Ghaziabad: रील बनाने गया था 17 साल का समीर, चोर समझकर गार्ड ने मारी गोली… अस्पताल में मौत

गाजियाबाद में शनिवार को एक 17 साल के लड़के की गोली लगने से मौत हो गई। आरोप है कि सिक्योरिटी गार्ड ने उसे चोर समझकर गोली मार दी। मृतक की पहचान समीर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह वहां रील बनाने के लिए गया था। यह घटना साहिबाबाद थाना क्षेत्र की पार्श्वनाथ बिल्डिंग के अंदर हुई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

सिक्योरिटी गार्ड ने मारी गोली

मृतक के परिवार ने आरोप लगाया है कि सिक्योरिटी गार्ड और उसके साथियों ने पहले किशोर के साथ मारपीट की। इसके बाद उसे गोली मार दी गई। पुलिस ने आरोपी सिक्योरिटी गार्ड और उसके साथियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, सिक्योरिटी गार्ड ने दावा किया है कि किशोर चोरी करने के इरादे से बिल्डिंग में आया था। हालांकि, मृतक के परिवार का कहना है कि समीर वहां रील बनाने के लिए गया था। पुलिस दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है।

‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, गोली लगने के बाद किशोर को एमएमजी अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी बंदूक भी जब्त कर ली है। मामले की जांच जारी है और पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

चोरी के शक में 17 साल के लड़के को गोली मारने का आरोप

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिक्योरिटी गार्ड विवेक यादव ने समीर को परिसर में घुसते हुए देखा। गार्ड को शक हुआ कि वह चोरी करने के इरादे से वहां आया है। आरोप है कि इसी शक के आधार पर यादव ने गोली चला दी। गोली समीर के पेट में लगी। पुलिस के मुताबिक, गोली लगने के बाद किशोर को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिवार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गार्ड ने किन परिस्थितियों में गोली चलाई। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि समीर पर चोरी का शक करने के पीछे कोई ठोस वजह थी या सिर्फ शक के आधार पर ही गोली चलाई गई। साहिबाबाद के एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि गार्ड को हिरासत में ले लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अब मिनटों में पहुंचेंगे दिल्ली! 900 करोड़ से ग्रेटर नोएडा में बनने जा रहा यूपी का पहला डबल-डेकर फ्लाईओवर

ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने की तैयारी है। यह फ्लाईओवर ग्रेनो वेस्ट की 130 मीटर रोड को शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक के रास्ते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इसके बनने से गाजियाबाद और दिल्ली की तरफ जाने वाले लोगों का सफर आसान होगा। इस परियोजना के पूरा होने से ग्रेटर नोएडा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। साथ ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद के बीच आने-जाने की सुविधा बेहतर होगी और एनसीआर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।

900 करोड़ आएगी लागत

रिपोर्ट के अनुसार, इस फ्लाईओवर के निर्माण पर करीब 900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके बनने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 130 मीटर चौड़ी सड़क सीधे शाहबेरी, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक और राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (एनएच-9) से जुड़ जाएगी। इससे लोगों को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक सीधा रास्ता मिलेगा और रोजाना इस मार्ग से सफर करने वाले हजारों यात्रियों का यात्रा समय भी काफी कम हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह छह लेन का एलिवेटेड फ्लाईओवर ग्रेटर नोएडा का पहला डबल-डेकर फ्लाईओवर होगा। इस परियोजना में अलग-अलग तरह के वाहनों के लिए अलग रास्ते बनाए जाएंगे, जिससे सड़क की क्षमता बढ़ेगी और व्यस्त समय में लगने वाले ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मिलेगा बड़ा फायदा

रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से नई हाउसिंग सोसायटियां और रिहायशी परियोजनाएं बन रही हैं। यह इलाका एनसीआर के सबसे बड़े आवासीय क्षेत्रों में शामिल हो गया है, लेकिन आबादी बढ़ने की तुलना में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास उतनी तेजी से नहीं हो पाया है। शाहबेरी के आसपास की संकरी सड़कें और नोएडा, गाजियाबाद व दिल्ली के बीच भारी ट्रैफिक के कारण यह इलाका अक्सर लंबे जाम का सामना करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, एयू रियल एस्टेट के निदेशक आशीष अग्रवाल ने कहा कि प्रस्तावित डबल-डेकर फ्लाईओवर यह दिखाता है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के तेजी से हो रहे विकास को देखते हुए अब बुनियादी ढांचे की योजना भी उसी रफ्तार से बनाई जा रही है।

