AYUSH PG Entrance Test 2026: आधिकारिक वेबसाइट पर देखें प्रोविजनल आंसर की, 5 सितंबर रात 11.59 बजे तक कर सकते हैं चैलेंज

AYUSH PG Entrance Test 2026: ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट (AIAPGET) 2026 देने वाले परीक्षार्थियों के लिए बड़ा अपडेट है। इस परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अस्थायी उत्तर कुंजी (Provisional Answer Key) का इंतजार कर रहे हैं। इन परीक्षार्थियों का इंतजार खत्म करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एआईएपीजीईटी 2026 की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है। कैंडिडेट आधिकारिक पोर्टल के जरिए आंसर-की चेक कर सकते हैं। साथ ही, आंसर को अगर कोई चुनौती देना चाहते हैं, तो उसे दर्ज कर सकते हैं। टेस्टिंग एजेंसी ने आधिकारिक वेबसाइट पर रिकॉर्ड किए गए जवाबों के साथ प्रश्नपत्र भी अपलोड कर दिए हैं।

चैलेंज विंडो 5 सितंबर रात 11:59 बजे तक खुली रहेगी। कैंडिडेट इसी डेडलाइन तक चैलेंज फीस भी दे सकते हैं। किसी सवाल को चैलेंज करने के लिए, कैंडिडेट को हर सवाल के लिए 200 रुपये फीस देनी होगी। चैलेंज सिर्फ आधिकारिक पोर्टल के जरिए ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे। प्रोसेसिंग फीस डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से दी जा सकती है। प्रोसेसिंग फीस दिए बिना कोई भी चैलेंज स्वीकार नहीं किया जाएगा। फीस किसी और तरीके से स्वीकार नहीं की जाएगी।

22 अगस्त को हुआ था एआईएपीजीईटी 2026

एनटीए ने 22 अगस्त को देश के 104 शहरों में लगभग 205 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 51,482 कैंडिडेट के लिए एआईएपीजीईटी 2026 आयोजित किया था। यह परीक्षा कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में हुई थी। इसके अलावा, 49 कैंडिडेट के लिए री-टेस्ट 1 सितंबर को राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन, जयपुर में कंडक्ट किया गया था।

विशेषज्ञों का पैनल करेगा चुनौती आकलन

एनटीए के मुताबिक, कैंडिडेट के दिए गए चैलेंज को विषय विशेषज्ञों का एक पैनल वेरिफाई करेगा। अगर कोई चैलेंज सही पाया जाता है, तो आंसर की को बदला जाएगा और उसी हिसाब से सभी कैंडिडेट के जवाबों पर लागू किया जाएगा। फाइनल आंसर की के आधार पर, रिजल्ट तैयार किए जाएंगे और घोषित किए जाएंगे। किसी भी कैंडिडेट को उनके चैलेंज के स्वीकार या अस्वीकार किए जाने के बारे में नहीं बताया जाएगा।

परीक्षा एजेंसी ने कहा, “चैलेंज पर विचार करने के बाद विशेषज्ञ जो आंसर की फाइनल करेंगे, वही अंतिम होगी। 5 सितंबर, रात 11:59 बजे के बाद कोई भी चैलेंज स्वीकार नहीं किया जाएगा।” अधिक जानकारी के लिए, कैंडिडेट एनटीए से 011-40759000 पर संपर्क कर सकते हैं या aiapget@nta.ac.in पर ईमेल कर सकते हैं।

परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा के बारे में ताजा जानकारी के लिए नियमित एनटीए की वेबसाइट और आधिकारिक एआईएपीजीईटी पोर्टल देखते रहें।

NTA advisory for NEET, JEE, CUET: एनटीए ने जारी की ग्रीवांस एडवाइजरी, छात्रों की चिंताओं के जल्दी समाधान के लिए दिया सुझाव

NTA advisory for NEET, JEE, CUET: एनटीए ने जारी की ग्रीवांस एडवाइजरी, छात्रों की चिंताओं के जल्दी समाधान के लिए दिया सुझाव

