पंजाब के संगरूर में भीषण सड़क हादसा, तेज रफ्तार कार ने 8 मनरेगा मजदूरों को कुचला, कई घायल

पंजाब के संगरूर जिले में रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में आठ MGNREGA मजदूरों की जान चली गई। वहीं कई गंभीर रूप से घायल हो गए। ये हादसा लहरागागा इलाके के चोटियां गांव के पास जाखल रोड पर हुआ। इस हादसे के समय करीब 23 महिला और पुरुष मजदूर सड़क किनारे काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक कार अचानक बेकाबू हो गई और मजदूरों की ओर मुड़ गई। इस तेज रफ्तार कार ने काम कर रहे मजदूरों को कुचल दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।

आठ लोगों की हुई मौत

तेज रफ्तार कार को संभालने से पहले ही वह सड़क किनारे काम कर रहे कई मजदूरों से टकरा गई। इस हादसे में आठ मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत इलाज के लिए आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। फिलहाल, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें प्रभावित लोगों से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आने का इंतजार है।

कौन चला रहा था कार

इंडिया टूडे के मुताबिक, इस दुर्घटना में शामिल कार शेवरले मैग्नम थी, जिसका नंबर PB11 CP 0080 बताया गया। कार चलाने वाले व्यक्ति की पहचान रायधराना गांव के परगट सिंह काला के रूप में हुई है। घटना के बाद हादसे से जुड़ी जानकारी और राहत व्यवस्था को लेकर चर्चा हो रही है।

तेज रफ्तार कार ने मारी मजदूरों को टक्कर 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब के संगरूर जिले में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले आठ मजदूरों की पहचान कर्मजीत कौर, जीवन सिंह, निकी, सरबजीत कौर, रणजीत कौर, कर्मजीत, रानी कौर और देस राज के रूप में हुई है। ये सभी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत सड़क पर काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने मजदूरों को टक्कर मार दी, जिससे आठ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

Andhra Pradesh: डिवाइडर से टकराई EV, धू-धू कर जली कार, चार लोगों की जिंदा जलकर मौत

आंध्र प्रदेश के NTR जिले में विजयवाड़ा वेस्ट बाईपास पर सोमवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। विजयवाड़ा वेस्ट बाईपास पर एक इलेक्ट्रिक गाड़ी (EV) डिवाइडर से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गई। इस हादसे में तीन साल के बच्चे समेत चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, कार में सवार लोग गुंटूर जिले के नंबुरु गांव में एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। ये एक्सीडेंट शाम करीब 6 बजे हुआ।

हादसे में 4 लोगों की हुई मौत

हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान विजयवाड़ा के नुन्ना इलाके के रहने वाले 39 वर्षीय कोम्मारेड्डी रामदेव के रूप में हुई है। उनके साथ उनकी 65 वर्षीय मां कोम्मारेड्डी अरुणा और 30 वर्षीय बहन तिगुरु विजया की भी मौत हो गई। दोनों महिलाएं गुंटूर जिले के नंबुरु की रहने वाली थीं। हादसे में एक बच्चे की भी जान चली गई, जिसकी पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का इलाज जारी है।

कुछ ही देर में फैल गई आग

हादसे से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार को आग की तेज लपटों में घिरा देखा जा सकता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, तेज रफ्तार कार सड़क के किनारे लगे डिवाइडर या रेलिंग से टकरा गई, जिसके बाद उसमें आग लग गई। आग कुछ ही समय में पूरी गाड़ी में फैल गई और अंदर बैठे चार लोग बाहर नहीं निकल सके। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।  हादसे में घायल हुए पांचवें व्यक्ति को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड ने कार में लगी आग बुझाई, जबकि पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुट गई। अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में कार की तेज रफ्तार को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसा कैसे हुआ और टक्कर के बाद कार में आग किस वजह से लगी, इसका पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

Suzuki developing lower-cost ADAS that could reach affordable cars

Suzuki developing lower-cost ADAS that could reach affordable cars
Suzuki developing lower-cost ADAS that could reach affordable cars

Suzuki is planning to make core advanced driver assistance system (ADAS) functions standard across its future India lineup, including affordable cars, as it develops a lower-cost system suited to Indian road conditions. The aim is to offer greater access to accident prevention. “Fitting expensive advanced driver assistance systems only to a few luxury cars does not reduce accidents across society,” said Katsuhiro Kato, Suzuki’s chief technology officer, at the company’s recent technology strategy briefing, citing more than 1.77 lakh road accident fatalities in India in 2024.

