इस्लामाबाद के अस्पताल में आग, 15 नवजातों की मौत:AC कंप्रेसर में विस्फोट से हादसा; सिर्फ 1 को बचाया जा सका

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के एक अस्पताल में बुधवार को आग लगने से 15 नवजात बच्चों की मौत हो गई। हादसा पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) अस्पताल में स्त्री रोग वार्ड की नर्सरी में हुआ। अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के वक्त नर्सरी में 16 नवजात बच्चे मौजूद थे। इनमें से सिर्फ एक बच्चे को बचाया जा सका। रेस्क्यू अधिकारियों के मुताबिक, नर्सरी के अंदर एयर कंडीशनर के कंप्रेसर में विस्फोट हुआ। इसके बाद आग लग गई और तेजी से पूरे वार्ड में फैल गई। आग की जानकारी मिलते ही रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक, आग पर काबू पा लिया गया है। AC के सिस्टम में क्या गड़बड़ी होती है, जिससे यह ब्लास्ट हो जाता है… 1. कंप्रेसर का ओवरहीट होना AC का आउटडोर यूनिट गर्म हवा में काम करता है। लगातार चलने से कंप्रेसर ओवरहीट हो सकता है और दबाव बढ़ने से उसके फेल होने या फटने का खतरा रहता है। 2. रेफ्रिजरेंट गैस का रिसाव AC में R-22 या R-410A जैसी रेफ्रिजरेंट गैस होती है। पाइप या वॉल्व में लीकेज होने पर गैस बाहर निकल सकती है। इससे आग या अन्य नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। 3. शॉर्ट सर्किट और खराब वायरिंग खराब वायरिंग, ढीले कनेक्शन या ओवरलोडेड सॉकेट से शॉर्ट सर्किट हो सकता है। गर्मियों में एक साथ कई हाई-पावर उपकरण चलने से बिजली का लोड भी बढ़ जाता है। 4. समय पर मैनटेनेंस न होना AC की सर्विसिंग न होने पर फिल्टर में धूल जम जाती है, जिससे एयरफ्लो कम हो जाता है। इससे फैन और मोटर पर दबाव बढ़कर ओवरहीटिंग का खतरा हो सकता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति रहने पर AC के दूसरे हिस्से भी प्रभावित हो सकते हैं। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

LIVE: सावन सोमवार को मंदिरों में उमड़ी भीड़, 2 बड़े हादसों में 15 की मौत

LIVE: सावन सोमवार को मंदिरों में उमड़ी भीड़, 2 बड़े हादसों में 15 की मौत

mahakaleshwar

Latest News Today Live Updates in Hindi : सोवन सोमवार और नाग पंचमी पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़। लखीसराय के अशोक धाम और बीरभूम के तारापीठ में हुए 2 दर्दनाक हादसों में 15 लोगों की मौत हो गई। पल पल की जानकारी…

सोवन सोमवार और नाग पंचमी पर देशभर के शिव मंदिरों में उमड़ी भीड़। उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए खुला। सालभर में केवल एक दिन, नाग पंचमी पर ही खुलता है यह मंदिर।राहुल गांधी ने UGC-NET की समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य परीक्षाएं रद्द किए जाने को लेकर NTA और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सितंबर में दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के प्रति चिंता जताते हुए NTA नेतृत्व की जवाबदेही की मांग की। ALSO READ: UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

बिहार के लखीसराय में स्थित इंद्र दमनेश्वर मंदिर में बिजली का पोल गिरने से करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई जबकि 12 घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। यह मंदिर अशोकधाम के नाम से भी प्रसिद्ध है। ALSO READ: सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, करंट की अफवाह से मची भगदड़; 8 श्रद्धालुओं की मौत
 

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में तारापीठ मंदिर के पास बिंदिशिनी होटल में सोमवार सुबह करीब 4 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हैं। एसी में शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह बताया जा रहा है। ALSO READ: तारापीठ मंदिर में दर्शन से पहले दर्दनाक हादसा, होटल में भीषण आग से 7 श्रद्धालुओं की मौत

तारापीठ मंदिर में दर्शन से पहले दर्दनाक हादसा, होटल में भीषण आग से 7 श्रद्धालुओं की मौत

तारापीठ मंदिर में दर्शन से पहले दर्दनाक हादसा, होटल में भीषण आग से 7 श्रद्धालुओं की मौत

fire in hotel near tarapeeth

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तारापीठ मंदिर के पास एक होटल में सोमवार सुबह आग लगने से 7 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। आग लगने का कारण एसी में शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। ALSO READ: सावन सोमवार पर अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, करंट की अफवाह से मची भगदड़; 7 श्रद्धालुओं की मौत

 

बताया जा रहा है कि हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ और इस समय बिंदिशिनी होटल में रुके सभी गेस्ट सो रहे थे। कहा जा रहा है कि होटल में आग ने पहले ग्राउंड फ्लोर को अपनी चपेट में लिया और फिर यह ऊपर की ओर फैली। आग लगने की वजह से पूरा होटल धुएं से भर गया। इससे वजह से लोगों का दम घुटने लगा। मौके पर कई फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।

 

पुलिस ने हादसे में 7 लोगों के मारे जाने की पुष्‍टि की है। घायलों को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। ALSO READ: 'वंदे मातरम' विवाद के बाद सोनिया और राहुल की बढ़ी मुश्किलें, दोनों के खिलाफ थाने में दर्ज हुई FIR, मामले पर क्‍या बोले बंकिम चट्टोपाध्याय के वंशज?

