रवेश के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में कमी को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि समिति का गठन 23 जुलाई के नोटिफिकेशन के जरिए कोर्ट के पहले के निर्देशों के मुताबिक किया गया था। कमेटी को डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) डी लवनीश जी कृष्णा हेड कर रहे हैं, जबकि असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल (मेडिकल एजुकेशन) डॉ प्रवीण कुमार दास मेंबर सेक्रेटरी के तौर पर काम करेंगे।

इसमें नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC), नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) और हेल्थ मिनिस्ट्री के दूसरे अधिकारियों के रिप्रेजेंटेटिव भी शामिल हैं। भाटी ने कहा कि कमेटी का काम मौजूदा पीजी प्रवेश प्रक्रिया के विस्तृत आंतरिक ऑडिट के लिए एक तंत्र बनाना और सुधार लागू करने लायक सुझाव देना है। उन्होंने बेंच को बताया कि इस काम में आठ हफ्ते लगेंगे। केंद्र का जवाब दर्ज करने के बाद बेंच ने कमेटी को आठ हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट फाइल करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने कहा, “रिपोर्ट आने के बाद हम इस मुद्दे पर सक्रिय तौर से चर्चा करेंगे।” पीठ ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो कमेटी नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) और नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी (NCH) से मेंबर्स को को-ऑप्ट कर सकती है।

पिटीशनर हरिशरण देवगन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आनंद और एडवोकेट सत्यम सिंह राजपूत ने एक एमिकस क्यूरी नियुक्त करने का सुझाव दिया। भाटी ने जवाब दिया कि सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह को इस मामले में पहले ही एमिकस अपॉइंट किया जा चुका है।

नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया पर याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन और डॉक्टर सौरव कुमार, लक्ष्य मित्तल और आकाश सोनी की तरफ से फाइल की गई है। इसमें नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के 13 जनवरी के नोटिस को चुनौती दी गई है, जिसमें नीट पीजी 2025-26 काउंसलिंग के तीसरे राउंड के लिए मिनिमम क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल कम कर दिया गया था।

संशोधित योग्यता मापदंड के तहत, सामान्य श्रेणी का कट-ऑफ स्कोर 276 से घटाकर 103 कर दिया गया, जबकि क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटकर सातवें पर्सेंटाइल पर आ गया। SC, ST और OBC कैंडिडेट्स के लिए, कट-ऑफ स्कोर 235 से घटाकर माइनस 40 कर दिया गया। पिटीशनर्स का कहना है कि यह फैसला मनमाना, गैर-संवैधानिक है और संविधान के आर्टिकल 14 और 21 का उल्लंघन करता है।

Delhi Free JEE-NEET Coaching: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए दिल्ली सरकार ने शुरू की खास सुविधा, प्रवेश परीक्षा से चुने जाएंगे छात्र

Delhi Free JEE-NEET Coaching: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए दिल्ली सरकार ने शुरू की खास सुविधा, प्रवेश परीक्षा से चुने जाएंगे छात्र

Delhi Free JEE-NEET Coaching: दिल्ली सरकर ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए खास पहल की है। देश के इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों को दिल्ली सरकार की ओर से मुफ्त कोचिंग कराई जाएगी। दिल्ली सरकार की इस विशेष पहल के तहत एक साल का मुफ्त आवासीय कोचिंग प्रोग्राम घोषित किया गया है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने एक सर्कुलर जारी कर इस पहल की जानकारी दी है। फ्री कोचिंग प्रोग्राम पुणे की गैर लाभकारी संस्था दक्षिणा फाउंडेशन की स्पॉन्सर्ड स्कॉलरशिप के तहत दिया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने सरकारी और सरकारी मदद वाले स्कूलों में कक्षा 12 में पढ़ने वाले जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) और नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के छात्रों के लिए एक साल का फ्री रेजिडेंशियल कोचिंग प्रोग्राम अनाउंस किया है। दिल्ली सरकार और सरकारी मदद वाले स्कूलों में मौजूद शैक्षिक सत्र के दौरान कक्षा 12 (साइंस) में एनरोल छात्र इस पहल का लाभ ले सकते हैं। डीओई ने सभी सरकारी और सरकारी मदद वाले स्कूलों को इस पहल के बारे में सूचित किया है।