  1. Proposed system’s cameras and AI tech to eliminate the need for a front radar
  2. Suzuki is working on lighter bodies designed to protect occupants in crashes

Core ADAS functions to become standard

Kato said Suzuki intends to make safety functions such as automatic emergency braking and lane departure prevention standard, while reserving additional comfort and convenience functions for higher variants. The manufacturer describes the approach as “just-right ADAS”, with the system being developed specifically around Indian traffic conditions and the need to keep costs down.

Cameras and AI to eliminate the need for a front radar

To reduce the cost of the system, Suzuki plans to use high-resolution cameras and AI chips, while integrating driver and occupant monitoring with ADAS. The proposed setup will also do away with the front radar sensor. The company says it is targeting “major cost reductions” while maintaining “equal or better safety performance”. These, however, are development targets, and Suzuki has not released performance results for a production version of the system.

The manufacturer says it is approaching vehicle safety from two directions: preventing accidents through ADAS and protecting occupants when a crash occurs. Alongside its electronic safety systems, the company is working on lighter vehicle bodies designed to protect occupants in a collision.

New electronic architecture could cut costs

The carmaker’s ADAS plans form part of its wider “SDV Right” strategy, which aims to simplify the electronic architecture of its future vehicles. The manufacturer plans to combine communication, power distribution and body-control functions into a Central Zone ECU. Suzuki estimates that this controller could cost around 30 percent less and weigh about 15 percent less than its conventional arrangement.

Suzuki has not yet announced which models will get the new ADAS system or when it will be introduced. In the small-car segment, the Baleno is currently Maruti Suzuki’s most affordable model to offer an ADAS suite, which was introduced with its recent facelift. The technology is currently not offered by any of its premium hatchback rivals.

With inputs from Kiran Murali.

Aaban Ahmed Dead: सड़क हादसे में माफिया अतीक अहमद के बेटे आबान की दर्दनाक मौत, जेल में बंद भाई से जा रहा था मिलने, चकनाचूर हुई कार

Aaban Ahmed News: माफिया एवं पूर्व सांसद अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान समेत दो लोगों की गुरुवार (6 अगस्त) को उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक सड़क हादसे में मौत हो गई। इस घटना में कार सवार तीन अन्य लोग भी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक (देहात) अरविंद कुमार ने बताया कि पूर्व सांसद अतीक अहमद का बेटा आबान अहमद अपने कुछ साथियों के साथ झांसी जेल में बंद अपने भाइयों से मिलने जा रहा था। इस दौरान रास्ते में पुंछ थाना में झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर उसकी तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर एक डिवाइडर से टकराकर पलट गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SP) बीबीजीटीएस मूर्ति ने पत्रकारों को बताया कि इस हादसे में 21 वर्षीय आबान अहमद और उसके दोस्त सोनू (26) की मौत हो गई। जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए जिनका मेडिकल कॉलेज में इलाज किया जा रहा है। मूर्ति ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, आबान अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने के लिए झांसी जेल गया था। वहां से लौटते वक्त तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। कार का अलग हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि गाड़ी में कुल 5 लोग थे। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसे के दौरान आबान और उसके एक साथी सोनू की मौत हो गई। इसी झांसी में अतीक अहमद के तीसरे नंबर वाले बेटे असद अहमद की भी एनकाउंटर में मौत हुई थी। अतीक के कुल 5 बेटे थे। इनमें से अब दो की मौत हो चुकी है। जबकि दो बेटे जेल में बंद है। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अभी भी फरार चल रही है। उनके ऊपर यूपी पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।

अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद की 15 अप्रैल 2023 की रात प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना उस समय हुई जब पुलिस दोनों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जा रही थी। हमलावर मीडिया कर्मी बनकर पहुंचे थे। पुलिस सुरक्षा के बीच उन्होंने दोनों पर नजदीक से गोलियां चला दीं। तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

