PM Awas Yojana 2026: लखनऊ में 2640 सस्ते फ्लैट का रास्ता साफ, दो बड़ी आवासीय योजनाओं में जल्द शुरू होगी लैंड पूलिंग

PM Awas Yojana 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लोगों को किफायती दरों पर घर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) अनंत नगर और शारदा नगर विस्तार योजना में कुल 2,640 सस्ते फ्लैट विकसित करेगा। इन फ्लैटों का निर्माण प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों आवासीय योजनाओं के लिए जल्द ही लैंड पूलिंग की प्रक्रिया भी शुरू होगी।

सोमवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन दोनों योजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। योजना के तहत मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए भी दो बेडरूम वाले फ्लैट बनाए जाएंगे।

8.99 लाख रुपये में मिल सकता है वन BHK फ्लैट

LDA की दोनों योजनाओं में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत बनने वाले वन बीएचके फ्लैट की कीमत करीब 8.99 लाख रुपये रखी गई है। इनके निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से ढाई लाख रुपये तक की सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है। योजना में मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए भी दो बेडरूम वाले फ्लैट बनाए जाएंगे। यानी अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए यहां किफायती आवास विकसित किए जाएंगे।

अनंत नगर में बनेगा 14 मंजिला आदित्य अपार्टमेंट

अनंत नगर आवासीय योजना में आदित्य अपार्टमेंट विकसित किया जाएगा। यह इमारत 14 मंजिला होगी। योजना में पीएम आवास योजना के तहत सभी जरूरी नई सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इन सुविधाओं में स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक केंद्र, किराना स्टोर, मेडिकल शॉप, मिल्क बूथ, एटीएम और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी। इसका उद्देश्य यह है कि यहां रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए योजना से बाहर न जाना पड़े।

शारदा नगर विस्तार में बनेगा बागेश्वरी अपार्टमेंट

शारदा नगर विस्तार योजना में बागेश्वरी अपार्टमेंट बनाया जाएगा। यह परियोजना PGI के पास और शारदा नगर विस्तार योजना के तहत प्रस्तावित है। यहां बनने वाला बागेश्वरी अपार्टमेंट 12 मंजिला होगा।इस परियोजना में कुल 1248 फ्लैट बनाए जाने की योजना है। इनमें 312 फ्लैट प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होंगे। जबकि 936 फ्लैट दो बेडरूम कैटेगरी के बनाए जाएंगे। पीएम आवास योजना के फ्लैटों की कीमत करीब 8.99 लाख रुपये होगी। जबकि दो बेडरूम वाले फ्लैट की कीमत करीब 34.82 लाख रुपये तय की गई है।

अनंत नगर में कितने फ्लैट बनेंगे?

अनंत नगर आवासीय योजना में बनने वाले आदित्य अपार्टमेंट में कुल 1392 फ्लैट बनाए जाने की योजना है। यह भी 14 मंजिला भवन होगा। इस तरह अनंत नगर और शारदा नगर विस्तार की दोनों योजनाओं को मिलाकर कुल 2640 फ्लैट विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं में पीएम आवास योजना के लाभार्थियों के साथ-साथ मध्यम आय वर्ग के लोगों को भी ध्यान में रखा गया है।

4500 एकड़ जमीन जुटाने की तैयारी

लखनऊ में इन दो बड़ी आवासीय योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए लैंड पूलिंग की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है। इसके तहत करीब 4500 एकड़ जमीन जुटाई जाएगी। मोहनलालगंज क्षेत्र में 9 अगस्त तक किसानों के साथ बातचीत की गई है। जमीन की कीमत तय करने को लेकर सहमति बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब समिति की बैठक हो चुकी है। अब लैंड पूलिंग के नियमों के तहत दोनों योजनाओं के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

किसानों की सहमति से होगी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया

लखनऊ विकास प्राधिकरण की दोनों आवासीय योजनाओं के लिए किसानों की सहमति से जमीन लेने की योजना है। इसके लिए पहले किसानों से बातचीत और जमीन के मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आवास विकास परिषद के लखनऊ जोन के उप आवास आयुक्त चंदन पटेल ने बताया कि किसानों की सहमति के आधार पर जमीन लेने से पहले नियोजन समिति की बैठक की जा चुकी है। इस प्रक्रिया के बाद लैंड पूलिंग के नियमों के तहत जमीन जुटाने का काम आगे बढ़ेगा।

