PM Awas Yojana: अभी 1.08 करोड़ घर मिलेंगे, जानिए इस सरकारी योजना का लाभ कैसे उठाएं

PM Awas Yojana: केंद्र सरकार ने संसद में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की ताजा प्रगति रिपोर्ट दी है। इसमें गांव और शहर, दोनों योजनाओं की स्थिति बताई गई है। सरकार के मुताबिक, जुलाई 2026 तक PMAY-Gramin (PMAY-G) के तहत 3.10 करोड़ से ज्यादा और PMAY-Urban (PMAY-U) के तहत 99.07 लाख से ज्यादा घर बनकर लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं।

गांवों में कितने घर बने?

21 जुलाई को लोकसभा में सरकार ने बताया कि 4.18 करोड़ घरों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 3.92 करोड़ घरों को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 3.10 करोड़ घर बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिए गए लक्ष्य के मुकाबले करीब 1.08 करोड़ घर अभी बनने बाकी हैं।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, FY22 से FY26 के बीच केंद्र सरकार ने PMAY-G के लिए ₹1,34,242.45 करोड़ जारी किए। वहीं, FY27 के लिए शुरुआती तौर पर ₹41,924.60 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राज्यों को दिए जाने वाले लक्ष्य के हिसाब से इस रकम में बदलाव भी हो सकता है।

घर के साथ और क्या मिलता है?

PMAY-G में सिर्फ पक्का घर नहीं दिया जाता। दूसरी सरकारी योजनाओं का फायदा भी साथ में जोड़ा जाता है।

16 जुलाई तक 3.08 करोड़ घरों में शौचालय बनाए जा चुके हैं। 2.43 करोड़ घरों को पानी का कनेक्शन मिला है। 3.07 करोड़ घरों में बिजली पहुंच चुकी है। वहीं, 2.90 करोड़ परिवारों को LPG कनेक्शन भी दिया गया है। इसके अलावा 1.35 करोड़ परिवारों को स्वयं सहायता समूह (SHG) से जोड़ा गया है।

शहरों में भी सिर्फ घर बनाकर नहीं दिया जाता। घर के साथ पानी, बिजली, सड़क और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाता है।

लाभार्थियों का चयन कैसे होता है?

दोनों योजनाओं में पहले इच्छुक को घर के लिए आवेदन करना पड़ता है। फिर सरकार यह जांचती है कि आवेदक योजना की सभी शर्तें पूरी करता है या नहीं।

PMAY-G में गांव के जरूरतमंद परिवारों की पहचान सरकारी सर्वे के आधार पर की जाती है। देखा जाता है कि परिवार के पास पक्का घर है या नहीं और वह योजना की पात्रता में आता है या नहीं। पात्र पाए जाने पर उसका नाम लाभार्थी सूची में शामिल किया जाता है।

वहीं, PMAY-U में राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश पहले अपने इलाके में घरों की जरूरत का आकलन करते हैं। इसके बाद परियोजनाएं बनाकर केंद्र सरकार को भेजी जाती हैं। आवेदन करने वाले लोगों के दस्तावेज और पात्रता की जांच होती है। जो लोग सभी शर्तें पूरी करते हैं, उन्हें योजना का लाभ दिया जाता है।

PM Awas Yojana के लिए आवेदन कैसे करें?

अगर गांव में रहते हैं (PMAY-G)

  • सबसे पहले ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय में संपर्क करें।
  • अगर आपके इलाके में Awaas+ सर्वे चल रहा है, तो उसमें अपना नाम दर्ज कराएं।
  • आधार कार्ड, बैंक खाते और दूसरे जरूरी दस्तावेज जमा करें।
  • पात्रता की जांच के बाद आपका नाम लाभार्थी सूची में जोड़ा जाएगा।
  • मंजूरी मिलने पर घर बनाने के लिए किस्तों में पैसा सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा।

अगर शहर में रहते हैं (PMAY-U 2.0)

  • PMAY-U 2.0 की वेबसाइट या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर आवेदन करें।
  • पहले अपनी पात्रता जांचें।
  • इसके बाद आवेदन फॉर्म भरें।
  • आधार, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाते और दूसरे जरूरी दस्तावेज जमा करें।
  • आवेदन जमा होने के बाद उसकी जांच होगी।
  • पात्र पाए जाने पर योजना का लाभ मिलेगा और आवेदन की स्थिति ऑनलाइन भी देख सकेंगे।

घर बनने में कितना समय लगता है?