NTA advisory for NEET, JEE, CUET: नीट यूजी, जेईई और सीयूईटी जैसी बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल देने वाले देश के लाखों-करोड़ों छात्रों की सहूलियत के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने समाधान एडवाइजरी जारी की है। छात्रों को अब एनटीए को शिकायत या सवाल भेजते समय अपनी जरूरी डिटेल सही-सही साझा करनी होगी। एजेंसी द्वारा जारी नई एडवाइजरी में बताया गया है कि इन डिटेल्स में परीक्षा का नाम, आवेदन संख्या और दूसरी जरूरी जानकारी शामिल है। एनटीए ने कहा कि जानकारी गायब होने से किसी छात्र की पहचान और वेरिफिकेशन मुश्किल हो सकती है, क्योंकि लाखों उम्मीदवार इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं।

एनटीए ने छात्रों को इन परीक्षाओं से जुड़ी किसी समस्या, शिकायत या चिंता के बारे में संपर्क करते समय कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने का सुझाव दिया है। इनमें शामिल हैं :

रजिस्टर्ड ईमेल ID का इस्तेमाल करें छात्र

एजेंसी ने कहा कि वह हर असली चिंता का सही और सावधानी से समाधान करना चाहता है। छात्रों को अपनी शिकायतें उसी रजिस्टर्ड ईमेल ID से भेजनी चाहिए जिसका इस्तेमाल उन्होंने परीक्षा के लिए आवेदन करते समय किया था। इससे एजेंसी को संबंधित कैंडिडेट की पहचान करने और उसे ट्रेस करने में मदद मिलेगी।

आवेदन संख्या बताना जरूरी

कैंडिडेट्स को ईमेल की सब्जेक्ट लाइन में अपना एप्लीकेशन नंबर लिखना चाहिए।

एग्जाम का नाम

अपनी चिंता से जुड़ी परीक्षा का नाम छात्रों साफ-साफ दर्ज करना होगा।

समस्या को संक्षेप में बताएं

एनटीए ने छात्रों से कहा है कि वे अपनी समस्या संक्षेप में बताएं और जहां भी लागू हो, उससे जुड़े स्क्रीनशॉट या सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स अटैच करें।

शिकायत सही हेल्पडेस्क पर भेजें

छात्रों को अपनी चिंताएं उस खास परीक्षा के लिए बने हेल्पडेस्क के पंजीकृत ईमेल आईडी पर भेजनी चाहिए। एजेंसी ने कहा कि संबंधित ईमेल एड्रेस परीक्षा के इन्फॉर्मेशन बुलेटिन और उसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मौजूद होता है।

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UGC NET June 2026 Result: यूजीसी नेट ने जारी 84 विषयों की फाइनल आंसर और रिजल्ट, 6 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने दी थी परीक्षा

UGC NET June 2026 Result: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट जून 2026 के रिजल्ट घोषित कर दिए हैं और 84 विषयों के लिए सब्जेक्ट और श्रेणी के हिसाब से कट-ऑफ मार्क्स जारी कर दिए हैं। जो उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे, वे आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर लॉग इन करके अपने रिजल्ट और श्रेणी के हिसाब से कट-ऑफ मार्क्स देख सकते हैं। बता दें, तीन विषयों अंग्रेजी, कॉमर्स ओर सोशियोलॉजी की परीक्षा सितंबर में दोबारा होगी, जिसके बाद इनका रिजल्ट जारी किया जाएगा।

यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा के लिए कुल 7,73,806 कैंडिडेट ने पंजीकरण किया था। इसमें 4,30,195 (55.59%) महिलाएं, 3,43,575 (44.40%) पुरुष और 36 (0.01%) थर्ड-जेंडर कैंडिडेट शामिल थे। यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा 22, 23, 24, 25, 29, 30 जून और 5 जुलाई को देश भर के 286 शहरों में 655 परीक्षा केंद्रों पर 87 सब्जेक्ट के लिए कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की गई थी। इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी – की परीक्षा 9 और 10 सितंबर को दोबारा होगी।

यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा के 84 विषयों के लिए उम्मीदवारों के प्रश्नपत्र, अस्थायी उत्तर कुंजी और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स 16 अगस्त को जारी किए गए थे। इन पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए उम्मीदवारों को 18 अगस्त तक समय दिया गया था। परीक्षार्थियों द्वारा सबमिट की गई चुनौतियों की विशेषज्ञों ने समीक्षा की, जिसके बाद फाइनल आंसर की को फाइनल किया गया, और परिणाम प्रोसेस किए गए।

एक नजर में रिजल्ट

84 विषयों में परीक्षा के लिए पंजीकृत 7,73,806 उम्मीदवारों में से 6,07,151 उम्मीदवार शामिल हुए।

JRF और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए क्वालिफाई हुए कैंडिडेट : 4,241

असिस्टेंट प्रोफेसर और PhD में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए कैंडिडेट : 45,904

सिर्फ PhD के लिए क्वालिफाई हुए कैंडिडेट : 97,434

इन उम्मीदवारों को नहीं दिखेगा स्कोरकार्ड

एनटीए ने कहा कि इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षा देने वाले उम्मीदवार अगर यूजीसी नेट जून 2026 का स्कोरकार्ड एक्सेस करने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें “इनवैलिड एप्लीकेशन नंबर/पासवर्ड” मैसेज मिल सकता है। इन उम्मीदवारों का स्कोरकार्ड/रिजल्ट उनकी परीक्षाएं दोबारा होने के बाद ही मिलेगा। यह परीक्षाएं 9 और 10 सितंबर, 2026 को दोबारा आयोजित होंगी।

एजेंसी के आधिकारिक नोटिस में लिखा है, “योग्य उम्मीदवार के पात्रता मानदंड, स्वघोषणा, अलग-अलग दस्तावेज वगैरह को यूजीसी नेट जून 2026 के सूचना बुलेटिन में बताए गए मानकों के हिसाब से संबंधित अधिकारिकयों द्वारा तय प्रक्रिया के हिसाब से वेरिफाई किया जाएगा।”

Reforms in Public Examinations: सरकार ने शुरू की सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, जनता से मांगा सुझाव

Reforms in Public Examinations: सरकार ने शुरू की सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, जनता से मांगा सुझाव

Reforms in Public Examinations: हाल के महीनों में आयोजित बड़ी और प्रमुख परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों के बीच सरकार देश की सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था में व्यापक पैमाने पर बदलाव की तैयारी कर रही है। इसके तहत सरकार ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। देश की परीक्षा व्यवस्था में बदलाव पर आम जनता 13 सितंबर 2026 तक सुझाव दे सकती है। इसके लिए पहले ही नंदन नीलकेणी की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स (HPTF) बनाई गई है। यह फोर्स नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित सार्वजनिक परीक्षा समेत उसके आयोजन, सुरक्षा, डिजाइन और गवर्नेंस में बड़े सुधारों की जांच करेगी और सुझाव देगी।

टास्क फोर्स संस्थागत व्यवस्था और प्रक्रिया को मजबूत करने, परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा में सुधार करने, सही तकनीक का इस्तेमाल करने और एग्जामिनेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के तरीकों की जांच कर रही है। यह परीक्षा प्रक्रिया के दौरान सुगमता और समावेश को बढ़ावा देने और छात्रों की सुरक्षा के तरीकों पर भी गौर कर रही है। इसका मकसद एक ऐसी सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था बनाना है जो मजबूत, सुरक्षित, पारदर्शी, बराबर और भविष्य के लिए तैयार हो।

कौन सुझाव दे सकता है?

