Delhi Traffic Advisory 15 August: 15 अगस्त को लाल किले के आसपास कई रास्ते बंद, निकलने से पहले देखें पूरी एडवाइजरी

Delhi Traffic Advisory 15 August: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 15 अगस्त को लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करेंगे। वहीं, समारोह स्थल के आस-पास की कई सड़कें सुबह 4 बजे से 10 बजे तक आम ट्रैफिक के लिए बंद रहेंगी और प्रभावित रास्तों पर सिर्फ खास पहचान वाले वाहनों को ही आने-जाने की इजाजत होगी।

एडवाइजरी में यात्रियों के लिए वैकल्पिक रास्ते, मालवाहक वाहनों और बसों पर पाबंदियां, और शहर के मुख्य इलाकों की ओर जाने वाली सेवाओं के लिए डायवर्जन की जानकारी भी दी गई है। इसके अलावा, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और ISBT कश्मीरी गेट जाने वाले यात्रियों से अपील की गई है कि वे पहले से अपने सफर का प्लान बना लें और तय किए गए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

बंद रहेंगी ये सड़कें

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त को सुबह 4 बजे से 10 बजे तक कई प्रमुख सड़कें आम लोगों के लिए बंद रहेंगी। इनमें शामिल हैं:

  • नेताजी सुभाष मार्ग — दिल्ली गेट से चट्टा रेल चौक तक
  • लोथियन रोड — GPO दिल्ली से चट्टा रेल चौक तक
  • एसपी मुखर्जी मार्ग — एचसी सेन मार्ग से यमुना बाजार चौक तक
  • चांदनी चौक रोड — फाउंटेन चौक से लाल किले तक
  • निषाद राज मार्ग — रिंग रोड से नेताजी सुभाष मार्ग तक
  • एस्प्लेनेड रोड और नेताजी सुभाष मार्ग से जुड़ी इसकी लिंक रोड
  • रिंग रोड — राजघाट से ISBT तक

इन रास्तों से भी बचने की सलाह

जिन गाड़ियों पर पार्किंग लेबल नहीं हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे पाबंदी वाले समय के दौरान C-हेक्सागन इंडिया गेट, कॉपरनिकस मार्ग, मंडी हाउस, सिकंदरा रोड, तिलक मार्ग, मथुरा रोड, BSZ मार्ग, नेताजी सुभाष मार्ग, J L नेहरू मार्ग, और निज़ामुद्दीन खट्टा व ISBT कश्मीरी गेट के बीच रिंग रोड और आउटर रिंग रोड के हिस्सों पर जाने से बचें।

उत्तर-दक्षिण दिशा में जाने के लिए ये रास्ते अपनाएं

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने उत्तर से दक्षिण और दक्षिण से उत्तर जाने वाले लोगों के लिए कई वैकल्पिक रास्ते बताए हैं। इनमें अरविंदो मार्ग, सफदरजंग रोड, कमाल अतातुर्क मार्ग, कौटिल्य मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, पार्क स्ट्रीट, मंदिर मार्ग, पंचकुइयां रोड और रानी झांसी रोड शामिल हैं।

इसके अलावा लोग कनॉट प्लेस, मिंटो रोड, भवभूति मार्ग, अजमेरी गेट, श्रद्धानंद मार्ग, लाहौरी गेट चौक, नया बाजार, पीली कोठी और एसपी मुखर्जी मार्ग के रास्ते भी आ-जा सकते हैं।

यमुना पार करने के लिए निजामुद्दीन ब्रिज, पुस्ता रोड, जीटी रोड और युधिष्ठिर सेतु का इस्तेमाल किया जा सकता है।

पूर्व-पश्चिम दिशा में जाने के लिए वैकल्पिक रास्ते

पूर्व से पश्चिम और पश्चिम से पूर्व जाने वाले लोगों के लिए NH-24/NH-9, निजामुद्दीन खट्टा, बारापुल्ला रोड, DND, रिंग रोड, भैरों रोड और मथुरा रोड समेत अन्य जुड़े हुए रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसके अलावा विकास मार्ग, आईपी मार्ग, डीडीयू मार्ग और मिंटो रोड भी वैकल्पिक रास्ते के तौर पर उपलब्ध रहेंगे।

DND-NH-24-युधिष्ठिर सेतु-सिग्नेचर ब्रिज-वजीराबाद ब्रिज वाला कॉरिडोर भी खुला रहेगा।