करीब दो लाख लोगों को मिलेगा आशियाना

इन दोनों योजनाओं के लिए करीब 4,500 एकड़ जमीन जुटाई जानी है। प्रस्तावित विकास से करीब दो लाख से अधिक लोगों को आशियाना मिलने की उम्मीद है। योजनाओं में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ आधुनिक शहरी ढांचे को विकसित करने की योजना है। दोनों परियोजनाओं में सड़कों को फोर लेन बनाया जाएगा। वहीं, मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए सिक्स लेन की व्यवस्था की जाएगी। जरूरत के हिसाब से फ्लाईओवर और अंडरपास भी बनाए जाने की योजना है। ड़ा, बेली, शिथौलीकला, शिवलर और हबुआपुर की जमीन प्रस्तावित की गई है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी नई कॉलोनियां

इन आवासीय योजनाओं में सिर्फ फ्लैट बनाने पर ही जोर नहीं है, बल्कि पूरी तरह विकसित आवासीय क्षेत्र तैयार करने की योजना है। यहां स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं के साथ बाजार और रोजमर्रा की जरूरतों की दुकानें भी विकसित की जाएंगी। सड़कों, फ्लाईओवर और अंडरपास जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ इन क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने की तैयारी है।

कुल मिलाकर क्या बदलेगा?

लखनऊ की इन दोनों बड़ी योजनाओं के पूरा होने के बाद राजधानी में 2640 नए किफायती और मध्यम आय वर्ग के फ्लैट उपलब्ध होंगे। पीएम आवास योजना के तहत करीब 8.99 लाख रुपये में फ्लैट मिलने से कम आय वर्ग के लोगों के लिए घर खरीदना आसान हो सकता है, वहीं, मध्यम आय वर्ग के लिए करीब 34.82 लाख रुपये की लागत वाले दो बेडरूम फ्लैट विकसित किए जाएंगे। लैंड पूलिंग के जरिए बड़े क्षेत्र में सुनियोजित विकास होने से मोहनलालगंज और आसपास के इलाकों में आने वाले वर्षों में आवासीय और बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार होने की उम्मीद है।

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PM Awas Yojana: अभी 1.08 करोड़ घर मिलेंगे, जानिए इस सरकारी योजना का लाभ कैसे उठाएं

PM Awas Yojana: केंद्र सरकार ने संसद में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की ताजा प्रगति रिपोर्ट दी है। इसमें गांव और शहर, दोनों योजनाओं की स्थिति बताई गई है। सरकार के मुताबिक, जुलाई 2026 तक PMAY-Gramin (PMAY-G) के तहत 3.10 करोड़ से ज्यादा और PMAY-Urban (PMAY-U) के तहत 99.07 लाख से ज्यादा घर बनकर लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं।

गांवों में कितने घर बने?

21 जुलाई को लोकसभा में सरकार ने बताया कि 4.18 करोड़ घरों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 3.92 करोड़ घरों को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 3.10 करोड़ घर बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिए गए लक्ष्य के मुकाबले करीब 1.08 करोड़ घर अभी बनने बाकी हैं।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, FY22 से FY26 के बीच केंद्र सरकार ने PMAY-G के लिए ₹1,34,242.45 करोड़ जारी किए। वहीं, FY27 के लिए शुरुआती तौर पर ₹41,924.60 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राज्यों को दिए जाने वाले लक्ष्य के हिसाब से इस रकम में बदलाव भी हो सकता है।

घर के साथ और क्या मिलता है?

PMAY-G में सिर्फ पक्का घर नहीं दिया जाता। दूसरी सरकारी योजनाओं का फायदा भी साथ में जोड़ा जाता है।

16 जुलाई तक 3.08 करोड़ घरों में शौचालय बनाए जा चुके हैं। 2.43 करोड़ घरों को पानी का कनेक्शन मिला है। 3.07 करोड़ घरों में बिजली पहुंच चुकी है। वहीं, 2.90 करोड़ परिवारों को LPG कनेक्शन भी दिया गया है। इसके अलावा 1.35 करोड़ परिवारों को स्वयं सहायता समूह (SHG) से जोड़ा गया है।

शहरों में भी सिर्फ घर बनाकर नहीं दिया जाता। घर के साथ पानी, बिजली, सड़क और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाता है।

लाभार्थियों का चयन कैसे होता है?

दोनों योजनाओं में पहले इच्छुक को घर के लिए आवेदन करना पड़ता है। फिर सरकार यह जांचती है कि आवेदक योजना की सभी शर्तें पूरी करता है या नहीं।

PMAY-G में गांव के जरूरतमंद परिवारों की पहचान सरकारी सर्वे के आधार पर की जाती है। देखा जाता है कि परिवार के पास पक्का घर है या नहीं और वह योजना की पात्रता में आता है या नहीं। पात्र पाए जाने पर उसका नाम लाभार्थी सूची में शामिल किया जाता है।

वहीं, PMAY-U में राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश पहले अपने इलाके में घरों की जरूरत का आकलन करते हैं। इसके बाद परियोजनाएं बनाकर केंद्र सरकार को भेजी जाती हैं। आवेदन करने वाले लोगों के दस्तावेज और पात्रता की जांच होती है। जो लोग सभी शर्तें पूरी करते हैं, उन्हें योजना का लाभ दिया जाता है।

PM Awas Yojana के लिए आवेदन कैसे करें?