एचपीटीएफ ने छात्रों और उम्मीदवारों, अभिभावकों, शिक्षकों और शैक्षिक संस्थानों, परीक्षा आयोजित करने वाली और टेस्ट इंडेंट करने वाली संस्थाओं, विषय विशेषज्ञों, तकनीकी पेशेवरों, औद्योगिक संस्थानों और सिविल सोसाइटी संस्थानों सहित कई स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं। दूसरे इच्छुक स्टेकहोल्डर भी अपने इनपुट दे सकते हैं।

इन मुख्य बिंदुओं पर विचार किया जा रहा है

सुझावों में सार्वजनिक परीक्षा का आयोजन और सुरक्षा, परीक्षा तंत्र का प्रारूप और मूल्यांकन का तरीका, गवर्नेंस और जवाबदेही, और संस्थागत व्यवस्था शामिल हो सकते हैं।स्टेकहोल्डर परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने, उनका पता लगाने और उन्हें ठीक करने के साथ-साथ सुरक्षित कंप्यूटर-बेस्ड टेस्टिंग सहित टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर भी इनपुट दे सकते हैं।

टास्क फोर्स परीक्षा व्यवस्था का ढांचा बनाने और उसे बढ़ाने और सोशल, इकोनॉमिक, रीजनल और भाषाई ग्रुप्स तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए एक समावेशी परीक्षा फ्रेमवर्क विकसित करने पर भी सुझाव मांग रही है। दूसरे बिंदुओं में पारदर्शिता, शिकायत का समाधान, स्टेकहोल्डर कम्युनिकेशन और परीक्षा प्रक्रिया के दौरान छात्रों की भलाई को बढ़ावा देने के उपाय शामिल हैं। स्टेकहोल्डर कोई और उपाय भी सुझा सकते हैं जो परीक्षा व्यवस्था में वैल्यू ऐड कर सके।

सुझाव देने की आखिरी तारीख

एचपीटीएफ ने स्टेकहोल्डर्स से 13 सितंबर, 2026 तक अपने सुझाव देने को कहा है। सुझाव आधिकारिक वेबसाइट, फोन, WhatsApp या ईमेल से इंग्लिश, हिंदी और दूसरी रीजनल भाषाओं में दिए जा सकते हैं।

वेबसाइट: examreforms-taskforce.dopt.gov.in

फोन: 1800-180-4747

WhatsApp: “hptf” लिखकर +91 78270 42830 पर भेजें।

ईमेल: ExamReformsTaskforce@dopt.gov.in

GATE Registration 2027: नहीं शुरू हुआ गेट पंजीकरण, आईआईटी मद्रास ने रजिस्ट्रेशन शेड्यूल में किया बदलाव

NEET UG 2026 Counselling: जारी नहीं हुआ है नीट यूजी राउंड 1 काउंसलिंग रिजल्ट, एमसीसी 21 अगस्त को जारी करेगा मेरिट लिस्ट

NEET UG 2026 Counselling: नीट यूजी 2026 काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन करने और चॉइस लॉकिंग प्रक्रिया से गुजरने के बाद छात्र अब पहले राउंड के काउंसलिंग परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। इस मेरिट लिस्ट में नाम आने के बाद छात्र अपने आवंटित कॉलेज या संस्थान में प्रवेश की प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे और अपनी सीट पक्की करेंगे। लेकिन मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) अंडरग्रेजुएट (UG) काउंसलिंग 2026 के पहले राउंड के रिजल्ट की तारीख बदलने का फैसला किया है।

नई घोषणा के अनुसार, नीट यूजी 2026 काउंसलिंग राउंड 1 का रिजल्ट अब 21 अगस्त को घोषित किया जाएगा। सीट आवंटन के बाद, अगर कैंडिडेट आवंटित सीट स्वीकार करते हैं, तो उन्हें 22 से 31, 2026 तक आवंटित संस्थान में रिपोर्ट करना होगा। नए कार्यक्रम के अनुसार, डेटा का वेरिफिकेशन 1 सितंबर को किया जाएगा। एमसीसी ने यह भी घोषणा की है कि राउंड 1 स्टेट काउंसलिंग प्रोसेस अब 27 अगस्त तक जारी रहेगा।