निदेशालय की ओर से योग्य छात्रों से चयन प्रक्रिया में हिस्सा लेने को कहा गया है। छात्रों का चयन जॉइंट दक्षिणा सिलेक्शन टेस्ट (JSDT) 2027 के जरिए होगा, जो दिसंबर 2026 में होगी। प्रवेश परीक्षा में सफल छात्रों को महाराष्ट्र के पुणे जिले के कडूस गांव में मौजूद फाउंडेशन के कैंपस दक्षिणा वैली में एक साल के लिए फ्री रेजिडेंशियल कोचिंग दी जाएगी।

डीओई ने कहा कि स्कॉलरशिप की राशि से कार्यक्रम का पूरा खर्च मैनेज हो जाएगा। स्कॉलरशिप में जेईई और नीट के लिए फ्री कोचिंग, एक साल के कोर्स के पूरे समय के लिए हॉस्टल में रहने की जगह और खाना शामिल है। दिल्ली सरकार और दक्षिणा फाउंडेशन की ये पहल खासतौर से ईडब्लूएस वर्ग के उन छात्रों के लिए लाभकारी साबित होगी, जो इंजीनियरिंग और मेडिसिन में करियर बनाना चाहते हैं, लेकिन महंगे कोचिंग इंस्टिट्यूट नहीं अफोर्ड कर सकते हैं।

इस प्रोग्राम का मकसद देश भर के बड़े इंजीनियरिंग और मेडिकल इंस्टिट्यूट में सरकारी स्कूल के छात्रों की उपस्थिति को बेहतर बनाना है। दिल्ली सरकार ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे योग्य छात्रों के बीच स्कॉलरशिप के बारे में जागरूकता फैलाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र इस मौके का फायदा उठा सकें। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब सरकारें टारगेटेड स्कॉलरशिप प्रोग्राम और शैक्षिक संस्थानों के साथ पार्टनरशिप के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक पहुंच को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही हैं।

Direct Admission to DU Without CUET: डीयू के दो कॉलेज छात्रों को 12वीं के नंबरों के आधार पर दे रहे प्रवेश, सीयूईटी का स्कोर जरूरी नहीं

Housing Scheme: दिल्ली के पास अपना घर होने का सपना होगा सच! सिर्फ 2 लाख रुपये में मिल रहा है शानदार फ्लैट

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोगों के लिए डासना गांव में किफायती फ्लैटों की योजना शुरू की है। इसके लिए रजिट्रेशन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों के बीच यह योजना उन लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो कम खर्च में अपना घर खरीदना चाहते हैं।

जीडीए की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस योजना के तहत एक घर की अनुमानित कीमत 4.49 लाख रुपये रखी गई है। पात्र लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। यानी कुल 2.50 लाख रुपये की सहायता के बाद लाभार्थी को अपनी जेब से सिर्फ करीब 1.99 लाख रुपये ही चुकाने होंगे। योजना के तहत घरों का आवंटन लॉटरी के जरिए किया जाएगा। लॉटरी की तारीख और अन्य जानकारी समय-समय पर जीडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

फ्लैट की कीमत कितनी है?

  • इस योजना के तहत एक फ्लैट की अनुमानित कीमत करीब 4.50 लाख रुपये रखी गई है। खास बात यह है कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी के बाद लाभार्थी को काफी कम रकम चुकानी पड़ेगी।
  • केंद्र सरकार की ओर से पात्र आवेदकों को 1.50 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी।

    उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।

  • इस तरह कुल 2.50 लाख रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद आवेदक को अपनी जेब से करीब 1.99 लाख रुपये यानी लगभग 2 लाख रुपये ही देने होंगे।

आवेदन से पहले जान लें जरूरी बातें

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आवेदन की अंतिम तिथि और पात्रता की शर्तों का ध्यान रखना जरूरी है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो सरकार द्वारा तय की गई सभी शर्तों को पूरा करते हों।

  • आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  • आवेदक उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले का निवासी होना चाहिए।
  • 20 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है।
  • आवेदक की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
  • परिवार की आय आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए।
  • अगर कोई व्यक्ति इन शर्तों को पूरा किए बिना आवेदन करता है, तो उसका आवेदन रद्द किया जा सकता है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही होने चाहिए, ताकि प्रक्रिया में कोई परेशानी न आए।

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • तहसीलदार या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी नया आय प्रमाण पत्र
  • गाजियाबाद का निवास प्रमाण पत्र
  • नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र, जिसमें यह घोषणा हो कि आवेदक या उसके परिवार के नाम पर देश में कहीं भी कोई पक्का मकान नहीं है।