हालांकि, ओल्ड आयरन ब्रिज और गीता कॉलोनी ब्रिज से शांति वन की तरफ जाने वाला रास्ता बंद रहेगा।

मालवाहक वाहनों और बसों पर भी रहेगी रोक

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, 14 अगस्त की आधी रात से 15 अगस्त की सुबह 11 बजे तक निजामुद्दीन खट्टा और वजीराबाद ब्रिज के बीच माल ढोने वाले वाहनों को चलने की इजाजत नहीं होगी। इस दौरान महाराणा प्रताप ISBT और सराय काले खां ISBT के बीच दूसरे राज्यों से आने-जाने वाली बसों को भी चलने की इजाजत नहीं होगी।

साथ ही, 14 अगस्त की आधी रात से 15 अगस्त की सुबह 11 बजे तक ISBT कश्मीरी गेट और निजामुद्दीन खट्टा के बीच रिंग रोड पर लोकल सिटी बसें (DTC बसों सहित) नहीं चलेंगी।

इसके अलावा, लोथियन रोड, नेताजी सुभाष मार्ग, एस पी मुखर्जी मार्ग, विकास मार्ग, मथुरा रोड और C-हेक्सागन व सेंट्रल दिल्ली के आस-पास की सड़कों समेत कई सड़कों पर दूसरे शहरों से आने वाली बसों और DTC बसों के लिए पाबंदियां होंगी।

इन रास्तों से डायवर्ट होंगी बसें

गाजियाबाद से दिल्ली आने वाली दूसरे राज्यों की बसें ISBT कश्मीरी गेट में घुसने से पहले भोपुरा चुंगी रोड और वजीराबाद रोड का इस्तेमाल करेंगी। धौला कुआं से आने वाली बसों का रूट रिंग रोड, पंजाबी बाग, आजादपुर और चांदनी राम अखाड़ा की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। वहीं, फरीदाबाद से आने वाली बसें सराय काले खां पर अपनी यात्रा खत्म कर सकती हैं या ISBT कश्मीरी गेट की तरफ जाने के लिए दूसरे रास्तों का इस्तेमाल कर सकती हैं। पुलिस ने कहा कि JPN हॉस्पिटल जाने-आने पर कोई पाबंदी नहीं होगी।

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे आखिरी समय में होने वाली परेशानी से बचने के लिए जल्दी निकलें और कहा है कि जरूरी जगहों पर जानकारी देने वाले साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। 15 अगस्त को सुबह 5 बजे से लेकर ट्रैफिक डायवर्जन हटने तक, गोखले मार्ग, घाटा मस्जिद, यमुना बाजार, दिल्ली गेट और छट्टा रेल चौक पर DTC की रिकवरी वैन तैनात रहेंगी। वहीं, आजादी के दिन कार्यक्रम स्थल पर जाने वाले लोगों से यह भी कहा गया है कि वे कैमरा, दूरबीन, रिमोट-कंट्रोल कार की चाबियां, छाता, हैंडबैग, ब्रीफकेस, ट्रांजिस्टर, सिगरेट लाइटर, टिफिन बॉक्स और पानी की बोतलें साथ न लाएं।

कुल मिलाकर, 15 अगस्त को दिल्ली के कई हिस्सों में सड़कें बंद रहेंगी, रूट डायवर्ट किए जाएंगे और बसों की आवाजाही पर भी रोक रहेगी। इसका सबसे ज्यादा असर लाल किले और सेंट्रल दिल्ली के आसपास के इलाकों में देखने को मिलेगा। हालांकि, यात्रियों के लिए वैकल्पिक रास्ते उपलब्ध रहेंगे और सुबह 11 बजे के बाद ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।

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Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा को लेकर हाईअलर्ट, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत ये रास्ते रहेंगे बंद, भारतीय रेलवे ने चलाई कई स्पेशल ट्रेनें

Kanwar Yatra 2026: उत्तर भारत के कई राज्यों में प्रशासन ने कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान लाखों कांवड़ियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें स्पेशल ट्रेन सेवाएं, अतिरिक्त बसों की व्यवस्था और ट्रैफिक डायवर्जन जैसे उपाय शामिल हैं, ताकि आम यात्रियों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए उत्तर रेलवे ने स्पेशल ट्रेन सेवाएं शुरू की हैं और कुछ मौजूदा ट्रेनों के रूट का विस्तार भी किया है। इन ट्रेनों में शामिल है-