मेडिकल बॉडी ने कहा कि टाइम शेड्यूल का ईमानदारी से पालन सुनिश्चित करने और काउंसलिंग आयोजित करने के लिए उपलब्ध सीमित समय को ध्यान में रखते हुए, सभी भाग लेने वाले इंस्टीट्यूट और कॉलेजों को सभी शनिवार, रविवार और गजेटेड छुट्टियों को वर्किंग डे मानने का निर्देश दिया गया है। बदला हुआ काउंसलिंग शेड्यूल कमेटी की ऑफिशियल वेबसाइट mcc.nic.in पर उपलब्ध है। अगर किसी कैंडिडेट को सीट अलॉट हो जाती है, तो वे अपनी पसंद के हिसाब से अपना अलॉटमेंट फ्रीज या फ्लोट कर सकते हैं।

जो लोग सीट अपग्रेडेशन के लिए बाद के काउंसलिंग राउंड में हिस्सा लेने के लिए ‘फ्लोट’ ऑप्शन चुनते हैं, वे तय समयसीमा के अंदर ऑनलाइन मोड से दस्तावेज सत्यापन समेत प्रवेश की औपचारिकता पूरी कर सकेंगे। इस दौरान, उन्हें आवंटित किए गए संस्थान में फिजिकली रिपोर्ट करने, मूल दस्तावेज जमा करने या प्रवेश फीस देने की जरूरत नहीं होगी। इस साल लाए गए सुधारों के मुताबिक, जब तक वे बाद के काउंसलिंग राउंड में हिस्सा नहीं लेते, तब तक उनका अस्थायी प्रवेश वैध रहेगा।

आगे क्या?

अगर नीट यूजी काउंसलिंग राउंड 1 के बाद कोई सीट अलॉट नहीं होती है, तो कैंडिडेट नीट 2026 काउंसलिंग के अगले राउंड में हिस्सा लेने के लिए योग्य हो जाएंगे। अगर किसी कैंडिडेट को सीट अलॉट हो जाती है, तो वे अपनी पसंद के हिसाब से अपना अलॉटमेंट फ्रीज या फ्लोट कर सकते हैं। मेडिकल कमिटी के बताए गए नए नियमों के मुताबिक, अपग्रेडेशन चुनने वाले कैंडिडेट को फिजिकल रिपोर्टिंग की जरूरत नहीं है।

NTA major reforms: एनटीए की परीक्षा टीम से हटाए गए 600 विशेषज्ञ, अब सीआईएसएफ संभालेगी एनटीए ऑफिस की सुरक्षा का जिम्मा

आय से अधिक संपत्ति मामला, राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जानिए क्या है पूरा मामला

आय से अधिक संपत्ति मामला, राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जानिए क्या है पूरा मामला

Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case

Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष चल रही कार्यवाही को आगे न बढ़ाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को इस मामले में हाई कोर्ट के सामने कोई भी रिपोर्ट दाखिल करने से रोक दिया है।

 

अदालत ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि इस मामले में कार्यवाही को आगे न बढ़ाया जाए। साथ ही सीबीआई और ईडी समेत सभी संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इस मामले में हाई कोर्ट के समक्ष अपनी कोई भी जांच रिपोर्ट दाखिल न करें। ALSO READ: UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

शीर्ष अदालत ने जारी किया नोटिस

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई की। राहुल गांधी की ओर से अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा और दलीलें पेश कीं। सिब्बल की दलीलों पर गौर करने के बाद शीर्ष अदालत ने सीबीआई, ईडी और याचिकाकर्ता (कर्नाटक निवासी एस विग्नेश शिशिर) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

क्या था इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश?

इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस आरएस चौहान और जस्टिस बीआर सिंह की खंडपीठ ने कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई करते हुए जांच एजेंसियों को निर्देश जारी किए थे। हाई कोर्ट ने सीबीआई, ईडी, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (SFIO) को आठ सप्ताह के भीतर आरोपों पर जवाब दाखिल करने को कहा था। उस समय सीबीआई और ईडी ने हाई कोर्ट को सूचित किया था कि उन्हें शिकायत मिल चुकी है और वे आरोपों की जांच कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकते हैं। इसी आदेश के खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ALSO READ: पीएम रात में नहीं सोते, अमित शाह संसद से भाग गए…राहुल गांधी ने दिखाए तेवर, कहा- हम इनको पागल कर देंगे!