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के मुताबिक, शहरों में एक आवास परियोजना पूरी होने में आमतौर पर 12 से 36 महीने लगते हैं। यह जमीन की उपलब्धता, जरूरी मंजूरियों, फंडिंग और परियोजना के आकार पर निर्भर करता है।

सरकार का कहना है कि मंजूर घर तय समय पर पूरे हों, इसके लिए लगातार निगरानी की जाती है। नियमित समीक्षा बैठकें होती हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रगति देखी जाती है। जरूरत पड़ने पर अधिकारियों की फील्ड विजिट भी कराई जाती है।

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आइए जानते हैं कि इस योजना के तहत फ्लैट की कीमत क्या होगी, सरकार कितनी सब्सिडी दे रही है और इसमें आवेदन करने के क्या-क्या नियम हैं।

1 लाख फ्लैट बनाने की योजना, पहले चरण में बनेंगे 7680 फ्लैट्स

तेलंगाना सरकार की योजना GHMC, साइबराबाद और मलकाजगिरि नगर निगम की सीमाओं के भीतर चरणबद्ध तरीके से 1 लाख किफायती फ्लैट्स बनाने की है। शुरुआती चरण में तेलंगाना हाउसिंग बोर्ड 16 विधानसभा क्षेत्रों में 7680 लो इनकम ग्रुप (LIG) फ्लैट्स बनाएगा। बाद में इस प्रोजेक्ट का विस्तार करके 26 विधानसभा क्षेत्रों को इसमें शामिल किया जाएगा। हर LIG फ्लैट का बिल्ट-अप एरिया 528 वर्ग फीट (400 वर्ग फीट कारपेट एरिया) होगा।

क्या होगी फ्लैट की कीमत? ₹5 लाख मिलेगी सरकारी सब्सिडी

आवास मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि सरकार उन इलाकों में भी घर उपलब्ध करा रही है जहां जमीन की कीमतें 2 लाख रुपये से 3 लाख रुपये प्रति वर्ग गज तक हैं। इस योजना के तहत हर पात्र लाभार्थी को ₹5 लाख की सरकारी सब्सिडी मिलेगी। लाभार्थी महिला/परिवार को सिर्फ ₹6 लाख का भुगतान करना होगा। सरकार परियोजना के लिए जमीन मुफ्त उपलब्ध करा रही है। इससे घर की कुल लागत काफी कम हो गई है। सूचना प्रौद्योगिकी और उद्योग मंत्री दुद्डिला श्रीधर बाबू ने कहा कि सरकार का संकल्प तेलंगाना को झोपड़ी-मुक्त राज्य बनाना है।

कैसे करें आवेदन?

इंदिरम्मा इंदलू योजना के तहत आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया भी विस्तार से बताई गई है। इसके लिए 23 जुलाई से 10 अगस्त के बीच आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवार मीसेवा (MeeSeva) केंद्रों और व्हाट्सएप के जरिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए एप्लीकेशन फीस ₹100 तय की गई है। आवेदकों को ₹10000 की रिफंडेबल अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जमा करनी होगी। अगर फ्लैट आवंटित हो जाता है तो यह राशि लाभार्थी के हिस्से में एडजस्ट कर ली जाएगी। अगर फ्लैट अलॉट नहीं होता है तो ये पैसा रिफंड कर दिया जाएगा।

क्या हैं पात्रता की शर्तें?

योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को नीचे दी गईं शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा-

  • निवासी होना जरूरी: आवेदक कम से कम 10 वर्षों से CURE क्षेत्र में रह रहा हो।
  • कोई अन्य घर या प्लॉट न हो: आवेदक के पास आउटर रिंग रोड (ORR) की सीमा के भीतर अपना कोई मकान, फ्लैट या प्लॉट नहीं होना चाहिए।
  • आय सीमा: परिवार की कुल वार्षिक आय ₹6 लाख तक होनी चाहिए।
  • प्रति परिवार एक आवेदन: एक परिवार से सिर्फ एक ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा।

लॉटरी सिस्टम और वेरिफिकेशन: अगर आवेदनों की संख्या उपलब्ध फ्लैटों से अधिक होती है तो दस्तावेजों की जांच और 360-डिग्री सत्यापन के बाद पारदर्शी लॉटरी सिस्टम के माध्यम से फ्लैट्स का आवंटन किया जाएगा।

10 साल तक बेचने या किराए पर देने पर रोक: आवंटित फ्लैट को लाभार्थी 10 साल तक न तो बेच सकेंगे और न ही किराए पर दे सकेंगे। होम लोन के लिए बैंक में मॉर्गेज (बंधक) रखने की अनुमति होगी।

किस्तों में पेमेंट का शेड्यूल

तेलंगाना हाउसिंग बोर्ड ने लाभार्थियों के लिए चरणबद्ध पेमेंट प्लान भी पेश किया है-

  • आवेदन के समय: ₹100 फीस + ₹10000 EMD
  • अस्थायी आवंटन पर: ₹1 लाख
  • आरसीसी (RCC) स्ट्रक्चर पूरा होने पर: ₹2 लाख
  • फिनिशिंग स्टेज के दौरान: ₹2 लाख
  • कब्जा मिलने से पहले: शेष राशि

आरक्षण के नियम भी होंगे लागू

राज्य सरकार की नीति के मुताबिक योजना में विशेष आरक्षण का प्रावधान किया गया है। कुल फ्लैटों का 50% हिस्सा एससी (SC), एसटी (ST), बीसी (BC), दिव्यांगजनों, आउटसोर्सिंग/क्लास-IV कर्मचारियों और स्वच्छता कर्मचारियों ॉके लिए आरक्षित रहेगा। हर श्रेणी में 30% फ्लैट्स महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे।

पहले चरण में किन-किन इलाकों में मिलेंगे 480-480 फ्लैट्स?

पहले चरण के तहत CURE क्षेत्र के 16 विधानसभा क्षेत्रों में फ्लैट आवंटित किए जाएंगे। राजेंद्रनगर (मेलारदेवपल्ली), महेश्वरम (जालपल्ली), सेरिलिंगमपल्ली (रायदुर्गम), इब्राहिमपटनम (बंदलागुड़ा एलआईजी कॉलोनी), मल्काजगिरि (कोवकूर), कारवान (कुलसुमपुरा), बहादुरपुरा (नंदी मुसलीगुड़ा), अंबरपेट (सिटी पुलिस लाइन्स), कुकटपल्ली (केपीएचबी कॉलोनी), मेडचल (पोचारम एलआईजी कॉलोनी), कुथबुल्लापुर (गाजुलारामारम), सनतनगर (पतिगड्डा), सिकंदराबाद छावनी (मारेडपल्ली-महेंद्र हिल्स), और मलकपेट (गड्डियनारम आरएंडबी क्वार्टर), इन क्षेत्रों में 480-480 फ्लैट्स मिलेंगे।

  • नामपल्ली (480 फ्लैट्स): 360 फ्लैट्स एचएमडब्ल्यूएसएसबी कार्यालय के पास रेड हिल्स में और 120 फ्लैट्स निलोफर अस्पताल के पास।
  • खैरताबाद (480 फ्लैट्स): 120 फ्लैट्स हकीमपेट दरगाह पर और 360 फ्लैट्स जुबली हिल्स में एमएलए कॉलोनी के पास।