उनका कहना है कि इस फ्लाईओवर से न सिर्फ ट्रैफिक जाम कम होगा, बल्कि बेहतर सुविधाओं की तलाश में घर खरीदने वाले लोगों के लिए इस इलाके का आकर्षण भी बढ़ेगा। रियल एस्टेट कंपनियों का कहना है कि यह फ्लाईओवर प्रोजेक्ट ग्रेटर नोएडा वेस्ट के विकास में एक बड़ा कदम साबित होगा। उनका मानना है कि इससे इलाके की सड़क व्यवस्था और आने-जाने की सुविधा पहले से बेहतर हो जाएगी।

बढ़ेगी कनेक्टिविटी, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सीआरसी ग्रुप के मार्केटिंग और बिजनेस मैनेजमेंट प्रमुख सलिल कुमार ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के तेजी से विकास में बेहतर सड़क और अन्य सुविधाओं का सबसे बड़ा योगदान रहा है। उनका कहना है कि शाहबेरी डबल-डेकर फ्लाईओवर इस दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे इलाके की कनेक्टिविटी और भी मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि फ्लाईओवर बनने के बाद एनएच-9, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक और ग्रेटर नोएडा जैसे प्रमुख इलाकों तक पहुंचना पहले से आसान हो जाएगा। इससे रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और उनका सफर भी आसान होगा।

सलिल कुमार ने कहा कि जब भी इस इलाके में कोई बड़ा कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट पूरा हुआ है, तब घरों की मांग और निवेश दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी को देखते हुए ऐसे विकास कार्य बहुत जरूरी हैं। इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पहचान एनसीआर के तेजी से विकसित हो रहे प्रमुख रिहायशी इलाकों में और मजबूत होगी।

गाजियाबाद के GH-7 सोसायटी की लिफ्ट में मारपीट, आरोपी ने AOA के पूर्व कोषाध्यक्ष को पीटा, वीडियो वायरल

Ghaziabad: गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र की GH-7 सोसाइटी में बुधवार सुबह कथित तौर पर पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी को लेकर हुआ विवाद तब हिंसक हो गया, जब एक व्यक्ति ने सोसाइटी के पूर्व कोषाध्यक्ष के साथ लिफ्ट के अंदर मारपीट की। हालांकि, इस पूरी घटना का वीडियो लिफ्ट में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया, जो कि अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

आरोपी की पहचान प्रह्लाद कुमार के तौर पर हुई है। आरोप है कि उसने लिफ्ट के अंदर दीपक चोपड़ा को घूंसे मारे और लात मारी। दीपक चोपड़ा सोसाइटी के अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) के पूर्व कोषाध्यक्ष हैं। बाद में चोपड़ा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) प्रियश्री पाल ने बताया कि GH-7 सोसाइटी के टॉवर 8 में रहने वाले दीपक चोपड़ा अपने बच्चों को स्कूल बस में बिठाकर अपने फ्लैट लौट रहे थे। इसी दौरान, आरोपी प्रह्लाद कुमार, जो उसी टावर 8 में रहता है, अपने बच्चों को स्कूल बस में छोड़ने के बाद उसी लिफ्ट में आया। जिसके बाद दोनों के बीच सोसाइटी फंड को लेकर बहस हुई और उन्होंने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

उन्होंने बताया कि आरोप है कि प्रह्लाद कुमार ने दीपक चोपड़ा को लात-घूंसे मारे और करीब तीन मिनट तक उन्हें पीटता रहा।

ACP ने आगे कहा कि चोपड़ा ने क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद प्रह्लाद कुमार को हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज ली है।

4 मिनट का CCTV वीडियो वायरल

घटना का लगभग चार मिनट का CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में चोपड़ा लिफ्ट के अंदर खड़े होकर अपना मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए दिख रहे हैं, तभी एक महिला अंदर आती है।

कुछ ही देर बाद, प्रह्लाद कुमार लिफ्ट में आते हैं। जब दोनों पुरुषों के बीच बहस होती है, तो महिला लिफ्ट से बाहर निकल जाती है।

फुटेज में कथित तौर पर प्रह्लाद कुमार को चोपड़ा पर हमला करने से पहले लिफ्ट का दरवाजा बंद करते हुए दिखाया गया है। उन्हें लगभग तीन मिनट तक चोपड़ा को बार-बार घूंसे मारते और लात मारते हुए देखा जा सकता है।

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Housing Scheme: दिल्ली के पास अपना घर होने का सपना होगा सच! सिर्फ 2 लाख रुपये में मिल रहा है शानदार फ्लैट

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोगों के लिए डासना गांव में किफायती फ्लैटों की योजना शुरू की है। इसके लिए रजिट्रेशन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों के बीच यह योजना उन लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो कम खर्च में अपना घर खरीदना चाहते हैं।

जीडीए की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस योजना के तहत एक घर की अनुमानित कीमत 4.49 लाख रुपये रखी गई है। पात्र लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। यानी कुल 2.50 लाख रुपये की सहायता के बाद लाभार्थी को अपनी जेब से सिर्फ करीब 1.99 लाख रुपये ही चुकाने होंगे। योजना के तहत घरों का आवंटन लॉटरी के जरिए किया जाएगा। लॉटरी की तारीख और अन्य जानकारी समय-समय पर जीडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

फ्लैट की कीमत कितनी है?