राहुल गांधी की संपत्ति से जुड़ा क्या है यह मामला?

यह मामला कर्नाटक के एक भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई एक जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा हुआ है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने आय के अपने ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है। याचिका में मांग की गई थी कि राहुल गांधी की कुल संपत्ति, वित्तीय लेनदेन और कॉर्पोरेट मामलों में कथित संलिप्तता की गहन जांच सीबीआई (CBI), ईडी (ED) और गंभीर कपट अन्वेषण कार्यालय (SFIO) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों से कराई जाए।

राहुल गांधी की ओर से इसे राजनीति से प्रेरित और निराधार बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने फिलहाल हाई कोर्ट की कार्यवाही और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।

LIVE: सावन सोमवार को मंदिरों में उमड़ी भीड़, 2 बड़े हादसों में 15 की मौत

LIVE: सावन सोमवार को मंदिरों में उमड़ी भीड़, 2 बड़े हादसों में 15 की मौत

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Latest News Today Live Updates in Hindi : सोवन सोमवार और नाग पंचमी पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़। लखीसराय के अशोक धाम और बीरभूम के तारापीठ में हुए 2 दर्दनाक हादसों में 15 लोगों की मौत हो गई। पल पल की जानकारी…

सोवन सोमवार और नाग पंचमी पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़। उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए खुला। सालभर में केवल एक दिन, नाग पंचमी पर ही खुलता है यह मंदिर।राहुल गांधी ने UGC-NET की समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य परीक्षाएं रद्द किए जाने को लेकर NTA और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सितंबर में दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के प्रति चिंता जताते हुए NTA नेतृत्व की जवाबदेही की मांग की। ALSO READ: UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

बिहार के लखीसराय में स्थित इंद्र दमनेश्वर मंदिर में बिजली का पोल गिरने से करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई जबकि 12 घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। यह मंदिर अशोकधाम के नाम से भी प्रसिद्ध है। ALSO READ: सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, करंट की अफवाह से मची भगदड़; 8 श्रद्धालुओं की मौत
 

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में तारापीठ मंदिर के पास बिंदिशिनी होटल में सोमवार सुबह करीब 4 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हैं। एसी में शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह बताया जा रहा है। ALSO READ: तारापीठ मंदिर में दर्शन से पहले दर्दनाक हादसा, होटल में भीषण आग से 7 श्रद्धालुओं की मौत

Top News 17 August: नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ी भीड़, दिल्ली कूच की तैयारी में किसान; UGC-NET री-एग्जाम की तारीख घोषित

Top News 17 August: नाग पंचमी पर मंदिरों में उमड़ी भीड़, दिल्ली कूच की तैयारी में किसान; UGC-NET री-एग्जाम की तारीख घोषित

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Top News 17 August : नाग पंचमी और श्रावण के तीसरे सोमवार को मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, दिल्ली मार्च के तैयारी में जुटे किसान। NTA ने यूजीसी नेट की रिएक्जाम का कार्यक्रम जारी किया। AI बॉस ने मांगा लेट आने वाले कर्मचारी का इस्तीफा। CJP के अभियान से जुड़े युवा के पिता की मौत हो गई। 17 अगस्त की बड़ी खबरें: 

 

नाग पंचमी और श्रावण का तीसरा सोमवार

श्रावण के तीसरे सोमवार के अवसर पर देश भर के शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं का तांता। नाग पंचमी पर उज्जैन के महाकालेश्वर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर भी रात 12 बजे से श्रद्धालुओं के लिए खुला। साल भर में केवल एक दिन ही यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुलता है। ALSO READ: नाग पंचमी पर असली नाग नहीं बल्कि इस तरह नाग बनाकर करते हैं पूजा, जानिए संपूर्ण विधि

 

दिल्ली मार्च की तैयारी में किसान

किसानों ने खनौरी बॉर्डर पर बिताई रात। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के प्रमुख जगजीत सिंह डल्लेवाल ने रविवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार से अपील की कि वे भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली की ओर बढ़ने दें।

 

UGC-NET: NTA फिर लेगा 3 विषयों की परीक्षा

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने यूजीसी नेट जून 2026 के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है। अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर और समाजशास्त्र की 10 सितंबर को होगी। इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गंभीर खामियां सामने आई थीं। ALSO READ: NTA का बड़ा फैसला, UGC-NET परीक्षा हुई रद्द, इन 3 विषयों की दोबारा होगी Exam, जानिए क्या है कारण?