अगर गांव में रहते हैं (PMAY-G)

  • सबसे पहले ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय में संपर्क करें।
  • अगर आपके इलाके में Awaas+ सर्वे चल रहा है, तो उसमें अपना नाम दर्ज कराएं।
  • आधार कार्ड, बैंक खाते और दूसरे जरूरी दस्तावेज जमा करें।
  • पात्रता की जांच के बाद आपका नाम लाभार्थी सूची में जोड़ा जाएगा।
  • मंजूरी मिलने पर घर बनाने के लिए किस्तों में पैसा सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा।

अगर शहर में रहते हैं (PMAY-U 2.0)

  • PMAY-U 2.0 की वेबसाइट या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर आवेदन करें।
  • पहले अपनी पात्रता जांचें।
  • इसके बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आधार, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाते और दूसरे जरूरी दस्तावेज जमा करें।
  • आवेदन जमा होने के बाद उसकी जांच होगी।
  • पात्र पाए जाने पर योजना का लाभ मिलेगा और आवेदन की स्थिति ऑनलाइन भी देख सकेंगे।

घर बनने में कितना समय लगता है?

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के मुताबिक, शहरों में एक आवास परियोजना पूरी होने में आमतौर पर 12 से 36 महीने लगते हैं। यह जमीन की उपलब्धता, जरूरी मंजूरियों, फंडिंग और परियोजना के आकार पर निर्भर करता है।

सरकार का कहना है कि मंजूर घर तय समय पर पूरे हों, इसके लिए लगातार निगरानी की जाती है। नियमित समीक्षा बैठकें होती हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रगति देखी जाती है। जरूरत पड़ने पर अधिकारियों की फील्ड विजिट भी कराई जाती है।

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Housing Scheme: दिल्ली के पास अपना घर होने का सपना होगा सच! सिर्फ 2 लाख रुपये में मिल रहा है शानदार फ्लैट

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोगों के लिए डासना गांव में किफायती फ्लैटों की योजना शुरू की है। इसके लिए रजिट्रेशन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों के बीच यह योजना उन लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो कम खर्च में अपना घर खरीदना चाहते हैं।

जीडीए की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस योजना के तहत एक घर की अनुमानित कीमत 4.49 लाख रुपये रखी गई है। पात्र लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। यानी कुल 2.50 लाख रुपये की सहायता के बाद लाभार्थी को अपनी जेब से सिर्फ करीब 1.99 लाख रुपये ही चुकाने होंगे। योजना के तहत घरों का आवंटन लॉटरी के जरिए किया जाएगा। लॉटरी की तारीख और अन्य जानकारी समय-समय पर जीडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

फ्लैट की कीमत कितनी है?

  • इस योजना के तहत एक फ्लैट की अनुमानित कीमत करीब 4.50 लाख रुपये रखी गई है। खास बात यह है कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी के बाद लाभार्थी को काफी कम रकम चुकानी पड़ेगी।
  • केंद्र सरकार की ओर से पात्र आवेदकों को 1.50 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी।

    उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।

  • इस तरह कुल 2.50 लाख रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद आवेदक को अपनी जेब से करीब 1.99 लाख रुपये यानी लगभग 2 लाख रुपये ही देने होंगे।

आवेदन से पहले जान लें जरूरी बातें

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आवेदन की अंतिम तिथि और पात्रता की शर्तों का ध्यान रखना जरूरी है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो सरकार द्वारा तय की गई सभी शर्तों को पूरा करते हों।

  • आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  • आवेदक उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले का निवासी होना चाहिए।
  • 20 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है।
  • आवेदक की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
  • परिवार की आय आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए।
  • अगर कोई व्यक्ति इन शर्तों को पूरा किए बिना आवेदन करता है, तो उसका आवेदन रद्द किया जा सकता है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही होने चाहिए, ताकि प्रक्रिया में कोई परेशानी न आए।

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • तहसीलदार या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी नया आय प्रमाण पत्र
  • गाजियाबाद का निवास प्रमाण पत्र
  • नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र, जिसमें यह घोषणा हो कि आवेदक या उसके परिवार के नाम पर देश में कहीं भी कोई पक्का मकान नहीं है।