  • इस योजना के तहत एक फ्लैट की अनुमानित कीमत करीब 4.50 लाख रुपये रखी गई है। खास बात यह है कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी के बाद लाभार्थी को काफी कम रकम चुकानी पड़ेगी।
  • केंद्र सरकार की ओर से पात्र आवेदकों को 1.50 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी।

    उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।

  • इस तरह कुल 2.50 लाख रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद आवेदक को अपनी जेब से करीब 1.99 लाख रुपये यानी लगभग 2 लाख रुपये ही देने होंगे।

आवेदन से पहले जान लें जरूरी बातें

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आवेदन की अंतिम तिथि और पात्रता की शर्तों का ध्यान रखना जरूरी है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो सरकार द्वारा तय की गई सभी शर्तों को पूरा करते हों।

  • आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  • आवेदक उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले का निवासी होना चाहिए।
  • 20 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है।
  • आवेदक की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
  • परिवार की आय आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए।
  • अगर कोई व्यक्ति इन शर्तों को पूरा किए बिना आवेदन करता है, तो उसका आवेदन रद्द किया जा सकता है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही होने चाहिए, ताकि प्रक्रिया में कोई परेशानी न आए।

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • तहसीलदार या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी नया आय प्रमाण पत्र
  • गाजियाबाद का निवास प्रमाण पत्र
  • नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र, जिसमें यह घोषणा हो कि आवेदक या उसके परिवार के नाम पर देश में कहीं भी कोई पक्का मकान नहीं है।

‘बार-बार की एग्जाम से थक गया हूं’… NEET री-टेस्ट से 2 दिन पहले छात्र ने दी जान

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में शुक्रवार को एक दुखद घटना सामने आई है, यहां 22 वर्षीय जतिन कुमार अपने घर में मृत पाया गया। जतिन नीट (NEET) एग्जाम की तैयारी कर रहा था। ये दुखद घटना रविवार को आयोजित होने वाली NEET-UG री-टेस्ट से कुछ दिन पहले हुई। जतिन पिछले कई वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। हालांकि, कई बार प्रयास करने के बावजूद उसे सफलता नहीं मिल पाई थी। बताया जा रहा है कि वह लगातार एग्जाम और उसके दबाव को लेकर परेशान था।

आत्महत्या से पहले वीडियो किया था रिकॉर्ड

पुलिस जांच के दौरान जतिन के मोबाइल फोन से एक वीडियो भी मिला है। माना जा रहा है कि यह वीडियो उसने अपनी मौत से कुछ समय पहले रिकॉर्ड किया था। वीडियो में वह बार-बार एग्जाम देने, सफलता न मिलने और उससे पैदा हुई मानसिक थकान और निराशा के बारे में बात करता नजर आ रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मोबाइल से मिले वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

एग्जाम से पहले की आत्महत्या

परिवार के लोगों के अनुसार, नीट (NEET) एग्जाम की तैयारी कर रहा जतिन कुमार गुरुवार रात रोज की तरह अपने स्टडी रूम में पढ़ाई करने गया था। लेकिन जब वह शुक्रवार सुबह काफी देर तक बाहर नहीं आया, तो परिवार वालों को चिंता हुई। जब उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो वह बेसुध हालत में पड़ा मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।मामले की जानकारी मिलते ही विजय नगर थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घर का निरीक्षण किया, जरूरी सबूत जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस ने दी ये जानकारी 

नगर कोतवाली की सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) उपासना पांडे ने बताया कि जांच में मिले वीडियो को देखकर लगता है कि इसे जतिन ने अपनी मौत से कुछ समय पहले रिकॉर्ड किया था। पुलिस परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज कर रही है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नीट (NEET) परीक्षा को लेकर देशभर में फिर से चर्चा तेज हो गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के बाद 3 मई को आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया था, जिसके बाद परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

वहीं, एक अन्य मामले में मध्य प्रदेश के धार जिले की रहने वाली 21 वर्षीय अवंतिका मौर्य की इंदौर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अवंतिका नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी और अपनी बड़ी बहन के साथ रह रही थी, जो पेशे से डॉक्टर हैं। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात वह एक चार मंजिला इमारत से गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई और वजह थी।