 

AI बॉस ने मांगा इस्तीफा

सैन फ्रांसिस्को में एआई से चलने वाली प्रयोगात्मक दुकान एंडॉन मार्केट में AI प्रबंधक ‘लूना’ ने एक मानव कर्मचारी को नौकरी से निकालने की सिफारिश की। कर्मचारी 23 शिफ्ट में 17 बार देर से काम पर पहुंचा था। हालांकि अंतिम फैसला AI ने अकेले नहीं लिया।

 

CJP के अभियान से जुड़े युवा के पिता की मौत

पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में कॉकरोच जनता पार्टी के अभियान से जुड़े एक कार्यकर्ता के पिता की मौत हो गई। सीजेपी ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट का आरोप लगाया है। सीएम शुभेंदु अधिकरी ने कहा है कि तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस दो अन्य की तलाश कर रही है। उन्होंने मामले में पूरा इंसाफ होने का भरोसा भी दिलाया।

UGC NET के इन तीन सब्जेक्ट का रि-एग्जाम कराएगा NTA, जारी हुआ शेड्यूल

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC-NET जून 2026 की कुछ परीक्षाओं को दोबारा कराने का फैसला किया है। ये फैसला अभ्यर्थियों की ओर से प्रश्नपत्र को लेकर उठाई गई आपत्ति के बाद लिया गया है। एजेंसी इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी सब्जेक्ट्स का रिएग्जाम कराने का निर्णय लिया है। एजेंसी ने इन तीन सब्जेक्ट्स के लिए डेट का भी ऐलान कर दिया है। NTA के इस फैसले का मकसद परीक्षा से जुड़ी शिकायतों को दूर करना है। बता दें UGC-NET की जून 2026 परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों में आयोजित की गई थी।

क्वेश्चन पेपर में मिली थी गड़बड़ी

X पर NTA ने बताया कि एक कमेटी ने अभ्यर्थियों की शिकायतों की जांच की, जिसके बाद तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया। जांच में प्रश्नपत्रों में कई तरह की बड़ी गलतियां सामने आईं। इनमें तथ्यों से जुड़ी गलतियां, टाइपिंग और अनुवाद की समस्याएं, प्रसिद्ध विद्वानों के नाम का छूट जाना, किताबों के नाम में गड़बड़ी और कुछ सवालों की भाषा में कमी जैसी शिकायतें शामिल थीं।

वहीं जांच में पाया गया कि, क्वेश्चन पेपर में ग्रामर और नंबर से जुड़ी गलतियां, सही तरीके से स्पष्ट न किए गए ऑप्शन, कुछ विषयों के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल और सवालों या उनके विकल्पों का दोहराव शामिल था। NTA के मुताबिक, इन सभी दिक्कतों को परीक्षा के बाद केवल गलत सवालों को हटाकर ठीक करना संभव नहीं था। इसलिए इन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया।

कब होगा एग्जाम

UGC-NET जून 2026 के तीन विषयों की परीक्षा अब नई तारीखों पर आयोजित की जाएगी। इंग्लिश का पेपर 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा, जबकि कॉमर्स की परीक्षा उसी दिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। वहीं, सोशियोलॉजी का पेपर 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा की नई तारीख और समय की जानकारी ध्यान से चेक कर लें।

रीएग्जाम के लिए नहीं देनी होगी कोई फीस

NTA ने साफ किया कि दोबारा होने वाली UGC-NET परीक्षा के लिए उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। परीक्षा केंद्र और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी बाद में NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे समय-समय पर वेबसाइट चेक करते रहें, ताकि परीक्षा से जुड़ा कोई जरूरी अपडेट न छूटे।