दिल्ली-सहारनपुर MEMU ट्रेन, जो 30 जुलाई से 14 अगस्त तक हरिद्वार तक चलेगी। यह ट्रेन दिल्ली से शाम 4:15 बजे चलेगी, रात 8:50 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। वहां 20 मिनट रुकने के बाद यह रवाना होगी और रुड़की व ज्वालापुर होते हुए रात 10:50 बजे हरिद्वार पहुंचेगी। वापसी की यात्रा में, यह ट्रेन हरिद्वार से रात 2 बजे चलेगी और सुबह 8:45 बजे दिल्ली पहुंचेगी।

इसी तरह, दिल्ली-शामली DEMU ट्रेन को भी 30 जुलाई से 14 अगस्त के बीच शामली, थाना भवन, रामपुर मनिहारन और टपरी होते हुए हरिद्वार तक बढ़ाया गया है।

इसके अलावा, नॉर्दर्न रेलवे तीर्थयात्रा के मौसम में दो स्पेशल मेला ट्रेनें भी चलाएगा। इनमें हरिद्वार-दिल्ली शाहदरा मेला स्पेशल ट्रेन (टपरी के रास्ते) 30 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगी, जबकि योगनगरी ऋषिकेश-दिल्ली शाहदरा मेला स्पेशल ट्रेन (टपरी के रास्ते) 30 जुलाई से 14 अगस्त तक संचालित की जाएगी।

हरियाणा में भी चलेंगी अतिरिक्त बसें 

हरियाणा रोडवेज ने भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभी बल्लभगढ़ और हरिद्वार के बीच रोजाना दो बसें चल रही हैं और यात्रियों की मांग के आधार पर और बसें चलाई जा सकती हैं। News18 की रिपोर्ट के अनुसार, बस का किराया पहले की तरह 385 रुपये प्रति यात्री रखा गया है।

वहीं, गाजियाबाद पुलिस ने ट्रैफिक मैनेजमेंट का एक विस्तृत प्लान लागू किया है। शहर में 29 जुलाई से 12 अगस्त तक भारी मालवाहक गाड़ियों के आने पर रोक रहेगी। इन भारी वाहनों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, NH-9 और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से डायवर्ट किया जाएगा।

इसके अलावा, गंगा नहर ट्रैक, कांवड़ मार्ग, पाइपलाइन मार्ग, NH-34 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी भारी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक रहेगी।

गाजियाबाद के इलाकों में वाहनों पर लागू रहेंगी पाबंदियां

5 अगस्त से 12 अगस्त तक गाजियाबाद के कई इलाकों में कारों, टेम्पो, पिकअप और दूसरे हल्के कमर्शियल वाहनों पर भी पाबंदियां लागू रहेंगी। कुछ खास रूटों पर ऑटो-रिक्शा सर्विस बंद रहेगी। जबकि, रोडवेज, प्राइवेट और इलेक्ट्रिक बसों को सीमापुरी बॉर्डर और तुलसी निकेतन के रास्ते शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

प्रशासन ने एम्बुलेंस और इमरजेंसी गाड़ियों की बिना रुकावट आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाए हैं। साथ ही संवेदनशील जगहों पर CCTV कैमरे, ड्रोन और अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

मुजफ्फरनगर के इन रास्तों पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी

वहीं, मुजफ्फरनगर में दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे और गंगा नहर रोड पर भारी वाहनों पर पाबंदियां 30 जुलाई से शुरू हो जाएंगी। 4 अगस्त से 12 अगस्त तक इन रास्तों पर सभी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक रहेगी और हाईवे का एक खास हिस्सा सिर्फ कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा।

इसके अलावा, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उत्तर प्रदेश वाला हिस्सा 7 अगस्त से 12 अगस्त तक ट्रैफिक के लिए बंद रहेगा। मेरठ, हरिद्वार और मुजफ्फरनगर जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें, जिनमें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और NH-9 शामिल हैं।

मिर्जापुर प्रशानस ने ट्रैफिक डायवर्जन की घोषणा की

मिर्जापुर जिला प्रशासन ने भी 31 जुलाई से 28 अगस्त तक ट्रैफिक डायवर्जन की घोषणा की है। सावन के महीने में दूध, पेट्रोलियम उत्पादों और स्कूल के सामान जैसी जरूरी चीजें ले जाने वाले वाहनों को छोड़कर, अन्य भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। कांवड़ियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए कई डायवर्जन रूट तय किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्य रास्तों और स्नान घाटों पर अस्थायी पुलिस स्टेशन, गोताखोर और अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं।