इसके अलावा अतीक अहमद के बेटे असद अहमद का 13 अप्रैल 2023 को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने झांसी में मुठभेड़ (एनकाउंटर) में मार गिराया था। उस पर उमेश पाल हत्याकांड में शामिल होने का आरोप था। अब यूपी पुलिस को अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन की तलाश है।

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Delhi-Mumbai Expressway Accident: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भयानक हादसा, ट्रक से टक्कर के बाद धू-धू कर जली बस, 2 की मौत और 17 घायल

Delhi-Mumbai Expressway Accident: राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक बेहद दर्दनाक और भयानक सड़क हादसा सामने आया है। यहां एक बस और ट्रक के बीच हुई भीषण टक्कर के बाद बस में अचानक भीषण आग लग गई। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक इस हादसे में कम से कम 2 यात्रियों की मौत हो गई है जबकि 17 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी होने के कारण अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है।

अनियंत्रित होकर ट्रक से टकराई बस, बनी आग का गोला

पुलिस के मुताबिक यह यात्री बस हरिद्वार और इंदौर के बीच चल रही थी। मंगलवार को जब यह बस एक्सप्रेसवे पर दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक रेस्ट एरिया के पास पहुंची तभी ड्राइवर ने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया। अनियंत्रित होने के बाद बस वहां खड़े या जा रहे एक ट्रक से सीधे जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इसके तुरंत बाद बस में शॉर्ट सर्किट या किसी दूसरी वजह से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पूरी बस धू-धू कर जल उठी और आग की ऊंची लपटों ने उसे पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया।

घायलों के लिए बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आग पर काबू पाने के लिए तुरंत दमकल की गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। इसके साथ ही राहत और बचाव टीमों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बस से यात्रियों को निकालने का काम शुरू किया। दौसा के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित खुद बचाव और राहत कार्यों की निगरानी के लिए दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेंद्र फौजदार कई थानों के पुलिस बल के साथ जिला अस्पताल में मुस्तैद रहे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेंद्र फौजदार ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि बस इंदौर से हरिद्वार जा रही थी। ये दिल्ली हाईवे पर एक रेस्ट एरिया के पास भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। इस हादसे में 2 यात्रियों की मौत हो गई है और 17 अन्य घायल हुए हैं। एसपी सहित अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर मौजूद हैं।

हादसे के शिकार हुए 2 शवों और 17 घायल यात्रियों को तुरंत दौसा के जिला अस्पताल लाया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए तुरंत ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया ताकि आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था में कोई बाधा न आए और घायलों का इलाज जल्द से जल्द शुरू हो सके।

एक दिन पहले यमुना एक्सप्रेसवे पर भी हुआ था ऐसा ही भीषण हादसा

एक्सप्रेसवे पर हादसों का यह सिलसिला लगातार जारी है। इस हादसे से ठीक एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर भी ऐसा ही एक बेहद दर्दनाक हादसा देखने को मिला था। वहां एक यात्री बस और कंटेनर ट्रक के बीच हुई भिड़ंत में 4 लोगों की मौत हो गई थी और 27 अन्य लोग घायल हो गए थे। मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि वह हादसा तड़के करीब 4 बजे हुआ था। यह बस लखनऊ से दिल्ली जा रही थी।

कंडक्टर चला रहा था बस, गैस कटर से काटने पड़े थे हिस्से

उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच में सामने आया था कि उस बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि हादसे के वक्त तय ड्राइवर की जगह बस का कंडक्टर उसे चला रहा था। बस सीधे कंटेनर ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया था। हादसे के वक्त ज्यादातर यात्री नींद में थे। टक्कर के बाद कई लोग सीटों के बीच में ही बुरी तरह फंस गए थे। इसके बाद रेस्क्यू टीमों को बस के हिस्सों को काटने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल करना पड़ा था। करीब दो घंटे तक चले इस कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा सका था। उस हादसे में जान गंवाने वाले 4 लोगों की पहचान बस ड्राइवर, कंडक्टर, क्लीनर और एक यात्री के रूप में हुई थी।