 

तारापीठ क्यों है खास?

गौरतलब है कि बीरभूम का तारापीठ मां तारा की उपासना के लिए प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। 51 शक्तिपीठों में से 5 यहीं हैं, जिनमें बकुरेश्वर, नालहाटी, बन्दीकेश्वरी, फुलोरा देवी शामिल हैं।

दर्शन से पहलेे गई जान

सावन सोमवार होने की वजह से मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आए हुए हैं। होटल में ठहरे सभी श्रद्धालु तारापीठ मंदिर में दर्शन के लिए ही आए हुए थे। उन्हें सोमवार को मंदिर में दर्शन करने जाना था, लेकिन उससे पहले ही उनकी जलकर मौत हो गई। 

Delhi-Mumbai Expressway Accident: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भयानक हादसा, ट्रक से टक्कर के बाद धू-धू कर जली बस, 2 की मौत और 17 घायल

Delhi-Mumbai Expressway Accident: राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक बेहद दर्दनाक और भयानक सड़क हादसा सामने आया है। यहां एक बस और ट्रक के बीच हुई भीषण टक्कर के बाद बस में अचानक भीषण आग लग गई। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक इस हादसे में कम से कम 2 यात्रियों की मौत हो गई है जबकि 17 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी होने के कारण अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है।

अनियंत्रित होकर ट्रक से टकराई बस, बनी आग का गोला

पुलिस के मुताबिक यह यात्री बस हरिद्वार और इंदौर के बीच चल रही थी। मंगलवार को जब यह बस एक्सप्रेसवे पर दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक रेस्ट एरिया के पास पहुंची तभी ड्राइवर ने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया। अनियंत्रित होने के बाद बस वहां खड़े या जा रहे एक ट्रक से सीधे जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इसके तुरंत बाद बस में शॉर्ट सर्किट या किसी दूसरी वजह से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पूरी बस धू-धू कर जल उठी और आग की ऊंची लपटों ने उसे पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया।

घायलों के लिए बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आग पर काबू पाने के लिए तुरंत दमकल की गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। इसके साथ ही राहत और बचाव टीमों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बस से यात्रियों को निकालने का काम शुरू किया। दौसा के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित खुद बचाव और राहत कार्यों की निगरानी के लिए दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेंद्र फौजदार कई थानों के पुलिस बल के साथ जिला अस्पताल में मुस्तैद रहे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेंद्र फौजदार ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि बस इंदौर से हरिद्वार जा रही थी। ये दिल्ली हाईवे पर एक रेस्ट एरिया के पास भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। इस हादसे में 2 यात्रियों की मौत हो गई है और 17 अन्य घायल हुए हैं। एसपी सहित अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर मौजूद हैं।

हादसे के शिकार हुए 2 शवों और 17 घायल यात्रियों को तुरंत दौसा के जिला अस्पताल लाया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए तुरंत ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया ताकि आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था में कोई बाधा न आए और घायलों का इलाज जल्द से जल्द शुरू हो सके।

एक दिन पहले यमुना एक्सप्रेसवे पर भी हुआ था ऐसा ही भीषण हादसा

एक्सप्रेसवे पर हादसों का यह सिलसिला लगातार जारी है। इस हादसे से ठीक एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर भी ऐसा ही एक बेहद दर्दनाक हादसा देखने को मिला था। वहां एक यात्री बस और कंटेनर ट्रक के बीच हुई भिड़ंत में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 27 अन्य लोग घायल हो गए थे। मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि वह हादसा तड़के करीब 4 बजे हुआ था। यह बस लखनऊ से दिल्ली जा रही थी।

कंडक्टर चला रहा था बस, गैस कटर से काटने पड़े थे हिस्से

उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच में सामने आया था कि उस बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि हादसे के वक्त तय ड्राइवर की जगह बस का कंडक्टर उसे चला रहा था। बस सीधे कंटेनर ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया था। हादसे के वक्त ज्यादातर यात्री नींद में थे। टक्कर के बाद कई लोग सीटों के बीच में ही बुरी तरह फंस गए थे। इसके बाद रेस्क्यू टीमों को बस के हिस्सों को काटने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल करना पड़ा था। करीब दो घंटे तक चले इस कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा सका था। उस हादसे में जान गंवाने वाले 4 लोगों की पहचान बस ड्राइवर, कंडक्टर, क्लीनर और एक यात्री के रूप में हुई थी।