अधिकारियों ने जारी की एडवाइजरी

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने भक्तों और आम यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा करने से पहले ट्रेनों के लेटेस्ट शेड्यूल, बस सेवाओं और ट्रैफिक एडवाइजरी को देख लें, क्योंकि भीड़ की आवाजाही के आधार पर व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा सकता है।

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अब मिनटों में पहुंचेंगे दिल्ली! 900 करोड़ से ग्रेटर नोएडा में बनने जा रहा यूपी का पहला डबल-डेकर फ्लाईओवर

ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने की तैयारी है। यह फ्लाईओवर ग्रेनो वेस्ट की 130 मीटर रोड को शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक के रास्ते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इसके बनने से गाजियाबाद और दिल्ली की तरफ जाने वाले लोगों का सफर आसान होगा। इस परियोजना के पूरा होने से ग्रेटर नोएडा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। साथ ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद के बीच आने-जाने की सुविधा बेहतर होगी और एनसीआर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।

900 करोड़ आएगी लागत

रिपोर्ट के अनुसार, इस फ्लाईओवर के निर्माण पर करीब 900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके बनने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 130 मीटर चौड़ी सड़क सीधे शाहबेरी, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक और राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (एनएच-9) से जुड़ जाएगी। इससे लोगों को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक सीधा रास्ता मिलेगा और रोजाना इस मार्ग से सफर करने वाले हजारों यात्रियों का यात्रा समय भी काफी कम हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह छह लेन का एलिवेटेड फ्लाईओवर ग्रेटर नोएडा का पहला डबल-डेकर फ्लाईओवर होगा। इस परियोजना में अलग-अलग तरह के वाहनों के लिए अलग रास्ते बनाए जाएंगे, जिससे सड़क की क्षमता बढ़ेगी और व्यस्त समय में लगने वाले ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मिलेगा बड़ा फायदा

रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से नई हाउसिंग सोसायटियां और रिहायशी परियोजनाएं बन रही हैं। यह इलाका एनसीआर के सबसे बड़े आवासीय क्षेत्रों में शामिल हो गया है, लेकिन आबादी बढ़ने की तुलना में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास उतनी तेजी से नहीं हो पाया है। शाहबेरी के आसपास की संकरी सड़कें और नोएडा, गाजियाबाद व दिल्ली के बीच भारी ट्रैफिक के कारण यह इलाका अक्सर लंबे जाम का सामना करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, एयू रियल एस्टेट के निदेशक आशीष अग्रवाल ने कहा कि प्रस्तावित डबल-डेकर फ्लाईओवर यह दिखाता है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के तेजी से हो रहे विकास को देखते हुए अब बुनियादी ढांचे की योजना भी उसी रफ्तार से बनाई जा रही है।

उनका कहना है कि इस फ्लाईओवर से न सिर्फ ट्रैफिक जाम कम होगा, बल्कि बेहतर सुविधाओं की तलाश में घर खरीदने वाले लोगों के लिए इस इलाके का आकर्षण भी बढ़ेगा। रियल एस्टेट कंपनियों का कहना है कि यह फ्लाईओवर प्रोजेक्ट ग्रेटर नोएडा वेस्ट के विकास में एक बड़ा कदम साबित होगा। उनका मानना है कि इससे इलाके की सड़क व्यवस्था और आने-जाने की सुविधा पहले से बेहतर हो जाएगी।

बढ़ेगी कनेक्टिविटी, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सीआरसी ग्रुप के मार्केटिंग और बिजनेस मैनेजमेंट प्रमुख सलिल कुमार ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के तेजी से विकास में बेहतर सड़क और अन्य सुविधाओं का सबसे बड़ा योगदान रहा है। उनका कहना है कि शाहबेरी डबल-डेकर फ्लाईओवर इस दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे इलाके की कनेक्टिविटी और भी मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि फ्लाईओवर बनने के बाद एनएच-9, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक और ग्रेटर नोएडा जैसे प्रमुख इलाकों तक पहुंचना पहले से आसान हो जाएगा। इससे रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और उनका सफर भी आसान होगा।

सलिल कुमार ने कहा कि जब भी इस इलाके में कोई बड़ा कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट पूरा हुआ है, तब घरों की मांग और निवेश दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी को देखते हुए ऐसे विकास कार्य बहुत जरूरी हैं। इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पहचान एनसीआर के तेजी से विकसित हो रहे प्रमुख रिहायशी इलाकों में और मजबूत होगी।