कब जारी होंगे बाकि एग्जाम के रिजल्ट

NTA ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर और PhD में एडमिशन के लिए एलिजिबिलिटी तय करने के लिए UGC-NET जून 2026 की परीक्षा 85 सब्जेक्ट्स में 22 से 30 जून के बीच कराई थी। इनमें इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की परीक्षा अब दोबारा आयोजित की जाएगी। बाकी 84 विषयों के रिजल्ट तय समय पर जारी किए जाएंगे। NTA ने कहा है कि इन तीन विषयों की परीक्षा दोबारा होने से बाकी विषयों के रिजल्ट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की दोबारा होने वाली परीक्षा के बाद भी पात्रता का नियम पहले जैसा ही रहेगा।

NEET-PG cut-off case: डीजीएचएस की अध्यक्षता वाली समिति करेगी नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया का ऑडिट, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

NEET-PG cut-off case: नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा के लिए 12 सदस्यों वाली एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। यह समिति नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया में मौजूद कमियों की पहचान करेगी। इसे ठीक करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को सलाह देगी और आंतरिक ऑडिट के लिए एक व्यवस्था बनाएगी। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी है। शीर्ष अदालत में नीट पीजी 2025-26 प्रवेश के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में कमी को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि समिति का गठन 23 जुलाई के नोटिफिकेशन के जरिए कोर्ट के पहले के निर्देशों के मुताबिक किया गया था। कमेटी को डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) डी लवनीश जी कृष्णा हेड कर रहे हैं, जबकि असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल (मेडिकल एजुकेशन) डॉ प्रवीण कुमार दास मेंबर सेक्रेटरी के तौर पर काम करेंगे।

इसमें नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC), नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) और हेल्थ मिनिस्ट्री के दूसरे अधिकारियों के रिप्रेजेंटेटिव भी शामिल हैं। भाटी ने कहा कि कमेटी का काम मौजूदा पीजी प्रवेश प्रक्रिया के विस्तृत आंतरिक ऑडिट के लिए एक तंत्र बनाना और सुधार लागू करने लायक सुझाव देना है। उन्होंने बेंच को बताया कि इस काम में आठ हफ्ते लगेंगे। केंद्र का जवाब दर्ज करने के बाद बेंच ने कमेटी को आठ हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट फाइल करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने कहा, “रिपोर्ट आने के बाद हम इस मुद्दे पर सक्रिय तौर से चर्चा करेंगे।” पीठ ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो कमेटी नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) और नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी (NCH) से मेंबर्स को को-ऑप्ट कर सकती है।

पिटीशनर हरिशरण देवगन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आनंद और एडवोकेट सत्यम सिंह राजपूत ने एक एमिकस क्यूरी नियुक्त करने का सुझाव दिया। भाटी ने जवाब दिया कि सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह को इस मामले में पहले ही एमिकस अपॉइंट किया जा चुका है।

नीट पीजी प्रवेश प्रक्रिया पर याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन और डॉक्टर सौरव कुमार, लक्ष्य मित्तल और आकाश सोनी की तरफ से फाइल की गई है। इसमें नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के 13 जनवरी के नोटिस को चुनौती दी गई है, जिसमें नीट पीजी 2025-26 काउंसलिंग के तीसरे राउंड के लिए मिनिमम क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल कम कर दिया गया था।

संशोधित योग्यता मापदंड के तहत, सामान्य श्रेणी का कट-ऑफ स्कोर 276 से घटाकर 103 कर दिया गया, जबकि क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटकर सातवें पर्सेंटाइल पर आ गया। SC, ST और OBC कैंडिडेट्स के लिए, कट-ऑफ स्कोर 235 से घटाकर माइनस 40 कर दिया गया। पिटीशनर्स का कहना है कि यह फैसला मनमाना, गैर-संवैधानिक है और संविधान के आर्टिकल 14 और 21 का उल्लंघन करता है।

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